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हरियाणा राजनीति में बढ़ी नजदीकियां, सीएम आवास पर बिश्नोई परिवार के साथ डिनर

 पंचकूला हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिग्गज नेता कुलदीप बिश्नोई के परिवार के बीच नजदीकियां बढ़ती दिख रही हैं। सोमवार रात को बिश्नोई परिवार ने मुख्यमंत्री आवास पर सीएम सैनी के साथ डिनर किया। खास बात यह है कि पिछले महज 15 दिनों के भीतर दोनों पक्षों के बीच यह तीसरी बड़ी मुलाकात है। इस मुलाकात की तस्वीरें खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने सोशल मीडिया (X) अकाउंट पर शेयर की हैं। मुख्यमंत्री आवास पर जुटे दोनों परिवार यह अनौपचारिक बैठक चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई। सीएम नायब सिंह सैनी और उनकी पत्नी सुमन सैनी ने बिश्नोई परिवार का स्वागत किया। डिनर के इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई, उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई और उनके बेटे व भाजपा विधायक भव्य बिश्नोई मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक रणधीर पनहार (पिराह) भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे थे। किस बात से नाराज थे बिश्नोई भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता कुलदीप बिश्नोई मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा उनके पिता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजन लाल पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के कारण नाराज थे। सीएम सैनी ने की तारीफ मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी भजनलाल की कार्यशैली हमेशा जनहित और विकास केंद्रित रही। चौधरी भजनलाल हमारे लिए बहुत सम्मानित हैं। हम सब उनका बहुत सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान को बीजेपी की ओर से बिश्नोई समाज को सकारात्मक संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है। रेखा शर्मा ने जताया खेद इसी कड़ी में सांसद रेखा शर्मा ने भी अपने बयान पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि उनका वक्तव्य किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी नहीं था, बल्कि एक राजनीतिक व्यवस्था के संदर्भ में दिया गया था वापस कांग्रेस ज्वाइन करने की कयासें चार साल पहले बीजेपी में शामिल हुए स्व. भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई भाजपा से अलग राजनीति करने के विभिन्न विकल्पों पर विचार करने लगे थे। हिसार व भिवानी से सांसद रह चुके कुलदीप बिश्नोई ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि भाजपा अपनी पार्टी की राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा से माफी नहीं मंगवाती तो उनके पास राजनीति करने के तीन बड़े विकल्प मौजूद हैं। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई राहुल गांधी के भी खास माने जाते थे।  

अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पूर्व मध्य रेलवे चलाएगा दर्जनों परीक्षा स्पेशल ट्रेनें

