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समलैंगिक संबंध का झांसा, फिर ब्लैकमेल! मथुरा पुलिस ने पकड़ा शातिर गैंग, शर्म के कारण चुप रहते थे पीड़ित

मथुरा  ग्राइंडर एप के माध्यम से लोगों को समलैंगिक संबंधों के बहाने सुनसान स्थानों पर बुलाकर उनसे लूट और डकैती करने वाले सात डकैतों को थाना जैंत पुलिस ने धर दबोचा है। धौरेरा के जंगलों में की गई कार्रवाई में पुलिस ने इनके पास से 10 मोबाइल और 51,500 रुपये नकद तथा घटना में प्रयोग की जाने वाली दो मोटर साइकिल जब्त की हैं। पिछले कुछ समय से ग्राइंडर नाम के मोबाइल एप के माध्यम से एक गिरोह युवकों से संपर्क कर उन्हें समलैंगिक संबंधों के लिए उकसा रहा था। कई युवक इनकी बातों में आकर फंसकर इनके बताए सुनसान स्थानों पर पहुंच जाते थे। ग्राइंडर मोबाइल एप के माध्यम से युवकों को फंसाते थे गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से धौरेरा के जंगलों में बुलाया जाता था। इस गिरोह ने वहां गिरोह का एक सदस्य उस युवक के साथ संबंध बनाता था, जबकि कोई अन्य सदस्य मोबाइल से इस कृत्य की वीडियो बना लेता था। बस वहीं गिरोह के अन्य सदस्य आकर युवक को घेर लेते थे और उसके मोबाइल और पर्स में रखी नकदी को लूट लेते थे। इतना ही नहीं, मोबाइल में पासवर्ड पूछकर उस युवक के एकाउंट से भी रुपये ट्रांसफर कर लेते थे। धौरेरा के जंगलों में युवकों के साथ मारपीट कर उनको लूटते थे मोबाइल की वीडियो देखकर चुपचाप सामान दे दिया तो ठीक, वरना गिरोह के सदस्य उस युवक के साथ मारपीट करते थे। लुटे-पिटे युवक शर्म के कारण इस बारे में किसी को कुछ बता नहीं पाते थे। लेकिन इस गिरोह का शिकार बने एक युवक ने जैंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। फिर पुलिस ने युवक के लूटे हुए मोबाइल की लोकेशन के आधार पर धौरेरा के जंगल में दबिश दी। शर्म के कारण चुप्पी साध जाते थे युवक पुलिस ने वहां से सुनील निवासी ग्राम बैना जमनीपुर, थाना अगयाऊ बाजार, भोजपुर बिहार, सूरज निवासी ग्राम धारुहेड़ा रेवाड़ी, हरियाणा दोनों हाल निवासीगण दावानल कुंड, लाडली धाम गेस्टहाउस, गौरी गोपाल गोशाला वृंदावन, रवि और कृष्णा निवासीगण संत कॉलोनी, सोम आश्रम, वृंदावन, भूपेंद्र निवासी ग्राम नंदा गढ़ी थाना राया, प्रवीण निवासी दत्ता वास, थाना सादाबाद हाथरस और राजेश सिंह निवासी गांव मंगरौन थाना मंगरौन, दमोह मप्र, दोनों हाल निवासी संत कॉलोनी, सोम आश्रम के पास, वृंदावन को गिरफ्तार किया गया। थानाध्यक्ष जैंत सोनू कुमार ने मामले में कार्रवाई की गई है।  

World Cup 2026: अंग्रेज टीम वियाग्रा का लेगी सहारा? रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

