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उज्जैन में विकास को मिलेगी नई उड़ान, ₹25 हजार करोड़ का निवेश और 75 हजार रोजगार; बोइंग विमानों की भी एंट्री

उज्जैन  उज्जैन अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में औद्योगिक और ढांचागत विकास का एक नया हब बनकर उभर रहा है। सिंहस्थ-2028 के महाआयोजन से पहले शहर की पूरी तस्वीर बदलने की तैयारी है। वर्तमान में उज्जैन में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 129 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से 55 से 60 प्रतिशत कार्य पूरे भी हो चुके हैं। प्रशासन का फोकस सिर्फ धार्मिक स्थलों के विकास पर ही नहीं है, बल्कि विक्रम उद्योगपुरी के जरिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश भी लाया जा रहा है। इससे आने वाले समय में 75 हजार से ज्यादा नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 68 बड़ी कंपनियों का निवेश और 75 हजार नौकरियां     उज्जैन में रोजगार और निवेश के नए द्वार खुल रहे हैं। 2300 एकड़ में फैली विक्रम उद्योगपुरी में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क आकार ले रहा है। यहां देश-विदेश की 68 से ज्यादा बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं। 20 से अधिक कंपनियों ने अपनी इकाइयां स्थापित कर ली हैं और कई में उत्पादन भी शुरू हो गया है।     पेप्सिको इंडिया (1266 करोड़), अदाणी सीमेंट (1500 करोड़) और वीई कमर्शियल व्हीकल्स (580 करोड़) जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपना काम शुरू कर दिया है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। 437 एकड़ में एयरपोर्ट, बड़े विमान भी उतर सकेंगे उज्जैन को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए 437.5 एकड़ में एयरपोर्ट विकसित होगा। उज्जैन कलेक्टर रौशनकुमार सिंह के अनुसार, भूमि अधिग्रहण के लिए ₹590 करोड़ मंजूर हो चुके हैं। राज्य सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी को जमीन उपलब्ध करा चुकी है। मौजूदा करीब एक हजार मीटर लंबे रनवे को बढ़ाया जाएगा, ताकि एटीआर-72 के साथ बड़े यात्री विमान उतर सकें। जरूरत पर बोइंग विमान की लैंडिंग भी हो सकेगी। चार हेलीपैड भी तैयार किए जा रहे हैं। धार्मिक: 1125 करोड़ से संवरेंगे मंदिर, कृष्ण लोक और यूनिटी मॉल बनेगा     वर्ष 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख लोग आ रहे हैं। त्योहार, पर्व पर यह संख्या 4 से 5 लाख तक हो जाती है। आय और दान बढ़ा। अब महाकाल मंदिर के खजाने में 472 करोड़ रुपए हैं। इसी से प्रेरित होकर कृष्ण लोक बन रहा है।     धार्मिक नगरी के प्रमुख मंदिरों को टेंपल बॉन्ड स्कीम के तहत ₹1125 करोड़ से संवारा जाएगा। इसमें काल भैरव, मंगलनाथ, शनि मंदिर, 84 महादेव, अंगारेश्वर महादेव, गढ़कालिका, बगलामुखी माता, भूखी माता, सिद्धवट व सांदीपनि आश्रम शामिल हैं।     महाकाल लोक के बाद अब ₹220 करोड़ से 30 एकड़ में कृष्ण लोक और परिसर बनाया जाएगा। यहां 181 फीट ऊंची प्रतिमा लगेगी। काम 31 दिसंबर 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 3.20 हेक्टेयर में ₹300 करोड़ से यूनिटी मॉल बनाया जाएगा। आर्थिक : 68 से अधिक कंपनियों के निवेश प्रस्ताव, 75 हजार को रोजगार     2300 एकड़ की विक्रम उद्योगपुरी में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क है। 20 से ज्यादा कंपनियों ने इकाइयां लगाई हैं, 25 से ज्यादा में उत्पादन शुरू। दूसरे चरण के लिए 35 कंपनियों के प्रस्ताव आए हैं।     बड़ी कंपनियां: पेप्सिको इंडिया ₹1266 करोड़ का निवेश कर चुकी है। अदाणी सीमेंट्स ₹1500 करोड़ और वीई कमर्शियल व्हीकल्स ₹580 करोड़ का निवेश कर रही हैं। अमूल-वॉल्वो का काम शुरू हो चुका है।     मेडिसिटी-आईटी: ₹592 करोड़ से 14 मंजिला मेडिसिटी बन रही है। इसमें 550 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होगा। इंदौर-उज्जैन रोड पर ₹46 करोड़ के आईटी पार्क का 50% काम पूरा हो चुका है।     होटल-ब्रिज: रेडिसन, विवांता टाटा, हॉलिडे इन, लेमन ट्री और अनंता के होटल बन रहे हैं। शहर में 22 नए ब्रिज भी बन रहे हैं। इनमें 2 एलिवेटेड, शिप्रा पर 17 और 4 रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं। 1125 करोड़ से संवरेंगे मंदिर, आकार लेगा 'कृष्ण लोक'     'श्री महाकाल लोक' के निर्माण के बाद उज्जैन में पर्यटकों की संख्या में बंपर उछाल आया है। रोजाना 1 से 1.5 लाख और त्योहारों पर 5 लाख तक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी से प्रेरित होकर अब 30 एकड़ जमीन पर 220 करोड़ रुपये की लागत से भव्य 'कृष्ण लोक' का निर्माण किया जाएगा। यहां भगवान श्रीकृष्ण की 181 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा स्थापित होगी। साथ ही, 1125 करोड़ की 'टेंपल ब्लेंड स्कीम' के तहत काल भैरव, मंगलनाथ, शनि मंदिर, हरसिद्धि, 84 महादेव और सांदीपनि आश्रम सहित कई प्रमुख मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 300 करोड़ की लागत से यूनिटी मॉल भी बनाया जाना है। इन प्रोजेक्ट्स को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 437 एकड़ में एयरपोर्ट, उतरेंगे बोइंग विमान हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 437.5 एकड़ जमीन पर एयरपोर्ट का विकास किया जा रहा है। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के मुताबिक, इसके भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं और एयरपोर्ट अथॉरिटी को जमीन भी सौंपी जा चुकी है। वर्तमान के एक हजार मीटर लंबे रनवे को इतना बढ़ाया जाएगा कि भविष्य में एटीआर-72 के साथ ही बोइंग विमान भी आसानी से लैंड कर सकें। इसके अलावा चार नए हेलीपैड भी तैयार हो रहे हैं। मेडिसिटी, आईटी पार्क और लग्जरी होटल्स का जाल     शहर में स्वास्थ्य और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नया रूप दिया जा रहा है। 592 करोड़ रुपये से 14 मंजिला 'मेडिसिटी' बन रही है, जिसमें 550 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल होगा। वहीं, इंदौर-उज्जैन रोड पर 46 करोड़ की लागत से बन रहे आईटी पार्क का आधा काम पूरा हो चुका है।     पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए रैडिसन, विवांता टाटा, हॉलिडे इन और लेमन ट्री जैसे ब्रांडेड होटल बन रहे हैं। यातायात सुगम बनाने के लिए शहरभर में 22 नए पुलों (ओवरब्रिज और एलिवेटेड) का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है।  

