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FIFA वर्ल्ड कप से पहले इराक खिलाड़ी को एयरपोर्ट पर रोका गया

नई दिल्ली FIFA वर्ल्ड कप से पहले अमेरिका में नया बखेड़ा हो गया. दरअसल, अमेरिका पहुंचने पर इराक के स्टार स्ट्राइकर आयमेन हुसैन को हिरासत में लिया गया और एयरपोर्ट पर उनसे लगभग सात घंटे तक पूछताछ की गई. हुसैन, जो इराक के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं और जिनके गोल ने देश के लिए वर्ल्ड कप में जगह पक्की की थी, उन्हें शनिवार तड़के शिकागो के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद आखिरकार अमेरिका में एंट्री की इजाजत दे दी गई. वहीं इराक की नेशनल टीम के फोटोग्राफर तलाल सलाह को 10 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रखने के बाद देश में एंट्री नहीं दी गई. इराकी ओलंपिक समिति के साथ काम करने वाले और नेशनल फुटबॉल टीम के साथ करीबी संपर्क रखने वाले अधिकारी ने बताया कि लंबी पूछताछ के दौरान हुसैन के फोन की भी जांच की गई. अधिकारी ने कहा, 'नेशनल टीम के फोटोग्राफर तलाल सलाह को 10 घंटे से ज़्यादा समय तक रोका गया, उनके फोन की भी वैसी ही जांच हुई और आखिरकार उन्हें अमेरिका में एंट्री नहीं दी गई.' इस घटना के बारे में इराकी फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई, जबकि US इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने भी हिरासत की खबरों पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. बता दें कि इस बार FIFA वर्ल्ड कप की संयुक्त मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको कर रहे हैं. इराक चार दशकों में पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने जा रहा है. टीम की कमान 30 साल के हुसैन संभालेंगे, साथ ही इप्सविच टाउन के फॉरवर्ड अली अल-हमादी और युवा खिलाड़ी अली जसीम और यूसुफ अमीन भी टीम का हिस्सा होंगे. टीम को ग्रुप 1 में फ्रांस, सेनेगल और नॉर्वे के साथ रखा गया है.

इनकम टैक्स विभाग में तबादलों की बड़ी सूची जारी, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के 182 अधिकारी प्रभावित

रायपुर. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आयकर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (Income Tax Department Transfers) किया गया है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बस्तर से लेकर ग्वालियर तक पदस्थ 182 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। विभागीय स्तर पर हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानांतरण सूची में 20 अतिरिक्त, संयुक्त आयुक्त एवं अतिरिक्त संयुक्त अन्वेषण निदेशक शामिल हैं। इसके अलावा 48 उपायुक्त और 114 आयकर अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हाल ही में पदोन्नत हुए 14 अधिकारियों के नाम भी इस सूची में शामिल हैं। उनकी पदोन्नति के बाद से ही तबादलों की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 18 अतिरिक्त आयुक्त और 11 उपायुक्तों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। विभाग का मानना है कि इस फेरबदल से कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा। जून में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 12 से 15 जून के बीच अपनी नई पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा। विभाग ने समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

24 अरब डॉलर की संपत्ति पर अटका अमेरिका-ईरान शांति समझौता, बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

