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7 जुलाई से बुध वक्री: करियर, रिश्ते और धन पर दिखेगा असर

7 जुलाई 2026 से बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार के कारक बुध ग्रह अपनी ही स्वराशि मिथुन में वक्री होने जा रहे हैं. जब भी कोई ग्रह वक्री होता है, तो उसकी चेष्टा शक्ति बढ़ जाती है और वह भूतकाल की रुकी हुई चीजों को दोबारा सामने लाता है. चूंकि मिथुन संवाद और सोच की राशि है, इसलिए इस दौरान कन्फ्यूजन, गैजेट्स में खराबी और बोलते समय गलतफहमियां होना आम बात है. यह वक्री काल 23 जुलाई 2026 तक रहेगा, जब बुध वापस मार्गी हो जाएंगे. आइए जानते हैं कि इस खगोलीय घटना का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है: मेष राशि (Aries) बुध आपके तीसरे भाव (संवाद और पराक्रम) में वक्री होंगे. भाई-बहनों के साथ बातचीत में गलतफहमी हो सकती है. यात्राओं में देरी या रुकावट की आशंका है. सलाह: कोई भी जरूरी ईमेल या मैसेज भेजने से पहले दो बार चेक करें. जल्दबाजी में वित्तीय फैसले न लें. वृषभ राशि (Taurus) बुध आपके दूसरे भाव (धन और वाणी) में वक्री हो रहे हैं. धन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतनी होगी. अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है, लेकिन नया निवेश करने के लिए समय ठीक नहीं है. सलाह: परिवार के साथ बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, कटु शब्दों से बचें. मिथुन राशि (Gemini) बुध आपके पहले भाव यानी लग्न (स्वयं के भाव) में ही वक्री हो रहे हैं. प्रभाव आप पर सबसे ज्यादा दिखेगा. मानसिक रूप से थोड़ा तनाव या खुद पर संदेह (Self-doubt) महसूस हो सकता है. सामाजिक जीवन की गति थोड़ी धीमी होगी. सलाह: सेहत का ध्यान रखें. किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने में जल्दबाजी न करें और खुद को थोड़ा आराम दें. कर्क राशि (Cancer) बुध आपके बारहवें भाव (व्यय और विदेश) में वक्री होंगे. अनपेक्षित खर्च बढ़ सकते हैं जो आपका बजट बिगाड़ सकते हैं. अनिद्रा या बहुत ज्यादा सोचने (Overthinking) की समस्या हो सकती है. सलाह: बजट बनाकर चलें और रात को सोते समय गैजेट्स से दूरी बनाएं ताकि नींद प्रभावित न हो. सिंह राशि (Leo) बुध आपके ग्यारहवें भाव (लाभ और इच्छा) में वक्री होने जा रहे हैं. यह समय आपके लिए आर्थिक रूप से अनुकूल रह सकता है. पुराने अटके काम पूरे होंगे और अचानक धन लाभ के योग बनेंगे. सलाह: दोस्तों या पुराने सहकर्मियों के साथ दोबारा जुड़ने का अच्छा मौका है, लेकिन अहम (Ego) को बीच में न आने दें. कन्या राशि (Virgo) बुध आपके दसवें भाव (करियर और कार्यक्षेत्र) में वक्री हो रहे हैं. ऑफिस में सीनियर्स या सहकर्मियों के साथ कम्यूनिकेशन गैप हो सकता है. नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने में देरी हो सकती है. सलाह: परफेक्शन के पीछे भागने के बजाय चीजों को री-चेक (Review) करने पर ध्यान दें. पुरानी अधूरी योजनाओं को पूरा करें. तुला राशि (Libra) बुध आपके नौवें भाव (भाग्य और लंबी यात्रा) में वक्री होंगे. लंबी दूरी की यात्राओं की योजना में आखिरी समय पर बदलाव करने पड़ सकते हैं. धार्मिक या आध्यात्मिक विचारों में भटकाव महसूस हो सकता है. सलाह: किसी बड़े कांट्रैक्ट या एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने से पहले कानूनी कागजात को अच्छी तरह पढ़ लें. वृश्चिक राशि (Scorpio) बुध आपके आठवें भाव (आयु और गुप्त रहस्य) में वक्री हो रहे हैं. पुराने वित्तीय मुद्दे या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामले दोबारा सामने आ सकते हैं. मानसिक रूप से थोड़े भावुक उतार-चढ़ाव रह सकते हैं. सलाह: पार्टनर के साथ पारदर्शिता बनाए रखें. किसी भी तरह के गुप्त निवेश या जोखिम भरे सौदों से इस दौरान पूरी तरह बचें. धनु राशि (Sagittarius) बुध आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में वक्री होंगे. जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं. पुरानी बातें दोबारा बहस का कारण बन सकती हैं. सलाह: रिश्तों में धैर्य रखें. दूसरों की बात को पूरा सुनें, बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया देने से बात बढ़ सकती है.  मकर राशि (Capricorn) बुध आपके छठे भाव (रोग, ऋण और शत्रु) में वक्री हो रहे हैं. नौकरीपेशा जातकों को काम का दबाव कम महसूस होगा या कोई ऐसी नौकरी मिल सकती है जिसमें शांति अधिक हो. स्वास्थ्य में पेट या त्वचा से जुड़ी छोटी समस्याएं आ सकती हैं. सलाह: खान-पान का ध्यान रखें और पुराने लोन या कर्ज को चुकाने की योजना पर काम करें. कुंभ राशि (Aquarius) बुध आपके पांचवें भाव (शिक्षा, प्रेम और संतान) में वक्री होने जा रहे हैं. प्रेम संबंधों में गलतफहमियां आ सकती हैं. जो लोग शेयर बाजार या सट्टेबाजी से जुड़े हैं, उन्हें बड़ा जोखिम लेने से बचना चाहिए. सलाह: विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी. पुराने क्रिएटिव आइडियाज पर दोबारा काम करने का अच्छा समय है. मीन राशि (Pisces) बुध आपके चौथे भाव (सुख, माता और वाहन) में वक्री होंगे. घर-परिवार में छोटी-मोटी बहस या कलह की स्थिति बन सकती है. इलेक्ट्रॉनिक्स या वाहन में खराबी के कारण अचानक खर्च आ सकता है. सलाह: इस समय घर बदलने या नई प्रॉपर्टी खरीदने की योजना को कुछ समय के लिए टाल देना बेहतर रहेगा. माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें.