सुखना चो पर 4 लेन पुल का निर्माण शुरू, एक साल तक रास्ता रहेगा बंद; जानें नया ट्रैफिक रूट

पंचकूला  चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित बापूधाम कॉलोनी-शास्त्री नगर के सुखना चो पर बने कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज बनाने के पहले चरण की बिड प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग को फिलहाल प्राप्त हुई बिड के मूल्यांकन का कार्य पूरा करना है. इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी. जबकि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी इस हाई लेवल ब्रिज के लिए लोगों को और एक साल का इंतजार करना होगा. वहीं, लोगों ने ईटीवी भारत से बातचीत में चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा कि वे बीते कई वर्षों से ऐसे आश्वासन सुनते आ रहे हैं।  नाजुक पुल से गुजरते हैं हजारों वाहन: दरअसल, रोजाना हजारों गाड़ियां इस नाजुक पुल से आवाजाही करती हैं. क्योंकि इस रास्ते से होकर चंडीगढ़ के कई नामचीन कॉन्वेंट स्कूल, गोल्फ क्लब, मुख्य पर्यटन स्थल सूखना झील, हाईकोर्ट, हरियाणा व पंजाब विधानसभा, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय, पंजाब पुलिस मुख्यालय, पीजीआई, रोज गार्डन समेत अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यालय, पर्यटन स्थल व मुख्य मार्केट हैं. यही कारण है कि इस मार्ग पर बापूधाम-शास्त्री नगर के नाजुक कॉज-वे से रोजाना हजारों वाहनों में लाखों लोग आवाजाही करते हैं. पंचकूला से लोग चंडीगढ़ में प्रवेश के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, मनीमाजरा से भी सुबह से रात तक आवाजाही बनी रहती है. इसी तरह चंडीगढ़ से मनीमाजरा और पंचकूला जाने वाले वाहन चालक भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।  जानिए लोगों ने क्या कहा:     इस पुल से रोजाना आवाजाही करने वाले मनीमाजरा निवासी जय धीमान ने बताया कि, "सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनों में होती है. जल भराव की समस्या होने से इस मार्ग पर पुल को पार करना एक चुनौती बना रहता है. कुछ समय पहले यह पुल टूट भी गया था. पुल पर जलभराव होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने को मजबूर होना पड़ता है, जिस कारण उनका सफर काफी लंबा हो जाता है. रोड छोटा होने से हादसे होते रहते हैं।      वहीं, इस मार्ग से रोजाना आवाजाही करने वाले अमित ने कहा कि, "सबसे अधिक परेशानी सूखना झील से पानी छोड़े जाने के दौरान होती है. क्योंकि पानी का तेज बहाव पुल से ओवरफ्लो होता है. इस कारण एक-एक किलोमीटर का ट्रैफिक जाम लग जाता है. लेकिन जब पानी का बहाव काफी तेज हो तो पुलिस-प्रशासन मार्ग बंद कर देता है, जिससे लोगों को काफी घूमकर जाना पड़ता है. ऐसे में कुछ मिनटों का सफर ही करीब एक घंटे का हो जाता है. क्योंकि वैकल्पिक मार्गों पर पहले ही रोजाना आवाजाही करने वाला काफी ट्रैफिक रहता है. कई बार इस मार्ग पर एम्बुलेंस और आपात स्थिति के दौरान अन्य कई वाहन फंसते हैं. बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे के पास रात के समय स्ट्रीट लाइट काम नहीं करती. ऐसे में अंधेरा होने के चलते जानलेवा हादसे होने का खतरा बना रहता है, क्योंकि इस पुल से कई बार गाड़ियां नीचे गिर चुकी हैं. इस मार्ग से आवाजाही करने वाले वाहन चालकों/यात्रियों को अपनी सुरक्षा का ध्यान खुद ही रखना पड़ता है. नतीजतन, हर कोई सँभल संभल कर पुल से निकलता है, क्योंकि मोड़ काफी घुमावदार होने लेकिन सड़क संकीर्ण होने से हादसे होने का खतरा बना रहता है।  निर्माण शुरू होने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूरी पुल का निर्माण शुरू होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। निर्माण के दौरान सड़क बंद रहने से पंचकूला, मनीमाजरा और आईटी पार्क की ओर से आने-जाने वाले वाहनों पर असर पड़ेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, हरियाणा सिविल सचिवालय, सुखना झील और चंडीगढ़ के उत्तरी सैक्टरों की ओर जाने वाले लोगों को भी वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। यूटी के मुख्य अभियंता सीबी ओझा ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस समेत संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर वैकल्पिक ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनीमाजरा-सैक्टर 26 लिंक बंद होने के बाद मध्य मार्ग पर ट्रैफिक का बड़ा दबाव आ सकता है। किशनगढ़ रोड को भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा विभाग के अनुसार किशनगढ़ से सुखना चो के किनारे जाने वाली सड़क का इस्तेमाल वैकल्पिक मार्ग के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा सैक्टर 26 से भी ट्रैफिक डायवर्ट करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि गांव से गुजरने वाली संकरी सड़क पर अतिरिक्त ट्रैफिक संभालने की क्षमता सीमित है। फिलहाल निर्माण के दौरान लागू होने वाली अंतिम ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार नहीं हुई है। ऐसे में रोजाना पंचकूला और चंडीगढ़ के बीच सफर करने वाले लोगों को अगले एक साल तक ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।     वहीं, स्थानीय निवासी अमन त्रिपाठी ने कॉज-वे के हाई लेवल ब्रिज में बदलने की बात पर मायूसी प्रकट करते कहा कि, "मैं सालों से ऐसा कुछ सुनते आ रहा हूं, लेकिन कभी कुछ नहीं हुआ. कॉज-वे पर लाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि हर साल आम लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. स्थानीय या आसपास के लोग रोजाना कई तरह की मुश्किल झेलते हैं लेकिन हरियाणा से लोगों के आने के कारण ट्रैफिक अधिक होने से परेशानी कई गुणा बढ़ जाती है. ऐसे में लोगों को दूसरे मार्गों से होकर निकलना पड़ता है, जिससे दूरी अधिक बढ़ जाती है और समय भी काफी खराब होता है. हम सालों से इस पुल को देख रहे हैं, जो तीन-चार बार टूट चुका है. लेकिन हर बार काम चलाऊ मरम्मत कर दी जाती है.यहां कई हादसे हुए और कई होते होते रह गए, अब पुल के किनारे ग्रिल लगाई गई हैं. लेकिन जब कभी सूखना झील से पानी छोड़ा जाता है तो तेज बहाव सबकुछ साथ बहाकर ले जाता है।  17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी : प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने के लिए करीब 17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया. इसके अंतर्गत प्रशासन को अलग अलग बिड प्राप्त हुई हैं, जिनके मूल्यांकन का की प्रक्रिया पूरी किया जाना शेष है. चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉज-वे पर हाई लेवल ब्रिज के निर्माण में करीब नौ महीने से एक वर्ष … Read more

