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कलियासोत नदी के मुहाने पर धंसी जमीन, कारें दबीं और पेड़ गिरे; मौके पर पहुंचा प्रशासन

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीन धंस रही है। कलियासोत नदी के मुहाने पर जमीन धंस गई जिससे कई कारें दब गईं। भारी बारिश के चलते यह घटना घटी। जमीन धंसने से आसपास के इलाके में दहशत पसर गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जमीन में दबी कारों को देर रात क्रेन से निकाला गया। कलियासोत नदी के मुहाने पर जमीन धंसने से 8 मंजिला इमारत आम्रवेली की नींव पर खतरा उत्पन्न होने की बात कही जा रही है। पता चला है कि आसपास की इमारतों की नींव भी कमजोर हो गई है। भोपाल के बाहरी इलाके में देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब यहां जमीन धंसने लगी। इससे आसपास के कई क्षेत्र में कई पेड़ गिर गए, रोड फट गईं। जमीन धंसने से रहवासियों की कारें दब गईं। मामले की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई। जमीन धंसने की सूचना मिलते ही अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जमीन में दबी कारों को क्रेन से निकालने का काम शुरु किया गया। कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों व अमले की भी भरपूर मदद की। जमीन धंसने के इस मामले में 8 मंजिला इमारत आम्रवेली की नींव भी हिल गई है। सलैया इलाके में मौजूद यह प्रोजेक्ट कलियासोत नदी के बेहद नजदीक बना हुआ है। जमीन धंसने से आसपास की अन्य इमारतों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही है। घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। सबसे बड़ी चिंता 8 मंजिला आम्रवेली बिल्डिंग की नींव को लेकर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जमीन धंसने का असर आसपास की इमारतों की नींव पर भी पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मौके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जमीन धंसने की वास्तविक वजह और इमारतों की सुरक्षा को लेकर तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। देर रात शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के अधिकारी देर रात अपना अमला लेकर मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से जमीन में धंसी कारों को बाहर निकालने का अभियान चलाया गया। कारों को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। इमारतों में रह रहे लोगों पर मंडराया खतरा इलाके में लगातार और तेज बारिश हो रही है। इसके बीच जमीन धंसने की घटना ने इलाके में रह रहे लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन धंसने से इमारतों की नींव को नुकसान पहुंचने की आशंका है जिससे इनमें रह रहे लोगों को खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोग अब दहशत के साए में रह रहे हैं। यदि तेज बारिश का दौर जारी रहा तो जमीन और धंसने की आशंका है। फिलहाल जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। जमीन धंसने की वजह जानने की कोेशिश की जा रही है।

नेपाल बाढ़ में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बना WhatsApp ग्रुप, एक्सपर्ट दे रहे बचावकर्मियों को गाइडेंस

