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UNSC अभियान और EU बैठक पर फोकस, जयशंकर का विदेश दौरा शुरू

नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस. जयशंकर 5 से 15 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, न्यूयॉर्क और ब्रुसेल्स का दौरा करेंगे। MEA ने उनके शेड्यूल की जानकारी दी है। इसके अनुसार, विदेश मंत्री 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की यात्रा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य मकसद इन चार देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। इसके बाद, विदेश मंत्री 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के 2028-29 कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। फिर वे 14-15 जुलाई को ब्रुसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में शामिल होंगे। यूरोपीय संघ और बेल्जियम में समकक्षों से बातचीत करेंगे। जान लीजिए जयशंकर का पूरा शेड्यूल     विदेश मंत्रालय ने बताया कि मंत्री एस. जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।     इन देशों की यात्रा के दौरान, वे अपने समकक्षों और वहां के नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।     यात्रा का फोकस इन चार देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर होगा और साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रमों और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिलेगा।     इसके बाद, विदेश मंत्री 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के 2028-29 कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे।     फिर वे 14-15 जुलाई को ब्रुसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में शामिल होंगे और यूरोपीय संघ और बेल्जियम में समकक्षों से बातचीत करेंगे। पीयूष गोयल भी जाएंगे ब्रुसेल्स केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) बैठक में हिस्सा लेने के लिए ब्रुसेल्स जाएंगे। यह बैठक हाल ही में संपन्न हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को और मजबूत करेगी और इसके कार्यान्वयन में मदद करेगी। हम सभी यूरोपीय आयोग के साथ बैठक के लिए जा रहे: पीयूष गोयल 17वें 'टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो' के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि हम सभी यूरोपीय आयोग के साथ बैठक के लिए जा रहे हैं। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि हमारी कोशिश है कि यह उस मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का पूरक बने जिसे हमने अंतिम रूप दिया है। इससे हमें समझौते की बारीकियों को ठीक करने और भविष्य में एफटीए को लागू करने और उससे लाभ उठाने में आसानी होगी। वाणिज्य मंत्री ने यह भी कहा कि टीटीसी बातचीत से व्यापार, प्रौद्योगिकी और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही इससे एफटीए के प्रभावी कार्यान्वयन में भी मदद मिलेगी।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पिंजौर और टिक्करताल पर्यटन स्थलों के विकास पर 90 करोड़ रुपये मंजूर

चंडीगढ़. पिंजौर के ऐतिहासिक यादवेंद्र उद्यान और मोरनी हिल्स के खूबसूरत टिक्करताल को आधुनिक एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यादवेंद्र उद्यान के समीप आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भव्य वन स्टाप डेस्टिनेशन फार वेडिंग विकसित किया जाएगा। इस हाईटेक वेडिंग डेस्टिनेशन में एक कन्वेंशन सेंटर और एग्जीबिशन सेंटर समेत तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में दोनों प्रमुख पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इस पहल से न केवल हरियाणा में पर्यटन को नए पंख मिलेंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वेड इन इंडिया विजन के अनुरूप पिंजौर गार्डन के नजदीक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर आलीशान होटल का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी छत पर अत्याधुनिक हेलिपैड की सुविधा होगी। इससे देश-विदेश से आने वाले मेहमान सीधे हवाई मार्ग से यहां पहुंच सकेंगे। विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा.अमित अग्रवाल ने बताया कि विकास कार्यों के दौरान यादवेंद्र उद्यान की ऐतिहासिक और पारंपरिक विरासत को पूरी तरह संजोकर रखा जाएगा। गार्डन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक संगीतमय फव्वारे, खूबसूरत बटरफ्लाई पार्क और मनमोहक एक्वेरियम बनाया जाएगा। मोरनी के पास स्थित प्रसिद्ध टिक्करताल को एडवेंचर लवर्स की पहली पसंद बनाने के लिए वहां पहले से मौजूद सुविधाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। टिक्करताल में एडवेंचर पार्क, बोटिंग और हंटेड-हाउस समेत अन्य दर्शनीय स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे यह प्राकृतिक स्थल पर्यटकों के लिए बेहद रोमांचक, खूबसूरत और कभी न भूलने वाला सफर साबित हो सके। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल ने भी अपनी बात रखी।

