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दंबुला में वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक खेल, बिना छक्के 200 के स्ट्राइक रेट से खेली तेज पारी

 दांबुला श्रीलंका के दांबुला स्थित रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई नेशन A सीरीज 2026 के मुकाबले में भारत A के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरीं. अफगानिस्तान A के खिलाफ गुरुवार (11 जून) को मुकाबले में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे वैभव ने सिर्फ 22 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली. आमतौर पर बड़े शॉट्स और छक्कों के लिए पहचाने जाने वाले वैभव इस बार अलग अंदाज में नजर आए. उन्होंने पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया, लेकिन चौकों की ऐसी बरसात की कि अफगानिस्तान A के गेंदबाज दबाव में आ गए. उनकी पारी में कुल 9 चौके शामिल रहे और स्ट्राइक रेट 200 रहा.   भारत A की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पारी की शुरुआत की. अफगानिस्तान A ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, लेकिन वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने नई गेंद का फायदा उठाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेले और टीम को तेज शुरुआत दिलाई. हालांकि शानदार अर्धशतक की ओर बढ़ रहे वैभव सातवें ओवर में आउट हो गए. पारी के 7.1 ओवर में अब्दुल्ला अहमदजई की शॉर्ट गेंद पर उन्होंने बैकफुट से गाइड करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर इशाक रहीमी के दस्तानों में चली गई. इस तरह वैभव 22 गेंदों में 44 रन बनाकर पवेलियन लौटे. हालांकि वैभव, जिस तरह आउट हुए उस तरीके पर सवाल भी उठे. आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी, क्योंकि वह आसानी से अपना अर्धशतक पूरा कर सकते थे. फिर भी उनकी पारी ने यह दिखा दिया कि वह सिर्फ बड़े शॉट्स के भरोसे नहीं, बल्कि क्लासिकल स्ट्रोकप्ले और टाइमिंग के दम पर भी तेजी से रन बना सकते हैं. यही वजह है कि उनकी यह पारी कई क्रिकेट प्रेमियों को विराट कोहली के शुरुआती दिनों की याद दिला गई, जब चौकों के जरिए रन गति बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी. खास बात यह है कि व‍िराट कोहली भी छक्के जड़ने से ज्यादा इन‍िंग बिल्ट करने में व‍िश्वास करते हैं, उसी अंदाज में वो वैभव भी खेलने उतरे थे. इससे पहले श्रीलंका ए के ख‍िलाफ मंगलवार को हुए मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए थे, तब भी उन्होंने 3 चौके जड़े थे. आईपीएल 2026 में 72 छक्के जड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी फ‍िलहाल तो अब तक चौकों में ही डील करते नजर आए हैं. भारत A प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विपराज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज. अफगानिस्तान A प्लेइंग XI: इमरान मीर (कप्तान) ,हसन ईसाखिल, खालिद तनीवाल, इजाज अहमद अहमदजई, बहिर शाह, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर),फरमानुल्लाह, अब्दुल्ला अहमदजई, खलील गुरबाज, मोहम्मद इब्राहिम, जहीर खान

खान सर विवाद के बाद सरकार सख्त, बिना मान्यता चल रहे स्कूलों को जारी हुआ नोटिस

पटना  बिहार की राजधानी पटना में शुरू हुए खान सर कोचिंग विवाद के बाद सरकार ने कोचिंग सेंटर और स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस बीच सरकार को जानकारी मिली है कि राज्य में 37 हजार निजी (प्राइवेट) स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। अब सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने इन प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बिना मान्यता वाले स्कूलों को मान्यता के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। प्राइवेट स्कूलों को 15 दिन का दिया टाइम शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम की समीक्षा के दौरान विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीइओ) को निर्देश दिया है कि बिना अनुमति चल रहे निजी विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर मान्यता प्राप्त करने के लिए नोटिस जारी करें। 15 दिन के बाद अगर कोई प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चलते हुए पाया जाता है तो फिर उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बिहार में कितने प्राइवेट स्कूलों को मान्यता प्राप्त? बिहार में वर्तमान में 19186 प्राइवेट स्कूलों को मान्यता प्राप्त है। जबकि 1012 विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद राज्य में लगभग 37 हजार से अधिक प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। ये आंकड़े शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सामने आए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला स्तर पर लंबित मान्यता आवेदनों का शीघ्र निपटारा किया जाये। साथ ही ऐसे विद्यालय जो अब तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं कर पाये हैं, उन्हें अंतिम अवसर दिया जाए। 1 जुलाई से सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की होगी जांच बिहार में संचालित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। 1 से 31 जुलाई तक सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की सघन जांच की जाएगी। शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्राधिकार के जिलों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कराने का निर्देश दिया है।  

