samacharsecretary.com

No Hug, Only Handshake! मोदी-ट्रंप की मुलाकात ने बटोरी सुर्खियां, समझिए भारत का कूटनीतिक मैसेज

नई दिल्ली आखिरकार पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हो ही गई. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में अमेरिका में हुई थी. उस मुलाकात के 16 महीने बाद फ्रांस में G7 सम्मेलन के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संक्षिप्त मुलाकात हुई. इस मुलाकात में हैंडशेक भी हुआ, बातचीत भी हुई लेकिन Hug नहीं हुआ. यानी दोनों नेताओं के बीच पहले की तरह गर्मजोशी वाला हग नहीं दिखा. हैंडशेक और हग (गले लगना) के बीच पिछले 16 महीने के भारत और अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर संबंधों में आई खटास शायद सामने थी।  जी-7 के आउटरीच सत्र में जाने से पहले ग्रुप फोटो के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप के बीच में सिर्फ फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रो खड़े थे लेकिन ग्रुप फोटो के दौरान दोनों नेता दो मिनट से अधिक वक्त तक एक दूसरे के आसपास रहे. हालांकि, न तो दोनों के बीच आई कॉन्टैक्ट हुआ और न ही दोनों एक दूसरे के तरफ बढ़ते हुए दिखे जबकि इस दौरान दोनों नेताओं की बाकी कई नेताओं के साथ बातचीत हुई।  पीएम मोदी के मन में क्या चल रहा था प्रधानमंत्री मोदी का रुख बहुत ही संतुलित दिखा और ट्रंप से मिलने की कोई बहुत उत्सुकता उन्होंने नहीं दिखाई. शायद पीएम के मन में हाल में अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत से लेकर ट्रेड टैरिफ, भारत पाकिस्तान मध्यस्थता के दावे और दूसरे वो तमाम विषय रहे होंगे, जिससे भारत और अमेरिका के संबंध पिछले 20 वर्षों में सबसे कमजोर दौर से गुजरे हैं. पीएम मोदी ने इशारों में ट्रंप को मैसेज दे दिया।  कैसे दोनों की हुई मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी के G7 आउटरीच सत्र की शुरुआत से पहले के ग्रुप फोटो के दौरान दोनों नेताओं के बीच में कोई मुलाकात नहीं हुई. दोनों नेता जब आउटरीच सत्र में पहुंचे तो ट्रंप अपनी जगह ले चुके थे. दूसरी तरफ से अपनी सीट पर मोदी आ रहे थे. क्योंकि ट्रंप और मोदी का सत्र में बैठने का स्थान अगल बगल ही था, इसलिए पीएम मोदी की नजर ट्रंप पर पड़ी और दोनों के बीच हैंडशेक हुआ और संक्षिप्त बातचीत हुई. बातचीत कुछ ऐसी थी कि ट्रंप ने पीएम मोदी की बाजू थपथपाई…लेकिन दोनों की मुलाकात हैंडशेक और संक्षिप्त बातचीत तक ही रही।  मोदी ने पब्लिकली बर्थडे विश भी नहीं किया अभी तीन दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने 14 जून को अपना 80वा जन्मदिन मनाया था. इस दौरान दुनिया के कई देशों के नेताओं ने ट्रंप को शुभकामनाएं भेजी लेकिन पीएम मोदी की तरफ से कोई सार्वजनिक बधाई संदेश सामने नहीं आया. खासकर ऐसी पृष्ठभूमि में जब पीएम मोदी के 75 साल पूरे होने और भारत में निर्वाचित पीएम का रिकॉर्ड बनाने पर ट्रंप ने मोदी को शुभकामनाएं दी थी।  