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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना सुशासन तिहार के दौरान सक्ती जिले के ठठारी गांव पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।  मुख्यमंत्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

वैभव सूर्यवंशी बने चर्चा में, पहली बार सीनियर टीम में चयन

नई दिल्ली आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के साथ-साथ एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का ऐलान शनिवार (6 जून) को किया गया है. मेन्स सेलेक्शन पैनल की भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के हेडक्वार्टर में बैठक हुई, जिसमें स्क्वॉड को अंतिम रूप दिया गया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम का ऐलान चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने किया. तीनों टूर्नामेंट में टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे, वहीं तिलक वर्मा टीम के उप-कप्तान बने हैं. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भी पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया गया है. उधर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए रेस्ट दिया गया है. वो एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेंगे और उन्हें मोहम्मद सिराज की जगह टीम में जगह मिली है. हालांकि सिराज इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर टी20 टीम में शामिल किए गए हैं. सबसे बड़ी खबर ये रही कि सूर्यकुमार यादव की टी20 कप्तानी छिन गई है और उन्हें टीम में भी शामिल नहीं किया गया है. बीसीसीआई की अपेक्स काउंसिल कमेटी की मीटिंग में सूर्य को हटाने पर फैसला लिया गया. बस शनिवार को औपचारिक ऐलान किया गया. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा बाद में की जाएगी.सचिन तेंदुलकर को जब 1989 में टीम इंडिया से पहली बार खेलने का मौका मिला था, तब उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी. यानी वैभव जब 26 जून को अपना पहला मैच खेलेंगे तब वह सिर्फ 15 साल 180 दिन के ही होंगे, जो कीर्तिमान है।  इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी. आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. भारत का आयरलैंड दौरा (जून) • पहला टी20: 26 जून, बेलफास्ट • दूसरा टी20: 28 जून, बेलफास्ट भारत का इंग्लैंड दौरा (जुलाई) • 1 जुलाई: पहला टी20, चेस्टर ले स्ट्रीट • 4 जुलाई: दूसरा टी20, मैनचेस्टर • 7 जुलाई: तीसरा टी20, नॉटिंघम • 9 जुलाई: चौथा टी20, ब्रिस्टल • 11 जुलाई: पांचवां टी20, साउथम्प्टन • 14 जुलाई: पहला वनडे, बर्मिंघम • 16 जुलाई: दूसरा वनडे, कार्डिफ • 19 जुलाई: तीसरा वनडे, लॉर्ड्स

ब्राउन’ रिव्यू: करिश्मा कपूर की दमदार वापसी, लेकिन थ्रिलर में रह गई सस्पेंस की कमी

