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शेफाली वर्मा को आउट कर किया था इशारा, अब फातिमा सना पर ICC की गाज; मैच फीस का 10% जुर्माना

   दुबई भारतीय टीम के खिलाफ विमेंस एशिया कप 2026 के ग्रुप मुकाबले में पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना काफी सुर्खियों में रही थीं. फातिमा ने शेफाली वर्मा का विकेट लेने के बाद भारतीय बल्लेबाज को पवेलियन लौटने का इशारा किया था. शेफाली को सेंडऑफ देना फातिमा के लिए भारी पड़ा है।  फातिमा सना पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने कार्रवाई की है. फातिमा पर मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया गया है. इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है. फातिमा को आईसीसी की आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाया गया. उन्होंने आचार संहिता के आर्टिकल 2.5 का उल्लंघन किया. यह आर्टिकल ऐसे शब्दों, हरकतों या इशारों से जुड़ा है, जो आउट होने वाले बल्लेबाज को अपमानित करने वाले हों या उसे आक्रामक प्रतिक्रिया देने के लिए उकसा सकते हों।  शनिवार (5 सितंबर) को भारत के खिलाफ मुकाबले में फातिमा सना ने गेंद से शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने तीन विकेट हासिल किए. इनमें शेफाली वर्मा का विकेट भी शामिल था. शेफाली ने रन चेज की शुरुआत में आक्रामक रुख अपनाया था, लेकिन दूसरे ओवर में फातिमा की गेंद पर कॉट एंड बोल्ड हो गईं. कैच लेने के बाद फातिमा ने पवेलियन की दिशा में इशारा किया. इसी इशारे को लेकर आईसीसी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की. फातिमा ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और मैच रेफरी पैनल की सुप्रिया दास द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया. इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई नहीं हुई।  फातिमा के खाते में अब 2 डिमेरिट पॉइंट फातिमा सना के लिए यह पिछले 24 महीनों में दूसरा डिमेरिट पॉइंट है. इससे पहले उन्हें 6 अगस्त 2025 को डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच के बाद एक डिमेरिट पॉइंट मिला था. लेवल-1 के उल्लंघन पर न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार होती है, जबकि मैच फीस का अधिकतम 50 फीसदी जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए जा सकते हैं।  भारत के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान की पूरी टीम सिर्फ 55 रनों पर सिमट गई थी. फातिमा सना ने तीन विकेट लेकर पाकिस्तानी टीम की ओर से सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ा, लेकिन भारत ने 56 रनों का लक्ष्य 8.4 ओवरों में 7 विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया। 

60 साल तक नौकरी की गारंटी और 2 हजार जोखिम भत्ता भी ठुकराया, हरियाणा में सफाईकर्मी 9 सितंबर तक हड़ताल पर

