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बिहान की दीदियां अब गांव-गांव में स्थापित करेंगी सौर ऊर्जा संयंत्र, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा सशक्त कदम

रायपुर.  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत कबीरधाम जिले में महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल की गई है। कबीरधाम जिले में वंदे मातरम् संकुल स्तरीय संघ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की 35 महिलाओं को “सोलर दीदी” के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये महिलाएं अब गांवों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, संचालन, रखरखाव एवं तकनीकी सेवाएं प्रदान करेंगी। विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में दीदियों को सोलर सिस्टम की तकनीकी बारीकियों, उपकरणों की स्थापना, मरम्मत, रखरखाव तथा उपभोक्ता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के पश्चात सोलर दीदियां गांवों में सौर उपकरणों की स्थापना और मरम्मत का कार्य कर सकेंगी, जिससे उन्हें नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा। सौर संयंत्रों की स्थापना पर मिलने वाले कमीशन के माध्यम से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अब ग्रामीणों को अपने ही गांव में सोलर पैनल लगाने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे स्थापना प्रक्रिया सरल होगी तथा उपकरणों का रखरखाव भी स्थानीय स्तर पर आसानी से हो सकेगा। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम ने कहा कि सोलर दीदी कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक साहसिक और दूरदर्शी पहल है। यह कार्यक्रम महिलाओं को केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सोलर दीदियों की यह पहल जिले में हरित ऊर्जा के विस्तार के साथ-साथ सम्मानजनक रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के बीच ये महिलाएं तकनीकी सेवाएं प्रदान कर अपनी आय बढ़ाएंगी और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के उद्देश्यों को एक साथ आगे बढ़ाने वाला यह अभियान ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो आत्मनिर्भर गांवों और स्वच्छ ऊर्जा आधारित भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।

जैसलमेर में कॉल सेंटर निरीक्षण: पेयजल और बिजली शिकायतों का तुरंत समाधान

जयपुर राज्य सरकार द्वारा आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए संचालित राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग एवं निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा के क्रम में सोमवार को आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं जैसलमेर जिले के प्रभारी सचिव महावीर प्रसाद मीणा ने राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित शिकायतों, उनके निस्तारण की प्रगति, संतुष्टि स्तर तथा लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रकरणों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिकायतों के सही श्रेणीकरण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर निरीक्षण के दौरान मीणा ने बाढ़, अतिवृष्टि, प्राकृतिक आपदाओं से हुई क्षति, राहत सहायता तथा अन्य आपदा संबंधी शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का विषयानुसार उचित श्रेणीकरण सुनिश्चित किया जाए। इससे संबंधित मामलों का प्रभावी और त्वरित निस्तारण संभव हो सकेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों को एम्प्लोई श्रेणी में दर्ज किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार शिकायतों का तार्किक पुनः श्रेणीकरण किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि अर्जेंट श्रेणी में दर्ज सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर समीक्षा के दौरान विशिष्ट शासन सचिव श्री महावीर प्रसाद मीणा ने शिकायत निस्तारण व्यवस्था की समग्र प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायतकर्ताओं के संतुष्टि प्रतिशत को और अधिक बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बुनकर संघ से संबंधित शिकायतों की भी अलग से समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी समाधान के निर्देश प्रदान किए। कॉल सेंटर से परिवादियों के अभाव-अभियोग सुने, त्वरित समाधान के दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर के माध्यम से विभाग एवं जैसलमेर जिले से संबंधित विभिन्न परिवादियों से दूरभाष पर संवाद कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिवादों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। पेयजल समस्या के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई जैसलमेर निवासी सत्तार खान ने क्षेत्र में स्थित सरकारी ट्यूबवेल के लंबे समय से खराब होने के कारण उत्पन्न पेयजल संकट की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशिष्ट शासन सचिव ने तत्काल जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशाषी अभियंता से दूरभाष पर संपर्क कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल की मरम्मत पूर्ण होने तक प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा खराब ट्यूबवेल को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दुरुस्त किया जाए। एक वर्ष से खराब रोड लाइट हुई दुरुस्त, परिवादी को मिली राहत जैसलमेर निवासी श्री गीगाराम ने क्षेत्र में पिछले एक वर्ष से रोड लाइट खराब होने के कारण अंधकार एवं आवागमन में हो रही परेशानी की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर विशिष्ट शासन सचिव ने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए रोड लाइट को दुरुस्त कराया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।