अवैध पेड़ कटाई मामले में सख्ती, प्रधान पाठक सस्पेंड, अध्यक्ष-सचिव के खिलाफ FIR के निर्देश

बालोद. बालोद जिले के गुरुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़भूम परिसर में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है. स्कूल परिसर में बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के 29 हरे-भरे पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया. मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने तत्काल जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. कलेक्टर के निर्देश पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) गुरूर ने बीते 2 जुलाई को विद्यालय का आकस्मिक और विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की बात पूरी तरह सच और प्रमाणित पाई गई. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बीईओ ने 3 जुलाई को गुरुर थाना प्रभारी को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आवेदन दिया है. इसके साथ ही मुख्य आरोपी प्रधान पाठक के निलंबन की अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है. समिति ने बाकायदा बैठक कर पास किया था प्रस्ताव जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पेड़ों की इस अवैध कटाई की बाकायदा साजिश रची गई थी. इसके लिए 23 अप्रैल को शाला विकास समिति की एक बैठक हुई, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर पेड़ों को काटने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया. शाला विकास समिति के अध्यक्ष जीवन लाल उईके और सदस्य निर्मला उईके मुख्य तौर पर घटनाक्रम में शामिल रहे. प्रधान पाठक की भूमिका रही मुख्य पूरी प्रक्रिया में माध्यमिक स्तर के प्रधान पाठक और शाला विकास समिति के सचिव डोमर सिंह निषाद की मुख्य भूमिका रही, जिनकी सीधी देखरेख में सरकारी संपत्ति और पर्यावरण को यह नुकसान पहुँचाया गया. नियमानुसार पेड़ों की कटाई से पहले वन विभाग या राजस्व विभाग से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी, जो कि सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है. कड़ी कार्रवाई की तैयारी गुरूर बीईओ ललित चंद्राकर ने कहा कि मामले में नियमों का घोर उल्लंघन और पदीय कर्तव्यों का दुरुपयोग पाया गया है. थाना प्रभारी को नामजद FIR दर्ज करने के लिए पत्र दे दिया गया है. साथ ही संबंधित प्रधान पाठक डोमर सिंह निषाद एवं अन्य संलिप्त कर्मचारियों के निलंबन के लिए औपचारिक अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेजी गई है.

दतिया उपचुनाव को लेकर BJP अलर्ट, मतदान से 24 दिन पहले आज होगी बड़ी रणनीति बैठक

भोपाल. दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने रविवार को भोपाल में दिग्गज नेताओं की बड़ी बैठक प्रस्तावित की है। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश भी रविवार को भोपाल में रहेंगे। शिवप्रकाश भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ बैठक करेंगे। कांग्रेस ने बढ़ाई सक्रियता कांग्रेस भी आपसी मतभेद भुलाकर दतिया चुनाव में जुट गई है। इसे देखते हुए भाजपा उप चुनाव में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी के भोपाल जिले के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ उप चुनाव की रणनीति पर मंथन करेंगे। 30 जुलाई है मतदान बता दें कि चुनाव आयोग ने दतिया उपचुनाव की घोषणा कर दी है, यहां 30 जुलाई को मतदान है। ऐसे में चुनाव प्रचार को केवल 24 दिन शेष है। इन 24 दिनों की चुनावी रणनीति तय कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जाएगी। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार 2 जुलाई को बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया जाएगा। यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। आर्थिक अनियमितता से जुड़े मामले में सजा राजेंद्र भारती को आर्थिक अनियमितता से जुड़े एक मामले में अदालत ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी। उन्होंने इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी है, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची के आधार पर उपचुनाव कराया जाएगा। उपचुनाव कार्यक्रम – 6 जुलाई – अधिसूचना जारी, नामांकन प्रक्रिया शुरू – 13 जुलाई – नामांकन की अंतिम तिथि – 14 जुलाई – नामांकन पत्रों की जांच – 16 जुलाई – नाम वापसी की अंतिम तिथि – 30 जुलाई – मतदान – 3 अगस्त – मतगणना गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। अब इस सीट पर होने वाला उपचुनाव प्रदेश की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

