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हार के खिलाफ एक्शन में ममता बनर्जी, भवानीपुर परिणाम को लेकर हाईकोर्ट में दायर की याचिका

 कोलकाता ममता बनर्जी ने भवानीपुर की हार को कोलकाता हाईकोर्ट में चुनौती दी है. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज दोपहर अचानक कोलकाता हाई कोर्ट पहुंच गईं और भवानीपुर विधानसभा रिजल्ट के नतीजे को चुनौती दी है. ममता बनर्जी के साथ सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेना और कल्याण बनर्जी मौजूद थे. रिपोर्ट के अनुसार ममता याचिका के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने कोर्ट पहुंचीं थीं।  भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर थी. इस सीट से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की है. जबकि ममता को हार का मुंह देखना पड़ा था. कांटे की टक्कर में इस सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने इस सीट पर ममता बनर्जी को 15104 वोटों से मात दी थी. इस सीट पर शुभेंदु अधिकारी को 73917 और ममता बनर्जी को 58812 वोट मिले थे. तीसरे स्थान पर रहे सीपीएम के श्रीजीब विश्वास को 3556 वोट मिले थे।  ममता बनर्जी मतगणना के दिन 16-17 राउंड तक आगे ही थीं. लेकिन दोनों उम्मीदवारों के बीच गैप धीरे धीरे कम होता गया. आखिर मतगणना के आखिरी चरणों में शुभेंदु अधिकारी ने तगड़ी लीड ली और आखिरकार 15104 वोट से चुनाव जीत गए। इस सीट पर मतगणना के दौरान काफी हंगामा भी हुआ था। उन्होंने भवानीपुर विधानसभा रिजल्ट के नतीजे को चुनौती दी. ममता बनर्जी के साथ सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेना और कल्याण बनर्जी भी उपस्थित थे। आपको बता दें कि भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर देखी गई थी. इस सीट से पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की. वहीं ममता को हार का मुंह देखने को मिला. कांटे की टक्कर में इस सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15104 वोटों से हराया था।  

लखनऊ मेट्रो सेकंड फेज शुरू, पीजीआई से बाराबंकी तक पहुंचेगा नेटवर्क, 40 लाख लोगों को फायदा

लखनऊ  लखनऊ मेट्रो का महाविस्तार होने जा रहा है। मेट्रो के सेकंड फेज के लिए काम शुरू हो गया है। टेंडर होने के बाद जुलाई से निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। बताया जा रहा है कि लखनऊ में मेट्रो का नेटवर्क रेलवे से भी बड़ा हो जाएगा इसमें शहर के आसपास के इलाकों को भी कवर किया जाएगा। आगे के चरणों में पीजीआई, बख्शी का तालाब, बाराबंकी तक मेट्रो की सुविधा मिलेगी। इसके तहत 150 किमी का नया मेट्रो ट्रैक बिछाया जाएगा। दस नए कॉरिडोर बनेंगे। मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार के लिए मंजूरी इसमें शहर में तकरीबन दस नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इस रिपोर्ट को शासन को भेजी गई थी। सरकार ने मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार के लिए मंजूरी भी दे दी है। अब मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) बनाई जा रही है। इस मामले निगरानी मुख्य सचिव के जरिये खुद मुख्यमंत्री कर रहे हैं। 35 से 40 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा सूत्र बताते हैं कि अयोध्या रोड पर बाराबंकी तक, सीतापुर रोड पर इटौंजा तक, कानपुर रोड पर उन्नाव तक, हरदोई रोड पर संडीला तक के अतिरिक्त इसका पीजीआई और मोहनलालगंज तक विस्तार किया जाएगा। एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया वाली मेट्रो लाइन को आगे तक बढ़ाया जाएगा। अनुमान के मुताबिक मेट्रो विस्तार होने से लखनऊ की 35 से 40 लाख की आबादी को इसका लाभ मिलेगा। करीब 10 वर्ष में पूरा होगा प्रोजेक्ट प्राप्त जानकारी के अनुसार बाराबंकी, संडीला, उन्नाव, इटौंजा, मोहनलालगंज तक कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। प्रोजेक्ट करीब 10 वर्ष में पूरा होगा। इस पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मेट्रो का विस्तार 150 किलोमीटर तक होने जा रहा है। मेट्रो की ओर से कराए गए सर्वे के आधार पर नेटवर्क विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया गया है।     मेट्रो प्रशासन की ओर से तैयार कराए जा रहे डीपीआर में सभी मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।     यहां ई साइकिल, ई-बाइक जैसी ई-व्हीकल सेवाएं भी यात्रियों को मिलेंगी।     पीजीआई, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, बंथरा, राजाजीपुरम, काकोरी, दुबग्गा, मलिहाबाद, रहीमाबाद, कमता, चिनहट, मटियारी, बीबीडी, तिवारीगंज, सफेदाबाद, मड़ियांव, केशवनगर, आईआईएम, बृज की रसोई, बख्शी का तालाब, इटौंजा, जानकीपुरम आदि इलाकों को कवर करने की योजना है।

