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रामायण के वीर योद्धा: लक्ष्मण, बाली, अंगद और सुग्रीव का पराक्रम

महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में हमें अनेक महान योद्धाओं का वर्णन मिलता है चाहे वे असुर हों, मानव हों, वानर हों या देवताओं के अवतार. इन योद्धाओं में से कई को दिव्य वरदान प्राप्त थे, जिनसे उनकी शक्ति कई गुना बढ़ गई थी. आज हम जानेंगे रामायण काल के सबसे शक्तिशाली योद्धाओं के बारे में. श्री राम श्री राम, भगवान विष्णु के अवतार, रामायण के सबसे महान योद्धा थे. उनके पास सभी दिव्य अस्त्र-शस्त्र थे और वे अद्वितीय धनुर्धर थे. उन्होंने अकेले ही असंख्य राक्षसों का वध किया था और अंत में रावण को पराजित कर धर्म की स्थापना की थी. हनुमान जी वायुपुत्र हनुमान अतुलनीय शक्ति और भक्ति के प्रतीक हैं. उन्होंने अकेले ही लंका में प्रवेश कर उसे जला दिया और रावण की सेना को चुनौती दी. उन्हें कई देवताओं से वरदान प्राप्त थे, जिससे वे लगभग अजेय बन गए थे. लक्ष्मण श्री राम के छोटे भाई लक्ष्मण, शेषनाग के अवतार माने जाते हैं. वे अत्यंत पराक्रमी और निपुण धनुर्धर थे. उन्होंने कई राक्षसों का वध किया था और मेघनाद जैसे शक्तिशाली योद्धा को भी परास्त किया था. रावण लंका का राजा रावण एक महान विद्वान और शक्तिशाली योद्धा था. उसे ब्रह्मा जी से कई वरदान प्राप्त थे, जिसके कारण उसे मारना कठिन था. उसने कई देवताओं को पराजित किया था. अंततः भगवान राम ने उसका वध कर धर्म की स्थापना की. मेघनाद (इंद्रजीत) रावण का पुत्र मेघनाद, जिसे इंद्रजीत भी कहा जाता है, अत्यंत शक्तिशाली योद्धा था. उसने इंद्र को पराजित कर यह नाम प्राप्त किया था. उसे मायावी शक्तियां प्राप्त थीं और वह अदृश्य होकर युद्ध कर सकता था. अंत में लक्ष्मण जी ने उसे युद्ध में परास्त किया. कुंभकर्ण कुंभकर्ण रावण का भाई था और अत्यंत विशाल तथा शक्तिशाली था. उसका बल इतना अधिक था कि देवता भी उससे भयभीत रहते थे. युद्ध में उसने वानर सेना को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन अंत में भगवान राम ने उसे परास्त किया. अतिकाय रावण का पुत्र अतिकाय अत्यंत पराक्रमी योद्धा था. उसे ब्रह्मा जी से वरदान और दिव्य कवच प्राप्त था, जिसके कारण उसे मारना आसान नहीं था. अंत में लक्ष्मण जी ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उसका वध किया. बाली इंद्रपुत्र बाली वानरों में सबसे शक्तिशाली योद्धाओं में से एक थे. उन्हें वरदान प्राप्त था कि जो भी उनसे युद्ध करेगा, उसकी आधी शक्ति बाली को मिल जाएगी. इसी कारण उन्हें पराजित करना लगभग असंभव था. अंततः भगवान राम ने उनका वध किया. अंगद बाली के पुत्र अंगद अत्यंत वीर और बुद्धिमान योद्धा थे. उन्होंने लंका में दूत बनकर रावण के दरबार में अपना पराक्रम दिखाया. युद्ध में उन्होंने कई राक्षसों का वध किया और अपनी शक्ति का परिचय दिया. सुग्रीव सूर्यपुत्र सुग्रीव किष्किंधा के राजा थे. वे अपने भाई बाली की तरह ही अत्यंत बलशाली थे. उन्होंने युद्ध में कई राक्षसों का वध किया और भगवान राम की सेना का नेतृत्व किया. हालांकि, कुंभकर्ण के साथ उनके युद्ध का वर्णन इस तरह नहीं मिलता जैसा अक्सर बताया जाता है, लेकिन वे एक साहसी और सक्षम योद्धा थे.