नई दिल्ली  अमेरिकी प्रशासन ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों से हुए नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण के लिए ईरानी संपत्तियों को खाड़ी देशों की ओर मोड़ने का प्रयास कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने अमेरिका के खाड़ी सहयोगियों को हुए नुकसान की लागत का आकलन करने के लिए टीम को निर्देश दिया है। इसके साथ ही वाशिंगटन भविष्य में इस संघर्ष से होने वाले किसी भी विनाश की मरम्मत के लिए भी ईरानी संपत्तियों के उपयोग पर विचार कर रहा है। $24 बिलियन की रिहाई पर अटका शांति समझौता यह घोषणा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजई के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच संभावित शांति समझौता अमेरिका द्वारा फ्रीज की गई 24 बिलियन डॉलर की ईरानी संपत्ति की रिहाई पर निर्भर करता है। शुक्रवार को सीएनएन से बात करते हुए रेजई ने इस राशि की रिहाई को विश्वास की अहम परीक्षा और किसी भी व्यापक समझौते की दिशा में एक जरूरी कदम बताया था। इस नए घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक संघर्ष विराम प्रयासों के और उलझने का खतरा पैदा कर दिया है। एक अंतरिम समझौते को सुरक्षित करने के चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद वीकेंड में फिर से लड़ाई भड़क उठी है। सैन्य तनाव में वृद्धि और ईरानी ठिकानों पर हमला इस बीच पूरे क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, समुद्री यातायात के लिए खतरा बने ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने के बाद अमेरिकी बलों ने शनिवार तड़के होर्मुज में गोरुक और केशम द्वीप पर ईरानी तटीय रडार प्रतिष्ठानों पर हमला किया। अमेरिकी सेना ने रणनीतिक जलमार्ग के पास दो और ईरानी हमलावर ड्रोनों को मार गिराने का भी दावा किया है। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि सात बैलिस्टिक मिसाइलें रिहायशी इलाकों के ऊपर से गुजरीं, जिससे संपत्ति का नुकसान हुआ लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं बहरीन में सायरन बजने के बाद निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि मिसाइलों ने दोनों देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि अमेरिकी सेना ने कहा कि छह मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया और सातवीं अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रही। क्या है ईरान की मांगें? अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है ताकि एक ऐसा अंतरिम समझौता हो सके जो शत्रुता को रोक दे और परमाणु कार्यक्रम जैसे विवादित मुद्दों पर भविष्य की बातचीत का रास्ता खोले। हालांकि, अब तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है। तेहरान अपनी तेल आय के अरबों डॉलर तक पहुंच, कच्चे तेल के निर्यात पर प्रतिबंधों से राहत, बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अधिक नियंत्रण की मांग कर रहा है। इसी बीच मध्यस्थता के प्रयासों के तहत, पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार को तेहरान पहुंचे। ईरानी मीडिया के अनुसार, वे पाकिस्तान के सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री का अयातुल्ला खामेनेई के लिए एक 'विशेष पत्र' लेकर गए हैं। नकवी की ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची सहित कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करने की उम्मीद है। ईरान की क्षमता पर राष्ट्रपति ट्रंप का बयान यह संघर्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर भी दबाव बढ़ा रहा है, जिन्हें ईंधन की बढ़ती कीमतों और युद्ध के कारण होने वाले व्यापक आर्थिक व्यवधानों पर घरेलू आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। एनबीसी न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी ऑपरेशनों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया है, लेकिन उन्होंने माना कि तेहरान के पास अभी भी एक बड़ा शस्त्रागार मौजूद है। ट्रंप ने कहा, "उनके पास कुछ मिसाइलें और ड्रोन बचे हैं। प्रतिशत के हिसाब से मैं कहूंगा कि शायद उनकी मिसाइलों का 21% से 22% हिस्सा। यह बहुत सारी मिसाइलें हैं, लेकिन जब हमने पहली बार हमला किया था, तब के मुकाबले यह बहुत कम है।" लेबनान में तनाव दक्षिणी लेबनान में एक सैन्य वाहन पर हुए इजरायली हमले में दो सैन्य अधिकारियों और एक सैनिक की मौत हो गई। इजरायली सेना इस घटना की जांच कर रही है। ईरान ने वाशिंगटन के साथ किसी भी व्यापक समझौते को लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आंदोलन के बीच संघर्ष विराम से जोड़ दिया है। हालांकि, इजरायल ने साफ किया है कि उसका सैन्य अभियान जारी रहेगा। यह जटिल क्षेत्रीय विवाद शांति प्रयासों को और उलझा रहा है। बातचीत रुकी हुई है और युद्ध को तीन महीने पूरे हो चुके हैं, ऐसे में किसी स्थायी समझौते की उम्मीदें फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं।