 पटना  बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं। रेलवे प्रशासन ने परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के सुगम आवागमन के लिए 16 एवं 17 जून को 30 से अधिक परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की व्यवस्था की है। इससे पूर्व सोमवार रात रेलवे ने 14 विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। मंगलवार को इसमें 16 और अतिरिक्त रूटों पर भी विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने की है। 14 जून को चली थी 19 स्‍पेशल ट्रेनें पूर्व मध्य रेलवे द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार, 14 जून को आयोजित परीक्षा के दौरान भी अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए कुल 19 परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। इनमें दानापुर मंडल द्वारा 12 तथा समस्तीपुर मंडल द्वारा 7 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया था। रेलवे प्रशासन ने परीक्षार्थियों की भारी संख्या को देखते हुए दूसरे चरण की परीक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की है। रेलवे के अनुसार 16 जून की रात पाटलिपुत्र से किशनगंज, अररिया और नौगछिया के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके अलावा पटना से नरकटियागंज तथा भभुआ के लिए भी स्पेशल ट्रेनें संचालित होंगी। इन ट्रेनों का ठहराव बेगूसराय, खगड़िया, नौगछिया, कटिहार, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, बापूधाम मोतिहारी, बेतिया, जहानाबाद, गया, डेहरी ऑन सोन और सासाराम सहित विभिन्न प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। 17 जून को व‍िभ‍िन्‍न रूट पर चलेंगी ट्रेनें 17 जून को भी बड़ी संख्या में परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। पटना-गया, बक्सर-पटना, बक्सर-दानापुर, किऊल-गया, गया-किऊल, बख्तियारपुर-राजगीर, राजगीर-बख्तियारपुर, बेतिया-हाजीपुर, बेतिया-पाटलिपुत्र, दोरम मधेपुरा-हाजीपुर के बीच ट्रेन चलेगी। इसी तरह मधुबनी-सोनपुर, मुजफ्फरपुर-पाटलिपुत्र, समस्तीपुर-सीवान, समस्तीपुर-हाजीपुर, पूर्णिया कोर्ट-पाटलिपुत्र, सहरसा-हाजीपुर, सुपौल-देवघर, औरंगाबाद-गया, हाजीपुर-छपरा, सोनपुर-मुजफ्फरपुर तथा नौगछिया-पाटलिपुत्र के बीच विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों तक अभ्यर्थियों की सुरक्षित एवं समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कोच, विशेष निगरानी और आवश्यक परिचालन प्रबंध किए गए हैं। स्टेशन परिसरों में भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है। पूर्व मध्य रेलवे ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर स्टेशन पहुंचें तथा रेलवे द्वारा संचालित परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का अधिकतम लाभ उठाएं। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से अभ्यर्थियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और नियमित ट्रेनों पर दबाव भी कम होगा। प्रमुख मार्ग एवं ठहराव     पाटलिपुत्र–किशनगंज / अररिया / नौगछिया स्पेशल : बेगूसराय, खगड़िया, नौगछिया और कटिहार मार्ग से चलेगी।     पटना–नरकटियागंज स्पेशल : पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, बापूधाम मोतिहारी और बेतिया होते हुए संचालित होगी।     पटना–भभुआ स्पेशल : तरेगना, जहानाबाद, गया, डेहरी ऑन सोन और सासाराम मार्ग से चलेगी।     किऊल–गया एवं गया–किऊल स्पेशल : शेखपुरा और नवादा के रास्ते संचालित होगी।     बख्तियारपुर–राजगीर स्पेशल : बिहारशरीफ और नालंदा होते हुए चलेगी।  

