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छत्तीसगढ़ के पांच नगरों की बदलेगी तस्वीर, रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए HUDCO ने निकाले टेंडर

रायपुर. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हडको) राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है। राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है। आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने टीएल बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

खेल प्रतिभाओं के लिए खुशखबरी! मुख्यमंत्री की पहल पर पुलिस विभाग में सीधी भर्ती बहाल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की खिलाड़ी हितैषी पहल पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती होगी पुनः प्रारंभ ‘मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021’ में किया गया महत्वपूर्ण संशोधन प्रतिवर्ष सीधी भर्ती से 60 पद भरें जायेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत प्रयासों एवं मार्गदर्शन से वर्ष 2021 के बाद उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल खिलाड़ियों के लिए सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने के साथ उन्हें अपने खेल प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी को निरंतर जारी रखने में भी सहायक सिद्ध होगी। गृह विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार ‘मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021’में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। शासकीय राजपत्र में 15 जून 2026 को अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है। संशोधित नियमों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन, पात्रता एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया गया है। अब मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्राप्त होंगे। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पुलिस में उप निरीक्षक के 10 एवं आरक्षक के 50 पदों पर सीधी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। नए प्रावधानों में खेल कोटे से भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाएगी। इससे खिलाड़ियों को स्थायी अवसर उपलब्ध होंगे। खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मुख्यमंत्री यादव की इस खिलाड़ी-हितैषी पहल के लिए उनका आभार माना है। संशोधित नियमों की प्रमुख विशेषताएं वार्षिक भर्ती प्रक्रिया में पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा द्वारा प्रतिवर्ष आरक्षक एवं उप निरीक्षक पदों की रिक्तियां विज्ञापित की जाएंगी। पदक विजेताओं के साथ अब ओलम्पिक, एशियाई एवं राष्ट्रमण्डल खेलों में सहभागिता करने वाले खिलाड़ी भी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं शारीरिक मापदंड (ऊंचाई) में पूरी छूट दी जाएगी। साथ ही उन्हें लिखित परीक्षा एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) से भी छूट मिलेगी। उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्तियां अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में शामिल की जाएंगी। खेल विधाएं केवल वे मान्य होंगी, जो पिछले तीन ओलम्पिक खेलों में शामिल रही हों। मेरिट अंक समान होने की स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण ओलम्पिक, एशियाई खेल, विश्व कप आदि की प्राथमिकता और खिलाड़ी की आयु के आधार पर किया जाएगा। संशोधित नियम, 2026 के अंतर्गत पात्रता मानदंड उप निरीक्षक पद पर केवल उन उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति दी जाएगी, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता ओलम्पिक खेल, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप/विश्व चैम्पियनशिप में पदक अर्जित किया हो अथवा सहभागिता की हो। इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत अथवा कांस्य पदक विजेता एवं सहभागिता करने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे। आरक्षक पद के लिये राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के पदक विजेता सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। खिलाड़ी जो उप निरीक्षक पद के लिए निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, वे आरक्षक पद के लिए भी स्वतः पात्र माने जाएंगे। राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद पर सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे।  

