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Vidur Niti: ये 5 आदतें इंसान को बर्बादी की ओर ले जाती हैं, आज ही बना लें दूरी

महाभारत काल में महात्मा विदुर को उनकी नीतियों और दूरदर्शिता के लिए जाना जाता है . धृतराष्ट्र को दिए गए उनके उपदेश, जिन्हें विदुर नीति के नाम से जाना जाता है, आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने तब थे. विदुर नीति में जीवन जीने के कई गूढ़ रहस्यों, सफलता के सूत्रों और उन गलतियों के बारे में बताया गया है जो व्यक्ति को सफलता से कोसों दूर कर देती हैं . महात्मा विदुर के अनुसार, इंसान की अपनी ही कुछ आदतें और व्यवहार उसकी बर्बादी और असफलता का सबसे बड़ा कारण बनते हैं . अगर समय रहते इन आदतों में सुधार न किया जाए, तो व्यक्ति का जीवन संकटों से घिर जाता है. आइए जानते हैं विदुर नीति के अनुसार वे कौन सी आदतें हैं जो असफलता की तरफ ले जाती हैं: 1. अत्यधिक अहंकार (Arrogance) विदुर नीति के अनुसार, अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है . जिस व्यक्ति के मन में अपनी विद्या, धन या पद का घमंड आ जाता है, उसका पतन निश्चित होता है. अहंकारी व्यक्ति न तो किसी की सलाह सुनता है और न ही अपनी गलतियों से सीखता है . यह आदत उसे समाज में अकेला कर देती है. ऐसा व्यक्ति धीरे-धीरे असफलता के गर्त में चला जाता है . 2. आलस्य और काम टालने की आदत (Procrastination) आलस्य सफलता के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है . जो व्यक्ति आज के काम को कल पर टालता है (दीर्घकालिक आलस्य), वह जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकता . महात्मा विदुर मानते हैं कि समय का सदुपयोग न करने वाले, हर बात में बहाने बनाने वाले व्यक्ति के पास कभी भी मां लक्ष्मी और सफलता का वास नहीं होता . 3. अनुचित और बुरी संगति (Bad Company) कहा जाता है कि इंसान की पहचान उसकी संगति से होती है . विदुर नीति के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति गलत राह पर चलने वाले, नकारात्मक या दुर्गुणों से घिरे लोगों के साथ रहता है, तो उसका पतन तय है . बुरी संगति अच्छे-भले इंसान के संस्कारों और भविष्य को बर्बाद कर देती है . इसलिए हमेशा ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो आपको गलत रास्ते पर ले जाएं . 4. अति लोभ और लालच (Greed) लोभ इंसान की बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है . जो व्यक्ति अपनी मेहनत के बजाय शॉर्टकट अपनाकर या दूसरों का हक मारकर धन कमाने की सोचता है, वह कुछ समय की सफलता के बाद बहुत बड़ी बर्बादी का सामना करता है . लालच व्यक्ति के नैतिक मूल्यों को खत्म कर देता है, जिससे उसका सामाजिक और मानसिक पतन होने लगता है . 5. कड़वा और अनियंत्रित बोलना (Harsh Speech) वाणी में बहुत बड़ी ताकत होती है . विदुर नीति के अनुसार, जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे कड़वे शब्दों का प्रयोग करता है, वह अपने जीवन में खुद ही शत्रुओं की संख्या बढ़ा लेता है . ऐसी आदत वाले व्यक्ति से लोग दूरी बना लेते हैं और संकट के समय उसका साथ देने वाला कोई नहीं बचता .

विदिशा के पूर्व ADM डामोर का निधन, इसी महीने हुआ था भोपाल तबादला; नई पोस्टिंग ज्वाइन करने से पहले हार्ट अटैक

विदिशा  विदिशा के पूर्व अपर कलेक्टर और 2019 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल कुमार डामोर का मंगलवार सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  उनके निधन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में दुख फैल गया। जैसे ही यह खबर मिली, बड़ी संख्या में लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचने लगे। अस्पताल परिसर में उनके परिचित अधिकारी, कर्मचारी और सहयोगी दुखी नजर आए। हर किसी के चेहरे पर अपने साथी अधिकारी को अचानक खोने का दुख साफ दिख रहा था। मेडिकल कॉलेज में उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसी महीने भोपाल ट्रांसफर हुआ था अनिल कुमार डामोर विदिशा में अपर कलेक्टर के पद पर काम कर चुके थे। इसी महीने राज्य शासन ने उनका तबादला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल में उप सचिव के पद पर किया था। वे विदिशा से अपना काम छोड़कर नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी में थे। सहकर्मियों के अनुसार, डामोर बहुत हंसमुख, मिलनसार और सहज स्वभाव के अधिकारी थे। वे अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों से भी प्यार से बात करते थे। अच्छे व्यवहार के लिए जाने जाते थे उनके व्यवहार में कभी अधिकारी वाली औपचारिकता नहीं दिखती थी। इसी वजह से उन्होंने प्रशासनिक अमले में कम समय में ही अपनी अलग पहचान बनाई थी। मेडिकल कॉलेज पहुंचे अधिकारी-कर्मचारी एक-दूसरे से उनके साथ बिताए समय और यादें साझा करते दिखे। सहकर्मियों का कहना था कि उन्होंने सिर्फ एक अच्छे अधिकारी को ही नहीं, बल्कि एक अच्छे साथी को भी खो दिया है। झाबुआ के रहने वाले थे अनिल कुमार डामोर मूल रूप से झाबुआ जिले के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। उनका बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है, जबकि बेटी भी पढ़ाई कर रही है।  

पाकिस्तान क्रिकेट में मचा बवाल, सईद अजमल ने PCB को घेरा; बोले- 10 साल पीछे पहुंच गए

इस्लामाबाद  कुछ दिन पहले पाकिस्तान क्रिकेट में आया भूचाल अब नहीं दिशा लेता दिख रहा है. सोमवार को ही इस तरह के भी चर्चे और बातें हो रही हैं कि पिछले दिनों टीम के हेड कोच और पूर्व कप्तान सरफराज अहमद के अलावा 7 खिलाड़ियों को स्वदेश भेजने का रिश्ता मैच फिक्सिंग से भी हो सकता है. वैसे अगर ऐसा होता है, तो पाकिस्तान के इतिहास को देखते हुए यह चौंकाने वाली बात नहीं ही होगी. अब पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट 10 साल पीछे चली गई है. जब पाकिस्तान टीम 0-3 से सूपड़ा साफ (व्हाइटवॉश) होने से बचने की उम्मीद में एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट में उतर रही है, तब अजमल ने राष्ट्रीय टीम में गलत हो रही हर चीज पर खुलकर बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी. टीम में हाल ही में हुए इस फेरबदल पर अजमल ने कहा कि पीसीबी द्वारा खिलाड़ियों को "अपमानित" किया जा रहा है।  अजमल ने कहा, 'बोर्ड ने खुद खिलाड़ियों को किसी भी अन्य चीज की तुलना में सबसे ज्यादा हतोत्साहित किया है. बोर्ड किसी भी खिलाड़ी को सेटल नहीं होने दे रहा है. ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें भी बाहर कर दिया गया है. ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें पीसीबी द्वारा अपमानित किया गया है.' अजमल ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान की रेड-बॉल टीम का प्रभार संभालने वाले माइक हेसन और टीम के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद पर भी तंज कसा।  समा टीवी पर अजमल ने कहा, 'आकिब जावेद और माइक हेसन (जिन्हें तीसरे टेस्ट के लिए टेस्ट टीम की कमान संभालने को कहा गया है) एक टीम हैं. ये दोनों सब कुछ नियंत्रित कर रहे हैं और  पैदा हुई अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं. यह पूरा मुद्दा इगो से जुड़ा है.हमारी टीम 10 साल पीछे चली गई है. हमने भविष्य के लिए कोई योजना नहीं बनाई है.' शीर्ष स्तर की क्रिकेट में किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन के लिए उसे लगातार मौके मिलना बेहद जरूरी है.  हालांकि, अजमल को लगता है कि पीसीबी का असली इरादा सिर्फ खिलाड़ियों को बदलना है।  उन्होंने कहा, 'किसी सीरीज का हर मैच हमारे लिए महत्वपूर्ण होता है. और अगर कोई खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर रहा है तो हमारे पास उसकी जगह दूसरे खिलाड़ी को देखने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है. इन बदलावों के पीछे का उद्देश्य खिलाड़ियों को दावेदारी से हटाना नहीं, बल्कि केवल उन्हें बदलना है. सलमान आगा को ही देख लीजिए, जो बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन कुछ कारणों से उनका बल्ला नहीं चल सका. इस बारे में उनसे बात की गई थी। 

मोहाली की बेटी निहारिका का इंटरनेशनल डेब्यू, जापान में ट्रिपल जंप में दिखाएंगी दम

मोहाली. मोहाली की ट्रिपल जंप स्टार निहारिका वशिष्ठ अब एशियन गेम्स के बड़े मंच पर देश का नाम रोशन करेंगी। जापान के आइची प्रांत और नागोया शहर में होने वाले एशियन गेम्स-2026 के लिए उनका चयन भारतीय एथलेटिक्स टीम में हुआ है। पिछले दो वर्षों में निहारिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह पदक जीते हैं, जिनमें चार गोल्ड और दो सिल्वर शामिल हैं। उनका मुकाबला 24 सितंबर को होगा। इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता से पहले निहारिका भुवनेश्वर में नेशनल कैंप में तैयारी कर रही हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ प्रतियोगिता में भाग लेना नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतकर लौटना है। निहारिका के पिता राम कुमार वशिष्ठ ने बताया कि निहारिका ने 2011 में एथलेटिक्स की शुरुआत की थी। उस समय वह लाॅन्ग जंप खेलती थीं। कोच स्वर्ण सिंह ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें ट्रिपल जंप में हाथ आजमाने की सलाह दी। इसके बाद निहारिका ने ट्रिपल जंप को अपना मुख्य इवेंट बना लिया और लगातार सफलता हासिल की। वह कई बार नेशनल स्तर पर पदक जीत चुकी हैं और दो बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। इस साल उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। अप्रैल में दिल्ली की इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-3 में 13.41 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड जीता। संगरूर में सीरीज-5 में 13.13 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया। रांची में 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में 13.64 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड जीता। पंजाब स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 13.03 मीटर के साथ गोल्ड और पुणे में सीरीज-8 में 13.21 मीटर के साथ सिल्वर जीता। अब नजर जापान में पदक पर निहारिका इस समय 8 सितंबर तक भुवनेश्वर में नेशनल कैंप में रहेंगी। इसके बाद 10 सितंबर को दिल्ली में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज में हिस्सा लेंगी और 12 सितंबर को टीम के साथ जापान रवाना होंगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों की मेहनत और लगातार अच्छे प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीतने पर है। लाॅन्ग जंप से ट्रिपल जंप तक बदली किस्मत निहारिका की खेल यात्रा की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपना करियर लान्ग जंप से शुरू किया था। कोच स्वर्ण सिंह की सलाह ने उनके खेल का रास्ता बदल दिया। अब 15 साल की मेहनत उन्हें एशियन गेम्स के मंच तक ले आई है। 24 सितंबर को जापान में उनकी हर छलांग के साथ मोहाली और देश की उम्मीदें भी जुड़ी होंगी।

नीम करौली बाबा की फिल्म ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर चमत्कार, 32वें दिन कमाई 150 करोड़ पार

नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' पर वाकई में भगवान की कृपा बरस रही है. फिल्म के आंकड़ों ने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. हनुमान अंश रिलीज के एक महीने बाद भी बॉक्स ऑफिस पर चमत्कारी कमाई कर रही है. इस फिल्म ने बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म 'टॉक्सिक' और 'आवारापन 2' को धूल चटा दी है. क्या बोले फिल्म के कंपोजर? 'हनुमान अंश' की चमत्कारी सक्सेस पर अब फिल्म के म्यूजिक कंपोजर साधू सुशील तिवारी और रितेश पाठक ने रिएक्ट किया है. हिंदुस्तान संग बातचीत में फिल्म की ताबड़तोड़ कमाई पर फिल्म के कंपोजर ने कहा- जिस तरह का कलेक्शन चल रहा है, तो इसे कृपा ही कहेंगे. 'मुझे जितनी बार भी लोगों ने पूछा और कहा कि ये चमत्कार है, तो मैंने यही कहा कि यह आशीर्वाद है…कृपा है. हम हिंदुस्तान के लोग हैं. हमें आशीर्वाद ही लगता है कि माता-पिता का, गुरुओं का. हम बजरंगबली के भक्त हैं, बजरंगबली का, राम जी का आशीर्वाद मिला है. इसे बाबा नीम करौली जी का, सीता-राम जी का आशीर्वाद तो मिला ही हुआ है…वरना इतनी छोटी फिल्म को प्यार जो लोगों का मिल रहा है, यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. उन्होंने आगे कहा- यह ऐतिहासिक घटना है. मुझे लगता है कि लोग हनुमान अंश फिल्म पर विचार भी करेंगे कि एक फिल्म ने ऐसे कैसे कमाई कर ली. 150 करोड़ पार फिल्म की कमाई 'हनुमान अंश' फिल्म की बात करें तो बिना किसी बड़ी स्टारकास्ट और बजट के फिल्म धुआंधार कमाई कर रही है. 32वें दिन फिल्म का भारत में अब तक का कुल ग्रॉस कलेक्शन 156.20 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 132.13 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है. फिल्म की कमाई अभी भी जारी है. देखते हैं कि यह आंकड़े कहां जाकर रुकते हैं.

DA बकाया और नोटिस पर भड़के पंजाब के कर्मचारी, आज सामूहिक अवकाश पर रहेंगे सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी

 चंडीगढ़ पंजाब में कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच गतिरोध अब आंदोलन के अगले दौर में पहुंच गया है। पंजाब साझा मुलाजिम मंच ने अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ के सरकारी कार्यालयों में सामूहिक अवकाश का एलान किया है। क्लेरिकल कर्मचारियों के इस कदम से विभिन्न विभागों में नियमित कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों के मुताबिक, सरकार बनने से पहले आम आदमी पार्टी की ओर से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान करने और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने जैसे मुद्दों पर आश्वासन दिया गया था। अब कर्मचारी इन वादों को लागू करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। मोहनजीत पर हमले को लेकर भी प्रदर्शन आंदोलन के तहत चंडीगढ़-मोहाली में मोहनजीत पर हुए हमले के विरोध को भी शामिल किया गया है। कर्मचारी काले कपड़े पहनकर भूख हड़ताल करेंगे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को लगातार टालने से उनमें रोष बढ़ रहा है। उनका सवाल है कि जिन कर्मचारियों ने सरकार के गठन में समर्थन दिया, वही आज अपनी मांगों के लिए आंदोलन करने को मजबूर क्यों हैं। मंच ने विधायकों की पेंशन में हुई वृद्धि को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। कर्मचारियों का तर्क है कि यदि सरकार वित्तीय स्थिति का हवाला देकर उनकी मांगों पर निर्णय नहीं ले रही है तो दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के वित्तीय लाभों को लेकर अलग नीति क्यों अपनाई जा रही है। हाई कोर्ट के फैसले पर भी सवाल कर्मचारी नेताओं ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के सरकार के कदम पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े वित्तीय और सेवा लाभों के मामलों को अदालतों में ले जाने के बजाय सरकार को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। वेतनमान, डीए और पेंशन से जुड़े मामलों को कर्मचारियों का अधिकार बताते हुए मंच ने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। मंच ने सरकार को 72 हजार नौकरियों के दावे, क्लास-1 अधिकारियों को मिलने वाले डीए और पंजाब की आर्थिक स्थिति सहित कई मुद्दों पर जवाब मांगा है। कर्मचारियों का कहना है कि रोजगार देने के दावों के साथ भर्ती किए गए कर्मचारियों को मिलने वाले शुरुआती वेतन और उनकी सेवा शर्तों की भी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। आंदोलन का अगला चरण     12-13 सितंबर: मंत्रियों के आवास के बाहर प्रदर्शन और घेराव।     19-20 सितंबर: अन्य मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ प्रदर्शन।     30 सितंबर: चंडीगढ़ में प्रतीकात्मक कर्मचारी विधानसभा।     10 अक्टूबर: बड़ी कर्मचारी रैली।     21-22 अक्टूबर: दोबारा सामूहिक कैजुअल लीव। इससे पहले कर्मचारी संगठनों ने एक से सात सितंबर तक संयुक्त किसान मोर्चा के चंडीगढ़ आंदोलन में भी भाग लिया था। इन मांगों पर अड़े कर्मचारी लंबित डीए और एरियर जारी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, कांट्रैक्ट व आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने, एसीपी योजना बहाल करने और वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग प्रमुख है। 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को पुराने व संशोधित वेतनमान का पूरा लाभ देने के साथ मानदेय कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग भी की जा रही है। पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों के निपटारे की मांग भी मंच ने उठाई है। उधर, मान भत्ता वर्कर्स साझा मोर्चा की ओर से आशा कार्यकर्ताओं, फैसिलिटेटरों, मिड-डे मील वर्करों और सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर मोहाली में रैली की जा रही है। डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन ने रैली को समर्थन देने की घोषणा की है। संगठन इन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन के दायरे में लाने की मांग करेगा।

धारवासियों का दशकों पुराना इंतजार खत्म, आज से शुरू होगी ट्रेन सेवा; PM मोदी वर्चुअली करेंगे शुभारंभ

धार  धार जिले के लिए 8 सितंबर का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिले को पहली रेल सेवा की सौगात देने जा रहे हैं। कुछ ही देर बाद वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से धार जिले के 28 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण करेंगे और यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही पहली बार धार जिले के नक्शे पर रेल सेवा शुरू हो जाएगी और जिले की धरती पर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। धार में रेल सुविधा का सपना कई दशकों पुराना है। 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय उम्मीद थी कि वर्ष 2011 तक जिले को रेल सुविधा मिल जाएगी, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना में लंबा समय लगा। आखिरकार 18 साल 7 महीने बाद यह इंतजार खत्म होने जा रहा है। रामकोट तक सफर करेंगी टांडा रोड रेलवे स्टेशन पर इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्सव जैसा माहौल है। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर भी यहां पहुंच चुकी हैं। वे टांडा रोड स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगी और स्वयं रामकोट तक रेल सफर करेंगी। रेल सेवा शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ टांडा और आसपास के आदिवासी अंचल के लोगों को मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजगार के लिए गुजरात और अन्य क्षेत्रों में प्रवास करने वाले हजारों लोगों के लिए यह सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का नया माध्यम बनेगा। जिले के ऐसे भी अनेक लोग हैं, जिन्होंने अब तक ट्रेन देखी तक नहीं है या रेल में सफर नहीं किया है। ऐसे लोगों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है।  

बस्तर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता! नक्सली डंप से विस्फोटक समेत सामान बरामद

सुकमा. सुकमा. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है. चिंतलनार थाना क्षेत्र के चिन्नाबोड़केल के पहाड़ी-जंगल इलाके में सर्चिंग के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए डंप का पता लगाया. यहां से हथियार, विस्फोटक, गोला-बारूद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य नक्सली उपयोगी सामग्री बरामद की गई है. सुकमा पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर को मिले इंटेलिजेंस के आधार पर कैंप रायगुडेम से 223वीं वाहिनी सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम को चिन्नाबोड़केल के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था. सर्चिंग के दौरान संदिग्ध डंप मिला, जिसके बाद इलाके की सघन तलाशी ली गई. बरामद सामग्री में एक भरमार बंदूक, बीजीएल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली 57 पाइप, तीन आईईडी कंटेनर, दो वायरलेस सेट, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर समेत अन्य डेटोनेटर, करीब एक किलो गन पाउडर और तीन किलो यूरिया शामिल हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में बैटरियां, इलेक्ट्रिक तार, चार्जर, रेडियो सेट, सर्किट बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री भी मिली है. सुरक्षा बलों को डंप से नक्सली साहित्य, झंडा, यूनिफॉर्म, तीर-कमान, लोहे की स्पाइक और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी बरामद हुई है. पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जंगलों और दुर्गम इलाकों में पहले से छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक डम्प की तलाश लगातार जारी है. सुकमा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल कायम करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.

MBBS इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर आज सरकारी अस्पतालों में OPD ठप

भोपाल MBBS इंटर्न डॉक्टर्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब प्रदेशभर में फैलता नजर आ रहा है। सोमवार सुबह से चल रहे प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई से नाराज इंटर्न डॉक्टर्स ने मंगलवार को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है।डॉक्टरों के मुताबिक, इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलती रहे। हालांकि OPD बंद रहने से सामान्य मरीजों की नियमित जांच और उपचार सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। भोपाल में रातभर सड़क पर डटे रहे इंटर्न डॉक्टर राजधानी भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन रातभर जारी रहा। डॉक्टर कमला पार्क की सड़क पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। CM हाउस की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया गया है, जिससे प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री निवास की ओर आगे बढ़ने से रोका जा सके। इंदौर और रतलाम में भी असर भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम समेत प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न डॉक्टर्स के काम नहीं करने की बात सामने आई है। इससे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को नियमित OPD सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि आंदोलन के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को जारी रखने की बात कही गई है। चिकित्सक समुदाय के लिए काला दिन जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) ने समर्थन जताते हुए मंगलवार को हमीदिया अस्पताल की नियमित ओपीडी और इलेक्टिव ओटी का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे एमटीए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने इसे चिकित्सक समुदाय के लिए काला दिन करार दिया और मांग पूरी न होने पर पूरे डॉक्टर समुदाय के आंदोलन में उतरने की चेतावनी दी। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे जीतू पटवारी इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को खुद आंदोलन कर रहे डॉक्टरों के बीच आकर उनकी मांग सुननी चाहिए। पटवारी ने CM हाउस जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां भारत-पाकिस्तान की बॉर्डर बना दी गई है। उन्होंने सरकार से डॉक्टरों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की। कमला पार्क की सड़क पर रातभर डटे रहे इंटर्न डॉक्टर भोपाल में प्रदर्शन कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टर पुलिस कार्रवाई के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कई इंटर्न डॉक्टर रातभर कमला पार्क की सड़क पर बैठे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद पुलिस ने उनके खिलाफ वाटर कैनन और बल प्रयोग का इस्तेमाल किया। वहीं, प्रशासन ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रदेशभर में OPD बंद, इमरजेंसी सेवा रहेगी चालू इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का समर्थन मिलने के बाद इसका असर प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में दिखाई दे रहा है। भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम और अन्य शहरों में भी डॉक्टरों के काम से दूर रहने की जानकारी सामने आई है। जूनियर डॉक्टर ने साफ किया है कि जब तक इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक नियमित OPD और तय इलेक्टिव ऑपरेशन सेवाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। हालांकि, मरीजों की परेशानी को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को बंद नहीं किया गया है। गंभीर मरीजों को अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलती रहेगी।  स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल जूनियर डॉक्टर मध्य प्रदेश के वाइस प्रेसिडेंट अनुराग भारती के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत हुई है, लेकिन इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों पर कायम हैं। डॉक्टरों की मुख्य मांगों में स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी शामिल है। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मेडिकल छात्रों और इंटर्न डॉक्टरों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन भी समर्थन में मामले को लेकर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने भी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का समर्थन किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय देर रात प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से मिलने पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किए जाने से डॉक्टरों में आक्रोश है। उन्होंने इस घटना को चिकित्सक समुदाय के लिए दुखद बताया और कहा कि यदि इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पूरा चिकित्सक समुदाय उनके साथ खड़ा रहेगा। डॉक्टरों पर बल प्रयोग की निंदा   अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए घायल डॉक्टरों के नि:शुल्क इलाज और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं एफएआईएमए के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आकाश सोनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सरकार को बल प्रयोग के बजाय बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए। इंटर्न बोले- उप मुख्यमंत्री खुद आएं प्रशासनिक स्तर पर देर रात हुई कलेक्टर और सीएमई की वार्ता बेनतीजा रही। गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह जब छात्रों को डिप्टी सीएम से मिलाने ले जाने पहुंचीं, तो डॉक्टरों ने वहां जाने से साफ इंकार कर दिया। इंटर्न डॉक्टरों की दो टूक मांग है कि स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी के साथ-साथ उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल स्वयं आकर उनसे बात करें और लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए। लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के विरोध में JDA भी उतरा इंटर्न डॉक्टर्स के समर्थन में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) भी सामने आया है। सोमवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल का JDA ने विरोध किया है। स्टाइपेंड बढ़ोतरी … Read more