बिहार में रेल नेटवर्क विस्तार की तैयारी, ₹1852 करोड़ की नई लाइन को मिली मंजूरी

किशनगंज. सीमांचल क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाली जालालगढ़- किशनगंज नई रेल लाइन बिछने की उम्मीद फिर से जगी है। साल 2008-09 में स्वीकृत हुई यह परियोजना तकनीकी और बजटीय कारणों से करीब 17 वर्षों से ठप पड़ी थी, लेकिन अब इसे फिर से गति दिया जा रहा है। रेलवे बोर्ड और उत्तर पूर्वी सीमांत रेलवे संशोधित लागत का अंतिम मूल्यांकन कर रही हैं। तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 2008-09 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय इसकी अनुमानित लागत 360 करोड़ रुपए थी। करीब 17 सालों में भूमि अधिग्रहण और निर्माण लागत में वृद्धि के कारण अब परियोजना की लागत बढ़कर लगभग 1852 करोड़ रुपये के करीब हो गई है। प्रस्तावित रेल लाइन की कुल लंबाई 51.632 किलोमीटर होगी। यह रेल मार्ग पूर्णिया के जलालगढ़ जंक्शन से शुरू होकर अमौर, बैसा, रौटा, खाताहाट, महीनगांव, दौला जैसे क्षेत्रों से गुजरेगा और किशनगंज मुख्यालय तक पहुंचेगा। इस पूरे खंड में यात्रियों की सुविधा के लिए आठ नए रेलवे स्टेशन बनाने की योजना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद न्यू जलपाईगुड़ी से कटिहार जाने वाली ट्रेनों के लिए एक वैकल्पिक और अपेक्षाकृत छोटा मार्ग उपलब्ध होगा। इससे वर्तमान में अत्यधिक व्यस्त मुकुरिया-किशनगंज रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। परियोजना से यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन में सुधार आएगा। पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक क्षेत्र के समानांतर यह एक वैकल्पिक रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी। इस रेलवे लाइन का निर्माण हो जाने से आपातकालीन परिस्थितियों में सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए यह मार्ग रणनीतिक कवच साबित हो सकता है। अमौर और बैसा जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को इस रेल लाइन से सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। महानंदा और कनकई नदी की बाढ़ से प्रभावित इन इलाकों के किसान अपनी मक्का, जूट और धान जैसी फसलों को अब आसानी से सिलीगुड़ी, कोलकाता और दिल्ली की बड़ी मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। वहीं, सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर होने से स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी, परिवहन लागत घटेगी और सीमांचल क्षेत्र के आर्थिक विकास को नया आधार मिलेगा। इस नए रेल खंड के निर्माण से जहां सुरक्षा की दृष्टि से वैकल्पिक रेलवे रूट बनेगा, वहीं सुदूर ग्रामीण क्षेत्र को रेलवे कनेक्टिविटी सुविधा मिल जाएगी। दरअसल, तत्कालीन किशनगंज सांसद मरहूम तस्लीमुद्दीन के पहल से तत्कालीन यूपीए सरकार के समय इस परियोजना को हरी झंडी मिली थी, लेकिन तत्कालीन रेल मंत्री के शिलान्यास के कुछ दिनों के बाद इस परियोजना में ग्रहण लग गया था और 17 साल तक इस परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं, अब केंद्र सरकार ने परियोजना को रिवाइज कर राशि देने की घोषणा की है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि किशनगंज-जलालगढ़ के बीच नई रेल लाइन बिछाने को लेकर कार्य चल रहा है। रेल मंत्रालय जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होगा।

कानून-व्यवस्था को लेकर पटियाला पुलिस में बदलाव, थानों और चौकियों में नई तैनातियां

पटियाला. एस.एस.पी. वरुण शर्मा ने पटियाला पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 3 थाना प्रभारियों (एस.एच.ओ.) सहित कई पुलिस चौकियों के इंचार्जों के तबादले कर दिए हैं। जारी आदेशों के अनुसार, इंस्पैक्टर गुरप्रीत सिंह हांडा को थाना कोतवाली का नया एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया है, जबकि वहां तैनात इंस्पैक्टर जसप्रीत सिंह काहलों को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इसी प्रकार इंस्पेक्टर सौरभ सबरवाल को थाना लाहौरी गेट का एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया है, जबकि इंस्पैक्टर रणदीप कुमार का तबादला पुलिस लाइन कर दिया गया है।  वहीं, इंस्पैक्टर विनरप्रीत सिंह को थाना सिविल लाइन का एस.एच.ओ. बनाया गया है और इंस्पैक्टर अमनदीप सिंह बराड़ को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इसके अलावा सब-इंस्पैक्टर लवदीप सिंह को मॉडल टाऊन पुलिस चौकी का इंचार्ज नियुक्त किया गया है, जबकि सब-इंस्पैक्टर गुरपिंदर सिंह को पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया गया है। अन्य नियुक्तियों में ए.एस.आई. बलदेव सिंह को अफसर कॉलोनी पुलिस चौकी, पटियाला का इंचार्ज बनाया गया है। सब-इंस्पैक्टर जनक राज को थाना कोतवाली का अतिरिक्त एस.एच.ओ. (एडिशनल एस.एच.ओ.) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही ए.एस.आई. अमरिंदर सिंह को भुनरहेड़ी पुलिस चौकी का इंचार्ज तथा ए.एस.आई. हरदीप सिंह को बहादुरगढ़ पुलिस चौकी का इंचार्ज नियुक्त किया गया है। यह फेरबदल पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी एवं चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से किया गया है। 

