samacharsecretary.com

ईएमसी पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट से यूपी में रोजगार की बड़ी छलांग, हजारों युवाओं को मिलेगा फायदा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। यहां अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, ओडीओपी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। बनेगा 206 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 में 206.40 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी पार्क) को 24 जून 2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली औद्योगिक अवसंरचना विकसित कर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए विश्वस्तरीय इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके लिए यीडा ने 28 मार्च 2024 को परियोजना प्रबंधन एजेंसी एसटीपीआई लिमिटेड के माध्यम से प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद 3 जुलाई 2025 को यीडा और एसटीपीआई के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना के अनुसार ईएमसी पार्क का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा। इसके लिए अवसंरचना निर्माण हेतु ईपीसी मोड पर टेंडर जारी किया गया, जिसके बाद मैसर्स जेएसपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कार्य आवंटित किया गया है। समस्त आधारभूत संरचना का कार्य सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ईएमसी पार्क पर 417 करोड़ का निवेश, विकसित होगा विश्वस्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम 206.40 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस ईएमसी पार्क पर लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें केंद्र सरकार लगभग 144.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि यमुना प्राधिकरण द्वारा लगभग 272.52 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पार्क उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा। सोलर उद्योग में 8,253 करोड़ का बड़ा निवेश, 5,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में सात्विक सोलर प्रा. लि. की अत्याधुनिक इकाई स्थापित की जा रही है। कंपनी को 200 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां सोलर सेल एवं सोलर मॉड्यूल का निर्माण होगा। इस परियोजना में 8,253 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। परियोजना का भूमिपूजन 14 नवंबर 2025 को किया गया था और वर्तमान में निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 3,250 करोड़ का निवेश यीडा के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में एसेंड सर्किट्स प्रा. लि. को 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां फ्लेक्सिबल पीसीबी, हाई डेंसिटी इंटरकनेक्ट (एचडीआई) पीसीबी तथा सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,250 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी को भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को किया गया तथा 28 अप्रैल 2026 को लीज डीड निष्पादित की गई। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण में 3,532 करोड़ का निवेश यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लि. को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां कंपनी कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (सीसीएल), असेम्बली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स एप्लायंसेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,532 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके माध्यम से लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। कंपनी को भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को किया गया। क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास से बदल रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, ओडीओपी पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर उत्तर प्रदेश को नई औद्योगिक पहचान दे रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश, आधुनिक तकनीक, निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है। योगी सरकार की औद्योगिक नीति का दिख रहा असर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेशक-हितैषी नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक अवसंरचना और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का परिणाम है कि देश और विदेश की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सोलर ऊर्जा और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हो रहे निवेश उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे बड़े औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूत आधार मिलेगा।

यूपी चुनाव 2027: सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर बढ़ी खींचतान

