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8 जुलाई को वाराणसी से CM योगी करेंगे मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का करेंगे शुभारंभ  – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी घोषणा, देशभर में मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा – 7.89 लाख से अधिक बेसिक शिक्षा विभाग के लाभार्थियों ने कराया पंजीकरण, 3 जुलाई से माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी पोर्टल शुरू – डिजिटल पोर्टल के जरिए होगा पंजीकरण, सत्यापन और ई-केवाईसी, शिक्षकों और उनके परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई वाराणसी में शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अनुरूप कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा की थी।  बेसिक विभाग के 7 लाख से अधिक लाभार्थियों ने पोर्टल पर दर्ज कराई डिटेल्स साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के लिए डिजिटल व्यवस्था को अपनाया गया है। इसके लिए विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों का विवरण संकलित करने के लिए ऑनलाइन डेटा संग्रह पोर्टल विकसित किया गया। पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों का पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन डिजिटल प्रक्रिया के जरिये किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के लिए विकसित पोर्टल पर अब तक 7,89,032 लाभार्थी अपना विवरण दर्ज करा चुके हैं। लाभार्थियों द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अंतिम अनुमोदन प्रदान करेंगे। बीएसए स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के बेनिफिशरी एडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआईएस) पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा। इसके पश्चात लाभार्थी आधार आधारित ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर अपना डिजिटल कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 3 जुलाई से पोर्टल शुरू माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों के लिए भी डेटा संग्रह पोर्टल 3 जुलाई से संचालित कर दिया गया है। पोर्टल पर शिक्षक अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। उनके आवेदन का सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अंतिम अनुमोदन देंगे। अनुमोदन के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा। आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होने के बाद शिक्षक अपना कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। साचीज सीईओ ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना के तहत लाभार्थियों को वही सभी सुविधाएं और उपचार संबंधी लाभ प्राप्त होंगे, जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उपलब्ध हैं। इसके साथ ही वे देशभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान शिक्षकों और उनके परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ में उल्लेखनीय कमी आएगी। उच्च शिक्षा विभाग के लिए भी जल्द संचालित होगा पोर्टल योगी सरकार ने योजना का दायरा और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में भी तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों एवं कार्मिकों के लिए भी शीघ्र ही अलग डेटा संग्रह पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी भी अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज कर योजना से जुड़ सकेंगे और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

Parliament Monsoon Session 2026: 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र, सरकार ने किया ऐलान

नई दिल्ली  संसद का आगामी मानसून सत्र 2026 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। भारत सरकार की सिफारिश पर माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने दोनों सदनों की बैठक बुलाने की अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि की है कि सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति जी ने मानसून सत्र के आयोजन को मंजूरी दी है। संसद का यह आगामी सत्र 20 जुलाई 2026 को शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस अवधि के दौरान दोनों सदनों में राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न अहम मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा की जाएगी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इस मानसून सत्र की शुरुआत बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत के बाद हो रही है। इस सत्र में तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) में हुई बगावत का असर भी देखने को मिलेगा। तृणमूल कांग्रेस के 20 और शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों की अलग समूह के तौर पर मान्यता की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले का इंतजार है। राज्यसभा में नए चुने गए और दोबारा चुने गए सदस्यों के शपथ लेने के बाद संख्या बल सत्ताधारी गठबंधन राजग के पक्ष में और मजबूत हो गया।पिछला सत्र सरकार के लिए निराशाजनक रहा था क्योंकि लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था, जिसका मकसद 2029 में विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना था। सरकार अब विधेयक का नया मसौदा तैयार कर रही है, जिसके तहत सभी राज्यों में लोकसभा सीटों को एकसमान रूप से 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, आबादी के आधार पर सीटों में बढ़ोतरी दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक दलों के लिए चिंता का बड़ा विषय रहा है।