मियामी  FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में इंग्लैंड और मेजबान देशों में से एक मैक्सिको के बीच होने वाला मुकाबला सिर्फ फुटबॉल नहीं, बल्कि एक अनोखी वजह से भी चर्चा में आ गया है. इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इस मैच से पहले जरूरत पड़ने पर व‍ियाग्रा (Sildenafil) लेने की अनुमति दी गई है. पहली नजर में यह फैसला चौंकाने वाला लग सकता है, लेकिन इसके पीछे पूरी तरह मेडिकल वजह है।  इंग्लैंड के मैनेजर थॉमस टुखेल की टीम 4 जुलाई को मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एस्टाडियो एज़्टेका (Estadio Azteca) में उतरेगी. यह स्टेडियम समुद्र तल से करीब 7,350 फीट (करीब 2,240 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है. इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का लेवल कम होने के कारण खिलाड़ियों को जल्दी थकान, सांस लेने में परेशानी और एल्टीट्यूड जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।  इसी चुनौती को देखते हुए इंग्लैंड टीम के खिलाड़ियों को विकल्प दिया गया है कि अगर जरूरत महसूस हो तो वे व‍ियाग्रा (Sildenafil) का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह दवा आमतौर पर Erectile Dysfunction के इलाज के लिए दी जाती है, लेकिन यह शरीर की रक्त वाहिकाओं को फैलाकर (Vasodilation) ब्लड फ्लो बेहतर करने में भी मदद करती है. इसी वजह से माना जाता है कि ऊंचाई वाले इलाकों में इससे शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने में कुछ राहत मिल सकती है।  एस्टाडियो में मैक्सिको को हराना आसान नहीं मैक्सिको के लिए एस्टाडियो एज्टेका हमेशा से मजबूत किला रहा है. मौजूदा वर्ल्ड कप में टीम ने अपने सभी चारों मैच जीते हैं. वहीं इस स्टेडियम पर मैक्सिको ने अब तक 89 मुकाबलों में सिर्फ दो हार झेली हैं. खास बात यह है कि यहां उसकी आखिरी हार 2013 में आई थी. यानी इंग्लैंड को सिर्फ मजबूत विपक्षी ही नहीं, बल्कि ऊंचाई और घरेलू माहौल जैसी चुनौतियों का भी सामना करना होगा. टीम नहीं चाहती कि किसी गैर-फुटबॉल कारण का असर मैच के नतीजे पर पड़े।  राउंड ऑफ-32 में भी मुश्किल से मिली थी जीत इंग्लैंड ने राउंड ऑफ-32 में डीआर कांगो को 2-1 से हराया था, लेकिन यह जीत आसान नहीं रही. कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम पलों में दो गोल दागकर टीम को हार से बचाया था. इस वर्ल्ड कप में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं, ऐसे में इंग्लैंड को मैक्सिको के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।  क्या WADA ने Viagra पर प्रतिबंध लगाया है? नहीं. World Anti-Doping Agency (WADA) ने  व‍ियाग्रा (Sildenafil) को प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल नहीं किया है. खिलाड़ी इवेंट के दौरान और उसके बाहर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. WADA ने इस दवा पर कई अध्ययन किए हैं. र‍िसर्च में पाया गया कि समुद्र तल या सामान्य ऊंचाई पर इससे प्रदर्शन में कोई बड़ा या अनुचित फायदा नहीं मिलता. इसी वजह से यह एंटी-डोपिंग नियमों के तहत पूरी तरह वैध दवा मानी जाती है।   

छत्तीसगढ़ के 11 हजार दिव्यांगजनों को मिलेगा स्वरोजगार ऋण, कौशल प्रशिक्षण भी होगा अनिवार्य