रांची का शहरी विकास तेज, पांच फ्लाईओवर से ट्रैफिक व्यवस्था होगी मजबूत

रांची राजधानी रांची में लगातार बढ़ते वाहनों और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग ने पांच नई फ्लाईओवर परियोजनाओं की तैयारी शुरू कर दी है इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। साथ ही रांची का शहरी स्वरूप और सौंदर्य भी नए स्तर पर पहुंचेगा। अरगोड़ा से चापूटोली तक बनेगा फ्लाईओवर अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ होते हुए चापूटोली तक लगभग 1.75 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसके निर्माण से इस व्यस्त मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा। फ्लाईओवर के नीचे सड़क चौड़ीकरण, ड्रेनेज और सौंदर्यीकरण का भी कार्य किया जाएगा। हरमू में बनेगा तीन किलोमीटर लंबा वन-वे फ्लाईओवर कार्तिक उरांव चौक से एलपीएन शाहदेव चौक तक करीब तीन किलोमीटर लंबा वन-वे फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह परियोजना हरमू, रातू रोड और कांके रोड क्षेत्र में ट्रैफिक को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फ्लाईओवर के नीचे बिजली और संचार के तारों को भूमिगत किया जाएगा। करमटोली से साइंस सिटी तक एलिवेटेड कारिडोर करमटोली चौक से मोराबादी होते हुए साइंस सिटी तक 2.2 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसके साथ साइंस सिटी से रिंग रोड तक फोरलेन सड़क का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर और बाहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। स्वर्णरेखा और हरमू नदी किनारे बनेगा रिवर फ्रंट फ्लाईओवर स्वर्णरेखा नदी के दोनों किनारों पर वन-वे फ्लाईओवर और रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना है। वहीं हरमू मुक्तिधाम से रेडिसन ब्लू होटल तक हरमू नदी के दोनों किनारों पर लगभग 2.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं से कडरू, अशोक नगर, हिनू और आसपास के क्षेत्रों को राहत मिलेगी। महानगरीय स्वरूप की ओर बढ़ रहा रांची हाल ही में कार्तिक उरांव (सिरमटोली-मेकान) फ्लाईओवर और कांटाटोली फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं ने शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है। रातू रोड फ्लाईओवर भी तैयार है। अधिकारियों का मानना है कि प्रस्तावित पांच नए फ्लाईओवर रांची को ट्रैफिक जाम से राहत देने के साथ-साथ एक आधुनिक और सुव्यवस्थित महानगर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मध्यप्रदेश प्रवास पर राष्ट्रपति मुर्मु, ओंकारेश्वर, श्योपुर, जबलपुर समेत 6 शहरों में रहेंगी व्यस्त

राष्ट्रपति मुर्मु पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर  इंदौर, बैतूल, ओंकारेश्वर, जबलपुर, ग्वालियर एवं श्योपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में होंगी शामिल भोपाल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 जून से 22 जून तक पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान वे इंदौर, बैतूल, खंडवा जिले के ओंकारेश्वर मंदिर, जबलपुर, ग्वालियर और श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी।राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु गुरुवार, 18 जून को इंदौर पहुंचेंगी। इसके पश्चात वे बैतूल में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित "एम्पावरमेंट ऑफ ट्रायबल सोसायटी बाय स्पिरिचुअल अवेकनिंग" कार्यक्रम में शामिल होंगी। साथ ही ओंकारेश्वर पहुंचकर मंदिर में दर्शन एवं आरती में सम्मिलित होंगी। शुक्रवार, 19 जून को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। शनिवार, 20 जून को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु जबलपुर पहुंचेंगी। रविवार, 21 जून 2026 को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके पश्चात रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में सहभागिता करेंगी। सोमवार, 22 जून 2026 को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेंगी। इसके बाद वे ग्वालियर पहुंचकर नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी। राष्ट्रपति के मध्यप्रदेश भ्रमण के लिए मिनिस्टर-इन-वेटिंग नामित राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु के मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रस्तावित भ्रमण के दौरान राज्य शासन ने संबंधित स्थानों पर अगवानी एवं विदाई के लिए मंत्रियों को “मिनिस्टर-इन-वेटिंग” नामित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इंदौर में 18 जून को अगवानी के समय जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और 19 जून को विदाई के समय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को दायित्व सौंपा गया है। बैतूल में 18 जून को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल अगवानी एवं विदाई करेंगे। खंडवा के ओंकारेश्वर में 18 एवं 19 जून को अगवानी एवं विदाई के समय संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी को जिम्मेदारी दी गई है। जबलपुर में 20 एवं 21 जून को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा राष्ट्रपति की अगवानी एवं विदाई करेंगे। इसी प्रकार श्योपुर में 21 एवं 22 जून को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और ग्वालियर में 21 एवं 22 जून को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को मिनिस्टर-इन-वेटिंग नामित किया गया है।  