चंडीगढ़/हिसार/पानीपत  प्रदेश में सफाई एवं दमकल कर्मचारियों की हड़ताल सरकार के जाब सिक्योरिटी प्रस्ताव के बाद भी नहीं टूटी। पांच सितंबर की ड्यूटी पर लौटने की मियाद खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल नौ सितंबर तक बढ़ा दी है। इसी बीच सरकार कड़ा रुख अपनाते हुए 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी में है। सरकार ने पालिका रोल पर कार्यरत 13,093 सफाई कर्मियों को हरियाणा कान्ट्रैक्चुअल एम्प्लाइज (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक निर्णय लेते हुए 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा और दो हजार रुपये मासिक जोखिम भत्ता देने की पेशकश की है। 30 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज 10 वर्ष से अधिक सेवा वालों की मासिक देय राशि 25,560 रुपये करने का भी प्रस्ताव है। इसके बावजूद कर्मचारी नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करने और 13 मई के समझौते को लागू करने की मांग पर अड़े हैं। हड़ताल के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों के कचरा उठान में बाधा डालने के आरोप में प्रदेश के विभिन्न जिलों अब तक 30 कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई हैं। इनमें 11 नियमित और 10 अनुबंध कर्मचारी बताए गए हैं। स्थानीय निकाय विभाग के स्तर पर सोमवार को सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए जाने की संभावना है। कई निकायों में ड्यूटी पर लौटने के नोटिस भी जारी हुए हैं। चरखी दादरी में 152, फतेहाबाद में करीब 350 और पानीपत में 36 सफाई सुपरवाइजरों को नोटिस दिए गए हैं। सरकार का प्रस्ताव- सेवा सुरक्षा के साथ बढ़ेगा वेतन सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक, 2024 के सेवा सुनिश्चितता कानून के दायरे में आने पर पालिका रोल कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा वार्षिक महंगाई भत्ता, डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश तथा एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता व नियुक्ति जैसे लाभ मिलेंगे। 10 वर्ष से अधिक सेवा वालों की मासिक देय राशि 25,560 रुपये होगी। इसमें 21,970 रुपये वेतन, 2,000 रुपये जोखिम भत्ता और 1,590 रुपये अन्य भत्ते शामिल हैं। नौ सितंबर तक हड़ताल, फिर जन न्याय पंचायत कर्मचारी नेताओं ने प्रस्ताव ठुकराकर हड़ताल नौ सितंबर तक बढ़ा दी है। 10, 11 और 12 सितंबर को जिलों में जन न्याय पंचायतें होंगी। इनमें कर्मचारी, मजदूर, किसान, सामाजिक-धार्मिक और व्यापारिक संगठनों को शामिल करने की तैयारी है। 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय जन न्याय पंचायत होगी। इसमें आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जाएगी। सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने गंभीरता से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पालिका रोल के कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और उनके आर्थिक हितों को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक पहल की है। हमारी कोशिश है कि कर्मचारियों की जायज चिंताओं का सम्मानजनक और व्यावहारिक समाधान निकले तथा शहरों की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित न हो।     – नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा  

बिना हेलमेट दफ्तर पहुंचे कर्मचारी तो कलेक्टर ने नहीं दी एंट्री, इंदौर में सख्ती से लागू हुआ नियम

इंदौर इंदौर में यातायात नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों और आम आगंतुकों के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब कलेक्टर कार्यालय में आने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इन नियमों की अनदेखी करने वालों को परिसर में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों को सौंपी गई जांच की कमान प्रशासन ने इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर मुस्तैदी बढ़ा दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के अनुसार दोपहिया वाहन से आने वाले सभी लोगों को हेलमेट लगाना होगा, वहीं चार पहिया वाहनों में सवार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य की गई है। मुख्य द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को स्पष्ट कहा गया है कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश न करने दें। सड़क सुरक्षा और जन-जागरूकता का संदेश इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल शासकीय परिसर में अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देना भी है। प्रशासन का मानना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी स्वयं यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे, तो इससे आम जनता में भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और लोग नियमों के प्रति सजग होंगे। 

मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 9 दिन भव्य उत्सव, 16 हजार किलो सामग्री से सजेगा मोदक दरबार; देखें खास आकर्षण