RTE Admission 2027-28: छत्तीसगढ़ में पहले शुरू होगी दाखिला प्रक्रिया, 10 फरवरी तक मिलेंगे एडमिशन

रायपुर शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया में इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए आवेदन से लेकर दाखिले तक की प्रक्रिया करीब छह महीने पहले पूरी कर ली जाएगी। नए टाइम टेबल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन दिसंबर 2026 में लिए जाएंगे। साथ ही 6 माह पहले यानि 10 फरवरी 2027 तक दाखिला पूरा कर लिया जाएगा। प्रदेश में आरटीइ की 6,562 सीटें खाली पिछले सत्र में प्रवेश प्रक्रिया अगस्त तक चली थी। यह बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब सत्र 2026-27 में तीन लॉटरी के बाद भी प्रदेश में आरटीइ की 6,562 सीटें खाली रह गई हैं। जिला-वार आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आरटीइ के लिए निर्धारित 23,097 सीटों में से 16,535 पर ही बच्चों का दाखिला हुआ है। इस साल 6,851 स्कूलों के लिए 41,813 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बावजूद सभी सीटें नहीं भर सकीं। रायपुर में सबसे ज्यादा 570 सीटें खाली राजधानी रायपुर में आरटीइ की 3,201 सीटों में से 2,631 पर दाखिला हुआ है। यहां 570 सीटें अब भी खाली हैं, जो प्रदेश के सभी जिलों में सबसे ज्यादा हैं। जिले में 7,742 आवेदन आए थे। इसके बावजूद 2,539 आवेदनों में सीट आबंटन नहीं हुआ है। बिलासपुर में 2,215 में से 1,704 सीटों पर दाखिला हुआ और 511 सीटें खाली रह गईं। दुर्ग में 1,581 सीटों में 1,167 दाखिले हुए और 414 सीटें खाली हैं। दूरस्थ जिलों में भी बड़ी संख्या में सीटें खाली दंतेवाड़ा में 411 सीटों में केवल 36 बच्चों का दाखिला हुआ, जबकि 375 सीटें खाली हैं। बीजापुर में 320 में से 23 दाखिले हुए और 297 सीटें खाली रह गईं। सुकमा में 312 में से 21 बच्चों को प्रवेश मिला और 291 सीटें खाली हैं। सरगुजा में भी 638 सीटों में से 299 सीटें खाली रह गई हैं। अगले सत्र से एक ही चरण में प्रवेश सत्र 2026-27 में आवेदन 16 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक लिए गए थे। इसके बाद लाटरी अप्रैल में हुई और अलग-अलग चरणों में दाखिले की प्रक्रिया 17 अगस्त तक चली। अब सत्र 2027-28 में आवेदन 1 से 31 दिसंबर 2026 तक लिए जाएंगे। कंप्यूटर लाटरी 11-12 जनवरी 2027 को होगी। इसके बाद केवल एक चरण में प्रवेश दिया जाएगा और 10 फरवरी तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आरटीइ के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की कक्षाएं भी शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के आसपास समय पर शुरू हो सकेंगी। आरटीइ की स्थिति एक नजर में     कुल स्कूल : 6,851     कुल सीट : 23,097     कुल आवेदन : 41,813     कुल दाखिला : 16,535     तीन लॉटरी के बाद खाली सीट : 6,562     सीट आबंटन नहीं हुआ : 11,754 आवेदन     सबसे ज्यादा खाली सीट : रायपुर 570     इसके बाद : बिलासपुर 511, दुर्ग 414     सत्र 2027-28 में आवेदन : 1 से 31 दिसंबर 2026     लॉटरी : 11-12 जनवरी 2027     दाखिला पूरा करने की अंतिम तिथि : 10 फरवरी 2027  