डाक विभाग की भूमिका पर आधारित प्रदर्शनी ‘गेट योरसेल्फ काउंटेड’ का आयोजन

 रांची  डिजिटल युग से पहले देश में जनगणना जैसे विशाल राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में डाक विभाग की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी, इसकी झलक रांची के आड्रे हाउस में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी गेट योरसेल्फ काउंटेड, स्वतंत्र भारत में जनगणना का एक डाक इतिहास में दिखाया गया। इस प्रदर्शनी 1951 से 2011 तक के दुर्लभ दस्तावेजों, पोस्टकार्डों, डाक टिकटों, प्रथम दिवस आवरणों और अन्य अभिलेखीय सामग्रियों के माध्यम से बताया गया है कि कैसे डाक व्यवस्था ने देश की जनगणना प्रक्रिया को गति देने और लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद भारत को चुनावों के संचालन और नियोजित विकास के लिए विश्वसनीय जनसंख्या आंकड़ों की आवश्यकता थी। इसी महत्व को देखते हुए संविधान सभा ने संविधान लागू होने से पहले ही जनगणना अधिनियम, 1948 पारित किया था। उस समय सीमित संचार साधनों और कम साक्षरता दर के कारण जनगणना के प्रति जागरूकता फैलाना बड़ी चुनौती थी। ऐसे में डाक विभाग ने न केवल प्रचार-प्रसार का कार्य संभाला, बल्कि गणनाकर्मियों और अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कर जनगणना की प्रगति पर नजर रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रदर्शनी के क्यूरेटर विकास कुमार, जो अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक हैं,ने इस अनूठे संग्रह को तैयार किया है। यह भ्रमणशील प्रदर्शनी इससे पहले जम्मू, बेंगलुरु और लखनऊ में भी प्रदर्शित की जा चुकी है। प्रदर्शनी का उद्घाटन झारखंड के निदेशक, जनगणना संचालन प्रभात कुमार ने किया। आयोजक विकास कुमार ने कहा कि मोबाइल आधारित जनगणना प्रणालियों के दौर में यह प्रदर्शनी उस ऐतिहासिक यात्रा को याद करने का अवसर है, जिसमें डाकघरों और डाककर्मियों ने देश की सांख्यिकीय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस प्रदर्शनी में दिखा जनगणना का इतिहास 1951 से 2011 तक 11 बार बदले थे जनगणना के मुहर। जनगणना की शुरूआत डाक से हुई थी, डाक के माध्यम से ही जनगणना की जागरूकता और अभियान चलाया गया था। 15 भाषाओं में जनगणना की जानकारी के लिए विज्ञापन थे, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगला , गुजराती , कन्नड, कोंकणी, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, सिंधी, तमिल,तेलुगू, उर्दू शामिल थे।  

टाटा स्टील, वोल्टास समेत कई कंपनियां देंगी डिविडेंड, जानें रिकॉर्ड डेट और रकम

 नई दिल्ली इस हफ्ते टाटा ग्रुप की कई कंपनियां एक्स-डिविडेंड स्टॉक के तौर पर ट्रेड करने जा रही हैं। इन कंपनियों की लिस्ट में टाटा मोटर्स, वोल्टास भी शामिल हैं। कुल 6 कंपनियां एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगी। आइए डीटेल्स में जानते हैं। 1- टाटा स्टील लिमिटेड (Tata Steel Ltd) कंपनी ने निवेशकों को एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इस डिविडेंड के लिए टाटा स्टील ने 12 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। शुक्रवार को टाटा स्टील लिमिटेड के शेयर बीएसई में 1.78 प्रतिशत की गिरावट के बाद 206.80 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। बता दें, बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों 30 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने क मिली है। 2- वोल्टास लिमिटेड (Voltas Ltd) शुक्रवार को कंपनी के शेयर करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 1297.40 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। टाटा ग्रुप की यह कंपनी भी एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने जा रही है। वोल्टास ने भी 12 जून की तारीख को ही रिकॉर्ड डेट तय किया है। 3- टाटा केमिकल्स लिमिटेड (Tata Chemicals Ltd) इस कंपनी ने एक शेयर पर 11 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी ने 10 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 22 प्रतिशत की गिरावट आई है। 4- टाटा इनवेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (Tata Investment Corporation Ltd) टाटा ग्रुप की यह कंपनी भी अपने निवेशकों को डिविडेंड दे रही है। इस कंपनी ने एक शेयर पर 3.40 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। टाटा इनवेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड ने 10 जून की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। बता दें, शुक्रवार को 669.60 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। 5- Tata Elxsi Ltd टाटा ग्रुप की कंपनी ने एक शेयर पर 75 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। Tata Elxsi Ltd ने डिविडेंड के लिए 10 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 4299.90 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। पिछले एक साल टाटा ग्रुप की इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 33 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। 6- Trent Ltd ट्रेंट लिमिटेड के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने जा रहे हैं। कंपनी ने एक शेयर पर 6 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 26 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। 7- टाटा मोटर्स लिमिटेड (Tata Motors Ltd) इस कंपनी ने एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी इस डिविडेंड के लिए 12 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

