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सामाजिक सुरक्षा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजनाओं से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल

रायपुर.  छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक सुरक्षा और मुख्यमंत्री पेंशन योजनाएं वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन से जरूरतमंदों को महंगाई के इस दौर में सम्मानजनक जीवन जीने की वास्तविक सुविधा मिल रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सहायता एवं पेंशन योजनाओं के माध्यम से महासमुंद जिले के हजारों जरूरतमंद हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत कुल 53 हजार 561 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। राज्य शासन की योजनाओं से मिल रहा आर्थिक सहयोग महासमुंद जिले के उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 24 हजार 253, सुखद सहारा योजना के 9 हजार 76 तथा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 20 हजार 232 हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवनयापन में सहूलियत मिल रही है। केंद्रीय पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी मिला लाभ समाज कल्याण विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी लंबित पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। तकनीकी प्रक्रिया के कारण हुई थी देरी भारत सरकार द्वारा नवीन एसएनए-एस्पर्श प्रणाली लागू किए जाने के कारण पेंशन भुगतान में कुछ समय के लिए विलंब की स्थिति बनी थी। अब प्रक्रिया सुचारु होने के बाद पात्र हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि जारी कर दी गई है। 42 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला भुगतान केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 32 हजार 52, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9 हजार 469 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 945 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामाजिक सहायता योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित पेंशन भुगतान से वृद्धजन, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन में सहायता मिल रही है। शासन की इन योजनाओं से हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।

88.97 किलो अफीम मामले में पुलिसकर्मी की संलिप्तता, महकमे में हड़कंप

 सिरसा  डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था। बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

योजना में फर्जीवाड़ा उजागर: हजारों नाम सूची से हटे

जमेशदपुर पूर्वी सिंहभूम जिले में गलत विवरण देकर या तथ्य छिपाकर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने वालों पर अब सख्ती शुरू हो गई है. पूरी तरह अयोग्य पाई गई 4,068 लाभुकों से अब तक ली गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली (रिकवरी) करने की तैयारी की जा रही है. वहीं, सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए गलत ब्योरा और झूठे दस्तावेज देने के आरोप में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन के बाद यह फैसला लिया गया. 6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटाए गए अब तक कुल 6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. इनमें से कई लाभुकों की मृत्यु हो चुकी है. इससे पहले भी एक पुरुष द्वारा योजना की राशि प्राप्त करने का मामला सामने आया था. जिसके बाद पूरी राशि वापस कराई गई थी. इसके अलावा, मूल रूप से बिहार की रहने वाली 142 महिला लाभुकों को भी चिह्नित किया जा चुका है. जो नियम विरुद्ध यहां से लाभ ले रही थीं. उनसे भी राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है. जिले में अब भी 11,078 लाभुकों की जांच बाकी जिले के मंईयां सम्मान योजना के पंजीकृत लाभुकों की कुल संख्या 3,07,071 है. अब तक की जांच में 2,89,019 लाभुक को योग्य पाया गया है. फिलहाल 11,078 लाभुकों का सत्यापन होना बाकी है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बचे आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद ही जिले में मंईयां योजना के वास्तविक लाभार्थियों की अंतिम और सटीक स्थिति सामने आ सकेगी. 10 प्रतिशत सत्यापन शेष, अयोग्य लाभुकों पर होगी रिकवरी सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन में निर्धारित अर्हता (योग्यता) पूरी न करने वाले 6 हजार से अधिक लाभुकों को सूची से हटा दिया गया है. वर्तमान में लगभग 10 प्रतिशत सत्यापन का कार्य शेष है. यह प्रक्रिया पूर्ण होते ही अयोग्य लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक और रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी. कुछ लाभुकों का नॉन डीबीटी का मामला था, उसका भुगतान रोका गया है.

यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, स्टेशनों पर अग्नि सुरक्षा इंतजामों का होगा ऑडिट

 मेदिनीनगर (पलामू) यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्व मध्य रेलवे के 800 सहित देश के 7500 रेलवे स्टेशनों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें डालटनगंज रेलवे स्टेशन भी शामिल है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र भेजा है। इस ऑडिट का उद्देश्य स्टेशनों पर मौजूद अग्नि सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच करना है, ताकि कमियों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें और यात्रियों व रेलवे संपत्तियों को आगजनी जैसी घटनाओं से बचाया जा सके। रेलवे का मानना है कि बढ़ती यात्री संख्या और स्टेशनों पर बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों के बीच अग्नि सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी दिशा में रेलवे एक प्रभावी पॉलिसी तैयार करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जो ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर लागू की जाएगी। सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की होगी विस्तृत जांच ऑडिट के दौरान स्टेशन भवनों की संरचना, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, एसी व वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता, पंपिंग व्यवस्था और स्प्रिंकलर सिस्टम सहित सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। टीम यह भी सुनिश्चित करेगी कि स्टेशनों पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। कमियां मिलने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। स्टेशनों पर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण जारी रेलवे लगातार स्टेशनों पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने के साथ-साथ मॉक ड्रिल और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस ऑडिट के बाद देशभर के स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी, जिससे यात्री अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। संयुक्त टीम करेगी ऑडिट ऑडिट की जिम्मेदारी सिविल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल और सुरक्षा विभागों की संयुक्त टीमों को सौंपी गई है। इसके अलावा विशेषज्ञ एजेंसियों और राज्य अग्निशमन विभाग की भी सहायता ली जाएगी, ताकि तकनीकी खामियों की सटीक पहचान की जा सके  

बिहार में टेक्नोलॉजी हब की शुरुआत, 10 हजार युवाओं को मिलेगा ट्रेनिंग का मौका

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज गयाजी पहुंचे. यहां उन्होंने 170 करोड़ की लागत वाले टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास किया. बताया जा रहा है कि यह टेक्नोलॉजी सेंटर पूर्वी भारत में टेक्निकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का प्रमुख केंद्र बनेगा. कहां-कहां खर्च किए जायेंगे 170 करोड़ रुपये? जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना पर कुल 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें लगभग 86 करोड़ रुपये भवन निर्माण और 84 करोड़ रुपये अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों की स्थापना पर खर्च किए जाएंगे. केंद्र में हर साल लगभग 10 हजार विद्यार्थियों और युवाओं को टेक्निकल ट्रेनिंग प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे. जीतन राम मांझी क्या बोले? केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह केंद्र केवल गया ही नहीं बल्कि पूरे बिहार और पूर्वी भारत के युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगा. यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा तकनीकी रूप से दक्ष बनेंगे और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी. सीएम सम्राट ने दी 2 बड़ी सौगातें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर गयावासियों को दो बड़ी सौगातें भी दीं. उन्होंने घोषणा की कि झारखंड के इंद्रपुरी क्षेत्र से पानी लाकर फल्गु नदी में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे सदानीरा स्वरूप बहाल करने का प्रयास किया जाएगा. साथ ही टेक्नोलॉजी सेंटर परिसर के पास उपलब्ध लगभग 60 एकड़ भूमि पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के निर्माण की भी घोषणा की. कोचिंग संस्थानों को लेकर कही बड़ी बात सीएम सम्राट चौधरी ने अपने भाषण के दौरान बिहार में चल रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर इशारे-इशारे में बड़ी बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा, सारे कोचिंग सेंटर बंद हो जाए और तमाम सुविधाएं और शिक्षा स्कूल में ही दी जाए, सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है. स्कूल में व्यवस्था को अच्छा करने और सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाने की बात कही.