कतर में मौत का धमाका! LNG प्लांट हादसे में 12 भारतीयों सहित 13 की जान गई, 66 घायल

दोहा  कतर के रास लफ्फान LNG कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण धमाके में 13 लोगों की मौत हुई है जिनमें भारतीयों की संख्या 12 बताई जा रही है. वहीं, इस हादसे में 66 लोग घायल हुए हैं. भारतीय दूतावास ने भी इस घटना पर चिंता जताई है।  ये हादसा उस समय हुआ जब ईरानी मिसाइल हमले से प्रभावित गैस फैसिलिटी में काम दोबारा शुरू किया जा रहा था।  कतर के अधिकारियों ने इस घटना को बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ एक टेक्निकल एक्सीडेंट बताया है. यह सुविधा देश के सबसे बड़े LNG प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट हब रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी का हिस्सा है. कतर के एनर्जी मंत्रालय ने बताया कि हादसे में 13 लोगों की मौत हुई है।  दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने इस हादसे पर गहरी चिंता जताई है. दूतावास ने कहा कि कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है. कतर के एनर्जी मिनिस्टर साद शेरिदा अल-काबी ने सोमवार को दोहा में मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए इंडस्ट्रियल हादसा बताया।  ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण के बाद कतर ने अपना प्रोडक्शन को रोक दिया था. इसका असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ा था. कतर अपने क्लाइंट्स को LNG शिपमेंट नहीं भेज पा रहा था. युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत शुरू होने और ईरान की पकड़ कमजोर होने के बाद एक्सपोर्ट टर्मिनल शुरू करने की कोशिश की जा रही थी।  सरकारी कंपनी कतरएनर्जी के मुताबिक, रविवार रात बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में काम के दौरान धमाका हुआ. इसके बाद आग लग गई. कतर दुनिया के सबसे बड़े नैचुरल गैस प्रोड्यूसर देशों में शामिल है. ऐसे में रास लफ्फान जैसे बड़े LNG हब में हुई यह घटना ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर नई चिंता पैदा कर रही है।   

कॉपी दोबारा जांची गई तो मिले पूरे 500 नंबर, रांची की अवनी केजरीवाल ने रचा इतिहास

रांची  CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. जब री-इवैल्यूएशन प्रोसेस के दौरान दोबारा कॉपी चेक हुई तो, रांची की अवनी केजरीवाल ने 100 प्रतिशत नंबर हासिल कर लिए. 13 मई को जारी किए गए बोर्ड रिजल्ट में अवनी को कम नंबर मिले थे लेकिन अब जब दोबारा से कॉपी चेक हुई तो, उन्होंने टॉप कर दिया. अवनी को अंग्रेजी कोर, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथेमेटिक्स में शत-प्रतिशत अंक मिले हैं. वहीं, अतिरिक्त विषय ग्राफिक्स में उन्होंने 99 अंक हासिल किए हैं।  आगे बिजनेस मैंनेजमेंट के क्षेत्र में बनाना चाहती हैं करियर  अवनी के पिता मितेश केजरीवाल व्यवसायी हैं जबकि मां पूनम केजरीवाल गृहिणी हैं. अवनी आगे बिजनेस मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं और इसके लिए सीयूईटी-यूजी 2026 की परीक्षा भी दे चुकी हैं. अपनी सफलता पर अवनी ने कहा कि उन्हें अपनी मेहनत और प्रदर्शन पर पूरा भरोसा था, इसलिए उन्होंने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और अपने मेंटर सचित सर को दिया है. अवनी की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार और स्कूल के लिए गर्व का विषय है, बल्कि झारखंड के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा भी बन गई है।  पहले आए थे 94 फीसदी  बता दें कि जब अवनी का 13 मई को रिजल्ट आया था तो, उन्हें 94 प्रतिशत मिले थे लेकिन वह अपने नंबरों से खुश नहीं थीं. उन्हें अपनी मेहनत पर पूरा यकीन था इसलिए उन्होंने दोबारा से री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था. अब जब रिजल्ट आया है तो उन्हें बेहद खुशी है।  मिले 500 में से 500 नंबर  दोबारा कॉपी चेकिंग के बाद जब 21 जून को रिजल्ट आया तो, अवनी ने 500 में से 500 नंबर हासिल किए. 21 जून के 87 प्रतिशत से अधिक छात्रों के परिणाम घोषित हुए हैं. अवनी की ये सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का पल है। 

18 मिनट की इंटरवल वॉकिंग: क्या वाकई तेजी से कम होता है वजन?

आजकल इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर एक नया ट्रेंड छाया हुआ है. हर दूसरा इन्फ्लुएंसर एक जापानी वॉकिंग मेथड की बात कर रहा है. इस तरीके से चलने पर आम वॉक के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से फैट बर्न होता है. ऐसे में मन में यह सवाल आता है कि क्या वाकई इस बात में कोई सच्चाई है, या यह भी कुछ महीनों में गायब हो जाने वाला कोई नया चोचला है. आइए जाते हैं. Japanese walking Method: क्या है यह 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला? यह जापान की एक खास रिसर्च पर बेस्ड है, जिसे ‘इंटरवल वॉकिंग’ कहते हैं. इसमें आपको कुल 18 मिनट की वॉक करनी होती है. शुरुआत के 3 मिनट आपको बिल्कुल आराम से, धीरे-धीरे चलना है. इसके बाद अगले 3 मिनट आपको जितनी तेजी से हो सके, उतनी तेज वॉक करनी है. बस इसी चक्र को आपको 3 बार दोहराना है. इसके लिए आपको न तो किसी जिम की जरूरत है, न किसी महंगे सामान की और न ही किसी कड़े वर्कआउट प्लान की. जब आप धीमे चलते हैं, तो आपके शरीर को आराम मिलता है. वहीं जब आप तेज चलते हैं, तो आपके दिल की धड़कनें बढ़ती हैं. यही उतार-चढ़ाव इस वॉक को आम सैर से अलग और असरदार बनाता है. वजन घटाने में यह कैसे मदद करता है? इस तरीके (Japanese walking Method) से वॉक करने पर आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है. इसका मतलब यह है कि वॉक खत्म करने के कई घंटों बाद भी, जब आप आराम से कुर्सी पर बैठे होते हैं, तब भी आपका शरीर कैलरी बर्न कर रहा होता है. इसके अलावा, यह शरीर में इंसुलिन को बेहतर बनाता है जिससे पेट के आसपास की चर्बी को पिघलाने में मदद मिलती है. चूंकि यह सिर्फ 18 मिनट का है, इसलिए लोग इसे रोज आसानी से कर पाते हैं. आम वॉक से यह कितनी अलग है? रोजाना एक ही रफ्तार में आराम से टहलना सेहत के लिए अच्छा है, इसमें कोई बुराई नहीं है. लेकिन कुछ समय बाद हमारे शरीर को उसकी आदत हो जाती है, जिससे कैलरी बर्न होना कम हो जाता है. 3-3-3 मेथड शरीर को एक ढर्रे पर नहीं आने देता. जब आप अचानक धीमे से तेज होते हैं, तो शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. 30 मिनट की सामान्य सैर के मुकाबले यह 18 मिनट की इंटरवल वॉक आपके दिल और सेहत को कहीं ज्यादा फायदा पहुंचाती है. किसे करना चाहिए और कैसे शुरू करें? यह तरीका (Japanese walking Method) हर उस इंसान के लिए बेस्ट है जो भारी-भरकम एक्सरसाइज या जिम जाने से बचता है. जो लोग लंबे समय बाद दोबारा एक्टिव हो रहे हैं या जिनकी उम्र 40 से ज्यादा है, उनके लिए यह बेहद सुरक्षित और आसान है. बस दिल की बीमारी वाले लोग इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. इसे करने के लिए सबसे पहले 3 मिनट ऐसे चलें जैसे आप बाजार में घूम रहे हों. फिर अगले 3 मिनट इतनी तेज चलें जैसे आपकी बस छूट रही हो (दौड़ना नहीं है, बस तेज चलना है). ऐसा 3 बार करें. हफ्ते में कम से कम 5 दिन इसे करने का टारगेट रखें. Japanese walking Method: कितने दिन में दिखेगा असर? शुरुआती दो हफ्तों में ही आपको अपनी एनर्जी में सुधार दिखेगा और नींद भी बेहतर आएगी. चार से छह हफ्ते होते-होते आपकी सांस फूलना बंद हो जाएगी और तेज चलना आसान लगने लगेगा. अगर आप वजन और पेट की चर्बी में साफ बदलाव देखना चाहते हैं, तो आपको 8 से 12 हफ्ते यानी दो-तीन महीने लगातार इसे करना होगा.