जालंधर डॉक्टर डेथ केस: करोड़ों का लोन, रिश्तों में दरार और कई अनसुलझे सवाल, सामने आई पूरी कहानी

 जालंधर  पंजाब के जालंधर में सरकारी लेडी डॉक्टर डॉ. मीनाक्षी सूद की मौत के बाद उनके पति और नेशनल आई केयर हॉस्पिटल से जुड़े डॉक्टर पीयूष सूद पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. लेडी डॉक्टर के परिजनों का दावा है कि डॉ. मीनाक्षी लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना कर रही थीं. परिवार ने पति पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, मारपीट और उनकी जानकारी के बिना उनके नाम पर करोड़ों रुपये का लोन लेने के आरोप लगाए हैं. वहीं पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  मृतका के पिता प्रमोद कुमार के मुताबिक उनकी बेटी की शादी अक्टूबर 2018 में डॉक्टर पीयूष सूद के साथ हुई थी. परिवार का आरोप है कि शादी के बाद खरीदी गई थार गाड़ी का लोन डॉ. मीनाक्षी के नाम पर लिया गया था और उसकी किश्तें भी वही भर रही थीं. परिजनों का दावा है कि बाद में अस्पताल और अन्य कामों से जुड़े लोन भी उनके नाम पर लिए गए।  पति से रह रही थीं अलग  पिता का कहना है कि जुलाई 2025 से उनकी बेटी पति से अलग रह रही थी. परिवार के अनुसार कुछ दिन पहले जब डॉ. मीनाक्षी बैंक में मकान खरीदने से संबंधित प्रक्रिया के लिए पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये का लोन चल रहा है. परिजनों का आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे. इसके बाद वह काफी परेशान रहने लगी थीं. मृतका की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ कई बार मारपीट की गई. परिवार का दावा है कि डॉक्टर पीयूष सूद कई मौकों पर खुद फोन कर मारपीट की बात स्वीकार करते थे और बाद में माफी मांगते थे. पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी उनकी बेटी का गला घोंटकर जान लेने की कोशिश की गई थी. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  नर्स के साथ अफेयर का भी आरोप  परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर पीयूष सूद का अस्पताल में काम करने वाली एक महिला के साथ कथित संबंध था. पिता के अनुसार जब डॉ. मीनाक्षी को इस बात का संदेह हुआ तो उन्होंने अस्पताल के CCTV फुटेज की जांच की. परिवार का दावा है कि फुटेज में दोनों को साथ देखा गया. परिजनों का कहना है कि संबंधित फुटेज पुलिस को भी उपलब्ध कराए गए हैं. थाना नंबर 6 के प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि महिला डॉक्टर की मौत के मामले में परिजनों के बयानों के आधार पर BNS की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया गया है।  उन्होंने कहा कि आरोपी पति से अभी पूछताछ नहीं हो पाई है और कानूनी प्रक्रिया जारी है. एएसआई सतपाल के अनुसार सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी. घर के दरवाजे बंद थे. लोगों की मौजूदगी में घर का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां डॉक्टर मीनाक्षी का शव जमीन पर पड़ा मिला. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार  मृतका की मां का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी बेटी की मौत किन परिस्थितियों में हुई. परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. मृतका के पिता के अनुसार बेटी मार पिटाई से तंग थी, इसलिए वह डॉक्टर पीयूष से अलग रहने लगी थी।  नया मकान बनाना चाह रही थी  पिता का कहना है कि जून 2026 में वह अपना मकान लेने का प्लान बना रही थी. मकान लेने के लिए कुछ दिन पहले जब बैंक में गई तो पता चला कि उसने नाम पर 2.5 करोड़ का लोन चल रहा है. जबकि कागजों पर उसके साइन भी नहीं थे. पिता प्रमोद ने बताया कि अब बेटी तलाक लेना चाहती थी. मैंने बेटी को कहा था कि तुम्हारा कोर्ट से तलाक करवा देते हैं. तुम कुछ देर रुक जाओ. इस बीच लोन की बात पता चल गई जिससे बेटी परेशान हो गई. उन्होंने बताया कि मीनाक्षी कपूरथला के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थी. पिता ने कहा कि डॉक्टर पीयूष ने ही बेटी को मरने के लिए मजबूर किया है. परिवार की मांग है कि पुलिस डॉक्टर पीयूष को अरेस्ट करे और इंसाफ दिलाए। 

