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NCP(SP) में फूट के बीच कांग्रेस का बड़ा ऑफर, क्या शरद पवार लेंगे विलय पर फैसला?

नई दिल्ली महाराष्‍ट्र से बड़ी खबर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक- कांग्रेस हाईकमान ने शरद पवार को ऑफर द‍िया है क‍ि वे अपनी पार्टी एनसीपीएस का कांग्रेस में व‍िलय कर दें. ज‍िस वक्‍त यह खबर आई ठीक उसी वक्‍त शरद पवार की पार्टी में फूट भी सामने आ गई. एनसीपीएस के तीन एमएलए महाराष्‍ट्र बीजेपी अध्‍यक्ष से म‍िले हैं और कहा जा रहा है क‍ि वे बीजेपी ज्‍वाइन कर सकते हैं।  इससे पहले उद्धव गुट के नेता ने सुझाव द‍िया था क‍ि कांग्रेस में TMC और NCP का विलय हो जाना चाह‍िए. इस पर जब शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा क‍ि संजय राउत मेरे लिए बड़े भाई जैसे हैं, उन्होंने जो सुझाव दिया है, वो अच्‍छा है. अब आगे क्‍या होगा, कैसे होगा, ये वक्‍त बताएगा.  बीजेपी पर हमला करते हुए सुप्र‍िया ने कहा, जो तृणमूल कांग्रेस में हुआ, वो हैरान करने वाला नहीं है. इन लोगों ने पहले श‍िवसेना तोड़ी, उसके बाद एनसीपी तोड़ी, अब तृणमूल कांग्रेस की बारी है. तो हम ये भुगत चुके हैं. इसील‍िए हम तृणमूल के साथ खड़े द‍िख रहे हैं।  अशोक गहलोत भी इसी सुर में बोले राजस्‍थान के पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के द‍िग्‍गज नेता अशोक गहलोत ने कहा क‍ि जो पार्टियां कांग्रेस से अलग हुई हैं, उन्हें वापस कांग्रेस में आ जाना चाहिए. सब पार्टियों को एकजुट होना चाहिए. राहुल गांधी को इंडिया अलायंस का नेता मान लेना चाहिए. संजय राउत की बात में दम है।  संजय राउत ने क्‍या कहा था श‍िवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा था क‍ि जो पार्टियां कांग्रेस से अलग हुई हैं, उन्हें कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए. आज सभी दलों को अपने-अपने राज्यों में लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी की मदद चाहिए।  शरद पवार गुट में बढ़ी बेचैनी, तीन विधायक BJP प्रदेश अध्यक्ष से मिले महाराष्ट्र की सोलापुर विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबले के बीच शरद पवार गुट की एनसीपी में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है. पार्टी द्वारा वसंतराव देशमुख को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज तीन विधायकों उत्तमराव जानकर, अभिजीत पाटिल और नारायण पाटिल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से मुलाकात की. सोलापुर में महायुति नेताओं की बैठक के दौरान हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है. बैठक में सांगोला से शेकप विधायक बाबासाहेब देशमुख भी मौजूद रहे।  दरअसल, सोलापुर विधानसभा सीट पर भाजपा के राजेंद्र राउत का मुकाबला शरद पवार गुट के उम्मीदवार वसंतराव देशमुख से है. टिकट वितरण को लेकर नाराज इन तीनों विधायकों ने पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी आपत्ति जताई थी और भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने के संकेत दिए थे. वसंतराव देशमुख को सांसद धैर्यशील मोहिते पाटिल का करीबी माना जाता है, ऐसे में विधायकों की नाराजगी को मोहिते पाटिल के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। 

विम्बलडन 2026 में बंपर जैकपॉट, विजेता को मिलेंगे करोड़ों रुपए; जानें पूरी प्राइज मनी