हरियाणा की 66 ऐतिहासिक धरोहरें होंगी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित

 पंचकूला हरियाणा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को बढ़ाव देकर पर्यटन स्थल बनाने पर जोर दे रही नायब सरकार को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की ओर से आर्थिक बल मिलने वाला है। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई एनसीआरपीबी की बैठक में दक्षिण हरियाणा को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना पर जोर दिया गया है। दक्षिण हरियाणा जिलों में 66 ऐतिहासिक तथा महत्वपूर्ण जगहों पर उन्हें पर्यटक स्थल कें रूप में विकसित करने पर चर्चा की गई। इनमें महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, पलवल व अन्य जिलों की ऐतिहासिक धरोहर शामिल हैं। इनमें से कई को हरियाणा सरकार ने विकसित करने की योजना बना रखी थी। एनसीआरपीबी की ओर से मदद मिलने पर योजना बेहतर तरीके से सिरे चढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है। इन क्षेत्रों को किया जाएगा विकसित महेंद्रगढ़ जिले से नारनौल स्थित बीरबल का छत्ता, चोर गुबंद, इस्लामपुरा किला, जल महल, मिर्जा अलीजान का तख्त व बावड़ी, पीर तुर्कमान का मकबरा, शाह कुलीखान का मकबरा, शोभा सागर, इब्राहम खान शूरी का मकबरा, शाह निजाम का मकबरा, शाह विलायत का मकबरा, त्रिपोलिया दरवाजा शामिल है। पलवल जिले का बाबा उदासनाथ मंदिर, दौजी मंदिर, पंचायत मंदिर, पांडव वन, रेवाड़ी से बाग वाला तालाब, बड़ा तालाब, भगवती भक्ति आश्रम, बावल का किला, घंटेश्वर मंदिर, द रेड मास्क(लाल नकाब), तुर्कियावास मकबरा शामिल है। इनमें से कई को विकसित भी किया जा रहा है। फरीदाबाद में हरियाणा के सबसे पुराने अरावली गोल्फ कोर्स को हरियाणा सरकार ने इस साल के बजट में भी विश्वस्तरीय रिक्रिएशन एवं स्पोर्टस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई थी। इसे एनसीआरपीबी ने भी रीजनल प्लान 2041 में शामिल किया है। जिमखाना क्लब से मुगल ब्रिज तक… इसके अलावा आनंदपुर बांध, जिमखाना क्लब, मुगल ब्रिज, नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम, नाहर सिंह पैलेस, राजहंस कन्वेंशन सेंटर, रोज गार्डन, सूरजकुंड को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाना है। गुरुग्राम के अरण्य ग्रीन फार्म, अराइज फार्म, बादशाहपुर फोर्ट, घोस अली शाह की बावड़ी, बेगम समरू पैलेस, काउन सराय और डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब को पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा। वहीं, गोल्ड ग्रीन्स गोल्फ एंड रिजाेर्ट, गोल्डन टर्टल फार्म विलेज, आइटीसी क्लासिक गोल्फ रिजाेर्ट, जान हाल, कर्मा लेकलैंड गोल्फ कोर्स, किंगडम आफ ड्रिम्स, मानेसर गोल्फ कोर्स, अलावर्दी खान की मास्क एंड सराय, शीतला माता मंदिर, शीश महल को शामिल किया गया है। इसी तरह सुलतानपुर बर्ड सेंच्यूरी, तारूधान गोल्फ कोर्स, टेरी गोल्फ कोर्स, द गोल्फ रिट्रीट फार्म भी पर्यटन हब के रूप में विकसित किए जाने वाले स्थानों में शामिल किया गया है।