 जयपुर जयपुर में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के सबसे बड़े उत्सवों में से एक मोतीडूंगरी गणेश मंदिर का गणेश चतुर्थी महोत्सव आज से भक्ति और उल्लास के साथ शुरू हो गया. महिलाओं की कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय उत्सव का आगाज हुआ. अब 7 से 15 सितंबर तक मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में हर दिन गजानन का दरबार अलग रंग और अलग स्वरूप में नजर आएगा. 14 सितंबर को भगवान गणेश का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, जबकि 15 सितंबर को गणेशजी नगर भ्रमण पर निकलेंगे।  महोत्सव के शुभारंभ पर सोमवार सुबह महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और जलाभिषेक के साथ उत्सव की शुरुआत हुई. मंदिर में आने वाले दिनों में भगवान गणेश के लिए अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी. फल, सब्जी और फूलों की झांकियों के साथ भक्ति संगीत, ध्रुपद, सुगम संगीत और कथक के कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे।  पुष्य नक्षत्र पर 348 किलो पंचामृत से अभिषेक 8 सितंबर को पुष्य नक्षत्र के विशेष संयोग पर भगवान गणेश का 348 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा. इसमें 251 किलो दूध, 50 किलो दही, 25 किलो बूरा, 11 किलो शहद और 11 किलो घी शामिल होगा. इसी दिन केले और छप्पन भोग की झांकी सजेगी. शाम 6 बजे ध्रुपद गायन का आयोजन होगा।  9 सितंबर को मोदकों से सजेगा गजानन का दरबार गणेशोत्सव के तीसरे दिन मोदक झांकी खास आकर्षण होगी. इसके लिए करीब 3 हजार किलो घी, 3 हजार किलो बेसन, 9 हजार किलो शक्कर और 1000 किलो सूखे मेवों का इस्तेमाल किया जाएगा. 251-251 किलो के दो विशाल मोदक, 51-51 किलो के पांच, 21-21 किलो के 21 और 1.25 किलो के 1100 मोदक तैयार किए जाएंगे. सुबह 5 बजे से दर्शन होंगे और शाम 7 बजे श्रद्धालुओं को निशुल्क प्रसाद वितरित किया जाएगा. इस दिन बाहर से लाया गया प्रसाद चढ़ाने की व्यवस्था नहीं रहेगी।  13 सितंबर को 3500 किलो मेहंदी से होगा सिंजारा 13 सितंबर को सिंजारा उत्सव का रंग मोतीडूंगरी में नजर आएगा. इस दिन सोजत की करीब 3500 किलो मेहंदी से भगवान गणेश का सिंजारा किया जाएगा. रात 7:30 बजे पांच स्थानों से मेहंदी वितरित की जाएगी और महिलाओं व कन्याओं के लिए अलग काउंटर रहेगा. इसी दिन गणेशजी को ननिहाल से आई नवीन पोशाक पहनाई जाएगी. तीन महीने में तैयार हुआ मोती, सोना, पन्ना और माणक जड़ित नौलखा हार और स्वर्ण मुकुट भी धारण कराया जाएगा।   14 सितंबर को 19 घंटे दर्शन, दोपहर में आधे घंटे पट मंगल 14 सितंबर को गणेश जन्मोत्सव का सबसे बड़ा आयोजन होगा. मंगला आरती से लेकर रात 11:40 बजे शयन आरती तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे. इस दौरान विशेष पूजन सुबह 11:20 बजे, श्रृंगार आरती 11:30 बजे, भोग आरती दोपहर 2:15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी. दोपहर 1:30 से 2 बजे तक आधे घंटे के लिए पट मंगल रहेंगे. यानी जन्मोत्सव के दिन करीब 19 घंटे दर्शन की व्यवस्था रहेगी।  पहली बार महिलाओं की अलग लाइन, 6 एंट्री और 8 एग्जिट गेट जन्मोत्सव पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को देखते हुए इस बार दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. पिछले साल की व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद पहली बार महिलाओं के लिए अलग दर्शन लाइन बनाई जा रही है. श्रद्धालुओं के लिए 6 एंट्री और 8 एग्जिट पॉइंट रहेंगे. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया भी बढ़ाया जाएगा।  बुजुर्गों के लिए 100 ई-रिक्शा, 500 स्वयंसेवक संभालेंगे मोर्चा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निशक्तजनों और बुजुर्गों के लिए 100 ई-रिक्शा और 4 इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें चलाई जाएंगी. व्यवस्थाओं को संभालने के लिए करीब 500 स्वयंसेवक तैनात रहेंगे. श्रद्धालुओं से कैमरा और भारी सामान साथ नहीं लाने की अपील की गई है।  15 सितंबर को गजानन निकलेंगे नगर भ्रमण पर नौ दिवसीय उत्सव का समापन 15 सितंबर को गणेशजी की शोभायात्रा के साथ होगा. इस दौरान एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड पर यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा. श्रद्धालुओं की भीड़ और शोभायात्रा को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा।  इन रास्तों से होगा प्रवेश श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड का इस्तेमाल किया जाएगा. जेडीए सर्किल, भैरव पथ और आरबीआई की ओर बैरिकेडिंग रहेगी. प्रशासन और मंदिर प्रबंधन का फोकस इस बार भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने पर है। 

‘द ओडिसी’ ने ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ को छोड़ा पीछे, 8वें हफ्ते में मारी बाजी