पीडब्ल्यूडी की 1 लाख स्ट्रीट लाइट्स बदलेंगी, खराब लाइट 48 घंटे में ठीक करना होगा अनिवार्य

नई दिल्ली कहीं आपको संगीतमय रोशनी वाली स्ट्रीट लाइट्स दिखें, तो चौंकने की जरूरत नहीं। दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर लगी एक लाख स्ट्रीट लाइट्स को बदलकर नए किस्म की आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स लगाने की योजना बना रही है। सरकार पहली बार मंथली इंस्टॉलमेंट मॉडल अपना रही है। इसके तहत लाइट्स लगाने वाली एजेंसी को हर महीने भुगतान किया जाएगा। कहीं कोई लाइट खराब होती है, तो उसे 48 घंटे में बदलना भी होगा।     कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, देश भर में किसी प्रोजेक्ट का भुगतान सरकारी एजेंसियां ओपन टेंडर, बीओटी (बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर), ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) या फिर हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत करती हैं।     भुगतान की इस पुरानी प्रक्रिया को छोड़कर सरकार पहली बार ईएमआई मॉडल अपना रही है।     इसके तहत दिल्ली की 1400 किमी लंबी सड़कों पर लगी एक लाख स्ट्रीट लाइट्स बदली जाएंगी।     किसी एक एजेंसी को स्ट्रीट लाइट्स बदलने का ठेका दिया जाएगा और 60 किस्तों में उसका भुगतान किया जाएगा।     जो एजेंसी स्ट्रीट लाइट लगाएगी, उसे ही पांच साल तक उनका मेंटेनेंस भी करना होगा। अगर किसी सड़क पर कोई लाइट नहीं जल रही है, तो एजेंसी को उसे 48 घंटे में बदलना होगा।     48 घंटे में बदलनी होगी खराब लाइट, लापरवाही बरतने पर एजेंसी को रोज देना होगा 2000 रुपये जुर्माना     60 इंस्टॉलमेंट में कुल ₹450 करोड़ का भुगतान किया जाएगा     कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि अगर एजेंसी तय समय में लाइट नहीं बदलती है, तो उसे प्रति लाइट, प्रति दिन 2000 रुपये का जुर्माना भी देना होगा।     मंत्री का कहना है कि दिल्ली में पहली बार आधुनिक संगीतमय स्ट्रीट लाइट्स लगाने की योजना है, जिन्हें किसी खास अवसर पर सेलिब्रेशन के लिए संगीतमय तरीके से जलाया और बुझाया जा सकेगा। रात ढलने के साथ खुद कम होगी रोशनी प्रवेश का कहना है कि लाइट्स की रोशनी 40 लक्स होगी। वर्तमान में जो लाइट्स लगी हैं, उनकी रोशनी 10 से 15 लक्स है। वे इतनी अधिक ऊंचाई पर लगी हैं कि उनसे सड़कों पर पर्याप्त रोशनी नहीं हो पाती। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट्स की एक और विशेषता होगी कि जैसे-जैसे रात ढलेगी और उजाला बढ़ेगा, उसी के अनुसार लाइटों की रोशनी भी कम होती जाएगी। यानी थोड़ा उजाला होने पर रोशनी 40 लक्स से 30, फिर 20 और 15 लक्स तक हो जाएगी और सुबह होने पर लाइट्स बंद हो जाएंगी। स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट की लागत 450 करोड़ रुपये है। आधुनिक लाइटों से पांच साल में करीब 300 करोड़ रुपये की बिजली बचत होगी। सरकार जितने पैसे प्राइवेट एजेंसियों को लाइट्स के लिए देगी, उसका बड़ा हिस्सा बचत के जरिए वसूल भी हो जाएगा। लाइटों की मॉनिटरिंग के लिए कंपनी को कंट्रोल रूम भी स्थापित करना होगा। सुदामा यादव

रांची में अंग एवं ऊतक दान पर कार्यशाला, मुख्यमंत्री ने इसे जनआंदोलन बनाने की अपील की

