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19,024 फीट पर बिहार का परचम, शिवेंद्र का कमाल

बांकेबाजार गयाजी जिले के बांकेबाजार प्रखंड के फुलवरिया गांव निवासी शिवेंद्र वर्मा ने साहस, जुनून और दृढ़ संकल्प का अद्भुत परिचय देते हुए विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है. उन्होंने बाइक से कठिन हिमालयी मार्गों को पार कर दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रे उम्लिंग ला पास तक पहुंचने का गौरव हासिल किया है. पांच दिनों तक लगातार बाइक चलाकर हासिल की मंजिल शिवेंद्र वर्मा ने लगातार पांच दिनों तक बाइक से सफर करते हुए लेह-लद्दाख क्षेत्र की कई दुर्गम और ऊंची चोटियों को पार किया. 3 जून को उन्होंने समुद्र तल से लगभग 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित उम्लिंग ला पास पहुंचकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रे तक बाइक से पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. BRO ने किया सम्मानित उनकी इस असाधारण उपलब्धि को मान्यता देते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) ने उन्हें मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. यह सम्मान शिवेंद्र वर्मा की मेहनत, साहस और समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है. गांव से लेकर जिले तक खुशी का माहौल शिवेंद्र वर्मा की सफलता की खबर मिलते ही फुलवरिया गांव समेत पूरे बांकेबाजार और गया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है. अमेरिकी कंपनी में हैं मैनेजर शिवेंद्र वर्मा वर्तमान में फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. पर्वतीय क्षेत्रों और साहसिक यात्राओं के प्रति उनकी विशेष रुचि रही है. इसी जुनून और तैयारी के दम पर उन्होंने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. युवाओं के लिए बने प्रेरणा शिवेंद्र वर्मा की यह सफलता युवाओं को यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उनकी उपलब्धि ने गया ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार का गौरव बढ़ाया है.

विरासत की वस्तुएं विदेश कैसे पहुंचीं? MLA हॉस्टल फर्नीचर नीलामी मामले में जांच के आदेश

चंडीगढ़. चंडीगढ़ स्थित पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका में हाल ही में नीलाम होने के मामले में विधानसभा स्पीकर की ओर से जांच के आदेश दिए गए हैं। जानकारी अनुसार चंडीगढ़ स्थित पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़ा हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका के शिकागो में 72,720 डॉलर में नीलाम हुआ है, जिसक भारतीय मूल्य 59 लाख के करीब बताया गया है और इसकी नीलामी आगे भी जारी है। आगे से आगे नीलाम हो रहे इस फर्नीचर में दो हेरिटेज कुर्सियां और चार स्टूल शामिल हैं। इस मामले को लेकर चंडीगढ़ में हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल से जुड़े अजय जग्गा ने पंजाब मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर को शिकायत दी है, जिसके बाद विधानसभा स्पीकर की ओर से मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। अजय जग्गा के अनुसार एमएलए हॉस्टल से जुड़ी दो कुर्सियां 42 लाख और स्टूल 17 लाख में नीलाम हुईं। उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स के कड़े निर्देशों के बावजूद चंडीगढ़ से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर की विदेश में लगातार नीलामी हो रही है। नीलामी रोकने को लेकर चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से विशेष हेरिटेज कमेटी भी गठित की गई, जिसने इस मामले में कई बार केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को भी पत्र लिखा है, लेकिन हेरिटेज फर्नीचर की विदेश में नीलामी लगातार जारी है। अजय की ओर से पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान और विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई है, साथ ही उन्होंने पत्र में बताया कि हेरिटेज स्थल को चंडीगढ़ के चीफ सेक्रेटरी हेड करते हैं। पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़े फर्नीचर को अब अमेरिका स्थित ऑक्शन हाउस राइट की ओर से नीलाम किया जा रहा है। ऑक्शन के लिए वेबसाइट पर डाला गया इस फर्नीचर को ऑक्शन के लिए संबंधित हाउस की ओर से वेबसाइट पर भी डाला गया है। इस मामले में पंजाब स्पीकर की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच करेंगे। जो हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका में नीलम हुआ है, वह कैपिटल प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इस नीलामी के बाद फिर से चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा विधानसभा और एमएलए हाउस में रखे हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य एडवोकेट अजय जगह ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हेरिटेज फर्नीचर को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तौर पर फर्नीचर की टैगिंग भी की गई है, जिसमें 12000 हेरिटेज फर्नीचर आइटम शामिल है। 500 करोड़ से अधिक का हेरिटेज फर्नीचर नीलाम चंडीगढ़ से जुड़ा हेरिटेज फर्नीचर विदेश में लगातार नीलाम हो रहा है। बीते 10 सालों में 500 करोड़ से अधिक के हेरिटेज आइटम अमेरिका सहित अन्य देशों में नीलाम किया जा चुके हैं। यह फर्नीचर कई वर्ष पहले चंडीगढ़ से चोरी छिपे विदेश में ले जाया गया। हेरिटेज फर्नीचर चंडीगढ़ का निर्माण करने वाले ली कार्बिजियर और उनके सहयोगी द्वारा तैयार किया गया था। हेरिटेज फर्नीचर से जुड़ा काफी आइटम पंजाब और हरियाणा विधानसभा हाई कोर्ट के अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ा हुआ है।