पाल में बाढ़ की तबाही के बाद अभी भी रेस्क्यू का काम जारी है. प्रसाशन की कोशिश है कि मलबे के पीछे जिंदा बचे हर एक शख्स की जान बचानी है. जान बचाने में अब वॉट्सऐप भी अहम भूमिका अदा कर रहा है. दरअसल, एक WhatsApp ग्रुप में जुड़े एक्सपर्ट की टीम नेपाल की एक घाटी में रेस्क्यू टीम को गाइड कर रही है. करीब एक सप्ताह से पहले आई भीषण बाढ़ की वजह से तबाह हुए हाइड्रोपावर प्लांट्स की सुरंगों में किसी के जिंदा होने की उम्मीद है और बचावकर्मी उनकी तलाश में जुटे हैं.  ये जानकारी रॉयटर्स की रिपोर्ट से मिली है. दरअसल, इंजीनियरों ने 26 अगस्त नेपाल की त्रिशूली घाटी में पानी, मिट्टी और चट्टानों का सैलाब आने से पहले एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था. अब आपदा के बाद से यह ग्रुप हेलीकॉप्टरों और भारी मशीनरी के साथ मिलकर लोगों को बचाने की कोशिश में एक अहम टूल बन चुका है. हाइड्रो पावर प्लांट्स में लापता अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि छह हाइड्रो पावर प्लांट्स से करीब 900 लोग लापता हैं, जिनमें कुछ लोग बच गए होंगे. कम से कम तीन प्लांट निर्माणाधीन थे, ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि वहां काम करने वाले लोग सुरंगों में चल गए होंगे और खुद की जान बचाई होगी. दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला, दूसरों की तलाश जारी इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पहली सफलता बीते शुक्रवार को मिली है. शुक्रवार को आपदा का 9वां दिन था और अपर त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्लांट से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला जा चुका है. उनमें से एक ने बताया कि सुरंग में और भी लोग जिंदा हो सकते हैं. 22 लाख टन मिट्टी और मलबा आया कई सुरंगों के एंट्री तक पहुंचना अभी भी काफी मुश्किल हो रहा हैं. इन सुरंगों को पानी के बाहव के लिए बनाया गाया था. बाढ़ अपने साथ घाटी में करीब 22 लाख टन मिट्टी और मलबा बहाकर ले आई, जिससे सुरंगों के रास्ते भी पूरी तरह से बंद हो चुके हैं. वॉट्सऐप ग्रुप से रेस्क्यू टीम को गाइडलाइंस अब वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए रेस्क्यू टीम को आगे का रास्ता दिखाया जा रहा है, सुरंगा का रास्ता और दूरी आदि के बारे में बताया जा रहा है. ऐसे में WhatsApp सिर्फ नॉर्मल चैटिंग और दोस्तों के साथ ग्रुप आदि बनाने तक सीमित नहीं है, इसकी मदद से रेस्क्यू के काम को भी अंजाम दिया जा सकता है.

कौशल विकास से युवाओं को मिलेगी नई दिशा, केदार कश्यप बोले- हुनरमंद युवा बनाएंगे स्वर्णिम भविष्य

हुनरमंद युवा ही गढ़ेंगे स्वर्णिम भविष्य, कौशल विकास से निखरेगी नई पीढ़ी -वन मंत्री केदार कश्यप ​जिज्ञासा से हुनर तक, युवाओं के कौशल विकास से ही संभव है प्रगति -विश्व विजय सिंह तोमर विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प से जुड़ेगा युवा, नारायणपुर में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन ​मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों व मलखंभ विजेताओं को खेल एवं शिक्षा सम्मान से नवाजा गया ​रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश के युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से नारायणपुर स्थित ए.जी. ऑडिटोरियम में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 16 से 24 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय- राज्य स्तरीय खिलाड़ियों, दिव्यांगजनों, कौशल विकास प्रशिक्षणार्थियों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली युवाओं की व्यापक सहभागिता रही। युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका        छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ गठन के इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश की युवा शक्ति ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को साकार करेगी। बस्तर क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और कौशल विकास से जुड़ रहे युवाओं की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रगति की नई दिशा तय कर रही है। राज्य सरकार युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए हर संभव अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।        ​ ​हुनर और जिज्ञासा से बनेगी युवाओं की पहचान- तोमर      ​राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है; युवाओं को अपने हुनर, कौशल, जिज्ञासा और रचनात्मकता को लगातार विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और मंच देना ही श्युवा उड़ानश् का मुख्य ध्येय है, जिससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित हो सके। उन्होंने पंजीयन के लिए युवा आयोग की वेबसाइट और क्यूआर कोड/गूगल फॉर्म की जानकारी भी साझा की। ​विशेषज्ञों ने साझा किए राष्ट्र निर्माण के मंत्र        ​कार्यक्रम के बौद्धिक सत्रों में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।​ युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति पर केंद्रित डॉ. मीनाक्षी ठाकुर ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला।​ डॉ. विश्वजीत ने विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय विषय के संवैधानिक व व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया तथा एक देश-एक चुनाव की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसी तरह डॉ. सतीश पाण्डेय ने प्रेरक कहानियों के माध्यम से सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की ललक बनाए रखने का आह्वान किया। ​प्रतिभावान विद्यार्थियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों का किया गया सम्मान      ​शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ​शिक्षा क्षेत्र में कक्षा 10वीं में 94.33 प्रतिशत अंक लाकर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा भाविका देवांगन तथा 94ः अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कोविता कोर्राम को सम्मानित किया गया। ​खेल क्षेत्र में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के मलखंभ विजेता संताय पोटाई व मोनिका पोटाई, खेलो इंडिया फुटबॉल उपविजेता शशिकांत कुमेटी व मनीष कोवाची; ऑल इंडिया खो-खो क्वालीफायर अमृता गोटा, नेशनल स्कूल गेम्स खो-खो विजेता शामुएल कल्लो व किशोर कावड़ो तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या कांगे को खेल पुरस्कार से नवाजा गया।      ​इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और युवा उपस्थित रहे।

