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प्रदूषण पर चंडीगढ़ का बड़ा कदम! 2×2 KM ग्रिड में मापा जाएगा कार्बन फुटप्रिंट, हॉटस्पॉट्स की होगी पहचान

चंडीगढ़ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन बड़ा कदम उठाने जा रहा है। शहर में पहली बार व्यापक और वैज्ञानिक कार्बन फुटप्रिंट एवं कार्बन स्टॉक असेसमेंट किया जाएगा। इस अध्ययन के जरिए यह पता लगाया जाएगा। प्रशासन पूरे शहर को 2×2 किलोमीटर के ग्रिड में बांटकर अध्ययन करेगा। हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी और जीआईएस मैपिंग के जरिए इलाकेवार प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की पहचान की जाएगी। इस आधार पर भविष्य की पर्यावरण और जलवायु संबंधी नीतियां तैयार की जाएंगी। 2030 तक क्लाइमेट प्लान तैयार:-     सात प्रमुख क्षेत्रों का होगा मूल्यांकन: अध्ययन के दौरान ऊर्जा खपत, परिवहन, भवन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, कचरा प्रबंधन, उद्योग, कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही शहर के हरित क्षेत्रों की कार्बन अवशोषण क्षमता का भी वैज्ञानिक मूल्यांकन होगा।     पेड़ों के साथ मिट्टी और जड़ों का भी होगा सर्वे: अध्ययन में केवल पेड़ों की संख्या ही नहीं, बल्कि उनकी जड़ों के बायोमास और मिट्टी में मौजूद ऑर्गेनिक कार्बन की भी गणना की जाएगी। शहर के लगभग 4,500 हेक्टेयर ग्रीन कवर, जिसमें 3,200 हेक्टेयर अधिसूचित वन क्षेत्र और 26 वर्ग किलोमीटर में फैली सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी शामिल है, का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। सुखना सेंचुरी के लिए अलग से कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन डेटाबेस तैयार होगा।     2030 तक का तैयार होगा जलवायु रोडमैप: यह अध्ययन पिछले 5 से 10 वर्षों के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के रुझानों का विश्लेषण करेगा। इसके आधार पर 2030 और उससे आगे के लिए कार्बन उत्सर्जन का अनुमान लगाया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों, साइकिलिंग और कचरा प्रबंधन से जुड़ी नई रणनीतियां तैयार की जाएंगी।     सौर ऊर्जा से हर साल बच रहे 57,960 टन CO₂: प्रशासन के अनुसार शहर में सरकारी गैर-आवासीय भवनों पर बड़े स्तर पर सोलर पैनल लगाए गए हैं।  वर्तमान में 377 सरकारी इमारतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित है, जिससे हर वर्ष करीब 8.4 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे सालाना लगभग 57,960 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम हो रहा है।     EV और साइकिलिंग से भी घटा कार्बन उत्सर्जन: चंडीगढ़ में पिछले पांच वर्षों के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में 16 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।  इससे वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है और कार्बन बचत 26 गुना तक बढ़ी है। वहीं, पब्लिक बाइसिकल शेयरिंग सिस्टम के जरिए प्रतिवर्ष लगभग 36 हजार किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन कम हो रहा है, जो करीब 1,600 पेड़ लगाने के बराबर माना जाता है। 4 साल में कार्बन बचत में बड़ा उछाल प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में शहर की कुल कार्बन बचत करीब 5.65 किलोटन CO₂ समतुल्य थी, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर लगभग 150 किलोटन CO₂ समतुल्य पहुंच गई है। प्रशासन का मानना है कि नया वैज्ञानिक अध्ययन चंडीगढ़ को देश के अग्रणी लो-कार्बन शहरों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

गजराज बांध से शहर को मिलेगा पेयजल? राज्यपाल डेका ने शुरू की बड़ी पहल

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की।           राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्याे में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।

निवारणपुर स्थित RSS ऑफिस को बनाया निशाना, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