ममता को एक और बड़ा झटका? देर रात बागी नेताओं ने शुभेंदु से की मुलाकात, सायोनी घोष की मौजूदगी से बढ़ी चर्चा

नई दिल्‍ली ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस तिनका-तिनका होती नजर आ रही है. विधायकों के एक बड़े ग्रुप के ऋतब्रत बनर्जी के साथ जाने के बाद अब टीएमसी लोकसभा सांसदों का एक ग्रुप भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने जा रहा है, जल्‍द ही इसका ऐलान हो सकता है. बीती रात टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल, माला रॉय, मिताली बाग और सायोनी घोष केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे. इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी पहुंचे, जिससे नई अटकलों का दौर शुरू हो गया है. क्‍या टीएमसी के बागी लोकसभा सदस्‍य बीजेपी का हाथ थामने जा रहे हैं? भूपेंद्र यादव के घर एक घंटा चली बागी TMC सांसदों की बैठक  भूपेंद्र यादव के घर मुख्‍यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई बागी टीएमसी सांसदों की बैठक में क्‍या बात हुई, ये तो सामने नहीं आई है. लेकिन इतने जरूर संकेत मिल रहे हैं कि टीएमसी बिखर रही है और जल्‍द ही कोई बड़ा ऐलान हो सकता है. बताया जा रहा है कि सायोनी घोष समेत 4 से 5 टीएमसी सांसद इस बैठक में शामिल हुए. ये बैठक लगभग एक घंटे तक चली. हैरानी की बात ये रही कि इस बैठक में टीएमसी के बागी लोकसभा सांसदों का नेतृत्‍व करने का दावा कर रहीं काकोली घोष इस बैठक में नहीं पहुंचीं. सूत्रों की मानें तो अब टीएमसी के बागी ग्रुप में ज्‍यादा से ज्‍यादा समर्थन जुटाने पर जोर है. टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 19 बागी हो गए हैं।  बागियों में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा और यूसुफ पठान का भी नाम!   सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में बीजेपी संग टीएमसी नेताओं की और भी बैठकें हो सकती हैं. बता दें कि बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षर करके एक पत्र भी सौंपा है, जिसमें 19 सांसदों के नाम हैं. इन नामों में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा और यूसुफ पठान का भी नाम है. काकोली घोष इस बागी सांसदों के ग्रुप का नेतृत्‍व कर रही हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से ऐसी कोई लिस्‍ट जारी नहीं की गई है, जिसमें ये कहा गया हो कि उनकी पार्टी के सांसद बागी हो रहे हैं।  ममता बनर्जी ने 1 जनवरी, 1998 को कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की. उन्होंने देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के नेतृत्व पर पश्चिम बंगाल में तत्कालीन सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ आंदोलन संगठित करने में अनिच्छा का आरोप लगाया था।  क्‍या TMC का कांग्रेस में होने जा रहा विलय? ममता बनर्जी की दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से हुई मुलाकात के बाद दोनों पार्टियों के संभावित गठजोड़ को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं. इसी बीच टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने इन चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास 64 विधायक है और आगे ये संख्या बढ़ेगी, लेकिन कोई भी कांग्रेस में शामिल होने वाले नहीं है. ममता बनर्जी की कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से हुई बैठक और बुधवार को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अभिषेक बनर्जी की अलग से हुई बैठक के बाद टीएमसी के कांग्रेस में पुनर्विलय की अटकलों को बल मिला. ममता बनर्जी के कोलकाता लौटने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों ने उनसे तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में पुनर्विलय की संभावना के बारे में पूछा. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री बिना कुछ कहे जल्दी से अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से चली गईं। 

गुरु रंधावा के जिम पर ताबड़तोड़ गोलियां, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दावा; दिल्ली में सनसनी

 नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के मालिकाना हक वाले एक जिम के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग की गई है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।  इस सनसनीखेज हमले की जिम्मेदारी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित पोस्ट और ऑडियो क्लिप के जरिए गैंग ने इस फायरिंग का दावा किया है।  वायरल ऑडियो में कथित तौर पर गैंग के एक सदस्य को यह कहते सुना जा सकता है कि गुरु रंधावा के अभिनेता सलमान खान के साथ करीबी रिश्ते हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया है. ऑडियो में इस हमले को महज एक 'ट्रेलर' बताया गया है।  पुलिस कर रही है जांच घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और जिम के बाहर के विजुअल्स और सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या यह वाकई गैंग की ही हरकत है या किसी ने दहशत फैलाने के लिए इस नाम का इस्तेमाल किया है।  दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वायरल हो रहे ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।  दिल्ली पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा, 11 जून 2026 की सुबह तड़के थाना पश्चिम विहार ईस्ट में "24 आवर्स फिटनेस" जिम, पुष्कर एन्क्लेव, पश्चिम विहार, दिल्ली में फायरिंग की घटना संबंधी एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई. प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि चेहरे को कपड़े से ढके हुए बाइक सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने जिम के शीशों पर कुछ राउंड फायरिंग की. इस घटना में किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है. स्थानीय पुलिस और जिला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है तथा मामले में उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है. आरोपियों की पहचान, उनकी तलाश और जल्द गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती

मंत्री सारंग ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम से छोला मंदिर में हनुमान जी को गदा की अर्पित प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने पर सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल के सबसे प्राचीन मंदिर छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर में कार्यकर्ताओं के साथ भव्य महाआरती एवं सामूहिक संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ किया। मंत्री सारंग ने खेड़ापति हनुमान जी के चरणों में प्रधानमंत्री मोदी के नाम की गदा अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुदृढ़ नेतृत्व तथा राष्ट्रसेवा के सफल एवं यशस्वी भविष्य के लिए मंगलकामनाएं कीं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, आत्मनिर्भरता, डिजिटल नवाचार, गरीब कल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व पटल पर अपनी एक सशक्त, आत्मविश्वासी एवं निर्णायक राष्ट्र के रूप में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा, समर्पण और सुशासन को राजनीति का आधार बनाकर करोड़ों देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। आज भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार, आर्थिक प्रगति तथा सांस्कृतिक गौरव के नए युग में प्रवेश कर चुका है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक निरंतर निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने का गौरवपूर्ण कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। यह उपलब्धि केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की जनता के अटूट विश्वास, उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता तथा राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, कार्य संस्कृति एवं राष्ट्र प्रथम का भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। नरेला के सभी मंदिरों में आयोजित हुए कार्यक्रम मंत्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा के समस्त प्रमुख मंदिरों पर धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन किये गये। इस अवसर पर मंदिरों में पूजन, आरती एवं राष्ट्र की समृद्धि और प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गई। उन्होंने बताया कि यह अवसर प्रत्येक भारतीय और कार्यकर्ताओं के लिए गौरव, प्रेरणा और उत्सव का विषय है।  

सीमा पर बवाल: BSF की कार्रवाई के बाद घुसपैठियों का हंगामा, भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बढ़ा तनाव

