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योगी सरकार की सामूहिक विवाह योजना बनी OBC परिवारों का सहारा, हजारों घरों को मिली राहत

योगी सरकार में ओबीसी परिवारों के लिए संबल बनी सामूहिक विवाह योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के 1.80 लाख से अधिक जोड़ों को मिला मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का सहारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26,286 ओबीसी जोड़े हुए लाभान्वित, समाज कल्याण विभाग निभा रहा अहम भूमिका लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसी भेदभाव के बिना समाज के सभी वर्गों तक पहुंच रहा है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि पात्रता के आधार पर प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी सोच का परिणाम है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब परिवारों के लिए सहारा बनी है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के परिवारों की बात करें तो योगी सरकार के नौ वर्षों में 1,80,017 जोड़ों का विवाह इस योजना के माध्यम से संपन्न कराया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26,286 ओबीसी जोड़े योजना से लाभान्वित हुए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की योजनाएं समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच रही हैं और पात्र लोगों को उनका अधिकार मिल रहा है।  पात्रता के आधार पर मिल रहा योजनाओं का लाभ योगी सरकार ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां किसी वर्ग विशेष के बजाय सभी पात्र परिवारों को लाभ दिया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना लाखों परिवारों के जीवन में खुशियां लेकर आई है। समाज कल्याण विभाग निभा रहा सक्रिय भूमिका समाज कल्याण विभाग योजना के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग की ओर से लाभार्थियों का सत्यापन कर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं। विवाह की संपूर्ण व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर सुनिश्चित की जाती है। समारोह में खान-पान, पंडाल, सजावट सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं, ताकि लाभार्थी परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। आर्थिक सहायता से मिल रहा सामाजिक संबल मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें 60 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित किए जाते हैं, 25 हजार रुपये के उपहार एवं गृहस्थी के सामान दिए जाते हैं, जबकि 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो पाता है। योगी सरकार में पात्र परिवारों को मिल रहा योजनाओं का लाभ समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में समाज के प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बीते 9 वर्षों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4,957 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जो 2018-19 में बढ़कर 13,866 और 2019-20 में 15,417 तक पहुंच गया। वर्ष 2020-21 में 6,901, 2021-22 में 15,256, 2022-23 में 31,903, 2023-24 में 33,913 तथा 2024-25 में 31,518 जोड़ों का विवाह कराया गया। वहीं, वर्ष 2025-26 में 26,286 जोड़े इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आर्थिक संबल के साथ सामाजिक समरसता और सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा को मजबूत करते हुए कुल 5,54,202 जोड़ों की शादियां हुई हैं।

घर पर बनाएं मुल्तानी मिट्टी का नेचुरल साबुन, स्किन रहे साफ और ग्लोइंग

नहाते वक्त बॉडी वॉश और साबुन का इस्तेमाल तो हम सभी करते हैं. कोई साबुन अपनी खुशबू के लिए पसंद किया जाता है तो कोई चेहरे को अच्छी तरह साफ करने के लिए. लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर साबुन और बॉडी वॉश में कई तरह के केमिकल्स होते हैं जो हर किसी के स्किन को सूट नहीं करते. ऐसे में अगर आप नेचुरल चीजों से बने स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं तो घर पर मुल्तानी मिट्टी का साबुन बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. मुल्तानी मिट्टी, नीम, चंदन जैसे नेचुरल चीजों से तैयार यह साबुन आपकी स्किन को साफ रखने के साथ-साथ उसे ताजगी और नमी देने में भी मदद कर सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है. तो आइए जानते हैं मुल्तानी मिट्टी से हर्बल साबुन बनाने का आसान तरीका. इंग्रेडिएंट्स (Ingredients) 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी 2 बड़े चम्मच चंदन पाउडर 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल थोड़ी-सी नीम की पत्तियां 1 छोटी चम्मच हल्दी जरूरत के अनुसार पानी घर पर मुल्तानी मिट्टी से साबुन कैसे बनाएं?  घर पर मुल्तानी मिट्टी का साबुन बनाने के लिए सबसे पहले मिक्सर में मुल्तानी मिट्टी, नीम की पत्तियां और एलोवेरा जेल डालें.     इसके बाद इसमें चंदन पाउडर, हल्दी और थोड़ा-सा पानी मिलाएं. अब सभी चीजों को अच्छी तरह पीसकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.     ध्यान रखें कि पेस्ट न ज्यादा गाढ़ा हो और न ही ज्यादा पतला.     तैयार मिश्रण को हाथों की मदद से साबुन का आकार दें या किसी सांचे में भर दें.     इसके बाद इसे तेज धूप में कुछ दिनों तक अच्छी तरह सुखाएं.     जब मिश्रण पूरी तरह सख्त हो जाए तो आपका घर का बना नेचुरल मुल्तानी मिट्टी का साबुन इस्तेमाल के लिए तैयार है. मुल्तानी मिट्टी से बना यह साबुन क्यों है इतना खास? नेचुरल चीजों से तैयार किया गया यह साबुन स्किन से जुड़ी समस्याओं, जैसे पिंपल्स और दाग-धब्बों को कम करने में मदद कर सकता है. साथ ही यह स्किन पर नेचुरल ग्लो लाने में भी मदद करेगा.