‘डिजिटल वोटिंग’ के नाम पर ठगी से बचें, राजस्थान पुलिस ने जारी किया साइबर अलर्ट

जयपुर चुनावी माहौल में राजस्थान पुलिस ने आमजन को सतर्क रहने की महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। राजस्थान पुलिस ने आधिकारिक हैंडल के जरिए आमजन को ने चेतावनी दी है कि ‘डिजिटल वोटिंग’, ‘वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने’ या ‘पार्टी सदस्यता’ के नाम पर फर्जी लिंक, डीपफेक वीडियो और भ्रामक संदेशों का इस्तेमाल कर साइबर अपराधी लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। साइबर फ्रॉड, जिसमें AI की अहम भूमिका यह साफ तौर पर साइबर फ्रॉड है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, खासकर डीपफेक तकनीक के जरिए। डिजिटल वोटिंग और फर्जी लिंक का खतरा चुनाव के दौरान अपराधी WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज भेजते हैं जिनमें कहा जाता है कि “अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक करें”, “डिजिटल वोटिंग के लिए यहां क्लिक करें” या “पार्टी सदस्यता के लिए लिंक पर जाएं”। ये लिंक फर्जी होते हैं। जैसे ही व्यक्ति उस पर क्लिक करता है, उसका फोन मालवेयर से संक्रमित हो सकता है या फिशिंग पेज खुल जाता है जहां OTP, बैंक डिटेल्स या आधार नंबर मांगे जाते हैं। कई बार ये लिंक असली सरकारी वेबसाइट जैसे लगते हैं, लेकिन असल में डेटा चोरी का जाल होते हैं। राजस्थान पुलिस ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। डीपफेक वीडियो और AI की भूमिका यहां AI का रोल सबसे खतरनाक है। साइबर अपराधी डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर नेताओं, अधिकारियों या मशहूर हस्तियों के नकली वीडियो बना रहे हैं। इनमें कोई नेता या अधिकारी बोलते नजर आते हैं कि “वोटर लिस्ट अपडेट करवाएं” या “इस लिंक से वोट डालें”। ये वीडियो इतने रियल लगते हैं कि आम आदमी आसानी से विश्वास कर लेता है। डीपफेक AI टूल्स से बनाए जाते हैं, जिनमें फेस स्वैप, वॉइस क्लोनिंग और लिप-सिंक तकनीक इस्तेमाल होती है। राजस्थान पुलिस की चेतावनी में साफ तौर पर डीपफेक वीडियो का जिक्र है, जो बताता है कि यह सिर्फ सामान्य साइबर फ्रॉड नहीं, बल्कि AI-सक्षम आधुनिक ठगी है। पहले भी पुलिस ने अमिताभ बच्चन जैसे सेलिब्रिटीज के फर्जी वीडियो से इन्वेस्टमेंट स्कैम के मामले में अलर्ट जारी किया था। पुलिस ने तीन मुख्य सावधानियां बताई हैं     किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।     अपना OTP, बैंक PIN या कोई भी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।     सोशल मीडिया पर फैल रही फेक न्यूज की सत्यता जांचे बिना उसे शेयर न करें। ठगी होने पर यहां संपर्क करें अगर फिर भी कोई ठगी हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9256001930, 9257510100 या 1930 पर कॉल करें। राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप ही विश्वसनीय स्रोत हैं। किसी भी जानकारी के लिए उन्हीं पर निर्भर रहें। राजस्थान पुलिस का यह अलर्ट समय की मांग है। AI ने अपराधियों को और ताकतवर बना दिया है चुनावी मौसम में फेक न्यूज और साइबर ठगी दोनों बढ़ जाती हैं। AI तकनीक ने अपराधियों को और ताकतवर बना दिया है, लेकिन जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। नागरिकों से अपील है कि सतर्क रहें, परिवार और दोस्तों को भी बताएं। याद रखें – कोई भी सरकारी एजेंसी OTP या बैंक डिटेल्स नहीं मांगती। थोड़ी सी सावधानी से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर त्वरित एक्शन, अवैध रेत-गिट्टी परिवहन में 8 ट्रैक्टर जब्त