पीएम मोदी स्टार्मर से मिले गले, ट्रंप से सिर्फ हैंडशेक जी-7 शिखर सम्मेलन में पहुंचते ही मैक्रों ने पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम किया. इसके बाद वो मीटिंग हॉल में पहुंचे, दुनिया भर के बड़े-बड़े नेताओं से खचाखच भरे हॉल में पीएम मोदी और ट्रंप की सीट अगल-बगल थी. जिस पर बैठने से पहले औपचारिक तौर पर पीएम मोदी और ट्रंप ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया, दोनों के बीच थोड़ी-बहुत बातचीत हुई. हालांकि, ये बातचीत काफी फॉर्मल दिखाई दी. दोनों पहले की तरह एक-दूसरे से गले नहीं मिले।  इसके बाद जब जी7 फैमिली फोटो के लिए सभी नेता लॉन में गए तो ऐसा मालूम हुआ कि पीएम मोदी ने ट्रंप से दूरी बना ली है. फ्रंट लाइन में एक तरफ ट्रंप और दूसरी तरफ पीएम मोदी नजर आए और दोनों के बीच में मैक्रों खड़े हुए. इस फोटो सेशन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पीएम मोदी से गले मिले, कई और नेता हाथ मिलाते, बात करते दिखे लेकिन ट्रंप से दूरी बनी रही।  मोदी के नो हग का मैसेज हालांकि, पिछले 16 महीने में दोनों नेताओं की फोन पर कई बार बात हुई है लेकिन भारत और पीएम मोदी ने ट्रंप और अमेरिका से अपनी कूटनीति को संतुलित रखा है. ट्रंप और मोदी की मंगलवार की द्विपक्षीय बातचीत से पहले मोदी ने कूटनीति को हैंडेशक तक ही ही सीमित रखकर शायद ये बताने की कोशिश की हो कि हैंडशेक से Hug तक पहुंचने में अब ट्रंप और अमेरिका को भारत की बहुत सारी भावनाओं का ध्यान रखना होगा. तब तक हेंडेशेक से ही काम चलेगा।  पीएम मोदी ने उन्‍हीं की भाषा में समझाया कैसे न‍िभाते हैं र‍िश्ते कहते हैं क‍ि क‍िसी को कोई बात समझ न आए, तो उसे उसकी भाषा में समझाना चाह‍िए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल्‍कुल वही क‍िया. ज‍िस रोनाल्‍ड रीगन को डोनाल्‍ड ट्रंप अपना आइकॉन मानते हैं, ज‍िनका नारा Make America Great Again चुराकर वे सत्‍ता में आए हैं, उन्‍हीं की भाषा में पीएम मोदी ने समझाया क‍ि जो दुन‍ियाभर में जो आप कर रहे हैं, वो ठीक नहीं है. भारत का उदाहरण देकर बताया क‍ि दूसरे देशों के साथ र‍िश्ते कैसे न‍िभाते हैं।  मौका G7 सम‍िट का था. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ही ‘भरोसे में कमी’ से की. उन्‍होंने कहा- आज दुन‍िया इंटरकनेक्‍टेड है. एक दूसरे पर ड‍िपेंडेंट है. ऐसे में पार्टनरश‍िप का महत्‍व बढ़ जाता है. लेकिन ऐसी पार्टनरश‍िप तभी सफल होती है, जब उनके केंद्र में व‍िश्वास हो. यह भरोसा हो क‍ि सप्‍लाई चेन का इस्‍तेमाल हथ‍ियार के रूप में नहीं होगा. इसके बाद पीएम मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन का उदाहरण द‍िया. उन्‍होंने कहा, रोनाल्‍ड रीगन कहते थे क‍ि Trust but Verify. यह आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है. भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप ट्रस्‍टेड रूल बेस्‍ड ऑर्डर का न‍िर्माण करें. यह उस ट्रंप को सीधा जवाब था, जो क‍िसी रूल बेस्‍ड ऑर्डर को नहीं मानते. सप्‍लाई चेन को हथ‍ियार बना रहे हैं. कभी टैर‍िफ लगा द‍िया तो कभी धमकी दी, तेल लोगो को ये कर देंगे, वो कर देंगे।  भारत का उदाहरण देकर समझाया पीएम मोदी ने भारत का उदाहरण देकर दोस्‍ती के मायने समझाए. मोदी ने कहा, भारत ने हमेशा विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है. हमारे सभी प्रयास सर्वजन हिताय, सर्वजन … Read more