लंदन  खिलाड़ियों द्वारा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की कमाई में अधिक हिस्सेदारी की मांग के बीच व‍िम्बलडन  ने 2026 संस्करण के लिए रिकॉर्ड प्राइज मनी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. ऑल इंग्लैंड क्लब ने  बताया कि अगले महीने शुरू होने वाले प्रतिष्ठित ग्रास-कोर्ट ग्रैंड स्लैम में कुल पुरस्कार राशि और खिलाड़ी भत्तों (Per Diems) में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।  इस बढ़ोतरी के बाद पुरुष और महिला सिंगल्स चैम्प‍ियन को 36 लाख पाउंड (करीब 48 लाख डॉलर) की इनामी राशि मिलेगी, यानी भारतीय रुपए में बात करें तो करीब-करीब 46 करोड़ रुपए. वहीं कुल प्राइज मनी और भत्तों को मिलाकर यह आंकड़ा 6.42 करोड़ पाउंड (करीब 8.58 करोड़ डॉलर) तक पहुंच गया है, यानी करीब-करीब 76 करोड़ 77 लाख रुपए. इसे टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी सालाना वृद्धि बताया गया है।  ऑल इंग्लैंड क्लब की चेयर डेबोरा जेवंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि खिलाड़ी इस फैसले का स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा- यह बेहद बड़ी रकम है. हमने क्वालिफाइंग राउंड समेत हर स्तर के खिलाड़ियों को ध्यान में रखते हुए पुरस्कार राशि बढ़ाई है. मुझे उम्मीद है कि खिलाड़ी इसकी अहमियत समझेंगे।  हालांकि खिलाड़ियों की मांग इससे भी अधिक थी. जेवंस ने खुलासा किया कि हाल ही में पेरिस में खिलाड़ियों के सलाहकार और पूर्व डब्ल्यूटीए सीईओ लैरी स्कॉट के साथ हुई बातचीत में खिलाड़ियों ने इस साल व‍िम्बलडन  के लिए कुल 7.1 करोड़ पाउंड की पुरस्कार राशि की मांग रखी थी।  पिछले कुछ समय से टेनिस खिलाड़ी चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की आय में अधिक हिस्सेदारी और निर्णय प्रक्रिया में बड़ी भूमिका की मांग कर रहे हैं. फ्रेंच ओपन से पहले वर्ल्ड नंबर-1 महिला खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने कहा था कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो खिलाड़ी भविष्य में बहिष्कार (Boycott) जैसे कदम पर भी विचार कर सकते हैं. पुरुष विश्व नंबर-1 यानिक सिनर, कोको गॉफ और कई अन्य शीर्ष खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी थी।  रोलां गैरो में आयोजित फ्रेंच ओपन के दौरान शीर्ष-10 खिलाड़ियों ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए पत्रकारों के साथ अपने मीडिया सत्रों को 15 मिनट तक सीमित कर दिया था. इससे पहले करीब एक साल पहले 20 प्रमुख खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंड स्लैम प्रमुखों को पत्र लिखकर अधिक प्राइज मनी और फैसलों में ज्यादा भागीदारी की मांग की थी।  कब से शुरू हो रहा है व‍िम्बलडन  2026  29 जून से शुरू होने वाले व‍िम्बलडन  में इस बार पहले दौर में हारने वाले खिलाड़ियों को भी बड़ा फायदा होगा. पहले दौर की पुरस्कार राशि 80,000 पाउंड कर दी गई है, जो 2024 की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है. वहीं क्वालिफाइंग राउंड की कुल पुरस्कार राशि में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।  व‍िम्बलडन  में उपव‍िजेताओं को क्या म‍िलेगा? पुरुष और महिला सिंगल्स उपविजेताओं को 18 लाख पाउंड (करीब 24 लाख डॉलर) मिलेंगे यानी 23 करोड़ भारतीय रुपये, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है।  व‍िम्बलडन  की आय का बड़ा हिस्सा ब्रिटेन की टेनिस और पैडल संचालन संस्था लॉन टेनिस एसोसिएशन (LTA) को जाता है. किसी भी वितरित वित्तीय अधिशेष का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा एलटीए को मिलता है, जिसका उपयोग खेल में भागीदारी बढ़ाने, कोर्टों के नवीनीकरण, युवा खिलाड़ियों के विकास और व‍िम्बलडन  से पहले होने वाले ग्रास-कोर्ट टूर्नामेंटों के आयोजन में किया जाता है।  एलटीए की 2025 रिपोर्ट के अनुसार व‍िम्बलडन  से प्राप्त अधिशेष (surplus)  2024 की तुलना में 4 प्रतिशत घटकर 4.86 करोड़ पाउंड रह गया, हालांकि महिला टूर्नामेंट को क्वीन्स क्लब में शामिल किए जाने के कारण संस्था की कुल आय में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।  व‍िम्बलडन  29 जून से शुरू होगा. महिला वर्ग में गत चैम्प‍ियन इगा स्वियातेक अपने खिताब की रक्षा करेंगी. वहीं पुरुष वर्ग में मौजूदा चैम्प‍ियन जैन‍िक सिनर हैं, जिन्होंने पिछले साल फाइनल में कार्लोस अल्काराज को हराया था. हालांकि अल्काराज इस बार कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। 