दिल्ली में सख्त नीति लागू, अवैध निर्माण पर जेल और जुर्माने का प्रावधान

नई दिल्ली  मालवीय नगर अग्निकांड जैसी घटनाएं रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण और सुरक्षा उल्लंघनों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में साफ किया गया कि अब केवल अवैध निर्माण करने वालों पर ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसा तंत्र विकसित करने की तैयारी की है, जिसमें जिम्मेदारी तय होने पर जेल, भारी जुर्माना और संपत्ति से वसूली तक की कार्रवाई की जा सकेगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि यह सुधार का अंतिम मौका है। जिम्मेदारी तय होने पर जेल, भारी जुर्माना और संपत्ति से वसूली तक होगी जिला स्तर पर संयुक्त जांच समितियां बनेंगी। ये अलग-अलग जगह निरीक्षण करेंगी 1. अब अफसर भी होंगे सीधे जिम्मेदार अब अवैध निर्माण पर केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई नहीं होगी। अगर किसी अधिकारी की लापरवाही मिली तो उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत दो साल तक की सजा और जुर्माने जैसी कार्रवाई होगी। 2. ड्रोन और सैटेलाइट रखेंगे नजर ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल मैपिंग से हर तीन महीने में कंस्ट्रक्शन का रिकॉर्ड तैयार होगा। कहीं नया निर्माण शुरू होते ही संबंधित अफसर को खुद सूचना मिलने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। 3. ऊंची इमारतों की विशेष निगरानी 17.5 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। जहां भी नियमों के विरुद्ध निर्माण काम चल रहा हो, वहां तत्काल निर्माण रोकने, प्राथमिकी दर्ज करने और मालिक पर कार्रवाई की जाए। 4. होटल और ऊंची इमारतें रडार पर जिला स्तर पर संयुक्त जांच समितियां बनेंगी। इनमें पुलिस, फायर सर्विस और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे। ये टीमें गेस्ट हाउस, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य कमर्शियल सेंटर्स का निरीक्षण करेंगी। 5. बिजली-पानी कनेक्शन पर सख्ती जिन भवनों के पास वैध कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें नए बिजली-पानी कनेक्शन और NOC नहीं दिए जाएंगे। अवैध गेस्ट हाउसों और बड़े परिसरों की बिजली-पानी आपूर्ति बंद करने तक का फैसला लिया जा सकता है। 6. डीएम की शक्तियों में बढ़ोतरी संबंधित प्रशासनिक जिलों में काम करने वाले किसी भी विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, कर्तव्यों में विफल रहने वाले अफसरों के खिलाफ तत्काल एक्शन लेने की व्यापक शक्तियां डीएम के पास जल्द ही होंगी। 7. खानपुर और सैनिक फार्म इलाके में अवैध निर्माणों के खिलाफ ऐक्शन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर रविवार को भी संबंधित एजेंसियों ने साउथ दिल्ली के खानपुर और सैनिक फार्म क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। 'सरकार लोगों की सुरक्षा के अपने संकल्प को पूरी गंभीरता के साथ लागू कर रही' रविवार को खानपुर और सैनिक फार्म इलाकों में चलाए गए अभियान के दौरान संबंधित अधिकारियों ने ऐसे निर्माणों का निरीक्षण किया जो निर्धारित मानकों और स्वीकृत योजनाओं के खिलाफ पाए गए। मालवीय नगर के विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि सरकार लोगों की सुरक्षा के अपने संकल्प को पूरी गंभीरता के साथ लागू कर रही है। 1 जून से अब तक 128 प्रॉपर्टी सील, 97 पर चला बुलडोजर एक जून से लेकर अब तक एमसीडी 128 प्रॉपर्टी को सील कर चुकी है, वहीं 97 प्रॉपर्टीज पर बुलडोजर ऐक्शन किया। एमसीडी ने रविवार को साउथ जोन के तहत आने वाले बेगमपुर, खानपुर और सैनिक फार्म इलाके में अवैध रूप से बनी छह प्रॉपर्टीज पर कार्रवाई की। इनमें से तीन पर बुलडोजर चला, जबकि अन्य तीन को सील किया गया। नजफगढ़ जोन में बेड एंड ब्रेकफास्ट का लाइसेंस लेकर चल रही 11 प्रॉपर्टीज को सील किया गया। पटेल नगर में 4 होटल सील रविवार को पटेल नगर में अभियान चलाकर 4 होटल सील किए गए। यह कार्रवाई पटेल नगर के एसडीएम डॉ. नितिन शाक्य के नेतृत्व में की गई।  