बस्तर में नक्सलियों का काल बने सुंदरराज पी को मिली नई जिम्मेदारी, NIA में बने IG

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लंबे समय तक नक्सल विरोधी अभियानों को लीड करने वाले सीनियर आईपीएस अफसर सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया है. गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र जारी कर उनके प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) की जानकारी दी।  गृह मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सुंदरराज पी की नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद NIA में की गई है. मंत्रालय ने राज्य सरकार से उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने को कहा है, ताकि वे केंद्र में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें।  बस्तर में लंबे समय तक की है सर्विस 46 वर्षीय सुंदरराज पी को बस्तर क्षेत्र में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले आईपीएस अधिकारियों में गिना जाता है. उन्होंने नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर संभाग में करीब 12 वर्षों तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं. इनमें से लगभग सात वर्ष उन्होंने लगातार बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) या पुलिस प्रमुख के रूप में बिताए. बस्तर रेंज में दक्षिण छत्तीसगढ़ के सात जिले शामिल हैं, जो लंबे समय तक देश में नक्सल हिंसा के सबसे बड़े केंद्र माने जाते रहे हैं।  कई नक्सल विरोधी अभियानों की निगरानी की अपने कार्यकाल के दौरान सुंदरराज पी ने सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए कई बड़े नक्सल विरोधी अभियानों की निगरानी की. उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के बीच तालमेल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बस्तर में नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने और कई शीर्ष माओवादी नेताओं के खिलाफ सफल अभियानों में उनका योगदान अहम रहा।  पिछले कुछ वर्षों में जब भी सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता मिली या किसी अभियान में नुकसान हुआ, तब मीडिया से संवाद करने के लिए सुंदरराज पी ही प्रमुख चेहरा रहे. बस्तर में सुरक्षा स्थिति, अभियान और रणनीति से जुड़ी जानकारी अक्सर उन्हीं के माध्यम से साझा की जाती थी।  तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले हैं सुंदरराज पी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश से नक्सलवाद समाप्त करने के लिए 31 मार्च तक का लक्ष्य तय किया था. अधिकारियों का मानना है कि इस दिशा में बस्तर क्षेत्र में मिली सफलताओं में सुंदरराज पी के नेतृत्व और रणनीतिक भूमिका का बड़ा योगदान रहा है. इसी कारण उनकी सेवाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है।  पीटीआई से बातचीत में एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि गृह मंत्रालय ने सुंदरराज पी को NIA में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के लिए विशेष सिफारिश की है. अधिकारी के अनुसार, यह फैसला बस्तर में माओवादियों के खिलाफ अभियानों में उनके नेतृत्व, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य के प्रति सम्मान स्वरूप लिया गया है।  तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले सुंदरराज पी ने कृषि विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया. अब NIA में IG के रूप में उनकी नियुक्ति को नक्सल विरोधी अभियानों में उनके अनुभव और विशेषज्ञता की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के रूप में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि माओवादी नेटवर्क और आतंकी गतिविधियों से निपटने के उनके व्यापक अनुभव का लाभ अब देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी NIA को भी मिलेगा। 

पंजाब में गर्मी से मिलेगी राहत! 19 जून से बारिश और तेज हवाओं के आसार, मानसून की एंट्री में देरी संभव

चंडीगढ़  पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा 18 जून से सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है।  मौसम विभाग ने 19 जून से अगले चार दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार इस प्री-मानसून गतिविधि के चलते तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्री-मानसून बारिश है और मानसून के आगमन को लेकर अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। मानसून की रफ्तार धीमी, पंजाब में देरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद इसकी प्रगति बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी धीमी हो गई है। ऐसे में पंजाब में मानसून जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंच सकता है। पहले इसके 20 से 25 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही थी। 16 जिलों में अलर्ट, मंगलवार को गिरा पारा मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया। रूपनगर 37.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। बुधवार के लिए अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली, बठिंडा, मानसा समेत 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। 

GF को गोद में उठाकर झूमे अर्चना पूरन सिंह के बेटे, मोनोकनी लुक पर फैंस ने पूछ लिया- शादी कब है?