IMD पूर्वानुमान के बाद कृषि विभाग सक्रिय, धान की कम अवधि वाली किस्में अपनाने की अपील

 पटना भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई महीने में बिहार के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा और सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने किसानों के लिए विस्तृत कृषि परामर्श जारी किया है। विज्ञानियों ने कहा है कि शुरुआती मौसम में सूखे की स्थिति बनने की आशंका है, इसलिए किसानों को समय रहते फसल, जल और पोषक तत्व प्रबंधन के उपाय अपनाने चाहिए। कम अवधि वाली फसलें लगाएं परामर्श में किसानों को कम अवधि वाली एवं सूखा सहनशील धान की किस्मों जैसे स्वर्ण श्रेया, स्वर्ण उन्नत, प्रभात, तुरंता, सहभागी, राजेंद्र श्वेता, डीआरआर-46, एराइज-6129 तथा एराइज-6444 की खेती करने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा सीमित है, वहां धान के बजाय अरहर, मक्का, रागी, सोयाबीन और अन्य मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती करने की अनुशंसा की गई है। विज्ञानियों ने पर्याप्त वर्षा या सिंचाई वाले क्षेत्रों में धान की सीधी बुवाई (डायरेक्ट सीडेड राइस) अपनाने, बीज दर में 15 से 20 प्रतिशत वृद्धि करने तथा मैट-टाइप या डेपोग नर्सरी तैयार करने की सलाह दी है। सामुदायिक नर्सरी विकसित करने की सलाह साथ ही पानी की उपलब्धता के अनुसार, चरणबद्ध रोपाई के लिए सामुदायिक नर्सरी विकसित करने, बीजों की प्राइमिंग करने तथा बुवाई से पहले फफूंदनाशी और जैव उर्वरकों से बीज उपचार करने पर जोर दिया गया है। जिन किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है, उन्हें रोपाई से पहले लेजर लैंड लेवलर से खेत समतल करने की सलाह दी गई है। जल प्रबंधन के तहत खेतों में लगातार पानी भरकर रखने के बजाय वैकल्पिक गीला एवं सूखा (एडब्ल्यूडी) सिंचाई पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है। सिंचाई तभी करने को कहा गया है, जब मिट्टी में हल्की दरारें दिखाई दें या जलस्तर सतह से 15 सेंटीमीटर नीचे चला जाए। खेत की मेड़ों की मरम्मत और ऊंचाई बढ़ाकर वर्षा जल के संरक्षण पर भी विशेष बल दिया गया है। किश्तों में डालें उर्वरक पोषक तत्व प्रबंधन के लिए नाइट्रोजन उर्वरक को एक साथ देने के बजाय तीन से चार किश्तों में प्रयोग करने, नीम लेपित यूरिया का उपयोग करने तथा सूखी मिट्टी में यूरिया नहीं डालने की सलाह दी गई है। सूखे की स्थिति में फसल को बचाने के लिए दो प्रतिशत यूरिया अथवा एनपीके घोल का पर्णीय छिड़काव करने की भी अनुशंसा की गई है। खरपतवार नियंत्रण के लिए अंकुरण-पूर्व पेंडीमेथालिन या प्रेटिलाक्लोर तथा बाद की अवस्था में बिस्पायरीबैक-सोडियम के प्रयोग की सलाह दी गई है। जहां संभव हो, वहां कोनो-वीडर से यांत्रिक निराई तथा फसल अवशेषों से मल्चिंग कर मिट्टी की नमी बनाए रखने की भी सिफारिश की गई है।  