लखनऊ में तेजी से फैल रहा H1N1, 48 घंटे में 24 संक्रमित मिले; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

लखनऊ राजधानी में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। पिछले दो दिनों में ही 24 मरीजों की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पाजिटिव आई है। शुक्रवार को 13 और शनिवार को 11 नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही लखनऊ में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है। तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि 20 रोगी अस्पतालों में भर्ती थे, जिनमें 17 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। एक पहले से भर्ती था, जबकि दो मरीज शनिवार को भर्ती कराए गए। हालांकि, तीन रोगियों की तबीयत स्थिर है। कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं। लगातार नए मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज बुखार के साथ सांस फूलना, सीने में दर्द, रक्तचाप कम होना, बेहोशी, नाखून अथवा होंठ नीले पड़ना और बलगम में खून आना गंभीर लक्षण माने जाते हैं। ऐसे मरीजों को तत्काल जांच और इलाज की जरूरत है। बच्चों में लगातार तेज बुखार, अत्यधिक सुस्ती, खाना-पीना बंद कर देना, झटके आना अथवा सांस लेने में परेशानी भी गंभीर संकेत हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सामान्य जुकाम, गले में खराश, खांसी और बुखार होने पर हर मरीज को एच1एन1 की जांच कराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मरीज चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लें, पर्याप्त आराम करें, मास्क का प्रयोग करें और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें। बिना डाक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं लेने से बचें। शनिवार को मिले 11 मरीजों में एक लोकबंधु अस्पताल और एक एसजीपीजीआइ में भर्ती है।

US Open में बड़ा उलटफेर: आगर-एलियासिम हारे, ज्वेरेव ने बचाई लाज; ओसाका और गफ भी आगे