 क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ ने अपने आठवें हफ्ते में ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ को पीछे छोड़ दिया है। लेकिन वर्ल्डवाइड कलेक्शन में अब भी ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ आगे है। जानिए क्या है पूरा मामला। वीकएंड पर की 'स्पाइडर मैन' से ज्यादा कमाई 8वें हफ्ते ‘द ओडिसी’ ने करीब 433.97 करोड़ की कमाई की, जबकि ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ ने करीब 416.95 करोड़ कमाए। इस तरह नोलन की फिल्म ने स्पाइडर-मैन को मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया। नोलन के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘द ओडिसी’ की दुनियाभर में कमाई अब करीब 15,127 करोड़ की हो चुकी है। इसी के साथ यह फिल्म क्रिस्टोफर नोलन के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। फिल्म अब ऑल-टाइम ग्लोबल बॉक्स ऑफिस की लिस्ट में भी 14वें स्थान पर पहुंच गई है। वहीं, ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ अब भी ऑल-टाइम सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में तीसरे नंबर पर बनी हुई है। ऑल टाइम कलेक्शन में स्पाइडर मैन आगे भले ही इस हफ्ते ‘द ओडिसी’ ने स्पाइडर-मैन को पीछे छोड़ दिया हो, लेकिन ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ की कमाई भी शानदार बनी हुई है। फिल्म दुनियाभर में करीब 22,691 करोड़ की कमाई कर चुकी है। फिल्म ने हाल ही में नॉर्थ अमेरिका में 8,509 करोड़ का आंकड़ा भी पार किया है। खास बात यह है कि ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ ने यह आंकड़ा सिर्फ 36 दिनों में पार किया, जो एक नया रिकॉर्ड है। दोनों फिल्मों का इंडिया में कलेक्शन     वहीं, भारत की बात करे, तो दोनों फिल्मों ने यहां भी धूम मचा रखी है।     'द ओडिसी' ने इंडिया में 192.82 करोड़ का कलेक्शन किया है।     वहीं, दूसरी ओर ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ ने 497.30 करोड़ की कमाई कर चुकी है।  

CG Weather: छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई अभी दूर, 11 सितंबर से कई इलाकों में बारिश के आसार

 बिलासपुर  जिले में इस साल मानसून ने अच्छी दस्तक दी है। पांच सितंबर तक बिलासपुर में औसत वर्षा 943.5 मिमी दर्ज की गई है। यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के 900.7 मिमी औसत से 42.8 मिमी अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक सामान्य औसत की 104.8 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। 943.5 मिमी पहुंची औसत वर्षा भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार एक जून से पांच सितंबर तक जिले में कुल 11322.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसका औसत 943.5 मिमी रहा, जबकि पिछले दस वर्षों की इसी अवधि का औसत 900.7 मिमी है। यानी इस बार मानसून ने सामान्य आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। तहसीलवार आंकड़ों में भी बारिश का अलग-अलग असर देखने को मिला है। बिलासपुर तहसील में 1178.0 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो दस वर्षीय औसत 943.6 मिमी से करीब 24.8 प्रतिशत अधिक है। बोदरी में 1027.8 मिमी, सकरी में 1075.8 मिमी और रतनपुर में 1008.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसके विपरीत कोटा तहसील में 763.8 मिमी वर्षा हुई, जो यहां के दस वर्षीय औसत 881.8 मिमी से कम है। सितंबर में कमजोर पड़ सकता है मानसून  मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान के अनुसार मानसूनी तंत्र अभी सक्रिय बना हुआ है, लेकिन इसकी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। माहांत तक मानसून कमजोर होने का अनुमान है। सितंबर के दूसरे पखवाड़े के बाद राजस्थान से मानसून की वापसी की गतिविधियां सक्रिय होने के साथ बिलासपुर में भी मानसून के कमजोर पड़ने का दौर तेज हो सकता है। फिलहाल बारिश से पूरी तरह राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। 11 सितंबर से बिलासपुर में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। दस साल में सितंबर की बारिश ने बदला रंग बिलासपुर में सितंबर की वर्षा का रिकॉर्ड बताता है कि इस महीने मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा है। वर्ष 2016 में सितंबर में कुल 176.7 मिमी बारिश हुई थी। 2017 में यह 115.7 मिमी और 2018 में केवल 86.7 मिमी रही। वर्ष 2019 में सितंबर की बारिश बढ़कर 341.9 मिमी पहुंच गई। वर्ष 2020 में 139.5 मिमी, 2021 में 268.6 मिमी और 2022 में 178.8 मिमी बारिश दर्ज हुई। वर्ष 2023 में सितंबर में 493 मिमी बारिश के साथ उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। 24 घंटे की बारिश में भी रहा उतार-चढ़ाव सितंबर में 24 घंटे के दौरान हुई बारिश के आंकड़े भी मौसम की अस्थिरता बताते हैं। वर्ष 2016 में सर्वाधिक 24 घंटे की बारिश 48 मिमी रही। 2018 में यह केवल 29.6 मिमी थी। वर्ष 2019 में 52 मिमी और 2020 में 54 मिमी बारिश दर्ज हुई। 2022 में 24 घंटे में 50.4 मिमी बारिश हुई। वर्ष 2023 में सितंबर के दौरान 24 घंटे में 135.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस दशक की असाधारण घटनाओं में शामिल रही। मानसून कमजोर होगा, बारिश तत्काल बंद नहीं मानसून की गतिविधियों में कमी आने का मतलब यह नहीं है कि बारिश अचानक पूरी तरह बंद हो जाएगी। मौसम तंत्र कमजोर होने के दौरान स्थानीय स्तर पर बादल बनने और कुछ स्थानों पर वर्षा की संभावना बनी रह सकती है। इस वर्ष जिले के लिए राहत की बात यह है कि औसत वर्षा सामान्य से ऊपर पहुंच चुकी है। आगे होने वाली बारिश से मिट्टी में नमी, जलस्रोतों और खरीफ फसलों को अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है।

