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अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गैंग पर पुलिस का शिकंजा, चंडीगढ़ से 3 आरोपी दबोचे गए

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में एक्टिव अपराधियों तक अवैध हथियार पहुंचाने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो देसी कट्टे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्थानीय अपराधियों को जरूरत पड़ने पर हथियार और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाते थे। तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मौलीजागरां निवासी अभियास यादव (23), डीएमसी कॉलोनी निवासी विकास उर्फ बट्टी (20) और मनीमाजरा निवासी तैयब उर्फ चेतन (20) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई कार्रवाई यूटी पुलिस की ओर से असामाजिक तत्वों, वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान ऑपरेशन सेल को सूचना मिली थी कि कुछ युवक अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं और स्थानीय अपराधियों को वारदातों के लिए हथियार उपलब्ध करवा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी और तकनीकी व स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की। पहले आरोपी से मिली पिस्टल और कारतूस जांच के दौरान 8 जून को ऑपरेशन सेल की टीम ने बीएसएनएल मोड़ फेज-2 के पास एक संदिग्ध युवक को रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी की पहचान अभियास यादव के रूप में हुई। उसके खिलाफ सेक्टर-31 थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ और पुलिस रिमांड के दौरान उसने अपने अन्य साथियों के बारे में अहम जानकारी दी। पूछताछ में सामने आए दो और नाम अभियास यादव से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 10 जून को सेक्टर-43 स्थित सीटीयू वर्कशॉप के पीछे से विकास उर्फ बट्टी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन का नाम सामने आया। पुलिस ने 15 जून को किशनगढ़ चौक के पास स्लिप रोड से उसे गिरफ्तार किया और तलाशी के दौरान उसके पास से भी एक देसी कट्टा बरामद किया। अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे हथियार प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए गए और इन्हें किन अपराधियों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक वारदात में किया जा सकता था। आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अभियास यादव के खिलाफ पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली में हत्या के प्रयास, मारपीट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के करीब 19 मामले दर्ज हैं। वहीं विकास उर्फ बट्टी के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन के खिलाफ भी लूट और चोरी के कई मामले दर्ज बताए गए हैं। नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस आरोपियों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इनके संभावित गैंग कनेक्शन क्या हैं और इन हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों में किया जाना था। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से धमकी भरा मेल, दिल्ली जाने वाली ट्रेन में धमाके की चेतावनी