कोर्ट केस और नोटिस के बाद आगरा प्रशासन ने मजार शिफ्टिंग का लिया फैसला

आगरा आगरा पुलिस प्रशासन ने एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने बीच सड़क स्थित विवादित मजार को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. यातायात बाधित होने और हादसों की आशंका के कारण इस मजार को हटाने की मांग लंबे समय से हो रही थी. प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच कई दौर की चर्चा के बाद सहमति बनी, जिसके तहत अब कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच पुलिस बल की निगरानी में मजार को शिफ्ट किया जा रहा है. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर एमजी रोड के इस रास्ते को रोक दिया गया है. हिंदूवादी नेता ने दायर किया था कोर्ट में वाद इस मजार को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद भी चल रहा था. हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दोनों मजारों के ध्वस्तीकरण की मांग को लेकर अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दायर किया था. वादी का आरोप था कि यह मजार और दरगाह सरकारी भूमि पर बनी हैं. अधिकारियों को जारी हुआ था समन इससे पहले कुंवर अजय तोमर ने 19 जनवरी 2026 को धारा 80 सीपीसी के तहत नोटिस भेजकर कार्रवाई की मांग की थी. अधिकारियों द्वारा समय सीमा में जवाब न देने पर उन्होंने कोर्ट का रुख किया. इसके बाद न्यायाधीश श्वेत्शा चंद्रा की अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए आगरा के जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को समन जारी किए थे. आखिरकार अब सहमति से शिफ्टिंग की कार्रवाई की जा रही है. पक्षकार का बयान योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष और ताजमहल-तेजोमहालय केस के पक्षकार हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर लगातार इसके लिए लड़ रहे थे. कुंवर अजय तोमर ने मजार के ध्वस्तीकरण के लिए 19 जनवरी 2026 को आगरा नगर निगम के नगर आयुक्त, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और डीएम को धारा 80 सीपीसी का नोटिस भेजा था जिस पर अधिकारियों ने ना कोई संज्ञान लिया और ना कोई कार्रवाई की थी, जिसके बाद उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में वाद दाखिल किया था. जिसमें अभी अगले महीने 21 जुलाई को सुनवाई भी होनी है लेकिन उससे पहले ही अब प्रशासन ने मजार पर कार्रवाई कर दी है. यह मामला डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तक भी पहुंचा था और उन्होंने भी अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए थे. वहीं, कुंवर अजय तोमर ने पूरी कार्रवाई पर प्रशासन का आभार जताया है और इस कार्रवाई को अपनी बड़ी जीत बताया है उन्होंने कहा कि यह आगरा वासियों के लिए  राहत भरी खबर है इससे कहीं ना कहीं अब जाम की समस्या से राहत मिलेगी, यातायात बाधित नहीं होगा. तोमर ने कहा कि हमारी लड़ाई यही नहीं रुकेगी सामने नागरी प्रचारिणी के बराबर में बनीं दरगाह का भी आधा हिस्सा अवैध है उस पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी चाहिए. अजय तोमर का कहना है कि कोर्ट में हमने जो वाद दाखिल किया है उसमें एमजी रोड वाली मजार और सामने बनी दरगाह दोनों शामिल है. बता दें कि कुंवर अजय तोमर ने इसके अलावा 27 मस्जिदों मजारों और दरगाहों पर कार्रवाई के लिए एक और धारा 80 सीपीसी का नोटिस नगर निगम के नगर आयुक्त, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, आगरा के डीएम और छावनी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजा है.