शहीद पथ पर यात्रियों को मिलेगी आइकॉनिक फुट ओवरब्रिज की सौगात

लखनऊ राजधानी लखनऊ में शहीद पथ पर लुलु मॉल के पास स्काई वॉक (फुट ओवरब्रिज) बनेगा। 100 मीटर लंबा व 05 मीटर चौड़ा यह फुट ओवरब्रिज नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन देगा। आईकॉनिक डिजाइन इसे अलग बनाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पीपीपी मोड पर फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए एक निजी कंपनी के साथ करार किया है। इसके निर्माण में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसका पूरा खर्च कंपनी द्वारा किया जाएगा। इसके रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्टोरेंट और नीचे ग्रीन एरिया होगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई एक अहम बैठक में परियोजना का प्रेजेंटेशन दिया गया। जिसमें फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए हरी झंडी दे दी गयी है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इससे शहीद पथ जैसे व्यस्त मार्ग पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं बाधारहित आवागमन उपलब्ध होगा। फुट ओवरब्रिज में सीढ़ियों के अलावा लिफ्ट का भी प्रावधान किया गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, ट्रैफिक पुलिस, लेसा व लुलु मॉल प्रबंधन के साथ बैठक करके फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये हैं। निर्माण के दौरान ट्रैफिक में रुकावट न आए इसके लिए चरणबद्ध निर्माण पद्धति अपनाएंगे। रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्तरां, नीचे हरित क्षेत्र ग्राउंड फ्लोर पर लगभग 1200 वर्गमीटर क्षेत्रफल में आकर्षक ग्रीन एरिया होगा। जिसमें कियोस्क, सार्वजनिक उपयोग के लिए इंटरैक्टिव स्पेस, शौचालय और पार्किंग की सुविधा होगी। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर, मेजेनाइन फ्लोर तथा प्रथम तल पर कॉमर्शियल स्पेस विकसित किया जाएगा। फुट ओवरब्रिज के रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्टोरेंट और एलईडी स्क्रीन होगी। एंटी-स्किड फ्लोरिंग समेत कई खासियत होंगी उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि फुट ओवरब्रिज की डिजाइन में सुरक्षा को सर्वाच्च प्राथमिकता दी गयी है। इसमें एंटी-स्किड फ्लोरिंग, मजबूत रेलिंग, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट साइनेज, अग्निरोधी विद्युत फिटिंग तथा भूकंपरोधी डिजाइन का प्रावधान किया गया है। फायर सेफ्टी उपकरण, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि होंगे। कैसरबाग में बस पोर्ट की तैयारी तेज वहीं, लखनऊ के सबसे पुराने बस स्टेशन, कैसरबाग को एयरपोर्ट की तर्ज पर बस पोर्ट बनाने के लिए चार निवेशकों ने और खाली पड़े जानकीपुरम बस अड्डे की जमीन पर हाईटेक बस अड्डा बनाने के लिए पांच निवेशकों ने दावेदारी ठोंकी है। इसका खुलासा टेंडर प्रक्रिया के टेक्निकल बिड खुलने के बाद हुआ है। यूपी के 49 बस अड्डों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित करने के लिए आमंत्रित की गई टेंडर प्रक्रिया में 13 बस अड्डों के लिए निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। बाकी 36 बस अड्डों के लिए एक माह बाद दोबारा टेंडर जारी किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहले फेज में यूपी के 23 बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। दूसरे फेज में 49 बस अड्डों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी टेक्निकल बिड खुली है। इन बस अड्डों की 55 प्रतिशत जमीन पर बस पोर्ट और 45 प्रतिशत जमीन पर शॉपिंग मॉल बनेगा, जहां यात्रियों को शॉपिंग करने, सिनेमा देखने और फूड कोर्ट में खान-पान के अलावा बेहतर वीआईपी वेटिंग लाउंज जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन 13 बस अड्डों पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। ये सुविधाएं मिलेंगी 1. एसी स्मार्ट लाउंज, अत्याधुनिक प्रतीक्षालय और साफ-सुथरे टॉयलेट की सुविधा। 2. उड़ानों की तरह बसों के आने-जाने का समय, देरी व प्लेटफॉर्म नंबर की लाइव सूचना 3. यात्रियों के लिए मनोरंजन, खान-पान, शॉपिंग मॉल, कैफे, रेस्तरां और रिटेल सुविधा 4. रोडवेज बसों के अलावा निजी व लग्जरी वोल्वो बसों की भी सुविधा परिसर से मिलेगी 5. मल्टीलेवल पार्किंग में कार, टैक्सी, दोपहिया वाहन आदि के लिए अलग जगह क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन के अनुसार मुख्यमंत्री की मंशा है कि बस अड्डे एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित हों। इसी क्रम में मुख्यालय से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें लखनऊ क्षेत्र के कैसरबाग और जानकीपुरम बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के लिए शामिल किया गया है।

मेक्सिको का दमदार प्रदर्शन, क्विनोनेस और जिमेनेज चमके; दक्षिण अफ्रीका 2-0 से पराजित