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर INDIA गठबंधन के भीतर अभी से शह और मात का खेल शुरू हो गया है। कांग्रेस के नवनियुक्त उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने जिम्मेदारी संभालते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के सामने 'बराबर-बराबर' सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग रख दी है। गौतम ने न सिर्फ आधी सीटों पर दावा ठोका, बल्कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती की जमकर तारीफ भी की जिसने यूपी की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक गौतम ने साफ-साफ कहा, "व्यक्तिगत रूप से मैं चाहूंगा कि गठबंधन में दोनों पार्टियों की बराबर की हिस्सेदारी हो। हालांकि, जब दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत होगी तब अंतिम फैसला होगा। मुझे पहले से कोई घोषणा करने का अधिकार नहीं है, लेकिन हम निश्चित रूप से आधी सीटों के लिए अपनी बात मजबूती से रखेंगे।" 403 सीटों का गणित उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। अगर इतिहास पर नजर डालें तो ठीक 10 साल पहले भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। उस समय सपा ने 298 और कांग्रेस ने 105 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, कई सीटों पर दोनों के बीच 'फ्रेंडली फाइट' भी हुई थी और अंततः बीजेपी की प्रचंड लहर में वह गठबंधन बिखर गया था। इसके बाद दोनों दल लोकसभा चुनावों में साथ आए, जहां उन्हें बड़ी सफलता मिली। यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से सपा ने 62 पर चुनाव लड़कर 37 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 17 में से 6 सीटों पर कब्जा जमाया। दावों और उम्मीदों का टकराव सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के उत्साह से लबरेज कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में सपा से करीब 150 सीटों की मांग कर सकती है। शुरुआती संकेतों की मानें तो समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 70 से 80 से ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं है। ऐसे में राजेंद्र पाल गौतम का 'बराबर हिस्सेदारी' वाला बयान सीधे तौर पर अखिलेश यादव की पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि जब 2017 में सपा सत्ता में थी, तब भी उन्होंने कांग्रेस को 105 सीटें दी थीं तो इस बार उनका हिस्सा और बड़ा होना चाहिए। कांग्रेस रणनीतिकारों को लगता है कि चूंकि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनने की रेस में हैं, इसलिए वे कांग्रेस को नाराज करने का जोखिम नहीं उठाएंगे। उनका मानना है कि यदि कांग्रेस को गठबंधन में मजबूत भूमिका मिलती है तो वह सपा के पाले में दलित और ब्राह्मण वोटों का ट्रांसफर आसानी से करवा सकती है। मायावती पर डोरे और कांसीराम कार्ड राजेंद्र पाल गौतम ने बातचीत के दौरान बसपा प्रमुख मायावती को भी साथ आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा, "संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बहुजन समाज के मुद्दों पर काम करने वाले सभी लोगों को इस दमनकारी मनुवादी सरकार के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।" मायावती की तारीफ करते हुए गौतम ने कहा, "बहनजी हमारे समाज की एक बड़ी और कद्दावर नेता हैं, हम उनका सम्मान करते हैं। वे हमेशा एक मजबूत नेता रही हैं। समझ नहीं आता कि आज उनकी क्या मजबूरियां हैं दिलचस्प बात यह है कि पिछले महीने ही राजेंद्र पाल गौतम अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ बिना किसी तय कार्यक्रम के लखनऊ में मायावती के घर पहुंचे थे, हालांकि तब उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी। चंद्रशेखर आजाद के बढ़ते कद को रोकने की रणनीति राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में दलित समुदाय से आने वाले सांसद चंद्रशेखर आजाद का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में दलित समुदाय के ही राजेंद्र पाल गौतम को यूपी का जिम्मा सौंपकर कांग्रेस एक तीर से दो निशाने साधना चाहती है। वह मायावती के छिटक रहे दलित वोट बैंक में सेंध लगाने के साथ-साथ चंद्रशेखर आजाद के बढ़ते प्रभाव को भी नियंत्रित करना चाहती है। यही वजह है कि अब कांग्रेस के कार्यक्रमों में मान्यवर कांसीराम की तस्वीरें भी दिखाई देने लगी हैं। भले ही राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच बेहतर तालमेल की वजह से अंत में कोई बीच का रास्ता निकल आए, लेकिन नए प्रभारी के इन बयानों ने समाजवादी पार्टी के भीतर असहजता जरूर पैदा कर दी है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महज 2 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि सपा ने 111 सीटें जीती थीं। अब देखना होगा कि जमीन पर कमजोर सांगठनिक ढांचे के बावजूद कांग्रेस का यह बराबर का दांव कितना कामयाब होता है।

कोई क्षेत्र पीछे नहीं रहेगा, विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता को मिलेगी अहम जगह: मुख्यमंत्री योगी