कलमा पढ़ाने के बहाने साजिश? एयरफोर्स अफसर की पत्नी ने लगाए रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोप

छिंदवाड़ा   मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के एक मौलाना का बड़ा कांड सामने आया है। यहां आरोप मौलाना ने एक एयरफोर्स अफसर की पत्नी को जबरन कलमा पढ़ाया और दोस्तों के से पीड़िता को ब्लैकमेल करके दुष्कर्म करवाया। आरोप है कि मौलाना और उसके साथियों ने महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर लगभग सवा तीन लाख रुपए ऐंठे हैं। फिलहाल छिंदवाड़ा का रहने वाला आरोपी मौलाना पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके दो सहयोगी गिरफ्तार हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता महाराष्ट्र के नागपुर में भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की पत्नी है। उसने पुलिस में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय पीड़िता नागपुर में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। पति नौकरी के कारण अकसर दूसरे शहर में रहते थे। फरवरी 2025 में पीड़िता के पुराने सहपाठी अयाज ताज मदारे ने जमीन खरीदने की इच्छा जताई और बात करने के लिए वर्धा रोड स्थित एक होटल में बुलाया। पीड़िता का आरोप है कि होटल में बातचीत के दौरान आरोपी ने उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिसके बाद वह बेहोश हो गई। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बना लिए। जब पीड़िता को होश आया तो उसे अपने साथ हुई हैवानियत की जानकारी लगी। उसका आरोप है कि आरोपी यही नहीं रूका उसने बाद में उसकी वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला पीड़िता के मुताबिक, आरोपी कई महीनों तक उसे ब्लैकमेल करता रहा। वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसने उससे कई बार पैसे लिए। थोड़े थोड़े करके आरोपी ने उससे लगभग 3 लाख 9 हजार रुपये वसूले गए। हद तो तब हो गई जब मई 2025 में आरोपी ने महिला को नागपुर के समीप कलमेश्वर क्षेत्र बुलाया। वहां उसकी मुलाकात अमीन शेख और छिंदवाड़ा के रहने वाले एक मौलाना से करवाई। तीनों ने मिलकर उससे कलमा पढ़वाया गया और धर्म परिवर्तन का दवाब बनाया। इस दौरान कई तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियां कराई गईं। महिला का आरोप है कि उसकी यह सब उसकी इच्छा के विरुद्ध किया गया और उसे मानसिक रूप से डराने का प्रयास किया गया।  

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ रहे राजस्थान के लाखों असंगठित श्रमिक

जयपुर किसी भी देश या प्रदेश के विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसके हक और योजनाओं की पहुंच हो। अंत्योदय के इसी संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसी क्रम में ‘ई-श्रम पोर्टल’ एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभरा है। इस पोर्टल के जरिए ना केवल श्रमिकों का एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, बल्कि यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के जरिए उन तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था में असंगठित क्षेत्र का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्यों, कृषि, घरेलू सेवाओं, रेहड़ी-पटरी व्यवसाय, परिवहन, वस्त्र उद्योग के साथ ही गिग वर्कर्स अपनी मेहनत से देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। इन असंगठित श्रमिकों की कोई समग्र और प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध नहीं होने से उन तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी को देखते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 26 अगस्त 2021 को ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत की गई। ई-श्रम पोर्टल के प्रति राजस्थान के श्रमिकों में बढ़ती जागरुकता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान भी इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। राज्य में ई-श्रम पोर्टल के प्रति श्रमिकों की बढ़ती जागरुकता के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक राजस्थान में 1 करोड़ 54 लाख 50 हजार 294 श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 82 लाख 40 हजार 291 महिलाएं और 72 लाख 9 हजार 896 पुरुष श्रमिक शामिल हैं। यह तथ्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि महिलाओं की भागीदारी 53.33 प्रतिशत है, जो आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती सक्रियता का परिचायक है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधार कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक पंजीकरण राजस्थान में पंजीकृत श्रमिकों के क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें, तो कृषि क्षेत्र सबसे आगे है। राज्य में 85 लाख 99 हजार 316 कृषि श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है। इसके बाद निर्माण क्षेत्र के 24 लाख 29 हजार 179 तथा वस्त्र एवं परिधान उद्योग के 8 लाख 2 हजार 650 श्रमिक पंजीकृत हुए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि ई-श्रम पोर्टल ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को एक साझा मंच पर लाने में सफलता प्राप्त की है। पंजीकरण के विभिन्न माध्यमों का विश्लेषण करें तो स्वयं पंजीकरण की प्रक्रिया को श्रमिकों ने व्यापक रूप से अपनाया है। राज्य में 1 करोड़ 2 लाख 27 हजार 852 श्रमिकों ने स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इसके अतिरिक्त कॉमन सर्विस सेंटर्स के माध्यम से 51 लाख 62 हजार 175 श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। राज्य सेवा केंद्रों, उमंग प्लेटफॉर्म तथा अन्य माध्यमों से भी हजारों श्रमिक इस अभियान से जुड़े हैं। यह दर्शाता है कि सरकार ने श्रमिकों तक पहुंच बनाने के प्रभावी प्रयास किए हैं। वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ से एक क्लिक दूर योजनाएं ई-श्रम पोर्टल पर 21 अक्टूबर 2024 को ‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं को एकीकृत किया गया। इस व्यवस्था ने श्रमिकों के लिए योजनाओं की जानकारी प्राप्त करना और लाभ उठाने को पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल बना दिया है। अब पंजीकृत श्रमिक एक क्लिक पर प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना, व्यापारियों एवं स्व-रोजगार व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम-वृद्धावस्था सुरक्षा, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, बुनकर स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना तथा सफाई कर्मचारियों-हाथ से मैला ढोने वाले व्यक्तियों के पुनर्वास संबंधी योजनाओं जैसी अनेक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ सकते हैं। इसके साथ ही ई-श्रम पोर्टल रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दे रहा है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, गरीब कल्याण रोजगार योजना, दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाओं को पोर्टल से जोड़कर श्रमिकों के लिए रोजगार और आजीविका के नए द्वार खोले गए हैं। इससे ना केवल रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि श्रमिक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी हो रहे हैं। सरल और सुलभ पंजीकरण प्रक्रिया से बढ़ी सक्रियता ई-श्रम पोर्टल की एक बड़ी विशेषता इसकी सरल और सुलभ पंजीकरण प्रक्रिया है। 16 से 59 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी असंगठित श्रमिक (जो ईपीएफओ, ईएसआईसी या सरकारी वित्त पोषित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का सदस्य नहीं हो) इस पोर्टल पर पंजीकरण कर सकता है। श्रमिक अपने आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या राज्य सेवा केंद्र में भी निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। उमंग ऐप और पोर्टल के माध्यम से भी श्रमिक अपनी प्रोफाइल को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। राजस्थान सहित पूरे देश में ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से असंगठित श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का नया अध्याय लिखा जा रहा है। वर्तमान समय में ई-श्रम पोर्टल असंगठित श्रमिकों के लिए केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। यह श्रमिकों को पेंशन, बीमा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा, कौशल विकास और रोजगार जैसी आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने वाला एकीकृत मंच है। साथ ही, सरकार को भी लक्षित लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में सहायता मिल रही है। यह पहल ना केवल श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को पूरा करने में उनकी भागीदारी को भी सुनिश्चित कर रही है।

मुंडेश्वरी धाम के विकास को गति, कैमूर-रोहतास के बीच बनेगा एयरपोर्ट, जल्द शुरू होगा रोप-वे

भभुआ. जिले के भगवानपुर प्रखंड में स्थित सबसे प्राचीन माता मुंडेश्वरी धाम परिसर में मंगलवार को आयोजित सभा को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही रोहतास व कैमूर के बीच जमीन चिह्नित कर एयरपोर्ट बनवाया जाएगा। इसके लिए मैंने पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया है। उन्होंने कहा कि माता मुंडेश्वरी मंदिर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कई कार्य होंगे। यहां लंबित रोप-वे निर्माण का कार्य बरसात के बाद शुरू होगा। मैं अगली बार आऊंगा तो रोप-वे का शिलान्यास करूंगा। हेलीकॉप्टर की सेवा भी मिलेगी उन्होंने कहा कि इसके अलावा मां ताराचंडी, तुतला भवानी, गुप्ता धाम आदि धार्मिक स्थलों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यहां हेलीकॉप्टर की सुविधा शुरू होगी। कैमूर जिले को टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा पहाड़ का दृश्य विश्व में शायद ही कहीं देखने को मिले। मां मुंडेश्वरी धाम परिसर में स्थित धर्मशाला का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिले। सभी प्रखंडों में खुलेंगे मॉडल स्कूल उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिहार में दो साल के अंदर सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोलेगी। जिसमें सभी तरह की शैक्षणिक व्यवस्था होगी। यहां के बच्चे नीट, जेईई, आईआईटी की तैयारी करने बाहर नहीं जाएंगे। मॉडल स्कूलों में पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बच्चे भी पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों के बच्चे मॉडल स्कूल में पढ़ेंगे तब लगेगा कि बिहार का विकास हो रहा है। कैमूर के बच्चे वाराणसी के बीएचयू में पढ़ने जाते हैं। हमने पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि बिहार की धरती पर बीएचयू की शाखा खोली जाए। इसके लिए भी काम जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रही है। सहयोग शिविर के एक माह होने वाले हैं। जिसमें तीन लाख 36 हजार 78 आवेदन आए, जिसमें दो लाख 61628 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है, जो 90 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी दस दिन में कोई आदेश नहीं करता, उसे 11वें दिन नोटिस दिया जाता है। इसके बाद फिर 20 दिन तक आदेश नहीं देने पर 21वें दिन नोटिस दिया जाता है, फिर 25 दिन तक आदेश नहीं करने पर 26वें दिन नोटिस दिया जाती है और यदि पदाधिकारी 30 दिन तक कोई ओदश नहीं करते हैं तो वे 31वें दिन स्वत: निलंबित (सस्पेंड) हो जाएंगे। सीएम ने कहा कि हमारी सरकारी जनता से संवाद यानी जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहती है, ताकि बिहार की जनता कोई परेशानी न झेले। 'अपराधी या तो बिहार छोड़ दें…' उन्होंने कहा कि बिहार को अपराध मुक्त बनाना है। इसके लिए अपराधी या तो बिहार छोड़ दें या अपराध छोड़ दें। यदि अपराधी पकड़े जाते हैं तो पहले उनसे कहा जाएगा कि वे अपराध छोड़ दें, और यदि इसके बाद भी वे नहीं मानते हैं और अपराध करते हैं तो 48 घंटा के अंदर उन्हें अपराध की श्रेणी की तरह ही जवाब दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि बिहार में बिजली महंगे दर पर खरीदी जाती थी, लेकिन अब बिहार में थर्मल पावर है। यहां जब झारखंड से बिहार अलग हुआ था तब आबादी लगभग 6 करोड़ थी, और अब लगभग 14 करोड़ है। बिहार की आबादी बढ़ने के साथ ही संरचना को भी बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम गांव-गांव बिजली पहुंचाएंगे तब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, हम घर-घर बिजली पहुंचाएंगे। अब हमारी सरकारी 25 लाख बीपीएल लोगों के घरों की छत पर सोलर प्लेट लगाएगी। इससे आगामी 25 वर्ष तक बिजली बिल से मुक्ति और 125 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन पर सरकार पैसा देगी।

एक ही पेड़ पर बौर, कच्चे और पके आम एक साथ, हैरान कर रही वैरायटी

सहारनपुर  मीठे-मीठे आमों का सीजन चल रहा है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला पूरे देश में आम की बेहतरीन किस्मों के लिए मशहूर है। इस बार यहां आम की एक ऐसी अनोखी वैरायटी हुई है, जो हर तरफ चर्चा में है। आमतौर पर आम के पेड़ पर साल में एक बार बौर आती है और फिर निश्चित समय पर फल तैयार होते हैं। लेकिन, इस वैरायटी की खासियत यह है कि ये केवल मौसम विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे साल फल देने की क्षमता रखता है। आम की इस दुर्लभ किस्म को 'सदाबहार' नाम दिया गया है। सदाबहार 'आम' के पेड़ की सबसे खास बात यह है कि इसके ऊपर एक साथ बौर, छोटे फल और पकने के लिए तैयार आम दिखाई देते हैं। यानी पेड़ पर हर समय किसी न किसी अवस्था में फल मौजूद रहता है। यही वजह है कि इसे देखने के लिए दूर-दराज के इलाकों से लोग सहारनपुर पहुंच रहे हैं। खासकर वो लोग, जिन्होंने आम के बड़े-बड़े बाग लगा रखे हैं। नई बोर के साथ छोटे फल और पके फल आम की अनोखी किस्म को संरक्षित और विकसित करने का काम कर रहे किसान राजेंद्र अटल बताते हैं कि उनके पास कई दुर्लभ और विशेष पौधों का संरक्षण किया जा रहा है। सदाबहार आम का यह पेड़ अब अपने तीसरे साल में प्रवेश कर चुका है और लगातार बेहतर फल दे रहा है। पिछले साल भी इस पेड़ ने सालभर फल दिए थे और इस समय भी नई बौर के साथ छोटे और पकने के लिए तैयार फल एक साथ मौजूद हैं। दूसरे आम से कितना अलग है सदाबहार राजेंद्र अटल बताते हैं कि इस किस्म की एक और विशेषता इसका आकार है। अन्य आम के पेड़ों के मुकाबले यह छोटा रहता है, जिससे इसकी देखभाल और फल तोड़ने का काम आसान हो जाता है। साइज में छोटा होने के बावजूद इसकी उत्पादकता काफी अच्छी मानी जाती है। ये आम बेहद मीठे और खुशबूदार होते हैं। यही कारण है कि एक बार इसका स्वाद चखने वाले लोग इसकी तारीफ किए बिना नहीं रहते। जैविक तरीके से उगाया जाता है सदाबहार आम एक और खास बात यह भी है कि इस वैरायटी की खेती पूरी तरह जैविक तरीके से की जा रही है। राजेंद्र अटल बताते हैं कि इसके उत्पादन में किसी प्रकार की रासायनिक खाद या केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। प्राकृतिक तरीकों से तैयार होने के बावजूद यह पेड़ लगातार फल देने में सक्षम है, जो इसे अन्य किस्मों से अलग बनाता है। फिलहाल राजेंद्र अटल के पास सदाबहार आम के करीब 20 पेड़ हैं। साथ ही कलम विधि के जरिए नए पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं।  