एनसीआर में नहीं होगा बदलाव, चार नए ग्रीनफील्ड शहर बनेंगे: सीएम सैनी

पंचकूला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, हरियाणा के पांच जिला एनसीआर क्षेत्र में ही रहेंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का रीजनल प्लान-2041 पर चर्चा हुई। इसमें एनसीआर के भविष्य के विकास, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सस्टेनेबल ग्रोथ से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर बात हुई है। मुख्यमंत्री मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी )की बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक सब-कमेटी गठित की गई है। यह सब-कमेटी 15 अगस्त, 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित होंगे जिसके बाद अगली बैठक दिसंबर 2026 में गुरुग्राम में आहोगी। आज की बैठक में आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के साथ-साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बोर्ड के सभी सदस्य राज्य एक-एक नए ग्रीन फील्ड शहर की विकास योजना भेजेंगे। नमो सिटी के नाम से विकसित होने वाले यह शहर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और सशक्त विकास मुख्यमंत्री ने कहा इन निर्णयों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और सशक्त विकास सुनिश्चित होगा। हरियाणा सरकार एनसीआर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ग्रीनफील्ड शहरों तथा आरआरटीएस परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएगी। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, तथा राजस्थान के कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा शामिल हुए। इनके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कातिकिथाला, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर सहित एनसीआर क्षेत्र से संबंधित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्वतपुर–सीतानाला कोल ब्लॉक शुरू होने का रास्ता साफ, दुगदा वाशरी को मिलेगा स्थायी कोयला फीड

 बोकारो  झारखंड सरकार ने जिले के चंदनकियारी स्थित पर्वतपुर कोल ब्लॉक और सीतानाला कोल ब्लॉक के खनन पट्टा को स्वीकृत कर लिया है। इससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और जश्न का माहौल है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को मंजूरी मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं में नई आशा जगी है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि कोयला खनन शुरू होने से चंदनकियारी में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। विधायक उमाकांत रजक ने इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताते हुए कहा कि इससे रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास और स्थानीय व्यापार-व्यवसाय को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला चंदनकियारी को विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा देगा। विधायक का कहना है केि विकास के कार्यो से संबंधित फाइलों की धूल हटाने की कोशिश कर रहा हूं। विदित हो कि यह दोनों कोल ब्लाक जेएसडब्ल्यू स्टील को वर्ष 2023 में नीलामी के माध्यम से दिया गया था। तब से खनन पट्टा एवं अन्य स्वीकृति को लेकर उत्पादन प्रारंभ नहीं हो पा रहा था। अब खनन पट्टा मिलने के बाद जल्द ही उत्पादन प्रारंभ होने की संभावना है। अब निवेश, रोजगार और विकास पर नजर कैबिनेट की स्वीकृति के बाद पर्वतपुर कोल ब्लॉक के 2174.52 एकड़ तथा सीतानाला कोल ब्लॉक के लगभग 792 एकड़ क्षेत्र में खनन गतिविधियां शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा। खनन कार्य शुरू होने के साथ परिवहन, मशीनरी, ठेका कार्य, छोटे व्यापार, होटल और सेवा क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि वर्षों से कागजों में अटकी परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी और चंदनकियारी कोयला आधारित औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में उभरेगा। वर्षों के इंतजार के बाद खुला रास्ता: पर्वतपुर कोल ब्लॉक का सफर पिछले कई वर्षों से उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने गजट अधिसूचना जारी कर इसके संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) को सौंपने का निर्णय लिया था। उस समय यह माना गया था कि बंद पड़ी खदान के चालू होने से करीब चार हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा। लगभग नौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस कोल ब्लॉक को भूमिगत (अंडरग्राउंड) खनन के रूप में विकसित करने की योजना थी ताकि आसपास के गांवों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। हालांकि, कोल ब्लॉक आवंटन नीति, कानूनी प्रक्रियाओं और स्वामित्व हस्तांतरण की जटिलताओं के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। पहले सेल इसकी देखरेख करता रहा, बाद में ब्लॉक बीसीसीएल के पास पहुंचा और अंततः वर्ष 2023 में जेएसडब्ल्यू स्टील ने नीलामी के माध्यम से इसे हासिल कर लिया। पर्वतपुर-सीता नाला परियोजना को संचालन की मंजूरी, दुगदा वाशरी को मिलेगा कच्चा कोयला सरकार से संचालन की अनुमति मिलने के बाद जेएसडब्ल्यू स्टील की पर्वतपुर एवं सीता नाला कोकिंग कोल परियोजना में उत्पादन शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। परियोजना से निकाले जाने वाले कोकिंग कोयले का उपयोग दुगदा कोल वाशरी में किया जाएगा, जिसका संचालन भी हाल ही में जेएसडब्ल्यू स्टील को सौंपा गया है। जानकारी के अनुसार, पांच वर्षों से अधिक समय से बंद पड़ी दुगदा कोल वाशरी को पुनः चालू करने की तैयारी तेज हो गई है। कंपनी वाशरी की मशीनरी और आधारभूत संरचना का आकलन कर रही है। वाशरी की वर्तमान क्षमता सालाना दो मिलियन टन वाश्ड कोल उत्पादन की है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर चार मिलियन टन तक ले जाने की योजना है। पर्वतपुर और सीता नाला परियोजना से मिलने वाला कच्चा कोयला दुगदा वाशरी के लिए स्थायी फीड का काम करेगा। इससे वाशरी के नियमित संचालन में मदद मिलेगी और कोकिंग कोल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि खदान और वाशरी दोनों के संचालन की जिम्मेदारी एक ही कंपनी के पास होने से उत्पादन, परिवहन और प्रसंस्करण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। दुगदा वाशरी के पुनः संचालन से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ इस्पात उद्योग को गुणवत्तापूर्ण वाश्ड कोकिंग कोल उपलब्ध होगा। इससे आयातित वाश्ड कोल पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी। बोकारो-धनबाद कोल बेल्ट में इसे एक महत्वपूर्ण औद्योगिक विकास के रूप में देखा जा रहा है।

