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बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ की मुहिम को वैश्विक संकल्प से मिली नई ताकत, जागरूकता अभियान तेज

रायपुर  बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित किए जाने से नई ताकत मिली है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा जिला एवं मैदानी स्तर पर जागरूकता, निगरानी और रोकथाम की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। यह निर्णय भारत के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 27 नवंबर 2024 को ही देश में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की गई थी। भारत से शुरू हुई इस मुहिम को अब वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलना बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ में बाल विवाह की दर में आई उल्लेखनीय कमी राज्य में बाल विवाह रोकथाम के लिए शासन, प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, पंचायतों, स्कूलों और सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) के अनुसार छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करने वाली लड़कियों का प्रतिशत 12.1 प्रतिशत था, जो राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (2023-24) में घटकर 10.1 प्रतिशत रह गया है। बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के साथ ही राज्य में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। समुदायों, पंचायतों, स्कूलों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और पुलिस की भागीदारी से बाल विवाह की सूचना मिलने पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 8,414 बाल विवाह रुकवाए गए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा भी राज्य में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 8 सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर 8,414 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। यह आंकड़ा राज्य में शासन और सामाजिक संगठनों के साझा प्रयासों तथा बढ़ती जनजागरूकता को दर्शाता है। 27 नवंबर को वैश्विक स्तर पर मजबूत होगा संकल्प संयुक्त राष्ट्र महासभा में सिएरा लियोन द्वारा भारत सहित 67 देशों के समर्थन से प्रस्तुत प्रस्ताव को 4 सितंबर को पारित किया गया। इसके तहत 27 नवंबर को बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया है। 27 नवंबर 2024 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के दौरान 25 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली गई थी। अब संयुक्त राष्ट्र की घोषणा से इस अभियान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और व्यापक जनभागीदारी मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सुरक्षा और विकास के समान अवसर मिलें तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूरी तरह उन्मूलन हो। राज्य के सतत प्रयास 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने के वैश्विक संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर से शुरू होगा गणेश महोत्सव, जानें पूजा मुहूर्त और शुभ योग