रांची  निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऑफिस को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंकने की खबर सामने आई है. यह घटना देर रात हुई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. बताया जा रहा है कि देर रात एक कार में सवार दो अज्ञात हमलावर RSS कार्यालय के पास पहुंचे. आरोप है कि उन्होंने ऑफिस की ओर पेट्रोल बम फेंका और वहां से फरार हो गए. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही सदर डीएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा. पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पेट्रोल बम फेंके जाने की बात सामने आई है. हालांकि घटना के पीछे की वजह क्या थी, इसका पता अभी नहीं चल पाया है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. घटना के बाद RSS कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है. सुरक्षा के मद्देनजर कार्यालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी. फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की तलाश में छापेमारी भी शुरू कर दी गई है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा. वहीं प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है.

रिडेवलपमेंट को मिली रफ्तार, शंकर नगर BTI ग्राउंड समेत 5 बड़ी परियोजनाओं के टेंडर जारी

शासन द्वारा रिडेवलपमेंट योजना अंतर्गत शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने तथा अन्य कुल पाँच परियोजनाओं का टेंडर जारी हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी की गई निविदाएं रायपुर,  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है। राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है। आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

207 वर्ग किमी में रेयर अर्थ एक्सप्लोरेशन को मंजूरी, राजस्थान में विकास और रोजगार पर फोकस

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के समग्र विकास, सुशासन और नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन निर्णयों से खनन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सहभागिता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत निर्णयों की क्रियान्वयन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन को इनका लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके। 207.63 वर्ग किमी में रेयर अर्थ एलिमेंट्स खनिज के एक्सप्लोरेशन की स्वीकृति मुख्यमंत्री ने राज्य में रेयर अर्थ एलिमेंट्स के एक्सप्लोरेशन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए माइनिंग लीज प्रदान करने के प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। उन्होंने  बालोतरा के पचपदरा व शेरगढ़ के ग्राम नवातला एवं देवीगढ़ में 207.63 वर्ग किमी में रेयर अर्थ एलिमेंट्स खनिज के ब्लॉक की नीलामी में मैसर्स सेन्ट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट को एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की स्वीकृति दी है। एनआईए मामलों के लिए विशेष न्यायालय की स्थापना को दी मंजूरी मुख्यमंत्री ने राज्य में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) मामलों की सुनवाई हेतु विशेष न्यायालय की स्थापना करने की स्वीकृति दी है। इससे राज्य में न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ और प्रभावी होगी तथा मामलों के त्वरित निस्तारण में सहायता मिलेगी। 8 नवीन जिलों में होगा ‘नागरिक सुरक्षा कोर’ का गठन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा  की क्रियान्विति के क्रम में 8 नवीन जिलों- बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलौदी, सलूम्बर, खैरथल-तिजारा, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं ब्यावर में ‘नागरिक सुरक्षा कोर’ का गठन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की। यह इन जिलों में आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

खेती को मिलेगा वैज्ञानिक आधार, हरियाणा में 52 नई प्रयोगशालाएं और किसानों पर 1468 करोड़ का निवेश