नशामुक्त हरियाणा की मुहिम तेज, पंचकूला में पुलिस-युवा संवाद और जागरूकता अभियान

पंचकूला. हरियाणा को नशामुक्त बनाने की मुहिम अब केवल पुलिस अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप लेने जा रही है। इसी सोच के साथ सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ विमर्श में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआइजी सुनील दलाल ने कहा कि हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी चोट की गई है। कई नेटवर्क तोड़े जा चुके हैं और आने वाले समय में तस्करी के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से होने वाले अवैध मादक पदार्थों के प्रवेश को रोकना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विमर्श की अध्यक्षता करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ के सपने को साकार करने के लिए पंचकूला में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों और समाज की साझेदारी से ही संभव है। इसलिए हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पक्ष विद्यार्थियों की भागीदारी रही। मुख्य वक्ता डा. लीजु ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए उनसे इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। डीएसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा ताकि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को नई जिंदगी मिल सके। वहीं, पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने युवाओं से स्वयं उदाहरण बनकर समाज को सकारात्मक दिशा देने की अपील की। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का यह अभियान 11 जून को सिरसा से शुरू हुआ है और 26 जून को फरीदाबाद में समापन होगा। फतेहाबाद के बाद पंचकूला पहुंची यह मुहिम अब यमुनानगर, पानीपत, कैथल, झज्जर, सोनीपत और गुरुग्राम होते हुए प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश फैलाएगी।

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया विभिन्न जनहितकारी निर्माण कार्यों का लोकार्पण

रायपुर.  दंतेवाड़ा जिले के नगरीय क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने 1 करोड़ 49 लाख 11 हजार रुपए की लागत से निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। लोकार्पित कार्यों में आधुनिक चौपाटी, व्यावसायिक गुमटियां, आकांक्षी शौचालय तथा नवीन आंगनबाड़ी भवन शामिल हैं। इन सुविधाओं से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा तथा महिला एवं बाल विकास गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बनाने के निर्देश कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा एक प्रमुख धार्मिक नगरी के रूप में विकसित हो रहा है। आने वाले समय में यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिला प्रशासन को दंतेवाड़ा नगर और मंदिर क्षेत्र के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण और नदी सुरक्षा पर विशेष जोर वन मंत्री कश्यप ने नगर के सीवरेज प्लांट से निकलने वाले पानी के सीधे नदी में प्रवाहित होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल को उपचारित (ट्रीटमेंट) करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाए अथवा आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने भैरम बाबा मंदिर के समीप नदी तट पर हो रहे कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग को शीघ्र पिचिंग कार्य की योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। नगर विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं नगरपालिका द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए मंत्री कश्यप ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि नगर के प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं महापुरुषों के नाम पर किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। इसके अलावा दंतेवाड़ा शहर में एक आकर्षक घड़ी चौक (क्लॉक टॉवर) का निर्माण कराया जाएगा। बच्चों और युवाओं के मनोरंजन तथा खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्विमिंग पूल परिसर में वाटर स्लाइडर की सुविधा विकसित करने की भी घोषणा की गई। आधुनिक एवं स्वच्छ धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा दंतेवाड़ा वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार दंतेवाड़ा को आधुनिक, स्वच्छ और सुविधायुक्त धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, जनप्रतिनिधि सहित, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, डीएफओ रामकृष्ण रांगानाथा वाय तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

नशा तस्करी पर वार, बठिंडा में 4.1 किलो अफीम बरामद; दो आरोपी दबोचे गए

सिरसा. डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था।  बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देख प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

वन मंत्री केदार कश्यप बोले – जैविक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल

रायपुर.  किसानों और कृषि प्रेमियों को रासायनिक खादों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती करने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु आयोजित की गई है। दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया। जैविक खेती स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि का आधार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां और किसानों की मेहनत जैविक कृषि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जैविक खेती केवल उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ी है। जैविक खेती अपनाकर किसान भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन कर सकते हैं। किसानों के लिए संचालित हो रही हैं अनेक योजनाएं वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से खेतों की मेड़ों पर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे भूमि संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलेगा। जैविक खेती बनेगी दंतेवाड़ा की नई पहचान क्षेत्रीय विधायक चौतराम अटामी ने कहा कि जिले के किसान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर खेती को अधिक उन्नत एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ लेने की अपील की। वैज्ञानिकों ने दी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा जैविक उत्पादों के विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी। किसानों की समस्याओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया। विभिन्न विभागों ने लगाए जानकारी एवं प्रदर्शनी स्टॉल कार्यक्रम में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा भूमगादी संस्था द्वारा स्टॉल लगाकर किसानों को विभिन्न योजनाओं, तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों को कृषि आदान सामग्री एवं आम के पौधों का वितरण भी किया गया। महिला स्व-सहायता समूहों ने प्रदर्शित की नवाचार क्षमता कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा रागी से तैयार केक का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि ने केक काटकर महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की और मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों को ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।  कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न गांवों से आए किसान, ग्रामीण युवा और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