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत-गिट्टी परिवहन में 8 ट्रैक्टर जब्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन की सतत निगरानी जब्त वाहनों पर खनिज अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई रायपुर,  मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 8 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन, उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में की गई है। खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं मैदानी निगरानी के दौरान इन वाहनों को अवैध रूप से खनिज परिवहन करते हुए पकड़ा। कार्रवाई के तहत ग्राम खंता से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर, रूमगा से 2, चिचगोहना से 1, कोरजा से 1 तथा लालपुर से 1 ट्रैक्टर जब्त किया गया। इसके अलावा कोटमी से गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। पुलिस थानों और चौकी में सुरक्षित रखे गए जब्त वाहन खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए वाहनों को नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। इनमें से 4 ट्रैक्टर गौरेला थाना, 3 ट्रैक्टर कोटमी चौकी तथा 1 ट्रैक्टर मरवाही थाना में सुरक्षित रखा गया है। जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा प्रकरणों की जांच एवं आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण को प्रशासन द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में खनिज विभाग द्वारा शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मैदानी स्तर पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल वाहनों को जब्त किया गया।  मैदानी अमले की सतत निगरानी से अवैध परिवहन पर शिकंजा कार्रवाई में आदित्य मानकर, सहायक खनि अधिकारी, सुजीत कंवर, खनि निरीक्षक, शिवकुमार लहरे, साहिब गनी एवं सतीश साहू, नगर सैनिक शामिल रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने खनिज नियमों का पालन करने तथा वैध दस्तावेजों के साथ ही खनिजों के परिवहन की अपील की है। शिकायत से कार्रवाई तक—प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पर जांच कर  नागरिकों द्वारा उठाए गए मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मैदानी स्तर पर लागू किया जा रहा है। अवैध खनिज परिवहन जैसे मामलों में ऐसी कार्रवाई से राजस्व संरक्षण के साथ-साथ खनिज संसाधनों के नियमानुसार उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: इंजीनियरिंग-पॉलीटेक्निक का रिजल्ट 24 घंटे में, मैट्रिक परिणाम 7 दिन में

पटना बिहार में मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है। राज्य के करीब सात लाख से अधिक शिक्षकों के प्रशिक्षण और गुणवत्ता में सुधार के लिए एक अलग से विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी ये घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मंत्री शीला कुमारी मौजूद रहीं। 24 घंटे में इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक का रिजल्ट मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में लेटलतीफी पर चिंता जताते हुए कहा कि इंजीनियरिंग व पाॅलिटेक्निक का परिणाम 24 घंटे में जारी करने की व्यवस्था खड़ी की जाएगी। यदि किसी छात्र के अंक कम आते हैं, तो उसके लिए 15 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देकर तुरंत परिणाम पाने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। परीक्षा सुधार को लेकर पटना उच्च न्यायालय के एक 'सिटिंग जज' की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से आग्रह किया कि कॉपियों के मूल्यांकन को पूरी तरह से विकेंद्रीकृत कर सेंटर वाइज रिजल्ट जारी करने की दिशा में काम किया जाए नए विश्वविद्यालय में शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य में लगभग सात लाख से अधिक शिक्षक हैं। इनकी गुणवत्ता और सहूलियत के लिए सरकार एक नया विश्वविद्यालय बनाएगी, जो विशेष रूप से शिक्षकों के प्रशिक्षण का काम करेगा। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति को भी बेहद आसान बनाया गया है। अब महिला शिक्षक यदि अपनी वर्तमान पोस्टिंग से हटना चाहती हैं, तो उन्हें बगल की पंचायत में पोस्टिंग दी जाएगी। वहीं, पुरुष शिक्षक भी अपने पंचायत या प्रखंड के बगल में तबादला ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लाखों बच्चे कोटा जाकर तैयारी कर रहे हैं या एमिटी और लवली जैसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में बाहर जाकर पढ़ रहे हैं। इस पलायन को रोकने के लिए सरकार ने बिहार में ही प्राइवेट विश्वविद्यालयों को खोलने का रास्ता साफ कर दिया है। अभी चार प्राइवेट यूनिवर्सिटी को खोलने की अनुमति दी गई है। मदरसा और वित्त रहित शिक्षकों को मिला आश्वासन मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों का लंबित वेतन इसी सितंबर में भुगतान कर दिया जाएगा। वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संस्था के आंतरिक स्रोत और सरकारी अनुदान को मिलाकर उनके लिए एक नया वेतनमान तय करने की व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य में बीपीएससी के माध्यम से 33 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया जारी है। सरकार परीक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए गूगल, माइक्रोसाफ्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों का सहयोग लेने से भी पीछे नहीं हटेगी।

लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा रायपुर का ‘लोकरंग पर्व’

लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा रायपुर का ‘लोकरंग पर्व’ 6 से 8 सितंबर तक मुक्ताकाशी मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, भरथरी-पंडवानी से लेकर पंथी, करमा, सुआ और ददरिया तक की होंगी मनमोहक प्रस्तुतियां रायपुर  छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, लोकगाथाओं और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को मंच देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘विभागीय आयोजन 2026’ के अंतर्गत तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 6, 7 एवं 8 सितंबर को रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रत्येक दिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा। लोकरंग पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध लोक विधाओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में प्रदेश की पारंपरिक लोकगाथाओं, लोकनाट्य, लोकगीत और लोकनृत्य की ऐसी रंगारंग प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी, जो छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और उसकी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करेंगी। भरथरी और पंडवानी से लेकर पंथी-करमा तक तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक विधाओं भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा और गम्मत की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनके साथ सुआ, करमा और पंथी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां भी दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकजीवन से जोड़ेंगी। वहीं बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत और संस्कार गायन जैसी लोक एवं पारंपरिक गायन शैलियों की प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को सामने लाया जाएगा। लोक कलाकारों को मिलेगा मंच, नई पीढ़ी तक पहुंचेगी विरासत ‘लोकरंग पर्व’ केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सदियों पुरानी लोक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। लोकगीतों, लोकगाथाओं और पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैलियों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं जनजातीय जीवन, सामाजिक परंपराओं और लोक आस्थाओं की झलक दर्शकों को देखने मिलेगी। आयोजन में पारंपरिक लोक विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर साकार करेंगे। लोक वाद्यों की धुन, पारंपरिक गीतों की मिठास और लोकनृत्यों की लय से मुक्ताकाशी मंच तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आएगा। मुक्ताकाशी मंच पर तीन शाम संस्कृति के नाम संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश की लोककलाओं और लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आम नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। 6 से 8 सितंबर तक शाम 7 बजे से होने वाली प्रस्तुतियों में दर्शकों को छत्तीसगढ़ की अलग-अलग लोक विधाओं का विविधतापूर्ण संगम देखने को मिलेगा। ‘लोकरंग पर्व’ के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर उभरेगी, जहां लोकगाथाओं की कथात्मकता, लोकगीतों की मिठास, नृत्यों की थिरकन और पारंपरिक वाद्यों की गूंज मिलकर प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत करेगी।

मध्यप्रदेश में 11 IAS अफसरों की नई पोस्टिंग, दिलीप कुमार को सागर संभाग की कमान; 5 को अतिरिक्त प्रभार