चंडीगढ़. हरियाणा में कृषि भूमि में नाइट्रोजन की जांच करने के लिए 52 प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। कुल 12 लाख किसानों की कृषि भूमि से नमूने लिये जाएंगे जिससे वे यूरिया का निर्धारित मात्रा में उपयोग कर जमीन की उर्वरा शक्ति बढा सकें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में एक दर्जन विभागों के 1468 करोड़ रुपये के 32 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें राजस्व, कृषि, कौशल विकास, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य, सिंचाई तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम शामिल हैं। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता मौजूद थे। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। संबंधित जिलों में मंत्री एवं विधायकों के साथ मुख्यमंत्री भी अभियान से जुड़कर किसानों को जागरूक करेंगे। विशेषकर मोरनी क्षेत्र में 4000 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कोर्ट केस के मामलों का सही निपटान सुनिश्चित करने के लिए राजस्व कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम को स्वीकृति दी गई है। बैठक में कौशल्या डैम पंचकूला का पक्का कार्य करने, यमुना वाटर सेवाएं सर्कल रोहतक में भालोठ सब ब्रांच की आरडी 124000 से 156014 तक का पुनर्निर्माण, बरवाला ब्रांच से हिसार एयरपोर्ट पर कच्चे पानी हेतु पंपिंग स्टेशन बनाने तथा राणा डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की गई। पंचकूला बस स्टैंड रोटरी से ट्राफिक लाइट 4-11 चौक तक बरसाती पानी की निकासी हेतु ड्रेन का निर्माण होगा। पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर 29 में 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। सिरसा, अंबाला और रेवाड़ी में शुरू होंगी कई नई परियोजनाएं सिरसा शहर में अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने तथा 4.50 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने तथा केलनिया रोड पर 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम किया जाएगा। सिरसा में पेयजल के लिए तीसरे जल घर में शुद्ध जल टैंक निर्माण के साथ बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करवाया जाएगा। अंबाला शहर के देवीनगर में 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अंबाला सदर टाउन के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर ड्रेनेज बनाई जाएगी। रेवाड़ी शहर में नेताजी रोड पर 24 एमएलडी के प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट को टीटीपी में अपग्रेड कर बिशनपुर में 17 गांवों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाने के लिए नहर आधारित जल घर में रा वाटर पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। होडल टाउन में आगरा कैनाल वाटर टैंक से पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने और सीवर लाइन डलवाने के कार्य को स्वीकृति दी गई है।

घर में तुलसी के साथ ये पौधे बदल सकते हैं आपकी किस्मत, खुल सकते हैं धन और तरक्की के नए रास्ते

सनातन धर्म के साथ ही वास्तु शास्त्र में भी तुलसी के पौधे को साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, जिस घर के आंगन में तुलसी का वास होता है, वहां से बीमारियां और परेशानियां कोसों दूर रहती हैं. हमारे इसी वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे के अलावा भी कुछ पौधों का जिक्र मिलता है, जिन्हें अगर आप तुलसी के पौधे के साथ अपने घर पर लगाते हैं, तो इनका असर कई गुना तक ज्यादा बढ़ जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इन पौधों को तुलसी के पौधे के साथ घर पर लगाने से पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं चमत्कारी पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप तुलसी के पौधे के पास रखने लगते हैं, तो आपके लिए धन और दौलत के बंद पड़े सभी दरवाजे एक बार फिर से खुलने लग जाते हैं. तो चलिए, इन पौधों के बारे में विस्तार से जानते हैं. तुलसी के साथ रखें शमी का पौधा आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन शमी के पौधे का सीधा संबंध न्याय के देवता शनिदेव से माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी के साथ शमी का पौधा लगाना बेहद ही शुभ और मंगलकारी होता है. जहां तुलसी की पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं वहीं, शमी से शनिदेव की टेढ़ी नजर का असर खत्म होता है. इस जोड़े को घर में रखने से तरक्की में आ रही सभी रुकावटें दूर होती हैं और नौकरी-बिजनेस में पैसों का फ्लो तेजी से बढ़ता है. पैसों की दिक्कतों को खत्म करेगा मनी प्लांट पैसों से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए मनी प्लांट को सबसे असरदार माना गया है. वास्तु शास्त्र कहता है कि अगर घर के अग्निकोण यानी कि दक्षिण-पूर्व दिशा में मनी प्लांट हो और पास में ही तुलसी के पौधे की जगह हो, तो घर में बरकत कभी कम नहीं होती. मनी प्लांट जहां पैसों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करता है वहीं, तुलसी घर में शांति बनाए रखती है, जिससे बेवजह के खर्चों और कर्ज से मुक्ति मिलती है. घर पर लगाएं केले का छोटा सा पेड़ धार्मिक मान्यताओं की अगर मानें तो केले के पेड़ में साक्षात भगवान विष्णु का वास होता है. आप सभी को इस बात का अंदाजा तो जरूर होगा कि तुलसी जी को विष्णु जी की प्रिय कहा जाता है. यह एक बड़ी वजह है कि इन दोनों पौधों को आसपास रखना साक्षात लक्ष्मी-नारायण को घर बुलाने जैसा है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि केले के पौधे को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं. इसके अलावा गुरुवार के दिन इसमें जल चढ़ाने से कुंडली का गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे इंसान को जीवन में कभी भी पैसों की किल्लत नहीं देखनी पड़ती. तुलसी के पास रखें क्रासुला का पौधा वास्तु शास्त्र के अलावा फेंगशुई में भी क्रासुला के पौधे को धन को खींचने वाला पौधा कहा गया है. इसकी छोटी और मोटी पत्तियां देखने में बहुत सुंदर लगती हैं. मान्यताओं के अनुसार यह पौधा पॉजिटिव एनर्जी को बहुत तेजी से अपनी तरफ अट्रैक्ट है. इसे तुलसी के पास या फिर घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दाईं तरफ रखने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और जीवन में पैसों के आने के नए दरवाजे खुलने लगते हैं.