अलीगढ़ से सीधे घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे CM योगी, हाईलेवल बैठक के बाद ताबड़तोड़ एक्शन

अलीगढ़ से सीधे घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे सीएम योगी, हाईलेवल मीटिंग के बाद ताबड़तोड़ एक्शन -4 अभियुक्त गिरफ्तार, 4 अफसर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड -अब SIT के निशाने पर बड़े अफसर, जांच में तय होगी बड़े अफसरों की जवाबदेही    लखनऊ  अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ताबड़तोड़ एक्शन के मूड में दिख रही है। इमारत में जिस वक्त हादसा हुआ, मुख्यमंत्री अलीगढ़ के दौरे पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मंच से घटना की जानकारी मिलने की बात बताई और सभी कार्यक्रमों को रद्द करने की घोषणा के बाद लखनऊ ने लिए निकल पड़े। इससे पहले उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत तमाम अफसरों को मौके पर पहुंच कर राहत बचाव कार्य के निर्देश जारी कर चुके थे।  कार्यक्रम से निकलने के बाद लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य का जायजा लिया। घटना के बाद किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में घायलों की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए हाल चाल जाना। मौके पर मौजूद चिकित्सकों से घायलों का हाल चाल जाना और बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों को निर्देशित किया।  दुर्घटना के शिकार बने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल 5-5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। घायलों को 50-50 हजार रुपये मदद का ऐलान किया गया।  मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार लोगों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया।  1)    गौरव कुमार, एक्सेन कलेक्शन (बिजली विभाग) जानकीपुरम  2)    कमलेन्द्र कुमार सिंह, FSSO (फायर विभाग) इंदिरा नगर  3)    अनिल कुमार, AE (LDA) 4)    प्रमोद पांडे, JE (LDA) हाई लेवल मीटिंग और ताबड़तोड़ एक्शन किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से निकलने के बाद मुख्यमंत्री ने पाँच कालीदास मार्ग स्थित अपने आवास पर हाईलेवल मीटिंग आयोजित की जिसमें सभी बड़े और प्रमुख अफसर शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग व प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन के नेतृत्व में दो सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन का निर्देश दिया।  ताबड़तोड़, बड़े अफसरों पर भी कसेगा शिकंजा अग्निकांड के तीन अभियुक्तों- रामकृष्ण उपाध्याय (निवासी अलीगंज), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (निवासी बड़ा दुर्गा मंदिर सीतापुर रोड लखनऊ), तूशॉक कृष्णा जायसवाल (निवासी बालागंज, लखनऊ) और सुरेश कुमार साहू (निवासी मड़ियांव) को गिरफ्तार किया गया।  गिरफ़्तारी की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया। ये अफसर हैं बिजली विभाग के जानकीपुरम एक्सेन कलेक्शन गौरव कुमार, FSSO (फायर विभाग) इंदिरा नगर के प्रभारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण के AE अनिल कुमार और लखनऊ विकास प्राधिकरण के JE प्रमोद पांडे।  विशेष जांच दल को सात दिनों के अंदर अपनी जांच पूरी करके मुख्यमंत्री को सौंपना है। जांच के दायरे में कई बड़े अफसरों के आने की आशंका है। 2016 में निरस्त किया गया था बिल्डिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश अवैध निर्माण पर हुआ था ध्वस्तीकरण का आदेश, दो माह से कम समय में पलट गया था फैसला लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब भवन से जुड़े पुराने दस्तावेज और प्राधिकरण की कार्रवाई गंभीर सवालों के घेरे में हैं। सोमवार को जिस भवन में आग लगने की यह दुःखद घटना हुई, उसके खिलाफ वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था, लेकिन दो माह से कम समय में ही उस आदेश को निरस्त भी कर दिया गया। 1980 में हुआ था आवंटन अलीगंज योजना के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या एमएस/102/डी मूल रूप से 11 जुलाई 1980 को लॉटरी प्रणाली के तहत विजय कुमार पुत्र रामेश्वर सहाय को किराया-क्रय पद्धति पर आवंटित किया गया था। 4 नवंबर 1980 को अनुबंध निष्पादित होने के बाद भवन का कब्जा आवंटी को सौंप दिया गया। 2005 में यह भवन विक्रय विलेख के जरिए विजय कुमार और उनकी पत्नी उषा के नाम दर्ज हुआ। वहीं 19 जनवरी 2013 को इन लोगों ने यह भवन वीरेन्द्र प्रताप शुक्ला और सुरेन्द्र प्रताप शुक्ला के नाम बेच दिया। 7 अगस्त 2014 को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेन्द्र व सुरेन्द्र के पक्ष में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की। करीब 1992 वर्गफीट क्षेत्रफल वाले इस भवन का मानचित्र 20 अगस्त 2014 को स्वतः मानचित्र योजना के तहत आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था। ध्वस्तीकरण आदेश निरस्त होने पर उठे सवाल हालांकि, बाद में भवन में अनधिकृत निर्माण की बात सामने आई। इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेन्द्र प्रताप शुक्ला के खिलाफ मुकदमा संख्या-08/2016 दर्ज कराया। जांच के बाद विहित प्राधिकारी ने 10 मई 2016 को अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया। लेकिन, ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के दो माह के अंदर ही 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को निरस्त भी कर दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल गठित

लखनऊ अग्निकांड:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल गठित विशेष जांच दल में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन/ संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात भी शामिल अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार होंगे विशेष जांच दल के दूसरे सदस्य जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड प्रकरण पर देर रात उच्च स्तरीय बैठक की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया।  इस विशेष जांच दल में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन/संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात तथा अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि घटनास्थल के निरीक्षण, केजीएमयू में मृतकों के परिजनों से मिलने व घायलों का हालचाल जानने के बाद मुख्यमंत्री ने देर रात उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इसमें मुख्यमंत्री ने घटना को लेकर काफी रोष जताते हुए दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया गया। इसके सदस्य 7 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

RC को लेकर विवाद बना मौत की वजह, हरियाणा में टोल प्लाजा मैनेजर को कार से कुचला

हिसार. चंडीगढ़ हाईवे पर सरसौद टोल प्लाजा पर देर रात एक बजे स्कार्पियो गाड़ी की आरसी दिखाने को लेकर हुए विवाद में मैनेजर पर गाड़ी चढ़ा कर उसकी हत्या की दी। बताया जा रहा है कि हत्या करने से पहले गाड़ी सवार युवकों ने मैनेजर पर पिस्ताैल भी तानी थी। मृतक मैनेजर संजय शुक्ला उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद का रहने वाला था। वारदात के बाद गाड़ी सवार मौके से भाग गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। वारदात टोल पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रात करीब एक बजे एक स्कार्पियो गाड़ी सरसौद टोल प्लाजा पर पहुंची। गाड़ी में सवार युवकों ने कहा कि वे बहबलपुर गांव के रहने वाले है और टोल नहीं लगता। टोल कर्मचारियों ने युवकों को गाड़ी की आरसी दिखाने को कहा, लेकिन युवक आरसी नहीं दिखा पाए। युवकों ने कहा कि आधार कार्ड है। कर्मचारियों ने कहा कि आरसी दिखानी पड़ेगी। इसी बात को लेकर टोल कर्मचारियों और गाड़ी में सवार युवकों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान मैनेजर संजय शुक्ला वहां पर पहुंचे। काफी देर तक विवाद होता रहा। बताया जात रहा है कि युवकों ने मैनेजर पर पिस्तौल तान दी। उसके बाद मैनेजर पर गाड़ी चढ़ा दी। जिस कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके बाद जख्मी हालत में उसे नागरिक अस्पताल में लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जालंधर में विजय सांपला से SIT ने की पूछताछ, बहबल कलां मामला फिर सुर्खियों में

जालंधर. पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सापला बहाबल कल मामले में पंजाब सरकार की गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के सामने पेश होने के लिए गए हैं। जालंधर के पीएपी कैंपस में जांच टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। विजय सांपला ने सर्किट हाउस में अपने समर्थन के साथ इस पर चर्चा की और उसके बाद मार्च के रूप में पीएपी कैंपस के लिए निकले हैं। विजय सांपला ने कहा कि पंजाब सरकार भारतीय जनता पार्टी के पंजाब में बढ़ते कदमों को रोकने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने पंजाब के राज्यपाल को कई साल पहले ज्ञापन देकर जांच की मांग की थी। संभवत इस ज्ञापन के सिलसिले में उन्हें बुलाया गया है। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, सांपला को पूछताछ और अपना बयान दर्ज कराने के लिए जालंधर में पंजाब सशस्त्र पुलिस परिसर में पेश होने के लिए कहा गया है। नोटिस में कहा गया कि एसआईटी का मानना ​​है कि सांपला मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से वाकिफ हैं और चेतावनी दी गई है कि आदेश न मानने पर कानून के लागू प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए, सांपला ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करना चाहते हैं और उन्होंने पेश होने की तारीख का समय आगे बढ़ाने के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध किया है। आधिकारिक समन दस्तावेज पर हाथ से लिखे नोट में, सांपला ने संगठन से जुड़े पहले से तय कामों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अभी राज्य के आधिकारिक दौरे पर हैं और उनका वहां मौजूद रहना जरूरी है। सांपला ने कहा, ‘‘भले ही इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन जब अगली तारीख तय हो जाएगी, तो मैं उनके मन में मौजूद किसी भी शक को दूर करने के लिए जरूर पेश होऊंगा।’’

पंकज कपूर ने सुनाया शाहरुख खान से जुड़ा NSD का दिलचस्प किस्सा

दिग्गज एक्टर पंकज कपूर ने हाल ही में पुरानी यादें ताजा करते हुए शाहरुख खान से जुड़ा एक दिल छू लेने वाला किस्सा शेयर किया. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में अपने स्टूडेंट के दिनों को याद करते हुए, पंकज ने बताया कि बॉलीवुड सुपरस्टार ने एक बार उभरते हुए एक्टर्स की जिंदगी में बैकस्टेज एक छोटा लेकिन यादगार रोल निभाया था. किंडल कास्ट के यूट्यूब चैनल पर अपने पुराने क्लासमेट्स के साथ हाल ही में हुई मुलाकात के बारे में बात करते हुए, पंकज ने कहा कि NSD से ग्रेजुएट हुए उन्हें 50 साल हो गए थे और उन्होंने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर रखा था. इस मुलाकात के दौरान, उनके स्टूडेंट के दिनों की यादें ताजा हो गईं, जिसमें मशहूर थिएटर डायरेक्टर इब्राहिम अल्काज़ी के पुराने किले में किए गए नाटकों की कहानियां भी शामिल थीं. पंकज ने याद किया कि इब्राहीम अलकाजी जी एक साथ तीन बड़े नाटकों- रजिया सुल्तान, तुगलक और अंधा युग को डायरेक्ट कर रहे थे. ये नाटक किले की पुरानी दीवारों के बैकग्राउंड में किए गए थे, जिससे एक शानदार और यादगार थिएटर का एक्सपीरियंस मिला. पंकज कपूर ने सुनाया किस्सा एक्टर को 'रजिया सुल्तान' का एक खास सीन याद आया जिसमें भूखे नागरिक शासक के सामने जमा हुए थे. पहले साल के स्टूडेंट के तौर पर, पंकज और उनके दोस्तों को भीड़ का हिस्सा बनाया गया था, जबकि उनके दो क्लासमेट्स ने सैनिक का रोल निभाया था. सीन के दौरान, सैनिकों को भीड़ की तरफ नान फेंकने थे, और स्टूडेंट ने जल्द ही एक चालाक प्लान बनाया. पंकज ने याद करते हुए कहा, 'हमने दोस्तों के साथ एक टीम बनाई. वे हमारी तरफ नान फेंकते, हम उन्हें पकड़ते, और इंटरवल के दौरान हम समोसे खरीदते, सब कुछ बैकस्टेज ले जाते और साथ में नान, समोसा और चाय का मजा लेते.' हालांकि, यह सीक्रेट प्लान ज्यादा देर तक छिपा नहीं रहा. पंकज के मुताबिक, अलकाजी ने आखिरकार देखा कि कुछ एक्टर सीन की स्टेजिंग में बदलाव कर रहे थे और तुरंत उन्हें डांट लगाई. इस कहानी को और भी खास बनाने वाली बात थी समोसे सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान. उन्होंने याद करते हुए कहा, 'वे समोसे हमें कोई और नहीं बल्कि शाहरुख खान सप्लाई करते थे. उस समय वह 10 साल का लड़का था. उसके पिता वहां कैंटीन चलाते थे.' शाहरुख के पिता चलाते थे कैंटीन इससे पहले, 2016 में टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में, शाहरुख खान ने बताया था कि उनके पिता NSD में कैंटीन चलाते थे. उन्होंने कहा, 'मैं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का हिस्सा नहीं था, लेकिन मैं वहां के कई एक्टर्स के साथ काम करता था. मनोज बाजपेयी भी वहां से नहीं थे, लेकिन उन्होंने और मैंने रघुवीर यादव जैसे एक्टर्स के साथ काम किया जो NSD का हिस्सा थे. जब हम दिल्ली में थिएटर करते थे, तो वे हमारे बोलने के तरीके और उच्चारण को बेहतर बनाने में मदद करते थे. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा. मेरे पिता NSD में कैंटीन चलाते थे, इसी वजह से मैं वहाँ के सभी बेहतरीन एक्टर्स को जान पाया.'