मेक्सिको  फुटबॉल प्रेमियों के इंतजार का पल का समाप्त हो गया है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 (Fifa World Cup 2026) के महाकुंभ का आगाज हो गया है. टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका (Mexico vs South Africa) के बीच मेक्सिको सिटी स्टेडियम में खेला गया. जहां मेक्सिको की टीम जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज के शानदार गोलों के बदौलत 2-0 से कामयाबी हासिल करने में कामयाब रही. मैच के दौरान मैक्सिको की टीम काफी आक्रामक नजर आई. जिसका परिणाम यह रहा कि मेजबान टीम पूरे मैच के दौरान विपक्षी टीम के ऊपर हावी नजर आई. मैक्सिको के आक्रामक खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नौवें मिनट में ही जूलियन क्विनोनेस ने गोल दागते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. हालांकि, इसके बाद टीम को दूसरे गोल के लिए कुल 57 मिनटों का इंतजार करना पड़ा. टीम की तरफ से दूसरा गोल 66वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने हेडर के जरिए हासिल किया।    मैच के दौरान दोनों टीमों की तरफ से दिखी अनुशासनहीनता मैच के दौरान दोनों टीमों की तरफ से अनुशासनहीनता भी देखने को मिले. अफ्रीकी टीम की तरफ से जहां स्पेफेलो सिथोल और थेम्बा ज्वाने को अनुशासनहीनता के लिए रेड कॉर्ड दिखाया गया. वहीं इंजरी टाइम के दौरान मेक्सिको के डिफेंडर सीजर मोंटेस को भी रेड कार्ड मिला. मैच के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब अफ्रीकी टीम को नौ खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा. जिसका परिणाम यह रहा कि टीम को 2-0 की हार के साथ पहला मुकाबला गंवाना पड़ा।  राउल जिमेनेज ने हासिल की विशेष उपलब्धि मैच के दौरान राउल जिमेनेज ने एक विशेष उपलब्धि भी हासिल की. 66वें मिनट में गोल दागते हुए इंटरनेशनल करियर में उनके कुल 46 गोल हो गए हैं. जिसके साथ ही वह अब मैक्सिको की तरफ से सर्वाधिक गोल करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे फुटबॉलर बन गए हैं. खास मामले में उन्होंने पूर्व फुटबॉलर जारेड बॉर्गेटी की बराबरी की है. बॉर्गेटी ने भी अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 46 गोल दागे थे. पहले स्थान पर जेवियर हर्नांडेज काबिज हैं. जिन्होंने 109 मुकाबलों में कुल 52 गोल लगाए हैं। 

बेगूसराय हादसे से पुलिस महकमे में शोक, तीन थानेदारों सहित 4 लोगों ने गंवाई जान

बेगूसराय बिहार के बेगूसराय जिले से एक बडे़ हादसे की खबर सामने आई है. यहां साहेबपुर कमाल में हुए एक हादसे में मधेपुरा पुलिस के तीन अधिकारी सहित 4 लोगों की मौत हो गई. ये सभी लोग पटना से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे थे. बीती रात साहेबपुर कमाल के बखड्डा के पास एनएच 31 पर पुलिस अधिकारियों की कार ने एक ट्रक को पीछे से तेज टक्कर मार दी. इससे कार में सवार मधेपुरा पुलिस के तीन अलग-अलग थानों के SHO और गाड़ी के ड्राइवर की मौत हो गई. बीती रात तेज रफ्तार कार ने ट्रक में जबरदस्त टक्कर मार दी. हादसा इतना तेज था कि कार के अगले हिस्से के परखच्चा निकल गया. इस हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल हो गया. सूचना मिलते ही बेगूसराय की एसपी मनीष कुमार एवं सदर डीएसपी आनंद पांडेय सहित भारी संख्या में पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे।  रतवारा, बेलारी और आरर थाना प्रभारी की मौत मृतकों की पहचान साजन पासवान रतवारा थाना प्रभारी, नीरज कुमार बेलारी थाना प्रभारी, ज्ञानेंद्र अमरेंद्र आरर थाना प्रभारी एवं ज्योतिष कुमार प्राइवेट कार चालक के रूप में की गई है. बताया जा रहा है कि पटना से एकदिवसीय प्रशिक्षण लेकर एक ही गाड़ी पर सवार होकर मधेपुरा जिला लौट रहे थे. तभी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गया और ट्रक से पीछे से टकरा गया।  दो की मौके पर ही मौत, दो ने हॉस्पिटल में तोड़ा दम हादसा इतना जबरदस्त था कि दो थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र अमर एवं नीरज कुमार और ड्राइवर नीरज कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. जबकि एक थाना प्रभारी साजन पासवान को स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में उसे जगह से उठाकर आनन-फानन में सदर अस्पताल बेगूसराय लाया जहां इलाज के दौरान कुछ ही देर के बाद मौत हो गई।  इस तीन पुलिस अधिकारी समेत चार कि मौत की खबर लगते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई. हालांकि इस घटना की सूचना मिलते ही बेगूसराय के एसपी मनीष कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी।  SP ने बताया कि मृतकों में तीन सर्विंग SHO, एक प्राइवेट ड्राइवर  घटना के संबंध में बेगूसराय एसपी मनीष कुमार ने बताया कि देर रात ये एक्सीडेंट हुआ है. इसमें चार लोगों की मौत हो गई है. जिसमें तीन पुलिस मधेपुरा पुलिस के सर्विंग SHO हैं और एक जो ड्राइवर जो गाड़ी से लौटते एक्सीडेंट हुआ है. इन्वेस्टिगेशन जारी है. पोस्टमार्टम के बाद जो भी वैधानिक प्रक्रिया है, उसे फॉलो किया जा रहा है। 