सलीमा टेटे और लालरेम्सियामी के गोल से भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार दूसरी जीत

ऑकलैंड  कप्तान सलीमा टेटे और लालरेम्सियामी के गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने मंगलवार को जापान को 2-1 से हराकर एफआईएच नेशंस कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह टूर्नामेंट में भारत की दूसरी जीत थी। उसने अपने पहले मैच में अमेरिका को हराया था। इस टूर्नामेंट की विजेता टीम अगले सत्र में एफआईएच प्रो लीग में खेलेगी। भारत पिछले सत्र में इस टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। भारत के लगातार दूसरी जीत से छह अंक हो गए हैं और उसने अंतिम चार में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। तीसरे क्वार्टर से बदला माहौल भारत ने तीसरे क्वार्टर में स्कोरिंग की शुरुआत की, जब फॉरवर्ड खिलाड़ियों के लगातार दबाव बनाने के बाद सलीमा टेटे ने 33वें मिनट में गोल दागा। हालांकि, भारत की बढ़त ज्यादा देर तक नहीं रही और जापान ने इसके दो मिनट बाद ही ऐ हिरमित्सु के गोल से स्कोर बराबर कर दिया। हालांकि, लालरेम्सियामी ने 49वें मिनट में गोल दागा जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ। जापान ने अंतिम क्षणों में आक्रामक खेल दिखाया लेकिन भारत ने उसके हमलों को नाकाम करते हुए जीत हासिल की। यह मैच मिडफील्डर ज्योति के लिए भी एक यादगार अवसर था, जिन्होंने सीनियर स्तर पर अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। पहले हाफ में करीबी मुकाबला पहले हाफ में काफी करीबी मुकाबला रहा, जिसमें दोनों टीमों ने मौके बनाए लेकिन मध्यांतर से पहले कोई भी गोल करने में असफल रही। तीसरे क्वार्टर में खेल में तब जान आ गई जब भारत ने 33वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करके बढ़त हासिल की। निक्की प्रधान ने नवनीत कौर के शॉट को बड़ी कुशलता से सलीमा की ओर मोड़ दिया, जिन्होंने सहजता से गेंद को गोल में डाल दिया। जापान ने तुरंत ही पलटवार किया और 35वें मिनट में हिरमित्सु ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। लालरेम्सियामी ने अंतिम क्वार्टर में निर्णायक गोल दागा। सुशीला चानू ने सर्कल के किनारे से सटीक पास दिया और लालरेम्सियामी ने बड़ी कुशलता से गेंद को नेट में डालकर भारत को महत्वपूर्ण जीत दिलाई।