बरसात में मछलियों के प्रजनन को बचाने के लिए 15 अगस्त तक नहीं होगी मछली पकड़ने की अनुमति

जगदलपुर. मछलियों के संरक्षण और प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. बरसात का मौसम मछलियों के प्रजनन का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए नदी और नालों में मछली शिकार पर रोक लगाई गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है. दोषी पाए जाने पर कारावास और आर्थिक दंड दोनों हो सकते हैं. हालांकि केज कल्चर गतिविधियों को छूट दी गई है. दूसरे राज्यों से मछली आयात और बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. व्यापारियों को आयात से जुड़े दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य होगा. बरसात में बड़ी संख्या में ग्रामीण मछली पकड़कर आय अर्जित करते हैं. इसी कारण प्रतिबंध अवधि में निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है. मत्स्य विभाग ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है. उद्देश्य आने वाले वर्षों के लिए मत्स्य संसाधनों का संरक्षण करना है.

रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स माध्यम से संचालित किए जाने के पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी

बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाएं और जन-कल्याण के लिए 24 हजार 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति मध्यप्रदेश (परोपकारी संस्थाओं के लिए) मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति के प्रस्ताव पर उप समिति गठित रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स माध्यम से संचालित किए जाने के पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 19 हजार 472 करोड़ 29 लाख रूपये की स्वीकृति प्रोजेक्ट टाइगर एण्ड एलिफेंट और ग्रामों के पुनर्वास संबंधी मुआवजा के लिए 2,381 करोड़ 15 लाख रूपये की स्वीकृति श्रमिक कल्याण संबंधी योजनाओं के लिए 531 करोड़ 78 लाख रूपये की स्वीकृति जनजातीय विद्यार्थियों को शैक्षणिक सुविधाओं के लिए 687 करोड़ रूपये की स्वीकृति रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 639 करोड़ 25 लाख रूपये की स्वीकृति स्थानीय निधि संपरीक्षा के संचालन और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 492 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण को बड़ी रफ्तार देते हुए कुल 24,200 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण सहित कुल 19,472 करोड़ 29 लाख रुपये का पुनरीक्षित बजट स्वीकृत किया गया। राज्य में विश्वस्तरीय सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने और परोपकारी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 'मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026 लागू करने के प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद ने 5 सदस्यीय मंत्रि-मण्डल उप समिति का गठन किया है। समिति सभी संबंधित पहलुओं का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। मंत्रि-परिषद ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स मॉडल पर चलाने का पायलट प्रोजेक्ट भी मंजूर किया गया। वन्य-प्राणी संरक्षण और संवेदनशील क्षेत्रों के 94 गांवों के विस्थापन व मुआवजे के लिए 16वें वित्त आयोग की अवधि 2026-2031 के तहत 2 हजार 381 करोड़ 15 लाख रुपये आवंटित किए हैं। सामाजिक और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देते हुए जनजातीय विद्यार्थियों की शैक्षणिक व आवासीय सुविधाओं के लिए 687 करोड़ रुपये और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से रेशम उत्पादन की विभिन्न योजनाओं के लिए 639 करोड़ 25 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन,औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिक कल्याण योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए 531 करोड़ 78 लाख रुपये तथा स्थानीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन व ऑडिट व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए स्थानीय निधि संपरीक्षा के संचालन के लिए 492 करोड़ 45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी निर्णय आगामी पांच वर्षों में मध्यप्रदेश के समग्र, समावेशी और सतत विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी पहल है। इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 19 हजार 472 करोड़ 29 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 7 हजार 500.80करोड़रूपये में 5 हजार 388.58 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर पुनरीक्षित लागत 12 हजार 889.38 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त उ‌द्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण पीपीपी घटक एवं आंतरिक ऋण के प्रभाव को सम्मिलित करते हुए 6 हजार 582.91 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस तरह कुल 19 हजार 472 करोड़ 29 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। अतिरिक्त वित्त पोषण में भारत शासन और मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1,696 करोड़ 74 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 214 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्त पोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 3,496 करोड़ 15 लाख रूपये का अतिरिक्त पीटीए/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 656 करोड़ 96 लाख रूपये एवं आईडीसीकी लागत के लिए 518 करोड़ 42 लाख रूपये का अतिरिक्त ऋण शामिल है। प्रोजेक्ट टाइगर एण्ड एलिफेंट और ग्रामों के पुनर्वास संबंधी मुआवजा के लिए 2 हजार 381 करोड़ 15 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वन विभाग के अंतर्गत प्रोजेक्ट टाइगर एण्ड एलिफेंट और ग्रामों के पुनर्वास के लिए मुआवजा सम्बंधी योजना के सोलहवें केन्द्रीय वित आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक कुल 5 वर्षों तक संचालन के लिए कुल 2 हजार 381 करोड़ 15 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार प्रोजेक्ट टाइगर एण्ड एलिफेंट (नॉन-रिकरिंग), प्रोजेक्ट टाइगर एण्ड एलिफेंट (रिकरिंग) और प्रोजेक्ट टाइगर एण्ड एलिफेंट (प्रोजेक्ट एलिफेंट) के लिए एक हजार 131 करोड़ 15 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन तीनों योजनाओं से वन्यप्राणी संरक्षण के वैज्ञानिक सिद्धान्तों के आधार पर बनाई गई प्रबंध योजना का क्रियान्वयन किया जाना है, जिसमें मुख्यतः प्रदेश के टाइगर रिजर्व, कूनो राष्ट्रीय उद्यान तथा गांधीसागर अभयारण्य में वन एवं वन्य-प्राणी सुरक्षा के लिए हैबीटेट सुधार, अग्नि एवं वन सुरक्षा, जल स्त्रोतों का विकास, वन मार्गो का रखरखाव आवश्यक संरचनाओं का निर्माण एवं उनका रखरखाव, हाथियों का प्रबंधन एवं सुरक्षा कार्य, रेस्क्यू सामग्री क्रय, कैम्प निर्माण, दवाईयां क्रय एवं हाथियों के लिए भोजन व्यवस्था आदि कार्य किए जायेंगे। ग्रामों के पुनर्वास के लिए मुआवजा सम्बंधी योजना के लिए एक हजार 250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य संरक्षित वन क्षेत्रों में वन्य-प्राणियों के संवेदनशील आवास स्थलों को एवं वन्य-प्राणियों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहे ग्रामों को संरक्षित वन क्षेत्र के बाहर पुनर्वसित करना है। इसमें ग्रामीणों के अचल सम्पत्ति का विधि अनुसार अधिग्रहण कर निर्धारित मुआवजा का भुगतान किया जाता है। योजना का क्रियान्वयन संजय टाइगर रिजर्व, सतपुडा टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, रातापानी टाइगर रिजर्व, ओरछा अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत 94 ग्रामों में किया जायेगा। श्रमिक कल्याण से संबंधित योजनाओं के लिए 531 करोड़ 78 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा श्रमिक कल्याण से संबंधित श्रम विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक कुल 5 वर्षों तक संचालन के लिए 531 करोड़ 78 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार श्रम आयुक्त कार्यालय के संचालन के लिए 57 करोड़ 48 … Read more

जासूसी एंगल की जांच तेज, यूपी के कई शहरों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजने का आरोप; धार से गिरफ्तारी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बाद एमपी एटीएस ने धार जिले से एक और संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। संदिग्ध की पहचान हाजी अजहर के रूप में हुई है। इससे पहले एटीएस ने भोपाल से मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान टीम को कई अहम सुराग मिले हैं। अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है। टीम ने इससे पहले नईम अब्दुल्ला को पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर हरियाणा के नूंह से एक संदिग्ध को पूछताछ के लिए भोपाल लाया गया है। मोहम्मद फराज और नईम अब्दुल्ला से पूछताछ हो रही है। सूत्रों के अनुसार, दोनों की निशानदेही पर हुई कार्रवाई में जांच एजेंसी को कई अहम डिजिटल इनपुट मिले हैं। पाकिस्तान के नंबर पर होती थी बात सूत्रों के अनुसार में इस बात का खुलासा हुआ है कि संदिग्धों के मोबाइल फोन पर पाकिस्तान के नंबर मिले हैं। जांच के दौरान यह पाया गया है कि संदिग्ध पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नंबरों से बात करते थे। फिलहाल जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में है कि यह लोग किस नेटवर्क के संपर्क ने और क्या काम करते थे। भोपाल से गिरफ्तार संदिग्ध मोहम्मद फराज के मोबाइल की डिजिटल सबूत मिले हैं। इस सबूतों से साफ होता है कि वह विदेशी नेटवर्क के संपर्क में था और बातचीत के लिए एक स्पेशल ऐप का इस्तेमाल करता था। मामले का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसी मोहम्मद फराज के चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। यूपी के शहरों की भेजी गई तस्वीरें सूत्रों के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि नईम अब्दुल्ला ने उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेज हैं। फराज के मोबाइल फोन की डिजिटल जांच में ऐसे सबूत मिले हैं।     MP में ATS की बड़ी कार्रवाई     धार से एक संदिग्ध को किया गिरफ्तार     भोपाल से मोहम्मद फराज की हुई थी गिरफ्तारी     जांच में खुलासा, यूपी के कई शहर की भेजी गई फोटो आर्थिक लेनदेन की जांच जांच एजेंसी गिरफ्तार सभी संदिग्धों के आर्थिक लेन देन की जांच भी कर रही है। फिलहाल इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। टीम ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है।