बारिश बनी विलेन, 349 रन बनाने के बाद भी मिली हार; अब ट्राई सीरीज फाइनल की राह कैसे होगी तय?

 दांबुला IND A vs AFG A: दांबुला में खेली जा रही ट्राई-नेशन A सीरीज में अफगानिस्तान A ने बड़ा उलटफेर करते हुए भारत A को DLS नियम के तहत 4 रन से हरा दिया. इस नतीजे ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं और अब 21 जून को होने वाले फाइनल की रेस काफी रोमांचक हो गई है. सवाल है कि क्या भारत ए टीम इस टूर्नामेंट का फाइनल खेल पाएगी? लेकिन उससे पहले जान लीजिए गुरुवार (11 जून) को हुए मुकाबले में क्या हुआ?  भारत A ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49 ओवर में 349/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया. टीम को तेज शुरुआत दिलाने में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रभस‍िमरन सिंह ने अहम भूमिका निभाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 7.1 ओवर में 74 रन जोड़ दिए।  16 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 22 गेंदों पर 44 रन बनाए. उनकी पारी में 9 चौके शामिल रहे. खास बात यह रही कि उन्होंने बिना कोई छक्का लगाए 200 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. हालांकि वह एक बार फिर ऑफ स्टंप के बाहर उठती गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए।  इसके बाद प्रभस‍िमरन सिंह ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 69 गेंदों पर 84 रन ठोक दिए. कप्तान तिलक वर्मा और उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने भी शानदार अर्धशतक जड़े. दोनों बल्लेबाजों ने 66-66 रन की पारियां खेलीं. तिलक ने लगातार दूसरा अर्धशतक लगाया, जबकि ऋतुराज ने भी टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बार 50+ स्कोर बनाया।  मध्यक्रम में सूर्यांश शेडगे ने 27 गेंदों पर 40 रन बनाकर तेजी से रन जुटाए और भारत को 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. अफगानिस्तान की ओर से अब्दुल्लाह अहमदजई सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 5 विकेट झटके।  बारिश की वजह से मुकाबला प्रभावित हुआ और DLS नियम के तहत अफगानिस्तान A का लक्ष्य 38 ओवर में 294 रन कर दिया गया. जवाब में कप्तान इमरान और हसन इसाखिल ने तेज शुरुआत दिलाई. इमरान ने नाबाद 75 रन बनाए, जबकि बहिर शाह ने 51 रन की अहम पारी खेली।  जब 25.5 ओवर में अफगानिस्तान का स्कोर 177/2 था, तब एक बार फिर बारिश आ गई और खेल दोबारा शुरू नहीं हो सका. DLS गणना में उस समय अफगानिस्तान A निर्धारित पार स्कोर से 4 रन आगे था, जिसके चलते उसे विजेता घोषित कर दिया गया।  भारत A के गेंदबाज शुरुआती दो विकेट लेने के बाद दबाव नहीं बना सके. अरशद और अनुकूल रॉय ने सफलता दिलाई, लेकिन इमरान और बहिर शाह की साझेदारी मैच भारत से दूर ले गई. अगर खेल आगे बढ़ता या कुछ और विकेट गिरते तो DLS समीकरण बदल सकता था, लेकिन बारिश ने भारत की वापसी का मौका ही नहीं दिया।  फाइनल का समीकरण क्या है? टूर्नामेंट में अब अफगानिस्तान A और भारत A दोनों के 2-2 अंक हैं. हालांकि बेहतर नेट रन रेट (+0.155) की वजह से अफगानिस्तान शीर्ष पर पहुंच गया है, जबकि भारत A (+0.053) दूसरे स्थान पर है. श्रीलंका A अभी बिना अंक के तीसरे स्थान पर है।  अब भारत A को 15 जून को श्रीलंका A और 17 जून को अफगानिस्तान A के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं. इन मैचों के नतीजे ही तय करेंगे कि 21 जून के फाइनल में कौन सी दो टीमें पहुंचेंगी. यदि श्रीलंका A अगले मुकाबले में अफगानिस्तान को हरा देता है तो अंक तालिका और भी दिलचस्प हो जाएगी।  ट्राई सीरीज का शेड्यूल 9 जून: भारत A ने श्रीलंका A को 8 रन से हराया 11 जून: अफगानिस्तान A ने भारत A को 4 रन से हराया (DLS) 13 जून: अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 15 जून: भारत A vs श्रीलंका A 17 जून: भारत A vs अफगानिस्तान A 19 जून: अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 21 जून: फाइनल  