रायपुर : 11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए मिलेगा ऋण, कौशल प्रशिक्षण भी होगा अनिवार्य: लोकेश कवाडि़या राज्य सरकार की पहल से दिव्यांगजन बनेंगे आत्मनिर्भर उद्यमी, व्यवसाय संचालन और विपणन सहायता भी मिलेगी रायपुर प्रदेश के दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम ने बड़ी पहल करते हुए 11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही हितग्राहियों को कौशल विकास प्रशिक्षण, उद्यमिता मार्गदर्शन और विपणन सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कवाडि़या ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (एनडीएफडीसी) से अधिकृत विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर स्वरोजगार ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक को संबोधित करते हुए कवाडि़या ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से दिव्यांगजन आत्मसम्मान के साथ आजीविका अर्जित कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार ऋण प्राप्त करने वाले प्रत्येक हितग्राही के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। निगम द्वारा विकसित किए जा रहे प्रशिक्षण केंद्रों में तकनीकी दक्षता के साथ वित्तीय प्रबंधन, उद्यमिता विकास तथा व्यवसाय संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे लाभार्थी अपने उद्यम का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें। कवाडि़या ने कहा कि दिव्यांग उद्यमियों को व्यवसायिक परामर्श, नियमित मार्गदर्शन और विपणन सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। निगम प्रतिष्ठित व्यावसायिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है, ताकि लाभार्थी लॉन्ड्री, किराना, रेडीमेड वस्त्र, जूते-चप्पल तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं से जुड़े व्यवहारिक और लाभकारी व्यवसाय स्थापित कर सकें। बैठक में राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (एनडीएफडीसी) के मुख्य महाप्रबंधक ने आश्वस्त किया कि सभी वित्तीय रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं को पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत और वितरित किए जाने के बाद एनडीएफडीसी द्वारा पुनर्वित्त (रिफाइनेंस) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी ऋण प्रकरण छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित किए जाएंगे, जिससे हितग्राहियों का समग्र डाटाबेस तैयार किया जा सके तथा योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, आईडीबीआई बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, एपेक्स बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैंक प्रतिनिधियों ने निगम की पहल की सराहना करते हुए ऋण वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने का सुझाव दिया। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक, महाप्रबंधक, सलाहकार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस पहल से प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ ही उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है।

संदीप पाठक मामले में पंजाब सरकार फिर घिरी, FIR का विवरण न देने पर सुनवाई 17 अक्टूबर तक टली

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद संदीप पाठक की दो माह से लंबित याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी पंजाब सरकार उनके खिलाफ दर्ज मामलों का पूरा ब्योरा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष पेश नहीं कर सकी। सरकार ने चौथी बार जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने संदीप पाठक को पहले से मिली अंतरिम राहत को बरकरार रखते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर तय कर दी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दर्ज सभी एफआईआर का पूरा विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी। सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया गया। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए सरकार को और समय दे दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक संदीप पाठक को पूर्व में दी गई अंतरिम राहत जारी रहेगी। यानी उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या अन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी और अदालत के अगले आदेश तक यह संरक्षण प्रभावी रहेगा। याचिका में संदीप पाठक ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और संभावित कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत से संरक्षण की मांग की है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसे अब 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। अगली सुनवाई तक पंजाब सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि संदीप पाठक के खिलाफ राज्य में कुल कितनी एफआईआर दर्ज हैं और वे किन-किन स्थानों पर दर्ज हैं। इसके बाद ही मामले में आगे की सुनवाई और राहत पर विचार किया जाएगा। चार सुनवाई, चार बार मोहलत संदीप पाठक ने 6 मई को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर पहली सुनवाई 8 मई को हुई। उस दिन सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा तो अदालत ने 11 मई की तारीख देते हुए पाठक को अंतरिम राहत प्रदान कर दी। 11 मई को भी सरकार ने अतिरिक्त समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई 15 मई तक स्थगित कर दी गई और राहत जारी रखी गई।  15 मई को भी सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी। इसके बाद अदालत ने सुनवाई पहले 22 मई और फिर 29 मई के लिए तय की, लेकिन समयाभाव के कारण मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी। शुक्रवार को मामला दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ, लेकिन चौथी बार भी सरकार ने अदालत से समय मांग लिया। हाईकोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर निर्धारित कर दी। इस दौरान संदीप पाठक को मिली अंतरिम राहत भी यथावत रहेगी। 