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बारियातू रोड स्थित एक होटल में मोहन फाउंडेशन की ओर से आयोजित 'अंग एवं ऊतक दान में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां' विषयक कार्यशाला में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अंग एवं ऊतक दान का विषय बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। इसके कानूनी पहलुओं को भी समझना जरूरी है। राज्य सरकार भी अंग एवं ऊतक दान को बढ़ावा देने के लिए पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि अंगदान कई अन्य व्यक्तियों के जीवन की नई शुरुआत बन सकता है और लोगों के जीवन में नई उम्मीद तथा खुशियां ला सकता है। अंगदान को जनआंदोलन बनाने की जरूरत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आम लोगों को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सामूहिक प्रयास ही सकारात्मक परिणाम ला सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में अहम पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला का आयोजन कर संस्थान ने एक अच्छी पहल की है। राज्य सरकार भी स्वस्थ समाज के निर्माण को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत उनके परिवारजनों से अंगदान के संबंध में बातचीत की जानी चाहिए, ताकि अधिक लोगों को जीवनदान मिल सके। मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है अंगदान मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता, संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। यह ऐसा कार्य है जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। आधुनिक चिकित्सा में बढ़ रही तकनीक की भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक आधारित चिकित्सा प्रणाली का है। चिकित्सा जगत में बड़े पैमाने पर तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। रोबोटिक शल्यक्रियाएं की जा रही हैं। यकृत और गुर्दा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार भी स्वस्थ झारखंड निर्माण की दिशा में सकारात्मक कार्य कर रही है। कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, मणिपाल अंग साझाकरण के राष्ट्रीय प्रमुख कर्नल अवनीश, मोहन फाउंडेशन की राष्ट्रीय प्रमुख ललिता रघुराम, मणिपाल गहन चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार मिश्रा, कश्यप मेमोरियल नेत्र चिकित्सालय के संस्थापक निदेशक डॉ. बी. कश्यप सहित कई गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे।  

अफगानिस्तान A के खिलाफ 38 रन पर आउट हुए वैभव सूर्यवंशी, प्रतिभा की झलक बरकरार

नई दिल्ली टीम इंड‍िया  A और अफगानिस्तान A के बीच दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के अहम मुकाबले में एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी चर्चा का केंद्र रहे. हालांकि 15 वर्षीय बल्लेबाज ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए, लेकिन वह अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके. अफगानिस्तान A के कप्तान इमरान मीर ने बुधवार (17 जून) को टॉस जीतकर इंड‍िया A को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई. दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में अफगान तेज गेंदबाजों पर दबाव बनाया और तेजी से 50 से अधिक रन की साझेदारी कर डाली. वैभव शुरुआत से ही अपने परिचित आक्रामक फॉर्म  में दिखे. उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और रन गति को लगातार बनाए रखा. हालांकि उनकी पारी के दौरान उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला, जिसका वह पूरी तरह फायदा नहीं उठा सके. IPL में रिकॉर्ड, लेकिन वनडे में अलग चैलेंज वैभव सूर्यवंशी का इंड‍िया  A टीम में सेलेक्शन IPL 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद लगभग तय माना जा रहा था. वैभव ने आईपीएल में 16 मैचों में 776 रन बनाए थे. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और पांच अर्धशतक निकले. 237.30 के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने थे. इसी वजह से उम्मीद थी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का असर 50 ओवर के फॉर्मेट में भी दिखाएंगे. हालांकि वनडे क्रिकेट में अब तक उनका सफर चुनौतीपूर्ण रहा है. टी20 क्रिकेट की तुलना में वनडे में बल्लेबाज को लंबी पारी खेलने, परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने और जोखिम को नियंत्रित करने की जरूरत होती है. त्रिकोणीय सीरीज में सूर्यवंशी ने पहले तीन मुकाबलों में 14 (12), 44 (22) और 21 (14) रन बनाए थे. इन पारियों में उनका आक्रामक रवैया तो नजर आया, लेकिन वह किसी भी मैच में अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए. अफगानिस्तान A के खिलाफ उन्होंने 38 रन की पारी खेलकर फिर से अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई. मौजूदा सीरीज में उनका स्ट्राइक रेट 150 से अधिक रहा है, जो दर्शाता है कि वह शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन लगातार छोटे स्कोर इस बात की ओर भी इशारा करते हैं कि उन्हें क्रीज पर अधिक समय बिताने और पारी को आगे बढ़ाने की कला पर काम करना होगा. शॉर्ट बॉल बनी सबसे बड़ी चुनौती सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में जिस कमजोरी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, वह है शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ उनका संघर्ष. अफगानिस्तान A के खिलाफ भी उनका विकेट इसी तरह गिरा.      फरीदून दाऊदजई की शॉर्ट गेंद पर सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं आई. नतीजतन कैच खालिद तानीवाल के हाथों में चला गया और उनकी पारी समाप्त हो गई. यह पहली बार नहीं है जब शॉर्ट गेंदों ने उन्हें परेशान किया हो. मौजूदा सीरीज के दौरान कई मौकों पर तेज गेंदबाजों ने इसी रणनीति के जरिए उन्हें चुनौती दी है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उनकी तकनीक और शॉर्ट बॉल खेलने की क्षमता को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों और कई फैन्स का मानना है कि इतनी कम उम्र में ऐसी तकनीकी चुनौतियां असामान्य नहीं हैं. टीम इंड‍िया  A स्तर पर खेलना ही युवा खिलाड़ियों को अपनी कमजोरियों की पहचान करने और उन्हें सुधारने का मौका देता है. आंकड़े क्या कहते हैं? ट्राई सीरीज के चार मैचों में वैभव सूर्यवंशी अब तक 117 रन बना चुके हैं. इस दौरान उनका औसत 29.25 और स्ट्राइक रेट 153.95 रहा है. आंकड़े साफ बताते हैं कि उनके पास मैच का रुख बदलने की क्षमता है, लेकिन उन्हें अपनी पारियों को लंबा खींचने और बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत है. फिलहाल सूर्यवंशी की प्रतिभा पर किसी को संदेह नहीं है, लेकिन वनडे क्रिकेट में अगले स्तर तक पहुंचने के लिए शॉर्ट बॉल के खिलाफ टेक्न‍िक और धैर्य दोनों पर काम करना उनकी प्राथमिकता होगी.

4 जुलाई की सुनवाई से पहले पंजाब की राजनीति गरमाई, AAP ने विपक्ष के आरोपों पर दिया जवाब

 चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवाद और अकाल तख्त की ओर से सुनाए गए फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले पर अपना पक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं और वह इससे आगे कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहते। अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कह चुके हैं, वही उनका स्पष्ट रुख है। उन्होंने कहा कि विवाद से जुड़े तथ्यों की पुष्टि केवल फोरेंसिक जांच के जरिए ही हो सकती है और सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच का इंतजार किया जाना चाहिए। अमन अरोड़ा ने कहा कि उनके अनुसार मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद फिलहाल इससे आगे कुछ कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि मामले की सत्यता फोरेंसिक जांच से ही स्थापित हो सकती है। उधर, अकाल तख्त की ओर से इस मामले में सुनाए गए फैसले के तहत आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों और नेताओं को भी श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के लिए तलब किया गया है। अकाल तख्त की ओर से जारी आदेश के अनुसार आप विधायकों को 4 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद विभिन्न सिख संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। इस मामले में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद फैसला सुनाया गया। अकाल तख्त ने संबंधित व्यक्तियों को पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही कह चुके हैं कि विवादित वीडियो उनकी नहीं है और उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह श्री अकाल तख्त साहिब और सिख धार्मिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करते हैं। अब इस पूरे मामले पर राजनीतिक और धार्मिक हलकों की नजरें 4 जुलाई को होने वाली पेशी और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

स्क्रैप कारोबारियों के लिए नए नियम, लुधियाना पुलिस ने रिकॉर्ड मेंटेन करना किया अनिवार्य