योग दिवस से बलिदान दिवस तक, भाजपा ने कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी किया

 रांची भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड प्रदेश इकाई ने आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर रविवार को रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य के पार्टी पदाधिकारियों की इस मासिक बैठक में पिछले एक महीने के कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई और आगामी गतिविधियों की ठोस कार्ययोजना तैयार की गई. बैठक संपन्न होने के बाद प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार संगठनात्मक कार्यों को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाने के लिए मंडल, शक्ति केंद्र, बूथ, जिला और प्रदेश स्तर पर नियमित मासिक बैठकों की एक नई श्रृंखला तय की गई है. इसी के तहत अब प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्रदेश पदाधिकारियों की अनिवार्य बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह समेत राज्यभर के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे. 21 जून को योग दिवस मनाने का फैसला प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे झारखंड में व्यापक स्तर पर योग शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे. इसके ठीक बाद, 23 जून को भाजपा के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमर बलिदान दिवस पर राज्यभर में श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी उनके विचारों और देश के लिए किए गए बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाएगी. इसके साथ ही, संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने तथा इन सभी आगामी कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. किसान मोर्चा आयोजित करेगा जैविक खेती पर संगोष्ठियां बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर भी विशेष चर्चा की गई. इस उपलक्ष्य में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा राज्य के सभी जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए संगोष्ठियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा, आगामी 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र पर हुए प्रहार को याद करते हुए विभिन्न राजनैतिक और बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी को उस दौर के संघर्षों से अवगत कराया जा सके. इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के हालिया झारखंड प्रवास, पार्टी के सांगठनिक प्रशिक्षण वर्ग और मोदी सरकार के 12 वर्षों के उपलक्ष्य में चल रहे वर्तमान अभियानों की भी गंभीरता से समीक्षा की गई.

अवैध निर्माण पर सख्त एक्शन, कोर्ट के निर्देश के बाद मदरसे को ध्वस्त किया गया

दुर्ग. भिलाई नगर निगम ने अवैध कब्जा पर बड़ी कार्रवाई की है। अयप्पा नगर स्थित आनंद विहार और उल्लास नगर की डेढ़ एकड़ ईडब्ल्यूएस की जमीन पर हुए कब्जे को आज 12 साल बाद हटाया गया। यहां पर कब्जाधारियों ने एक मदरसा बना रखा था। साथ ही मकान भी बनाए गए थे। वहीं शिव पब्लिक स्कूल ने भी बाउंड्रीवॉल का निर्माण कर लिया था। नगर निगम ने आज बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया। इस कार्रवाई के दौरान कोई विरोध नहीं हुआ। इस पूरी कार्रवाई को निगम ने एक प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। चार थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम, तहसीलदार एवं निगम प्रशासन की टीम की उपस्थिति में यह पूरी बुलडोजर कार्रवाई की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यहां सुबह से ही पुलिस ने अतिक्रमण वाले क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया था और करीब चार लेयर में यहां पुलिस बल को तैनात किया गया था। अवैध कब्जा हटाने 2014 से प्रयास कर रहा था निगम निगम आयुक्त राजीव पांडे ने बताया कि 2014 से लेकर 2025 तक लगातार निगम प्रशासन यहां अवैध कब्जा हटाने को लेकर प्रयास कर रहा था, लेकिन हमेशा असफल रहा। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ईडब्ल्यूएस की जमीन को खाली करने उन्होंने कलेक्टर सहित एसएसपी दुर्ग को सुरक्षा एवं सहयोग के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद आज यह पूरी कार्रवाई संभव हो सकी। विरोध के लिए कोई भी नहीं आया सामने उन्होंने बताया कि आनंद विहार और उल्लासनगर कॉलोनी बनने के दौरान ईडब्ल्यूएस की 15% जमीन जो करीब सवा एकड़ की थी वह छोड़ी गई थी और वहां प्रधानमंत्री आवास बनने थे, लेकिन कब्जाधारियों की वजह से पीएम आवास नहीं बन पाए। अब यहां गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। जिन लोगों ने अतिक्रमण किया था अगर वे आवेदन देते हैं तो उन्हें विधिवत पीएम आवास भी दिया जाएगा, लेकिन अब तक किसी ने कोई आवेदन नहीं दिया है। इधर इस पूरी कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा रही, लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि विरोध के लिए कोई भी सामने नहीं आया। करीब तीन घंटे में यह पूरी कार्रवाई की गई।