गौतमबुद्धनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की मेरठ मंडल की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च महत्व देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायक अपने-अपने लोकसभा तथा विधानसभा क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्तावों का प्राथमिकता क्रम निर्धारित करें, ताकि जनहित की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देकर समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। अब तक मेरठ मंडल में ₹6568.36 करोड़ लागत की कुल 1284 विकास परियोजनाएं अब तक चिन्हित की जा चुकी हैं। शनिवार को गौतमबुद्धनगर में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मेरठ मंडल के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विकास कार्यों के प्रस्ताव ऐसे क्षेत्रों के लिए तैयार किए जाएं, जहां इस प्रकार के कार्य पूर्व में नहीं हुए हैं, ताकि विकास का लाभ नए क्षेत्रों तक पहुंचे तथा उपलब्ध संसाधनों का संतुलित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विकास प्रस्तावों को कार्ययोजना में समुचित स्थान दिया जाए। कोई भी विधानसभा क्षेत्र विकास कार्यों से वंचित न रहे तथा संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी स्वीकृत परियोजना का कोई अवशेष कार्य शेष है, तो उसे भी कार्ययोजना में सम्मिलित कर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि जनता को उसका लाभ समय पर मिल सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि धर्मार्थ कार्यों से संबंधित प्रस्ताव ऐसे स्थलों के लिए तैयार किए जाएं, जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो तथा निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त एवं उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो। ऐसे प्रस्ताव स्थानीय आवश्यकता एवं जनसुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्ययोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन बिना किसी अनावश्यक विलंब के प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए जनप्रतिनिधियों के सुझावों एवं स्थानीय आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बैठक में औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' जी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री के. पी. मलिक जी, पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नरेंद्र कुमार कश्यप जी, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सोमेंद्र तोमर जी, लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री एवं गौतमबुद्धनगर के प्रभारी मंत्री श्री बृजेश सिंह जी, जल शक्ति राज्य मंत्री श्री दिनेश खटीक जी, मेरठ मंडल के सांसदगण, विधायकगण, मंडलायुक्त मेरठ श्री भानु चंद्र गोस्वामी जी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा श्री कृष्णा करुणेश जी, पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह जी, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर सुश्री मेधा रूपम सहित शासन, प्रशासन, प्राधिकरण एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

AAP नेताओं की आज अकाल तख्त में पेशी, CM मान का बड़ा बयान- हर फैसला सिर माथे पर

अमृतसर. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को तलब किए जाने के मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कहा कि पार्टी अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का सम्मान करती है। इसलिए जिन मंत्रियों और विधायकों को बुलाया गया है, वे सभी निर्धारित समय पर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होंगे और मांगा गया लिखित जवाब भी सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी फैसला आएगा, उसे पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वीकार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब नहीं किया गया है, इसलिए सरकार का पक्ष पार्टी के मंत्री और विधायक रखेंगे। उन्होंने बताया कि कुछ मंत्रियों से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है, जिसे वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सौंपेंगे। इस दौरान पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। सीएम मान का दावा- वीडियो फर्जी भगवंत मान ने उस कथित वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसे इस पूरे विवाद का आधार बताया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो फर्जी है और उसे कृत्रिम तरीके से तैयार किया गया है। उनके अनुसार वीडियो में मास्क तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में पूरा पत्र और संबंधित वीडियो श्री अकाल तख्त साहिब को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार या पार्टी कभी भी श्री अकाल तख्त साहिब के साथ किसी प्रकार के टकराव की कल्पना भी नहीं कर सकती। उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और उसके प्रति पूरा सम्मान बनाए रखा जाएगा। अनावश्यक विवाद बढ़ाया जा रहा मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर गुरुद्वारों के बाहर उनके विरोध में बोर्ड लगाए जा रहे हैं और उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को धार्मिक दंड सुनाया गया था, तब इस तरह का माहौल नहीं बनाया गया था। उनके अनुसार इस प्रकार की गतिविधियां अनावश्यक विवाद को बढ़ावा देती हैं। भगवंत मान ने कहा कि पंथक एकत्रीकरण बुलाने का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास है और वह अपने अधिकारों के अनुसार ऐसा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा में सबसे बड़ा सम्मान संगत को दिया गया है। उनका दावा था कि कई बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधित गुरुद्वारों में उनके खिलाफ बोर्ड लगाए गए, लेकिन वहां पहुंचने पर संगत ने उन्हें सम्मान दिया। अमृतसर में बनेगा लव-कुश व माता जानकी का मंदिर इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में भगवान लव-कुश और माता जानकी के नाम पर एक भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमृतसर विश्व की सबसे पवित्र धार्मिक धरती में से एक है, जहां विभिन्न धर्मों के लोग और उनके प्रमुख धार्मिक स्थल मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण की विस्तृत रूपरेखा और अन्य जानकारियां बाद में साझा की जाएंगी। अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल छोटे स्तर के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंची। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में तबादलों की लिस्ट जारी, 1 IPS समेत 64 SPS अधिकारी हुए ट्रांसफर