धमतरी में माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाई

​रायपुर : धमतरी में माफियाओं पर प्रशासन का 'सख्त': राजस्व और खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई अवैध रेत परिवहन करते 8 ट्रैक्टर जब्त कोलियारी मार्ग पर रेत का अवैध खेल उजागर ​रायपुर धमतरी जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर के कड़े निर्देशानुसार आज राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे 8 ट्रैक्टरों को रंगे हाथों जब्त किया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।        ​मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लगातार कोलियारी-धमतरी मार्ग पर अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए राजस्व और खनिज विभाग की एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने जब मार्ग पर घेराबंदी कर रेत ले जा रहे ट्रैक्टरों को रोका और उनसे खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज (रॉयल्टी पर्ची/अनुमति) की मांग की, तो वाहन चालक कोई भी संतोषजनक कागजात पेश नहीं कर सके। ​     वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 8 ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। इन सभी वाहनों को सुरक्षित अभिरक्षा में रखवा दिया गया है और खनिज अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ​प्रशासन की चेतावनी: आगे भी जारी रहेगा अभियान      जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद रेत और अन्य खनिज माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान आगे भी इसी तरह बिना रुके जारी रहेगा और पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने वाहन संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और केवल वैध अनुमति के साथ ही खनिजों का परिवहन करें।

केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा! सिया गोयल के Snapchat चैट ने बदली जांच की दिशा

 पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस के हाथ एक बेहद चौंकाने वाला सुराग लगा है, जिसने इस पूरी मर्डर मिस्ट्री में एक नया ट्विस्ट ला दिया है. पुलिस की जांच टीम अब आरोपी सिया गोयल के एक कथित स्नैपचैट चैट को खंगाल रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि हत्या की इस पूरी वारदात को एक गहरी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था।  ताजा जानकारी के मुताबिक, यह कथित बातचीत 25 मई की है. इस चैट में आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर अपनी दोस्त से फ्लाइट टिकट बुक करने के बहाने उसका आधार कार्ड मांगती है। सिया ने हिंदी में लिखा, "आधार कार्ड फ्रंट और बैक भेज दे फॉर वेडिंग टिकिट्स, जो होने नहीं वाली पर फिर भी भेज दे।  जांच अधिकारी अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या यह पूरी बातचीत और हवाई टिकटों की बुकिंग केवल एक दिखावा थी। ऐसा संदेह है कि इस कथित चैट और टिकट अरेंजमेंट्स के जरिए सिया यह दिखाना चाहती थी कि केतन अग्रवाल के साथ उसकी शादी की तैयारियां बिल्कुल सामान्य रूप से चल रही हैं, ताकि केतन की हत्या के बाद किसी को उस पर शक न हो. यह पूरी कवायद मर्डर प्लॉट को छिपाने और जांच भटकाने की एक बड़ी कोशिश हो सकती है।  जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि किसी भी डिजिटल चैट की कानूनी वैधता उसकी तकनीकी और फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी. इसलिए फिलहाल इस चैट को अंतिम सबूत नहीं माना जा सकता।  केतन के परिवार का आरोप केतन के पिता, विशाल देवीचंद अग्रवाल की तरफ़ से दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि चेतन और सिया, दोनों ने मिलकर उनके बेटे को एक चट्टान से नीचे धकेल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. केतन 18 जून की सुबह घर से निकला, पुणे-मुंबई हाईवे पर किवाले ब्रिज से सिया को साथ लिया और फिर लोहागढ़ फोर्ट की ओर गया।  उसी दिन दोपहर से पहले सिया गोयल ने अपने चेतन की मां को फ़ोन करके बताया कि वह गलती से लोहागढ़ किले की एक खाई में गिर गया है. स्थानीय लोगों और पुलिस ने उसे खाई में पाया और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. FIR के अनुसार, 21 जून को केतन अग्रवाल के पिता और रिश्तेदार उस जगह पर गए जहां वह गिरा था और उन्हें लगा कि उस जगह पर गलती से फिसलने की संभावना बहुत कम थी. परिवार ने आरोप लगाया कि सिया गोयल का फ़ोन लगातार व्यस्त रहता था और वह अक्सर अपने प्रेमी चेतन का ज़िक्र करती थी, जिससे उन्हें शक हुआ कि दोनों के बीच रोमांटिक रिश्ता था। 

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान सफल, 1.06 करोड़ से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो वैक्सीन

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल आयोजन 1 करोड़ 6 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो वैक्सीन की खुराक भोपाल प्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल संचालन 28 से 30 जून तक किया गया। अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 करोड़ 6 लाख 51 हजार 737 बच्चों को पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई। अभियान के सफल संचालन में प्रदेश के समस्त जिलों द्वारा उत्कृष्ट समन्वय, प्रभावी सूक्ष्म योजना, सुदृढ़ मॉनिटरिंग एवं व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बूथ स्तर से लेकर घर-घर भ्रमण तक व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सफलता पोलियो उन्मूलन के प्रति प्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता, स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण तथा जनसहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश सरकार भविष्य में भी बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए सतत रूप से प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न पोलियो बूथों का उद्घाटन किया गया। स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा समुदाय की सक्रिय सहभागिता से अभियान के क्रियान्वयन में बेहतर परिणाम प्राप्त हुए। दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों सहित सभी पात्र बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए किसी भी बच्चे को पोलियो खुराक से वंचित न रहने देने के उद्देश्य से विशेष प्रयास किए गए। अभियान के दौरान छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भी पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई।  