डाइनिंग टेबल पर इन चीजों को रखने से बचें, वरना घर की बरकत और सुख-समृद्धि पर असर

 घर का डाइनिंग रूम सिर्फ भोजन करने की जगह नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है जहां परिवार के सदस्य एक साथ जुड़ते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, डाइनिंग टेबल का हमारे जीवन, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर बहुत गहरा असर पड़ता है.  क्या आप जानते हैं कि आपकी डाइनिंग टेबल पर रखी कुछ छोटी-छोटी चीजें आपके घर की बरकत छीन सकती हैं? यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहे और धन का आगमन हो, तो आज ही अपनी डाइनिंग टेबल से इन चीजों को हटा दें: 1. दवाइयां (Medicines) कभी भी डाइनिंग टेबल पर दवाइयां न रखें. भोजन करने वाली जगह पर दवाओं का होना स्वास्थ्य में सुधार के बजाय नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है. यह घर के सदस्यों के बीमार पड़ने का संकेत हो सकता है. 2. टूटी-फूटी क्रॉकरी अगर आपकी डाइनिंग टेबल पर रखे प्लेट, कप या चम्मच कहीं से चटके या टूटे हुए हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें. टूटे हुए बर्तन दरिद्रता को आमंत्रित करते हैं. हमेशा साफ और साबूत बर्तनों का ही इस्तेमाल करें. 3. फालतू कागजात और बिल अक्सर लोग डाइनिंग टेबल को ही अपना ऑफिस डेस्क बना लेते हैं. वहां बिखरे पुराने बिल, रसीदें या अखबार न रखें.  यह राहु का प्रभाव बढ़ाता है जिससे आर्थिक तनाव भी बढता है. 4. सूखे फूल या कांटेदार पौधे डाइनिंग टेबल पर हमेशा ताजे फूल रखें. सूखे हुए फूल या कांटेदार पौधे (जैसे कैक्टस) सकारात्मक ऊर्जा को सोख कर घर में कलह का कारण बनते हैं. 5. खाली नमकदानी (Salt Shaker) वास्तु में नमक को सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है.  डाइनिंग टेबल पर रखी नमकदानी को कभी खाली न होने दें. इसे हमेशा भरा रखना घर में धन और खुशहाली का संकेत माना जाता है. पैसा और बरकत बढ़ाने के लिए अपनाएं ये उपाय: आईने का सही इस्तेमाल: डाइनिंग टेबल के सामने दीवार पर एक बड़ा आईना (Mirror) लगाएं. यह खाने की मेज के प्रतिबिंब को दोगुना दिखाता है, जिसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. फल की टोकरी: मेज के बीच में ताजे फलों की टोकरी रखें. यह घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होने देता. साफ-सफाई: भोजन करने के तुरंत बाद टेबल साफ करें. बची हुई जूठन या गंदगी को रात भर टेबल पर छोड़ना आर्थिक नुकसान का सबसे बड़ा कारण है.