TMC में सियासी भूचाल, चंद्रिमा भट्टाचार्य का सभी पदों से इस्तीफा; ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद शुरू हुए TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी के बुरे दिन खत्म होते नहीं नजर आ रहे. पार्टी विधायक और सांसदों की बगावत के बाद अब बागी गुट ने कोलकाता में पार्टी के हेड ऑफिस पर भी कब्जा जमा लिया. अभी पार्टी दफ्तर पर कब्जे की रार मची ही है, इस बीच ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है. बंगाल टीएमसी के अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पार्टी नेता ममता बनर्जी को पत्र लिखकर बताया कि वह 3 जून को संभाले गए इस पद को छोड़ रही हैं. चंद्रिमा ने तृणमूल कांग्रेस और उससे जुड़ी संस्थाओं के अलग-अलग बैंक खातों के लिए हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नेटरी) के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियों से भी मुक्त किए जाने का अनुरोध किया. इसके अलावा, राज्य की पूर्व मंत्री ने चुनाव आयोग के सामने पार्टी का प्रतिनिधित्व करने की भूमिका से भी इस्तीफा दे दिया है।  टीएमसी में मच रही उठापठक के बीच ममता बनर्जी की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शुमार चंद्रिमा का इस तरह अचानक जाना टीएमसी के लिए एक बहुत बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है।   जानकारी के मुताबिक, टीएमसी की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक पत्र लिखकर अपने इस फैसले की जानकारी दी है. इस पत्र में भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया है कि वे न केवल सांगठनिक पदों से मुक्त हो रही हैं, बल्कि उन्होंने पार्टी के महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों से जुड़ी 'साइनिंग अथॉरिटी' के पद से भी तत्काल प्रभाव से कदम पीछे खींच लिए हैं।  ममता के लिए ये कितना बड़ा झटका? चंद्रिमा को ममता का करीबी माना जाता है। वे सरकार से लेकर संगठन तक में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। पार्टी में जारी हालिया उथल-पुथल के बीच भी वे ममता के साथ खड़ी नजर आई थीं। हालांकि, उनके बेटे सौरव बसु को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट की बैठक में देखा गया था। तबसे ही कई अटकलें लगाई जा रही थीं। अब उन्होंने ममता से दूरी बना ली है।     चंद्रिमा भट्टाचार्य लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का एक मजबूत चेहरा रही हैं और सरकार से लेक संगठन तक में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती रही है. फिलहाल इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने बंगाल के सियासी पारे को अचानक बढ़ा दिया है। 

Agra-Mumbai Highway पर लंबा जाम, भैरूघाट के अजनार ब्रिज की मरम्मत बनी यात्रियों की परेशानी

धार   अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग आगरा-मुंबई हाईवे पर सफर कर रहे हैं और धामनौद इलाके से गुजरने की सोच रहे हैं तो जरा रुकिए. मानपुर के भेरूघाट के अजनार नदी पुल पर वाहनों का रेला लगा हुआ है. एक्सपेंशन जॉइंट की मरम्मत के दौरान एक वाहन के चढ़ जाने से एक हिस्सा दोबारा टूट गया. अब 4 जुलाई तक पुल की एक लेन बंद रहेगी. भीषण जाम से वाहन चालक परेशान हो रहे हैं।  मरम्मत के ठीक बाद हैवी वाहन ने काम बिगाड़ा NHAI ने प्री-मानसून चेकिंग में भेरू मंदिर की ओर वाले एक्सपेंशन जॉइंट में दरार पकड़ी थी. 4 दिन पहले माइक्रो कंक्रीट से रिपेयर कर बैरिकेडिंग की गई, लेकिन रात में एक भारी वाहन बैरिकेड तोड़कर उस पर चढ़ गया. इससे 1 जुलाई को मजबूरन दोबारा मरम्मत शुरू करनी पड़ी. NHAI इंजीनियरों का कहना है कि माइक्रो कंक्रीट को पूरी ताकत पाने में 3 से 6 दिन लगते हैं. समय से पहले हैवी ट्रैफिक चला तो पुल का स्लैब क्रैक हो सकता है. इसलिए रिस्क न लेते हुए एक लेन बंद है और वन-वे ट्रैफिक चल रहा है।  बड़ी संख्या में पुलिस व्यवस्था बनाने में जुटी मानपुर, धामनोद, किशनगंज पुलिस के साथ NHAI, क्रेन, एंबुलेंस, रेस्क्यू टीम 24 घंटे मौके पर तैनात है. NHAI ने साफ किया है कि ये यात्रियों की सुरक्षा का मामला है. जल्दबाजी में बड़ा हादसा हो सकता है. 4 जुलाई तक धैर्य रखें. प्रशासन ने रूट डायवर्जन भी किया हैं, जिससे इंदौर की ओर से आने वाले वाहन मानपुर से बगड़ी होते हुए निकल रहे हैं. कई वाहन इंदौर से जाम घाट होते हुए महेश्वर की ओर से निकाले जा रहे हैं. प्रशासन ने सभी से धैर्य और सहयोग की अपील की है।  इंदौर जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाएं धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह ने बताया "पुल की मरम्मत का काम NHAI द्वारा किया गया है. लगभग 1 किलोमीटर के पैच का ट्रैफिक डायवर्ट करते हुए दूसरी साइड से निकाल रहे हैं. धामनोद से इंदौर जाने के लिए पलाश होते हुए आप डाइवर्जन पॉइंट ले सकते हैं. आप धार फाटक होते हुए, बगड़ी होते हुए भी इंदौर जा सकते हैं।  "महेश्वर होते हुए भी इंदौर जा सकते हैं. ट्रैफिक स्लो गति से चल रहा है, थोड़ा सा लेट चल रहा है. आप लेट होंगे, लेकिन किसी प्रकार की वहां पर फंसने जैसी स्थिति नहीं है. हमने बहुत सारे पॉइंट्स पर पुलिस बल, ट्रैफिक बल लगाया है. मानपुर पुलिस द्वारा भी बल लगाया गया है ताकि किसी भी यात्री को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। 