फिल्मों में अभिनय कर चुकीं IPS सिमाला प्रसाद को मिली बड़ी जिम्मेदारी, निमाड़ रेंज की नई DIG बनीं

खरगोन  मध्य प्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। एक ओर चर्चित आईपीएस अधिकारी सुश्री सिमाला प्रसाद को उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG), निमाड़ रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी और फिलहाल निमाड़ रेंज के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा को कुछ दिन पूर्व केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में उप महानिरीक्षक (DIG) नियुक्त किया गया है। सिमाला प्रसाद अपनी सादगी, प्रशासनिक दक्षता और अभिनय प्रतिभा के कारण लंबे समय से सुर्खियों में रही हैं। कौन हैं IPS सिमाला प्रसाद? भोपाल के एक शिक्षित परिवार में जन्मीं सिमाला प्रसाद के पिता भगीरथ प्रसाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व सांसद रहे हैं, जबकि उनकी माता मेहरून्निसा परवेज हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका हैं। साहित्य और शिक्षा से मिले संस्कारों के बीच पली-बढ़ीं सिमाला ने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया। वे मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच की अधिकारी हैं। कई पदों पर कर चुकीं काम अपने पुलिस करियर में उन्होंने बैतूल जिले की पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस जबलपुर की एसपी और 23वीं बटालियन, विशेष सशस्त्र बल (SAF), भोपाल में कमांडेंट सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। मई 2026 में उन्हें पदोन्नति के बाद DIG महिला सुरक्षा बनाया गया। इस पद पर वे महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, जनजागरूकता अभियान और राज्य स्तरीय सुरक्षा कार्यक्रमों की निगरानी की । उनकी कार्यशैली अनुशासित, संवेदनशील और जनसंपर्क आधारित मानी जाती है। आज जारी आदेश के मुताबिक अपने निमाड़ रेंज की डीआईजी होंगी। फिल्मों में भी काम कर चुकीं सिमाला प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सिमाला प्रसाद ने फिल्म जगत में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 'अलीफ' (2017), 'नक्काश' (2019) और वर्ष 2026 में 'द नर्मदा स्टोरी' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। अभिनय के बावजूद उन्होंने हमेशा पुलिस सेवा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। साहित्य, योग और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता भी उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान दिलाती है। दिल्ली पहुंचे IPS सिद्धार्थ बहुगुणा वहीं, मध्य प्रदेश कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ बहुगुणा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में DIG नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति पांच वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। सिद्धार्थ बहुगुणा मध्य प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार और संवेदनशील अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने निमाड़ रेंज के खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के रूप में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। CBI में बड़े मामलों की जांच करेंगे अपराध नियंत्रण, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने, संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई तथा जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं रही हैं। सख्त प्रशासनिक रवैये के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने वाले अधिकारी के रूप में उन्होंने आम जनता और पुलिस महकमे में अपनी अलग पहचान बनाई। CBI में DIG के रूप में अब सिद्धार्थ बहुगुणा देश के चर्चित आपराधिक, भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच एवं निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगे।  

यूपी में EV चार्जिंग को मिलेगा बढ़ावा, सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू

प्रदेश में ईवी चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू योगी सरकार सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक देगी छूट     यूपी बना पावर सेक्टर का मॉडल स्टेट, सस्ती बिजली और रिकॉर्ड आपूर्ति से नई पहचान 32,673 मेगावाट बिजली मांग पूरी कर उत्तर प्रदेश ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड पुराने तापीय संयंत्रों की दक्षता 65% से बढ़कर 85% पहुंची, उत्पादन में बड़ा सुधार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बिजली उत्पादन, आपूर्ति और उपभोक्ता राहत के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में बिजली दरें देश की सबसे न्यूनतम दरों में हैं, जबकि बिजली आपूर्ति देश की सर्वाधिक एवं सबसे बेहतर श्रेणी में है। इसके साथ ही योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित सोलर आवर्स में 20 प्रतिशत टैरिफ छूट की व्यवस्था लागू की है।  ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि इससे न केवल ईवी चार्जिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा जोकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।   योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। लगातार सातवें वर्ष भी प्रदेश में बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सभी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए देय टैरिफ को यथावत रखा गया है। यह निर्णय सरकार की जनकल्याणकारी सोच तथा गरीबों, किसानों, घरेलू एवं अन्य उपभोक्ताओं के हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। वहीं उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में प्रतिदिन अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। पूर्ववर्ती सरकारों के समय तापीय विद्युत उत्पादन मात्र 5,180 मेगावाट तक सीमित था, जबकि आज प्रदेश सौर ऊर्जा से ही इससे अधिक उत्पादन कर रहा है। लगभग 4,000 मेगावाट क्षमता सोलर पार्कों से तथा लगभग 2,500 मेगावाट क्षमता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से विकसित की जा रही है। इसके साथ ही मिर्जापुर एवं मेजा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तापीय विद्युत परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही पुराने तापीय विद्युत संयंत्रों की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार किया गया है। पहले जहां ये संयंत्र लगभग 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर संचालित होते थे, वहीं अब उनकी कार्यक्षमता बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है।  ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ये उपलब्धियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व का परिणाम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में और भी तेजी से आगे बढ़ेगा तथा देश के लिए आदर्श मॉडल के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।

Punjab News: जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन बनकर तैयार, 13 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन की संभावना

जालंधर  अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पंजाब में कई रेलवे स्टेशन तैयार किए जा रहे है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का भी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तोड़कर नवीनीकरण किया गया है।  सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशन का उद्घाटन 13 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उत्तर रेलवे महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने कहा कि जो आदेश होगा वैसा ही किया जाएगा।  अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का काम 2022 के आखिर में शुरू हो गया था और रेलवे स्टेशन को तैयार करने का समय लगभग ढाई साल था लेकिन काम में देरी के चलते स्टेशन का नवीनीकरण डेढ़ से 2 साल की देरी से हुआ है।  अब जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पूरी तरह से तैयार हो चुका है और स्टेशन को बाहर से एयरपोर्ट जैसी लुक दी गई है और अंदर से भी खास बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए 10 लिफ्ट लगाई गई है और स्टेशन पर आठ एस्केलेटर लगाए गए हैं ताकि एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में असुविधा न हो।  नॉर्दर्न रेलवे के जनरल मैनेजर राजेश कुमार पांडे ने स्टेशन का निरीक्षण किया और पेंडिंग काम को जल्द पूरा करने को कहा। यात्रियों ने कहा कि नवीनीकरण के बाद स्टेशन और भी बढ़िया बन गया है और उन्हें एसी वेटिंग हॉल जैसी सुविधा भी मिल रही है। और वेटिंग हॉल में बड़ी स्क्रीन भी लगाई गई है जिससे उन्हें ट्रेन के आने जाने का भी पता आसानी से चल पाएगा।   जालंधर कैंट के बाद अब जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन को भी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नवीनीकरण करके बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ निरीक्षण करने आए हैं उन्हें नहीं मालूम कि इसका उद्घाटन कब होगा। पीएम मोदी के आने के बारे में भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।   

कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा जारी, 4,812 तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था जम्मू से हुआ रवाना