यात्रियों के लिए बड़ी सौगात: छपरा-दिल्ली और मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ, मेमू ट्रेन का भी विस्तार

 छपरा  पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में 19 जून का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी छपरा जंक्शन पर आयोजित विशेष समारोह में नई रेल सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर छपरा-दिल्ली आनंद विहार टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस, मऊ-दिल्ली आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस तथा दोहरीघाट-औंड़िहार मेमू ट्रेन सेवा के वाराणसी सिटी तक विस्तारित मार्ग का उद्घाटन किया जाएगा। समारोह में सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, एमएलसी वीरेन्द्र नारायण यादव, आफाक अहमद, सच्चिदानंद राय तथा विधायक छोटी कुमारी उपस्थित रहेंगी। वहीं मऊ जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा तथा घोसी के सांसद राजीव राय शामिल होंगे। मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस और मेमू सेवा विस्तार की भी सौगात रेलवे अधिकारियों के अनुसार 12527 छपरा-आनंद विहार टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार को रात 8:50 बजे छपरा से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वापसी में 12528 आनंद विहार-छपरा एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को शाम 4:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 9:40 बजे छपरा पहुंचेगी। यह ट्रेन बलिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर ठहरेगी। इसी प्रकार 14055 मऊ-आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को मऊ से चलेगी, जबकि 14056 आनंद विहार-मऊ एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को संचालित होगी। साथ ही दोहरीघाट-औंड़िहार मेमू सेवा का विस्तार वाराणसी सिटी तक कर दिया गया है। मढ़ौरा लोको प्लांट से गिनी के लिए रवाना होगा 51वां रेल इंजन  कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री और मुख्यमंत्री मढ़ौरा लोकोमोटिव प्लांट में आयोजित समारोह में गिनी गणराज्य को निर्यात किए जाने वाले 51वें डब्ल्यूडीजी4जी रेल इंजन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। छपरा में आयोजित कार्यक्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी सहित कई वरिष्ठ रेल अधिकारी मौजूद रहेंगे, जबकि मऊ में अपर महाप्रबंधक विनोद कुमार शुक्ल कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। रेलवे का मानना है कि नई रेल सेवाओं के संचालन से छात्रों, किसानों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

वट सावित्री व्रत 2026: जानें बदलती तिथियां और शुभ मुहूर्त

 हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है.  यह व्रत अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के साथ रखा जाता है. इस वर्ष कैलेंडर गणना और अधिकमास के प्रभाव के कारण वट सावित्री व्रत की तिथियों को लेकर कुछ बदलाव देखने को मिले हैं. आइए जानते हैं कि इस साल वट सप्तमी (बड़ साते) और वट पूर्णिमा कब मनाई जाएगी. क्यों बदला वट सावित्री व्रत का समय? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ मास में रखा जाता है. इस वर्ष ज्येष्ठ मास में अधिकमास (मलमास) आने के कारण तिथियों के क्रम में अंतर आया है.  अमावस्या के बाद अधिकमास की अवधि रही, जिसके समाप्त होने के बाद पुन: ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष शुरू हुआ. इसी कारण से इस वर्ष परंपरा के अनुसार, वट सप्तमी और वट पूर्णिमा की तिथियां सामान्य समय से आगे बढ़ गई हैं. वट सप्तमी (बड़ साते) 2026: कब है? ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को वट सप्तमी या बड़ साते के रूप में जाना जाता है.  कई क्षेत्रों में महिलाएं इस दिन भी अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और वट (बरगद) के वृक्ष की पूजा करती हैं. इस साल बड़ साते का व्रत 21 जून 2026 को रखा जाएगा. वट पूर्णिमा 2026: शुभ तिथि और मुहूर्त देश के कई हिस्सों में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को ही वट सावित्री का व्रत किया जाता है, जिसे वट पूर्णिमा कहते हैं. इस वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि 29 जून 2026 (सोमवार) को पड़ रही है. पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 29 जून 2026 को सुबह 03:06 बजे से. पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे तक. पूजा का महत्व: 29 जून को ही वट पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा.  इस दिन सुहागिनें बरगद के पेड़ की पूजा कर अपने वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि की प्रार्थना करेंगी. वट सावित्री व्रत का धार्मिक महत्व पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावित्री ने इसी वट वृक्ष के नीचे यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांगे थे. यही कारण है कि इस दिन बरगद के पेड़ को अमरता और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है. महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं, वट वृक्ष की परिक्रमा करती हैं, कच्चा सूत अर्पित करती हैं और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं. कई परंपराओं में इस दिन सास को बायना देने की भी प्रथा है.

पटना समेत 14 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी, 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

पटना बिहार के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राजधानी पटना सहित सूबे के 14 जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ जिलों में ऑरेंज तो कुछ में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। हालांकि, राहत की इस बौछार के बावजूद राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं होने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य का एक बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पटना में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय और समस्तीपुर जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज आंधी को लेकर ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भागलपुर, गया जी, जहानाबाद, जमुई, खगड़िया, नालंदा, नवादा, पटना और शेखपुरा जिलों में भी वज्रपात और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। चलेंगी 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं अलर्ट वाले सभी 14 जिलों में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। राज्य में दो तरफा मौसम (कहीं उमस भरी धूप तो कहीं अचानक आंधी-पानी) होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के प्रवेश की वर्तमान स्थिति 12 जून को आगमन: दक्षिण-पश्चिम मानसून सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेगूसराय, लखीसराय, बांका, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर सहित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और जमुई के कुछ भागों में प्रवेश कर चुका था। छह दिनों से ठहराव: शुरुआती तेजी के बाद पिछले छह दिनों से मानसून की उत्तरी सीमा जमुई और मुजफ्फरपुर के समीप ही रुकी हुई है, जिससे आगे के जिलों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है।

शुक्र ग्रह का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, मेष, मिथुन, सिंह और कन्या राशि वालों को रहना होगा सतर्क

3 जून को सुख, सौंदर्य और वैभव के दाता शुक्र ग्रह अश्लेषा नक्षत्र में गोचर (प्रवेश) करेंगे. ज्योतिष शास्त्र में अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं, और शुक्र व बुध के बीच मित्रता का भाव होने के बावजूद, कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है. आइए जानते हैं किन राशियों को इस गोचर से नुकसान या परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. 1. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर मिलाजुला रहेगा, लेकिन अश्लेषा नक्षत्र में जाने से आपको कुछ मोर्चों पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. पारिवारिक कलह: माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है. घर में सुख-सुविधाओं की कमी महसूस होगी या घरेलू उपकरणों पर अचानक बड़ा खर्च हो सकता है. कार्यक्षेत्र: ऑफिस में राजनीति का शिकार हो सकते हैं. सहकर्मियों के साथ तालमेल बिगाड़ने से बचें. सावधानी: इस अवधि में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें. 2. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के धन भाव में यह गोचर होने जा रहा है, जिससे आपकी वाणी और संचित धन प्रभावित होगा. आर्थिक नुकसान: इस दौरान आपको अपनी सुख-सुविधाओं और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखना होगा, अन्यथा बजट बिगड़ सकता है. निवेश करने के लिए यह समय सही नहीं है, धन फंसने के योग हैं. रिश्तों में खटास: अश्लेषा नक्षत्र के प्रभाव से आपकी वाणी में थोड़ा कड़वापन आ सकता है, जिससे परिवार के सदस्यों या जीवनसाथी के साथ विवाद होने की संभावना है. सावधानी: किसी को भी उधार देने से बचें, वापस मिलने की संभावना कम है. 3. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर 12वें (व्यय) भाव में होगा, जो खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी का संकेत दे रहा है. बजट का असंतुलन: भौतिक सुख-साधनों और यात्राओं पर अत्यधिक धन खर्च होगा. न चाहते हुए भी कुछ ऐसे खर्च सामने आएंगे जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा. स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: अनिद्रा, आंखों में दिक्कत या पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है. जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर भी धन खर्च होने के योग हैं. सावधानी: कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहें और गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. 4. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के जातकों के लिए अश्लेषा नक्षत्र का यह गोचर आय और लाभ के स्थान पर होगा, लेकिन नक्षत्र स्वामी बुध होने के कारण उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिलेंगे. व्यापार में मंदी: व्यापारियों को इस दौरान बड़ा मुनाफा कमाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. कोई बड़ी डील हाथ से निकल सकती है. मित्रों से अनबन: दोस्तों या बड़े भाई-बहनों के साथ किसी बात को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती है, जिससे आपके बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं. सावधानी: शेयर बाजार या सट्टेबाजी में पैसा लगाने से पूरी तरह बचें, भारी नुकसान हो सकता है. अशुभ प्रभावों से बचने के उपाय शुक्र मंत्र का जाप: प्रतिदिन ओम शुं शुक्राय नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. दान कार्य: शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं जैसे- चावल, चीनी, दूध या सफेद वस्त्रों का दान करें. मां लक्ष्मी की पूजा: शुक्रवार को देवी लक्ष्मी को मिश्री और खीर का भोग लगाएं. इससे आर्थिक तंगी दूर होती है. इन राशियों को मिलेगा शुभ फल 23 जून को शुक्र का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश जहां कुछ राशियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है, वहीं 4 राशियां ऐसी भी हैं जिनके लिए यह गोचर बेहद शुभ और भाग्यशाली साबित होने वाला है. बुध के नक्षत्र (अश्लेषा) में शुक्र का आना इन राशियों के लिए धन, करियर और सुख-सुविधाओं के द्वार खोलेगा. आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय वरदान साबित होगा, जिसमें वृषभ राशि, कर्क, तुला और मकर राशि शामिल है.

शादीपुर चौक से आश्रम चौक तक, जानिए दिल्ली की टॉप-10 ट्रैफिक जाम वाली लोकेशन

नई दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली में जाम के टॉप-10 लोकेशन की पहचान की है और लिस्ट दिल्ली सरकार को भेजी है। पुलिस ने कहा है कि इन 10 जगहों पर पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या है और इसका समाधान जरूरी है। सभी लोकेशन दिल्ली के महत्वपूर्ण जंक्शन में से एक स्थानों पर जाम की समस्या है, उसकी वजह भी पुलिस ने बताई है। नो एंट्री लागू करने का सुझाव दिल्ली सरकार के अफसरों के अनुसार दिल्ली में 10 ऐसी लोकेशन हैं, जो काफी प्रमुख हैं। हर जगह जाम के अलग-अलग कारण ट्रैफिक पुलिस ने बताए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि कोंडली ब्रिज पर गाजीपुर रोड से सामान्य से अधिक ट्रैफिक भार का आना जाम की वजह है। पुलिस का सुझाव है कि पीक आवर के दौरान गाजीपुर रोड पर नो-एंट्री लागू किया जाना चाहिए। लंबे समय से रोड जाम की समस्या महरौली-बदरपुर रोड (एमबी रोड) पर पुलिस ने मेट्रो कंस्ट्रक्शन वर्क की वजह से जाम बताया है। पुलिस ने कहा है कि एमबी रोड एमजी रोड (महरौली-गुड़गांव रोड) रोड को सैलाब के पास कनेक्ट करती है। इससे पहले तक मेट्रो का काम चल रहा है। कंस्ट्रक्शन वर्क के चलते रोड के आधे से अधिक हिस्से की बैरिकेडिंग की गई है, जिससे गाड़ियों को चलने के लिए जगह काफी कम हो गई है, जिससे लंबे समय से इस रोड पर जाम की समस्या है। जाम की टॉप-10 लोकेशन     शादीपुर चौक     कोंडली ब्रिज     आनंद विहार बस अड्डा     आजादपुर मंडी     बवाना चौक     एमबी रोड     आश्रम चौक     मथुरा रोड     जैतपुर मोड़     भैरा एनक्लेव  

286 करोड़ की 157 परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, पटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाने की तैयारी

पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की 286 करोड़ रुपये से अधिक की 157 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पटना के भविष्य को लेकर बड़ा विजन पेश करते हुए कहा कि राजधानी के विस्तार के लिए 66 हजार एकड़ क्षेत्र में पाटल‍िपुत्र नाम से नया शहर बसाया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने 238.75 करोड़ रुपये की 114 योजनाओं का उद्घाटन तथा 47.48 करोड़ रुपये की 43 योजनाओं का शिलान्यास किया। पटना नगर निगम क्षेत्र में 3.03 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और 17.17 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। मीठापुर में बना कॉमन सर्विस सेंटर इस अवसर पर पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रिवर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, गार्डन और पाथवे का उद्घाटन किया गया। वहीं मीठापुर में 10.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जी प्लस थ्री कॉमन सर्विस सेंटर का भी लोकार्पण किया गया। इस भवन में बैंक, पार्लर, ओपन एयर कैफे समेत विभिन्न नागरिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरों को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कचरा प्रबंधन की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और अगले छह महीने में कचरा निस्तारण की व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। मार्च तक शहर में कचरे के सभी बड़े ढेर समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सीवरेज से जुड़े घरों का कनेक्‍शन उन्होंने नागरिकों से सीवरेज नेटवर्क से अपने घरों को जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर गंदा पानी सीधे गंगा में जाता रहेगा। नगर निगम को निर्देश दिया गया कि लोगों को सीवरेज से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने बरसात को देखते हुए अगले पांच दिनों में बड़े नालों के निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकने और मानसून के बाद दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही सीवरेज कार्य के कारण टूटी सड़कों को 24 से 48 घंटे के भीतर बहाल करने को कहा। उन्होंने शहर में संगठित बाजार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने नगर निगम और बुडको को वार्ड स्तर पर सब्जी, मांस-मछली और डेयरी उत्पादों के लिए आधुनिक बाजार एवं सेंटर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। पटना के दीर्घकालिक विकास का खाका पेश करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राजधानी के विस्तार के लिए 46 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। पटना बनेगा सुंदर और स्‍मार्ट भूमि अधिग्रहण के मुआवजा दरों में 10 वर्षों बाद संशोधन किया गया है, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।उन्होंने कहा कि केवल पटना क्षेत्र में ही लगभग छह लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं हैं। सरकार यहां इंडस्ट्री, एजुकेशन और मेडिकल हब विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य ऐसा आधुनिक शहर बनाना है जो स्मार्ट होने के साथ-साथ पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक विरासत को भी पुनर्स्थापित करे। मुख्यमंत्री ने कोचिंग संस्थानों के लिए भी समर्पित केंद्र विकसित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, महापौर सीता साहू, उपमहापौर रेशमी कुमारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विभागीय प्रधान सचिव विनय कुमार और बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

खाटूश्याम भक्तों को झटका, मंदिर के कपाट बंद; दर्शन शुरू होने की तारीख आई सामने

जयपुर  विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम के भक्तों के लिए जरूरी सूचना है। अगर आप बाबा श्याम के दरबार में उनके दर्शन के लिए जाने वाले हैं तो पहले यह खबर जान लें। क्योंकि बाबा श्याम का मंदिर उनके भक्तों के लिए बंद रहने वाला है, इसके बारे में श्री श्याम मंदिर कमेटी ने सूचना जारी की है। जानकारी के अनुसार बाबा श्याम के विशेष श्रृंगार और पूजा के चलते मंदिर को 18 जून 2026 की रात 10 बजे से अगले 19 घंटों के लिए बंद रखा जाएगा। इस दौरान भक्तों को बाबा के अस्थाई रूप से दर्शन नहीं मिल पाएंगे। मंदिर की परंपरा के तहत अमावस्या के बाद बाबा श्याम का विशेष तिलक और श्रृंगार किया जाता है। यह अनुष्ठान पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाता है। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा के बीच बाबा के मस्तक पर चंदन का विशेष तिलक लगाया जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने में करीब 8-10 घंटे लग जाते हैं। कब और कितने बजे खुलेगा मंदिर: कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने मंदिर खुलने के समय की भी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मंदिर के कपाट 19 जून 2026 को शाम 5 बजे खोल दिए जाएंगे। इसके बाद फिर से श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि किसी भी परेशानी या असुविधा से बचने के लिए मंदिर खुलने और बंद होने के समय का ध्यान रखें और मंदिर बंद रहने तक दर्शन के लिए नहीं पहुंचे। जानिए कौन हैं बाबा श्याम: खाटू श्याम जी का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव में स्थित है। यह मंदिर महाभारत के एक महत्वपूर्ण पात्र बर्बरीक को समर्पित है। बाबा श्याम को ‘हारे का सहारा’ भी कहा जाता है। इन्हें भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के समय भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की सेना की ओर से लड़ने के लिए मैदान में उतरे थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण रूप धारण करके उनसे शीश का दान मांगा था। बर्बरीक ने बिना सोच-विचार किए अपना शीश दान कर दिया था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया था कि उन्हें कलियुग में उनके नाम ‘श्याम’ से जाना जाएगा। मान्यता है कि खाटू स्थित बाबा श्याम के मंदिर में हाजिरी लगाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।