 हिंदू धर्म में गणेश महोत्सव का विशेष महत्व है. यह पर्व मुख्य रूप से भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होता है और अनंत चतुर्दशी के दिन इसका समापन होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर से शुरू होगा और समापन 25 सितंबर 2026, शुक्रवार के दिन अनंत चतुर्दशी के दिन होगा. धार्मिक मान्यता है कि इन दिनों भगवान गणेश अपने भक्तों के बीच रहते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. भगवान गणेश की पूजा सार्वजनिक रूप से पंडालों में भी की जाती है और लोग अपने घरों में भी गणपति की स्थापना करते हैं. गणेश चतुर्थी तिथि (Ganesh Chaturthi 2026 Tithi) द्रिक पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी की तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगा. वहीं, गणेश जी का विसर्जन 25 सितंबर, शुक्रवार के दिन होगा. गणेश चतुर्थी पूजन मुहूर्त (Ganesh Chaturthi 2026 Pujan Muhurat) पंचांग के मुताबिक, गणेश चतुर्थी के पूजन का मुहूर्त सुबह 11 बजकर 2 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 31 मिनट पर होगा. गणेश चतुर्थी 2026 शुभ योग पंडितों की मानें तो, इस बार गणेश चतुर्थी बहुत ही शुभ मानी जा रही है. क्योंकि इस दिन रवि योग का संयोग बन रहा है. इसके अलावा, गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी के बीच 10 दिनों में कईं विशेष ग्रह योग निर्माण कर रहे हैं. जिसमें गुरु इस समय कर्क राशि में उच्च के हैं, शनि मीन राशि में वक्री स्थिति में बैठे हुए हैं. गणेश चतुर्थी पूजन विधि (Ganesh Chaturthi Pujan Vidhi) गणेश महोत्सव के दौरान अगर आपने घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की है तो सुबह और शाम दोनों समय उनकी पूजा करनी चाहिए. दोनों समय दीपक जलाकर भगवान गणेश की आरती करें. पूजा में भगवान गणेश को पीले फूल और दूर्वा जरूर अर्पित करें. इसके साथ भोग लगाएं और फिर आरती करें. गणेश महोत्सव के दौरान सात्विकता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. खान-पान भी सात्विक रखना शुभ माना जाता है. जिन लोगों ने घर में गणपति की स्थापना की है, उन्हें इन दिनों प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. भोजन तैयार करने के बाद पहले भगवान गणेश को भोग लगाएं और फिर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें. अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है. इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार उपवास रखकर भगवान गणेश की पूजा करने और विसर्जन में शामिल होने की परंपरा है. भगवान गणेश को क्या अर्पित करें? भगवान गणेश की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण चीजों में दूर्वा और मोदक माने जाते हैं. मोदक उपलब्ध न हो तो लड्डू भी अर्पित किए जा सकते हैं. इसके अलावा भगवान गणेश को पीले वस्त्र और सिंदूर अर्पित करना भी शुभ माना जाता है. यहां एक मान्यता यह भी है कि महिलाएं भगवान गणेश को सिंदूर अर्पित न करें और केवल फूल व पीले वस्त्र अर्पित करें, जबकि पुरुष सिंदूर अर्पित कर सकते हैं. भगवान गणेश को पीले फूलों की माला भी चढ़ाई जा सकती है. विशेष मनोकामना के लिए फलों की माला अर्पित करने की परंपरा भी बताई जाती है. अगर आपने घर में गणपति की स्थापना की है तो पूरे गणेश महोत्सव के दौरान घी का अखंड दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है. सुबह और शाम कपूर या दीपक से भगवान गणेश की आरती जरूर करें. गणेश चतुर्थी उपाय (Ganesh Chaturthi Upay) – मनचाहे विवाह के लिए गणेश जी का उपाय गणेश महोत्सव के दौरान विवाह में आ रही बाधा को दूर करने के लिए भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार करें. उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल और मोदक या लड्डू अर्पित करें. इसके बाद ऊं विघ्नहराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें. पूजा के बाद भगवान गणेश से शीघ्र विवाह और मनचाहा जीवनसाथी मिलने की प्रार्थना करें. पूजा में अर्पित पीले वस्त्र को उतारकर सुरक्षित रख लें. यह उपाय गणेश महोत्सव के दौरान किसी भी दिन सुबह किया जा सकता है. – संतान प्राप्ति के लिए उपाय अगर किसी दंपति को संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है तो गणेश महोत्सव के दौरान भगवान गणेश को फलों की माला अर्पित करने की परंपरा बताई जाती है. इसके लिए केले, सेब, अंगूर और नाशपाती जैसे फलों को पीले धागे में बांधकर माला बनाएं और भगवान गणेश को अर्पित करें. इसके बाद संतान गणपति स्तोत्र का पाठ करें. पति-पत्नी साथ मिलकर 'ॐ उमापुत्राय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें और संतान प्राप्ति के लिए भगवान गणेश से प्रार्थना करें. पूजा के बाद भगवान गणेश को अर्पित किए गए फलों को प्रसाद के रूप में बच्चों में बांट दें. इस उपाय को गणेश महोत्सव के दौरान लगातार तीन दिनों तक करने की परंपरा बताई जाती है. – मकान या संपत्ति प्राप्ति के लिए उपाय अगर आप मकान खरीदना चाहते हैं, नया घर बनाना चाहते हैं या संपत्ति से जुड़ी कोई इच्छा पूरी करना चाहते हैं तो गणेश महोत्सव के दौरान भगवान गणेश को लाल फूलों की माला अर्पित करें. इसके लिए गुड़हल या गुलाब के फूलों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके साथ लाल फल, लाल वस्त्र और तांबे का एक सिक्का भगवान गणेश को अर्पित करें. इसके बाद ऊं सर्वसौख्यप्रदाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें और भगवान गणेश से संपत्ति प्राप्ति की प्रार्थना करें.