 न्यूयॉर्क  यूएस ओपन में जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव को लगातार दूसरे मैच में कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ा। हालांकि शीर्ष वरीय ज्वेरेव ने आखिरकार फ्रांस के क्वेंटिन हैलिस को हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई। इस दिन के अन्य महत्वपूर्ण मुकाबलों में मैडिसन कीज, नाओमी ओसाका और कोको गफ ने भी संघर्ष करते हुए जीत हासिल की। वहीं बीच मैच में अस्वस्थ हुए तीसरे वरीय खिलाड़ी कनाडा के फेलिक्स आगर-एलियासिम टूर्नामेंट के उथल-पुथल भरे शुरुआती सप्ताह के एक और बड़े शिकार बने। फ्रेंच ओपन चैंपियन ज्वेरेव एक बार फिर हार के कगार से बाल-बाल बचे और हैलिस के विरुद्ध 6-4, 4-6, 7-6(3), 6-7(3), 6-3 से जीत हासिल कर अपना दूसरा बड़ा खिताब जीतने की उम्मीद बनाए रखी। ज्‍वेरेव ने क्‍या कहा उनकी फिटनेस तो ठीक है, लेकिन उनके फॉर्म पर सवाल उठ सकते हैं। जीत के बाद ज्वेरेव ने कहा कि शारीरिक रूप से मैं ठीक महसूस कर रहा हूं। हैलिस के साथ मुकाबले और शुरुआती दौर में लोरेंजो सोनेगो के विरुद्ध एक और मैराथन मैच सहित मैंने कोर्ट पर नौ घंटे से ज्यादा समय बिताया है। इसलिए मुझे गर्व है कि मैं शारीरिक रूप से काफी मजबूत हूं। उन्होंने कहा कि खराब खेल के बावजूद जीतना भी एक हुनर है, खासकर तब जब आप बहुत अच्छा टेनिस नहीं खेल रहे हों। फेलिक्स को आने लगे चक्कर पिछले साल सेमीफाइनल तक पहुंचे फेलिक्स आगर-एलियासिम ने पहला सेट तो जीत लिया, लेकिन मैच के बीच में चक्कर आने की वजह से करेन खाचानोव से 6-7(5), 6-3, 6-2, 6-2 से हार गए। मैच के बाद फेलिक्स ने कहा कि डेढ़ सेट के बाद मुझे ठीक नहीं लग रहा था, चक्कर आ रहे थे। आंखों के सामने अंधेरा छा रहा था और मैं उबर नहीं पाया। मैडिसन कीज का संघर्ष जारी अमेरिकी खिलाड़ी मैडिसन कीज ने हंगरी की अन्ना बोंडर के विरुद्ध शानदार वापसी करते हुए 5-7, 6-4, 7-6(5) से जीत हासिल की और घरेलू प्रशंसकों को खुश कर दिया। 2017 की उपविजेता कीज ने जीत हासिल करने के लिए 34 शानदार फोरहैंड विनर लगाए और मैच प्वाइंट पर बोंडर को नेट पर गलती करने पर मजबूर करने के बाद अपने प्रशंसकों को पूरा श्रेय दिया। हालांकि उनके हमवतन टेलर फ्रिट्ज ने इटली के मटिया बेलुची को आसानी से 6-0, 6-1, 6-1 से हरा दिया। जबकि पिछले साल की उपविजेता अमेरिकी खिलाड़ी अमांडा अनिसिमोवा ने आस्ट्रिया की लिली टैगर को 6-3, 3-6, 6-1 से हराया। आगे बढ़ीं ओसाका दो बार की चैंपियन नाओमी ओसाका ने कई गलतियों के बावजूद चेक गणराज्य की कैटरीना सिनियाकोवा को 6-2, 5-7, 6-1 से हराकर यूएस ओपन के तीसरे दौर में जगह बना ली। 13वीं वरीय खिलाड़ी ओसाका ने खुद को कोसने की अपनी आदत को काबू करने में कई साल बिताए हैं। आर्थर ऐश स्टेडियम में तीसरे सेट से पहले बाथरूम ब्रेक लेकर खुद को शांत करने के दौरान उन्होंने अपने करियर के प्रति नए नजरिए का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। ओसाका ने कहा कि मुझे लगता है कि मैं खुद पर कुछ ज्यादा ही सख्त हो रही थी, इसलिए मैंने बाथरूम ब्रेक लिया, खुद को संभालने की कोशिश की और कोई पछतावा नहीं रखा। अब वह बेल्जियम की एलिस मर्टेंस के विरुद्ध खेलेंगी। पूर्व चैंपियन गफ ने बडोसा को दी शिकस्त पूर्व चैंपियन कोगो गफ ने भीषण गर्मी वाली शाम में स्पेन की पाउला बडोसा को 6-4, 7-6(5) से हराया। वहीं चोट के कारण दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जानिक सिनर के बिना हो रहे इस टूर्नामेंट में इटली की सबसे बड़ी उम्मीद पांचवें वरीयता प्राप्त फ्लेवियो कोबोली ने आस्ट्रेलिया के ट्रिस्टन स्कूलकेट को 3-6, 6-3, 6-4, 7-5 से हराया। प्रमुख मुकाबलों के परिणाम     पुरुष वर्ग में आस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर डच खिलाड़ी बोटिक वैन डी जैंडशुल्प से 6-4, 7-5, 6-2 से हार गए।     