नहीं रहे शूटिंग के गोल्डन बॉय जसपाल राणा, खेल जगत में शोक की लहर

नईदिल्ली  जाने-माने भारतीय शूटिंग कोच और एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट जसपाल राणा का निधन हो गया है। वे 49 साल के थे। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (NRAI) के प्रेसिडेंट कलिकेश नारायण सिंह देव के अनुसार, राणा ने गुरुवार रात दिल्ली के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। हाल ही में, जर्मनी के म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप से भारतीय टीम की वापसी की फ़्लाइट के दौरान बीमार पड़ने के बाद राणा का एक मेडिकल प्रोसीजर हुआ था। नई दिल्ली पहुंचने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और स्टेंट लगाने के लिए एक मेडिकल प्रोसीजर किया गया। राणा भारतीय पिस्टल शूटर्स के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के तौर पर काम कर रहे थे। कैसे हुई जसपाल राणा की मौत? निशानेबाज से कोच बने जसपाल राणा जर्मनी से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के MAX अस्पताल में भर्ती करवाया गया और फिर आज कुछ देर पहले उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट में उनके सीने में तेज दर्द हुआ था। दिल्ली में विमान लैंड होने के बाद, उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने के कारण तुरंत साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, अभी डॉक्टर की तरफ से उनकी मौत की वजह नहीं बताया गई है। मूल रूप से उत्तराखंड के उत्तरकाशी निवासी जसपाल राणा को निशानेबाजी के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सफलता के लिए साल 2002 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया है। 

ब्रिक्स प्रतिनिधियों के सम्मान में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष आयोजन, कृषि मंत्रियों संग हुई अहम चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों से मुलाकात इन्दौर में अतिथियों और प्रतिनिधियों के सम्मान में दिया रात्रि भोज इन्दौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल कृषि मंत्रियों एवं अन्य विदेशी प्रतिनिधियों एवं अतिथियों से मुलाकात की। उन्होंने अतिथियों का देश के दिल मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इन्दौर में स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी के सम्मान में रात्रि भोज भी दिया। अतिथियों के स्वागत के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और पर्यटन वैभव को प्रदर्शित करने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना पर आधारित प्रस्तुतियों ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। रात्रि भोज एवं सांस्कृतिक आयोजन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, सांसद शंकर लालवानी तथा सुकविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिला पंचायत अध्यक्ष के श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, सुउषा ठाकुर, रमेश मेंदोला, मधु वर्मा तथा गोलू शुक्ला, सावन सोनकर, प्रताप करोसिया, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

TMC-Congress विलय की चर्चा पर बड़ा खुलासा, जानिए क्यों ममता बनर्जी के लिए आसान नहीं है यह फैसला