भोपाल मध्य प्रदेश में आज राज्य शासन ने 11 अधिकारियों के तबादले आदेश जारी किए हैं। सागर के कमिश्नर अनिल सुचारी को राज्य भंडार गृह निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। आयुक्त उद्योग दिलीप कुमार को सागर का संभागीय कमिश्नर पदस्थ किया गया है।साथ ही महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता को अब ओएसडी शहर राजस्व आयुक्त और आयुक्त भू अभिलेख की अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी सौंप गई है।सरकार ने ओएसडी शाह श्रम आयुक्त संदीप जीआर को भी बदला है और उन्हें ओएसडी सह आयुक्त महिला और बाल विकास तथा पड़े मिशन संचालक अटल बिहारी वाजपेई बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के पद पर पदस्थ किया है। 6 जिला पंचायत CEO भी बदले गए सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक अन्य तबादला आदेश में 6 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अफसर के तबादले करते हुए उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अपर मेला अधिकारी सिंहस्थ उज्जैन के पद पर पदस्थ किया है। जारी आदेश के अनुसार प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव को अब सचिव राजस्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, आयुक्त सहसंचालक पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण सतेंद्र सिंह को अब सचिव पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का जिम्मा सौंपा है। इसके अलावा राजस्व, महिला एवं बाल विकास, नगर निगम और निगम-मंडल स्तर के कई पदों पर भी बदलाव हुए हैं। नीचे पूरी सूची दी गई है। ट्रांसफर सूची (नई पदस्थापना)     आईएएस अनिल सुचारी (2006): आयुक्त, सागर संभाग, सागर से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस दिलीप कुमार (2008): आयुक्त उद्योग तथा प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार सहित) से उन्हें आयुक्त बनाया गया है। अब वे सागर संभाग, सागर में पोस्टेड होंगे।     आईएएस अनुभा श्रीवास्तव (2009): प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर (अतिरिक्त प्रभार सहित) से उन्हें सचिव बनाया गया है। अब वे राजस्व विभाग, मंत्रालय भोपाल में पोस्टेड होंगी।     आईएएस सतेन्द्र सिंह (2009): आयुक्त-सह-संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, भोपाल से उन्हें सचिव बनाया गया है। अब वे पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: सचिव-अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, आयुक्त-अनुसूचित जाति विकास, प्रबंध संचालक-अनुसूचित जाति वित्त निगम एवं आयुक्त-सह-संचालक पिछड़ा वर्ग कल्याण)     आईएएस नेहा मारव्या सिंह (2011): संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं एवं अन्य प्रभार, भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगी। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस निधि निवेदिता (2012): वि.क.अ.-सह-आयुक्त, महिला एवं बाल विकास, भोपाल से उन्हें वि.क.अ.-सह-प्रमुख राजस्व आयुक्त बनाया गया है। अब वे भोपाल में पोस्टेड होंगी। (अतिरिक्त प्रभार: आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर; समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस अनुराग वर्मा (2012): प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम एवं राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (अतिरिक्त प्रभार सहित), भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस मयंक अग्रवाल (2013): प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन, भोपाल से उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अब वे विकसित भारत-रोजगार गारंटी आजीविका मिशन (VB-GRAMG), भोपाल में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: मिशन संचालक, समग्र नर्मदा मिशन; समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस संदीप जी.आर. (2013): वि.क.अ.-सह-श्रम आयुक्त, इंदौर से उन्हें वि.क.अ.-सह-आयुक्त बनाया गया है। अब वे महिला एवं बाल विकास विभाग, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस अवि प्रसाद (2014): मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग; समकक्ष घोषित पद: उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस नेहा जैन (2018): अपर संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इंदौर से उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अब वे स्मार्ट सिटी, उज्जैन में पोस्टेड होंगी। (अतिरिक्त प्रभार: अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम उज्जैन; समकक्ष घोषित पद: उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन) अतिरिक्त प्रभार (मूल पद यथावत)     आईएएस रघुराज एम.आर. (2004): सचिव, श्रम विभाग, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     आईएएस तरुण राठी (2010): आयुक्त, आदिवासी विकास, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, MAPCET एवं आदिम जाति अनुसंधान संस्थान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     आईएएस कुमार पुरूषोत्तम (2012): अपर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें आयुक्त उद्योग एवं प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     आईएएस शीतला पटले (2014): सचिव, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर के मूल पद पर बनी रहेंगी। उन्हें श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     आईएएस अनिशा श्रीवास्तव (2021): कार्यकारी संचालक, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम, ग्वालियर के मूल पद पर बनी रहेंगी। उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्वालियर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

हरियाणा को शिक्षा में नंबर-1 बनाने का संकल्प, शिक्षक दिवस पर CM सैनी ने उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित

पंचकूला  शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को पंचकूला में राज्य शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में आना उनके लिए गौरव और सम्मान का क्षण है। उन्होंने शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह समारोह शिक्षा के प्रति शिक्षकों के समर्पण और योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है। उनके जन्मदिन को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तकनीक के दौर में शिक्षक की भूमिका और महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस दौर में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति ने शिक्षा में समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों को जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया है। अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि योग्य, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति निष्ठावान नागरिक तैयार करना है। शिक्षा बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार कर रही है। चालू वित्त वर्ष में स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए मॉडल संस्कृत विद्यालयों की संख्या बढ़ाकर 218 की गई है, जबकि प्रदेश में 251 पीएम श्री विद्यालय विकसित किए गए हैं। इसके अलावा 250 विद्यालयों को सीएम-ईईई स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 3,328 विद्यालयों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। गणित के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा गणित ओलंपियाड शुरू किया गया है। युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से कौशल बिजनेस चैलेंज शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त एक विद्यालय को स्कूल आफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सुपर-100 और बुनियाद कार्यक्रमों को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का निपुण कार्यक्रम भी देशभर में पहचान बना रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 23 देशों के प्रतिनिधि हरियाणा आकर इस कार्यक्रम को देख और समझ रहे हैं। शिक्षक स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और उनके परिवारों को संकट की घड़ी में सुरक्षा प्रदान करने के लिए वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव योजना का प्रावधान किया गया है। वहीं शिक्षक स्थानांतरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देकर विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं।

POCSO केस में FIR होते ही फरार हुआ स्वतंत्र भारद्वाज, पुलिस से बचने के लिए UP में छिपा

नई दिल्ली दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग छात्रा कार्यकर्ता के पिता पर हमला करने के आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई CJP के सह-संयोजक सौरव दास, आशुतोष रांका और समर्थकों की ओर से दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग के बाद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO Act) और SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं। "सिर फोड़ दिया था और कुछ नहीं बिगड़ा", डींगें हांकना पड़ा भारी सोशल मीडिया पर खुद को 'सनातनी योद्धा' बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज (उम्र लगभग 20 वर्ष) ने खुलेआम एक वीडियो में शेखी बघारी थी कि उसने प्रदर्शन के दौरान नाबालिग लड़की के पिता का "सिर फोड़ दिया" था और अपने 'राजनीतिक रसूख' के दम पर वह जेल जाने से बचता रहा है। पीड़िता ने बताया कि पिता पर हमले की एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसे सोशल मीडिया पर गालियां और बलात्कार की धमकियां मिल रही थीं, जिसके कारण उसका स्कूल जाना तक छूट गया था। प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने CJP प्रतिनिधियों को आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। बुलंदशहर के गांव में छिपा था आरोपी, क्राइम ब्रांच ने दबोचा पुलिस की पकड़ से बचने के लिए मूल रूप से बिहार का रहने वाला भारद्वाज शुक्रवार तड़के बुलंदशहर के नैथला गांव पहुंचा। वहां वह हरिशंकर शर्मा नाम के एक कैब ड्राइवर के घर ठहरा था, जिससे उसकी मुलाकात पहले एक सफर के दौरान हुई थी। हरिशंकर शर्मा ने बताया कि भारद्वाज सुबह अपने एक साथी के साथ उनके घर आया। दोपहर में जब गांव में मीडियाकर्मी पहुंचने लगे, तो भारद्वाज ने बाइक मांगी और 5 मिनट में लौटने की बात कहकर निकल गया। दोपहर करीब 2 बजे दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम सादे कपड़ों में पहुंची और भारद्वाज को धमेड़ा नारा गांव से हिरासत में ले लिया। केस में जुड़ीं POCSO) और SC/ST की धाराएं सिकंदराबाद के सीओ दीपक कुमार के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने स्थानीय थाने में बिना कोई अग्रिम सूचना दर्ज कराए यह त्वरित कार्रवाई की। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मूल FIR में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ दी गई हैं, जबकि नाबालिग को मिली धमकियों और उत्पीड़न के सिलसिले में पोक्सो एक्ट के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब आरोपी से हिरासत में पूछताछ कर रही है।