6500mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ दमदार प्रीमियम स्मार्टफोन

Motorola ने अपने नये मॉडल Motorola Edge 70 Pro+ में सिर्फ बड़े-बड़े स्पेसिफिकेशन्स देने पर फोकस नहीं किया है, बल्कि इसे एक ऐसा ऑलराउंडर स्मार्टफोन बनाने की कोशिश की है जो नॉर्मल इस्तेमाल से लेकर मल्टीमीडिया और फोटोग्राफी तक हर चीज में अच्छा एक्सपीरियंस दे. आकर्षक डिजाइन, बेहतरीन डिस्प्ले और दमदार हार्डवेयर के साथ यह फोन अपने प्राइस सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश करता नजर आ रहा है. आइए जानते हैं इसके बारे में. Motorola Edge 70 Pro+ Review: डिजाइन Motorola Edge 70 Pro+ की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रीमियम डिजाइन है. फोन का Satin-Luxe फिनिश लुक देता है, जबकि इसका डीप रेड कलर इसे भीड़ से अलग पहचान देता है. खास बात यह है कि फोन में बड़ी 6500mAh बैटरी होने के बावजूद इसकी थिकनेस सिर्फ 7.19mm है. क्वाड-कर्व्ड डिजाइन और पतले बॉडी प्रोफाइल की वजह से यह फोन देखने में काफी आकर्षक लगता है. Motorola Edge 70 Pro+ Review: डिस्प्ले फोन में 6.8 इंच का क्वाड-कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 1.5K रेजोल्यूशन, 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है. स्क्रीन पर वीडियो, गेम्स और सोशल मीडिया कंटेंट काफी शार्प और कलरफुल दिखाई देंगे. अककगी पीक ब्राइटनेस के कारण तेज धूप में भी डिस्प्ले अच्छे से दिखाई देगी. वहीं फोन में दिए गए स्टीरियो स्पीकर्स मल्टीमीडिया एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं. Motorola Edge 70 Pro+ Review: कैमरा फोटोग्राफी के लिए फोन में तीन 50MP रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. खास बात यह है कि इसमें 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस भी मौजूद है, जो 3.5x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करता है. सेल्फी के लिए भी 50MP का ऑटोफोकस कैमरा दिया गया है. इस कीमत के स्मार्टफोन्स में इतनी हाई-रिजोल्यूशन सेल्फी कैमरा और पेरिस्कोप लेंस कम ही देखने को मिलता है. Motorola Edge 70 Pro+ Review: परफॉर्मेंस Motorola Edge 70 Pro+ में MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर दिया गया है. यह 12GB LPDDR5X RAM और 256GB UFS 4.1 स्टोरेज को सपोर्ट करता है. फोन गेमिंग, मल्टीटास्किंग और भारी ऐप्स को आसानी से संभाल सकता है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में सोशल मीडिया, मल्टीटास्किंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान फोन बिना किसी लैग के काम करेंगे. Motorola Edge 70 Pro+ Review: सॉफ्टवेयर मॉडल Android 16 पर बेस्ड Hello UI पर काम करेगा. साथ ही कंपनी की ओर से तीन बड़े Android अपडेट्स 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा किया गया है. इसमें Moto AI, Circle to Search, Gemini इंटीग्रेशन और कैमरा व नोट्स से जुड़े कुछ काम के फीचर्स मिलते हैं, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल को आसान बनाते हैं. Motorola Edge 70 Pro+ Review: बैटरी और चार्जिंग Motorola Edge 70 Pro+ में 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है. फोन नॉर्मल इस्तेमाल में अच्छा खासा बैकअप देता है. खरीदें या नहीं? करीब 48,000 रुपये की कीमत में Motorola Edge 70 Pro+ एक बेहद बैलेंस्ड स्मार्टफोन दिखाई देता है. जहां इस प्राइस रेंज में कई फोन सिर्फ कैमरा या परफॉर्मेंस पर फोकस करते हैं, वहीं Motorola ने एक ऐसा पैकेज पेश करने की कोशिश की है, जो लगभग हर फीचर्स में मजबूत है. ऐसे में अगर आपको 50 हजार से कम में ऐसा ऑलराउंडर प्रीमियम बजट स्मार्टफोन चाहिए, जिसमें बड़ी बैटरी स्मूद डिस्प्ले, बढ़िए डिजाइन और फास्ट परफॉर्मेंस हो तो फिर मोटोरोला का यह स्मार्टफोन आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है.