पुरुष वर्ग में इटली के लोरेंजो मुसेटी आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेन स्वीनी से 3-6, 6-1, 6-2, 6-2 से हार गए।     महिला वर्ग में इगा स्वियातेक ने अर्जेंटीना की नादिया पोडोरोस्का के विरुद्ध 6-3, 6-2 से आसान जीत हासिल की।     महिला वर्ग में आस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलिना रिबाकिना ने जेसिका बौजास मानेइरो को आसानी से 6-2, 6-4 से हरा दिया।  

पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों के लिए सैनी सरकार का बड़ा फैसला, मिलेंगी नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं

चंडीगढ़  हरियाणा में पालिका रोल पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नायब सिंह सैनी सरकार ने इन कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों सफाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। सरकार के इस निर्णय के लागू होने के बाद पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सेवा 60 वर्ष की आयु तक सुरक्षित हो सकेगी। यानी कर्मचारियों को बार-बार नौकरी खत्म होने या सेवा जारी रहने को लेकर अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। 60 वर्ष की उम्र को उनकी सेवानिवृत्ति की आयु के तौर पर माना जाएगा। नियमित कर्मचारियों जैसी मिलेंगी कई सुविधाएं इस व्यवस्था के तहत पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2024 के संबंधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कई वित्तीय और सेवा संबंधी लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा। ये लाभ काफी हद तक नियमित कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं के समान होंगे। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सेवा शर्तों में सुधार आने की उम्मीद है। हजारों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा हरियाणा सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ पालिका रोल पर काम करने वाले हजारों सफाई कर्मचारियों को मिल सकता है। लंबे समय से सेवा कर रहे कर्मचारियों के लिए नौकरी की स्थिरता एक अहम मुद्दा रही है। अब उन्हें 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा मिलने से भविष्य को लेकर चिंता कम होने की उम्मीद है। सफाई कर्मचारी संगठनों के लिए अहम फैसला सरकार के इस कदम को सफाई कर्मचारी संघ और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेवा सुरक्षा के साथ वित्तीय और अन्य सेवा लाभ मिलने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फैसले को पूरी तरह लागू करने के लिए संबंधित प्रक्रिया और औपचारिकताओं को पूरा किया जाना बाकी रहेगा। सरकार का यह निर्णय पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को संविदा कर्मचारियों से जुड़े सेवा सुरक्षा प्रावधानों के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता के साथ कई अन्य सेवा लाभ भी मिल सकेंगे।

नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में रुमेश का जलवा, 89.04 मीटर थ्रो से जीता ब्रुसेल्स डायमंड लीग खिताब

नई दिल्ली 89.04 मीटर का थ्रो फेंक कर श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने ब्रुसेल्स डायमंड लीग 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। इसी के साथ वे पहले श्रीलंकाई भाला फेंक खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने ये खिताब अपने नाम किया है। पथिरागे का इस सीजन ये दूसरा बड़ा खिताब है। इससे पहले उन्होंने ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। गौरतलब हो कि भारत के भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट की वजह से इस लीग में भाग नहीं ले सके। वे जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से भी बाहर हो चुके हैं। रुमेश ने डायमंग लीग में जीत के साथ अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। रुमेश थरंगा पथिरागे का शुरुआती संघर्ष पथिरागे इस साल डायमंड लीग सर्किट पर छाए हुए थे। फाइनल में अपना पहला मौका मिलने पर उन्होंने शुरुआत में दो साधारण थ्रो किए। पहला 80.42 मीटर और दूसरा 79.73 मीटर रहा। तीसरे प्रयास में उन्होंने अपनी असली क्षमता दिखाई और 89.04 मीटर फेंककर लीड संभाल ली। यही थ्रो उनके जीत का आधार बना। पोलैंड के दाविद वेगनर ने 87.47 मीटर का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके दूसरा स्थान हासिल किया। विश्व चैंपियन केशॉर्न वॉलकॉट तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ 83.99 मीटर थ्रो किया। पूरे सीजन में छाए रहे पथिरागे यह खिताब पथिरागे के लिए इस साल का दूसरा बड़ा सम्मान है। इससे पहले उन्होंने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीता था। उस मुकाबले में वे पूर्व ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा से आगे रहे थे। डायमंड लीग सर्किट में उन्होंने चार मुकाबले जीते और एक में दूसरा स्थान हासिल किया। रोम में उन्होंने 92.62 मीटर का थ्रो करके विश्व में सबसे आगे की दूरी हासिल की। दोहा, लॉजेन और ज्यूरिख में भी उन्होंने जीत दर्ज की। इस समय पथिरागे विश्व रैंकिंग में नंबर 1 पर हैं। उन्होंने इस सीजन में दो बार 92 मीटर से ज्यादा दूरी फेंकी है। दुनिया के टॉप 10 थ्रो में से आठ उनके नाम हैं। इससे साफ है कि वे इस साल भाला फेंक में सबसे मजबूत खिलाड़ी रहे हैं एशियन गेम्स पर होंगी रुमेश की नजरें नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में पथिरागे को ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम, कॉमनवेल्थ कांस्य पदक विजेता यशवीर सिंह और रोहित यादव जैसे खिलाड़ियों का मुकाबला करना होगा। पुरुष भाला फेंक की क्वालीफिकेशन 26 सितंबर और फाइनल 28 सितंबर को होने वाला है।  