होर्मुज जलमार्ग पर टोल व्यवस्था की योजना, ईरान ने अमेरिका को दिया नया संकेत

नई दिल्ली पश्चिम एशिया की जंग के बाद अब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर टैक्स लगाने की कवायद तेज कर दी है। चीन में ईरानी राजदूत ने शनिवार को बताया कि तेहरान होर्मुज पर सर्विस टैक्स लगाने की योजना बना रहा है, जल्दी ही इसे लागू किया जाएगा। इसके अलावा अमेरिका के खिलाफ युद्ध के दौरान ईरान का साथ देने और समर्थन करने वाले देशों के साथ इस प्रक्रिया में खास व्यवहार किया जाएगा। बता दें, 28 फरवरी को हुए हमले के बाद से ईरान की तरफ लगातार होर्मुज पर टैक्स लगाने की मांग उठ रही है। हालांकि, अमेरिका ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। बीजिंग में वर्ल्ड पीस फोरम में ईरान का पक्ष रखते हुए राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजली ने कहा कि अब होर्मुज फ्री नहीं रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अब ओमान के साथ मिलकर इस जलमार्ग के ट्रैफिक को कंट्रोल करने की योजना बना रहा है। फजली ने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट ईरान के जल क्षेत्र में आता है। तो निश्चित तौर पर हम इस पर सर्विस फीस लेंगे।" हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सर्विस टैक्स को टोल की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। 'मित्र देशों को देंगे राहत'- ईरान ईरानी राजदूत ने कहा कि इस सर्विस टैक्स का उपयोग जहाजों की निगरानी करने, समुद्री ट्रैफिक से होने वाले पर्यावरणीय असर से निपटने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि जिन देशों ने युद्ध के दौरान ईरान का साथ दिया था। उन्हें इससे राहत मिलेगी। ईरानी राजदूत की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आए हैं, जब अमेरिका और ईरान का शांति समझौता लगातार नाजुक डोर पर टिका हुआ है। ट्रंप प्रशासन का साफ कहना है कि होर्मुज जैसा युद्ध के बाद चलता था, वैसा ही चलता रहेगा। इस पर किसी तरह का कोई टैक्स या सर्विस फीस नहीं लगेगी। होर्मुज स्ट्रेट की वर्तमान स्थिति क्या? 28 फरवरी को शुरु हुए युद्ध के पहले होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला हुआ था। ईरान भी इस पर किसी तरह के टैक्स की बात नहीं करता था। लेकिन अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया और पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझने लगी। इसके बाद ईरान में होर्मुज पर टैक्स लगाने की चर्चा तेज हो गई। हाल ही में हुए अमेरिका और ईरान शांति समझौते में 60 दिनों तक होर्मुज को युद्ध पूर्व स्थिति में खोले रखने पर सहमति बनी है। लेकिन 60 दिनों के बाद क्या स्थिति होगी। इस पर अभी कोई बयान सामने नहीं आया है। अमेरिका की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि होर्मुज पर किसी भी तरह का टैक्स मान्य नहीं होगा। लेकिन सवाल यही है कि क्या तेहरान वाशिंगटन की बात मानेगा? क्योंकि अब उसका दशकों पुराना अमेरिकी हमले का डर खत्म हो चुका है। दूसरी बात, इस युद्ध के दौरान उसे होर्मुज की जमीनी हकीकत का पता चल गया है कि यहां पर एक ड्रोन हमला भी तेल की कीमतों को बढ़ा सकता है। ऐसे में संभव है कि ईरान जल्दी ही इन्हीं हमलों और अन्य परेशानियों से बचाने के लिए होर्मुज सर्विस फीस लागू कर दे। अगर यह फीस लागू होती है, तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ी हार साबित हो सकती है।