विधायकों के वाहन भत्ते में 3 गुना बढ़ोतरी की तैयारी, तमिलनाडु में ₹75 हजार करने का प्रस्ताव

चेन्नई तमिलनाडु में विधायकों को मिलने वाली सुविधाएं बढ़ सकती हैं. विधानसभा में पेश किए गए एक बिल में वाहन भत्ता ₹25 हजार से बढ़ाकर ₹75 हजार प्रति माह करने का प्रस्ताव है. इसके साथ हर MLA को वाहन की सुविधा देने की बात भी कही गई है. फिलहाल ये बदलाव प्रस्ताव में हैं, लागू नहीं हुए हैं।  यह प्रस्ताव तमिलनाडु वेतन भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2026 में रखा गया है. इसके जरिए 1951 के वेतन-भत्ते वाले कानून में बदलाव किया जाना है. सरकार का कहना है कि इससे विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में काम करने के लिए ज्यादा संसाधन मिलेंगे. बिल में सिर्फ वाहन भत्ते की बात नहीं है. कुछ दूसरे भत्तों में बदलाव का भी प्रस्ताव रखा गया है. अब समझते हैं कि इस बिल में विधायकों के लिए क्या-क्या कहा गया है।  हर MLA को वाहन देने का प्रस्ताव बिल में तमिलनाडु विधानसभा के हर सदस्य को वाहन की सुविधा देने का प्रावधान रखा गया है. यानी इसे मंजूरी मिलने के बाद हर MLA को वाहन से जुड़ी सुविधा मिल सकेगी. इसके साथ वाहन भत्ते को भी बढ़ाने का प्रस्ताव है. अभी यह राशि ₹25 हजार प्रति माह है. बिल में इसे बढ़ाकर ₹75 हजार प्रति माह करने की बात कही गई है।  इसका मतलब यह नहीं है कि विधायकों को अभी से ₹75 हजार मिलना शुरू हो गया है. पहले बिल को मंजूरी मिलनी होगी. इसके बाद सरकार जिस तारीख की अधिसूचना जारी करेगी, उसी के मुताबिक नया प्रावधान लागू होगा।  पर्सनल असिस्टेंट के लिए भी भत्ता नए संशोधन के मुताबिक सिर्फ वाहन की सुविधा या उसका भत्ता ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि कामकाज के लिए भी अलग से मदद मिलेगी. जिन विधायकों के पास बिल में बताए गए खास पदों में से कोई पद नहीं है, उन्हें पर्सनल असिस्टेंट (PA) रखने के लिए हर महीने 25 हजार रुपये का भत्ता देने का प्रस्ताव है. सरकार का कहना है कि इन अतिरिक्त संसाधनों से विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभा सकेंगे. इसका मकसद उन्हें जनता की सेवा के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।  मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आया बिल यह बिल 19 अगस्त 2026 को विधानसभा में की गई मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद लाया गया है. सरकार ने कहा है कि संशोधन के जरिए उस घोषणा को कानूनी रूप दिया जाएगा. बिल में विधायकों को मिलने वाली आने-जाने की सुविधा यानी कन्वेयंस से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव का प्रस्ताव है. इसका मकसद विधायकों की मौजूदा सुविधाओं को नए प्रावधानों के हिसाब से तय करना है।  कब से लागू होगा नया नियम? अभी इसे लेकर अंतिम तारीख तय नहीं हुई है. बिल में साफ किया गया है कि नए प्रावधान तमिलनाडु सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद लागू होंगे।  यानी फिलहाल ₹75 हजार वाहन भत्ता प्रस्तावित राशि है. बिल को मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसकी लागू होने की तारीख तय करेगी. इसके बाद ही बढ़ा हुआ भत्ता प्रभावी होगा। 

अवैध शराब पर सरकार सख्त! लापरवाही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, डिप्टी CM शुक्ल ने दिए निर्देश

लापरवाही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई : उप मुख्यमंत्री शुक्ल अवैध शराब प्रभावितों की स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कारवाई की समीक्षा की भोपाल बंडा क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के मामले में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रभावितों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश दिए।   कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 84 मरीज वर्तमान में उपचाररत हैं, जिनमें 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में, 17 मरीज जिला चिकित्सालय में, 7 मरीज बंडा सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं, जबकि 1 गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जहरीली शराब के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई है, जिसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।   पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्रकरण मे थाना बण्डा मे पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 20 आरोपियों के विरूद्ध नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है जिन पर अवैध लाभ के उद्देश्य से संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई एवं बिक्री से जुड़े होने के संबंध में आरोप हैं। इसके अतिरिक्त थाना विनायका मे भी 10 आरोपियों के विरूद्ध नामजद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देते हुए 20 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों को अभिरक्षा मे लिया गया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के स्रोत की जांच एवं संलिप्त अपराधियों की लगातार धर-पकड़ जारी है। डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रभावित मरीजों का उपचार लक्षणों की तीव्रता के अनुसार किया जा रहा है, प्रभावितों के आने की दर में कमी आई है और गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है। बीएमसी में मरीजों का जाना हाल और परिजनों को बंधाया ढांढस उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रविवार को पीड़ितों के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शुक्ल ने बीएमसी के आईसीयू और क्रिटिकल केयर वार्डों में भर्ती उपचाररत मरीजों के पास पहुंचकर उनसे बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद मरीजों के परिजनों से भी चर्चा की, उनका ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सर्वोत्तम संभव इलाज मुहैया कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहे और दवाओं व संसाधनों की कोई कमी न होने दी जाए। निरीक्षण के दौरान सागर विधायक शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कमिश्नर अनिल सुचारी, डीआईजी  शशीन्द्र चौहान , कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, बीएमसी के प्रभारी डीन डॉ गंगवानी, इमरजेंसी मेडिसिन से डॉ सौरभ जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।   नशामुक्त समाज के लिए ग्रामीणों से की अपील उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए गांवों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे की लत से दूर रहें। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र में पूर्व में भी नशामुक्ति के लिए जनसहयोग से प्रयास हुए हैं; भविष्य में भी अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी कड़ाई और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे।   

DKS में नौकरी और कैंटीन ठेके के नाम पर ₹29 लाख लेने का आरोप, NSUI अध्यक्ष ने कहा- शिकायत गलत