वनमंत्री केदार कश्यप ने मर्दापाल में विकास कार्यों का किया लोकार्पण

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मर्दापाल अंचल की 23 ग्राम पंचायतों में 4 करोड़ 6 लाख 67 हजार रूपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर इन बुनियादी विकास कार्यों का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। इन स्वीकृत विकास कार्यों में मुख्य रूप से सड़क, पुलिया, स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, रंगमंच और अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को एक नई गति प्राप्त होगी। ग्रामवार विकास कार्यों का विवरण ग्राम चांगे लगभग 77.96 लाख रूपए की लागत से पुलिया, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सीसी सड़क, रंगमंच और सामुदायिक भवन निर्माण। ग्राम मूलनार में लगभग 90.79 लाख रूपए की लागत से पुलिया, बाउंड्रीवाल, सीसी सड़क तथा अन्य बुनियादी ढांचागत विकास, ग्राम बड़ेकुरुषनार लगभग 88.14 लाख रूपए की लागत से पुलिया, रंगमंच, आहाता, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सांस्कृतिक भवन और पंचायत भवन का निर्माण, ग्राम बेचा लगभग 21.79 लाख की लागत से रंगमंच एवं माध्यमिक शाला भवन का भूमिपूजन और लोकार्पण, अन्य ग्राम पंचायतें रानापाल, कोंगेरा, मुंगवाल और चेरंग में 28 लाख रूपए तथा हथकली, मटवाल, पेरमापाल, नरिहा और आदनार में लगभग 1 करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक भवन, सीसी सड़क, शाला भवन और पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया, शामिल है। गाँवों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता- वनमंत्री इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार सुदूर गांवों तक विकास की मुख्यधारा पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सड़क, शिक्षा, सामुदायिक अधोसंरचना और डिजिटल सेवाओं का विस्तार हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। श्अटल डिजिटल सुविधा केंद्रोंश् के माध्यम से अब ग्रामीणों को सभी जरूरी शासकीय सेवाओं का लाभ उनके अपने गांव में ही मिल सकेगा। उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि सुशासन के माध्यम से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाकर हर गांव को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है।