मुंबई  एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह के छोटे बेटे आयुष्मान सेठी लंबे समय से योग और मेंटल वेलनेस ट्रेनर समीक्षा शेट्टी को डेट कर रहे हैं. दोनों बीते कुछ समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। अर्चना पूरन के दोनों बेटे आर्यमन और आयुष्मान सेठी अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड्स संग इन दिनों मालदीव में वेकेशन एन्जॉय कर रहे हैं। अर्चना की होने वाली छोटी बहूरानी समीक्षा शेट्टी ने मालदीव वेकेशन से अपनी कई बोल्ड तस्वीरें शेयर की हैं।                   समीक्षा तस्वीरों में प्रिंटेड बैकलेस रिवीलिंग मोनोकनी में नजर आ रही हैं. मोनोकनी पहने वो अपने वॉटर विला में चिल करती हुई दिखाई दीं। समीक्षा ने अपने वॉटर विला की बेडरूम फोटोज भी शेयर कीं. वो आयुष्मान की बांहों में कोजी हुई नजर आ रही हैं. कपल का रोमांटिक अंदाज देखते ही बनता है।  एक तस्वीर में आयुष्मान अपनी लेडी लव को गोद में लेकर झूमते हुए दिखाई दिए. दोनों का प्यार और बॉन्ड काफी खूबसूरत है। समीक्षा के लुक की बात करें तो प्रिंटेड बैकलेस मोनोकनी में उन्होंने कई किलर पोज दिए. ओपन हेयर और नो मेकअप लुक में वो काफी स्टनिंग लगीं।  समीक्षा शेट्टी अपने सपनों के राजकुमार आयुष्मान संग काफी खूबसूरत टाइम स्पेंड करती नजर आईं. कपल की केमिस्ट्री पर फैंस दिल हार रहे हैं।समीक्षा और आयुष्मान पर फैंस प्यार लुटा रहे हैं. फैंस उन्हें परफेक्ट कपल बता रहे हैं. वहीं, कई लोग उन्हें टीज भी कर रहे हैं। एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा- शादी से पहले हनीमून. वहीं, कई लोग समीक्षा को रीवीलिंग कपड़े न पहनने की सलाह दे रहे हैं. फैंस का कहना है कि वो काफी खूबसूरत हैं. उन्हें एक्सपोज करने की जरूरत नहीं है.  वैसे आपकी क्या राय है?

दो दिन की गर्मी के बाद राहत के आसार, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं

 रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मॉनसून के दो दिनों तक कमजोर रहने के बाद एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 17 जून को रांची सहित खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर बाद 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा, वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि, अन्य जगहों पर आकाश में बादल छाये रह सकते हैं, लेकिन तापमान में वृद्धि रहेगी. 18 जून को भी यही स्थिति रहने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र ने 22 जून तक मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं. कई जगहों पर बारिश हो सकती है. 19 जून का मौसम 19 जून से रांची सहित 17 जिलों हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा में तीन दिनों तक 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ा तापमान मॉनसून के कमजोर पड़ने के साथ ही जिलों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है. मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है. रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस, बोकारो का 39.2 डिग्री और चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा. मंगलवार को सिर्फ कांके में एक मिमी बारिश हुई.