किचन वास्तु टिप्स: सही दिशा से बढ़ेगी घर की सुख-समृद्धि

 क्या आप जानती हैं कि आपके किचन की छोटी-छोटी व्यवस्थाएं सीधे आपके परिवार की सेहत और सुख-समृद्धि से जुड़ी होती हैं? वास्तु का उद्देश्य सिर्फ फर्नीचर को सही दिशा में रखना नहीं, बल्कि रसोई में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है जो काम को आसान और माहौल को खुशनुमा बनाए. अगर आपका किचन पहले से ही व्यवस्थित है, तो ये वास्तु जरूर करें. आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) की ऊर्जा: वास्तु के अनुसार, रसोई का सबसे आदर्श स्थान आग्नेय कोण है. सुनिश्चित करें कि खाना बनाते समय आपका चेहरा पूर्व दिशा की ओर रहे. यह दिशा सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी है, जो आपके खाने में स्वाद और परिवार में स्वास्थ्य का संचार करती है. पानी और अग्नि का संतुलन: रसोई में अग्नि (चूल्हा) और पानी (सिंक) का तालमेल सबसे महत्वपूर्ण है. इन्हें कभी भी एक-दूसरे के बेहद करीब या एक ही सीध में न रखें. इनके बीच दूरी बनाए रखना घर में होने वाले वैचारिक मतभेदों को दूर रखता है और रिश्तों में सामंजस्य लाता है. फ्रिज और भारी उपकरणों की सही दिशा: किचन का भारी सामान जैसे फ्रिज, दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से घर में स्थिरता आती है. यह वास्तु की दृष्टि से सबसे शुभ माना जाता है, जिससे घर की आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है. रंगों का सही चुनाव: किचन में बहुत गहरे या काले रंगों का उपयोग करने से बचें. हल्का पीला, क्रीम, या ऑफ-व्हाइट जैसे सात्विक रंग किचन को न केवल बड़ा और हवादार दिखाते हैं, बल्कि ये रंग मानसिक शांति और धैर्य को भी बढ़ावा देते हैं. साफ-सफाई : वास्तु के अनुसार, रात को जूठे बर्तन सिंक में छोड़ना दरिद्रता को बुलावा देता है. रसोई को रात को साफ-सुथरा करके सोने की आदत डालना, अगली सुबह एक सकारात्मक शुरुआत का वादा करता है. ताजगी रखें : रसोई की खिड़की हमेशा साफ रखें ताकि ताजी हवा का आवागमन बना रहे. खिड़की के पास तुलसी, पुदीना या धनिये का एक छोटा गमला रखें—यह रसोई की निगेटिव वाइब्स को सोखकर उसे हमेशा शुद्ध और ऊर्जावान बनाए रखता है.

कब्रिस्तान भूमि पर कब्जे का मामला, प्रशासन ने ध्वस्त की मस्जिद

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने शनिवार को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कसेरुआ गांव स्थित मुस्तफा कादरी मस्जिद को ध्वस्त करना शुरू कर दिया. प्रशासन की मौजूदगी में दो बुलडोजर और एक क्रेन की मदद से कई घंटे तक कार्रवाई चली. संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई. कार्रवाई के दौरान मस्जिद परिसर से "आई लव मोहम्मद" लिखे पोस्टर और हरे रंग का एक झंडा मिलने का दावा भी सामने आया है. पुलिस ने इन सामग्रियों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि बरामद पोस्टरों और झंडे के संबंध में जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जाएगा कि इन्हें वहां किसने रखा था और उनका उद्देश्य क्या था. उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन के अनुसार, गाटा संख्या 409 की भूमि कब्रिस्तान के लिए आरक्षित थी. जनवरी 2026 में राजस्व विभाग की पैमाइश के दौरान यहां मस्जिद निर्माण और कब्जे का मामला सामने आया था. इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत वाद दायर किया गया. सुनवाई के दौरान मस्जिद समिति को अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके. संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया गया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की गई, लेकिन अपील खारिज होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा कब्रिस्तान के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग के बाद अभिलेखों की जांच की गई थी, जिसमें आरक्षित भूमि पर निर्माण का मामला सामने आया. प्रशासन का कहना है कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि को ग्राम सभा के माध्यम से कब्रिस्तान के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. फिलहाल इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है.

उपभोक्ताओं के हित में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, बिजली कनेक्शन से जुड़े विवाद पर मिली राहत

जीरकपुर. जीरकपुर की सुषमा वैलेंसिया सोसाइटी में रहने वाले 500 से ज़्यादा परिवारों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने साफ किया है कि किसी बिल्डर द्वारा लोगों से करोड़ों रुपये इकट्ठा करके प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ देने के के कारण नागरिंकों को बेसिक सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। अदालत ने कहा कि नागरिकों को प्रशासनिक प्रणाली की नाकामी का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए और चिलचिलाती गर्मी में बच्चों, बुज़ुर्गों और महिलाओं को बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। ये टिप्पणी तब सामने आईं जब सुषमा वैलेंसिया अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की तरफ से दायर की गई एक पिटीशन की सुनवाई के दौरान कोर्ट के ध्यान में लाया गया कि सोसाइटी में सैकड़ों परिवार रह रहे हैं, जबकि प्रोजेक्ट के डेवलपर्स कथित तौर पर प्रोजेक्ट अधूरा छोड़कर गायब हो गए हैं। इस वजह से लोग लंबे समय से नियमित बिजली कनेक्शन के लिए जूझ रहे हैं। जिदगी भर की कमाई खर्च करके खरीदे फ्लैट: पिटीशनर पिटीशनर ने कोर्ट को बताया कि लोगों ने जिंदगी भर की कमाई खर्च करके फ्लैट खरीदे थे, लेकिन अब वह बेसिक सुविधाओं के लिए भी दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं।  सुनवाई के दौरान PSPCL ने कोर्ट को बताया कि अगर लोग करीब 4.44 करोड़ रुपये की बकाया रकम जमा कर दें तो बिजली कनेक्शन जारी किए जा सकते हैं। इसके उलट एसोसिएशन ने दलील दी कि यह जिम्मेदारी लोगों की नहीं, बल्कि बिल्डर की है, जिसने लोगों से करोड़ों रुपये वसूलने के बाद प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ दिया। 20 हजार रुपये जमा करने पर मिलेगा टेम्पररी कनेक्शन हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि हर वह निवासी जो नॉर्मल चार्ज के साथ 20 हजार रुपये जमा करता है, उसे टेम्पररी बिजली कनेक्शन दिया जाए। कोर्ट ने साफ किया कि यह सिर्फ एक अंतरिम व्यवस्था होगी और इससे परमानेंट कनेक्शन का कोई अधिकार नहीं बनेगा। साथ ही, PSPCL, GMADA और दूसरे संबंधित डिपार्टमेंट को भी इस समस्या का परमानेंट समाधान निकालने के लिए एक जॉइंट मीटिंग करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी। 150 परिवार दूसरी जगहों पर रहने को मजबूर  सोसाइटी के लोगों का कहना है कि बिजली की लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण हालात इतने गंभीर हो गए थे कि करीब 150 परिवार सुषमा वालेंसिया छोड़कर दूसरी जगहों पर रहने को मजबूर हो गए थे। लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने करोड़ों रुपये खर्च कर इन्वेस्टमेंट के तौर पर फ्लैट खरीदे थे, उनके किराएदार भी एक-एक करके दूसरी सोसाइटियों में चले गए, जिससे फ्लैट मालिकों को भारी फाइनेंशियल नुकसान उठाना पड़ा। अब हाईकोर्ट के दखल के बाद लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही यह मुश्किल आखिरकार हल की ओर बढ़ेगी। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे: गिल मामले को लेकर पावरकॉम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर अमनदीप सिंह गिल ने कहा कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी सोसायटी के लिए कोई डेडिकेटेड फीडर नहीं है, लेकिन जल्द ही वहां फीडर पहुंचा दिया जाएगा ताकि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार योग्य लोगों को टेम्पररी बिजली कनेक्शन जारी किए जा सकें।

मेटा ने लॉन्च किया इंस्टाग्राम प्लस, भारत में 299 रुपये मंथली सब्सक्रिप्शन

Meta ने अब इंस्टाग्राम प्लस पेड सब्सक्रिप्शन प्लान को पेश कर दिया है, जिसकी कीमत भारत में 299 रुपये मंथली है. इस प्लान के तहत यूजर्स को कई नए फीचर्स मिलेंगे. इंस्टाग्राम प्लस प्लान के तहत यूजर्स चोरी छिपे दूसरों की स्टोरीज भी देख सकेंगे. कंपनी ने कुछ दिन पहले ही अपने पॉपुलर ऐप्स इंस्टाग्राम, फेसबुक, WhatsApp के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च किए हैं. इंस्टाग्राम प्लस के तहत यूजर्स को एडिशनल फीचर्स, बेहतर इनसाइट्स और बहुत से एक्सक्लूसिव फीचर्स भी मिलेंगे. हालांकि स्टैंडर्ड वर्जन भी मुफ्त में काम करता रहेगा, लेकिन जो यूजर्स एक्स्ट्रा और एडवांस्ड फीचर्स चाहते हैं, उनको 299 रुपये मंथली चार्ज देना होगा. सीक्रेट तरीके से देख सकेंगे स्टोरी इंस्टाग्राम प्लस के तहत कई खास फीचर्स स्टोरीज से जुड़े हैं. इस प्लान के तहत यूजर्स आसानी से किसी दूसरे शख्स की स्टोरी का सीक्रेट प्रीव्यू देख सकेंगे. साथ ही सब्सक्राइबर ये भी जान सकेंगे कि कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है. इंस्टाग्राम प्लस के तहत स्टोरी टाइम ड्यूरेशन को 24 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे तक हो जाती है. साथ ही यूजर्स हर सप्ताह एक स्टोरी को एक्स्ट्रा विजिबिलिटी के लिए स्पॉटलाइट कर सकते हैं. इंस्टाग्राम प्लस सब्सक्राइबर ये भी जान सकेंगे कि उनकी स्टोरी देखने वालों की लिस्ट में जाकर यह देख सकेंगे कि वह कौन-कौन सा कंटेंट देख रहा है. स्पेशल इमोजी और स्पेशल फॉन्ट्स भी मिलेंगे इंस्टाग्राम प्लस के तहत यूजर्स को एनिमेटेड सुपर हार्ट रिएक्शन मिलेंगे, जिनमें इंटरैक्शन के दौरान रंग बिरंगे एनिमेटेड हार्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. साथ ही सब्सक्राइबर्स को इंस्टाग्राम और क्रिएटर्स के लिए डिजाइन किए गए कस्टम ऐप आइकन व बायो के लिए स्पेशल फॉन्ट्स का एक्सेस मिलेगा. प्रोफाइल पिन्स फीचर भी मिलेगा इंस्टाग्राम प्लस के तहत एक और खास फीचर्स प्रोफाइल पिन्स मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स अपने प्रोफाइल पर मैक्सिमम छह पोस्ट को पिन करके सबसे जरूरी पोस्ट को ऊपर रख सकेंगे. इंस्टाग्राम प्लस के तहत मिलने वाले फीचर्स स्टोरी रिवॉच काउंट : कितने लोगों ने स्टोरी दोबारा देखी, यह पता चलेगा. अनलिमिटेड स्टोरी ऑडियंस लिस्ट: क्लोज फ्रेंड्स के जैस ही  कई तरह कई कस्टम ऑडियंस लिस्ट तैयार कर सकेंगे. सीक्रेट स्टोरी प्रिव्यू: किसी भी शख्स की स्टोरी देखेंगे तो व्यूअर लिस्ट में आपका नाम नजर नहीं आएगा. 48 घंटे तक स्टोरीजः स्टोरीज टाइमलाइन 24 घंटे की जगह 48 घंटे के लिए मिलेगी. वीकली स्टोरी स्पॉटलाइट : हर हफ्ते एक स्टोरी को एडिशनल विजिबिलिटी के प्रमोट कर सकेंगे. स्टोरी व्यूअर सर्चः स्टोरी देखने वाले लोगों की लिस्ट में किसी भी व्यक्ति को सर्च कर सकेंगे. मेटा ने रेवेन्यू स्ट्रैटेजी में किया बदलाव मेटा ने रेवेन्यू स्ट्रैटेजी को बदलते हुए सिर्फ विज्ञापन पर निर्भरता को कम करते हुए पेड प्लान को लॉन्च किया है, जिसके तहत कंपनी को रेवेन्यू के कई नए ऑप्शन मिलेंगे. कंपनी का कहना है कि आने वाले दिनों में प्लस सब्सक्राइबर के लिए और नए फीचर्स को शामिल किया जाएगा. 