जम्मू जम्मू-कश्मीर में जम्मू यात्री निवास आधार शिविर से श्री अमरनाथ यात्रा के लिए 4812 तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था शनिवार को 'बम बम भोले' के जयकारों के बीच पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ।अधिकारियों के अनुसार, 2041 तीर्थयात्री बालटाल के लिए रवाना हुए, जबकि2771 तीर्थयात्री बसों और निजी वाहनों के काफिले में पहलगाम मार्ग से यात्रा करने के लिए निकले। यात्रा का काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को आधार शिविर से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को श्री अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया। इसमें कहा गया है कि वार्षिक यात्रा के लिए पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इस रास्ते पर प्रतिदिन जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित कर दी गयी है। बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन कर लौटे श्रद्धालु उधर, वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बालटाल और पहलगाम, दोनों मुख्य मार्गों से हर्षोल्लास के साथ शुरू हुई। बालटाल मार्ग से सुबह रवाना हुए पहले जत्थे के कई श्रद्धालु बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन कर बेहद खुशी-खुशी लौट आए। पवित्र गुफा के दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह और आस्था की अलग ही झलक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि दिव्य दर्शनों से अद्भुत आनंद मिला है। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस वर्ष पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी अपने पूर्ण आकार में विराजमान हैं। पहले दिन दर्शन करने वाले यात्रियों ने खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली बताया। उनका कहना है कि उन्हें पहली आरती और प्रथम पूजा के दौरान बाबा बर्फानी के दिव्य स्वरूप के दर्शन का अवसर मिला। उनका कहना है कि यात्रा मार्ग पर मौसम ने थोड़ी परीक्षा जरूर ली लेकिन भोलेनाथ की भक्ति के आगे सारी मुश्किलें आसान हो गईं। उन्होंने कहा कि दर्शन कर जत्थे का हर सदस्य भगवान शिव के रंग में रंग गया। पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर अद्भुत आनंद मिला : पंकज पहले जत्थे में शामिल श्रद्धालु पंकज सावंत ने बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे दर्शन के लिए निकले। यात्रा के दौरान तेज बारिश और घने कोहरे के कारण चढ़ाई कठिन रही लेकिन बाबा भोलेनाथ की कृपा से सभी बाधाएं आसान लगने लगीं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब नौ बजे जब वे पवित्र गुफा पहुंचे, तब वहां केवल सात-आठ श्रद्धालु ही मौजूद थे। भीड़ कम होने के कारण उन्हें पांच से दस मिनट तक शांतिपूर्वक पवित्र शिवलिंग के दर्शन और ध्यान का अवसर मिला। वहां का नजारा अद्भुत था, जिससे आत्मिक आनंद मिला।  

पाकिस्तान में विदेशी महिलाओं से गैंगरेप से मचा बवाल, इशाक डार के करीबी पर गंभीर आरोप

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के लाहौर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां दो विदेशी महिलाओं के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण के मामले में पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) का एक बेहद करीबी रिश्तेदार भी शामिल है। इसे मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। लाहौर की एक अदालत ने शुक्रवार को चारों आरोपियों मोहम्मद रजा डार, हसन रजा, सिकंदर खान और साजिद अली को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इनमें से मुख्य आरोपी मोहम्मद रजा डार डिप्टी पीएम इशाक डार का करीबी रिश्तेदार है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया, "चूंकि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें देश के उप-प्रधानमंत्री इसहाक डार का करीबी रिश्तेदार शामिल है, इसलिए पुलिस इस हाई-प्रोफाइल केस की हर पहलू से बेहद बारीकी और गंभीरता से जांच कर रही है।" पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महिलाएं नीदरलैंड और वेनेजुएला की नागरिक हैं। 29 जून को लाहौर पहुंचने पर पांच लोगों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया था और फिर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। स्पेन से आए एक फोन कॉल के बाद बची जान इस खौफनाक वारदात का शिकार हुईं महिलाओं की जान तब बची जब पुलिस को स्पेन से एक आपातकालीन फोन कॉल आया। दरअसल, पीड़ितों में से एक महिला के पिता ने स्पेन से पाकिस्तानी अधिकारियों को संपर्क कर अपनी बेटी की जान खतरे में होने की जानकारी दी। इस अंतरराष्ट्रीय इनपुट के तुरंत बाद हरकत में आई लाहौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस ठिकाने पर छापेमारी की और दोनों विदेशी महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। लाहौर पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में पांच संदिग्धों के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 365A (अपहरण) और 375A (सामूहिक दुष्कर्म) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि पांचवां आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। बिजनेस पार्टनर हैं आरोपी और पीड़ित महिलाएं एक रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महिलाओं और मुख्य आरोपी मोहम्मद रजा डार के बीच पहले से ही व्यावसायिक संबंध थे। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वे अक्टूबर 2025 में सिंगापुर में रजा डार से मिली थीं। दोनों महिलाएं और रजा डार एक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर में बिजनेस पार्टनर थे। इसी व्यापारिक सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए रजा डार ने महिलाओं को पाकिस्तान आने का न्योता दिया और उनके लिए बिजनेस वीजा का प्रबंध भी किया। आमंत्रण पर दोनों महिलाएं 29 जून को लाहौर पहुंची थीं। एक पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि लाहौर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद रजा डार और उसके साथी उन्हें रिसीव करने आए। लेकिन वे उन्हें होटल ले जाने के बजाय जबरन एक अज्ञात घर में ले गए। वहां आरोपियों ने बंधक बनाकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उनकी रिहाई के बदले मोटी फिरौती की मांग की। अदालत के एक अधिकारी के मुताबिक, जब शुक्रवार को चारों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया तो पीड़ितों ने रजा डार की पहचान मुख्य साजिशकर्ता के रूप में की है।