4000 डॉलर में चली थी गोली! AP Dhillon केस के आरोपी को कनाडा से निकालने का आदेश

लुधियाना  लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने किंगरा को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने का आदेश जारी किया है। बोर्ड ने अपने फैसले में कहा है कि किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है, जो हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और धमकी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत किंगरा वर्ष 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुए हमले में किंगरा की भूमिका सामने आई थी। आईआरबी ने साफ कर दिया है कि अभिजीत किंगरा जैसे गैंगस्टर को कनाडा में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे तुरंत डिपोर्ट किया जाए। अभिजीत किंगरा पिछले एक साल से कनाडा की जेल में बंद है। उस पर एपी ढिल्लों के अलावा अन्य लोगों से भी रंगदारी वसूलने के आरोप हैं। आईआरबी ने यह फैसला 15 जून को सुनाया है। किंगरा ने बोर्ड के सामने एक अहम खुलासा करते हुए कहा कि एपी ढिल्लों के घर फायरिंग करने के लिए उसके एक सहयोगी ने उसे 4000 डॉलर देने की पेशकश की थी। इसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया। एपी ढिल्लों के घर फायरिंग से लेकर डिपोर्टेशन के ऑर्डर तक की पूरी कहानी..     स्टूडेंट वीजा पर गया, गैंगस्टर बन गया: अभिजीत किंगरा भारत से विदेश पढ़ने के लिए गया। वहां जाकर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आ गया। पहले उससे छोटे मोटे अपराध करवाए गए और उसके बदले उसे डाॅलर दिए गए। फिर वह नियमित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर बन गया। अभिजीत के खिलाफ कनाडा में भारतीय मूल के लोगों से रंगदारी मांगने और फायरिंग करने के कई मामले हैं। इन्हीं मामलों में उसे छह साल की सजा हो चुकी है।     पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग की: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर अभिजीत किंगरा ने 2 सितंबर 2024 को ब्रिटिश कोलंबिया (B.C.) के वैंकूवर आइलैंड पर स्थित पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर को निशाना बनाया गया था। रात के अंधेरे में दो हमलावर वहां पहुंचे। उनमें से एक अभिजीत किंगरा था। किंगरा ने सिंगर के घर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक के बाद एक कुल 14 गोलियां चलाईं। वहीं, उसके साथी ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।     4000 डॉलर का लालच: डिपोर्टेशन की सुनवाई के दौरान अभिजीत किंगरा ने खुद कोर्ट के सामने यह बात मानी कि उसे इस हमले के लिए पैसे दिए गए थे। उसने बताया कि विन्निपेग में उसकी कंपनी में काम करने वाले एक साथी ने उसे ब्रिटिश कोलंबिया जाने और एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने के लिए सिर्फ 4,000 कनाडाई डॉलर (लगभग ढाई लाख रुपए) का ऑफर दिया था।     