भोपाल. मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। गृह विभाग ने 1 आईपीएस (IPS) और 64 राज्य पुलिस सेवा (SPS) अधिकारियों समेत कुल 65 पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर के आदेश जारी किए हैं। नई सूची में एसडीओपी, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP), सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), उप पुलिस अधीक्षक (DSP) और सहायक सेनानी जैसे पदों पर अधिकारियों की नई पोस्टिंग की गई है।  सबसे ज्यादा SDOP और Assistant Commandant बदले तबादला सूची में सबसे ज्यादा बदलाव 22 SDOP और 30 Assistant Commandant के पदों पर हुए हैं। बड़ी संख्या में अधिकारियों को हॉकफोर्स बालाघाट और विशेष सशस्त्र बल (विसबल) की अलग-अलग वाहिनियों में भेजा गया है। वहीं कई जिलों में नए SDOP की तैनाती की गई है। इसके अलावा 9 CSP, 7 ACP, 7 DSP और 1 ASP की भी नई पदस्थापना की गई है। इससे जिला और शहर स्तर पर पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में नई जिम्मेदारी तबादला आदेश के तहत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, धार, बुरहानपुर और पीथमपुर जैसे शहरों में नए CSP और ACP की तैनाती की गई है। वहीं कई अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय भोपाल में DSP के रूप में पदस्थ किया गया है। कुछ प्रशिक्षु अधिकारियों को पहली बार अलग-अलग जिलों में SDOP की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार को उम्मीद है कि इन बदलावों से पुलिस व्यवस्था और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। कई जिलों में नए अधिकारी संभालेंगे कमान मुरैना, शिवपुरी, अलीराजपुर, मंदसौर, सिवनी, दमोह, सागर, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बैतूल, नीमच, बड़वानी, धार, ग्वालियर, सिंगरौली और बालाघाट सहित कई जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा हॉकफोर्स और विशेष सशस्त्र बल की अलग-अलग इकाइयों में भी बड़ी संख्या में अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि समय-समय पर ऐसे प्रशासनिक बदलाव से पुलिस व्यवस्था में बेहतर समन्वय और कामकाज में तेजी आती है। तुरंत प्रभाव से लागू होंगे आदेश गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारियों की नई पदस्थापना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। संबंधित अधिकारियों को जल्द अपनी नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने भी आदेश के पालन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार का कहना है कि पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और आम लोगों को बेहतर कानून व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर अधिकारियों के तबादले किए जाते हैं।

नोएडा में विकास की रफ्तार तेज, सीएम योगी बोले— अब ‘शापित’ नहीं, देश का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बना यूपी