लुधियाना. महानगर में कबाड़ (स्क्रैप) की आड़ में चोरी का सामान खपाने वाले समाज विरोधी तत्वों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कबाड़ियों के खिलाफ लुधियाना पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस प्रशासन के ध्यान में आया है कि कमिश्नरेट लुधियाना के तहत पड़ते विभिन्न इलाकों में धड़ल्ले से कबाड़ की दुकानें चलाई जा रही हैं, लेकिन ज्यादातर दुकानदार खरीदे और बेचे जाने वाले सामान का कोई रिकॉर्ड या रसीद बुक नहीं रखते। इसका फायदा उठाकर शातिर चोर बिजली की तारें, ट्रांसफार्मर और चोरी के दोपहिया, तिपहिया व चौपहिया वाहन कबाड़ियों को बेच देते हैं। इस अवैध धंधे को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। कटर चलाने और आग लगाने पर पाबंदी आदेश जारी करते हुए एडीशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (IPS) रुपिंदर सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए लुधियाना कमिश्नरेट के दायरे में आने वाली सभी पुरानी और नई खुलने वाली कबाड़ की दुकानों के लिए कुछ नियम अनिवार्य कर दिए हैं। मुकम्मल रिकॉर्ड जरूरी: अब से हर कबाड़ दुकानदार को अपनी दुकान पर एक विशेष रजिस्टर लगाना होगा। इसमें सामान बेचने वाले और खरीदने वाले व्यक्ति का पूरा नाम, पता और पहचान पत्र दर्ज करना अनिवार्य होगा। सामान का ब्योरा: खरीदे या बेचे गए सामान की पूरी किस्म (जैसे बिजली की तारें, ट्रांसफार्मर या गाड़ियां आदि) का मुकम्मल इंद्राज रजिस्टर में होना चाहिए। अधिकारियों द्वारा चेकिंग: कबाड़ दुकानदारों को यह रजिस्टर हर महीने के पहले हफ्ते में अपने संबंधित जोन के ए.डी.सी.पी. (ADCP) के पास ले जाकर चेक करवाना होगा। अवैध स्क्रैपिंग पर रोक: बिना पहचान के किसी भी तरह का संदिग्ध या चोरी का सामान खरीदने, वाहनों को अवैध रूप से काटने (स्क्रैप करने) और कबाड़ को आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रदूषण, बिजली बोर्ड और कॉर्पोरेशन की NOC हुई अनिवार्य – अक्सर देखा जाता है कि कबाड़ की दुकानों पर सामान को पिघलाने या अलग करने के लिए उसे सरेआम आग लगा दी जाती है, जिससे भयंकर वायु प्रदूषण फैलता है। इसके अलावा ये दुकानदार कबाड़ का सामान सड़कों पर रखकर ट्रैफिक में भारी विघ्न डालते हैं और सामान को जलाने या काटने के लिए बिजली की भी भारी चोरी व दुरुपयोग करते हैं। इस पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने साफ किया है कि अब हर कबाड़ दुकानदार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board), बिजली बोर्ड, फायर ब्रिगेड और नगर निगम (MC Ludhiana) से अनिवार्य मंजूरियां और एन.ओ.सी. (NOC) हासिल करनी होगी। इसके साथ ही, जो व्यक्ति कबाड़ के रूप में पुरानी गाड़ियां खरीदते हैं, वे उन कंडम गाड़ियों की आर.सी. (RC) को संबंधित आर.टी.ओ. (RTO) दफ्तर में जाकर तुरंत रद्द (कैंसिल) करवाने के जिम्मेदार होंगे।