सोशल मीडिया पर वीडियो: किंगरा ने बताया कि उसने न केवल गोलियां चलाईं, बल्कि इस वारदात का एक वीडियो भी अपने फोन से रिकॉर्ड किया। हमले के कुछ ही घंटों बाद, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस वीडियो को अपलोड कर दिया, जिसमें किंगरा को साफ तौर पर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता था। यह वीडियो बिश्नोई गैंग की तरफ से एक धमकी भरा संदेश था, जो बाद में पुलिस के लिए किंगरा के खिलाफ सबसे पक्का सबूत बन गया।     विन्निपेग में नौकरी और गैंग से संपर्क: अपनी पढ़ाई और रहने का खर्च निकालने के लिए किंगरा विन्निपेग शहर में एक मूविंग कंपनी में काम करने लगा। यहीं पर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुछ लोगों के संपर्क में आया।     शॉर्टकट से पैसे कमाने की चाह: किंगरा ने रिफ्यूजी बोर्ड के सामने गवाही देते हुए कहा कि वह एक सीधा-साधा लड़का है। उसने दावा किया कि उसे यह बिल्कुल नहीं पता था कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है। भारत में रह रहे अपने माता-पिता को पैसे भेजने की मजबूरी और 'आसान तरीके से अमीर बनने' के लालच ने उसे इस जुर्म की दुनिया में धकेल दिया।     कनाडा में कई घटनाओं को दिया अंजाम: एपी ढिल्लों के घर पर की गई गोलीबारी अकेली घटना नहीं थी। कनाडाई पुलिस और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) की जांच में किंगरा के खिलाफ कई और गंभीर मामले सामने आए हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, किंगरा और उसके साथियों ने सिर्फ एक सिंगर को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड ( इलाके में भी एक घर पर हमला किया था। वहां भी 14 राउंड गोलियां चलाई गईं और गाड़ियों को आग लगाई गई। इसके अलावा, ब्रिटिश कोलंबिया के ही सरे इलाके में भी इन दोनों पर इसी तरह के डराने-धमकाने वाले हमले करने का आरोप है। इसके साथ ही, दूसरी जगहों पर की गई फायरिंग और आगजनी के मामलों में उस पर केस चल रहा है।     फरार साथी और पुलिस की तलाश: इस पूरी साजिश में किंगरा का एक मुख्य जोड़ीदार विक्रम शर्मा भी शामिल था। विक्रम शर्मा ने ही गाड़ियों में आग लगाने का काम किया था। हालांकि, पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले ही विक्रम शर्मा कनाडा से भागकर भारत लौट आया। कनाडाई पुलिस (RCMP) ने उसके खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं और वह इस समय कनाडा पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी है।     किंगरा का ड्रामा और भारत में जान का खतरा: इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड के मेंबर अजीम लालजी के सामने जब किंगरा की सुनवाई हुई, तो उसने बचने के लिए कई पैंतरे आजमाए। बिना वकील के कोर्ट में पेश हुए किंगरा ने खुद को एक बेवकूफ और नासमझ लड़का बताया, जिसे चालाकी से फंसाया गया था। किंगरा ने कोर्ट के सामने भावुक होते हुए कहा कि मैं अपने माता-पिता का इकलौता बेटा हूं। मुझे भारत मत भेजिए। अगर मुझे वापस भारत डिपोर्ट किया गया, तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोग जेल के … Read more