हौसले बुलंद हों तो हर मंजिल आसान: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रेरणादायी संदेश

हौंसले की बुलंदी से हर मंजिल होती है आसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने भीम नगर बस्ती पहुंचकर एमपी बोर्ड 12वीं की टॉपर कुमारी चांदनी को दिया आशीर्वाद प्रतिभावान बेटी की पढ़ाई में गरीबी नहीं बनेगी कभी बाधा ई-स्कूटर से पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव : हेलमेट पहनने के‍लिए किया लोगों को प्रेरित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि परिवार में गरीबी, कठिनाई के बावजूद हौंसले की बुलंदी से हर मंजिल आसान होती है। विषम परिस्थितियों में भी कुमारी चांदनी ने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो उपलब्धि हासिल की है, वह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमपी बोर्ड 12वीं की टॉपर कुमारी चांदनी विश्वकर्मा से मिलने ई-स्कूटर से विधानसभा के निकट स्थित भीम नगर बस्ती पहुंचे। ई-स्कूटर पर सवार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं हेलमेट पहना और उनके साथ ई-स्कूटर पर पीछे बैठे विधायक भगवान दास सबनानी ने भी हेलमेट लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने, सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की प्रभावशीलता के संबंध में स्थानीय निवासियों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमारी चांदनी और उनके परिजन से आत्मीय भेंट की और परिजन के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी की उत्कृष्ट सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभावान बेटी की पढ़ाई में गरीबी कभी बाधा नहीं बनेगी। कुमारी चांदनी को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक टू व्हीलर चलाकर दिया ईंधन बचाने का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक ईंधन संकट के बीच भीम नगर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से पहुंचे। उन्होंने देशवासियों से ईंधन बचाने और पर्यावरण-संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रहित में सबसे पहले अपना कारकेड घटाने का निर्णय लिया था। उनकी पहल पर कारकेड में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को शामिल किया गया है।  

दुनिया में आर्थिक चुनौतियां, लेकिन भारत की घरेलू मांग बनी मजबूती की बड़ी वजह: सीतारमण

नयी दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि इस समय वैश्विक स्तर पर व्यापार और आपूर्ति को लेकर कई प्रकार की अनिश्चतताएं भारतीय अर्थव्यस्था के लिए चुनौती पेश कर रही हैं, हालांकि घरेलू मांग से अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है। श्रीमती सीतारमण ने यहां "माइंडमाइन सम्मेलन 2026" के एक संवाद सत्र के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वर्तमान में वैश्विक व्यापार में काफी अनिश्चितताएं हैं। हमारा निर्यात मजबूत है लेकिन अचानक आयात शुल्क बढ़ा दिया जाता है। हम जिन तीन वस्तुओं का सबसे अधिक आयात करते हैं उनकी कीमत और आपूर्ति दोनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके लिए विदेशी मुद्रा का भंडार मजबूत होना चाहिये।   उन्होंने कहा कि इन सबके बीच भारत के लिए राहत की बात हमारा घरेलू बाजार है, जो काफी बड़ा है। घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि विनिर्माताओं के समक्ष आयातित कच्चे माल की ऊंची कीमत की चुनौती भी है। घरेलू स्तर पर मानसून की चुनौती को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण कम बारिश होने का अनुमान है। देश के पास अनाज का काफी बफर भंडार है, इसलिए खाद्यान्न की कमी जैसी स्थिति तो नहीं होगी, लेकिन किसानों की आमदनी पर कम मानसून का असर जरूर होगा।   उर्वरकों की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ सत्र के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। रबी सत्र को लेकर चिंता थी लेकिन अब चीन से उर्वरक आने से वह चिंता भी दूर हो गयी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और उससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ मिलकर विदेशी मुद्रा जुटाने के उपाय किये हैं। बॉन्ड बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कदम उठाये गये हैं। साथ ही बैंकों और सार्वजनिक कंपनियों को विदेशों से पूंजी जुटाने की अनुमति दी गयी है और इसके लिए जोखिम को कम करने की रणनीति की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक उठायेगा। इससे बैंक विदेशों से पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।