लुधियाना  महानगर में एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिलने से सनसनी फैल गई है। बुधवार को नगर निगम (MC) और डिप्टी कमिश्नर (DC) दफ्तर की आधिकारिक ईमेल आई.डी. पर आए एक धमकी भरे मेल के बाद प्रशासनिक हलकों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस बार शातिर ईमेल भेजने वाले ने किसी लावारिस बैग या टाइमर बम की नहीं, बल्कि 'ह्यूमन बम' (मानव बम) के जरिए इन दफ्तरों को उड़ाने की खौफनाक धमकी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईमेल भेजने वाले सिरफिरे ने लुधियाना मेयर के दफ्तर, नगर निगम कार्यालय, डी.सी. दफ्तर और शहर के व्यस्त रेलवे ट्रैक पर बम धमाके करने की चेतावनी दी है। जैसे ही इसकी भनक उच्च अधिकारियों को लगी, तुरंत पुलिस के आला अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। चंडीगढ़ और दिल्ली तक की खुफिया एजेंसियां अलर्ट, खंगाले जा रहे डिजिटल फुटप्रिंट्स  धमकी भरे ईमेल की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम की टीमें और देश की खुफिया एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गई हैं। इस मेल के ओरिजिन (कहाँ से भेजा गया) का पता लगाने और भेजने वाले शातिर को बेनकाब करने के लिए हाई-लेवल जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी पहलुओं, आई.पी. एड्रेस (IP Address) और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। सर्च ऑपरेशन में नहीं मिला कुछ संदिग्ध, एडिशनल DCP बोले- घबराएं नहीं  मामले की पुष्टि करते हुए एडिशनल डी.सी.पी. (ADCP) देव सिंह ने बताया कि बम की धमकी वाला ईमेल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीमों और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत दोनों दफ्तरों के परिसरों की सघन चेकिंग की। पूरे इलाके को खंगालने के बाद पुलिस को वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने जनता से अपील की है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। मेल आने के बाद पुलिस व प्रशासन ने डीसी दफ्तर, नगर निगम दफ्तर में हर आने जाने वाले पर नजर रखनी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मेल पहले भी आई थी। हालांकि तब भी कुछ नहीं निकला था। फिर भी प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जानकारी के अनुसार प्रशासन को 17 जून 2026 को सुबह करीब 9:34 बजे मेल मिली। ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी' का सदस्य बताया है। ईमेल में बेहद आपत्तिजनक और डराने वाली बातें लिखी गई हैं। इस ईमेल के बाद लुधियाना मेयर दफ्तर, डीसी कॉम्प्लेक्स और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि यह ईमेल कहाँ से जनरेट हुआ है और इसके पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ है या वाकई कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। प्रशासन को मिली मेल में लिखी अहम बातें… मेयर और DC ऑफिस पर फिदायीन हमला: आज दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर और डीसी ऑफिस को 'मानव बम' से उड़ाने की धमकी दी गई थी। CM भगवंत मान को निशाना बनाने का दावा: ईमेल में लिखा गया है कि 2027 तक पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पूर्व सीएम बेअंत सिंह की तरह आत्मघाती हमला किया जाएगा। रेलवे ट्रैक और आम जनता को चेतावनी: ईमेल में साफ लिखा गया है कि 18 जून से 30 सितंबर के बीच अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला के रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जाएगा। भेजने वाले ने खुलेआम चेतावनी दी है अपने बच्चे बचाओ, कोई भी 18 जून से 30 सितंबर के बीच दिल्ली वाली रेल से सफर न करे। गृह मंत्री अमित शाह को धमकी: ईमेल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाने और हरदीप सिंह निज्जर की मौत का बदला लेने की बात भी कही गई है। पहले भी आ चुकी हैं फर्जी धमकियां, सिंगर दिलजीत दोसांझ का घर भी था निशाने पर  काबिलेगौर है कि लुधियाना में बम धमाकों की धमकी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे करीब तीन हफ्ते पहले भी एक ऐसा ही फर्जी ईमेल आया था, जिसमें लुधियाना के मेयर दफ्तर और मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, लुधियाना में पिछले समय के दौरान आए ऐसे सभी बम थ्रेट ईमेल महज एक 'होक्स' (अफ़वाह या फर्जी कॉल) ही साबित हुए हैं। पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व का काम है, जिसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

धान घोटाले की फाइल ठंडे बस्ते में? रडार पर आए 30 आरोपियों पर अब तक नहीं हुआ एक्शन

यमुना नगर. 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले के खुलासे के बाद 237 दिन बीत चुके हैं, पर जांच अभी भी धीमी गति से चल रही है। पांच थाना प्रभारियों की एसआइटी गठित होने के बावजूद कार्रवाई तीन आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित है। जांच के दौरान 30 से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी व अन्य लोगों के नाम सामने आ चुके हैं, पर अभी भी कई आरोपित पकड़ से बाहर हैं। घोटाले के मुख्य आरोपित छछरौली निवासी राइस मिलर संदीप सिंगला को फिलहाल जमानत नहीं मिली है। मामले की सुनवाई 27 जुलाई को होगी। गिरफ्तारी नहीं होने से जांच टीम पर भी सवाल उठने लगे हैं। संदीप सिंगला को दो दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। उसे तीन चरणों में 18 दिन तक एसआइटी ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में सामने आया था कि उसके नियंत्रण में सात राइस मिलें हैं, जिनमें पांच पुरानी व दो नई हैं। पुलिस ने संदीप सिंगला व रीतिका सिंगला के खिलाफ तीन थानों में केस दर्ज किए थे। पावर आफ अटार्नी संदीप के नाम होने के कारण रितिका को राहत मिल गई थी। पूछताछ में 30 से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। जांच प्रभावित न हो। इसलिए पुलिस ने नाम सार्वजनिक नहीं किए। नाम होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। महानिदेशक की जांच में घोटाले का खुलासा जांच में सामने आई गड़बड़ियों के बाद मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण, मंडी गेट पास, मिल आवंटन, स्टाक सत्यापन व सरकारी रिकार्ड की जांच की थी। आरोप है कि नियमों के विपरीत कम धान की खरीद दिखाकर स्टाक में हेराफेरी की गई और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। 13 नवंबर को खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह की जांच में घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में धान के स्टाक और रिकार्ड में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इसमें पांच थाना प्रभारी शामिल किए गए थे, पर इसके बाद भी जांच की रफ्तार तेज नहीं हो सकी। मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां जांच में फर्जी गेट पास व दस्तावेजों के माध्यम से स्टाक में हेराफेरी कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई थी। जांच के दौरान 30 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए। अब तक मामले में तीन ही गिरफ्तारियां हुई हैं। संदीप सिंगला के अलावा एसआइटी द्वारा हैफेड के सीनियर मैनेजर शैलेंद्र कुमार व परचेज मैनेजर अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था। बर्खास्तगी के आगे नहीं बढ़ा जांच दायरा प्रशासनिक स्तर पर इंस्पेक्टर मनोज यादव, सविता, विनोद कुमार व एएफएसओ देवेंद्र कुमार को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। बावजूद इसके जांच अभी उन्हीं बिंदुओं तक सीमित है। कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं। प्रतापनगर में एक ही परिसर में चार लाइसेंस जारी होने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि नियमानुसार एक स्थान पर एक लाइसेंस दिया जा सकता है, जबकि वहां एक से अधिक लाइसेंस संचालित पाए गए। अदालत ने हैफेड व खाद्य आपूर्ति विभाग को तीन माह में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे, पर समय सीमा बीत चुकी है। कोर्ट ने कहा था कि जिम्मेदारी तय किए बिना केवल औपचारिक रिपोर्ट पर्याप्त नहीं होगी। रणजीतपुर में एक ही स्थान पर दो राइस मिल चल रही थी। हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से मिल में धान भेजा गया था। घोटाले के बाद बचे धान पर दोनों विभागों ने अपना दावा किया था। बाद में कोर्ट के आदेश पर दोनों विभागों को 50-50 प्रतिशत धान उठाने की अनुमति दी थी। हैफेड ने अपना हिस्सा उठा लिया, पर डीएफएससी की ओर से धान उठाने में देरी की। जिस कारण काफी धान खराब भी हुआ। वहीं जगाधरी डीएसपी राजीव मिगलानी का कहना है कि इस मामले में जांच जारी है, इसमें अभी कुछ नया सामने नहीं आया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई निश्चित तौर पर होगी।

बस की छत पर रखी साइकिल बनी जानलेवा, 11 हजार वोल्ट करंट से नालंदा में दर्दनाक हादसा

 नालंदा बिहार के नालंदा जिले में बड़ा हादसा हो गया है। यहां पावापुरी थाना क्षेत्र के शमवशरण मंदिर के समीप बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में मजदूरों से भरी एक यात्री बस 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई। हादसे में करंट लगने से एक दंपती की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पांच लोगों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। बस पर करीब 60 मजदूर सवार थे। सभी नरकटिया से ईंट-भट्ठे पर काम करने के बाद अपने गांव घोसरावां लौट रहे थे। बस की छत पर एक साइकिल भी रखी गई थी। शमवशरण मंदिर के पास पहुंचते ही साइकिल ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गई। साइकिल के तार से छूते ही पूरी बस में करंट दौड़ गया, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। करंट की चपेट में आने से रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलो देवी की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों रिश्ते में पति-पत्नी थे और मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे। वहीं आठ अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बस से बाहर निकाला और इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। घायलों में , पुटूस कुमारी , रिंकू देवी, करु मांझी, संतोष मांझी, पवन मांझी, सरोज देवी, धर्मेंद्र मांझी और राजकुमार मांझी शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पावापुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बस की छत पर रखा साइकिल हाईटेंशन तार के संपर्क में आने से हादसा होने की बात सामने आई है। बस में सवार सभी लोग ईंट-भट्ठे में मजदूरी का कार्य कर अपने गांव लौट रहे थे।

शिक्षा विभाग का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, पंजाब में 16 प्राचार्यों और अधिकारियों को मिली नई तैनाती

चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन के डायरेक्टरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन (DSC) ने गर्मी की छुट्टियों में सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक काम को आसान बनाने के मकसद से प्रिंसिपल, हेड टीचर और ऑफिसर इन इंचार्ज के बड़े पैमाने पर ट्रांसफर और एडजस्टमेंट के ऑर्डर जारी किए हैं। ये ऑर्डर तुरंत लागू हो गए हैं। स्कूल एजुकेशन डायरेक्टर नीतीश सिंगला, PCS द्वारा जारी ऑर्डर के मुताबिक, कुल 16 अधिकारियों का ट्रांसफर और एडजस्टमेंट किया गया है। ट्रांसफर – राजिंदर सिंह को GMHS-46 से GMHS खुदा जस्सू में ट्रांसफर किया गया। विवेक गुप्ता को GMHS-31C से GMHS मलोआ कॉलोनी में ट्रांसफर किया गया। मंजुला खन्ना को GMHS-29A से GMHS विकास नगर, मौली जागरण में ट्रांसफर किया गया। श्याम लाल को GMHS-28 से GMHS माखन माजरा में ट्रांसफर किया गया।  नवदीप कौर को GMHS-42 से GMHS दरिया में पोस्ट किया गया। सुमन जायसवाल को GMHS-53 से GMHS कजहेड़ी में ट्रांसफर किया गया। मनमोहन सिंह को GMHS-20D से GMHS मौली जागरण में पोस्ट किया गया। इंदु को GMHS-50 से GMHS पॉकेट नंबर 8, मनीमाजरा में ट्रांसफर किया गया। सुनीता खुराना को GMHS-47 से GMHS मलोआ में पोस्ट किया गया। तेजवीर कौर को GMHS मलोआ से GMHS-36 में पोस्ट किया गया। इंचार्ज ऑफिसर्स की जिम्मेदारियां भी बदली गई हैं। इसके अलावा, मीनाक्षी सोनी, चरणजीत कौर, भारती वंदना, सुमन, सुनीता टंडन और रेणु बाला समेत कई इंचार्ज ऑफिसर्स को नए स्कूलों में ज़िम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें से ज़्यादातर नियुक्तियां खाली पोस्ट पर या संबंधित स्कूलों में एग्जीक्यूटिव अरेंजमेंट के तहत की गई हैं। एजुकेशन डिपार्टमेंट के मुताबिक, प्रशासनिक का मकसद स्कूलों में एडमिनिस्ट्रेटिव एफिशिएंसी बढ़ाना, खाली पोस्ट भरना और एकेडमिक और प्रशासनिक कामों को बेहतर तरीके से करना है। ऑर्डर की कॉपी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर, डिप्टी डायरेक्टर, संबंधित स्कूलों के हेड और दूसरे अधिकारियों को जरूरी एक्शन के लिए भेज दी गई हैं।

Holiday Alert: 18 जून को चंडीगढ़ में सार्वजनिक अवकाश घोषित, प्रशासन ने जारी किए आदेश

चंडीगढ़  चंडीगढ़ प्रशासन ने कल यानी 18 जून (गुरुवार) को सरकारी छुट्टी की घोषणा की है। यह फैसला श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर लिया गया है। प्रशासन के गृह विभाग ने बुधवार को इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। पहले प्रतिबंधित अवकाश था जारी अधिसूचना के मुताबिक, पहले इस दिन चंडीगढ़ प्रशासन के कैलेंडर वर्ष 2026 में ‘प्रतिबंधित अवकाश’ घोषित किया गया था। अब पुराने आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए इसे पूर्ण 'सार्वजनिक अवकाश' घोषित कर दिया गया है। इन जगहों पर रहेगा अवकाश प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस दौरान सरकारी कार्यालय, बोर्ड और कॉर्पोरेशन,सरकारी संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहेंगे। गृह सचिव दिप्रावा लाकरा की तरफ से यह आदेश जारी किए गए है।  

भारत सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी बैन लगाया, NEET UG से पहले बड़ा फैसला

भारत सरकार ने सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को 22 जून 2026 तक टेम्पररी बैन कर दिया है. इस बैन की मांग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने की थी. NTA का कहना है कि इससे पेपर लीक को लेकर फैलाए जा रहे फेक मैसेज कम होंगे. NEET UG की एग्जाम 21 जून 2026 को होनी है. NTA के हेड के मुताबिक कोई नया पेपर लीक मामला सामने नहीं आया था, लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी मैसेज की वजह से स्टूडेंट्स के बीच तनाव बढ़ रहा था. गूगल ने भारत में अपने प्ले स्टोर से टेलीग्राम को हटा दिया है और एप्पल भी जल्द ऐसा कर सकता है. जानिए इस बैन के बाद टेलीग्राम के CEO का बड़ा बयान टेलीग्राम के फाउंडर और CEO पावेल दुरोव ने भारत सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि इस बैन की वजह से 15 करोड़ रेगुलर यूजर्स को सजा मिल रही है, जबकि एक्शन उन लोगों पर होनी चाहिए जो पेपर लीक की जानकारी फैला रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस बैन का ज्यादा मतलब नहीं बनता, क्योंकि जो लोग पेपर लीक करना चाहते हैं, वे दूसरे ऐप्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इस पूरे बयान से साफ है कि पावेल दुरोव भारत सरकार के इस फैसले से खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि पेपर लीक करने वाले लोग दूसरे प्लेटफॉर्म का भी सहारा ले सकते हैं. जानिए पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद टेलीग्राम ने क्या एक्शन लिया था NEET UG पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद टेलीग्राम ने भारत सरकार के साथ पूरा सहयोग किया था. कंपनी ने ऐसे कई चैनल और ग्रुप हटाए थे जो पेपर लीक से जुड़ी जानकारी शेयर कर रहे थे. पिछले कुछ हफ्तों में इस एक्शन की मदद से कई ऐसे ग्रुप भी सामने आए थे जो फर्जी पेपर लीक रैकेट चला रहे थे. जानिए NTA ने यह कदम क्यों उठाया NTA के मुताबिक टेलीग्राम को करीब एक महीने तक मॉनिटर किया गया. इस दौरान पता चला कि टेलीग्राम पर अभी भी Paper Leak NEET जैसे चैनल बनाए जा रहे थे, जिससे स्टूडेंट्स के बीच डर का माहौल बन रहा था. साथ ही एग्जाम के समय कई पेपर लीक माफिया टेलीग्राम पर एक्टिव रहते हैं और अपने रैकेट चलाते हैं. एजेंसी को आशंका थी कि पेपर लीक की कोशिश की जा सकती है, इसलिए NTA को यह कदम उठाना पड़ा.  

CG पुलिस विभाग में तबादलों की लिस्ट जारी, 125 अधिकारी-कर्मचारी इधर से उधर किए गए

बलरामपुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए कुल 125 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है। जारी आदेश के अनुसार, 10 सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) का स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा 15 प्रधान आरक्षकों को भी नई पदस्थापना दी गई है। वहीं 85 आरक्षकों और 15 महिला आरक्षकों का भी विभिन्न थाना व चौकियों में तबादला किया गया है। यह तबादला बलरामपुर, रामानुजगंज, राजपुर, शंकरगढ़, चलगली, कुसमी, सनावल सहित जिले के कई थाना क्षेत्रों में किया गया है। जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक दृष्टिकोण और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यस्थल परिवर्तन के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है।