PAF में हादसों की श्रृंखला जारी, महीनेभर में पांचवां विमान दुर्घटनाग्रस्त; सड़क पर मचा हड़कंप

 खैबर पख्तूनख्वा  पाकिस्तान की सेना को एक बार फिर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. खैबर पख्तूनख्वा के मरदान जिले में रविवार को एक सैन्य प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा कटलंग रोड के पास जाबर नहर क्षेत्र में हुआ, जहां विमान गिरते ही आग का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया. यह हादसा एक CCTV फुटेज में रिकॉर्ड हो गया. विमान के क्रैश होने के बाद धुआं और आग की लपटें देखी गईं. फुटेज में देखा जा सकता है कि रोड पर लगातार गाड़ियां गुजर रही हैं. जब दो मोटरसाइकिल सवार गुजर रहे थे, तभी यह जेट सीधे आकर रोड के बीच में गिरा और देखते ही रोड के बीच में आग की एक सीधी रेखा बन गई. विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई. राहत एवं बचाव दल और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं. पाकिस्तानी अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. इस हादसे के बाद मौके पर लोग जमा हो गए. बाइकसवार लोगों का हाल पता नहीं है. लेकिन बाद में दोनों गाड़ियां सड़क पर ही पड़ी दिखाई दी हैं।  एक महीने में पांचवां सैन्य विमान हादसा यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान के सैन्य विमानों की सुरक्षा पर पहले से सवाल उठ रहे हैं. पिछले एक महीने के भीतर यह पांचवीं बड़ी दुर्घटना मानी जा रही है. सबसे बड़ा झटका 10 जून को लगा था, जब पाकिस्तान आर्मी एविएशन का Mi-17 हेलिकॉप्टर POK में टेकऑफ के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उस हादसे में 22 सैन्यकर्मियों की मौत हुई थी. पाकिस्तानी सेना ने बाद में सभी के मारे जाने की पुष्टि की थी।  उससे पहले 20 मई को मियांवाली के पास पाकिस्तान एयर फोर्स का FT-7PG ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. एक दिन पहले 19 मई को कामरा के पास JF-17 थंडर लड़ाकू विमान भी ट्रेनिंग मिशन के दौरान क्रैश हो गया था. दोनों मामलों में पायलटों ने इजेक्ट कर जान बचा ली थी।  आबादी को बचाने की कोशिश में हादसा स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मरदान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान Super Mushshak (MFI-17) ट्रेनर एयरक्राफ्ट था. बताया जा रहा है कि पायलटों ने विमान को घनी आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की ताकि जमीन पर बड़े पैमाने पर नुकसान न हो. हालांकि इस कोशिश में दोनों पायलट अपनी जान नहीं बचा सके।  लगातार हादसों से बढ़े सवाल जनवरी से जून 2026 के बीच पाकिस्तान को कम से कम पांच बड़े हवाई हादसे सामने आ चुके हैं. इनमें लड़ाकू विमान, ट्रेनर एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर शामिल हैं. ज्यादातर मामलों में शुरुआती वजह तकनीकी खराबी बताई गई है, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने पाकिस्तान के एयरक्राफ्ट्स के रखरखा की कमी को दिखाया है. POK में Mi-17 हेलिकॉप्टर हादसे के कुछ ही दिन बाद हुआ यह नया क्रैश पाकिस्तान के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। 

नशा तस्करी मामले में पुलिसकर्मी पर शिकंजा, 89 किलो अफीम केस में ASI गिरफ्तार

फतेहाबाद/सिरसा. डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था।  बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देख पूरे प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

अमृतसर में अकाल तख्त की अहम बैठक, जागत जोत सुरक्षा एक्ट पर विचार-विमर्श

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को आयोजित महत्वपूर्ण पंथक बैठक में गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 में शामिल उन धाराओं को लेकर चर्चा हुई। जिस पर विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से आपत्तियां जताई हैं। बैठक के लिए विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, फेडरेशनों, सिख विद्वानों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सिख कौम कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सभी एकजुट होकर लेंगे निर्णय ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि कौम के भविष्य, धार्मिक मामलों और पंथक एकता से जुड़े विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु महाराज की कृपा से सभी पक्ष एकजुट होकर कौम के हित में सार्थक निर्णय लेने में सफल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी मर्यादा, स्वतंत्रता तथा सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार इतिहास इस बात का गवाह है कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और अधिकार को चुनौती देना कभी भी आसान नहीं रहा है। तख्त की प्रतिष्ठा की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब गुरु साहिब का सदा कायम रहने वाला तख्त है और इसकी प्रतिष्ठा की रक्षा करना पूरे पंथ की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत और पंथक संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने तथा कौम के व्यापक हितों के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। पंथक हलकों की नजरें अब इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले निर्णय आगामी समय में सिख समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की दिशा तय कर सकते हैं।