पाकिस्तान सीमा के करीब होगा भारत का बड़ा एयर एक्सरसाइज, 40 हजार फीट तक एयरस्पेस रिजर्व

जोधपुर भारत और पाकिस्तान के बीच बनी अंतरराष्ट्रीय सीमा से सठे राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तान में भारतीय वायुसेना अपने सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंगशक्ति-2026' की मेजबानी करने जा रही है। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित होने वाले इस मेगा एक्सरसाइज को लेकर वायुसेना ने 21 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक कुल 17 दिनों के लिए एक 'नोटम' (NOTAM – Notice to Airmen) जारी कर दिया है। इसके तहत जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर के विशाल हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। सीमा पार महज 20 किलोमीटर की दूरी तक भारतीय लड़ाकू विमानों की दहाड़ सुनाई देगी, जिससे पाकिस्तानी सेना और वहां के रणनीतिकारों में जबर्दस्त खलबली मच गई है। इस मेगा एयर एक्सरसाइज में दुनिया के 8 शक्तिशाली देश अपने उन्नत एयरक्राफ्ट और फाइटर जेट्स के साथ सीधे तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा करीब 30 से अधिक देशों के रक्षा प्रतिनिधि और सैन्य अधिकारी ऑब्जर्वर के तौर पर इस ऐतिहासिक अभ्यास के साक्षी बनेंगे। राजस्थान के 4 प्रमुख सीमावर्ती जिलों के ऊपर 40 हजार फीट तक के आसमान को सैन्य उड़ानों के लिए पूरी तरह रिजर्व किया गया है। भारतीय वायुसेना का यह कदम न केवल अपनी सामरिक ताकत और त्वरित कार्रवाई की रणनीति को परखने का जरिया है, बल्कि यह पाकिस्तान को उसकी दहलीज पर भारत की अंतरराष्ट्रीय रक्षा साझेदारी का सीधा संदेश भी है। पाकिस्तान सीमा में हलचल, पाक सेना में इमरजेंसी बैठकें! भारतीय वायुसेना द्वारा जारी किए गए नोटम का दायरा इतना व्यापक है कि बीकानेर के नाल एयरबेस के पास इसका एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इतने कम फासले पर आधुनिक युद्धक विमानों के अभ्यास की खबर मिलते ही रावलपिंडी और इस्लामाबाद के सैन्य गलियारों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी थलसेना और वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने आपातकालीन बैठकें बुलाकर सीमा पर अपनी चौकसी और रडार सर्विलांस बढ़ा दिया है। भारत के इस युद्धाभ्यास में मित्र देशों के अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट भी शामिल हो रहे हैं, इसी वजह से पाकिस्तान ने सीमा पार अपनी जासूसी और निगरानी गतिविधियों को काफी तेज कर दिया है। 40 हजार फीट की ऊंचाई तक सील होगाएयरस्पेस, जानिए नोटम का पूरा शेड्यूल 'तरंगशक्ति-2026' अभ्यास के दौरान आम नागरिक उड़ानों की सुरक्षा और वायुसेना के लड़ाकू जहाजों के निर्बाध संचालन के लिए एयरस्पेस को 40 हजार फीट की ऊंचाई तक आरक्षित किया गया है। यह नोटम 17 दिनों के दौरान लगातार लागू नहीं रहेगा, बल्कि इसे अलग-अलग चरणों में सुबह 9:00 बजे से लेकर मध्यरात्रि 12:00 बजे तक प्रभावी बनाया गया है। पहला चरण: 21 सितंबर से 24 सितंबर 2026 तक दूसरा चरण: 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीसरा चरण: 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अंतिम चरण: 7 अक्टूबर 2026 को इन निर्धारित तिथियों पर जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर और जैसलमेर सेक्टर में वायुसेना के विमान अपनी युद्धक क्षमताओं, हवा से हवा में ईंधन भरने, और सटीक बॉम्बिंग का अभ्यास करेंगे। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास का मुख्य केंद्र बिंदु बना हुआ है। यहां दुनिया की 8 प्रमुख वायुसेनाओं के स्क्वाड्रन अपने-अपने लड़ाकू जहाजों के साथ पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 MKI, तेजस और जगुआर जैसे अग्रिम पंक्ति के विमान विदेशी फाइटर जेट्स के साथ मिलकर मॉक-ड्रिल और कॉम्बैट ऑपरेशन्स को अंजाम देंगे। 30 देशों के सैन्य पर्यवेक्षकों की मौजूदगी इस बात का सबूत है कि वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य साख और रणनीतिक महत्व कितना बढ़ चुका है। इस अभ्यास के जरिए मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच आपसी तालमेल, साझा रणनीति और आधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान को नई मजबूती मिलेगी। सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है यह अभ्यास राजस्थान से सटी पश्चिमी सीमा हमेशा से ही रक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील रही है। पोकरण और थार के रेगिस्तान में वायुसेना का यह बहुराष्ट्रीय शक्ति प्रदर्शन भारत की ऑपरेशनल रेडिनेस (युद्धक तैयारी) का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि 'तरंगशक्ति-2026' से भारतीय वायुसेना न केवल अपने नए हथियारों और रणनीति का परीक्षण करेगी, बल्कि सीमा पार से होने वाली किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब देने के लिए अपनी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को भी और धार देगी। अगले 17 दिनों तक राजस्थान का आसमान वायुसेना के पराक्रम का गवाह बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

UP में स्टार्टअप के लिए खुलेगा सरकारी बाजार, बिना टेंडर सीधे खरीदे जाएंगे उत्पाद और सेवाएं

लखनऊ यूपी के स्टार्टअप को बाजार उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश ने स्टार्टअप के उत्पादों के लिए एक और बड़ी नीति पर काम शुरू किया है। इसके तहत पंजीकृत स्टार्टअप के उत्पाद खरीदने के लिए सरकारी विभागों को छूट देने के प्रस्ताव पर काम चल रहा है। इसके लिए खरीद नीति में परिवर्तन किया जाएगा, ताकि सरकारी विभाग एक सीमा तक स्टार्टअप के उत्पाद बगैर टेंडर के खरीद सकें। प्रस्तावित नीति के तहत ‘स्टार्टइनयूपी’ पोर्टल पर पंजीकृत स्टार्टअप से खरीद पर छूट देने का प्रस्ताव है। सरकारी विभाग पंजीकृत स्टार्टअप से बिना टेंडर प्रक्रिया के उत्पाद, सर्विसेज तथा उपकरण सीधे खरीद सकेंगे। सरकारी विभागों को यह छूट भी देने का प्रस्ताव है कि वह 50 लाख रुपये तक के उत्पाद, सेवाएं बगैर टेंडर ले सकेंगे प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट बैठक में लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए यूपी स्टार्टअप मिशन के तहत एक विशेष स्टार्टअप ई-मार्केट प्लेस तैयार किया जा रहा है। अभी सरकारी विभागों के लिए 25 हजार तक के उत्पाद खरीदने की आजादी है। जेम पोर्टल से तीन कोटेशन के आधार पर 50 हजार तक के उत्पाद खरीद सकते है। पांच लाख से अधिक की खरीद के लिए टेंडर जरूरी है। उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप को विशेष छूट शासन के सूत्रों के मुताबिक, स्टार्टअप से सीधे खरीद के लिए कुछ नियम कायदे बनाए जा रहे हैं। प्रस्तावित नई नीति में डीप-टेक, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्वाटंम कंप्यूटिंग, ब्लॉक चेन, एग्री-टेक, मेडि-टेक, ग्रीन एनर्जी, एआई, ड्रोन जैसे उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप के उत्पादों के लिए खरीद सीमा बढ़ाई जा सकती है। यह सीमा सामान्य स्टार्टअप की अपेक्षा दो गुना यानी एक करोड़ तक हो सकती है। सामान्य स्टार्टअप से 50 लाख से एक करोड़ तक की खरीद के जेम पोर्टल से की जा सकेगी। इसके लिए पंजीकृत स्टार्टअप के बीच ही टेंडर जारी होंगे। सरकारी विभागों के लिए भी नियम नई नीति में यह भी प्रस्तावित किया जा रहा है कि सरकारी विभाग वार्षिक बजट का कुछ हिस्सा स्टार्टअप के नवाचारी उत्पादों को खरीदने के लिए आवंटित कर सकते हैं। यह करीब आधा फीसदी हो सकता है। सरकारी विभागों को स्टार्टअप से उत्पाद खरीद का आर्डर देने के बाद 30 फीसदी भुगतान करना होगा। उत्पाद या सेवाओं की डिलीवरी या उत्पाद इंस्टाल करने के बाद बाकी बचे भुगतान का 60 फीसदी हिस्सा देना होगा। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इसके लिए एक नीति तय की जा रही है। इसका मकसद स्टार्टअप को आर्थिक रूप से मजबूत करना, सरकारी विभागों के जरिए बाजार तक पहुंच देना है।

दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में कटनी के छात्र की गई जान, B.Com की पढ़ाई कर रहा था युवक

कटनी  दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे में कटनी का भी एक छात्र शिकार हो गया। मृतक छात्र की पहचान दुबे कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय अक्षत यादव के रूप में हुई है, जो दिल्ली में रहकर दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। मंगलवार सुबह पहुंचेगा शव घटना की खबर मिलते ही कटनी स्थित उनके निवास स्थान पर शोक की लहर दौड़ गई और स्वजन रोते-बिलखते दिल्ली के लिए रवाना हो गए। स्वजनों ने दिल्ली पहुंचकर उसके शव की शिनाख्त की है और शव सड़क मार्ग से कटनी लाया जा रहा है, जो मंगलवार की सुबह कटनी पहुंचेगा। अब तक 6 लोगों की मौत रविवार को दिल्ली में हुए हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, रविवार को सत्य निकेतन स्थित 40 साल पुरानी इमारत ढहने के दौरान अक्षत भी हादसे की चपेट में आ गया था। मलबे में दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। क्षेत्र में दौड़ी शौक की लहर शिनाख्त के दौरान अक्षत की पहचान हुई। अक्षत यादव की असामयिक मौत की खबर मिलते ही दुबे कॉलोनी स्थित उसके निवास पर लोग, स्वजन और पड़ोसी जमा हो गए। दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर बेहतर भविष्य की तैयारी कर रहे अक्षत की अचानक हुई मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है।  

JPSC परीक्षा घोटाले में CID का शिकंजा, 7 फरार आरोपियों की तलाश तेज; वारंट-कुर्की की तैयारी

 रांची  जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआइडी ने जांच शुरू होने से लेकर अब तक पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते सहित 20 आरोपितों को जेल भेज दिया है। सात ऐसे आरोपित भी हैं, जो जांच शुरू होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। अगर समय रहते वे सीआइडी के सामने उपस्थित नहीं हुए तो जांच एजेंसी सीआइडी की विशेष अदालत से उपरोक्त संदिग्धों, आरोपितों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट, कुर्की जब्ती आदि भी करेगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनकी तलाश के सीआइडी ने पांच दिनों में कई दिनों तक दबिश दी, लेकिन इनका पता नहीं चल सका। इन आरोपितों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता, कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी सहित कई गंभीर आरोप हैं। ये सभी आरोपित सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 के संदिग्ध हैं। इनपर पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी, अवैध लेन-देन, सेटिंग कर परीक्षा पास कराने आदि के आरोप हैं। गिरफ्तार 20 आरोपितों से पूछताछ व छानबीन में इन आरोपितों के नाम सामने आए हैं। इन आरोपितों में रांची के नामकुम का रहने वाला आदित्य पांडेय, टाटीसिलवे निवासी पवन कुमार सिंह, पलामू के बारालोटा निवासी रविशंकर कुमार, पलामू के ही हमीदगंज निवासी संतोष कुमार सिंह, बोकारो सेक्टर 3 निवासी सानन्द प्रकाश, कोर्रा हजारीबाग का रहने वाला लालू कुमार यादव और बेंगाबाद गिरिडीह का सौरभ कुमार पांडेय शामिल है। जाचं में कई प्रभावशाली लोगों के जुड़े होने के भी संकेत हैं, जिसकी जांच चल रही है। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा मामले में पूर्व के केस डायरी पर भी नए सिरे से जांच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी मामले की जांच कर रही सीआइडी ने पूर्व में जांच के दौरान अक्टूबर 2025 में 12 अहम और तकनीकी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल करने के सुझाव दिए थे।उपरोक्त केस डायरी पर नए सिरे से भी जांच जारी है। पूर्व में जब्त मोबाइल से फोरेंसिक डेटा निकालकर उसकी जांच की जा रही है। इस मामले के अन्य आरोपित विनय शाह और अनीश कुमार के आधार कार्ड के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि उनके नाम पर कोई अन्य नया सिम कार्ड तो जारी नहीं कराया गया था। प्राथमिकी व गवाहों के बयानों में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा तिथि से 2-3 दिन पूर्व छात्रों को आसनसोल के सिन्धी होटल, नियामतपुर के विवाह भवन सहित मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू (नेपाल) तक ले जाकर प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। सीआइडी इन सभी ठिकानों का भौतिक सत्यापन भी कर रही है।