रेड रोड बंदी पर बढ़ा विवाद! योग दिवस की तैयारियों के बीच हाईकोर्ट पहुंचा मामला

कलकत्ता कलकत्ता हाईकोर्ट ने इंटरनेशनल योग दिवस के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर 7 दिनों तक वाहनों की आवाजाही रोकने के सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया है. एडवोकेट शमीम अहमद ने जस्टिस सौगत भट्टाचार्य (कोर्ट-5) के सामने ये मामला उठाया है।  रेड रोड पर PM मोदी के साथ शामिल होंगे 35 हजार लोग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस बार पश्चिम बंगाल देश को एक अनूठी तस्वीर दिखाने की तैयारी में है। 21 जून को हुगली नदी में 500 से अधिक नौकाओं पर हजारों लोग एक साथ योग करेंगे, जबकि कोलकाता के रेड रोड पर राष्ट्रीय स्तर का मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के साथ योग करेंगे। पहली बार पश्चिम बंगाल इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है और इसे लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग रखी गई है। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि अभी भारत दुनिया में सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश है, लेकिन अगले 25-50 वर्षों में यह सबसे ज्यादा बुजुर्गों वाला देश हो सकता है। ऐसे में सभी बुजुर्ग स्वस्थ्य रहें, इसके लिए प्रधानमंत्री ने इस बार का थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” तय किया है। राज्य सरकार और आयुष मंत्रालय की योजना के तहत हुगली नदी में सैकड़ों नौकाओं पर प्रतिभागी सामूहिक रूप से योगासन और प्राणायाम करेंगे। सुरक्षा और समन्वय के लिए नदी पुलिस, आपदा प्रबंधन बल और स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें तैनात रहेंगी।  रेड रोड पर मोदी करेंगे योग 21 जून को मुख्य आयोजन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में किया जा रहा है। इस मौके पर खास रूप से  मोदी यहां करीब 35 हजार लोगों के साथ योग करेंगे। योग दिवस कार्यक्रम को देखते हुए कोलकाता के रेड रोड पर सुरक्षा और मंच निर्माण की तैयारियां जोरों पर प्रशासन ने रेड रोड को सात दिनों के लिए आम यातायात के लिए बंद कर दिया है।    योग दिवस कार्यक्रम से पहले रेड रोड एक सप्ताह तक बंद रहेगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस प्रमुख सड़क पर आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने तक, रेड रोड एक सप्ताह के लिए पूरी तरह या आंशिक रूप से यातायात के लिए बंद रहेगी।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क रविवार तक बंद रहेगी और उस पर यातायात की अनुमति "आवश्यकतानुसार" ही दी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि रेड रोड पर यह अब तक का सबसे लंबा बंद रहेगा।“यह निर्णय लिया गया है कि 21 जून तक रेड रोड के दोनों किनारों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, यातायात की मात्रा के आधार पर एक किनारा खुला रखा जा सकता है,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा। “जमीनी अधिकारी आवश्यकतानुसार निर्णय लेंगे।” सोमवार को राजभवन की ओर जाने वाली रेड रोड की एक तरफ को बंद कर दिया गया था और सड़क के बीचोंबीच एक विशाल चबूतरा बनाया गया था। वाहनों को दूसरी तरफ से, लेकिन राजभवन की ओर जाने की अनुमति दी गई थी। रेड रोड को इतने लंबे समय तक यातायात के लिए शायद ही कभी बंद किया गया हो। 23 से 29 मई, 2016 के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों के लिए इसे पांच दिनों तक बंद रखा गया था। इसे गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस की परेड और ममता बनर्जी के दुर्गा पूजा उत्सव के लिए भी बंद किया गया था, लेकिन ये प्रतिबंध केवल कुछ घंटों या एक दिन तक ही चले। राज्य की भाजपा सरकार ने इससे पहले रेड रोड पर यातायात सुचारू रखने के महत्व पर जोर दिया था और मई में वहां ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी थी, बल्कि उसे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया था। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तब कहा था कि कोई भी धर्म कानून से ऊपर नहीं है।कई मार्गों से आने वाले वाहनों की भारी संख्या के कारण रेड रोड शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "एजेसी बोस रोड फ्लाईओवर, डीएल खान रोड, विद्यासागर सेतु और हेस्टिंग्स से काफी संख्या में वाहन रेड रोड के राजभवन की ओर जाने वाले हिस्से में प्रवेश करते हैं।" वैकल्पिक मार्ग की योजना तैयार कर ली गई है, लेकिन अगले सप्ताह यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।इस योजना के तहत, रेड रोड होते हुए राजभवन की ओर जाने वाले वाहनों को जेएन आइलैंड से आउट्राम रोड-जवाहरलाल नेहरू रोड चौराहे या डफरिन रोड-मेयो रोड क्रॉसिंग की ओर मोड़ दिया जाएगा। अलीपुर में जीरत ब्रिज से होकर आने वाली डलहौजी और हावड़ा जाने वाली बसें बेलवेडियर रोड और एजेसी बोस रोड के चौराहे से एजेसी बोस रोड, टर्फ व्यू रोड, एजेसी बोस रैंप और सेंट जॉर्ज गेट रोड-स्ट्रैंड रोड की ओर मोड़ दी जाएंगी ताकि वे आगे हावड़ा और डलहौजी की ओर जा सकें। रेड रोड के रास्ते जेके द्वीप की ओर जाने वाले वाहनों को रेड रोड-मेयो रोड चौराहे से मेयो रोड-डफरिन रोड के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।  

शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट, 6 सांसदों ने चुनी अलग राह; राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस से बढ़ा सियासी घमासान

 मुंबई महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर से उद्धव ठाकरे को बड़ा सियासी झटका लगा है. शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर अलग अपना गुट बनाने का फैसला किया है. शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें अलग समूह माना जाए।  शिवसेना (यूबीटी) के जिन सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखा है, उसमें संजय जाधव , संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर , ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। वहीं, शिवेसना (यूबीटी) के टिकट पर जीतकर आए 9 सांसदों में से छह सांसद एक साथ आए गए हैं तो तीन सांसद अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं।  महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। सूत्रों के अनुसार, छह सांसदों ने शिंदे गुट की शिवसेना में विलय के लिए बुधवार सुबह 9:30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी भेजी है। सूत्रों के अनुसार, चिट्ठी भेजने वाले सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल का नाम शामिल है। संजय दीना पाटिल ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज किया था। उन्होंने कहा- मैं उद्धव ठाकरे की पार्टी का सांसद हूं और इसी पार्टी में रहूंगा। इधर, शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी। राउत ने गाली देते हुए कहा- ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। बाद में मीडिया से उन्होंने कहा- मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं। उद्धव और अन्य पार्टी लीडर्स अपने सांसदों से लगातार संपर्क करने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। पार्टी ने गुरुवार को दिल्ली में संसदीय समिति की बैठक बुलाई है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, पार्टी ने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है। जो सांसद बैठक में नहीं आएंगे, पार्टी उनके खिलाफ डिस्क्वालिफिकेशन की कार्रवाई कर सकती है। उद्धव के सांसद एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र में भी उद्धव ठाकरे के साथ खेला हो गया है. शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे स्पीकर को पत्र देकर एकनाथ शिंदे की पार्टी में विलय करने की मांग की है. उद्धव के 6 सांसदों ने अपना गुट बनाकर शिवसेना में विलय कर दिया है।  उद्धव की पार्टी के 6 बागी सांसद बुधवार सुबह  नांदेड़, पुणे और मुंबई से प्राइवेट प्लेन से दिल्ली पहुंचे. इस दौरान उनके साथ में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक सीनियर नेता मौजूद थे, जिनके साथ दिल्ली आए और स्पीकर को अपने समर्थन का पत्र सौंपा है।  उद्धव के साथ सिर्फ 3 सांसद ही बचे यूबीटी में बगावत की अटकलों के बीच दिल्ली में संजय राउत के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद सावंत और चीफ व्हिप अनिल देसाई और नासिक के सांसद राजाभाऊ मौजूद थे. इस तरह शिवेसना (यूटीबी) के 9 में से 3 लोकसभा सांसद ही पहुंचे थे, 6 सांसद नहीं थे. इसके मतलब साफ है कि उद्धव की पार्टी में टूट का खतरा बना हुई है।  वहीं, शिवेसना (यूबीटी) के टिकट पर जीतकर आए 9 सांसदों में से छह सांसद एक साथ आए गए हैं तो तीन सांसद अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा था कि सभी 9 सासंद हमारी पार्टी के टिकट पर जीतकर आए हैं. उद्धव ठाकरे ने उन्हें जिताने के लिए दिन-रात एक कर दिया. हमने उन्हें जितना हो सका, संसाधन दिए।  राउत ने कहा कि हमारे सांसद शिवसेना के चुनाव चिह्न मशाल पर चुने गए थे, जिसके नेता उद्धव ठाकरे हैं. वे पीएम मोदी के नाम पर नहीं जीते हैं. ऐसे में अगर अब कोई पाला बदलता है, तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे, अगर जिन्हें जाना है, वो इस्तीफा देकर जा सकते हैं. इससे साफ है कि उद्धव की पार्टी में टूट का खतरा टला नहीं है।