CBI का शिकंजा कसा! IDFC बैंक फ्रॉड केस में वरिष्ठ IAS अधिकारी के आवास पर रेड

 पंचकूला IDFC बैंक के FD घोटाले मामले में वरिष्ठ IAS अधिकारी के आवास पर रेड जारी है। सीबीआई कि तरफ से मामले में चार्जशीट पेश की जा चुकी है। CBI अग्रिम कार्रवाई को अंजाम दे रही है। मामले में मनी ट्रेल व IAS अधिकारीयों कि भूमिका की जांच हो रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हुए 657 करोड़ रुपये के फंड गबन मामले में शुक्रवार को दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामले हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) से जुड़े हैं। सीबीआई ने हरियाणा सरकार के फंड के दुरुपयोग से संबंधित चार्जशीट पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल की। इस मामले में चंडीगढ़ के रियल एस्टेट इन्वेस्टर विक्रम वधवा और सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन सिंह कदोदिया आरोपित बनाया गया, जिन्हें अपराध से अर्जित धन का लाभार्थी बताया गया। पहले सीबीआई 15 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है इससे पहले सीबीआई 15 आरोपितों और कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें तीन सरकारी कर्मचारी, छह बैंक अधिकारी, दो कंपनियां और चार निजी व्यक्ति शामिल हैं। वहीं, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सीबीआई ने चंडीगढ़ की विशेष अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सात आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल है। जांच के दौरान पाया गया कि 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सावन ज्वेलर्स के द्वारा रिभव ऋषि, अभय कुमार, अभिषेक सिंगला, स्वाति सिंगला व अन्य आरोपितों की विभिन्न कंपनियों से प्राप्त की है। इन कंपनियों/फर्मों में पैसा सरकारी खातों से गैर कानूनी तरीके से ट्रांसफर किए गए थे। प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया? प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन के द्वारा मुख्य आरोपितों के लिए कैश कन्वर्जन का काम किया गया व इसके लिए भारी कमीशन प्राप्त किया। आरोपित द्वारा इन फर्मों/कंपनियों के नाम सोने के आइटम्स बेचे हुए दिखाए गए। आरोपित राजन ने इस मामले में धोखाधड़ी की शुरुआत से ही षड्यंत्र रचने में अहम भूमिका निभाई तथा पूर्व योजना के तहत अपराध को अंजाम देने में सक्रिय योगदान दिया। जांच में यह भी सामने आया था कि सावन ज्वेलर्स को अनधिकृत तरीके से पैसा तीन फर्मों से मिला है। वहीं विक्रम वधवा ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ निगम के साथ साथ चंडीगढ़-पंचकूला के दो निजी स्कूलों के बैंक खातों से भी करोड़ों का गबन किया। ईडी के अनुसार सरकारी फंड की हेराफेरी से जुड़े इस मामले में विक्रम वाधवा के निजी खाते में 70 करोड़ रुपये से अधिक की रकम पहुंची थी, जिसे बाद में अलग-अलग कंपनियों और संपत्तियों में लगाया गया। उस पर रिभव ऋषि, अभय कुमार, बैंक अधिकारियों व कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी धन की हेराफेरी का आरोप है। वाधवा ने अवैध रकम को छिपाने, अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने और उसे वैध दिखाने में अहम भूमिका निभाई। गबन की रकम को कई शेल कंपनियों के जरिए घुमाया। कौनसी कंपनियों के नाम? इनमें कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आरएस ट्रेडर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम हैं। एजेंसी के अनुसार इनके खातों में सरकारी विभागों से पैसे ट्रांसफर किए गए। गौरतलब है कि सीबीआई ने हरियाणा सरकार के आठ विभागों से जुड़े मामले को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में लिया था। वहीं चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट चंडीगढ़ से जुड़े दो मामलों की जांच आर्थिक अपराध थाना, चंडीगढ़ से सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में करीब 504 करोड़ रुपये तथा चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े मामले में 153 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सीबीआई ने कहा कि मामलों की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।  

भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला: मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और तकनीकी चुनौतियों पर मंथन

मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा के विस्तार और तकनीकी चुनौतियों के समाधान पर भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किए नवाचार एवं रणनीतियां भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां ऊर्जा सुरक्षा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, नीति समर्थन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से राज्य में हरित ऊर्जा के विस्तार को नई गति मिलेगी। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमनबीर सिंह बैंस ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और प्रभावी ग्रिड प्रबंधन के माध्यम से विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है तथा इससे राज्य की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस अवसर पर अतिथियों ने पुस्तक विमोचन भी किया। “मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा परिनियोजन को आगे बढ़ाना” विषय पर भोपाल में आयोजित कार्यशाला में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, परियोजना विकासकर्ताओं, शोधकर्ताओं, डिस्कॉम प्रतिनिधियों तथा सरकारी एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय जलवायु पहल (आईकेआई), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश शासन तथा मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार एवं तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश में एग्रीफोटोवोल्टिक्स पर व्यापक कानूनी एवं व्यवहार्यता मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही सौर ऊर्जा संयंत्रों के प्रदर्शन विश्लेषण, रिएक्टिव पावर मापन, रिले एवं ट्रांसफार्मर समन्वय, 11 केवी ग्रिड इंजेक्शन से जुड़ी चुनौतियों तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।कार्यशाला में जर्मनी के संघीय आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्रालय, जर्मन दूतावास, जीआईजेड इंडिया तथा केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने मध्यप्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी नवाचार और संस्थागत समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।  

‘डॉ. पाठक जैसे गुरु मिलना सौभाग्य’, विज्ञान जगत में उनकी उपलब्धियों पर गर्व जताया

डॉ. पाठक जैसे विरले शिक्षकों का शिष्य होना सौभाग्य की बात, विज्ञान के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां हम सभी के लिए गर्व का विषय' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने गुरू को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षक दिवस के अतिरिक्त अन्य अवसरों पर भी अपने गुरूजनों के प्रति सदैव सम्मान व्यक्त करते रहे है। उन्होंने आज अपने शिक्षक रहे डॉ. जेपीएन पाठक के 80 वें जन्म दिन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बधाई दी और सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन निवासी अपने गुरू डॉ. पाठक को जन्म दिन की वर्षगांठ पर बधाई देते हुए इन शब्दों में अपनी भावना व्यक्त की- "मुझे मुख्यमंत्री के रूप में प्रतिदिन अनेक कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलता है। लेकिन आज का यह अवसर एक भावुक क्षण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने गुरू डॉ. पाठक की जिजीविषा का उल्लेख करते हुए कहा कि आपको एक युवा की तरह देखकर ऊर्जा मिलती है और आपके स्नेह तथा सकारात्मकता के भाव से ऐसा अनुभव होता हैं, मानो हम अपने साइंस कालेज की कक्षा में बैठे हों और आप पढ़ा रहे हों। आपके पढ़ाने का विशेष तरीका था। आप जैसे विरले शिक्षकों का शिष्य होना सौभाग्य की बात है। आप सदैव मुस्कुराते रहें और सभी का मार्गदर्शन करते रहें, आपका आशीर्वाद हम पर बना रहे।" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. पाठक की वैज्ञानिक उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं। वे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी करते रहे हैं, जिस पर उनके विद्यार्थियों को गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर डॉ. पाठक से जुड़े कुछ संस्मरण भी साझा किए और अन्य गुरुजन को भी याद किया जिनकी शिक्षा आज भी जीवन में उपयोगी है। उनकी दी हुई शिक्षा संस्कार और साहस देने वाली शिक्षा थी। उन्होंने छात्र संघ को सशक्त बनाने में सहयोग दिया और प्रज्ञा पत्रिका के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि गुरुजी डॉ. पाठक ने सदैव विद्यार्थियों की युवा शक्ति को महत्व दिया। डॉ. पाठक से वर्चुअल मीटिंग के अवसर पर मध्यप्रदेश गृह निर्माण और अधोसंरचना मंडल के अध्यक्ष श्री ओम जैन के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि और डॉ. पाठक के अन्य शिष्य उपस्थित थे।      

निलाक्षिका सिल्वा और कौशानी की दमदार साझेदारी, श्रीलंका ने आखिरी ओवर में जीता रोमांचक मुकाबला

साउथैम्पटन महिला टी20 विश्व कप 2026 में बड़ा उलटफेर हो गया है। डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड को श्रीलंका के हाथों हार झेलनी पड़ी है। न्यूजीलैंड ने अभी तक खेले दोनों मैचों में हार मिली है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच महिला टी20 विश्व कप में 7 मैच हुए थे। सभी में न्यूजीलैंड को जीत मिली थी। पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड ने 6 विकेट पर 150 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम को 5 विकेट से जीत मिली। न्यूजीलैंड की यह लगातार दूसरी हार है तो श्रीलंका का यह पहला ही मुकाबला था डेथ ओवर में न्यूजीलैंड की बैटिंग नहीं चली पहले बैटिंग करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही। सलामी बल्लेबाज इसाबेला गेज पहले ही ओवर में आउट हो गईं। इसके बाद अमेलिया केर और जॉर्जिया प्लेमेर की जोड़ी क्रीज पर टिक गई। दोनों के बीच 49 रनों की साझेदारी हुई। जॉर्जिया 18 रन बनाकर आउट हुईं। कप्तान केर अर्धशतक लगाने से चूक गईं और 45 रन बनाकर वापस लौटीं। उन्होंने 36 गेंदों का सामना किया। इसके बाद न्यूजीलैंड की टीम खुलकर बैटिंग नहीं कर पाई। आखिरी 7 ओवरों में न्यूजीलैंड की टीम सिर्फ 52 रन ही बना सकी। सोफी डिवाइन 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर 45 रन बनाकर आउट हुईं। आखिरी दो ओवर में न्यूजीलैंड को श्रीलंका ने एक भी बाउंड्री नहीं लगाने दिया। कविशा दिलहरी ने दो विकेट झटके। 55 रन पर श्रीलंका ने 4 विकेट को दिए थे श्रीलंका को कप्तान चमारी अटापट्टू ने अच्छी शुरुआत दिलाई। पावरप्ले के आखिरी ओवर में वह आउट हुईं तो टीम का स्कोर 45 रन था। 19 गेंदों पर उनके बल्ले से 27 रन निकले। 55 रन तक पहुंचने में श्रीलंका के 4 विकेट गिर गए। इसके बाद क्रीज पर उतरी निलाक्षिका सिल्वा ने एक छोर संभाल लिया। कविशा दिलहरी के साथ 5वें विकेट के लिए उन्होंने 39 गेंदों पर 49 रन जोड़े। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर कविशा 17 रन बनाकर रन आउट हुईं तो टीम का स्कोर 105 रन था। आखिरी 5 ओवर में जीत के लिए श्रीलंका को 45 रन चाहिए थे। नई बल्लेबाज कौशानी नुथ्यांगना के साथ निलाक्षिका ने लगातार स्ट्राइक रोटेट किए और मौका मिलने पर बाउंड्री लगाई। पहले तीन ओवर में 12 रन देने वाली अमेरिका केर के खिलाफ 18वें ओवर में दोनों ने 12 रन बटोर लिए। 19वें ओवर में निलाक्षिका सिल्वा 34 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की। आखिरी ओवर में जीत के लिए 5 रन चाहिए थे। सोफी डिवाइन के खिलाफ चौखी गेंद पर चौका मारकर कौशानी ने टीम को जीत दिला दी। 14 गेंदों पर कौशानी ने 24 जबकि 37 गेंदों पर निलाक्षिका ने 54 रन बनाए। दोनों ने सिर्फ 28 गेंदों पर 45 रनों की साझेदारी की।  

घर पर बनाएं नेचुरल फेस वॉश, बेसन, एलोवेरा और ओट्स से पाएं चमकदार और हेल्दी स्किन

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाहरी धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन की वजह से हमारी स्किन अपनी नेचुरल ग्लो खोटी चली जा रही है. वैसे तो हम सभी अपने चेहरे की सफाई करने के लिए फेस वॉश या फिर एक क्लींजर का इस्तेमाल करते ही हैं, लेकिन कई बार इनमें मौजूद केमिकल्स हमारी स्किन को फायदा पहुंचाने की जगह पर नुकसान ज्यादा पहुंचा देते हैं. आपको भले ही एक हफ्ते या फिर एक महीने में इन केमिकल्स का असर अपनी स्किन पर देखने को न मिले, लेकिन एक समय के बाद आपको इन केमिकल्स की वजह से हुआ नुकसान जरूर दिखाई देगा. अगर आप अपने चेहरे को एक नेचुरल तरीके से साफ करना चाहते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको आपके घर और किचन में ही मौजूद कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल करके आप एक नेचुरल और ज्यादा सुरक्षित फेस वॉश आसानी से खुद ही तैयार कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं घर पर नेचुरल फेस वॉश बनाने और उसे इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका. बेसन और हल्दी का फेस वॉश हमारे घरों में बेसन का इस्तेमाल सदियों से चेहरे को निखारने के लिए किया जाता रहा है. बेसन स्किन की गहराई से सफाई करता है और एक्स्ट्रा ऑयल को रिमूव करने में मदद भी करता है वहीं, हल्दी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल क्वालिटीज पिंपल्स को दूर रखते हैं. इसे बनाने के लिए एक कटोरी में दो चम्मच बेसन लें और उसमें आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं. अब इसमें ड्राई स्किन के लिए जरूरत के अनुसार कच्चा दूध या ऑयली स्किन के लिए गुलाब जल मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. यह सिंपल सा पेस्ट चेहरे की गंदगी को पूरी तरह साफ कर देता है. एलोवेरा और शहद का फेस वॉश अगर आपकी स्किन बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव या ड्राई है, तो एलोवेरा और शहद का कॉम्बिनेशन आपके लिए सबसे अच्छा साबित हो सकता है. एलोवेरा स्किन को ठंडक और फ्रेशनेस देता है, जबकि शहद मॉइस्चर को लॉक करके चेहरे को नैचुरली ग्लोइंग बनाता है. इसे बनाने के लिए दो चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल में एक चम्मच प्योर शहद मिलाएं और दोनों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इस मिश्रण को आप चाहें तो एक छोटे कंटेनर में बनाकर फ्रिज में दो से तीन दिनों के लिए रख भी सकते हैं. ओट्स और दही का फेस वॉश धूप के कारण अगर चेहरे पर टैनिंग हो गई है या स्किन बेजान लग रही है, तो ओट्स और दही का फेस वॉश बेहतरीन तरीके से काम करता है. ओट्स आपकी स्किन को साफ करता है और दही में मौजूद लैक्टिक एसिड दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले ओट्स को पीसकर उसका पाउडर बना लें और फिर एक चम्मच ओट्स पाउडर में एक से दो चम्मच फ्रेश दही मिलाएं. इन दोनों ही चीजों को अच्छे से मिक्स करके पेस्ट बना लें. यह आपकी स्किन की डेड सेल्स को हटाने में बहुत असरदार है. स्तेमाल करने का सही तरीका घर पर बने इस नेचुरल फेस वॉश का इस्तेमाल करना बेहद आसान है. सबसे पहले अपने चेहरे को सादे पानी से गीला कर लें. इसके बाद तैयार किए गए पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और उंगलियों की मदद से गोल-गोल घुमाते हुए 1 से 2 मिनट तक हल्की मसाज करें. अब चेहरे को साफ पानी से धो लें और किसी साफ तौलिए से थपथपाकर सुखाएं. चेहरा धोने के तुरंत बाद चेहरे पर थोड़ा सा मॉइस्चराइजर या गुलाब जल जरूर लगाएं ताकि मॉइस्चर बनी रहे. चुरल फेस वॉश के फायदे घर के बने फेस वॉश पूरी तरह से केमिकल-फ्री और सल्फेट-फ्री होते हैं, जिससे स्किन को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. ये आपके बजट में फिट बैठते हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता. इन्हें रोजाना इस्तेमाल करने से चेहरे का नेचुरल ग्लो वापस आता है और स्किन अंदर से हेल्दी भी रहती है.