0-2 की शर्मनाक हार के बाद PCB का बड़ा एक्शन, यूनुस खान बन सकते हैं नए टेस्ट कोच

नई दिल्ली बांग्लादेश के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में 0-2 की शर्मनाक हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल ला दिया है. जिस टीम के खिलाफ जीत की उम्मीद की जा रही थी, उसी के हाथों क्लीन स्वीप होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अब बड़े बदलावों की तैयारी में जुट गया है़. हालात ऐसे हैं कि टेस्ट कप्तान शान मसूद और मुख्य कोच सरफराज अहमद दोनों की कुर्सी खतरे में बताई जा रही है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी इस हार से बेहद नाराज हैं और टेस्ट टीम में व्यापक बदलाव चाहते हैं. बोर्ड अब सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा नहीं कर रहा, बल्कि टीम की पूरी नेतृत्व व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पूर्व कप्तान यूनुस खान और मोहम्मद हफीज से संपर्क किया है. दोनों से राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारियां संभालने को लेकर बातचीत की गई है. सूत्रों के मुताबिक पीसीबी के भीतर यह प्रस्ताव रखा गया है कि सरफराज अहमद को टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटाकर फिर से अंडर-19 और पाकिस्तान 'ए' टीम की जिम्मेदारी दी जाए. सरफराज को बांग्लादेश दौरे से ठीक पहले टेस्ट टीम का कोच बनाया गया था, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. एक सूत्र ने बताया, 'यूनुस खान और मोहम्मद हफीज दोनों की पीसीबी अधिकारियों से बातचीत हुई है. हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. …तो ये दिग्गज बनेगा नया टेस्ट कोच! पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल यूनुस खान को टेस्ट टीम का अगला कोच बनाने की तैयारी है. हालांकि बताया जा रहा है कि उन्होंने पीसीबी के सामने कुछ स्पष्ट शर्तें रखी हैं और जब तक उन पर सहमति नहीं बनती, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होगी. पीसीबी का मानना है कि टीम को फिर से मजबूत टेस्ट यूनिट बनाने के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिसके पास अनुभव भी हो और खिलाड़ियों पर प्रभाव भी. सिर्फ कोच सरफराज अहमद ही नहीं, कप्तान शान मसूद का भविष्य भी अधर में लटका हुआ है. बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार के बाद उनकी कप्तानी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि मसूद ने आगामी वेस्टइंडीज और इंग्लैंड सीरीज तक खुद को मौका देने की अपील की है, लेकिन बोर्ड के भीतर बदलाव की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है. ऐसे में उनकी कप्तानी पर फैसला जल्द लिया जा सकता है. पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज को मुख्य चयनकर्ता और इंटरनेशनल क्रिकेट डिपार्टमेंट का प्रमुख बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. हालांकि पीसीबी के कुछ अधिकारी इस फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. दरअसल, हफीज पिछले कुछ महीनों में टीम और बोर्ड की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाते रहे हैं. ऐसे में उनके बोर्ड से जुड़ने पर नई बहस छिड़ सकती है. बोर्ड ने इस बीच राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में 49 खिलाड़ियों के लिए रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल कैम्प का भी ऐलान किया है. पीसीबी का कहना है कि यह कैम्प आने वाली अंतरराष्ट्रीय और घरेलू चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. खिलाड़ियों को फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही कोचों और मेडिकल स्टाफ के साथ व्यक्तिगत सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.

सियासी बयानबाजी तेज! स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस को घेरा, नेता प्रतिपक्ष महंत ने किया पलटवार

रायपुर. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए कवायद शुरू हो गई है. पद के लिए कई दावेदार हैं, कुछ मुखर हैं, तो कुछ पर्दे के पीछे गुप-चुप तरीके से अपने काम में जुटे हैं. प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल के इस अहम पद को लेकर जहां भाजपा नेता और मंत्री तंज कस रहे हैं, तो कांग्रेस नेता भी उसी तंज भरे लहजे में जवाब दे रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में कई और नेता शामिल होने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि पिछले 3 सालों से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का मुद्दा प्रदेश में घूम रहा है. अब यह बोरिंग चेप्टर हो चुका है. कांग्रेस को पूरे प्रदेश ने ही भुला दिया है. कांग्रेस की गतिविधियों को याद रखना, बुद्धिमानी वाला काम नहीं है. जब से मैने होश संभाला है, देख रहा कि इनमे आपसी मतभेद ही रहता है. कांग्रेस की परम्परा और संस्कार में ही गुटबाजी है. यहीं समय- समय पर उभरता है. स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि हमारे में तो ऐसा नहीं है. वो अभी – अभी आए हैं, इनको कहाँ से पता लग गया. कांग्रेस में सब ठीक चल रहा है. उन्होंने कहा कि हम जो चार-पांच लोग अगुवाई कर रहे हैं, उनमें सब ठीक है. सामूहिक नेतृत्व में हम विश्वास करते हैं. चुनाव भी सामूहिक नेतृत्व में होगा. कांग्रेस में कुछ भी निर्णय होता है, तो सामूहिक नेतृत्व के आधार पर होता है. डॉ. महंत ने कहा कि आने वाले समय में जिन – जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनमें प्रदेश अध्यक्ष बदलने की पूरी संभावना है. छत्तीसगढ़ के बारे में भी चर्चा है. लेकिन जब तक राहुल गांधी का यहां दौरा और जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण नहीं हो जाता, तब तक इसकी कोई जरूरत नहीं है. खाद-बीज को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन चरण दास महंत ने इसके साथ खाद-बीज को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा कि सरकार का सब ठीक है, कहना उचित नहीं है. निचले स्तर पर समस्या अभी भी है, गांव में तकलीफ है. गांव में काम नहीं हो रहा है, इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ठप है. इसकी चिंता सबको है, लेकिन मंत्रीगणों को नहीं दिख रहा है. इसमें गंभीरतापूर्वक मुख्यमंत्री को विचार करना चाहिए जो आज की जरूरत है. देश में “अघोषित आपातकाल” जैसे हालात इंडियन एलायंस की बैठक पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि आज दिल्ली में इंडिया एलायंस की बैठक है. देश में महंगाई, डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस और खाद्य सामग्री के बढ़ते दामों पर चर्चा होगी. देश में “अघोषित आपातकाल” जैसे हालात होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की भूमिका और आगे की रणनीति पर मंथन होगा.