धर्मनगरी उज्जैन को मिलेगी नई पहचान, 220 करोड़ की लागत से स्थापित होगी भव्य श्रीकृष्ण मूर्ति

उज्जैन. उज्जैन, जल्द ही भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप मूर्ति के रूप में देश को एक नई पहचान देने जा रहा है। ‘श्री महाकाल महालोक’ के बाद यहां एक और भव्य धार्मिक-पर्यटन परियोजना आकार लेने जा रही है। परियोजना, 220 करोड़ रुपये की है, जिससे उज्जैन विकास प्राधिकरण यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी तट पर 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप धातु की मूर्ति स्थापित करेगा। 30 एकड़ क्षेत्र विकास की इस परियोजना में मूर्ति के साथ अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और विशाल हरित पर्यटन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। विशेष बात यह है कि मूर्ति का निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व प्रसिद्ध 182 मीटर ऊंची प्रतिमा (स्टैच्यू आफ यूनिटी) के शिल्पकार पद्मभूषण राम वनजी सुतार के पुत्र एवं ख्यात आर्किटेक्ट डा. अनिल राम सुतार करेंगे। लगभग 30 फीट ऊंचे पेडस्टल पर स्थापित होने वाली यह प्रतिमा भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप को दर्शाएगी और इसके देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा बनने की संभावना जताई जा रही है। परियोजना को अंतिम स्वरूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी सिलसिले में आर्किटेक्ट अनिल सुतार उज्जैन और विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी से मिले। बैठक में मूर्ति के स्वरूप, उसके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व तथा पूरे परिसर के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बताया गया कि प्रतिमा को ऐसा स्वरूप दिया जाएगा जो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप, उनके दर्शन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर विकसित होगा परिसर योजना के अनुसार यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी क्षेत्र से लगी लगभग 30 एकड़ भूमि को एक विशेष धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां हरित परिदृश्य, आकर्षक उद्यान, दर्शक दीर्घा, भ्रमण पथ और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रतिमा परिसर में स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो तथा प्रोजेक्शन मैपिंग का भी प्रावधान रखा गया है। इसके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, गीता के संदेश और भारतीय संस्कृति को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव परियोजना का प्रारंभिक खाका और वित्तीय प्रस्ताव तैयार हो चुका है। करीब 220 करोड़ रुपये की इस योजना को अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक प्रतिमा निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी। महाकाल लोक के बाद यह परियोजना शहर के लिए एक और बड़ा आकर्षण बन सकती है। यदि योजना निर्धारित स्वरूप में साकार होती है तो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप की यह प्रतिमा देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा के रूप में स्थापित हो सकती है। यह भी जानिये उज्जैन, मध्यप्रदेश शासन की ‘श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना’ में शामिल है जिसके तहत 81 करोड़ रुपये से मंगलनाथ रोड स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम (वह स्थान जहां भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की) और 120 करोड़ रुपये से महिदपुर के नारायणा धाम का विकास एवं सुंदरीकरण कार्य भी होना है।