कलकत्ता पूर्वोत्तर के राज्य मेघालय और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बुधवार को बवाल हो गया. दरअसल, सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा कथित रूप से एक बांग्लादेशी नागरिक को वापस भेजने की कार्रवाई के बाद दोनों देशों की सीमा पर भारी भीड़ जमा हो गई और पथराव की घटनाएं सामने आईं. घटना मेघालय के दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिले के महेंद्रगंज क्षेत्र स्थित नंदिर चार सीमा इलाके की बताई जा रही है।  स्थानीय सूत्रों के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था. सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लेने के बाद BSF ने उसे बांग्लादेश की ओर वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की. हालांकि मामला उस समय उलझ गया जब बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) और सीमा पार मौजूद स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर उस व्यक्ति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।  बताया जा रहा है कि BGB के इनकार के बाद वह व्यक्ति दोनों देशों की सीमा के बीच फेंसिंग के पास ही फंस गया. इससे इलाके में भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो गई. स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति ने खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया था, लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेश की ओर से उसे अपने कब्जे में लेने से इनकार कर दिया गया. घटना की खबर फैलते ही सीमा के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे. देखते ही देखते सैकड़ों लोग सीमा के पास पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।  दोनों तरफ से हुई पत्थरबाजी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सीमा पर जुटी भीड़ के बीच कहासुनी के बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी बाड़ के आर-पार पत्थर फेंके गए, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई. हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. BSF और BGB दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।  सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे हैं. इन वीडियो में सीमा के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और तनावपूर्ण माहौल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. हालांकि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।  हालात पर नजर, बातचीत से समाधान की कोशिश सूत्रों के मुताबिक, मामले को सुलझाने के लिए दोनों देशों के सीमा प्रबंधन तंत्र के तहत बातचीत की संभावना है. BSF और BGB के अधिकारी स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार संपर्क में हैं और स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल नंदिर चार सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और सीमा पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से सहयोगात्मक सीमा प्रबंधन की व्यवस्था रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों की एजेंसियां बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकाल लेंगी और सीमा क्षेत्र में शांति बहाल हो जाएगी। 

मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात! ईरान ने बहरीन, कुवैत और होर्मुज में खोला मोर्चा, दुनिया की बढ़ी चिंता

तेहरान  अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव एक बार फिर खुली सैन्य भिड़ंत में बदलता दिखाई दे रहा है. अमेरिका के ताजा हमलों के बाद ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया कि होर्मुज स्ट्रेट को "अगले आदेश तक" बंद कर दिया गया है।  IRGC के मुताबिक, गुरुवार तड़के कुवैत के अली अल सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर ड्रोन हमले किए गए. इनके अलावा बहरीन में शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया. संगठन का दावा है कि ये कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर किए गए नए सैन्य हमलों के जवाब में की गई है और अमेरिका के 18 प्रमुख सैन्य संपत्तियों को तबाह कर दिया है. ईरान ने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से "अवैध रूप से" गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों पर भी हमले किए गए हैं।  ईरानी सेना ने अमेरिका पर अप्रैल में हुए युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि अमेरिकी सेना लगातार ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई कर रही है, जिसके कारण जवाबी कदम उठाने पड़े. IRGC ने साफ चेतावनी दी कि होर्मुज से गुजरने वाला हर तरह का समुद्री यातायात अब प्रभावित होगा।  बहरीन में ईरानी हमलों का टारगेट फिफ्थ फ्लीट IRGC ने दावा किया कि आर्मी के ड्रोन हमलों की इस लहर में, फिफ्थ फ्लीट के पैट्रियट सिस्टम के कम्युनिकेशन एंटीना और रडार इंस्टॉलेशन को निशाना बनाया गया है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, जॉर्डन में स्थित अल-अजराक एयर बेस और मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस पर जोरदार विस्फोटों की खबर सामने आई है. ये दोनों सैन्य ठिकाने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौजूदगी और अमेरिकी अभियानों के समर्थन के लिए जाने जाते हैं. हालांकि विस्फोटों की वजह और नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।  दूसरी तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हमले किए गए. अमेरिका का कहना है कि ये हमले ईरान की "लगातार और अनुचित आक्रामकता" के जवाब में किए गए हैं।  अमेरिका के ताजा हमले का कहां-कहां हुआ असर? ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सीरिक और करगान जैसे इलाकों में जोरदार विस्फोट हुए. दक्षिणी शहर करगान में हुए धमाकों में कम से कम दो लोगों के घायल होने की भी खबर है. इससे पहले बीते दिन अमेरिका ने केशम द्वीप, सीरिक, जास्क और बंदर अब्बास के आसपास सैन्य ठिकानों, रडार और सर्विलांस सिस्टम को निशाना बनाया था।  होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हेलीकॉप्टर मार गिराया गया यह पूरी घटना उस घटना के बाद सामने आई है जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. बुधवार को ईरान ने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और जॉर्डन के अज्राक एयर बेस को निशाना बनाने का दावा किया था।  इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर शांति वार्ता को जानबूझकर लंबा खींचने का आरोप लगाया है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान पर "बहुत कड़ा प्रहार" करेगा. जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि देश किसी भी दबाव या धमकी के सामने झुकने वाला नहीं है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। 

SUV सेगमेंट में फिर धमाका करेगी Hyundai, CRETA के बाद CNG मॉडल लाने की तैयारी तेज

 नई दिल्ली हुंडई भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पुरानी पोजिशन को दोबारा हासिल करने की कोशिश में लगी हुई है. कभी ये भारतीय बाजार की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी थी, जो अब चौथे नंबर पर पहुंच गई है. कंपनी मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट में एक नया मॉडल लॉन्च करने वाली है, जो क्रेटा से अलग होगा।  हम बात कर रहे हैं हुंडई बेयॉन (Hyundai Bayon) बेस्ड एसयूवी की, जिसे भारत में टेस्टिंग के वक्त स्पॉट किया गया है. इस एसयूवी का कोडनेम Bc4i है, जिसे हाल में भारत में टेस्टिंग के वक्त स्पॉट किया गया है. स्पाई फोटोज से इस एसयूवी के डिजाइन का अंदाजा लगाया जा सकता है।  कब लॉन्च होगी SUV? कंपनी इस कार को जुलाई से सितंबर 2026 के बीच में कभी लॉन्च कर सकती है. पहले माना जा रहा था कि बेयॉन पर बेस्ड ये एसयूवी फ्रॉन्क्स के सेगमेंट में आएगी, लेकिन अब ये साफ है कि कार मिडसाइज एसयूवी होगी. ये ठीक मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और विक्टोरिस की तरह हुंडई के पोर्टफोलियो में क्रेटा के साथ मिलेगी।  कार के फ्रंट में मौजूदा वेन्यू की स्प्लिट स्टाइल हेडलाइट डिजाइन मिलेगा. कार में स्लिम एलईडी डेटाइम रनिंग लैम्प्स टॉप पर मिलेंगे. बंपर के निचले हिस्से में एयर वेंट्स मिलेंगे. इसके अलावा कार के फ्रंट में पार्किंग सेंसर और ADAS के रडार सेंसर को भी देखा गया है. पहले आए कुछ शॉट्स में ब्लैक क्लैडिंग भी देखी गई थी।  टेस्टिंग कार का कुछ हिस्सा इंटरनेशनल मार्केट में आने वाली बेयॉन से हू-ब-हू मिलता है. कार के रियर पोर्शन में भी स्प्लिट स्टाइलिंग वाली लाइट्स देखने को मिल सकती हैं. रियर बंपर के निचले हिस्से में ब्रेक लाइट्स और अपर पोर्शन में एलईडी टर्न इंडिकेटर दिए जा सकते हैं। CNG अवतार में भी आएगी हुंडई इस एसयूवी में 360 डिग्री कैमरा देगी या नहीं ये अभी कन्फर्म नहीं है. क्योंकि कार में कोई भी कैमरा पॉड दिखा नहीं है. ध्यान रखें कि क्रेटा को इस फीचर के साथ स्पॉट किया गया था. रिपोर्ट्स की मानें, तो ये कार पेट्रोल इंजन के साथ सीएनजी में भी मिलेगी।  इसमें डुअल सिलेंडर सीएनजी विकल्प दिया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो ये कंपनी की पहली 4 मीटर से बड़ी कार होगी, जो सीएनजी के साथ आएगी. इसकी कीमत वेन्यू से ज्यादा और क्रेटा के कम होगी. इस कार का सीधा मुकाबला हुंडई क्रेटा, मारुति ग्रैंड विटारा, मारुति विक्टोरिस, टाटा सिएरा, रेनो डस्टर, स्कोडा कुशाक और फॉक्सवैगन ताइगुन से होगा। 

एक-एक कर छूटते गए साथी, क्या ममता बनर्जी की पकड़ TMC पर कमजोर पड़ गई है?