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता, नर चीतल शिकार मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार; कोर्ट ने भेजा जेल

रायपुर : वन्यजीव संरक्षण में बड़ी सफलता : नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल सरकार की सख्ती से वन्यजीव अपराधों पर लग रहा अंकुश, वन्यजीव संरक्षण को मिल रही मजबूती रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा अवैध शिकार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में कवर्धा परियोजना मंडल ने नर चीतल के अवैध शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। मुखबिर की सूचना पर योजनाबद्ध कार्रवाई वन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर लगभग तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया। इसके बाद उसके मांस को पकाकर आपस में बांटने की तैयारी की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना पर वन विकास निगम की टीम ने तत्काल योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सभी सात आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शिकार में प्रयुक्त सामग्री और चीतल का मांस जब्त कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाडि़यां, स्टील के तार एवं लकड़ी से बने फंदे तथा खून से सना थैला बरामद कर जब्त किया गया। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। सघन निगरानी और गश्त से मिल रही सफलता वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा विशेष निगरानी अभियान चलाने के कारण वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से अवैध शिकार करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। वन्यजीव संरक्षण के लिए सरकार की स्पष्ट नीति मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग आधुनिक निगरानी व्यवस्था, नियमित गश्त और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वन्यजीवों का अवैध शिकार करने या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।  वन मंत्री श्री कश्यप ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। यदि कहीं भी अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

मध्य प्रदेश में UCC पर बड़ा फैसला, मोहन सरकार ने समिति को दिया 26 जुलाई तक का समय

भोपाल मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून अब विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश होना मुश्किल दिखाई दे रहा है। सरकार ने UCC का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है, जबकि विधानसभा का मानसून सत्र 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इस सत्र में विधेयक पेश होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने 30 जून को जारी अधिसूचना में समिति के सदस्य सचिव के अनुरोध और ड्राफ्ट तैयार करने की प्रगति को देखते हुए कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय लिया। समिति के गठन से जुड़े अन्य सभी प्रावधान यथावत रहेंगे। गुजरात मॉडल पर तैयार हो रहा ड्राफ्ट सूत्रों के अनुसार, अब तक तैयार ड्राफ्ट का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा गुजरात UCC के प्रावधानों पर आधारित है। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों के लिए सभी समुदायों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। CM के बयान से बने हुए हैं कयास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले कह चुके हैं कि जुलाई में होने वाले मानसून सत्र के दौरान UCC कानून का रूप ले सकता है। 2 जुलाई को मुख्यमंत्री के समक्ष UCC ड्राफ्ट का प्रेजेंटेशन भी हो चुका है। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि समिति का कार्यकाल बढ़ने के बावजूद सरकार ड्राफ्ट को अंतिम रूप देकर विधेयक लाने का प्रयास कर सकती है।

केतन मर्डर केस के बीच पुरुष आयोग की मांग फिर गरमाई, BJP सांसद बोले- पुरुषों के अधिकारों पर भी हो ध्यान

नई दिल्ली पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने समाज में एक नई बहस छेड़ दी है। मंगेतर सिया गोयल की बेवफाई और हत्या की खौफनाक साजिश सामने आने के बाद अब पुरुषों के अधिकारों और उनकी कानूनी सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। इसी कड़ी में भाजपा राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक अशोक कुमार मित्तल ने इस घटना को बेहद विचलित करने वाला बताते हुए देश में 'राष्ट्रीय पुरुष आयोग' बनाने की पुरजोर मांग उठाई है। इस मामले में 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन को गिरफ्तार किया गया है। सांसद ने शेयर किया अपना पुराना प्राइवेट बिल सांसद मित्तल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया। यह वीडियो दिसंबर 2025 की राज्यसभा कार्यवाही का है, जब उन्होंने पुरुष आयोग बनाने के लिए संसद में एक 'प्राइवेट मेंबर बिल' पेश किया था। मित्तल ने एक्स पर लिखा, "पुणे का केतन अग्रवाल मामला बहुत परेशान करने वाला है। केतन और उनके परिवार को निष्पक्ष, पूरी और बिना किसी भेदभाव के जांच मिलनी चाहिए, और सबसे बढ़कर, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। मैंने संसद में 'नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल' पेश किया था। हर पीड़ित को न्याय, मदद और कानून के तहत समान सुरक्षा मिलनी चाहिए। केतन का मामला यह याद दिलाता है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं। उन्हें संस्थागत मदद, कानूनी सुरक्षा और एक ऐसा मंच मिलना चाहिए जहां उनकी बात सुनी जा सके। लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना, न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए।" बता दें कि अशोक कुमार मित्तल पंजाब से सांसद चुने गए थे। जब उन्होंने यह बिल पेश किया था, तब वे आम आदमी पार्टी (AAP) का हिस्सा थे। हालांकि, इसी साल अप्रैल में राघव चड्ढा के नेतृत्व वाले 7 AAP सांसदों के गुट के हिस्से के रूप में उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का दावा किया था। क्या है प्राइवेट मेंबर बिल का इतिहास? संसद में किसी भी प्राइवेट मेंबर बिल के पास होने की संभावना बहुत कम होती है और यह मुश्किल से ही कभी वोटिंग के चरण तक पहुंच पाता है। इतिहास पर नजर डालें तो आजादी के बाद से अब तक सिर्फ 14 प्राइवेट बिल ही कानून का रूप ले पाए हैं। वहीं, साल 1970 के बाद से कोई भी ऐसा बिल संसद के दोनों सदनों से पास नहीं हो सका है। केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब तक क्या-क्या हुआ? पुणे के इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी अहम बातें इस प्रकार हैं। 26 वर्षीय पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में उनकी 20 वर्षीय मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) को मुख्य आरोपी बनाया गया है। 3 जुलाई को पुणे की एक अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों को 16 जुलाई तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। लोनावला ग्रामीण पुलिस ने आरोपियों की पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। पुलिस दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ (लाई-डिटेक्टर) टेस्ट कराना चाहती थी, लेकिन दोनों आरोपियों के आधिकारिक रूप से इनकार करने के बाद कोर्ट ने इस अर्जी को भी नामंजूर कर दिया है।

World Cup Final हार के बाद विंबलडन पहुंचीं भारतीय क्रिकेटर, सचिन-गावस्कर और रवि शास्त्री के साथ शेयर किया खास अनुभव

लंदन  विंबलडन का मशहूर सेंटर कोर्ट लोगों से भरा हुआ है। यहाँ सिर्फ़ टेनिस के दिग्गज ही नहीं, बल्कि और भी कई मशहूर हस्तियाँ नज़र आ रही हैं। टीम इंडिया की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा भी विम्बलडन में हो रहे मैचों का मज़ा लेने पहुँचीं।इस क्रिकेट स्टार के लिए विंबलडन में शामिल होना एक सपना सच होने जैसा था। उन्हें सेंटर कोर्ट पर इगा स्वीयाटेक और माटेओ बेरेटिनी के रोमांचक मैचों का आनंद लेते हुए देखा गया। जैसे-जैसे विंबलडन 2026 का रोमांच बढ़ रहा है, भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पहली बार इस चैंपियनशिप में शामिल होकर अपनी 'बकेट लिस्ट' की एक पुरानी इच्छा पूरी की। जियो स्टार से बात करते हुए, दीप्ति शर्मा ने अपने अनुभव, नोवाक जोकोविच के प्रति अपनी पसंद, दबाव में जोकोविच और एमएस धोनी के बीच समानताएं और उन टेनिस दिग्गजों के बारे में बात की जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया। भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पहली बार विंबलडन देखने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, “मेरा सपना था कि एक दिन मैं विंबलडन मैच देखने आऊं और आखिरकार यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। जब आप ऐसी शानदार जगह पर मैच देखने जाते हैं, और जिसे आपने हमेशा टीवी पर देखा हो लेकिन आज पहली बार लाइव देख रहे हों, तो यह अद्भुत लगता है। माहौल, भीड़, ऊर्जा – सब कुछ अलग है। मुझे विंबलडन में टेनिस देखने में बहुत मज़ा आ रहा है। यह सच में बहुत अच्छा लग रहा है।” उस टेनिस खिलाड़ी के बारे में पूछने पर,जिसे वह सबसे ज़्यादा पसंद करती हैं, उन्होंने कहा, "मेरे पसंदीदा खिलाड़ी जोकोविच हैं। मैं उनके खेल को बहुत बारीकी से फॉलो करती हूं। कोर्ट पर जिस तरह से वे लड़ते हैं, उनकी मानसिक मज़बूती और कभी हार न मानने वाला रवैया – मुझे ये सब बहुत पसंद है। उन्हें खेलते हुए देखना हमेशा प्रेरणादायक होता है।" इस बारे में कि कैसे एमएस धोनी, जोकोविच की तरह ही, शांति से दबाव का सामना करते हैं, दीप्ति ने कहा, "जब आप जोकोविच की बात करते हैं, तो हर कोई उनकी मानसिक मज़बूती की बात करता है। वे ऐसे खिलाड़ी हैं जो कभी हार नहीं मानते, चाहे स्थिति कितनी भी मुश्किल क्यों न हो। क्रिकेट में, मुझे लगता है कि एमएस धोनी सर भी काफी हद तक ऐसे ही हैं। वे बहुत शांत और संयमित रहने के लिए जाने जाते हैं। जब भी दबाव वाली स्थितियां आती हैं, तो वे उन्हें बहुत अच्छे से संभालते हैं। कभी ऐसा नहीं लगता कि वे किसी मुश्किल स्थिति में हैं। वे बहुत आसानी से दबाव का सामना करते हैं। जोकोविच और धोनी दोनों में ही सबसे अहम मौकों पर शांत और मज़बूत बने रहने का वह खास गुण है। उन्हें देखकर हम सीखते हैं कि कैसे शांत रहें और मुश्किल हालात से बाहर निकलने का रास्ता खोजें।" सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री के साथ मैच देखने की जताई इच्छा उन टेनिस दिग्गजों के बारे में पूछने पर जिन्हें वह सालों से फॉलो करती आ रही हैं, दीप्ति ने कहा, “मैं फेडरर और नडाल जैसे महान खिलाड़ियों को देखते हुए बड़ी हुई हूँ। मैंने लंबे समय तक उनके मैच ध्यान से देखे हैं। लेकिन हाल ही में, जोकोविच मेरे पसंदीदा बन गए हैं। अब मैं किसी और के मुकाबले उनके मैच ज़्यादा देखती हूँ।” इस बारे में कि वह किसके साथ विंबलडन देखना चाहेंगी, उन्होंने कहा, “मैं अपने साथ तीन लोगों को ले जाना चाहूँगी – सचिन तेंदुलकर सर, रवि शास्त्री सर और सुनील गावस्कर सर। वे सभी अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गज हैं, और मुझे लगता है कि उनके साथ टेनिस देखना एक शानदार अनुभव होगा। उन्हें खेलों के बारे में बहुत जानकारी है, और मैच देखते समय उनके विचार और विश्लेषण सुनना मुझे बहुत अच्छा लगेगा।”