वास्तु शास्त्र चेतावनी: दिन की शुरुआत में ये आदतें बिगाड़ सकती हैं आपका पूरा दिन, जानें किन चीजों से बचना जरूरी है

सुबह का जो समय होता है एक तरह से वही हमारे पूरे दिन की दिशा को तय करता है. अगर आपके दिन की शुरुआत पॉजिटिव और एनर्जेटिक होगी, तो आपका पूरा दिन खुशहाली और सफलताओं के साथ बीतेगा. हमारे वास्तु शास्त्र में सुबह के समय को लेकर कुछ खास नियम बताये गए हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि हम अनजाने में सुबह सोकर उठते ही अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं, जिनकी वजह से पूरे घर में निगेटिव एनर्जी का वास होने लग जाता है. अगर घर में निगेटिव एनर्जी बढ़ जाए तो इसकी वजह से बने हुए काम बिगड़ने लगते हैं, मेंटल स्ट्रेस बढ़ता है और साथ ही हमें पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी होने लगती हैं. आपके साथ ऐसा न हो इसलिए आज हम आपको 5 ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको भूलकर भी सुबह सोकर उठने के बाद नहीं करना चाहिए. तो चलिए इन गलतियों के बारे में जान लेते हैं ताकि आप खुद को जीवन में आने वाली मुसीबतों से बचाकर रख सकें. सोकर उठते ही आईना न देखें बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वे सुबह आंखें खुलते ही सबसे पहले अपना चेहरा आईने में देखते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना बहुत अशुभ साबित हो सकता है। रात भर की नींद के बाद हमारे शरीर में और आसपास कुछ निगेटिव एनर्जी इकट्ठा हो जाती है, जो सुबह चेहरे पर दिखती है. जब हम उठते ही आईना देखते हैं, तो वह निगेटिव एनर्जी वापस हमारे अंदर चली जाती है. इससे पूरे दिन हमारे स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहता है और काम में मन नहीं लगता. इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखना चाहिए या भगवान का नाम लेना चाहिए. गंदे और जूठे बर्तन देखने से बचें अक्सर लोग रात के बर्तनों को सिंक में ऐसे ही छोड़ देते हैं और सुबह उठते ही सबसे पहले उन पर नजर पड़ती है. वास्तु के अनुसार सुबह-सुबह गंदे बर्तनों को देखना या किचन में बिखरी हुई चीजों को देखना दरिद्रता को बुलावा देता है. इससे घर में माता लक्ष्मी का वास नहीं होता और राहु-केतु का निगेटिव इफेक्ट भी जीवन में बढ़ता है. कोशिश करें कि रात को ही रसोई साफ करके सोएं. अगर ऐसा पॉसिबल नहीं है, तो सुबह उठते ही सबसे पहले बर्तनों की तरफ न जाएं. सुबह उठकर सबसे पहले एक गिलास साफ पानी पिएं और पॉजिटिव चीजों के बारे में सोचें. अपनी या दूसरों की परछाईं देखने से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह के समय सूरज की रोशनी में या कमरे की लाइट में अपनी या परिवार के किसी सदस्य की परछाईं देखने से बचना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार आप आप सुबह उठते ही अपनी या फिर किसी और की परछाईं देखते हैं, तो आपके जीवन में स्ट्रेस, डर और दुर्भाग्य बढ़ने लग जाता है. इसके अलावा अगर आप सुबह उठते ही सबसे पहले किसी की परछाईं देखते हैं, तो इससे आपसी रिश्तों में कड़वाहट और मतभेद पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है. सुबह उठकर हमेशा सीधे सामने की तरफ देखना चाहिए, न कि दीवारों या फर्श पर बन रही परछाईं पर. आक्रामक जानवरों या तस्वीरों को न देखें कुछ लोगों के कमरों में हिंसक जानवरों, डूबते हुए सूरज, या उदास कर देने वाली तस्वीरें लगी हुई होती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह उठते ही ऐसी तस्वीरों पर नजर पड़ना बहुत ही नुकसानदेह माना जाता है. इसके अलावा, अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो उठते ही सबसे पहले उनके हिंसक रूप या आपस में लड़ते हुए देखना भी सही नहीं माना जाता है. वास्तु के अनुसार इससे आपके भीतर गुस्से और निगेटिविटी का संचार होता है. सुबह की शुरुआत हमेशा किसी देवी-देवता की तस्वीर, हंसते हुए चेहरे या शांत नेचर के सुंदर सीन्स को देखकर करनी चाहिए. सुबह उठते ही विवाद या अपशब्दों से बचें सुबह का जो समय होता है वह ईश्वर की आराधना और मन को शांत रखने का समय होता है. सुबह उठते ही किसी से बहस करना, चिल्लाना या अपशब्दों का इस्तेमाल करना पूरे घर के माहौल को बिगाड़ देता है. वास्तु शास्त्र की अगर मानें तो जो लोग अपने दिन की शुरुआत विवाद से करते हैं, उनके घर से तरक्की चली जाती है और पैसों का नुकसान भी होने लगता है. सुबह के समय हमेशा मीठी बोली का इस्तेमाल करें. इसके अलावा परिवार के सभी मेंबर्स को मुस्कुराकर गुड मॉर्निंग भी कहें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बना हुआ रहता है. दिन की अच्छी शुरुआत के लिए क्या करें? वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप नुकसानों से बचना और अपने दिन को बेहतर बनाना चाहते हैं तो सुबह उठकर सबसे पहले अपने दोनों हाथों की हथेलियों को मिलाकर देखें और भगवान का शुक्रिया अदा करें. इसके बाद धरती को छूकर उसे प्रणाम करें. यह छोटी सी आदत आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आएगी.