नायब सिंह सैनी बोले- गुरु अमर दास जी ने समाज को दिया समानता और मानवता का अमूल्य संदेश

अमृतसर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  पंजाब के लुधियाना स्थित अमरपुरा चौक पर श्री गुरु अमर दास जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित 9वें विशाल नगर कीर्तन में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन को 5 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गुरु अमर दास सेवा सोसायटी, श्री सुखमनी सेवा सोसायटी और गुरु अमर दास गुरुद्वारा एवं धर्मशाला चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु जी का ‘पहले पंगत, पीछे संगत’ का संदेश सामाजिक क्रांति का आधार था। गुरु जी ने जात-पात, ऊंच-नीच, सती प्रथा और पर्दा प्रथा का कड़ा विरोध किया। मुख्यमंत्री ने आनंद साहिब की वाणी का जिक्र करते हुए इसे आत्मिक शांति का मार्ग बताया। विरासत सर्किट और वीर बाल दिवस सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हो रहा है। विरासत सर्किट में श्री आनंदपुर साहिब, श्री फतेहगढ़ साहिब, श्री चमकौर साहिब, फिरोजपुर, अमृतसर, खटकड़ कलां, कलानौर और पटियाला शामिल किए गए हैं। ज्योतिसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि, करतारपुर साहिब कॉरिडोर और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह की स्मृति में 'वीर बाल दिवस' ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने बताया कि 1984 दंगों के 121 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नियुक्ति पत्र सौंपे। गुरुओं की स्मृति में ऐतिहासिक कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर के कलेसर में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वन विकसित करने के अलावा सिरसा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चिल्ला साहिब को 9 एकड़ भूमि हस्तांतरित की गई है। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर चेयर स्थापित हुई है। अंबाला के पॉलिटेक्निक और यमुनानगर के मेडिकल कॉलेज का नाम भी गुरु जी पर रखा गया है। इसके अलावा असंध में बाबा फतेह सिंह जी, लाखन माजरा में माता गुजरी जी और यमुनानगर के लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर का स्मारक बन रहा है। स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब, श्री ननकाना साहिब, श्री हेमकुंड साहिब और श्री पटना साहिब की यात्रा के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। कुरुक्षेत्र और सिरसा से नांदेड़ के लिए निशुल्क ट्रेनें चलाई गई हैं। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, चेयरमैन गुरदीप सिंह नीटू व अमरजीत सिंह सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मजाक से सिनेमा हॉल चला सकते हैं, सरकार नहीं', हरियाणा CM नायब सिंह सैनी पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  मुख्यमंत्रीमान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मजाक करने के अलावा कुछ नहीं जानते। उन्होंने कहा कि मजाक सिनेमा हॉल चला सकते हैं, लेकिन वे सरकारें नहीं चला सकते। पंजाब के लोग अब झूठे वादों और खोखले आश्वासनों की राजनीति से थक चुके हैं और विकास, अच्छे शासन और पारदर्शी प्रशासन का एक नया रास्ता चुनने के लिए तैयार हैं। आम आदमी पार्टी पर बोला हमला सीएम सैनी पंजाब के धुरी में थे। उन्होंने यहां कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता खुद को क्रांतिकारी बताते हैं, लेकिन असल में वे अपनी कमियों को छिपाने की कोशिश में दूसरों के काम और उपलब्धियों के बारे में जनता को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि धुरी मुख्यमंत्री का अपना चुनाव क्षेत्र है, फिर भी उन्होंने न केवल पंजाब से, बल्कि धुरी से भी खुद को दूर कर लिया है। पंजाब कभी डेवलपमेंट के मामले में कई राज्यों से बहुत आगे था, लेकिन अपने फायदे के लिए पॉलिटिकल पार्टियों ने इसे पिछड़े राज्यों की कैटेगरी में धकेल दिया है। आज पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सिर्फ अखबारों के विज्ञापन के जरिए लड़ी जा रही है, जबकि जमीन पर कुछ खास नहीं हो रहा है। देश के अन्नदाता हैं पंजाब के किसान सीएम सैनी ने कहा कि पंजाब के किसान देश के अन्नदाता हैं। इन किसानों ने आम आदमी पार्टी पर भरोसा करके 2022 में उसे वोट दिया, लेकिन न तो सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का फायदा मिला है और न ही किसानों को फसल नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ सबसे बड़ा धोखा बताया और कहा कि वे आने वाले चुनावों में इसका जवाब देंगे। इसके उलट, हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सरकार किसानों की सभी फसलें एमएसपी पर खरीदती है। इसी तरह, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का मुआवजा देने में भी हरियाणा बहुत आगे है। हरियाणा ने किसानों को 16,500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी उन्होंने कहा कि पिछले साल बारिश और बाढ़ से फसल खराब होने के बाद हरियाणा ने किसानों को 16,500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी थी। मंडियों में अपनी उपज लाने वाले किसानों को तुरंत ऑनलाइन जे-फॉर्म मिल जाते हैं और पेमेंट 72 घंटों के अंदर उनके अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने हाल ही में खुद को कांग्रेस से आजाद किया है, क्योंकि आप ने लोगों के सामने बड़े-बड़े वादे किए थे और अच्छी-अच्छी तस्वीरें दिखाई थीं। भोले-भाले लोगों ने उन वादों पर भरोसा किया, और पंजाब आज भी इसका नतीजा भुगत रहा है। इसके उलट, भारतीय जनता पार्टी सिर्फ वादे करने में नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करने में यकीन रखती है। पीएम मोदी के विकास के कामों का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए विकास के कामों का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के पिछड़े तबकों की भलाई के लिए कई ऐतिहासिक स्कीमें शुरू की हैं, जिनसे देश भर में लाखों लोगों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि धुरी जैसे तरक्की पसंद शहर कभी आर्थिक गतिविधियों के सेंटर थे, लेकिन मौजूदा सरकार की बेपरवाह नीतियों ने उन्हें विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया है। पंजाब में कई इंडस्ट्री बंद होने की कगार पर हैं। इसके उलट, हरियाणा में डबल-इंजन सरकार ने पिछले साढ़े 11 सालों में लोगों की जिंदगी में अच्छे बदलाव लाए हैं। सीएम सैनी ने कहा कि पारदर्शी शासन के जरिए, कल्याणकारी योजनाओं … Read more

Siri से iOS 27 तक बड़ा बदलाव, WWDC में Apple दिखा सकता है AI का नया चेहरा

आज रात 10:30 बजे होने वाला WWDC 2026 सिर्फ एक टेक इवेंट नहीं है, बल्कि इस बार यह Apple के लिए एक बड़ी परीक्षा जैसा माना जा रहा है. पिछले एक साल में जिस तरह AI ने पूरी टेक इंडस्ट्री को बदल दिया है, उसी के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि ऐपल इस रेस में खुद को कैसे पेश करता है. बता दें कि ये इवेंट ऐपल के सीईओ के तौर पर टिम कुक का आखिरी इवेंट होगा. चूंकि कंपनी के नए सीईओ का ऐलान पहले ही हो चुका है. जॉन टर्नस कंपनी के नए सीईओ होंगे. हालांकि WWDC का कीनोट मौजूदा सीईओ टिम कुक ही पेश करेंगे और ये उनका आखिरी इवेंट होगा. हालांकि वो ऐपल के बोर्ड में बने रहेंगे, लेकिन सितंबर में होने वाला iPhone लॉन्च का कीनोट इस बार कंपनी के नए सीईओ जॉन टर्नस ही पेश करने वाले हैं. चूंकि ऐपल कई साल से अपने इवेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र कर रहा है, लेकिन फोन में दिया गया AI सतही नजर आता है. कई प्रॉमिस भी कंपनी के फेल रहे हैं. इसलिए इस बार लोगों को इस इवेंट से ज्यादा ही उम्मीदे हैं. इस बार का सबसे बड़ा फोकस साफ दिख रहा है, और वो है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. रिपोर्ट्स और लीक के मुताबिक ऐपल अपने वॉयस असिस्टेंट Siri को पूरी तरह से नए अंदाज में पेश कर सकता है. Siri में होगा बड़ा बदलाव कहा जा रहा है कि Siri अब पहले से ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा नेचुरल और ज्यादा पर्सनल हो जाएगा. यानी अब सिर्फ कमांड समझने वाला असिस्टेंट नहीं, बल्कि ऐसा सिस्टम जो आपके सवालों को समझकर कॉन्टेक्स्ट के हिसाब से जवाब देगा. ऐपल इस AI को सीधे iPhone, iPad और Mac के सिस्टम में जोड़ सकता है, जिससे यूजर को अलग से किसी ऐप की जरूरत ही न पड़े. iOS 27 इस इवेंट में सबसे ज्यादा चर्चा iOS 27 को लेकर है. उम्मीद है कि ऐपल इसमें बड़ा डिजाइन बदलाव ला सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इंटरफेस ज्यादा क्लीन, स्मूद और विजुअली मॉडर्न होगा. साथ ही AI फीचर्स को सिस्टम के अंदर ही गहराई से जोड़ा जाएगा. मतलब आप मैसेज लिख रहे हों, फोटो एडिट कर रहे हों या नोट्स बना रहे हों, हर जगह AI आपकी मदद करता दिखेगा. ऐपल का एक और बड़ा फोकस प्राइवेसी पर हो सकता है. जहां बाकी कंपनियां क्लाउड पर AI चला रही हैं, वहीं ऐपल कोशिश कर सकता है कि ज्यादा से ज्यादा AI प्रोसेसिंग डिवाइस के अंदर ही हो. इससे यूजर का डेटा ज्यादा सुरक्षित रहेगा. यही ऐपल की सबसे बड़ी स्ट्रैटेजी भी हो सकती है, क्योंकि प्राइवेसी हमेशा से उसकी पहचान रही है. इसके अलावा macOS, watchOS और visionOS में भी अपडेट देखने को मिल सकते हैं. खासकर Vision Pro के लिए नए फीचर्स और ऐप्स का ऐलान हो सकता है, क्योंकि ऐपल इस प्रोडक्ट को आगे बढ़ाने में काफी जोर लगा रहा है. हार्डवेयर लॉन्च नहीं हार्डवेयर की बात करें तो इस बार उम्मीद कम है कि ऐपल कोई बड़ा नया डिवाइस लॉन्च करेगा. लेकिन कुछ लोग मान रहे हैं कि छोटे-मोटे अपडेट या नए एक्सेसरीज दिख सकते हैं. फिर भी असली गेम सॉफ्टवेयर और AI का ही रहने वाला है. इस बार का WWDC इसलिए भी खास है क्योंकि ऐपल अब तक AI रेस में थोड़ा पीछे माना जा रहा था. Google और Microsoft पहले ही अपने AI प्रोडक्ट्स के साथ काफी आगे निकल चुके हैं. ऐसे में ऐपल पर दबाव है कि वह कुछ ऐसा दिखाए जो सिर्फ नया ही नहीं, बल्कि यूजफुल भी हो. एक और दिलचस्प बात यह है कि ऐपल शायद एआई को बहुत ज्यादा दिखावे के साथ पेश नहीं करेगा. उसकी कोशिश हो सकती है कि AI को बैकग्राउंड में रखकर उसे रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनाया जाए. यानी यूजर को अलग से एआई इस्तेमाल करने की जरूरत न पड़े, बल्कि वह खुद ही हर जगह काम करता रहे. कुल मिलाकर देखा जाए तो WWDC 2026 Apple के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है. अगर कंपनी इस बार सही तरीके से AI को अपने इकोसिस्टम में फिट कर पाती है, तो वह फिर से गेम बदल सकती है. लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह साफ हो जाएगा कि AI की इस नई दुनिया में ऐपल को अभी और मेहनत करनी पड़ेगी

बड़ी पुलिस कार्रवाई! मंत्री काफिला हमला मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत 7 आरोपी गिरफ्तार

मधुबनी. खजौली थाना क्षेत्र के ठाहर गांव में मंत्री अरुण शंकर के काफिले पर हुए हमले और हिंसक बवाल के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया है कि घटना के बाद चलाए गए विशेष अभियान में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित सुनील कुमार सिंह भी शामिल है। एसपी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार देर रात सदर एसडीएम, चार एसडीपीओ तथा दस थानों की पुलिस टीम के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। रात 11 बजे से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान ठाहर एवं उसके आसपास के गांवों में एक साथ दबिश दी गई।  तड़के तक चले अभियान में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं।  मामला पूरी तरह सुनियोजित साजिश  एसपी योगेन्द्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पूरी तरह सुनियोजित साजिश का प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपित सुनील कुमार सिंह पर भीड़ को भड़काने तथा मंत्री के आगमन की सूचना प्रसारित कर लोगों को एकत्रित करने का आरोप है। पुलिस को मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। एसपी के अनुसार छापेमारी के दौरान आरोपितों के पास से छह मोबाइल फोन, लाठी-डंडे, पेट्रोल से भरी बोतलें तथा कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।  कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही बरामद मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, जिससे घटना के पीछे सक्रिय लोगों और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि युवक की मौत के बाद उत्पन्न जनाक्रोश का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल को भड़काने का प्रयास किया।  उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। ज्ञात हो कि ठाहर गांव में सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश था। इसी बीच मंत्री अरुण शंकर पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे थे।  घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव आरोप है कि इसी दौरान उग्र भीड़ ने काफिले को घेर लिया और वाहनों में तोड़फोड़ की। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। एसपी योगेन्द्र कुमार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संत कबीर टेक्सटाइल पार्क योजना से यूपी बनेगा टेक्सटाइल हब

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योगी सरकार ने वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर और बिजनौर में पांच बड़े टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना बनाई है। इन पार्कों के लिए कुल 326 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित की गई है और सभी भूमि पार्सलों के हस्तांतरण को मंत्रिमंडल की मंजूरी भी मिल चुकी है। इस योजना के तहत वाराणसी के रामना में 75 एकड़, अमरोहा में 79.825 एकड़, बरेली के बहेड़ी में 79.580 एकड़, संत कबीर नगर के मगहर में 39.490 एकड़ तथा बिजनौर के नगीना में 52.910 एकड़ भूमि पर पार्क विकसित किए जाएंगे। सभी परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर स्थापित होंगी। सरकार का लक्ष्य निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है तथा भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नादर्न इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (NITRA) द्वारा वाराणसी पार्क की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है, जबकि शेष चार पार्कों की संशोधित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उद्योग जगत के सुझावों को शामिल करते हुए इन रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जाएगा। वाराणसी के रामना टेक्सटाइल पार्क को शीघ्र विकसित करने के लिए संपर्क मार्ग निर्माण का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। सड़क निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंध की कार्यवाही प्रगति पर है। वहीं बिजली आपूर्ति के लिए 132 केवी उपकेंद्र, ट्रांसमिशन लाइन और 33 केवी विद्युत अवसंरचना की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे पार्क को निर्बाध विद्युत उपलब्ध कराई जा सके। पीपीपी आधारित निविदा दस्तावेज हो रहे तैयार योगी सरकार पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप परियोजनाओं को विकसित करने पर भी विशेष जोर दे रही है। पर्यावरण स्वीकृति, भूजल उपयोग और वन विभाग की अनापत्ति से संबंधित प्रक्रियाएं जारी हैं। इसके साथ ही चार अन्य पार्कों के लिए मास्टर डेवलपर चयन के लिए पीपीपी आधारित निविदा दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। उद्योगों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद सरकार को इन परियोजनाओं में बड़े निवेश की उम्मीद है। यूपी सरकार मानना है कि संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल निर्माण, रेडीमेड गारमेंट्स, तकनीकी वस्त्र और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

बाढ़ के खतरे को रोकने की तैयारी, मानसून से पहले नालों से निकाली जा रही गाद

चंडीगढ़. मानसून 20 दिन बाद शहर में दस्तक दे देगा। पहाड़ों से बहकर आने वाला पानी सुखना चो, पटियाला की राव और एन चो से होकर चंडीगढ़ के बीच में से गुजरता है। पिछले कई वर्षाें से यह पानी बाढ़ का रूप लेकर शहर का जीवन प्रभावित करने लगा है। ट्राइसिटी के  फेफड़े  मोरनी हिल्स  के जंगलों का सर्वे  के लिए   60 रिटायर्ड पटवारी और 4 कानूनगो तैनात करने के आदेश हैं। इसको देखते हुए चंडीगढ़ ने जलीय आपदा से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इन बरसाती नदियों से बाढ़ आने का मुख्य कारण कमजोर तटबंध, तलहटी में जमी गाद से क्षमता घटना रहे हैं। इस वजह से चंडीगढ़ प्रशासन ने इससे निपटने का प्लान तैयार कर उस पर ग्राउंड स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। सुखना रेगुलेटरी एंड से गाद निकालने की शुरुआत हुई थी। अब पटियाला की राव से भी गाद निकाली जा रही है। सुखना रेगुलेटरी एंड पर गाद निकालने का काम 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब पटियाला की राव से गाद निकालनी शुरू की गई है। पटियाला की राव भी धनास, खुड्डा लाहौरा, डड्डू माजरा जैसे एरिया को प्रभावित करती है। पानी रेजिडेंशियल एरिया में दाखिल हो जाता है। डंपिंग ग्राउंड का गंदा पानी कालोनी एरिया में घुसने से बीमारी फैलने का डर रहता है। इसी तरह से एन चो रोज गार्डन और शहर के अंदरूरी हिस्से को प्रभावित करता है। अगर रेगुलेटरी एंड और पटियाला की राव की गाद निकल जाती है तो इनकी गहराई बढ़ जाएगी और अत्यधिक पानी आने पर भी वह बाहर नहीं आएगा। साथ ही सुखना चो में भी पानी एकदम से नहीं छोड़ना पड़ेगा। पंचकूला मोहाली तक को होगा फायदा इनसे केवल चंडीगढ़ ही पंचकूल और मोहाली तक प्रभावित रहते हैं। सुखना चो में एकदम ज्यादा पानी छोड़ने से जीरकपुर बलटाना का काफी हिस्सा जलमग्न हो गया था। बलटाना पुलिस चौकी तक सुखना चो की वजह से डूब गई थी। आस-पास के एरिया में पानी भर गया था। इतना ही नहीं सुखना चो आगे जाकर घग्गर नदी में ही गिरती है। इससे घग्गर का जलप्रवाह बढ़ने से पंचकूला के एरिया में भी बाढ़ का खतरा रहता है। यूटी चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग विभाग ने सुखना लेक के रेगुलेटर एंड पर सूखे क्षेत्र की डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) का कार्य शुरू किया था। अभी तक रेगुलेटरी एंड से 40 प्रतिशत गाद निकालने का कार्य पूरा किया जा चुका है। विशेषज्ञ एजेंसियों की सिफारिशों के आधार पर सूखे झील क्षेत्र से गाद निकालने और निकाली गई मिट्टी का उपयोग झील के आसपास मौजूद तटबंधों और पैदल मार्गों को मजबूत बनाने में किया जा रहा है। परियोजना के तहत लगभग 351 मीटर स्तर तक खुदाई की जा रही है। कुल मिलाकर करीब 34,000 घन मीटर मिट्टी निकालने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब नौ हजार घन मीटर मिट्टी निकाली जा चुकी है, जिसका उपयोग तटबंधों को सुदृढ़ करने में किया गया है। पटियाला की राव से निकाली जा रही गाद पटियाला की राव से आई बाढ़ के कारण पिछले वर्ष डड्डूमाजरा, धनास और आसपास क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हुई थी। इसको देखते हुए गाद निकालने काे मंजूरी मिली है। मंजूरी के बाद मनोनीत पार्षद सतिंदर सिंह सिद्धू ने पटियाला की राव से गाद निकालने का कार्य शुरू कराया। सिद्धू ने कहा कि बाढ़ की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन विभाग एवं इंजीनियरिंग विभाग को समन्वित कार्रवाई करनी चाहिए। यह कार्य क्षेत्र को बाढ़ से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। हजारों क्यूबिक मिट्टी निकाली जाएगी इससे तटबंध मजबूत होंगे। साथ ही जल सहेजने की क्षमता बढ़ेगी।

भीषण गर्मी के बीच राहत के आसार, पटना समेत 7 जिलों में बारिश की चेतावनी

पटना बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम के मिजाज बदलने के आसार हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक अगले दो से तीन घंटों में सात जिलों के 51 प्रखंडों में बारिश के साथ तेज हवा बहने से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस दौरान मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की ओर से लोगों खासकर किसानों को सचेत रहने की चैतावनी दी है। मौसम विभाग की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि राजधानी पटना के साथ खगड़िया, जमुई, नालंदा, बांका, भागलपुर, मुंगेर जिलों में अगले दो से तीन घंटों में बारिश होगी। इस दौरान करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की दर से तेज हवा भी चलेगी। बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात गिरने के भी आसार हैं। खगड़िया के दो प्रखंडों, जमुई के एक, पटना के आठ, नालंदा के 13 प्रखंडों में बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल जाएगा। इन जिलों में आसमान का रंग बदल गया है। इसके अलावे बांका के साथ, भागलपुर के 11 और मुंगेर के 9 प्रखंडों में बारिश के आसार जताए गए हैं। बिहार बीते कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में है। दिन में 11 बजे से दो बजे के बीच बाहर निकलना काफी खतरनाक हो सकता है। तापमान लगभग चालीस डिग्री सेल्सियस के आस पास देखा जा रहा है। कई जिलों में जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। गर्मी के कारण आग लगने की संभावना भी काफी बढ़ गई है। राज्य के पूर्णिया जिले में तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर होते-होते गर्मी का असर इतना बढ़ गया कि बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई। भीषण गर्मी के कारण अधिकांश लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे, जबकि आवश्यक कार्यों से बाहर निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सुबह के समय आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे धूप और छांव का सिलसिला चलता रहा। इसके बावजूद उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। राहगीरों को शुद्ध पेयजल की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ा और कई लोगों को दुकान से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी।

मानसून की एंट्री करीब, मौसम विभाग ने जारी की बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, लेकिन रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत ज्यादार हिस्सों में भीषण गर्मी जारी है. दिन में धूप की तपिश और रात में गर्म हवाओं और उमस से लोगों को परेशानी का सामने करना पड़ रहा है. बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ है. मौसम विभाग ने 12 जून से बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना जताई है. प्रदेश में रविवार को मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा तापमान रायपुर में 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं सबसे न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. इसके अलावा कुछ इलाकों में पानी भी बरसा. कुसमी में 7 सेमी, कापू में 3 सेमी और बलरामपुर, कांसाबेल, पोदी उपरोरा में 1 सेमी बारिश हुई.  4 दिनों में छत्तीसगढ़ पहुंचेगा मानसून  मौसम विज्ञानी एच. पी. चंद्रा ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के कुछ भाग, असम और अरुणाचल प्रदेश में आज दिनांक 7 जून को पहुंच गया है। इसके आगे बढ़ने के लिए  परिस्थितियों अनुकूल है. अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना के कुछ भाग आंध्र प्रदेश के कुछ भाग, तमिलनाडु के शेष भाग, छत्तीसगढ़ के कुछ भाग, उड़ीसा के कुछ भाग, उप हिमालयीन पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ भाग में पहुंचने की संभावना है। प्रदेश में सोमवार को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटें पड़ने की संभावना है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ अंधड़ के आसार हैं. फिलहाल अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना है. वजहीन 12 जून के बाद बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग ने दिन में बादल छाए रहने के अलावा बारिश या आंधी की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तामपान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. प्रमुख शहरों के तापमान बालोद में 41.7 डिग्री सेल्सियस  बेमेतरा में 41.5 डिग्री सेल्सियस कवर्धा में 41.5 डिग्री सेल्सियस  दुर्ग में 41.2 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में 41 डिग्री सेल्सियस  राजनांदगांव में 40.9 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस  अंबिकापुर में 36.6 डिग्री सेल्सियस