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुलाकात के बाद दोनों पार्टियों का आपस में विलय की अटकलें शुरू हो गई. इन मुलाकातों के बाद कांग्रेस की ओर से अपने तमाम प्रदेश अध्यक्ष को मीटिंग के लिए बुलावा भेजे जाने के बाद टीएमसी का कांग्रेस में विलय की अटकलें और तेज हो गई. हालांकि टीएमसी की तरफ से इन अटकलों को खारिज कर दिया गया है और कांग्रेस ने भी प्रदेश अध्यक्षों के साथ अपनी बैठक को टाल दिया है. अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है कि कांग्रेस और टीएमसी के बीच विलय को लेकर बातचीत में किसी बिंदु पर गतिरोध है. इन चर्चाओं के बीच विशेषज्ञों ने अपनी बात सामने रखी है. संविधान विशेषज्ञ का कहना है कि ममता बनर्जी के चाहने के बावजूद वह अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में नहीं कर पाएंगी।  सुप्रीम कोर्ट के वकील ने समझाया पार्टियों के विलय का पूरा समीकरण सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी दुबे ने कहा कि राजनीतिक दलों का विलेय दो तरह से होता है. एक विधायी विलय, जिसको हम लेजिस्लेटिव मर्जर कहते हैं. दूसरा होता है ऑर्गेनाइजेशनल मर्जर, जिसको हम सांगठनिक विलय कहते हैं. दोनों परिस्थितियों में दो तिहाई बहुमत होना जरूरी है. जब आप विधायी विलय करते हैं तो लोकसभा, राज्य सभा और विधानसभा के दो तिहाई सदस्यों का सहमति पत्र होना चाहिए. वहीं सांगठनिक विलय में भी तमाम राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय पार्टी पदाधिकारियों का दो तिहाई समर्थन चाहिए।  उन्होंने कहा की तारीख में ममता बनर्जी पार्टी प्रमुख होने के नाते अगर टीएमसी का विलय करना भी चाहती हैं तो उन्हें सबसे पहले इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को यह आश्वस्त करना होगा कि उनके इस फैसले के साथ पार्टी पदाधिकारी या सांसद-विधायकों में दो तिहाई समर्थन प्राप्त है।  वरिष्ठ अधिवक्ता इसके अलावा विलय के लिए दोनों दलों के मुख्य संगठन माने पार्टी हाईकमान आपस में औपचारिक विलय का प्रस्ताव पारित करते हैं. मूल पार्टी के कम से कम दो तिहाई सदस्यों की सहमति से विलय होता है. तभी एंटी डिफेक्शन लॉ (दल-बदल विरोधी कानून) और मर्जर क्लॉज कॉन्स्टिट्यूशनल वैलिडिटी (विलय की संवैधानिक वैधता) कार्यान्वयन में मदद करेगा. इसके बिना लेजिसलेटिव मर्जर कर देते हैं और दो तिहाई सदस्य नहीं है तो वह भी नहीं माना जाएगा. संगठन का विलय कर देते हैं तो भी नहीं माना जाएगा।  उन्होंने समझाया कि विलय में यह भी देखना होगा कि जिन लोगों ने खुद को अलग गुट घोषित कर दिया है, वह कहां हैं. चुनाव आयोग को आश्वस्त होना पड़ेगा कि विलय के समय ब्लॉक से लेकर केंद्रीय स्तर के संगठन और उसके जो ऑफिस बियरर्स हैं वो किसके साथ है. क्योंकि वो रिप्रेजेंट करते हैं कितनी मेंबरशिप है. तभी यह ऐसा हो सकता है और हमने हाल ही में महाराष्ट्र के केस में दोनों पॉलिटिकल पार्टीज के केस में इलेक्शन कमीशन का फैसला देखा भी है. क्योंकि संगठन और विधायिका दोनों के मर्जर के बाद इलेक्शन कमिशन ने जो निर्णय लिया था।  अश्विनी दुबे ने बताया कि अयोग्यता केवल लोकसभा, राज्य सभा और विधानसभा सदस्यों का कहा सकता है. लेकिन संगठन के लोगों का डिसक्वालीफिकेशन नहीं हो सकता है. दूसरी पार्टी की मान्यता तब मिलेगी जब उसमें भी दो तिहाई सदस्य जो पार्टी के सदस्य हैं वो वो तैयार हो जाएं करें।  उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना की टूट और एनसीपी की टूट सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ कह दिया था कि सिर्फ अगर विधायक चाहे और सांसद चाहें तो वो अपने हिसाब से पार्टी को ले जाकर मर्ज नहीं कर सकते. अलग पार्टी नहीं बना सकते तो वो विलय भी नहीं कर सकते।  कहा कि चाहे लोकसभा हो, चाहे राज्यसभा हो, चाहे विधानसभा हो, इनसाइड द हाउस तो बागी गुट अपना नेता चुन सकता है अपने फैसले ले सकता है, लेकिन पार्टी का वो रिप्रेजेंटेटिव नहीं माना जाएगा. ये नहीं माना जाएगा कि बाहर भी वो पार्टी का रिप्रेजेंटेटिव है. लेकिन जैसे लोकसभा के अंदर विधानसभा के अंदर जो तो तिहाई बहुमत वो बहुमत अगर पार्टी जो मूल पार्टी है मूल पार्टी पर दावा करते हैं कि हम ही यहां विधानसभा या लोकसभा में रिप्रेजेंट करते हैं. कहेंगे कि ये हमारे चुनाव में जीते हुए लोगों के नंबर हैं, तो वहां उनकी वैद्यता मानी जाएगी. लेकिन बाहर संगठन में वो रिप्रेजेंट नहीं कर सकते. संगठन के रिप्रेजेंटेशन के लिए संगठनिक विलय और संगठनिक विलय के लिए ऑर्गेनाइजेशनल मर्जर के लिए वह जो सदस्यों की संख्या है वो इंश्योर करना जरूरी है रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट के मुताबिक तो अंदर वो कर सकते हैं बाहर नहीं और यही सुप्रीम कोर्ट में अभी मामला पेंडिंग है।  . कहां से शुरू हुई टीएमसी और कांग्रेस के विलय की खबरें बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के महज 80 सीटों पर सिमटने के बाद पार्टी में भगदड़ मच गई है. ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में 58 विधायकों ने बागी गुट बना लिया और पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपनी अलग मान्यता प्राप्त कर ली है. उनका दावा है कि उनके बागी गुट में अब तक तृणमूल कांग्रेस 65 विधायक आ चुके हैं. लोकसभा में काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में 20 सांसदों की सूची स्पीकर ओम बिरला को सौंपे जाने का दावा किया गया है. दावा किया जा रहा है कि टीएमसी के इन बागी सांसदों ने एनडीए सरकार का सपोर्ट करने की बात कही है. उधर, राज्य सभा में अब तक टीएमसी के तीन सांसदों सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।  इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच विपक्षी दलों के संगठन इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंची ममता बनर्जी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कीं. इसके अलावा टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की, जिसके बाद खबरें उड़ने लगी कि तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में विलय होने जा रहा है. हालांकि करीब 24 घंटे बाद कांग्रेस की तरफ से जयराम रमेश और तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने ऐसे किसी विलय से इनकार कर दिया है।   