ईशान किशन ने बरसाए चौके-छक्के, ईस्ट जोन ने पहले दिन बनाए 385 रन

नई दिल्ली  दलीप ट्रॉफी 2026 के खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने कप्तानी पारी खेलते हुए मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात कर दी। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस फाइनल मैच के पहले ही दिन ईशान ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 122 गेंदों में शानदार शतक जड़ा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अपनी टीम के लिए वे पांचवें नंबर पर क्रीज पर आए और श्रेयस गोपाल के ओवर की पहली गेंद पर चौका जड़कर अपना शतक पूरा किया। अपनी इस आक्रामक पारी में वे अब तक 14 चौके और 1 छक्का जमा चुके हैं। ईशान किशन की शानदार पारी ईशान किशन का यह शतक न सिर्फ दलीप ट्रॉफी के इतिहास में उनका दूसरा शतक है बल्कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके करियर की 10वीं शतकीय पारी भी है। टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में अपने बल्ले से बड़ा योगदान न दे पाने की कसर ईशान ने इस सबसे अहम मुकाबले में पूरी कर दी। उन्होंने अपने राज्य झारखंड के साथी बल्लेबाज कुमार कुशाग्र के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए महज 146 गेंदों में 133 रनों की बहुमूल्य साझेदारी निभाई जिससे ईस्ट जोन मजबूत स्थिति में पहुंच गया। शिखर मोहन ने भी बनाए 85 रन ईशान के इस विस्फोटक शतक से पहले 21 वर्षीय युवा बल्लेबाज शिखर मोहन ने भी अपने डेब्यू मैच को बेहद खास बनाया। रांची के रहने वाले इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को विराट सिंह की जगह प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। शिखर ने 120 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 85 रनों की शानदार पारी खेली। ईस्ट जोन ने पहले दिन बनाए 385 रन ईस्ट जोन की पारी को शुरुआती मजबूती देने में ओपनिंह बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने 86 गेंदों पर 72 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनके अलावा केवल 15 साल के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। सेमीफाइनल में चौके-छक्कों की बारिश करने वाले वैभव ने इस पारी में 37 गेंदों पर 44 रन बनाए। ईस्ट जोन ने शानदार बल्लेबाजी के दम पर पहले दिन सिर्फ 4 विकेट खोकर 385 रन बोर्ड पर लगा दिए। इस तरह से ईस्ट जोन इस मुकाबले में पहले दिन से काफी दमदार पोजीशन में है।

झकनावदा में विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया

झाबुआ झकनावदा प्राचीन महादेव मंदिर परिसर मे आयोजित विश्व हिंदू परिषद जिला झाबुआ के प्रखंड रायपुरिया के खंड झकनावदा में स्थापना दिवस का कार्यक्रम बड़े हर्षो उल्लास के साथ मनाया गया जिसमे विश्व हिन्दु परिषद के जिला पदाधिकारी ओर प्रखंड के प्रमुख ओर खंड के कार्यकर्ताओ के द्वारा इस आयोजन का आयोजन किया गया। जिसमें जिला सयोजक बादल प्रजापत प्रखंड सुरक्षा प्रमुख विकास राठौड़ , प्रखंड विधि प्रमुख रितेश प्रजापत खण्ड सयोजक सुनील मुलेवा साहित गांव के युवाओं व खण्ड समिती के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ISL में फिर लौटेगा होम-अवे फॉर्मेट, 13 टीमें और 163 मैचों के साथ अक्टूबर में शुरू होगा नया सीजन

 नई दिल्ली  इंडियन सुपर लीग (ISL) की शुरुआत 10 अक्टूबर से होगी और यह मई 2027 तक चलेगी। आठ महीने तक चलने वाली इस लंबी लीग में पारंपरिक होम-एंड-अवे प्रारूप की वापसी होगी। पिछले सत्र में प्रशासनिक और व्यावसायिक अनिश्चितताओं के कारण देरी के बाद आईएसएल का आयोजन सीमित अवधि में सिंगल-लेग प्रारूप में किया गया था। 2026-27 का सत्र क्लब-नेतृत्व वाले नए दौर में खेला जाएगा। इस दौरान आठ महीने की प्रतियोगिता में कुल 163 मैच निर्धारित किए गए हैं। आगामी सत्र में चर्चिल ब्रदर्स की भागीदारी क्लब द्वारा आवश्यक नियामकीय शर्तें पूरी करने और जरूरी मंजूरियां हासिल करने पर निर्भर करेगी। चर्चिल ब्रदर्स को किया जाएगा शामिल चर्चिल ब्रदर्स को जमशेदपुर एफसी की जगह शामिल किया जाना है। आईएसएल पारंपरिक राउंड-रॉबिन और होम-एंड-अवे प्रारूप में लौटेगा। लीग चरण के अंत में अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम को शील्ड विजेता घोषित किया जाएगा। वही टीम आईएसएल की आधिकारिक चैंपियन होगी और उसे एशियाई प्रतियोगिता में खेलने का स्थान भी मिलेगा। प्लेऑफ प्रारूप की भी वापसी होगी, जिसमें शीर्ष छह टीमें आईएसएल कप के लिए मुकाबला करेंगी। लीग में 13 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं।