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धारवासियों का दशकों पुराना इंतजार खत्म, आज से शुरू होगी ट्रेन सेवा; PM मोदी वर्चुअली करेंगे शुभारंभ

धार  धार जिले के लिए 8 सितंबर का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिले को पहली रेल सेवा की सौगात देने जा रहे हैं। कुछ ही देर बाद वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से धार जिले के 28 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण करेंगे और यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही पहली बार धार जिले के नक्शे पर रेल सेवा शुरू हो जाएगी और जिले की धरती पर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। धार में रेल सुविधा का सपना कई दशकों पुराना है। 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय उम्मीद थी कि वर्ष 2011 तक जिले को रेल सुविधा मिल जाएगी, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना में लंबा समय लगा। आखिरकार 18 साल 7 महीने बाद यह इंतजार खत्म होने जा रहा है। रामकोट तक सफर करेंगी टांडा रोड रेलवे स्टेशन पर इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्सव जैसा माहौल है। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर भी यहां पहुंच चुकी हैं। वे टांडा रोड स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगी और स्वयं रामकोट तक रेल सफर करेंगी। रेल सेवा शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ टांडा और आसपास के आदिवासी अंचल के लोगों को मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजगार के लिए गुजरात और अन्य क्षेत्रों में प्रवास करने वाले हजारों लोगों के लिए यह सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का नया माध्यम बनेगा। जिले के ऐसे भी अनेक लोग हैं, जिन्होंने अब तक ट्रेन देखी तक नहीं है या रेल में सफर नहीं किया है। ऐसे लोगों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है।  

बस्तर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता! नक्सली डंप से विस्फोटक समेत सामान बरामद

सुकमा. सुकमा. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है. चिंतलनार थाना क्षेत्र के चिन्नाबोड़केल के पहाड़ी-जंगल इलाके में सर्चिंग के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए डंप का पता लगाया. यहां से हथियार, विस्फोटक, गोला-बारूद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य नक्सली उपयोगी सामग्री बरामद की गई है. सुकमा पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर को मिले इंटेलिजेंस के आधार पर कैंप रायगुडेम से 223वीं वाहिनी सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम को चिन्नाबोड़केल के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था. सर्चिंग के दौरान संदिग्ध डंप मिला, जिसके बाद इलाके की सघन तलाशी ली गई. बरामद सामग्री में एक भरमार बंदूक, बीजीएल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली 57 पाइप, तीन आईईडी कंटेनर, दो वायरलेस सेट, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर समेत अन्य डेटोनेटर, करीब एक किलो गन पाउडर और तीन किलो यूरिया शामिल हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में बैटरियां, इलेक्ट्रिक तार, चार्जर, रेडियो सेट, सर्किट बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री भी मिली है. सुरक्षा बलों को डंप से नक्सली साहित्य, झंडा, यूनिफॉर्म, तीर-कमान, लोहे की स्पाइक और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी बरामद हुई है. पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जंगलों और दुर्गम इलाकों में पहले से छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक डम्प की तलाश लगातार जारी है. सुकमा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल कायम करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.

MBBS इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर आज सरकारी अस्पतालों में OPD ठप

भोपाल MBBS इंटर्न डॉक्टर्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब प्रदेशभर में फैलता नजर आ रहा है। सोमवार सुबह से चल रहे प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई से नाराज इंटर्न डॉक्टर्स ने मंगलवार को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है।डॉक्टरों के मुताबिक, इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलती रहे। हालांकि OPD बंद रहने से सामान्य मरीजों की नियमित जांच और उपचार सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। भोपाल में रातभर सड़क पर डटे रहे इंटर्न डॉक्टर राजधानी भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन रातभर जारी रहा। डॉक्टर कमला पार्क की सड़क पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। CM हाउस की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया गया है, जिससे प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री निवास की ओर आगे बढ़ने से रोका जा सके। इंदौर और रतलाम में भी असर भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम समेत प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न डॉक्टर्स के काम नहीं करने की बात सामने आई है। इससे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को नियमित OPD सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि आंदोलन के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को जारी रखने की बात कही गई है। चिकित्सक समुदाय के लिए काला दिन जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) ने समर्थन जताते हुए मंगलवार को हमीदिया अस्पताल की नियमित ओपीडी और इलेक्टिव ओटी का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे एमटीए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने इसे चिकित्सक समुदाय के लिए काला दिन करार दिया और मांग पूरी न होने पर पूरे डॉक्टर समुदाय के आंदोलन में उतरने की चेतावनी दी। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे जीतू पटवारी इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को खुद आंदोलन कर रहे डॉक्टरों के बीच आकर उनकी मांग सुननी चाहिए। पटवारी ने CM हाउस जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां भारत-पाकिस्तान की बॉर्डर बना दी गई है। उन्होंने सरकार से डॉक्टरों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की। कमला पार्क की सड़क पर रातभर डटे रहे इंटर्न डॉक्टर भोपाल में प्रदर्शन कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टर पुलिस कार्रवाई के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कई इंटर्न डॉक्टर रातभर कमला पार्क की सड़क पर बैठे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद पुलिस ने उनके खिलाफ वाटर कैनन और बल प्रयोग का इस्तेमाल किया। वहीं, प्रशासन ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रदेशभर में OPD बंद, इमरजेंसी सेवा रहेगी चालू इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का समर्थन मिलने के बाद इसका असर प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में दिखाई दे रहा है। भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम और अन्य शहरों में भी डॉक्टरों के काम से दूर रहने की जानकारी सामने आई है। जूनियर डॉक्टर ने साफ किया है कि जब तक इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक नियमित OPD और तय इलेक्टिव ऑपरेशन सेवाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। हालांकि, मरीजों की परेशानी को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को बंद नहीं किया गया है। गंभीर मरीजों को अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलती रहेगी।  स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल जूनियर डॉक्टर मध्य प्रदेश के वाइस प्रेसिडेंट अनुराग भारती के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत हुई है, लेकिन इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों पर कायम हैं। डॉक्टरों की मुख्य मांगों में स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी शामिल है। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मेडिकल छात्रों और इंटर्न डॉक्टरों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन भी समर्थन में मामले को लेकर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने भी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का समर्थन किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय देर रात प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से मिलने पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किए जाने से डॉक्टरों में आक्रोश है। उन्होंने इस घटना को चिकित्सक समुदाय के लिए दुखद बताया और कहा कि यदि इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पूरा चिकित्सक समुदाय उनके साथ खड़ा रहेगा। डॉक्टरों पर बल प्रयोग की निंदा   अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए घायल डॉक्टरों के नि:शुल्क इलाज और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं एफएआईएमए के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आकाश सोनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सरकार को बल प्रयोग के बजाय बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए। इंटर्न बोले- उप मुख्यमंत्री खुद आएं प्रशासनिक स्तर पर देर रात हुई कलेक्टर और सीएमई की वार्ता बेनतीजा रही। गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह जब छात्रों को डिप्टी सीएम से मिलाने ले जाने पहुंचीं, तो डॉक्टरों ने वहां जाने से साफ इंकार कर दिया। इंटर्न डॉक्टरों की दो टूक मांग है कि स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी के साथ-साथ उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल स्वयं आकर उनसे बात करें और लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए। लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के विरोध में JDA भी उतरा इंटर्न डॉक्टर्स के समर्थन में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) भी सामने आया है। सोमवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल का JDA ने विरोध किया है। स्टाइपेंड बढ़ोतरी … Read more

दुबई से मध्यप्रदेश का बड़ा संदेश: निवेश कीजिए, हम हर कदम पर निभाएंगे साझेदारी

दुबई से दुनिया को मध्यप्रदेश का संदेश: “निवेश कीजिए, हम साझेदारी निभाएंगे” भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में विश्व के विभिन्न देशों से आए राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों के साथ एआईएम कांग्रेस-2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने, मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया, "Invest in Madhya Pradesh, India" निवेश सत्र में राज्य की निवेश क्षमता का प्रस्तुतीकरण किया तथा यूएई और रूस के वरिष्ठ नेतृत्व एवं प्रमुख उद्योग समूहों के साथ कई महत्वपूर्ण वन-टू-वन और शासन-स्तरीय बैठकें कीं। दिन की शुरुआत ताज दुबई, बिजनेस बे में मीडिया संवाद से हुई, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों, उद्योग जगत और वैश्विक साझेदारों के बीच मध्यप्रदेश की बढ़ती आर्थिक शक्ति, औद्योगिक प्रगति और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 की तैयारियों पर चर्चा की। मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के प्रदर्शनी क्षेत्र में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया। पवेलियन को राज्य के प्रमुख निवेश एवं व्यापार प्रदर्शन मंच के रूप में विकसित किया गया है, जहां वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश की केंद्रीय अवस्थिति, विशाल लैंड बैंक, विकसित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों तथा विनिर्माण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरते उद्योगों में अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही चंदेरी, महेश्वरी, ज़री-जरदोज़ी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट जैसे जीआई टैग एवं ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया। रास अलखैमाह के शासक से मुलाकात एआईएम कांग्रेस के उद्घाटन समारोह से पूर्व, मुख्यमंत्री ने UAE सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रास अलखैमाह के शासक हिजहाइनेस शेख सऊद बिन सकरअलकासिमी से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का आमंत्रण भी दिया। दोनों पक्षों ने निवेश संवर्धन एवं बाजार पहुंच के लिए संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख के साथ उच्चस्तरीय बैठक दोपहर में मुख्यमंत्री ने रूस के तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख एच.ई. रुस्तम मिन्निखानोव के साथ शासन-स्तरीय बैठक की। बैठक का उद्देश्य तातारस्तान और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को मजबूत करना तथा सेक्टर-विशिष्ट साझेदारियों की पहचान करना था। वार्ता के दौरान उन्नत विनिर्माण, पेट्रोकेमिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित उद्योगों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में “टाइम: रूस-भारत” फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी, दोनों पक्षों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, संभावित संयुक्त परियोजनाओं तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में तातारस्तान की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। “Invest in Madhya Pradesh, India” सत्र ने बटोरा ध्यान दोपहर बाद आयोजित “Invest in Madhya Pradesh, India” निवेश सत्र AIM Congress का प्रमुख आकर्षण रहा। सत्र में दुबई के महावाणिज्यदूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने राज्य की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सत्र में पर्यटन क्षेत्र की निवेश संभावनाओं पर विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की गई। UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निवेश सत्र में मुख्यमंत्री का विशेष संबोधन निवेश सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल अवसरों का प्रदेश नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, स्थिर और विश्वसनीय निवेश साझेदारी का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि नीति, नीयत और नेतृत्व ने मध्यप्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक केंद्र है और यहां से देश के किसी भी हिस्से तक 24 से 36 घंटे के भीतर परिवहन संभव है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, विकसित सड़क और रेल नेटवर्क तथा आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं इसे विनिर्माण एवं वितरण का स्वाभाविक केन्द्र बनाती हैं। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार उपकरण निर्माण, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश तेजी से मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भोपाल में अगले वर्ष आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का आमंत्रण दिया। यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री के साथ बैठक निवेश सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE के कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एच.ई. अब्दुल्ला बिन तौकअलमर्री से मुलाकात की। बैठक में नागरिक उड्डयन, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), भविष्य-केंद्रित संस्थानों, औद्योगिक पार्कों एवं निवेश सहयोग के विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में स्पेशल इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की योजनाओं की जानकारी दी और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन जैसे संस्थानों की अवधारणा पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी के साथ वन-टू-वन बैठक शाम को मुख्यमंत्री ने UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी के साथ अलग से एक विशेष वन-टू-वन बैठक की। बैठक में मध्यप्रदेश को UAE निवेशकों के लिए मध्य भारत का पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्यपालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट विनिर्माण और निर्यात प्लेटफॉर्म में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने चयनित निवेश परियोजनाओं के लिए संयुक्त कार्य प्रणाली विकसित करने तथा भविष्य में मध्यप्रदेश-UAE निवेश राउंडटेबल आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। लूलू ग्रुप के चेयरमैन युसूफ अली के साथ महत्वपूर्ण बैठक दिवस के अंतिम प्रमुख कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक युसूफ अली एम.ए. के साथ विस्तृत वन-टू-वन बैठक की। लूलू ग्रुप मध्य पूर्व का प्रमुख रिटेल, हाइपरमार्केट, खाद्य वितरण, कृषि निर्यात, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग समूह है, जिसकी वैश्विक उपस्थिति 250 से अधिक स्टोर्स और 65,000 से अधिक कर्मचारियों तक फैली हुई है। बैठक में मध्यप्रदेश से प्याज, गेहूं, सब्जियों सहित कृषि उत्पादों की प्रत्यक्ष खरीद को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण, सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग, कृषि निर्यात और रिटेल नेटवर्क विस्तार के अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की कृषि क्षमता, खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना और निर्यातोन्मुखी नीतियों की जानकारी देते हुए लूलू ग्रुप को राज्य में निवेश बढ़ाने का आमंत्रण दिया। उद्योग एवं निवेश समुदाय के साथ नेटवर्किंग दिन का समापन दुबई … Read more

बाढ़ प्रभावितों को मिलेगी राहत, फसल क्षति का होगा आकलन; मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख

पटना  बिहार में कई जिलों में बाढ़ से काफी तबाही हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर तरह की सहूलियत मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आगे स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक घर की जांच कर बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। साथ ही प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की जाएगी। बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वैशाली एवं सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। साथ ही हाजीपुर तथा सोनपुर में संचालित राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोगों को आपदा से निजात दिलाने की व्यवस्था और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। शिविर में रह रहे लोगों से बात की मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बातचीत की और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत की। वहीं, शैक्षणिक शिविर में भी बच्चों से उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और खान-पान के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पशुओं के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिये। बाढ़ के पानी में डूबने से हुए मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। लोगों ने व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान सामुदायिक रसोई की व्यवस्था देखी। हाजीपुर में बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से भोजन परोसा। वहीं, सोनपुर में शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर भोजन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही बाढ़ पीड़ितों के साथ उन्होंने भोजन भी किया। लोगों ने शिविर में की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि यहां खाने-पीने से लेकर रहने तक की बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक जनक सिंह, संजय सिंह, सिद्धार्थ पटेल के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार आदि उपस्थित थे। अगले दो-तीन दिनों में बाढ़ से राहत मिलेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से अभी लगभग 15 लाख क्यूसेक पानी का लगातार डिस्चार्ज हो रहा है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की संभावना है। गंगा नदी के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से भी बातचीत की गई है, ताकि प्रत्येक वर्ष बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्या से लोगों को स्थायी रूप से निजात दिलाई जा सके। मुख्यमंत्री ने अफसरों को कई निर्देश दिए ● बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर सहूलियत मुहैया कराई जाए ● फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा ● बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं ● मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए

जालंधर पुलिस की बड़ी कार्रवाई! वाहन चोर गिरोह के 2 सदस्य दबोचे, कई बाइक बरामद

जालंधर. जालंधर के थाना भोगपुर पुलिस ने क्षेत्र में बढ़ते चोरी के मामलों पर संज्ञान लेते हुए वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को चोरी के मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपित वाहन चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं और चोरी किए गए मोटरसाइकिल को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपितों के और भी साथी हैं, जो गिरोह में शामिल हैं‌। पुलिस के मुताबिक एएसआइ सरबजीत सिंह पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के संबंध में नाकाबंदी कर मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अवतार सिंह निवासी गांव बूनदड़ा, थाना भोगपुर और उसका साथी अलीशा मसीह निवासी गांव ऊटर, थाना भोगपुर वाहन चोरी करने के आदी हैं। चोर चोरी का माल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे दोनों आरोपी चोरी किए गए मोटरसाइकिल के साथ इलाके में मौजूद हैं और उसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद किया है। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों ने अब तक कितने वाहन चोरी किए हैं और चोरी के वाहनों को किन लोगों को बेचा जाता था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में इनके अलावा और कितने लोग शामिल हैं। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ के बाद वाहन चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में भी वारदातें हल होने की संभावना है।

Stock Market Fall: मंगलवार को निवेशकों के लिए अमंगलकारी रहा बाजार, खुलते ही टूटे Sensex-Nifty

मुंबई  शेयर बाजार में फिर से बड़ी गिरावट आई है. मंगलवार को ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खराब शुरुआत के बाद तेजी से फिसला और 400 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty-50 भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए करीब 100 अंक फिसल गया. इस बीच बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 बड़ी कंपनियों के शेयरों में से 26 में गिरावट देखने को मिली. Share Market में आई गिरावट का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट टेंशन से है।  Sensex-Nifty खुलते ही बिखरे शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर BSE Sensex ने अपने पिछले कारोबारी बंद 76,132 की तुलना में गिरावट लेकर 75,970 पर कारोबार की शुरुआत की और फिर देखते ही देखते 418 अंक टूटकर 75,714 तक फिसल गया।  सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty की भी ओपनिंग देखने को मिली. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,779 के मुकाबले फिसलकर पहले 23,743 पर खुला और फिर इसके गिरने की रफ्तार भी तेज होती गई. खबर लिखे जाने तक निफ्टी 23,668 पर कारोबार कर रहा था।   सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share (1.40%), Bharti Airtel Share (1.10%), ICICI Bank-Axis Bank करीब 1 फीसदी की  गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Voltas Share (2.50%), TI India Share (1.50%). Godrej Properties Share (1%) की गिरावट में नजर आया. स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की लिस्ट में Amber Share (1.60%), Cyient Share (1.45%) और Angel One Share (1.40%) रहे।  शेयर बाजार में गिरावट का बड़ा कारण Stock Market में मंगलवार को आई इस गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो इसका सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट टेंशन, ईरान और डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी और इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से है।  दरअसल, ईरान ने अपने उपभोक्ताओं के लिए गैस की कीमतों में इजाफा किया है, तो वहीं वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड का दाम 97 डॉलर के पार निकलकर महंगाई का जोखिम बढ़ाता हुआ नजर आ रहा है. डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी 93 डॉलर के पार, तो मर्बन क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रही है। 

स्कूल में बिजली-व्यवस्था और क्लासेस की मांग, छात्राओं ने कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च

अंबिकापुर. सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान 45 छात्राओं ने सोमवार को प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए बड़ा कदम उठाया। छात्राएं स्कूल से करीब 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्टोरेट तक पैदल ही निकल पड़ीं। करीब 6 किलोमीटर चलने के बाद जब इसकी जानकारी प्रशासन को मिली तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बस भेजकर छात्राओं को कलेक्टोरेट लाया गया। बेहोश होकर गिरी छात्रा कलेक्टोरेट पहुंचने के बाद छात्राएं सीधे कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात करने पर अड़ी रहीं। इसी दौरान तनाव और थकान के चलते एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर गई। उसे तत्काल एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। तीन महीने से हॉस्टल में बिजली नहीं होने का आरोप छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पिछले तीन महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा मेस में साफ-सफाई की स्थिति खराब है और फिजिक्स के साथ केमिस्ट्री की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग रही हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी प्राचार्य और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते छात्राओं ने पैदल अंबिकापुर जाने का फैसला किया। अफसरों ने समझाने की कोशिश की छात्राओं के मार्च की जानकारी मिलते ही आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला बैलकोटा पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने की कोशिश की और प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। कुछ शिक्षकों ने भी छात्राओं को रोकने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं किसी अन्य अधिकारी से बातचीत के लिए तैयार नहीं हुईं और कलेक्टर से ही मिलने की मांग करती रहीं। जहां शिक्षकों ने छात्राओं के किसी के बहकावे में आने की बात कही, वहीं छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि वे बिना किसी दबाव के अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक पहुंची हैं। कलेक्टर ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश कलेक्टोरेट में बातचीत के बाद छात्राओं को बस से वापस हॉस्टल भेज दिया गया। कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिजली व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने और मेस की साफ-सफाई तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि बिजली, शिक्षकों की कमी और मेस की साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाएगा।

छात्रों में स्टार्टअप सोच विकसित करने पर जोर, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले- शिक्षा में नवाचार जरूरी

रायपुर : शिक्षा में नवाचार और स्टार्टअप सोच को बढ़ावा देना समय की जरूरत: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री ने पीएम स्कूल कोड़ातराई के नवीन भवन निर्माण का किया भूमिपूजन शिक्षक सम्मान एवं फन फेयर में विद्यार्थियों ने दिखाया रचनात्मकता, नेतृत्व और प्रबंधन कौशल रायपुर शिक्षा में नवाचार, रचनात्मकता और विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। बदलती तकनीक के दौर में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उनमें जिज्ञासा, नई सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना जरूरी है। यह बात वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने पीएम शासकीय विद्यालय कोड़ातराई में आयोजित शिक्षक सम्मान सह फन फेयर कार्यक्रम में कही। शिक्षा में नवाचार और स्टार्टअप सोच को बढ़ावा देना समय की जरूरत: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री चौधरी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं नवाचार की सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का भी है। फन फेयर में विद्यार्थियों ने संभाली आयोजन की पूरी जिम्मेदारी पीएम स्कूल कोड़ातराई में आयोजित फन फेयर विद्यार्थियों के व्यावहारिक सीखने और नेतृत्व क्षमता का प्रभावी उदाहरण बना। शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने स्वयं मंच संचालन, अतिथि सत्कार, अनुशासन, समय प्रबंधन, कूपन वितरण और विभिन्न स्टॉलों के संचालन की जिम्मेदारी संभाली। फन फेयर में बड़ा, डोसा, मंचुरियन, चाउमिन, फ्रेंच फ्राई, चना रोस्ट, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए गए। वित्त मंत्री चौधरी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक जीवन की समझ भी देती हैं। इससे टीमवर्क, नेतृत्व, प्रबंधन, संवाद और निर्णय लेने जैसी क्षमताओं का विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा को पहचानने, प्रयोग करने और नए विचारों को सामने लाने के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। यही अनुभव आगे चलकर उनमें नवाचार और स्टार्टअप की सोच को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। शिक्षकों का सम्मान कर जताया आभार कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कार्यालयीन कर्मचारियों का तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन एवं योगदान को सराहा। विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार सिन्हा ने पीएम योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, योजनाओं एवं नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालय के विकास में सहयोग प्रदान करने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ व्याख्याता रामसागर पटेल ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमलता हरिशंकर चौहान, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

WhatsApp पर जुड़ेगा AI का पूरा नेटवर्क! कई AI Agents से सीधे बात कर सकेंगे यूजर्स

 नई दिल्ली  वॉट्सऐप का इस्तेमाल हम रोज चैटिंग, फोटो-वीडियो शेयर करने और कई जरूरी कामों के लिए करते हैं. अब कंपनी इसमें एक ऐसा फीचर जोड़ने की तैयारी कर रही है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए काफी काम का हो सकता है. इस नए फीचर की मदद से यूजर्स वॉट्सऐप के अंदर ही थर्ड-पार्टी एआई एजेंट और बोट्स जुड़ सकेंगे।  अभी अगर आपको किसी AI टूल का इस्तेमाल करना है, तो उसके लिए अलग वेबसाइट या ऐप खोलना पड़ता है. लेकिन वॉट्सऐप के इस नए फीचर के बाद ऐसा जरूरी नहीं होगा. यूजर्स सीधे वॉट्सऐप के अंदर ही अलग-अलग एआई एजेंट से बात कर सकेंगे. आइए जानते हैं यह फीचर कैसे काम कर सकता है।  क्या है ये नया फीचर? रिपोर्ट के मुताबिक, वॉट्सऐप ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे थर्ड-पार्टी एआई एजेंट और बोट्स को वॉट्सऐप से जोड़ा जा सकेगा।  मान लीजिए आप वॉट्सऐप पर किसी से बात कर रहे हैं और उसी दौरान आपको किसी एआई एजेंट की जरूरत पड़ जाती है. ऐसे में आपको अलग ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं होगी. आप वॉट्सऐप के अंदर ही उस एआई एजेंट को जोड़कर उसका इस्तेमाल कर सकेंगे।  यानी AI के लिए सिर्फ वॉट्सऐप के अपने फीचर्स पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी. अलग-अलग कंपनियां और डेवलपर्स अपने एआई एजेंट को वॉट्सऐप के साथ जोड़ सकेंगे।  मान लीजिए आपको किसी एआई एजेंट से जानकारी लेनी है, कोई सवाल पूछना है या कोई काम करवाना है. ऐसे में आपको बार-बार अलग ऐप पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वॉट्सऐप के अंदर ही उस एआई एजेंट के साथ बातचीत की जा सकेगी।  कैसे काम करेगा? इस फीचर के आने के बाद संभव है कि यूजर्स को वॉट्सऐप में ही ऐसे AI बोट्स दिखाई दें, जिन्हें वे अपनी जरूरत के हिसाब से जोड़ सकें. इसके बाद सामान्य वॉट्सऐप चैट की तरह AI से बातचीत की जा सकेगी।  हालांकि, यह फीचर अभी आने की तैयारी में है और इसके काम करने का पूरा तरीका आने वाले समय में और साफ होगा. यह भी देखना होगा कि वॉट्सऐप किन एआई एजेंट को सपोर्ट करता है और यूजर्स को कितने विकल्प मिलते हैं।  यूजर्स को क्या फायदा होगा? सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि AI का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार ऐप बदलने की जरूरत कम हो सकती है. वॉट्सऐप पहले से ही करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा है. ऐसे में अगर एआई एजेंट भी यहीं मिल जाते हैं, तो उनका इस्तेमाल करना काफी आसान हो सकता है।  फिलहाल यह फीचर कब तक सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, इसकी आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है. लेकिन अगर वॉट्सऐप इसे बड़े स्तर पर जारी करता है, तो AI और मैसेजिंग दोनों के इस्तेमाल का तरीका काफी हद तक बदल सकता है।