भारत में ऑपरेशन बंद कर अमेरिकी कंपनी ने निकाले सभी 250 कर्मचारी, कर्मचारियों में मची चिंता

नई दिल्‍ली AI अब कंपनियों के बीच तेजी से अप्‍लाई हो रहा है, जिसका नतीजा ये है कि कंपनियां एआई का यूज बढ़ाते ही कर्मचारियों की संख्‍या में कटौती कर रही हैं. इसी के मद्देनजर, एक  अमेरिकी कंपनी ने भारत से अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है. इससे भारत में काम कर रहे सभी 250 कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित हुई है।   यह अमेरिकी रियल एस्टेट टेक कंपनी OpenDoor है, जिसने भारत स्थित अपने परिचालन को बंद करने का निर्णय लिया है, क्योंकि कंपनी संयुक्त राज्य अमेरिका में छोटी एआई बेस टीमों की ओर रुख कर रही है।  कर्मचारियों के साथ शेयर किए गए एक नोट में OpenDoor के सीईओ काज नेजातियान ने कहा कि कुछ महीने पहले जब कंपनी ने ओपनडोर 2.0 लॉन्च किया था, तब भारत में उसके लगभग 250 कर्मचारी थे. इसमें से पिछले कुछ महीनों में कुछ नौकरियों को वापस संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थानांतरित कर दिया गया है।  उन्‍होंने आगे कहा कि आज हम अमेरिका में अपने कस्‍टमर्स के लिए इन पदों को और भी सुलभ बनाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहे हैं और भारत स्थित अपने परिचालन को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे है. इससे भारत में हमारे उन सभी सहकर्मियों पर असर पड़ेगा, जिन्होंने ओपनडोर के लिए काम किया है।  भारत में बहुत अच्‍छे सहयोगी मिले उन्होंने कहा कि भारत में हमारे सहयोगी बहुत अच्छे लोग हैं. वे लोग शानदार काम करते हैं. अगर कोई इन्‍हें हायर करना चाहता है, तो उनके लिए ये बेहतरीन काम करके देंगे. हालांकि हम अब भारत से अपना कारोबार समेटकर निकल रहे हैं।  ओपनडोर यह बदलाव क्यों कर रहा है? इस फैसले के पीछे का कारण बताते हुए नेजातियान ने कहा कि ओपनडोर ने सालों से भारत में एक बड़ी टीम बनाई है ताकि अलग-अलग सिस्‍टम में मैन्युअल वर्कफ़्लो को संभाला जा सके. हालांकि, कंपनी ने कहा कि इन सिस्‍टम को यून‍िफाइड करने और पूरे अमेरिका में छोटी AI बेस्‍ड कस्‍टमर्स फोकस टीमें बनाने के बाद उसके ऑपरेशन में बदलाव आया है।  नेजातियन ने कहा कि हमारे ग्राहक अमेरिका में हैं, और उनके लिए हम जो परिचालन कार्य करते हैं, उसे उनके करीब रहकर करना सबसे अच्छा है. उन्होंने आगे कहा कि ओपनडोर 2.0 कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से एक बहुत छोटी कंपनी होगी, लेकिन प्रभाव के हिसाब से एक बहुत बड़ी कंपनी होगी. उन्होंने लिखा कि हमारे लोग पहले से कहीं अधिक चीजों के मालिक होंगे, अधिक निर्माण करेंगे और उनका दायरा पहले से कहीं अधिक व्यापक होगा।  कंपनी ने कहा कि रिस्‍टैब्लिसमेंट से कम चीजों, कम प्रॉसेस और कम ऑप्‍शन के साथ संचालन सरल हो जाएगा. कंपनी एक ऐसा सिंगल प्लेटफॉर्म बनाने की योजना बना रही है जहां कर्मचारी घर की खरीद, रिन्‍यूवेबल और बिक्री की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक कर सकें. साथ ही अलग-अलग सॉल्‍यूशन पर काम कर सकें।