बाल काटकर पहलवान रोहिणी ने रचा इतिहास, ट्रायल में हासिल की जीत

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट का सिर्फ 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से जो दिल टूटा था, उसकी टीस आज भी हर खेल प्रेमी के मन में है। विनेश तो ओलंपिक मेडल से चूक गईं, लेकिन वैसी ही एक अग्निपरीक्षा से गुजरते हुए महाराष्ट्र की 16 साल की युवा पहलवान रोहिणी खानू देवबा ने इतिहास रच दिया है। वजन संतुलित करने के लिए रोहिणी ने महज कुछ ही मिनटों में अपने सिर के बाल कटवा दिए और न सिर्फ वजन कम किया, बल्कि ट्रायल जीतकर अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप की टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। जब कांप गई थी रोहिणी की रूह हरियाणा के सोनीपत में अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल चल रहे थे। यह चैंपियनशिप 27 जुलाई से 2 अगस्त तक बाकू, अजरबैजान में होने वाली है। रोहिणी ने 36kg-40kg भार वर्ग में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन जब सोमवार को वेइंग मशीन पर उनका वजन लिया गया, तो वह तय सीमा से ठीक 100 ग्राम ज्यादा निकला। रोहिणी के सामने नेशनल टीम में शामिल होने का यह सुनहरा मौका गंवाने का खतरा मंडरा रहा था। ठीक वैसा ही जैसा विनेश फोगाट के साथ पेरिस में हुआ था। लेकिन रोहिणी ने हिम्मत नहीं हारी और कुछ ही मिनटों में अपने कोच से कैंची मंगाकर अपने बाल काटने की जिद पकड़ ली। कोच ने काटे बाल, फिर रोहिणी ने चटाई विरोधियों को धूल साल 2021 से रोहिणी को उनके NIS रेसलिंग सेंटर में ट्रेनिंग दे रहे कोच संदीप पाटिल ने इस भावुक पल को याद करते हुए बताया, 'वह सिर्फ 100 ग्राम वजन की वजह से इतने बड़े मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी। उसने तुरंत फैसला किया और हमने उसके बाल काट दिए।' बाल काटने के बाद रोहिणी ने न सिर्फ अपना वजन बराबर किया, बल्कि मैदान पर उतरकर अपने हुनर का जलवा बिखेरा। उन्होंने फाइनल मुकाबले में हरियाणा की तगड़ी पहलवान वंशिका को धूल चटाते हुए कुल 4 मुकाबले जीते और भारतीय टीम में अपना टिकट कन्फर्म कर लिया। चरवाहे की बेटी, जिसके पास प्रतिभा है पर संसाधन नहीं रोहिणी कोल्हापुर जिले के पट्टन कोडोली गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता खानू देवबा धनगर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और भेड़-बकरियां चराकर अपने परिवार का पेट पालते हैं। वे अक्सर महीनों तक अपने मवेशियों के साथ एक गांव से दूसरे गांव भटकते रहते हैं। चार भाई-बहनों में रोहिणी सबसे बड़ी हैं। रोहिणी की प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अंडर-15 एशियन चैंपियनशिप में साल 2024 में गोल्ड मेडल और 2025 में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह पढ़ाई में भी काफी होनहार हैं और हाल ही में उन्होंने दसवीं कक्षा में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। कोच का बड़ा संकल्प रोहिणी की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कोच संदीप पाटिल 2021 से उनके रहने, खाने और ट्रेनिंग का पूरा खर्च खुद उठा रहे हैं। संदीप का इरादा रोहिणी को ओलंपिक के मंच तक ले जाने का है। कोच पाटिल ने कहा, 'मैंने रोहिणी के माता-पिता से कह दिया है कि वे उसकी चिंता न करें। अगर कभी पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ी, तो मैं अपनी जमीन का छोटा सा टुकड़ा गिरवी रख दूंगा, लेकिन पैसों की तंगी की वजह से उसकी इस यात्रा को रुकने नहीं दूंगा। इस समय रोहिणी को सिर्फ थोड़े वित्तीय सहयोग और ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में खेलने के अनुभव की जरूरत है।' अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप की टीम में जगह बनाने के लिए बाल कटवाना रोहिणी के इस बड़े सफर का पहला कदम था। अब रोहिणी और उनके कोच का अगला लक्ष्य बाकू में तिरंगा लहराकर देश के लिए मेडल जीतना है।