भारत का पासपोर्ट 26 देशों में वीजा-फ्री एंट्री के साथ भी रैंकिंग में गिरावट

नई दिल्ली ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत पिछले साल के मुकाबले एक पायदान फिसलकर 125वें स्थान पर पहुंच गया है। ग्लोबल सिटिजन स़ल्यूशन (GCS) की ओर से जारी पांचवीं एनुअल रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत से पहले नामीबिया 124वें स्थान पर है। वहीं अजरबैजान 126वें स्थान पर है। ज्यादातर पासपोर्ट रैंकिंग वीजा फ्री ट्रैवल के आधार पर तय की जाती है। लेकिन ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में पासपोर्ट की मजबूती ग्लोबल मोबिलिटी, निवेश की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर तय की जाती है 2021 के मुकाबले 2 स्थानों का सुधार इस रैंकिंग में कुल 197 देशों में भारत 125वें स्थान पर है। पिछले सा भारत 124वें स्थान पर था। वहीं 2021 में यह 127वें रैंक पर था। ऐसे में अगर 2021 से अब तक के रिकॉर्ड पर गौर करें तो भारत की स्थिति में दो पायदान का सुधार हुआ है। इसके अलावा भारत का कंपोजिट स्कोर भी 45.1 पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत 26 देशों को लोगों को वीजा फ्री एंट्री देता है। इनमें भूटान, जमायका, मकाओ, नेपाल, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया और अंगोला शामिल हैं। वहीं भारत के लोगों को अब भी 88 देशों में वीजा की जरूरत पड़ती है। इनमें अमेरिका, यूके, जर्मनी, फ्रांस, चीन और यूएई भी शामिल हैं। बता दें कि ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग के लिए मुख्यतः तीन पैमानों पर काम करता है। एक है एनहैंस्ड मोबिलिटी (50 फीसदी), निवेश (25 पर्सेंट) और क्वालिटी ऑफ लिविंग (25 पर्सेंट)। कौन सा देश टॉप पर, देखिए लिस्ट ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में सबसे टॉप पर स्वीडन है। इसके बाद स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड्स, डेनमार्क, आयरलैंड, यूके, ऩर्वे और सिंगापुर का स्थान है। किस स्थान पर हैं भारत के पड़ोसी भारत के पड़ोसी देश चीन इस रैंकिंग में 104वें स्थान पर है। वहीं बांग्लादेश 166, नेपाल 164 और पाकिस्तान 188वें स्थान पर है। पाकिस्तान का नाम सबसे निचले पायदान वाले देशों में शामिल है। टॉप 10 से बाहर अमेरिका ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में अमेरिका टॉप 10 से बाहर है। इसमें टॉप की रैंकिंग में ज्यादातर यूरोपीय देश हैं। अमेरिका और फ्रांस दोनों ही 11वें स्थान पर है। कनाडा इस रैंकिंग में 13वें स्थान पर है। दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट के मामले में सोमालिया, दक्षिण सूडान, यमन और सीरिया हैं। इसके अलावा इरिट्रिया 193वें स्थान पर और सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक 189वें स्थान पर है। क्यों कमजोर हो गया भारत का पासपोर्ट भारत का पासपोर्ट कमजोर होने के पीछे मोबिलिटी स्कोर बताया जा रहा है। 2021 के 18 से सुधरकर यह 2026 में 23 हो गया है। वहीं दूसरे देसों का ट्रैवल ऐक्सेस तेजी से बढ़ा है। ऐसे में ओवरऑल रैंकिंग के मामले में भारत का नुकसान हुआ है। टॉप 10 देशों में एशिया का एक ही देश है और वह है सिंगापुर। मोबिलिटी और इन्वेस्टमेंट के मामले में सिंगापुर का पासपोर्ट काफी आगे है।

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने-सामने, महिला टी20 वर्ल्ड कप फाइनल आज रात 8 बजे

लंदन महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले का मंच पूरी तरह सज चुका है। आज यानी कि रविवार, 5 जुलाई को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर मेजबान इंग्लैंड और मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के बीच खिताबी जंग होने जा रही है। इस पूरे टूर्नामेंट में दोनों ही टीमों ने बेहद कमाल का प्रदर्शन किया है और अब दोनों की नजरें विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी को अपने नाम करने पर टिकी हैं। इंग्लैंड के पास होम ग्राउंड का फायदा है, वहीं ऑस्ट्रेलिया के पार कई वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का अनुभव। कितने बजे से खेला जाएगा मुकाबला यह महामुकाबला भारतीय समयानुसार रात को 8:00 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस खेल शुरू होने से आधा घंटा पहले यानी शाम को 7:30 बजे किया जाएगा। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर फैंस को एक बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिलने वाली है। फैंस इस मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सेमीफाइनल का सफर, दोनों टीमों ने दिखाया था दम इस मेगा फाइनल में पहुंचने के लिए दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में एकतरफा जीत दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट के बड़े अंतर से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। दूसरी तरफ, मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलते हुए 40 रनों की शानदार जीत दर्ज की और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी भिड़ंत तय की। भारत में कहां देख सकेंगे फाइनल मैच भारतीय क्रिकेट फैंस इस हाई-वोल्टेज फाइनल मैच का लाइव लुत्फ टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उठा सकते हैं। अगर आप टीवी पर इस मुकाबले को देखना चाहते हैं, तो इसका सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर उपलब्ध होगा। वहीं, मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देखने वाले फैंस के लिए इस फाइनल मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और उसकी वेबसाइट पर की जाएगी। इस मुकाबले को आप अलग-अलग भाषा में देख सकते हैं।  

वड़िंग को मिला नेताओं का खुला समर्थन, पंजाब कांग्रेस में चन्नी गुट से सुलह के संकेत

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से विधानसभा चुनाव समिति की सूची को लेकर शुरू हुआ अंदरूनी घमासान अब शांत कराने की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस हाईकमान पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में कई वरिष्ठ नेता सक्रिय नजर आए हैं। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राणा केपी. सिंह, शमशेर सिंह  धूलो सहित कई नेताओं ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात कर उन्हें दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दोनों ही अपने-अपने समर्थकों के साथ लगातार आंतरिक बैठकें कर रहे हैं। दरअसल, विधानसभा चुनाव समिति की सूची जारी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद पार्टी में गुटबाजी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ नेताओं को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पंजाब प्रभारी जल्द करेंगे पंजाब दौरा सूत्रों का कहना है कि पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल अगले एक-दो दिनों में पंजाब पहुंच सकते हैं। इस दौरान वे संगठन के नेताओं के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे और विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वहीं, 7 जुलाई के बाद राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने पर पंजाब कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाकर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल विधानसभा चुनाव समिति की सूची में बड़े बदलाव की संभावना कम है और पार्टी नेतृत्व विवाद को बढ़ाने के बजाय उसे शांत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। वडिंग ने दिया संयम व एकजुटता का संदेश इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी नेताओं को संयम और एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि "छोटी-छोटी बातों पर नेताओं को रूठना नहीं चाहिए। सभी को कांग्रेस हाईकमान के फैसलों का सम्मान करना चाहिए। अगर हम सब एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इस मामले को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है।कांग्रेस के सभी नेता एक परिवार के सदस्य हैं और पार्टी की मजबूती ही सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।" राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान किसी भी तरह के सार्वजनिक विवाद को समाप्त कर संगठन को एकजुट रखने की कोशिश में जुटा है। आने वाले दिनों में भूपेश बघेल की पंजाब यात्रा और राहुल गांधी की वापसी के बाद होने वाली बैठकों को इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

बेडरूम में टीवी लगाना कितना सही? जानिए वास्तु के अनुसार इसके असर

आज के आधुनिक दौर में बेडरूम में टेलीविजन (TV) लगाना एक आम लाइफस्टाइल बन चुका है. लोग सोने से पहले पसंदीदा शो या फिल्में देखना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनजाने में की गई यह एक गलती आपके हंसते-खेलते परिवार को भारी मुसीबत में डाल सकती है? वास्तु शास्त्र में बेडरूम को केवल सोने का कमरा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और वैवाहिक सुख का सबसे बड़ा केंद्र माना गया है. आइए जानते हैं कि बेडरूम में लगा TV कैसे चुपके से आपकी सेहत, रिश्ते और सुख-चैन को दीमक की तरह चाट रहा है. 1.  अदृश्य दर्पण का असर (The Mirror Effect) वास्तु विज्ञान में बेडरूम के अंदर शीशा या रिफ्लेक्टिव सतह लगाने को लेकर बेहद कड़े नियम हैं. अंगों में बीमारी: जब आप रात को टीवी बंद करते हैं, तो उसकी काली और चमकदार स्क्रीन एक 'अदृश्य आईने' की तरह काम करती है. वास्तु के अनुसार, सोते समय यदि शरीर का कोई भी हिस्सा बंद टीवी की स्क्रीन में प्रतिबिंबित (रिफ्लेक्ट) होता है, तो उस हिस्से में गंभीर और पुरानी बीमारियां पनपने का खतरा बढ़ जाता है. रिश्तों में दरार: यदि यह टीवी आपके बेड के ठीक सामने लगा है, तो यह पति-पत्नी के बीच तीसरे व्यक्ति (गलतफहमियों) के आने का संकेत देता है. इससे दांपत्य जीवन में बेवजह का कलह, अविश्वास और नकारात्मकता पैर पसारने लगती है. 2. यिन और यांग ऊर्जा का असंतुलन (Energy Clash) वास्तु और चीनी फेंगशुई के अनुसार, बेडरूम एक शांत क्षेत्र है, जहां विश्राम और शांति की ऊर्जा (Yin Energy) की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. इसके विपरीत, टीवी एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो लगातार गतिशील, आक्रामक और सक्रिय ऊर्जा (Yang Energy) का निर्माण करता है. जब बेडरूम में यह भारी ऊर्जा फैलती है, तो कमरे का वातावरण अशांत हो जाता है. यही कारण है कि बेडरूम में टीवी होने पर रात को गहरी नींद नहीं आती, विचारों में उथल-पुथल मची रहती है और सुबह उठते ही इंसान मानसिक तनाव महसूस करता है. मजबूरी हो तो किस दिशा में लगाएं TV? (Vastu Direction for TV) यदि आपके घर में जगह की कमी है और बेडरूम में ही टीवी लगाना आपकी मजबूरी है, तो वास्तु शास्त्र के इन दिशा-निर्देशों का पालन करके आप इसके अशुभ प्रभाव को 90% तक कम कर सकते हैं: आग्नेय कोण (South-East Direction) है बेस्ट: बेडरूम के दक्षिण-पूर्व कोने को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है. चूंकि यह दिशा अग्नि तत्व (Fire Element) की है, इसलिए यहाँ टीवी रखने से कमरे की मुख्य शांति और सकारात्मक ऊर्जा भंग नहीं होती. वायव्य कोण (North-West Direction) दूसरा विकल्प: यदि दक्षिण-पूर्व में जगह न हो, तो आप उत्तर-पश्चिम दिशा की दीवार पर टीवी इंस्टॉल करवा सकते हैं. भूलकर भी इन दिशाओं में न लगाएं: बेडरूम की उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा में कभी भी टीवी न लगाएं. ये दिशाएं हल्की, खुली और कुबेर व इंद्र देव की मानी जाती हैं. यहाँ भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान रखने से धन की हानि और स्वास्थ्य में गिरावट आने लगती है. टीवी से पैदा होने वाले वास्तु दोष को दूर करने के 4 अचूक उपाय अगर आपके बेडरूम में भी टीवी लगा है और आप उसे हटा नहीं सकते, तो आज ही से ये 4 चमत्कारी उपाय अपनाएं: कपड़े से ढक कर सोएं (सबसे असरदार उपाय): यह सबसे सरल और अचूक उपाय है. जब भी आप टीवी बंद करें या रात को सोने जाएं, तो टीवी की स्क्रीन को एक साफ, हल्के रंग के (जैसे हल्के पीले या गुलाबी) सूती कपड़े या कवर से ढक दें. ऐसा करने से 'मिरर इफेक्ट' का वास्तु दोष तुरंत खत्म हो जाता है. पलंग की सीध से हटाएं: कोशिश करें कि टीवी की स्थिति बेड के बिल्कुल सामने (Direct Opposite) न हो. इसे बेड की सीध से थोड़ा हटाकर साइड की दीवार पर लगाएं ताकि सोते समय आपका रिफ्लेक्शन उसमें न पड़े. तारों का जाल और राहु-केतु का दोष: टीवी के आसपास तारों का गुच्छा या इलेक्ट्रॉनिक कचरा इकट्ठा न होने दें. वास्तु में उलझी हुई तारें और कबाड़ राहु-केतु के दोष को सीधे निमंत्रण देते हैं, जिससे रात में डरावने सपने आ सकते हैं और घर में अचानक आर्थिक संकट आ सकता है. दीवारों पर सुखदायक रंगों का जादू: बेडरूम की दीवारों पर हमेशा हल्के और वास्तु के अनुकूल रंगों (जैसे ऑफ-व्हाइट, क्रीम या लाइट पिंक) का ही उपयोग करें. ये रंग टीवी से निकलने वाली भारी और कृत्रिम ऊर्जा को सोखकर वातावरण को संतुलित रखते हैं.