सुबह की ये 5 गलत आदतें चुपचाप कमजोर कर रही हैं आपका दिल

आज की भागदौड़ भरी इस जिंदगी में अगर हम किसी चीज़ को सबसे ज़्यादा नजरअंदाज कर रहे हैं, तो वह है हमारी सेहत. खासकर जब बात हार्ट हेल्थ का ख्याल रखने की आती है, तो हम सबसे ज़्यादा इसे ही अनदेखा करने लगे हैं. आज का यह आर्टिकल उन सभी लोगों के लिए है, जो अपनी हार्ट हेल्थ का बेहतर तरीके से ख्याल रखना चाहते हैं. आज हम आपको सुबह की कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप समय रहते सुधार नहीं लेते हैं, तो इसका आपकी हार्ट हेल्थ पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. तो चलिए जानते हैं सुबह की ऐसी 5 गलत आदतों के बारे में, जो धीरे-धीरे आपके दिल को कमजोर करने का काम कर रही हैं और आपको इस बात का अंदाजा भी नहीं लग रहा है. सोकर उठते ही अचानक से बिस्तर से उठ जाना सुबह जैसे ही हमारी आंख खुलती है, हमारा शरीर एकदम रेस्ट मोड से जागने की स्थिति में आ रहा होता है. ऐसे में कई लोग क्या करते हैं कि अलार्म बजते ही झटके से बिस्तर से उठकर खड़े हो जाते हैं. सच मानिए, यह आदत आपके दिल के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है. अचानक ऐसे उठने से ब्लड प्रेशर एकदम से बढ़ जाता है, जिससे दिल पर अचानक बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है. सबसे सही तरीका यह है कि जब भी सुबह आपकी आंख खुले, तो तुरंत हड़बड़ाकर न उठें. कम से कम दो मिनट आराम से बिस्तर पर ही बैठे रहें, शरीर को थोड़ा स्ट्रेच करें और उसके बाद धीरे से उठें. इससे आपके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन एकदम नॉर्मल रहता है और दिल पर कोई फालतू का लोड नहीं पड़ता. खाली पेट चाय या कॉफी पीना भारत में ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत बेड-टी यानी बिस्तर पर चाय या कॉफी पीने से होती है. लेकिन खाली पेट कैफीन का सेवन करना आपकी हार्ट हेल्थ के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. खाली पेट चाय या कॉफी पीने से शरीर में एसिडिटी बढ़ती है और हार्ट रेट तेज हो सकती है. इसके अलावा, आपकी यह आदत आपके ब्लड प्रेशर को भी अचानक से बढ़ा सकता है. सुबह उठकर सबसे पहले एक या दो ग्लास गुनगुना पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेट हो सके, उसके बाद ही कुछ खाना या पीना चाहिए. हैवी और अनहेल्दी ब्रेकफास्ट करना या उसे स्किप कर देना ब्रेकफास्ट हमारे पूरे दिन का सबसे जरूरी डाइट होता है. कुछ लोग समय की कमी के कारण ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं, तो कुछ लोग सुबह-सुबह ही बहुत ज्यादा तला-भुना, कचौड़ी, समोसा या पैक्ड चीजें खा लेते हैं. ये दोनों ही आदतें आपकी हार्ट हेल्थ के लिए काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं. ब्रेकफास्ट स्किप करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होता है जिससे मोटापा बढ़ने लगता है. इसकी वजह से दिल की बीमारी का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है. वहीं, दूसरी ओर, सुबह-सुबह ज्यादा तेल और फैट वाली चीजें खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे दिल की नसें ब्लॉक हो सकती हैं. हद से ज्यादा स्ट्रेस लेना या गुस्सा करना सुबह उठते ही ऑफिस की टेंशन, काम का प्रेशर या किसी बात पर गुस्सा करना आपकी हार्ट हेल्थ को बुरी तरह से बिगाड़ सकता है. जब आप सुबह-सुबह स्ट्रेस लेते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन्स रिलीज होते हैं. ये हॉर्मोन्स दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को बढ़ा देते हैं. अगर यह रोज की आदत बन जाए, तो समय के साथ आपका दिल कमजोर होने लगता है. अगर आप नहीं चाहते हैं कि ऐसा हो, तो सुबह के समय खुद को शांत रखने की कोशिश करें. इसके लिए आप थोड़ी देर मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग की प्रैक्टिस कर सकते हैं. फिजिकल एक्टिविटी बिल्कुल भी न करना आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन, रात भर सोने के बाद सुबह हमारे शरीर की नसें और मसल्स थोड़ी टाइट हो जाती हैं. अगर आप सुबह उठकर सीधे कुर्सी या सोफे पर बैठ जाते हैं और कोई फिजिकल मूवमेंट नहीं करते, तो यह आपके दिल के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है. सुबह के समय कम से कम 20 से 30 मिनट की लाइट वॉकिंग, योगा या स्ट्रेचिंग करना बहुत जरूरी है. फिजिकल एक्टिविटी न करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन स्लो हो जाता है, जिसकी वजह से दिल को काम करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.

पंजाब कांग्रेस में चुनावी मंथन तेज, वरिष्ठ नेता ऑब्जर्वर कमेटी के साथ करेंगे रणनीति पर चर्चा

चंडीगढ़. प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच कांग्रेस भी चुनावी रणनीति बनाने में तेजी से जुट गई है। आज नई दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को तलब किया गया है। सुबह दस बजे से हाईकमान की ओर से गठित तीन सदस्य ऑब्जर्वर कमेटी पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के अलावा विधायक परगट सिंह सहित अन्य विधायकों और संगठन के लोगों से कमेटी मुलाकात करेगी। इस संबंध में सोमवार को सभी नेताओं को दिल्ली पहुंचने के आदेश दिए गए। कुछ नेता सोमवार ही दिल्ली पहुंच गए हैं। जानकारी अनुसार आब्जर्वर कमेटी में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और पूर्व मंत्री भजनलाल जाटव पंजाब कांग्रेस नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे। नेताओं से मुलाकात कर पंजाब में चुनावी तैयारियों की लेंगे रिपोर्ट साथ ही सभी नेताओं से एक-एक कर मुलाकात कर पंजाब में चुनावी तैयारियों को लेकर रिपोर्ट लेंगे। तीनों आब्जर्वर के साथ होने वाली इस बैठक को इस समय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक के बाद ही चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति को लेकर स्थिति स्प्षट हो पाएगी। सूत्रों अनुसार आब्जर्वर कमेटी पंजाब को लेकर अपनी रिपोर्ट इसी हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपे देगी। जिसके बाद पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के साथ ही चुनाव को लेकर पार्टी के अन्य रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर फैसला लिया जाएगा। लंबे समय से पंजाब कांग्रेस में प्रदेेश अध्यक्ष के बदलाव करने या नहीं होने को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन अभी हाईकमान ने कोई फैसला नहीं लिया है। बीते महीने भर में चार से पांच बार पंजाब कांग्रेस नेताओं को दिल्ली तलब किया जा चुका है। विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही धड़ेबाजी को खतम करना कांग्रेस हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। मंगलवार की बैैठक के बाद ही कांग्रेस की आगे की रणनीति स्पष्ट हो पाएगी।

शिक्षकों को पोस्टिंग में बड़ी राहत, सम्राट चौधरी बोले- अब पढ़ाई पर कोई समझौता नहीं

 पटना बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग और स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बेहद सख्त बयान सामने आया है। कैमूर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में शिक्षकों को चेतावनी दी है कि सरकार उनकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रख रही है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की पढ़ाई से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षकों के ट्रांसफर नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि "ट्रांसफर जहां कराना है, करा लीजिए, लेकिन पढ़ाना तो पड़ेगा। कोई बहाना नहीं चलेगा।" मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से साफ है कि सरकार अब राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में है और लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर गाज गिरना तय है। शिक्षकों को पोस्टिंग की बड़ी राहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षकों की सहूलियत के लिए ट्रांसफर के नियमों को काफी आसान बनाया है। उन्होंने कहा, "शिक्षकों के लिए हम लोगों ने तय किया है कि आप अपने गांव के बिल्कुल बगल में चले जाइए, इसमें सरकार को कोई दिक्कत नहीं है।" उन्होंने महिला शिक्षिकाओं के लिए कहा कि जो हमारी बहनें शिक्षिका हैं, उन्हें उनके घर या गांव के ठीक बगल वाले पंचायत में ही पढ़ाने के लिए पोस्टिंग दी जाएगी। वहीं, जो हमारे भाई शिक्षक हैं, उन्हें भी ज्यादा दूर न भेजकर उनके बगल वाले प्रखंड में ही काम करने का अवसर दिया जाएगा। सम्राट चौधरी बोले- 'पढ़ाने के लिए अब कोई एक्सक्यूज नहीं मिलेगा' शिक्षकों को बड़ी राहत देने के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपनी दूसरी शर्त भी बेहद कड़े शब्दों में सामने रख दी। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा, "बगल के पंचायत और प्रखंड में पोस्टिंग तो मैं दे दूंगा, लेकिन पढ़ाना तो आपको हर हाल में पड़ेगा। अब पढ़ाने के लिए किसी भी तरह का कोई एक्सक्यूज नहीं मिलेगा।" उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा से स्कूल जाएं, बच्चों को पढ़ाएं और बिहार के भविष्य को आगे बढ़ाने का काम करें। मुख्यमंत्री ने राज्य में हुए ढांचागत बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज बिहार की पूरी स्कूल व्यवस्था बदल चुकी है और लगभग 75 हजार सरकारी स्कूलों को खोला व सुधारा जा चुका है। अब सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और किसान के बच्चों को देश की सबसे बेहतरीन शिक्षा मिल सके।