महापौर की गाड़ी के ऊपर जलाए कागज, आग लगाने की कोशिश से भोपाल नगर निगम में मचा बवाल

 भोपाल  भोपाल नगर निगम कार्यालय परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक नाराज कर्मचारी ने हंगामा करते हुए महापौर मालती राय की गाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया। कर्मचारी ने कुछ कागजों में आग लगाकर उन्हें महापौर की गाड़ी की छत पर रख दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए जलते कागजों को तुरंत हटा दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझाने के दौरान एक कर्मचारी रामसिंह यादव के हाथ झुलस गए। बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी अपनी मांगों के निराकरण नहीं होने और अन्य समस्याओं को लेकर नाराज था। वह कुछ समय से बीमार चल रहा है और अस्पताल में भर्ती रहकर इलाज भी करा रहा था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को वह सीधे अस्पताल से नगर निगम कार्यालय पहुंचा था। हाथ में पर्चे लेकर की नारेबाजी कार्यालय पहुंचने के बाद कर्मचारी ने हाथ में पर्चे लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद वह महापौर मालती राय की गाड़ी के पास पहुंच गया। यहां उसने कुछ कागजों में आग लगाई और उन्हें गाड़ी की छत पर रख दिया। गाड़ी में आग लगने की आशंका को देखते हुए वहां मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल जलते हुए कागजों को हटा दिया। इस दौरान आग बुझाने की कोशिश में कर्मचारी रामसिंह यादव के हाथ झुलस गए। समय रहते आग पर काबू पा लेने से वाहन को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। पर्चों पर कर्मचारी संगठन का नाम कर्मचारी ने परिसर में जो पर्चे फेंके, उन पर कर्मचारी नगर निगम भोपाल के साथ सम्राट अशोक संगठन का नाम लिखा हुआ है। पर्चों पर सुनील गायकवाड़, कर्मचारी अध्यक्ष, नगर निगम भोपाल का नाम भी अंकित है। घटना के बाद नगर निगम कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल कर्मचारी के हंगामे और महापौर की गाड़ी में आग लगाने के प्रयास के मामले में आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।  

बिहार पुलिस में ट्रांसफर की बड़ी सूची जारी, 8 ASP और 28 DSP को मिली नई जिम्मेदारी