किफायती आवास सुविधाओं के विस्तार को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के मिलेंगे नए अवसर

यूपी में बढ़े पर्यटक तो योगी सरकार ने किया ‘होम स्टे नीति’ में बड़ा बदलाव अब 8 कमरे तक होंगे पंजीकृत, बीएंडबी और होम स्टे इकाइयों के लिए ऑटो रिन्यूअल की सुविधा शुरू किफायती आवास सुविधाओं के विस्तार को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के मिलेंगे नए अवसर पर्यटन क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप किया गया संशोधन: मंत्री जयवीर सिंह लखनऊ  उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही पर्यटन गतिविधियों और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होम स्टे नीति-2025 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नई व्यवस्था के तहत होम स्टे और बीएंडबी इकाइयों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को पहले से और आसान बनाया गया है। साथ ही पंजीकृत इकाइयों को ऑनलाइन स्वतः नवीनीकरण (ऑटो रिन्यूअल) की सुविधा भी प्रदान की गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योगी सरकार का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और स्थानीय लोगों को भी पर्यटन से जुड़ने के अधिक अवसर मिल सकें। 6 की जगह अब 8 कमरों के लिए मिली मंजूरी उन्होंने बताया कि संशोधित नीति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में संचालित होम स्टे इकाइयों में अब न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरे (16 बेड) पंजीकृत कराए जा सकेंगे। पूर्व में अधिकतम 6 कमरों को ही किराये पर दिए जाने की व्यवस्था थी। यह भी साफ किया गया है कि शहरी इलाकों में होम स्टे ऐसी रिहायशी प्रॉपर्टी में चलने चाहिए जो या तो आवेदक की अपनी हो या फिर विकास प्राधिकरण से लीज पर ली गई जमीन पर बनी हो। प्रॉपर्टी के मालिक या उनके परिवार के सदस्यों का वहीं रहना जरूरी है। पर्यटकों को आवास के साथ भोजन की सुविधा बीएंडबी श्रेणी के अंतर्गत आवासीय अथवा लीज पर लिए गए भवनों में अधिकतम 8 कमरे पंजीकृत किए जा सकेंगे। ऐसी इकाइयों में घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों को आवास के साथ नाश्ता और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इकाई में केयरटेकर का निवास अनिवार्य होगा और लीज पर लिए गए भवन की लीज अवधि न्यूनतम तीन वर्ष होनी चाहिए। 16 बेड वाली डॉरमेट्री भी इस श्रेणी में पात्र मानी जाएगी। उन्होंने बताया कि आठ कमरों से अधिक क्षमता वाले आवासीय भवनों, होटल, मोटल और गेस्ट हाउस जैसी इकाइयों को इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत नहीं किया जाएगा। तीन महीने पहले होगा स्वतः नवीनीकरण संशोधन के तहत पंजीकृत इकाइयों को बड़ी राहत देते हुए पोर्टल आधारित स्वतः नवीनीकरण (ऑटो रिन्यूअल) की व्यवस्था भी लागू की गई है। अब इकाई संचालक अपने पंजीकरण की अवधि समाप्त होने से पूर्व विभागीय पोर्टल पर स्वयं नवीनीकरण करा सकेंगे। यह सुविधा पंजीकरण समाप्ति की तिथि से तीन माह पूर्व उपलब्ध रहेगी। पर्यटन आधारित रोजगार बढ़ेंगे अपर मुख्य सचिव पर्यटन विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि यह संशोधन प्रदेश में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास क्षमता बढ़ाने के लिए यह कदम विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।