साइकोलॉजिकल थ्रिलर के दीवानों के लिए फैंस की फेवरेट लोलो (करिश्मा कपूर) लेकर आई हैं नई सीरीज 'ब्राउन'. 2016 में आई अभिक बरुआ की नॉवेल 'सिटी ऑफ डेथ' पर बेस्ड ये शो डायरेक्टर अभिनय देव ने बनाया है. पुलिस इंवेस्टिगेशन और ब्रूटल मर्डर मिस्ट्री को दिखाती इस 7 एपिसोड की सीरीज क्या आपको आखिर तक बांधे रखने का दम रखती है? कहानी कोलकाता के एक रसूखदार परिवार की बेटी के दर्दनाक मर्डर से शो शुरू होता है. सिर से धड़ अलग कर पीड़िता को मौत के घाट उतारा गया है. पूरे कोलकाता में सनसनी फैली है. हर तरफ दहशत का माहौल है. पुलिस पर मीडिया और पॉलिटिकल पार्टी की तरफ से आरोपी को पकड़ने का दबाव है. ऐसे में केस की कमान रीटा ब्राउन (करिश्मा), कोलकाता पुलिस फोर्स की डिटेक्टिव, को दी जाती है. रीटा के साथ इस केस पर अर्जुन सिन्हा (सूर्या शर्मा) काम करता है. अपनी पर्सनल लाइफ के ट्रॉमा की वजह से रीटा डिप्रेशन और एल्कोहल से स्ट्रगल कर रही है. वो अतीत की यादों में डूबी रहती है. केस पर काम करते हुए उसे भी अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ता है. कहानी में सस्पेंस तब आता है जब एक और लड़की की निर्मम हत्या होती है. रीटा ये मर्डर मिस्ट्री सुलझाते हुए दिल दहला देने वाले शॉक और दर्द से गुजरती है. क्या रीटा सभी चुनौतियों से लड़कर ये केस सुलझा पाती है? इसका जवाब आपको शो देखकर ही मिलेगा. एक्टिंग करिश्मा कपूर के टैलेंट पर हर किसी को भरोसा है. कोई भी रोल हो, वो हर किरदार में अपना बेस्ट ही देती हैं. रीटा ब्राउन के किरदार को उन्होंने बखूबी निभाया है. वो हर इमोशंस को स्क्रीन पर दिखाने में कामयाब रही हैं. इस रोल को करिश्मा ने पूरी तरह नॉन ग्लैमरस और नो मेकअप लुक के साथ प्ले किया है. सूर्या शर्मा ने इंस्पेक्टर अर्जुन सिन्हा के रोल में अच्छा काम किया है. वो करिश्मा को कॉम्पलिटमेंट करते नजर आए. सोनी राजदान ने करिश्मा की मां का रोल किया. वो जब भी स्क्रीन पर दिखीं अच्छी लगीं. जीशू सेनगुप्ता ने साइकेट्रिस्ट संदीप चक्रवर्ती के रोल में बैलेंस एक्ट किया. हालांकि उनका रोल थोड़ा और दमदार लिखा जा सकता था. मेकर्स ने उनके पोटेंशियल को यूज नहीं किया. हेलन ने करिश्मा की रिलेटिव बर्था का रोल किया. वो जब भी दिखीं सीन में फन वाइब ऐड करती नजर आईं. बाकी कलाकारों ने भी अपने पार्ट को अच्छे से प्ले किया. सिंगर शान कैमियो रोल में हैं. कहां रही कमी? सीरीज थोड़ी स्लो पेस में है. ब्राउन जैसे साइकोलॉजिकल और क्राइम थ्रिलर में मेकर्स की सबसे बड़ी जीत तब होती है, जब आखिर तक खूनी का पता ना चले. लेकिन ब्राउन में ये कोशिश फेल हुई है. क्लाइमैक्स से पहले ही निर्मम हत्याएं करने वाला वो खूनी कौन है, ये प्रेडिक्टिबल हो जाता है. ये इस शो का सबसे बड़ा ड्रॉबैक है. स्क्रीनप्ले धीमा है. शो के एपिसोड लंबे खींचे हुए लगते हैं. कहानी में ऐसे मोड़ कम हैं जो आपकी हवाइयां उड़ा दे. क्यों देखें सीरीज? क्राइम थ्रिलर के चाहने वालों के लिए ब्राउन वन टाइम वॉच है. सिनेमैटोग्राफी अच्छी है. कोलकाता की तंग गलियों, डार्कनेस, दुर्गा पूजा की वाइब को कैमरे पर खूबसूरती से दिखाया गया है. बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी के पेस के साथ मैच करता है.करिश्मा के लिए ये शो देखा जा सकता है. एक्ट्रेस ने पूरा शो अपने कंधों पर चलाया है. उन्हें कॉप अवतार में देखा जा सकता है.

कक्षा 12 सेवाओं वाले CBSE पोर्टल को बनाया गया निशाना, जांच में जुटी IFSO इकाई

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई के परिणाम घोषित होने के बाद की सेवाओं से संबंधित (पोस्ट रिजल्ट सर्विसेज) पोर्टल को निशाना बनाकर किए गए साइबर हमलों को लेकर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पोर्टल को कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन जैसी सेवाओं के लिए दो जून को शुरू किया गया था। पुलिस के अनुसार, सीबीएसई की ओर से ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस’ (आईएफएसओ) इकाई में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 43(एफ) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले बोर्ड ने एक बयान में कहा कि उसके ‘पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल’ को निशाना बनाकर किए गए ‘समन्वित और परिष्कृत साइबर हमलों की शृंखला’ के संबंध में दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ इकाई के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है। बोर्ड ने कहा कि पिछले तीन दिनों से परिणाम घोषित होने के बाद की सेवाओं से संबंधित उसके पोर्टल पर लगातार साइबर हमले किए जा रहे थे। इन हमलों में बड़ी मात्रा में संदिग्ध और नुकसान पहुंचाने वाले ‘इंटरनेट ट्रैफिक’ इस्तेमाल किया गया, जो देश के भीतर और विदेश में मौजूद कई अलग-अलग आईपी एड्रेस से आ रहा था। सीबीएसई ने कहा, ‘चूंकि यह पोर्टल देश भर के लाखों छात्रों को परिणाम के बाद की सेवाएं प्रदान करता है, इसलिए इसके कामकाज में किसी भी प्रकार की बाधा से बड़ी संख्या में हितधारकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने, जनता को काफी असुविधा होने, सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने और बोर्ड के खिलाफ छात्रों में असंतोष पैदा होने की आशंका है।’ बोर्ड ने आरोप लगाया कि हमलों का स्पष्ट उद्देश्य मंच को बाधित करना, वैध उपयोगकर्ताओं की पहुंच को रोकना और राष्ट्रीय विरोधी तत्वों द्वारा अनधिकृत रूप से जानकारी निकालने का प्रयास करना था। सीबीएसई ने दावा किया कि सभी हमलों को सफलतापूर्वक ‍विफल कर दिया गया और उसके प्रणाली से किसी भी प्रकार की डेटा चोरी या उस तक अनधिकृत पहुंच का पता नहीं चला। सीबीएसई ने कहा कि आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी), सीईआरटी-इन और अन्य केंद्रीय सरकारी एजेंसियों की साइबर सुरक्षा टीम के सहयोग से निरंतर 24 घंटे निगरानी और प्रतिक्रिया तंत्र के माध्यम से हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किया गया। कैसे सामने आया यह विवाद? यह घटनाक्रम कक्षा 12 के कुछ छात्रों की शिकायतों को लेकर उठे विवाद के बीच सामने आया है। छात्रों का आरोप है कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं। कैबिनेट सचिवालय ने मंगलवार को सीबीएसई द्वारा ओएसएम प्रणाली के लिए सेवाओं की खरीद की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।  

दूषित पानी से बिगड़ी लोगों की सेहत, राजनांदगांव में जांच के लिए जुटे निगम अधिकारी

राजनांदगांव. शहर में इन दिनों टंकी से गंदे पानी की सप्लाई होने के चलते बसंतपुर वार्ड के करीब 15 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। है। इन सभी मरीजों का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इसमें पीलिया और डायरिया के मरीज बढ़ी संख्या में मिले है। संक्रमण की घटना के बाद नगरनिगम के अधिकारी पानी का सैंपल जांच के लिए ले गए है। संक्रमण के चलते वार्डवासियों के सप्ताहभर पहले ही बसंतपुर वार्ड 43 बीच दहशत फैली हुई है। राजीव नगर में पीलिया के मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हांलाकि इलाज के बाद कई मरीजों को छुट्टी दे दी गई। राजीव नगर वार्ड में शुक्रवार को ही दो नए डायरिया के मरीज सामने आए है, जिनका इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। वार्डवासियों ने बताया कि पानी गंदा आने के कारण वे परेशान है। रहवासियों की माने तो वे पानी में फिटकारी डालकर इस्तेमाल कर रहे है। इसके बाद भी संक्रमण फैला हुआ है। इससे पहले भी बारिश के दिनों में बसंतपुर इलाके में डायरिया की शिकायत आ चुकी है।

KCC योजना: किसानों की खेती को मजबूत बनाने वाला बड़ा वित्तीय साधन

लखनऊ खेती में खर्चों का सिलसिला फसल बेचने से पहले शुरू हो जाता है। किसान को बीज खरीदने होते हैं। खाद और सिंचाई का इंतजाम करना होता है। मजदूरी और मशीन का खर्च भी कई बार तुरंत आ जाता है। ऐसे समय में किसान क्रेडिट कार्ड किसानों को समय पर कर्ज़ लेने में मदद करता है। इससे उन्हें महंगे कर्ज़ पर निर्भर रहने की जरूरत कम होती है और गांव की कमाई और खेती से जुड़ी गतिविधियां मजबूत होती हैं। किसानों तक पहुंच रही कर्ज़ की सुविधा वर्ष 2017 से 2025 तक उत्तर प्रदेश में खेती के लिए 13,42,978.3 करोड़ का कर्ज़ दिया गया। इसके साथ ही नवंबर 2025 तक 492.46 लाख किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। यह दिखाता है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में किसानों तक खेती के लिए कर्ज़ की सुविधा पहुंची है। किसान क्रेडिट कार्ड किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए कर्ज़लेने में मदद करता है। यह सुविधा बुवाई, फसल की देखभाल और कटाई की तैयारी के समय बहुत काम आती है। कई बार किसान को फसल बेचने से पहले ही पैसों की जरूरत पड़ती है। किसान क्रेडिट कार्ड इसी जरूरत को पूरा करता है। गांवों के लिए क्यों जरूरी है किसान क्रेडिट कार्ड गांव में खेती रुकती है तो कई छोटे काम भी रुक जाते हैं। किसान बीज खरीदता है तो दुकान चलती है। मजदूरी देता है तो गांव में आमदनी बढ़ती है। मशीन किराए पर लेता है तो स्थानीय कामकाज को भी सहारा मिलता है। किसान क्रेडिट कार्ड अचानक आने वाली खेती की जरूरतों में भी मदद करता है। किसान को फसल बिकने का इंतजार नहीं करना पड़ता। वह जरूरी खर्च के लिए कर्ज़ का उपयोग कर सकता है। इससे खेती का काम बिना रुकावट आगे बढ़ता है। किसान क्रेडिट कार्ड की मुख्य जानकारी ये आंकड़े बताते हैं कि किसान क्रेडिट कार्ड और फसल ऋण उत्तर प्रदेश की गांव की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन रहे हैं। छोटे और सीमांत किसानों को मदद किसान क्रेडिट कार्ड छोटे और सीमांत किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। ऐसे किसानों के पास अक्सर बचत कम होती है। खेती का खर्च फसल से होने वाली कमाई से पहले आ जाता है। किसान को बीज, सिंचाई, डीजल, खाद या मजदूरी के लिए तुरंत पैसों की जरूरत पड़ सकती है। कर्ज़ की सुविधा मिलने से किसान बिना समय गंवाए खेती का काम जारी रख पाते हैं। प्रदेश में किसानों के लिए दूसरे कदम भी उठाए गए हैं। वर्ष 2017 के बाद 86 लाख से अधिक छोटे और सीमांत किसानों को पुराने कर्ज़ का बोझ कम करने में मदद मिली। पीएम-किसान के तहत 3.12 करोड़ किसानों को 22 किस्तों में 99,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली। इन कदमों से किसानों को सीधी आर्थिकमदद मिली और खेती की जरूरतों में सहारा मिला। फसल नुकसान पर मदद खेती में कर्ज़ सुविधा तब और उपयोगी होती है जब फसल नुकसान के समय भी किसानों को सहायता मिले। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2017-18 से 2025-26 के बीच 353.14 लाख बीमा वाले किसानों को 5,660.33 करोड़ रुपये की मदद राशि मिली। इससे फसल खराब होने पर किसानों पर आर्थिक दबाव कम होता है। किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम-किसानऔर फसल बीमा मिलकर किसानों को मजबूत सहारा देते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड खेती से पहले और खेती के दौरान पैसों की सुविधा देता है। पीएम-किसान सीधी आर्थिक मदद देता है। फसल बीमा नुकसान के समय सहारा देता है। सहकारी बैंकों से बढ़ी कर्ज़ की सुविधा गांवों में ककर्ज़ सुविधा को सहकारी बैंकों से भी मजबूती मिलती है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक का कर्ज़ वितरण 9,190 करोड़ रुपये से बढ़कर 23,061 करोड़ रुपये हो गया। बैंक का शुद्ध लाभ 32.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 100.24 करोड़ रुपये हो गया। जिला सहकारी बैंकोंका कुल कारोबार भी 28,349 करोड़ रुपये से बढ़कर 41,234 करोड़ रुपये हो गया। सहकारी बैंक गांवों और किसानों से सीधे जुड़े होते हैं। जब ये बैंक मजबूत होते हैं, तो किसानों और गांव के छोटे कारोबारों को कर्ज़ लेना आसान होता है। इससे खेती, छोटे व्यापार और स्थानीय कामकाज को मदद मिलती है। बीज और खेती की जरूरतों में मदद खेती के लिए कर्ज के साथ अच्छे बीज और जरूरी सामग्री भी समय पर मिलनी चाहिए। वर्ष 2017-18 से 2025 तक किसानों को 546.85 लाख क्विंटल अच्छी गुणवत्ता वाले बीज बांटे गए। इससे किसानों को बेहतर बीज की सुविधा मिली। जब किसानों को कर्ज और खेती की सामग्री दोनों समय पर मिलते हैं, तो खेती की तैयारी बेहतर होती है। किसान बुवाई और फसल की देखभाल की योजना सही तरीके से बना पाते हैं। पाठकों के लिए नोट: यह लेख एचटी ब्रांड स्टूडियो द्वारा ब्रांड की ओर से तैयार किया गया है और इसमें हिंदुस्तान की कोई भी संपादकीय या पत्रकारिता भागीदारी नहीं है।

भारतीय बेटियों का शानदार प्रदर्शन, हॉकी एशिया कप में तीसरा स्थान हासिल

नई दिल्ली जापान के काकामिगाहारा में खेली जा रही महिला अंडर-18 एशिया कप 2026 हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। शनिवार को खेले गए तीसरे स्थान के मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से करारी शिकस्त दी। सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में मिली करीबी हार की निराशा को पीछे छोड़ते हुए भारतीय बेटियों ने मैदान पर जबरदस्त वापसी की और पूरे मैच में कोरियाई टीम पर अपना दबदबा बनाए रखा। टीम इंडिया का शानदार खेल इस अहम मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मैच शुरू होने के दूसरे ही मिनट में संदीप कुमारी ने बेहतरीन मैदानी गोल दागकर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस शुरुआती सफलता से भारतीय खिलाड़ियों का हौसला काफी बढ़ गया और उन्होंने कोरियाई रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मैच के 16वें मिनट में कप्तान स्वीटी कुजूर ने एक और शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत की बढ़त को दोगुना (2-0) कर दिया और टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। 33 मिनट में दागा गोल दो गोल की सुरक्षित बढ़त के बाद भी भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने हमले करना बंद नहीं किया। हाफ टाइम के बाद, मैच के 33वें मिनट में टूर्नामेंट की सबसे सफल स्कोरर नुशीन नाज ने अपनी क्लास दिखाते हुए मैच का तीसरा गोल दागा। यह इस प्रतियोगिता में नुशीन का 12वां गोल था जिसने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर चार्ट में उनकी स्थिति को और मजबूत कर दिया। भारत के मजबूत डिफेंस के आगे दक्षिण कोरियाई टीम मैच में एक भी गोल करने में नाकाम रही और भारत ने 3-0 से मैच जीतकर पोडियम फिनिश सुनिश्चित की। खेल में पहला गोल दागने और शानदार खेल दिखाने के लिए संदीप कुमारी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। ब्रॉन्ज मेडल भी जीता इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय महिला अंडर-18 टीम का प्रदर्शन बेहद कमाल का रहा। टीम ने अपनी अटैकिंग हॉकी का लोहा मनवाते हुए प्रतियोगिता में कुल 36 गोल दागे। इस कांस्य पदक के साथ भारत ने अपने अभियान का एक सुखद अंत किया है जो भविष्य के लिए भारतीय महिला हॉकी की मजबूत नींव को दर्शाता है। गौरतलब है कि टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला शनिवार को ही मेजबान जापान और चीन के बीच खेला जाएगा। पुरुष टीम जीत सकती है गोल्ड महिला टीम की इस सफलता के बीच अब सबकी नजरें भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम पर टिकी हैं। पुरुष टीम शनिवार को ही भारतीय समयानुसार दोपहर 03:30 बजे पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 के महामुकाबले में मेजबान जापान से भिड़ेगी जहां उसकी नजरें गोल्ड मेडल जीतने पर होंगी।  

सरकारी योजनाओं का मिला सहारा, प्रीति गुप्ता ने आत्मनिर्भर बनकर हासिल की नई पहचान

मुद्रा लोन और बिहान योजना ने बदली प्रीति गुप्ता की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल, सालाना 2.50 लाख रुपये तक की कर रही हैं आय अर्जित रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम बुढाडांड की प्रीति गुप्ता आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। अपने परिश्रम, लगन और शासन की सहायता से उन्होंने ‘लखपति दीदी’ बनने का सपना साकार किया है। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति गुप्ता को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत करने में किया। उन्होंने गांव में ‘दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान’ की स्थापना की, जहां सौंदर्य प्रसाधनों से लेकर दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रारंभ में छोटे स्तर पर शुरू किए गए इस व्यवसाय को प्रीति ने ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझते हुए लगातार विस्तार दिया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में शामिल है और आसपास के ग्रामीणों के लिए आवश्यक वस्तुओं का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। मुद्रा लोन से मिली आर्थिक सहायता और उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि आज वे अपने व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता और महिला उद्यमिता की प्रेरक मिसाल भी बन गई हैं। प्रीति गुप्ता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बिहान और मुद्रा योजना के सहयोग से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास मिला और आज वे सम्मानजनक आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। प्रीति की कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण महिलाएं भी स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकती हैं और समाज में परिवर्तन की वाहक बन सकती हैं।

हरियाणा की बेटी का विश्व मंच पर जलवा, मीनाक्षी हुड्डा ने लगातार दूसरी बार हासिल की नंबर-1 रैंकिंग

रोहतक. कहते हैं कि यदि इरादे मजबूत हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण अटूट हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। हरियाणा के छोटे से गांव रूड़की की बेटी मीनाक्षी हुड्डा ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर इस बात को सच साबित कर दिखाया है। गांव रुड़की की बेटी मीनाक्षी हुड्डा ने आज विदेशी धरती पर गोल्डन पंच मारकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर रही है। कभी समाज और रिश्तेदारों के ताने सुनने वाली मीनाक्षी हुड्डा ने लगातार दूसरी बार विश्व की नंबर-1 बॉक्सर बनने का गौरव हासिल किया है। वर्ल्ड बाक्सिंग फेडरेशन द्वारा हाल ही में जारी रैंकिंग में 48 किलोग्राम भार वर्ग में मीनाक्षी को दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी घोषित किया गया है। इससे पहले भी मीनाक्षी विश्व रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर चुकी है और अब दोबारा उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। बता दें कि मीनाक्षी हुड्डा ने पिछले एक वर्ष में लगातार चार अंतरराष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर शानदार प्रदर्शन किया है। जिसके आधार पर ही मीनाक्षी दुनिया की नबंर वन की खिलाड़ी बनी है। हाल ही में आयोजित एशियन बाक्सिंग चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में आयोजित विश्व मुक्केबाजी कप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि वर्ल्ड बाक्सिंग कप में सिल्वर मेडल हासिल किया। मीनाक्षी की सबसे बड़ी उपलब्धि इंग्लैंड में आयोजित वर्ल्ड बाक्सिंग चैंपियनशिप में देखने को मिली। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में उन्होंने कजाकिस्तान की अनुभवी मुक्केबाज और चार बार की विश्व चैंपियन व ओलिंपिक रजत पदक विजेता नाजिम काइजेबे को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। मीनाक्षी कई बार बन चुकी है नेशनल चैंपियन साधारण परिवार से आने वाली मीनाक्षी के पिता कृष्ण हुड्डा आटो चालक व मां सुनीता गृहिणी है। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को उड़ान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वर्ष 2013 में मीनाक्षी ने अपने गांव में कोच विजय हुड्डा के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी की शुरुआत की थी। कठिन परिस्थितियों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इससे पहले वह वर्ष 2023 और 2024 में लगातार दो बार राष्ट्रीय चैंपियन बनीं। इसके अलावा ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुकी है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2023 की एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक, इलरोडा कप और ब्रिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।

कॉमन एरिया हस्तांतरण में लापरवाही पर CGRERA का बड़ा एक्शन, 595 प्रमोटर्स को जारी नोटिस

कॉमन एरिया हस्तांतरण में लापरवाही पर सीजी रेरा सख्त, 595 प्रमोटर्स को नोटिस 989 पूर्ण परियोजनाओं में सोसायटी गठन और कॉमन एरिया हस्तांतरण नहीं होने पर कार्रवाई रायपुर,  छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और आवंटितियों के हितों की सुरक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए 595 प्रमोटर्स के 989 पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स को नोटिस जारी किए हैं। इन परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है, लेकिन अब तक कॉमन एरिया, सुविधाओं और संबंधित दस्तावेजों का हस्तांतरण आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन को नहीं किया गया है। प्राधिकरण की समीक्षा में पाया गया कि अनेक परियोजनाओं में प्रोजेक्ट पूर्णता अथवा अधिभोग के बाद भी प्रमोटर्स ने आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित नहीं किया तथा कॉमन एरिया और परियोजना प्रबंधन का विधिवत हस्तांतरण भी नहीं किया गया। इसके मद्देनजर रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 11(4)(e) एवं धारा 17 के तहत संबंधित प्रमोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि अधिनियम के अनुसार प्रमोटर का दायित्व है कि वह आवंटितियों की सोसायटी अथवा एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित करे और परियोजना के सामान्य क्षेत्रों, सुविधाओं तथा अभिलेखों का समयबद्ध हस्तांतरण संबंधित संस्था को करे। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि रेरा अधिनियम केवल प्रमोटर्स पर ही नहीं, बल्कि आवंटितियों पर भी कुछ वैधानिक दायित्व निर्धारित करता है। अधिनियम की धारा 19(9) के अनुसार प्रत्येक आवंटी का कर्तव्य है कि वह सोसायटी, एसोसिएशन या सहकारी समिति के गठन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए। सीजीरेरा ने सभी आवंटितियों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ कानूनी दायित्वों के प्रति भी जागरूक रहें और सोसायटी गठन एवं परियोजना प्रबंधन हस्तांतरण की प्रक्रिया में सहयोग करें। प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस में संबंधित प्रमोटर्स को 15 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई। निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित प्रमोटर्स के विरुद्ध रेरा अधिनियम, 2016 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। सीजीरेरा ने कहा है कि रेरा का उद्देश्य केवल परियोजनाओं का पंजीयन करना नहीं, बल्कि परियोजना पूर्ण होने के बाद आवंटितियों के अधिकारों की रक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासित रियल एस्टेट व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। कॉमन एरिया और परियोजना प्रबंधन का समयबद्ध हस्तांतरण उपभोक्ता हितों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।