पटना बिहार सरकार ने रविवार को एक एसपी, आठ एएसपी और 28 डीएसपी समेत बिहार पुलिस सेवा के 37 पदाधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में मुंगेर, किशनगंज, सारण, लखीसराय में नये साइबर डीएसपी, सीवान, रोहतास और अरवल में नये ट्रैफिक डीएसपी और जमालपुर और समस्तीपुर में नये रेल डीएसपी की तैनाती की गयी है। गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, आरा सदर के एसडीपीओ वन राजकुमार साह को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में एसपी की जिम्मेदारी दी गयी है। मधेपुरा सदर के एसडीपीओ प्रवेंद्र कुमार भारती को ईओयू में एएसपी बनाया गया है। दाऊदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास को निगरानी जबकि सीवान सदर के एसडीपीओ वन अजय कुमार सिंह और सीवान के एएसपी संजय कुमार झा को विशेष शाखा में एएसपी की जिम्मेदारी मिली है। समस्तीपुर सदर के एसडीपीओ वन संजय कुमार पांडेय बी-सैप वन पटना, त्रिवेणीगंज के एसडीपीओ विभाष कुमार बी-सैप सात कटिहार में एएसपी बनाया गया है। फुलवारीशरीफ के दीपक कुमार को सारण और बेतिया सदर के एसडीपीओ रजनीश कांत प्रियदर्शी को लखीसराय के साइबर क्राइम डीएसपी की जिम्मेदारी मिली है। पटना के मो आदिल बेलाल को समस्तीपुर का रेल डीएसपी बनाया गया है। अजय चौधरी को सीवान का डीएसपी मुख्यालय, सुनील पांडेय को विशेष सुरक्षा दल बिहार का डीएसपी, संजय कुमार जायसवाल को एसटीएफ का डीएसपी, आलोक कुमार सिंह वन को रोहतास, विपिन नारायण शर्मा को पटना, सुरेंद्र कुमार को सीवान का डीएसपी (रक्षित) एवं मिथिलेश कुमार सिंह को केंद्रीय वस्त्र एवं आयुद्ध भंडार के डीएसपी की जिम्मेदारी मिली है। दो आईएएस और आठ बिप्रसे अधिकारियों का तबादला सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों का तबादला किया है। साथ ही, बिहार प्रशासनिक सेवा के आठ पदाधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई। राजस्व पर्षद के सचिव कुमार मंगलम को ग्रामीण कार्य में अपर सचिव बनाया गया है। मधेपुरा के उप विकास आयुक्त अनिल बसाक को पथ निर्माण में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है। भविष्य निधि निदेशालय के सहायक निदेशक गौतम कुमार को समस्तीपुर का नगर आयुक्त बनाया है। भागलपुर के अपर समाहर्ता दिनेश राम को योजना पर्षद में संयुक्त सचिव, तिरहुत प्रमंडल क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के संयुक्त आयुक्त सह सचिव अरुण कुमार को मधेपुरा का उप विकास आयुक्त बनाया गया है। कहलगांव के डीसीएलआर सरफराज नवाज को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन में ओएसडी, लखीसराय के वरीय उप समाहर्ता शशि कुमार को भविष्य निधि में सहायक निदेशक, कटिहार वरीय उप समाहर्ता शशि भूषण शशि को बांका का भूमि सुधार उप समाहर्ता, नरकटियागंज के भूमि सुधार उप समाहर्ता चंद्रशेखर कुमारन को पर्यावरण, वन में ओएसडी तथा वैशाली की वरीय उप समाहर्ता तनुजा श्री को सीवान का डीएसओ बनाया गया है।

डैनी-विशाल-अरबाश का धमाका, बांग्लादेश पर 3-0 की जीत से भारत ने रचा इतिहास

ताशकंद  भारत ने ग्रुप-बी के अपने आखिरी क्वालीफायर मैच में बांग्लादेश को 3-0 से मात दी। ताशकंद के दोस्तलिक स्टेडियम में खेले गए इस मैच में जीत के साथ भारतीय टीम ने एएफसी अंडर-20 एशियन कप चीन 2027 में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस शानदार जीत में डैनी मेइतेई लैशराम, विशाल यादव और मोहम्मद अरबाश ने भारत के लिए गोल किए। इस जीत ने 'ब्लू कोल्ट्स' (भारतीय टीम) की 20 साल बाद एएफसी अंडर-20 एशियन कप में पहली बार जगह बनाई। ग्रुप-बी में तीन मैचों के बाद भारत के छह अंक हैं और टीम दूसरे स्थान पर रहा। डैनी ने 25वें मिनट में भारत के लिए पहला गोल किया। इसके बाद विशाल ने एक घंटे के खेल के दौरान शानदार कलाबाजी दिखाते हुए गोल करके 'ब्लू कोल्ट्स' को दो गोल की बढ़त दिलाई। बेंच से आए मोहम्मद अरबाश ने 79वें मिनट में एक जबरदस्त शॉट के साथ भारत को 3-0 से आगे कर दिया और टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। डैनी ने शुरुआत में मोहम्मद अब्दुल रियाद फहीम पर दबाव बनाया, जिससे बांग्लादेशी डिफेंडर ने आसानी से गेंद हातिम अली को सौंप दी। भारतीय स्ट्राइकर ने बेहतरीन सूझबूझ दिखाई और बॉक्स के अंदर बिना किसी रुकावट के खड़े डैनी को शानदार पास दिया, जिन्होंने शुरुआती बढ़त दिलाने के लिए शानदार फिनिश किया। आधे घंटे के खेल के बाद डैनी ने खुद भारत को 2-0 से आगे करने की कोशिश की, जब उनकी फ्री-किक गोल की ओर बढ़ी; हालांकि, गोलकीपर ने फुर्ती दिखाते हुए उसे बचा लिया दूसरा हाफ भी उसी तरह शुरू हुआ और 'ब्लू कोल्ट्स' ने हमले जारी रखे। एक घंटे के खेल के करीब एक मौका बना, जब ऋषिकांत ने बॉक्स में एक लंबा थ्रो विशाल की ओर किया। विशाल ने शानदार कलाबाजी दिखाते हुए गोल किया और टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। बांग्लादेश की सारी कोशिश बेकार रही बांग्लादेश ने मौके तलाशने की कोशिश की और आखिरी आधे घंटे में आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन वे भारतीय डिफेंस को भेद नहीं पाए। भारत ने 72वें मिनट में बदलाव किए और डैनी व विशाल की जगह मोहम्मद अरबाश और प्रशांत जाजो को मैदान पर उतारा। मैदान पर आते ही अरबाश ने कमाल कर दिया; उन्होंने अपने बाएं पैर से ज़बरदस्त शॉट लगाकर गेंद को नेट के ऊपरी हिस्से में पहुंचाया और भारत को 3-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद भारत ने बांग्लादेश पर अपना दबदबा बनाए रखा और एएफसी अंडर-20 एशियन कप क्वालिफिकेशन की अपनी दावेदारी मजबूत करने की दिशा में जरूरी काम पूरा किया।

MP में इंटर्न डॉक्टरों ने खोला मोर्चा, स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए भोपाल में निकाला पैदल मार्च

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से नाराज होकर इंटर्न डॉक्टरों ने 7 सितंबर को राजधानी भोपाल में मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर ये चिकित्सक हमीदिया अस्पताल से सीधे मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर रहे हैं। डॉक्टरों ने दो टूक कह दिया है कि अब उन्हें कोई मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि स्टाइपेंड वृद्धि का लिखित आदेश चाहिए। डेढ़ माह के इंतजार के बाद टूटा सब्र     आंदोलनकारी डॉक्टरों का कहना है कि शासन ने करीब एक महीने पहले स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने का मौखिक भरोसा दिया था।     सरकार के इस वादे का सम्मान करते हुए इंटर्न डॉक्टरों ने डेढ़ महीने तक शांतिपूर्वक इंतजार किया। लेकिन जब इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक अधिसूचना या लिखित आदेश जारी नहीं हुआ, तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना पड़ा। 14 हजार नहीं, 30 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने महज 14,337 रुपये बतौर स्टाइपेंड दिए जा रहे हैं। डॉक्टरों की प्रमुख मांग है कि इस सम्मान राशि को बढ़ाकर न्यूनतम 30,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। अपनी इसी मांग को सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रखने और अब तक मिले आश्वासनों की वास्तविक स्थिति पर चर्चा करने के लिए यह मार्च निकाला जा रहा है। हमीदिया के गेट नंबर 1 से सीएम हाउस तक शांतिपूर्ण मार्च     अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए इंटर्न डॉक्टरों ने भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल के गेट क्रमांक 1 से मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च शुरू किया है।     प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। '14,337 नहीं, 30,000 चाहिए… अब आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए' जैसे नारों के साथ डॉक्टर लगातार सरकार से अपनी जायज मांगें जल्द से जल्द पूरी करने की अपील कर रहे हैं। आगे की रणनीति भी इसी मार्च के दौरान तय की जाएगी।