सरकार की तैयारी पूरी: 30–35 लाख सीएफटी बालू स्टॉक से निर्माण कार्य जारी रहेंगे

पटना बिहार की प्रमुख नदियों से बालू खनन पर सोमवार, 15 जून से रोक लग जाएगी। राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा जारी पर्यावरण स्वीकृति की शर्तों के अनुसार मानसून अवधि में नदियों से बालू का खनन 15 जून से 15 अक्टूबर तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान किसी भी बालू घाट से वैध खनन की अनुमति नहीं होगी। खनन बंदी के बावजूद निर्माण कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने पहले से तैयारी कर ली है। जिलों में लगभग 30 से 35 लाख क्यूबिक फीट (सीएफटी) बालू का बफर स्टाक सुरक्षित रखा गया है। इसी स्टाक से निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति की जाएगी, ताकि बाजार में कृत्रिम संकट या कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। सरकार ने मानसून अवधि में अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। खान एवं भूतत्व विभाग ने 11 जून को सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। संबंधित थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान नदी में बढ़े जल स्तर और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष यह प्रतिबंध लागू किया जाता है। सरकार का उद्देश्य एक ओर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है, वहीं दूसरी ओर निर्माण गतिविधियों के लिए बालू की उपलब्धता भी सुनिश्चित करना है। बालू लदा ट्रैक्टर चालक सहित गिरफ्तार गया के मैगरा थाने की पुलिस ने शनिवार देर रात गुड्डी फील्ड इलाके में छापेमारी कर बालू लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया। कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस को क्षेत्र में अवैध रूप से बालू ढुलाई की सूचना मिली थी इसी आधार पर विशेष अभियान चलाया गया। गुड्डी फील्ड के समीप एक ट्रैक्टर को रोककर जांच की गई, जिसमें बालू लदा पाया गया। चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चालक राजकेश्वर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।

अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम की बड़ी कार्रवाई, 7 दुकानें तोड़ीं; महिला के विरोध से बढ़ा तनाव

नारायणपुर. शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने नगर पालिका टीम ने सोमवार से कार्रवाई शुरू कर दी है. अभियान के तहत जय स्तंभ चौक क्षेत्र में बुलडोजर एक्शन (Narayanpur Anti-Encroachment Drive) देखना को मिला. इस दौरान एक महिला जेसीबी मशीन के सामने लेट गई. लोगों की भीड़ जुटने से क्षेत्र में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. महिला ने मचाया हंगामा जानकारी के अनुसार, नगर पालिका और पुलिस की टीम फुटकर व्यवसायियों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. कार्रवाई का विरोध करते हुए अतिक्रमणकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया. एक महिला ने जेसीबी मशीन के सामने आकर कार्रवाई रोकने की कोशिश भी की. मौके पर अन्य लोग भी पहुंचकर विरोध करने लगे. तनावपूर्ण माहौल के कारण कार्रवाई कुछ देर के लिए बाधित रही. जेसीबी मशीन के सामने लेटने वाली महिला का आरोप था कि शहर में कई स्थानों पर अतिक्रमण है, लेकिन कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों के खिलाफ की जा रही है.  महिला को हटाने के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू की गई. कुल सात दुकानों और अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस की टीम भी मौजूद रही, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. संबंधित लोगों को दिया था नोटिस : नगर पालिका CMO नगर पालिका के सीएमओ ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया था. नोटिस की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके चलते आज नियमानुसार कार्रवाई की गई.