दुबई से मध्यप्रदेश का बड़ा संदेश: निवेश कीजिए, हम हर कदम पर निभाएंगे साझेदारी

दुबई से दुनिया को मध्यप्रदेश का संदेश: “निवेश कीजिए, हम साझेदारी निभाएंगे” भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में विश्व के विभिन्न देशों से आए राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों के साथ एआईएम कांग्रेस-2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने, मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया, "Invest in Madhya Pradesh, India" निवेश सत्र में राज्य की निवेश क्षमता का प्रस्तुतीकरण किया तथा यूएई और रूस के वरिष्ठ नेतृत्व एवं प्रमुख उद्योग समूहों के साथ कई महत्वपूर्ण वन-टू-वन और शासन-स्तरीय बैठकें कीं। दिन की शुरुआत ताज दुबई, बिजनेस बे में मीडिया संवाद से हुई, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों, उद्योग जगत और वैश्विक साझेदारों के बीच मध्यप्रदेश की बढ़ती आर्थिक शक्ति, औद्योगिक प्रगति और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 की तैयारियों पर चर्चा की। मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के प्रदर्शनी क्षेत्र में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया। पवेलियन को राज्य के प्रमुख निवेश एवं व्यापार प्रदर्शन मंच के रूप में विकसित किया गया है, जहां वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश की केंद्रीय अवस्थिति, विशाल लैंड बैंक, विकसित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों तथा विनिर्माण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरते उद्योगों में अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही चंदेरी, महेश्वरी, ज़री-जरदोज़ी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट जैसे जीआई टैग एवं ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया। रास अलखैमाह के शासक से मुलाकात एआईएम कांग्रेस के उद्घाटन समारोह से पूर्व, मुख्यमंत्री ने UAE सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रास अलखैमाह के शासक हिजहाइनेस शेख सऊद बिन सकरअलकासिमी से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का आमंत्रण भी दिया। दोनों पक्षों ने निवेश संवर्धन एवं बाजार पहुंच के लिए संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख के साथ उच्चस्तरीय बैठक दोपहर में मुख्यमंत्री ने रूस के तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख एच.ई. रुस्तम मिन्निखानोव के साथ शासन-स्तरीय बैठक की। बैठक का उद्देश्य तातारस्तान और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को मजबूत करना तथा सेक्टर-विशिष्ट साझेदारियों की पहचान करना था। वार्ता के दौरान उन्नत विनिर्माण, पेट्रोकेमिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित उद्योगों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में “टाइम: रूस-भारत” फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी, दोनों पक्षों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, संभावित संयुक्त परियोजनाओं तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में तातारस्तान की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। “Invest in Madhya Pradesh, India” सत्र ने बटोरा ध्यान दोपहर बाद आयोजित “Invest in Madhya Pradesh, India” निवेश सत्र AIM Congress का प्रमुख आकर्षण रहा। सत्र में दुबई के महावाणिज्यदूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने राज्य की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सत्र में पर्यटन क्षेत्र की निवेश संभावनाओं पर विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की गई। UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निवेश सत्र में मुख्यमंत्री का विशेष संबोधन निवेश सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल अवसरों का प्रदेश नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, स्थिर और विश्वसनीय निवेश साझेदारी का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि नीति, नीयत और नेतृत्व ने मध्यप्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक केंद्र है और यहां से देश के किसी भी हिस्से तक 24 से 36 घंटे के भीतर परिवहन संभव है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, विकसित सड़क और रेल नेटवर्क तथा आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं इसे विनिर्माण एवं वितरण का स्वाभाविक केन्द्र बनाती हैं। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार उपकरण निर्माण, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश तेजी से मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भोपाल में अगले वर्ष आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का आमंत्रण दिया। यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री के साथ बैठक निवेश सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE के कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एच.ई. अब्दुल्ला बिन तौकअलमर्री से मुलाकात की। बैठक में नागरिक उड्डयन, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), भविष्य-केंद्रित संस्थानों, औद्योगिक पार्कों एवं निवेश सहयोग के विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में स्पेशल इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की योजनाओं की जानकारी दी और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन जैसे संस्थानों की अवधारणा पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी के साथ वन-टू-वन बैठक शाम को मुख्यमंत्री ने UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी के साथ अलग से एक विशेष वन-टू-वन बैठक की। बैठक में मध्यप्रदेश को UAE निवेशकों के लिए मध्य भारत का पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्यपालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट विनिर्माण और निर्यात प्लेटफॉर्म में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने चयनित निवेश परियोजनाओं के लिए संयुक्त कार्य प्रणाली विकसित करने तथा भविष्य में मध्यप्रदेश-UAE निवेश राउंडटेबल आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। लूलू ग्रुप के चेयरमैन युसूफ अली के साथ महत्वपूर्ण बैठक दिवस के अंतिम प्रमुख कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक युसूफ अली एम.ए. के साथ विस्तृत वन-टू-वन बैठक की। लूलू ग्रुप मध्य पूर्व का प्रमुख रिटेल, हाइपरमार्केट, खाद्य वितरण, कृषि निर्यात, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग समूह है, जिसकी वैश्विक उपस्थिति 250 से अधिक स्टोर्स और 65,000 से अधिक कर्मचारियों तक फैली हुई है। बैठक में मध्यप्रदेश से प्याज, गेहूं, सब्जियों सहित कृषि उत्पादों की प्रत्यक्ष खरीद को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण, सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग, कृषि निर्यात और रिटेल नेटवर्क विस्तार के अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की कृषि क्षमता, खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना और निर्यातोन्मुखी नीतियों की जानकारी देते हुए लूलू ग्रुप को राज्य में निवेश बढ़ाने का आमंत्रण दिया। उद्योग एवं निवेश समुदाय के साथ नेटवर्किंग दिन का समापन दुबई … Read more