अफगानिस्तान पर कहर बनकर टूटा भारत, मुल्लांपुर टेस्ट ने तोड़े 8 साल पुराने रिकॉर्ड

 मुल्लांपुर भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर में खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच भारतीय क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद अफगानिस्तान को दोनों पारियों में बैक-टू-बैक बेहद सस्ते में समेट दिया। इस ऐतिहासिक और घातक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से अपनी अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। आइए नजर डालते हैं टेस्ट क्रिकेट में भारत की पारियों के अंतर से मिली 5 सबसे बड़ी जीतों पर। पारी और 300 रनों से जीत (बनाम अफगानिस्तान, मुल्लांपुर, 2026) भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ आई है। पहली पारी में 8 विकेट पर 564 रन बनाकर पारी घोषित करने के बाद, भारतीय गेंदबाजों ने अफगानिस्तान की पहली पारी को 152 रन और दूसरी पारी को महज 112 रन पर ढेर कर दिया। अपनी ही कप्तानी के डेब्यू मैच में शुभमन गिल की अगुवाई वाली इस टीम ने विपक्षी टीम को फॉलोऑन देते हुए एक पारी और 300 रनों के अविश्वसनीय अंतर से धूल चटाई जो भारत की टेस्ट इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। पारी और 272 रनों से जीत (बनाम वेस्टइंडीज, राजकोट, 2018) इस ऐतिहासिक मैच से पहले रनों के मामले में भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के खिलाफ था। साल 2018 में राजकोट के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने कैरेबियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। भारत ने इस मैच को एक पारी और 272 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम किया था जिसे अब मुल्लांपुर टेस्ट के शानदार प्रदर्शन ने दूसरे स्थान पर धकेल दिया है। पारी और 262 रनों से जीत (बनाम अफगानिस्तान, बेंगलुरु, 2018) अफगानिस्तान की टीम के खिलाफ भारत का दबदबा नया नहीं है। इससे पहले साल 2018 में जब अफगानी टीम अपना ऐतिहासिक डेब्यू टेस्ट मैच खेलने बेंगलुरु आई थी तब भी भारतीय टीम ने उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया था। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए उस मैच को भारत ने महज दो दिनों के भीतर एक पारी और 262 रनों के बड़े अंतर से जीतकर अपने नाम किया था। पारी और 239 रनों से जीत (बनाम बांग्लादेश, मीरपुर, 2007) भारतीय टीम की चौथी सबसे बड़ी टेस्ट जीत पड़ोसी देश बांग्लादेश के खिलाफ आई थी। साल 2007 में मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में दमदार प्रदर्शन किया था। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में खेलते हुए भारतीय टीम ने बांग्लादेशी सरजमीं पर मेजबान टीम को एक पारी और 239 रनों के करारे अंतर से शिकस्त दी थी। पारी और 239 रनों से जीत (बनाम श्रीलंका, नागपुर, 2017) जीत के इसी अंतर (पारी और 239 रन) के साथ भारतीय टीम ने साल 2017 में श्रीलंका को भी पटखनी दी थी। नागपुर में खेले गए इस टेस्ट मैच में विराट कोहली के दोहरे शतक और गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने श्रीलंकाई टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया था। यह जीत आज भी रनों के लिहाज से संयुक्त रूप से भारत की पांचवीं सबसे बड़ी टेस्ट जीत के रूप में दर्ज है।  

मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, मानसून आने से पहले रिकॉर्ड बारिश; आधे प्रदेश में आज तेज आंधी की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री भले ही अभी नहीं हुई हो, लेकिन प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। जून महीने में अब तक औसत से करीब 65 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। कई जिलों में तो सामान्य से कहीं अधिक पानी गिर चुका है। कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश प्रदेश में औसतन जून में जहां लगभग 8.3 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार अब तक इससे कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर में करीब 2 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि नीमच में ढाई इंच तक पानी गिर चुका है। मानसून से पहले ही सक्रिय हुआ मौसम रविवार को मानसून महाराष्ट्र में प्रवेश कर चुका है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में 15 से 18 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकता है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था। मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबकि, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर मौजूदा मौसम प्रणाली इसी तरह सक्रिय रही तो मध्य प्रदेश में मानसून तय समय के आसपास यानी 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून की दस्तक के साथ प्रदेशभर में तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना भी है। तापमान में आई गिरावट वहीं, राजधानी भोपाल समेंत प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज हुई, जिससे तापमान में गिरावट देखी जा रही है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बारिश के कारण कई इलाकों का मौसम सुहावना हो गया है और कई क्षेत्रों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। नीमच जिले में 2.5 इंच बारिश अबतक प्रदेशभर में सबसे अधिक नीमच जिले में करीब 2.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, कई अन्य जिलों में भी एक इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेशभर में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के असर के चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही कारण है कि, मानसून आने से पहले ही कई जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का तापमान 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई थी। वहीं, 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। ये 10 साल में दूसरी बार था जब शहर में इतनी बारिश हुई। उस समय 24 घंटे में ही करीब 5 इंच बारिश हुई थी। कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, सोमवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बदल रहा मौसम प्रदेश में जून की शुरुआत से ही रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी है, जिससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है। मानसून की एंट्री से पहले बारिश का दौर प्रदेश में मानसून की एंट्री से पहले आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। जून की शुरुआत से ही बारिश हो रही है। रविवार को देवास, सीहोर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर बना रहा। ऐसा ही मौसम सोमवार को भी रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो आज ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में आंधी-बारिश का अलर्ट है। अब तक इन जिलों में 1 इंच से ज्यादा बारिश सतना, सीधी, आगर-मालवा, भोपाल, बुरहानपुर, हरदा, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर में 1 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग की माने तो मानसूनी बारिश 1 जून से ही रिकॉर्ड की जाती है, जो 30 सितंबर तक चलती है। इस दौरान होने वाली वाली मानसूनी बारिश कहलाती है। वर्तमान में प्रदेश में प्री-मानसूनी एक्टिविटी चल रही है।  

जेब पर बढ़ा बोझ: पेट्रोल-डीजल से लेकर घरेलू LPG और CNG तक महंगी, आम जनता परेशान

नई दिल्ली ईरान-अमेरिका युद्ध की मार सड़क से लेकर हमारे किचन तक पड़ रही है। पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने से एक ओर महंगाई बढ़ रही है तो सड़क का सफर भी महंगा हो गया है। सीएनजी से भी राहत नहीं है और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतें कोढ़ में खाज का काम कर रही है। किचन का बजट बिगड़ रहा है। रुस-युक्रेन युद्ध के दौरान भी कच्चे तेलल के दाम आसमान छू रहे थे, इसके बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। चार साल तक शांत रहने के बाद मई 2026 में पेट्रोल और डीजल के दाम ताबड़तोड़ बढ़े। चार बार की बढ़ोतरी में अबतक ये करीब 7.50 रुपये लीटर महंगे हो चुके हैं। इसके अलावा सीएनजी और एलपीजी के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो युद्ध से करीब एक साल से अधिक समय पहले से 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। बड़े आराम से दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये में मिल रहा था। सबकुछ अच्छा चल ही रहा था कि फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया। पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया। कच्चे तेल के दाम 125 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए। अक्सर एलपीजी के रेट महीने की पहली तारीख को होते हैं। घरेलू सिलेंडर के दाम 89 रुपये बढ़े 1 मार्च को रेट तो जारी हुए, लेकिन घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े। युद्ध के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए रेट का ऐलान कर दिया। इसके तहत एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये का इजाफा कर दिया। इसके साथ ही दिल्ली में घरेलू सिलेंडर महंगा होकर 913 रुपये पर पहुंच गया। ठीक 3 महीने बाद दाम फिर 29 रुपये और बढ़ गए। अब दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1773 रुपये बढ़े ये 3 महीने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए अब तक झटका वाला रहा। महज 3 महीने में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1740.50 रुपये से ₹3,113.50 पर पहुंच गया। यानी सिलेंडर कुल 1373 रुपये महंगा हो गया। यही सिलेंडर फरवरी में 1740.50 रुपये का था। इसके बाद मार्च में डबल झटके लगे। 1 मार्च 2026 को कमर्शियल सिलेंडर के दाम 28 रुपये और बढ़कर 1768.50 रुपये पर पहुंच गए। इसके बाद 7 मार्च को 114.50 रुपये का झटका लगा और 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर दिल्ली में 1883 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 2078.50 रुपये पर पहुंच गए। सबसे बड़ा झटका लगा मई में। इस महीने सिलेंडर के दाम में ऐतिहासिक 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई और दिल्ली में कीमत सीधे पहुंच गई 3071.50 रुपये पर। 1 जून को भी इसमें 42 रुपये का इजाफा हुआ और दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर 1 जून से ₹3,113.50 का हो गया है। सीएनजी की कीमतें भी 3 बार बढ़ीं युद्ध के दौरान पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दाम तो बढ़े ही, सीएनजी की कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं। अभी कीमतों में शनिवार को 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी जो 10 दिनों से भी कम समय में तीसरी बढ़ोतरी है। दिल्ली में सीएनजी की कीमत अब 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कीमतें बढ़कर 89.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जबकि गुरुग्राम में सीएनजी की कीमत 86.12 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। यह बढ़ोतरी 15 मई को घोषित 2 रुपये प्रति किलोग्राम और 17 मई को 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के बाद हुई है।

संघर्ष से सफलता तक: सुकमा के बारसे रोशन ने JEE Advanced में बनाई पहचान, जिला प्रशासन करेगा मदद

होनहार को पंख   सुकमा के आदिवासी किसान के बेटे बारसे रोशन ने JEE एडवांस में गाड़े झंडे  जिला प्रशासन उठाएगा बारसे रोशन के पढ़ाई का पूरा खर्च रायपुर, छत्तीसगढ़ के अति-वनांचल (सुकमा) जिले के होनहार आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने JEE एडवांस्ड परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पहले ही प्रयास में कैटेगरी रैंक 634 लाकर और अपनी लगन से IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) तक का सफर तय कर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अंचल का नाम रोशन किया है                  शिक्षा के क्षेत्र में सुदूर और वनांचल क्षेत्र सुकमा के एक आदिवासी छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच रहने वाले एक साधारण किसान के बेटे ने साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। जिले के सुदूर वनाँचल के झापरा क्षेत्र के निवासी आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया है।  जिला प्रशासन बारसे रोशन का किया सम्मान               इस ऐतिहासिक सफलता पर छात्र का उत्साहवर्धन करने के लिए खुद कलेक्टर और जिला प्रशासन आगे आया है। तुंगल डैम में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने छात्र बारसे रोशन को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। पढ़ाई के आड़े नहीं आएगा पैसा कलेक्टर             कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इस मौके पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि रोशन की पढ़ाई की राह में पैसे कभी रोड़ा नहीं बनेंगे। जिला प्रशासन बारसे रोशन की उच्च शिक्षा की पूरी फीस का वहन करेगा, ताकि वह बिना किसी आर्थिक चिंता के देश के शीर्ष संस्थान (IIT) में अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट बन रहा है बच्चों का सारथी            बारसे रोशन की यह बड़ी सफलता किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की सोची-समझी दूरदर्शिता का नतीजा है। जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कलेक्टर श्री अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मुकुन्द ठाकुर के सीधे निर्देशन में क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी के मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी श्री आशीष राम के सतत पर्यवेक्षण में यह संस्थान सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण बच्चों को IIT और मेडिकल जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए निशुल्क तैयार कर रहा है। पर्दे के पीछे के नायक, जिन्होंने बदली तकदीर            इस बड़ी सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर काम कर रही टीम की कड़ी मेहनत छिपी है। प्रबंधन की कमान संभाल रहे संस्थान के मैनेजर श्री सूरज सिंह ने दिन-रात मेहनत कर सुकमा में एक ऐसा अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार किया है, जो आमतौर पर सिर्फ बड़े महानगरों में देखने को मिलता है। इसके साथ ही, क्षितिज संस्थान और कैम्प एकेडमी रायपुर के शिक्षक सुश्री निधि चौहान, अभिषेक नाग, रजनीश पटेल और सोनम सिंह ने बच्चों को न सिर्फ किताबी ज्ञान दिया, बल्कि परीक्षा की सटीक रणनीति और हर मोड़ पर मोटिवेशन देकर इस कठिन परीक्षा के लिए तैयार किया। माता-पिता की आंखों में छलके खुशी के आंसू           बारसे रोशन के माता-पिता दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर परिवार का पेट पालते हैं। जब कलेक्टर ने खुद रोशन को सम्मानित किया और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी ली, तो माता-पिता की आंखें गर्व और खुशी से छलक उठीं। रोशन और सुनील कुमार की यह सफलता आज सुकमा के हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो अपनी गरीबी या पिछड़ेपन की वजह से बड़े सपने देखने से डरता था।          जिला प्रशासन के इस संवेदनशील और दूरदर्शी कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कलेक्टर, सीईओ और उनकी पूरी टीम ने छात्रों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले सालों में सुकमा से ऐसे कई और सितारे निकलेंगे जो देश-दुनिया में जिले का नाम चमकाएंगे।

जनता दर्शन में सीएम योगी का सख्त रुख, अफसरों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए लोगों से उन्होंने व्यक्तिगत मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और समस्याओं के निराकरण का निर्देश दिया। एक बच्ची ने मुख्यमंत्री से उच्च शिक्षा के लिए मदद की गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने लखनऊ के किसी संस्थान में प्रवेश दिलाने का आदेश दिया। पुलिस की अनसुनी व अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर सख्त सीएम योगी ने अफसरों को मॉनीटरिंग कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का आदेश दिया। बूढ़ी मां संग आई बेटी, खुश होकर लौटी लखनऊ की एक बच्ची अपनी बूढ़ी मां के साथ पहुंची। उसने बताया कि इंटरमीडिएट अच्छे अंक से उत्तीर्ण किया है। वह आगे बीटेक करना चाहती है, लेकिन धन के अभाव में दिक्कत हो रही है। सीएम योगी ने उसकी मार्कशीट देखी, फिर कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दो। आपका प्रवेश किसी अच्छे संस्थान में कराया जाएगा। सरकार किसी भी निर्धन या जरूरतमंद की शिक्षा को बाधित नहीं होने देगी। सकारात्मक संदेश पाकर प्रफुल्लित बेटी व मां ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। अवैध कब्जे की शिकायत पर अफसरों से बोले- ‘मॉनीटरिंग कर पीड़ितों को न्याय दिलाइए’ विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों ने मुख्यमंत्री से पुलिस की हीलाहवाली व अवैध कब्जे को लेकर उचित कार्रवाई न होने की शिकायत करते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने हर प्रकरण को सुना, फिर शासन के अफसरों को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि इन मामलों की मॉनीटरिंग करिए। पीड़ित को न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराइए। सीएम ने पीड़ितों को जल्द ही समाधान के लिए आश्वस्त किया। पहले जनपद, मंडल के अधिकारियों से अवश्य मिलिए कुछ फरियादी ऐसे भी आए, जो सीधे ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूछा कि आपने जनपद के किस अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर कुछ फरियादियों ने कहा कि हम सीधे यहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गर्मी बेतहाशा पड़ रही है। आप सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और सबसे पहले अपनी शिकायतें जनपद, मंडल स्तर के अधिकारियों से करें। कई समस्याओं का समाधान वहीं से हो जाएगा।