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने के बाद से ममता बनर्जी का सियासी संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. टीएमसी विधायक से लेकर सांसद तक एक-एक कर ममता बनर्जी का साथ छोड़ते जा रहे हैं. अब हालत यह हो गई है कि सयानी घोष से लेकर युसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सितारे भी बागी खेमे के साथ खड़े हो गए हैं।  15 साल तक बंगाल में एकछत्र राज करने के बाद सत्ता हाथ से निकलते ही टीएमसी में असंतोष फूट पड़ा है. टीएमसी में तमाम बड़े सिपहसलार अलग राह पर चल पड़े हैं, जिससे ममता बनर्जी के हाथों से पार्टी निकलती जा रही है।      टीएमसी के 19 बागी सांसदों के नाम सामने आ गए हैं, जो काकोली घोष दस्तीदार के अगुवाई में अलग गुट बनाने का फैसला किया है. इस फेहरिश्त में उन सभी नेताओं के नाम है, जिन्हें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि बंगाल में ममता के पास कितनी ताकत बची है?  TMC के बड़े सितारे छोड़ गए ममता का साथ बंगाल की सियासत में ममता बनर्जी ने एक जनवरी 1998 को कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था. इसके बाद 13 साल तक ममता बनर्जी संघर्ष कर साढे तीन दशक से सत्ता पर काबिज लेफ्ट को उखाड़ फेका था. ममता के इस सियासी संघर्ष के रहे तमाम टीएमसी नेता धीरे-धीरे साथ छोड़ गए. अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी ने कई नए चेहरों को सियासत में लाए और सियासी पहचान दी, लेकिन सत्ता बदलते ही उनके मोहभग हो गए।  काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई वाले बागी गुट में शत्रुघ्न सिन्हा, जगदीश चंद्र बसुनिया, खलीउर रहमान, यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान, पार्थ मौमिक, बापी हलधर, सायोनी घोष, माला रॉय, मिताली बाग, दीपक अधिकारी, कालीपद सोरेन, जून मालिया, अरूप चक्रवर्ती, शर्मिला सरकार, असित कुमार मल्ल, शताब्दी रॉय और रचना बनर्जी शामिल है. ये ऐसे नाम है, जिनकी राजनीतिक को ममता बनर्जी ने सियासी पहचान दी, लेकिन अब बीजेपी खेमे के साथ खड़े होने के लिए बेताब है।  ममता बनर्जी के पास कितने सांसद बचे 2024 के लोकसभा चुनावों में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी ने राज्य की कुल 42 लोकसभा सीटों में 29 पर जीत हासिल की थी. बीजेपी 12 और कांग्रेस को एक सीट मिली थी, चुनावों के बाद टीएमसी के बशीरहाट से ससद हाजी नुरुल इस्लाम की मौत हो गई थी. टीएमसी के पास 28 लोकसभा सांसद है, जिसमें से 19 सांसद बागी हो गई है. इसके बाद ममता बनर्जी के साथ सिर्फ 9 लोकसभा सांसद ही बचे हैं।  ममता बनर्जी के पास बचे टीएमसी लोकसभा सांसदों में फिलहाल कीर्ति आजाद, अभिषेक बनर्जी, सौगात राय, प्रसून बनर्जी, प्रतिमा मोंडल, सुदीप बंधोपाध्याय, महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी और सजदा अहमद हैं।  टीएमसी के 13 राज्यसभा सांसद हैं, जिसमें  दो सांसदों ने इस्तीफा दिया है. सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने राज्यसभा सदस्यता के साथ-साथ टीएमसी से भी इस्तीफा दे दिया है. इन दोनों के अब बीजेपी से राज्यसभा जाने की चर्चा. इस तरह 11 राज्यसभा सांसद बच रहे हैं, लेकिन उनसे में से भी कितने सांसद ममता के साथ रहेंगे, ये कहना मुश्किल है।  ममता बनर्जी के पास कितने विधायक बचे पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव चुनाव में टीएमसी के टिकट पर 80 विधायक जीतकर आए, जिसमें से ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को ममता बनर्जी ने बाहर कर दिया था. इसके बाद  टीएमसी के 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया और अगुवाई ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुन लिया. टीएमसी के कुछ अन्य विधायकों ने भी साथ छोड़ा है।  ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि अब उनके पास 64 विधायकों का समर्थन है और एक विधायक के हमारे साथ जुड़ने के बाद संख्या 65 हो जाएगी. इस तरह 80 में से 65 विधायक अब ममता बनर्जी से अलग होकर अपना अलग गुट बना लिया है और  ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता मान लिया है. टीएमसी के 65 विधायकों के बागी होने के बाद ममता बनर्जी के साथ सिर्फ 15  विधायक ही बच रहे हैं. इसके अलावा बंगाल के तमाम बड़े शहरों के मेयर अपना इस्तीफा दे दिए हैं।