गौतमबुद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर शापित नहीं है बल्कि आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी मिलकर देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बन रहे हैं। तीनों अथॉरिटी तेजी से कार्य कर रही हैं। वर्षों की जकड़न टूटी है, कार्य संस्कृति बदली है और नागरिकों व उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुझे विश्वास है कि यह नया कार्यालय विकास की नई पहचान बनेगा। मैं यहां के नागरिकों, किसानों, उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और अथॉरिटी को शुभकामनाएं देता हूं। 50 वर्ष के बाद नोएडा अथॉरिटी के पास अपना भव्य कार्यालय स्थापित होना किसी उपलब्धि से कम नहीं है। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में नोएडा और दादरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 2479 करोड़ से सेक्टर- 96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन समेत 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इसके साथ ही यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण की कर्टेन रेजर सेरेमनी, ओडीओपी एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट, एमएसएमई इकाइयों एवं तकनीकी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी चेक, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को चेक तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंकर्स को प्रशस्ति पत्र वितरित किए। 2017 से पहले गौतमबुद्ध नगर को शापित मानते थे तत्कालीन मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्रियों के लिए गौतमबुद्ध नगर शापित माना जाता था। वे यहां आने से बचते थे। 2017 में मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो के उद्घाटन के लिए यहां आने वाले थे, तब प्रधानमंत्री कार्यालय से संदेश आया कि किसी मंत्री को कार्यक्रम में भेज सकते हैं, क्योंकि नोएडा के बारे में मान्यता थी कि मुख्यमंत्री वहां नहीं जाते। सीएम योगी ने बताया कि मैंने स्पष्ट कहा कि मैं स्वयं नोएडा आऊंगा। मैं इन बातों को नहीं मानता। सरकार का काम जनता की समस्याओं का समाधान निकालना है। बिल्डर-बायर्स विवाद का समाधान कर लाखों लोगों को दिलाया घर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिल्डर-बायर्स विवाद की थी। हमारी सरकार ने एक वर्ष के भीतर सवा लाख बायर्स को आवास उपलब्ध कराया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो नीति आयोग के सीईओ के नेतृत्व में हाई लेवल कमेटी बनाई गई। आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर तीन लाख से अधिक बायर्स को उनका आवास दिलाने में सफलता मिली। अब नोएडा अथॉरिटी का अपना भवन होने से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अन्नदाता किसान, उद्यमी, एसोसिएशन और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान अब एक ही छत के नीचे होगा। अथॉरिटी यदि सभी सेवाएं ऑनलाइन कर दे तो व्यवस्था और प्रभावी होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से प्रत्येक कार्य की निगरानी की जा सकेगी। जमीन लेकर निवेश नहीं करने वालों को नोटिस जारी करें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन लोगों ने अथॉरिटी से जमीन लेकर निवेश नहीं किया है, उन्हें समयसीमा निर्धारित कर नोटिस जारी किया जाए। फिर भी यदि निवेश नहीं किया जाता है तो नए निवेशकों को आमंत्रित किया जाए और नया लैंड बैंक तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में बनी नोएडा अथॉरिटी और आज के समय में बहुत अंतर है। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने होंगे। आज उत्तर प्रदेश में कहीं भी जाइए, चारों ओर परिवर्तन दिखाई देता है। मैं 390 करोड़ रुपये की लागत से बने नोएडा अथॉरिटी के भव्य भवन के लिए बधाई देता हूं। आज लोग बदले हुए उत्तर प्रदेश को नजदीक से महसूस कर रहे हैं। नौ वर्ष पहले का उत्तर प्रदेश क्या था और आज क्या है, यह अंतर हर व्यक्ति देख सकता है। जेवर एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग बदल रहे हैं तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मैं जेवर एयरपोर्ट पर उतरा हूं। वहां से घरेलू कमर्शियल उड़ानें शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। लगभग 7000 करोड़ रुपये के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट निर्माण की आधारशिला रखी गई है। वहीं 8200 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की भी आधारशिला रखी गई है। इससे गौतमबुद्ध नगर इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनेगा। एक समय यह प्रदेश का सबसे खतरनाक क्षेत्र माना जाता था। लोग शाम के बाद यहां आने से डरते थे। आज वहीं फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और बड़े-बड़े औद्योगिक निवेश हो रहे हैं। यह सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके, बिना डरे और बिना झुके निर्णय लेने की क्षमता विकसित की। एमएसएमई ही विकसित भारत की मजबूत नींव मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम किसी भी बड़े उद्योग की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब खुशहाल किसान, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग पावर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कारीगर और हस्तशिल्पी हतोत्साहित थे। न बाजार था, न डिजाइन, न तकनीक और न ही कोई सहायता। सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाकर ब्रांडिंग, नई डिजाइन, नई तकनीक और बाजार से जोड़ने की रणनीति बनाई। ओडीओपी आज भारत की पहचान बन चुका है मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ भारत का ब्रांड बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला मानते हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्य कर रही हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। कोविड काल में जब पूरी दुनिया ठहर गई थी, तब उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर चलता रहा। 40 लाख से अधिक श्रमिक वापस लौटे लेकिन सरकार ने उनके भोजन, राशन और रोजगार की जिम्मेदारी ली। एमएसएमई इकाइयों से अपील की गई कि वे एक-दो लोगों को रोजगार दें। परिणामस्वरूप 90 प्रतिशत से अधिक श्रमिक प्रदेश में ही रुक गए और आज विकास में योगदान दे रहे हैं। यूपी आज 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एमएसएमई को तकनीक, डिजाइन और कॉमन फैसिलिटी सेंटर उपलब्ध कराए। आज उत्तर प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से … Read more

दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 10 मिनट में: बुलेट ट्रेन से बदलेगा यूपी का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क

लखनऊ   गौतम बुद्ध नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव व भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश व तकनीकी प्रगति को लेकर बड़ा भरोसा जताया। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा विजन दिया कि वह इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को जेवर ले आए हैं। इसके लिए मैं उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह गर्व की बात है कि जिन इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद के लिए भारत पहले 40 हजार करोड़ रुपये का आयात करता था, अब उसका निर्माण भारत में ही होगा और जेवर इसका प्रमुख केंद्र बनेगा। सेमीकंडक्टर के बाद अब जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाएं स्थापित होंगी, जिससे यूपी देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शामिल होगा। रेल मंत्री ने किया बुलेट ट्रेन का जिक्र रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले बजट में बुलेट ट्रेन को स्वीकृति दी है। यह ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी, पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगी। दिल्ली से लखनऊ की दूरी मात्र 2 घंटे 10 मिनट और जेवर से लखनऊ की दूरी केवल 1 घंटे 40 मिनट में तय की जा सकेगी। आप आराम से गाड़ी में चाय-कॉफी पीते और बातचीत करते हुए लखनऊ पहुंच जाएंगे। प्रधानमंत्री जी का सपना पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का कायाकल्प करना है। बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश में औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी। विकसित भारत के संकल्प में सर्वाधिक योगदान वाला प्रदेश बनेगा यूपी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी इस भूमि पूजन समारोह को सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बनाती, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रमाण है। कुछ सालों पहले तक उत्तर प्रदेश अनेक चुनौतियों से जूझ रहा था, लेकिन आज प्रदेश औद्योगिक विकास, तकनीकी प्रगति और निवेश आकर्षित करने के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के लिए एक विश्वसनीय, व सक्षम मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बनकर उभरा है और उत्तर प्रदेश इस विश्वास का प्रमुख केंद्र बना है। मोदी जी के विजन और योगी जी के सक्षम नेतृत्व में राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी नीतियों, कुशल युवा शक्ति और मजबूत बुनियादी ढांचे ने उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक सप्लाई चेन का स्वाभाविक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हुए विकसित भारत के संकल्प में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य बनेगा। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सराहा इस अवसर पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने यूपी को देश के सबसे भरोसेमंद औद्योगिक निवेश केंद्रों में से एक बताया। अंबर इंटरप्राइजेज के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं सीईओ जसबीर सिंह ने कहा कि यह केवल भूमि पूजन नहीं, बल्कि भारत की अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक्स व मैन्युफैक्चरिंग की मजबूत नींव रखने का ऐतिहासिक अवसर है। यह पहल पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नया यूपी है, यहां रविवार को भी काम करती है सरकार जसबीर सिंह ने सीएम योगी, यूपी सरकार व यीडा का आभार प्रकट कहते हुए एक अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि जब लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय में शाम 7 बजे उन्हें भूखंड आवंटन पत्र दिए गए, तब उनके साथ आए कोरियाई प्रतिनिधि ने पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश में रविवार को भी सरकार काम करती है। जब मैंने यह बात मुख्यमंत्री से साझा की तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि यह नया उत्तर प्रदेश है। यह दिन नहीं देखता, केवल आगे बढ़ने और प्रगति करने के लिए काम करता है। मुख्यमंत्री को दिया दक्षिण कोरिया आने का निमंत्रण इस अवसर पर कोरियन सर्किट्स के सीईओ यांग हो चो ने कहा कि यह पहली बार है जब मैं भारतीय भाषा में बोल रहा हूं। उन्होंने केंद्र व यूपी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व और उनकी टीम के अविश्वसनीय सहयोग ने ही इस दिन को संभव बनाया है। इतना अपनापन और स्वागत का अहसास कराने के लिए हम आभारी हैं। कोरिया सर्किट्स और अंबर के बीच यह साझेदारी बेहद विशेष है, जिसमें दक्षिण कोरिया की उन्नत तकनीक और भारत की मजबूत विनिर्माण क्षमता का संगम देखने को मिलेगा। इस प्लांट में उन्नत एचडीआई पीसीबी का निर्माण किया जाएगा, जिनका उपयोग मोबाइल फोन, आईटी उत्पादों और मेमोरी मॉड्यूल में किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मंत्रियों को दक्षिण कोरिया आने और वहां की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का निरीक्षण करने का निमंत्रण भी दिया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश

रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के अचानकमार क्षेत्र के सुदूर वनांचल ग्रामों- जमुनाही, जकड़बांधा, सुरही और बम्हनी, कटामी और अचानकमार में जनचौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान अनेक विकास कार्यों की घोषणाएं भी की। ग्राम जमुनाही में उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिवतराई से केवची तक बहुप्रतीक्षित सड़क को स्वीकृति मिल चुकी है। वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं बिजराकछार से औरापानी सड़क को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।  ग्रामीणों द्वारा बिजली एवं पेयजल की समस्या उठाए जाने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने जमुनाही में सड़क की मरम्मत, गांव में 5 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण, देवभूमि में हैंडपंप स्थापना की घोषणा की तथा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, पेंशन, राशन सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपये तथा गणेश चौक में गणेश पंडाल हेतु शेड निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कोटरा-पथरा-मनियारी मार्ग पर पुल निर्माण का सर्वे पूरा हो चुका है और कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने जनचौपाल के दौरान पेयजल समस्या के समाधान के निर्देश देने के साथ ही स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को खेल सामग्री भी वितरित किए। सुरही में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वनांचल क्षेत्रों में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सुरही में 5 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण की घोषणा की। ग्राम बम्हनी में जनचौपाल के दौरान उप मुख्यमंत्री ने बताया कि गांव के 111 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा 206 महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने निवासखार में पुलिया निर्माण के लिए भी शीघ्र प्रयास करने का भरोसा दिलाया। उप मुख्यमंत्री ने ग्राम कटामी एवं छपरवा में हैंडपंप एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम बिंदावल में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की घोषणा की तथा पानी एवं बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जनचौपालों में मुंगेली के कलेक्टर कुंदन कुमार और वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

मुरादाबाद में 63 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुरादाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 29 जून को मुरादाबाद शहर आएंगे। इस दौरान वह जिले को 365.50 करोड़ रुपये की लागत वाली  की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री 26 परियोजनाओं का लोकार्पण और 37 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सर्किट हाउस के पीछे प्रस्तावित जनसभा स्थल पर पंडाल निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री का दोपहर करीब 1:30 बजे मुरादाबाद पहुंचने का कार्यक्रम है। दौरे के दौरान वह मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा रोड स्थित रामगंगा नदी के निकट हरदासपुर गांव में निर्माणाधीन गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी करेंगे। जिले में 63 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास इसके अलावा हरथला में तैयार हुए सीनियर सिटीजन केयर सेंटर का लोकार्पण करेंगे। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) और नगर निगम की विभिन्न विकास योजनाएं भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगी। जिले में कुल 63 परियोजनाओं पर 365.5083 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें 26 परियोजनाओं का लोकार्पण 136.1536 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जबकि 37 नई परियोजनाओं का शिलान्यास 229.3547 करोड़ रुपये की लागत से होगा। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का भी करेंगे निरीक्षण विधानसभा क्षेत्रवार सबसे अधिक परियोजनाएं मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र में हैं। यहां 24 परियोजनाओं पर 237.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें 13 परियोजनाओं का लोकार्पण और 11 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में 27 परियोजनाओं पर 105.74 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि मुरादाबाद देहात विधानसभा क्षेत्र में 12 परियोजनाओं पर 21.88 करोड़ रुपये की योजनाएं शामिल हैं। बार मेमोरियल भवन का लोकार्पण भी प्रस्तावित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बार मेमोरियल भवन का लोकार्पण भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही वह विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर सड़क एवं अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेंगे। माना जा रहा है कि बैठक में लंबित परियोजनाओं और आगामी विकास योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए जा सकते हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जनसभा स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए यातायात व्यवस्था और पार्किंग की भी अलग से योजना बनाई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम मुरादाबाद में करेंगे। इसके बाद अगले दिन उनका रामपुर जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी उत्साह का माहौल है। विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के माध्यम से जिले को बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और जनसुविधाओं के क्षेत्र में नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर शनिवार को मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया, एसएसपी सतपाल अंतिल, उपाध्यक्ष एमडीए अनुभव सिंह और सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी सिंह ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ गहन बैठक कर अंतिम रूपरेखा तय की तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह और जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया के नेतृत्व में हुई समीक्षा बैठक में हर एक बिंदु पर बारीकी से चर्चा की गई। एसएसपी ने सुरक्षा का अभेद्य खाका खींचा, जबकि सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी सिंह ने विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास से जुड़ी सभी फाइलों और व्यवस्थाओं को परखा। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि 29 जून के कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर कोई प्रशासनिक या सुरक्षा संबंधी चूक नहीं होनी चाहिए। सीएम की राह चमकाने उतरे चार ब्लॉकों के सफाई कर्मी मुख्यमंत्री के 29 जून को प्रस्तावित मुरादाबाद दौरे से पहले प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। कांठ रोड पर डेंटल कॉलेज से लेकर इस्लामनगर तक सड़क और उसके आसपास का इलाका चमकाने के लिए छजलैट, मुरादाबाद, भगतपुर टांडा और डिलारी विकास खंडों के सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है। सुबह से देर शाम तक सड़क किनारे जमा कूड़ा हटाया जा रहा है, नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और डिवाइडर व फुटपाथों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारी लगातार मौके पर निगरानी कर रहे हैं ताकि मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले पूरा मार्ग साफ-सुथरा और व्यवस्थित नजर आए। प्रशासन की इस कवायद से साफ है कि सीएम के दौरे को लेकर कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है और पूरे मार्ग को चमकाने की तैयारी युद्धस्तर पर जारी है।

तिरुपति बालाजी दर्शन: अनंत अंबानी ने मुंडन कर भगवान के चरणों में अर्पित किए बाल

तिरुमाला दुनिया के सबसे अमीर और प्रतिष्ठित परिवारों में से एक, रिलायंस इंडस्ट्रीज के उत्तराधिकारी अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर (तिरुपति बालाजी) में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा का परिचय देते हुए भगवान के चरणों में अपने बाल समर्पित किए (मुंडन संस्कार करवाया)। सोशल मीडिया पर अनंत अंबानी की इस सादगी और धार्मिक निष्ठा की जमकर सराहना हो रही है। लोग इसे अध्यात्म की पराकाष्ठा मान रहे हैं, जहाँ दुनिया की तमाम दौलत, शोहरत और नाम पीछे छूट जाते हैं और केवल ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास ही मायने रखता है। आस्था से बड़ा कोई आभूषण नही अक्सर कहा जाता है कि भगवान के दरबार में अमीर हो या गरीब, हर कोई एक समान है। अनंत अंबानी के इस कदम ने इस बात को एक बार फिर साबित कर दिया है। भौतिक सुख-सुविधाओं और वैश्विक स्तर पर पहचान होने के बावजूद, उन्होंने सनातन परंपराओं का पालन करते हुए तिरुपति बालाजी के चरणों में अपना शीश नवाया। एक संदेश जो दिल को छू गया: "सब कुछ पाकर भी जो भगवान को चुनता है, वही सबसे धनवान है। जहाँ नाम, दौलत और शोहरत पीछे रह जाते हैं… वहाँ सिर्फ़ आस्था साथ चलती है। दुनिया की सबसे बड़ी दौलत भी, भगवान के दरबार में सिर्फ़ श्रद्धा बन जाती है।" तिरुपति में मुंडन परंपरा का महत्व सनातन धर्म में तिरुपति बालाजी मंदिर में मुंडन कराने (बालों का दान करने) की सदियों पुरानी परंपरा है। इसे अहंकार के त्याग और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक माना जाता है। अनंत अंबानी का यह रूप दिखाता है कि अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना ही इंसान की सबसे बड़ी ताकत है। सादगी की मिसाल: अनंत अंबानी ने तिरुपति देवस्थानम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दर्शन किए। परंपरा का सम्मान: आधुनिक जीवनशैली के बीच सनातन संस्कृति और मुंडन की परंपरा का निर्वहन किया। सोशल मीडिया पर चर्चा: नेटिजन्स अनंत अंबानी के इस धार्मिक झुकाव और अहंकार-रहित व्यक्तित्व की सराहना कर रहे हैं।