रायपुर  छत्तीसगढ़ NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के खिलाफ 29 लाख रुपए से अधिक की कथित ठगी की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता युवक का आरोप है कि उसे विभिन्न काम दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग माध्यमों से बड़ी रकम ली गई, लेकिन बाद में कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया।मामले में नीरज पांडे के अलावा उनके भाई दीपक पांडे और चाचा इंद्रासन पांडे के नाम भी शिकायत में शामिल किए गए हैं। फिलहाल आरोपों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। एजेंसी, नौकरी और ठेका दिलाने का दिया भरोसा शिकायतकर्ता के अनुसार उसे सिप्ला कंपनी की एजेंसी या डीलरशिप दिलाने का आश्वासन दिया गया था। इसके अलावा DKS अस्पताल में नौकरी और कैंटीन का ठेका दिलाने की बात भी कही गई।युवक का आरोप है कि इन कामों के नाम पर उससे अलग-अलग समय पर रकम ली गई। शिकायत में उसकी पत्नी को मंत्रालय में नौकरी और रेत खदान से जुड़ा काम दिलाने का भरोसा दिए जाने का भी उल्लेख है। भाई और चाचा के नाम भी शिकायत में शामिल इस मामले में नीरज पांडे के साथ उनके भाई दीपक पांडे और चाचा इंद्रासन पांडे का नाम भी सामने आया है। शिकायतकर्ता ने तीनों पर अलग-अलग माध्यमों से रकम लेने से जुड़े आरोप लगाए हैं।हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। झूठा और बेबुनियार आरोप नीरज के भाई दीपक से संपर्क करने पर बताया कि,  राजू के साथ उनके चाचा का प्लाटिंग का ज्वाइंट काम था। इस संबंध में उनके बीच पैसों की आपस में लेन-देन होती थी। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष के भाई के अनुसार, उनका राजू के परिवार के साथ घरेलू संबंध रहा है। आरोपों को लेकर उनका कहना है, उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है कि राजू ने किनके कहने पर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। बैंक ट्रांजेक्शन और भुगतान का दिया हवाला युवक ने पुलिस को दिए आवेदन में बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य भुगतानों का जिक्र किया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने जिन कामों के लिए रकम दी, वे पूरे नहीं किए गए।उसने अपने आवेदन में कथित भुगतान से जुड़े विवरण भी पुलिस के सामने रखे हैं, जिसके आधार पर मामले की जांच की मांग की गई है। पुलिस कमिश्नर से शिकायत, CM से भी लगाई गुहार मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने रायपुर पुलिस कमिश्नर के समक्ष आवेदन दिया है। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई है।अब इस मामले में पुलिस जांच के बाद आगे क्या कार्रवाई करती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल यह मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है, इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।  

छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता को नई दिशा! राज्यपाल डेका ने कन्या छात्रावास और मेधा AI-मीडिया शोध केंद्र का किया शुभारंभ

पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता हो – राज्यपाल डेका राज्यपाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में कन्या छात्रावास, मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का किया शुभारंभ रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन भी किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा के प्रसार और नारी सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके नाम पर कन्या छात्रावास का नामकरण छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास में सहायक होगा।         राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने तथा उनके जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय के प्रेरणा स्त्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उन्होंने स्व. ठाकरे जी के सानिध्य में बिताए गए अवसरों और प्रेरणादायी उद्धरणों को साझा किया।         डेका ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। समाचारों में तथ्य, सत्य और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूर्ण पुष्टि आवश्यक है, क्योंकि एक समाचार का प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है।        डेका ने कहा कि सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में सूचनाओं का तेजी से प्रसार हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री सत्य हो, यह आवश्यक नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद ही समाचारों को प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर दे।         राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के आधुनिक दौर में भी प्रिंट मीडिया आज भी विश्वसनीय माध्यम समाज में बना हुआ है। पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए  अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन वे व्यापक रूप से पहचाने नहीं जा सके। ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं के कार्यों को समाचारों और लेखों के माध्यम से समाज के सामने लाने से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।        राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने तथा कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।       कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी विभागाध्यक्ष प्रबंधन और आभार प्रदर्शन सुनील कुमार शर्मा कुलसचिव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव