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किसानों के लिए बड़ी सुविधा, ऐप से बुक करें खाद और QR कोड दिखाते ही मिलेगा उर्वरक

पूर्णिया  किसानों को अब खाद के लिए उर्वरक दुकानों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। किसान अब ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल के नाम से डिजिटल प्रणाली विकसित किया गया है। इसके तहत किसान घर बैठे मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान की फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। मोबाइल ऐप पर आधार संख्या और ओटीपी के माध्यम से किसान की पहचान का सत्यापन होगा। ऐप पर किसान अपने खेत और फसल का विवरण दर्ज कर आसानी से मोबाइल से ही खाद की बुकिंग कर रहे हैं। बुकिंग के बाद मोबाइल पर मिलने वाले क्यूआर कोड को अधिकृत विक्रेता के पास स्कैन कराने पर तुरंत खाद उपलब्ध कराई जाएगी। कृषि कर्मियों को दी गई है जागरूकता की जिम्मेदारी अधिकारियों का मानना है कि इससे खाद के वितरण में पारदर्शिता आएगी और वास्तविक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था को लेकर किसानों को जानकारी देने की जिम्मेदारी पंचायत एवं प्रखंड स्तर के कृषि कर्मियों को दी गई है। किसान सलाहकार, कृषि फसल की जानकारी ऐप में दर्ज करेंगे तो उसके अनुसार उर्वरक की उचित मात्रा ऐप पर दिखेगी। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें पहले इसे बनवाना होगा। फार्मर आईडी बनने के बाद किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। कृषि विभाग का मानना है कि डिजिटल बुकिंग शुरू होने के बाद खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी। बटाइदार भी कर सकेंगे खाद का उठाव जिन किसानों की जमीन उनके नाम पर दर्ज है, वे आसानी से इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। जिन किसानों के पूर्वजों के नाम जमीन दर्ज है या जिनका नाम जमाबंदी में नहीं है, उनके लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्मर आईडी बनाने की व्यवस्था की गई है। संयुक्त स्वामित्व वाली जमीन समेत जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बनी है, जो बटाईदार हैं या फिर सामुदायिक, मंदिर, सरकारी अथवा संस्थागत जमीन पर खेती करते हैं, उनके लिए भी इस निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद लेने की पूरी व्यवस्था की गई है। विभिन्न प्रकार की जमीन पर खेती करने वाले किसान भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इस व्यवस्था से जुड़ सकेंगे। जिले में ऐप के माध्यम से एक सितंबर से खाद की बुकिंग शुरू हो गई है। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार अनुशंसित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना और पूरी बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। जिले में अब तक 4,846 किसानों ने ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग की है जिन्हें नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। – विजय प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्णिया  

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति, केंद्र ने जारी की अधिसूचना

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिल गए हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद केंद्र सरकार ने संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार की छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने मंगलवार को नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी कर दी। तीनों की नियुक्ति उनके संबंधित पद का कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में तीन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की अनुशंसा की थी। कॉलेजियम के आधिकारिक रिकॉर्ड में संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार के नाम दर्ज हैं। हाई कोर्ट में पदोन्नयन महत्वपूर्ण संतोष शर्मा वर्तमान में कोरबा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में पदस्थ हैं। सुषमा सावंत छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर की निदेशक हैं, जबकि सुधीर कुमार रायपुर के परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश के पद पर हैं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की आधिकारिक न्यायिक अधिकारियों की सूची में तीनों के वर्तमान पद दर्ज हैं। तीनों अधिकारियों के उच्च न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव को देखते हुए उनका हाई कोर्ट में पदोन्नयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त की बैठक में देश के विभिन्न हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्तावों पर विचार किया था। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों के नाम मंजूर किए गए थे। इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय के स्तर पर प्रक्रिया में था। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से तीनों के हाई कोर्ट न्यायाधीश बनने का रास्ता साफ हो गया है।  

अखिलेश यादव ने लॉन्च की समाजवादी छात्र सभा की नई यूनिफॉर्म, नीली टी-शर्ट और जींस में दिखेंगे छात्र

 लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सपा के छात्र संगठन समाजवादी छात्र सभा के लिए नया यूनिफार्म लॉन्च किया। समाजवादी छात्र सभा के नये यूनिफार्म में नीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग की जींस है। टी शर्ट पर समाजवादी छात्र सभा का लोगो छपा है। कार्यक्रम में समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए  अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी छात्र सभा दो सप्ताह का कार्यक्रम तय कर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र जागरूकता अभियान चलाएगी। छात्रों को सदस्य बनाकर, समाजवादी विचारधारा को छात्रों तक पहुंचायेंगे। पीडीए वृक्षारोपण के बाद विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर सम्पर्क कार्यक्रम तथा पर्चा वितरण, विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं से सुझाव पत्र भरवाए जाएंगे। संगोष्ठी में वर्तमान राजनीति में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं की भूमिका पर चर्चा होगी जबकि मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित होगा।    अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी की सोच नई होती है। उसी दिशा में काम कर समाजवादी पार्टी छात्रसभा को नई यूनिफार्म देकर छात्रों के बीच समाजवादी विचारधारा को पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिफार्म सिर्फ यूनिफार्म नहीं होती है, इससे गैरबराबरी खत्म होती है। सब एक तरह से दिखाई देता है। यूनिफार्म यूनिफॉर्मिटी लाती है। इसीलिए छात्रसभा के नौजवान नई सोच, नई विचारधारा के साथ काम करते हुए कालेज-विश्वविद्यालयों में छात्रों को जोड़ेंगे। सपा छात्रसभा के पदाधिकारी छात्रों के बीच समाजवादी विचारों और मूल्यों को लेकर जाएंगे।   अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी प्रोगेसिव एप्रोच, पॉजिटिव सोच, लोकतांत्रिक तरीका, अपने अफरमेटिव और डेमोक्रेटिक एक्शन, सोशलिस्ट विचारधारा को छात्रों के बीच पहुंचाने और पीडीए आंदोलन से छात्रों नौजवानों को जोड़ने के लिए कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए पॉजिटिव, डेमोक्रेटिक और अफरमेटिव एक्शन के लिए जाना जाता है। वहीं हमारा पीडीए भाजपा सरकार से पीड़ित, दुखी, अपमानित लोगों को जोड़कर काम कर रहा है। हम सब एक सकारात्मक सोच के साथ एकजुट होकर जमीन पर समाजवादी विचारधारा के लिए काम करेंगे।  अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए का मतलब प्रेेम, दया, अपनापन भी है। हम लोग जितने प्रेम से व्यवहार, दया और अपनापन से काम करेंगे, उसी से समाजवादी छात्रसभा और लोगों को जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की बात वर्षों पुरानी है। सिर्फ न्याय से बात नहीं बनेगी इसलिए पीडीए के लोगों को जोड़कर सामाजिक न्याय के राज की स्थापना का काम करेंगे। सपा के सामाजिक न्याय के राज में किसी के साथ भेदभाव,पक्षपात नहीं होगा। इसमें कोई नकारात्मक चीज नहीं होगी।  अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे देश की पहचान अनेकता में एकता है। अनेक जाति धर्म के लोग मिलकर कर एक साथ रहते हैं। हमारे महापुरुषों ने वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया। हम लोग उसी रास्ते पर चलकर बंधुराष्ट्र बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग नकारात्मक है। समाज को बांटने का काम करते हैं उनके लिए समाजवादी छात्र सभा का संदेश बंधुराष्ट्र का होगा।     उन्होंने कहा कि समाज में जितना सौहार्द होगा, भविष्य उतना बेहतर होगा। लोकतंत्र यही रास्ता दिखाता है। बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर का संविधान भी यही रास्ता दिखाता है।  यादव ने कहा कि इधर जेन जी, एल्फा और नई पीढ़ी की बात हो रही है। उनके बीच में नई सोच और नए विचारों के साथ सपा के छात्र नौजवान जोड़ने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नई टेक्नोलॉजी में नए तरह के कार्य और रोजगार विकसित हो रहे हैं। छात्र सभा के नौजवान जब कालेज कैम्पस में जाएंगे तो नए विचार मिलेंगे, समाजवादी पार्टी छात्रों के नए विचारों को अपने चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करेगी जिससे हम लोग नियो इंडिया बनाने में सफल हो। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी का रास्ता लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवता का है।      अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में समाजवादी सरकार बनने के बाद छात्रसंघों के जीते हुए पदाधिकारियों की एक कमेटी बनाकर दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालय कैम्पस कैम्ब्रिज, आक्सफोर्ड और यूरोपियन यूनियन के विश्वविद्यालयों में टाईअप कर भेंजेगे, भविष्य में छात्रसंघ का क्या रूप हो उस दिशा में काम करेंगे।      अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि लोगों ने समाजवादी छात्र सभा की नई ड्रेस के नीले रंग को लोकतंत्र, विचारधारा और संविधान से जोड़ा है। नीला रंग बहुजन समाज और बाबा साहब के साथ तो रहा ही है, इधर हम लोग देखते हैं खेल मैदान ग्रीन से ब्लू टर्फ हो गए है। इस नीलू ब्लू कलर में नौजवान अच्छे दिख रहे है। नीले कलर में उम्र कम दिखती है। उन्होंने कहा कि जींस अपने आप में खास कर ब्लू कलर अन्याय के खिलाफ माना जाता है। आज जींस एक फैशन है। हर नौजवान जींस पहनता है। हम नौजवानों को जोड़ने के लिए बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के विचार नकारात्मक हैं। ये लोग रंगों से डरते हैं, नफरत करते हैं। लेकिन भाजपाई भगवान से नहीं डरते हैं। चढ़ावा और चंदा चोरी कर लेते हैं। चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी करने वाले सबसे बड़े बहुरूपिया हैं।  इस अवसर पर गोरखपुर की सामाजिक कार्यकर्ता सुशीला चौहान पत्नी राजकुमार चौहान, पूर्व पार्षद विराट चौहान, अंकुश निषाद, गोरखपुर से जिला पंचायत सदस्य कुलदीप निषाद, बीडीसी सदस्य प्रमोद चौहान अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस परिवार के साथ बहुत अन्याय हुआ है। अभी भी न्याय नहीं मिला।        

दुर्ग में आयोजित हुई उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर  छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक, समावेशी और जनोपयोगी बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा गठित यूसीसी समिति ने जनपरामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार, 08 सितंबर को दुर्ग में यूसीसी प्रारूप समिति द्वारा एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।  बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी  एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता  मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या मती (डॉ.) ज्योति रानी सिंह की उपस्थिति में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। पारंपरिक मान्यताओं और कानूनी सुधारों पर चर्चा बैठक के दौरान विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संघों के पदाधिकारियों ने यूसीसी के पक्ष और विपक्ष में खुलकर अपने विचार रखे। इस दौरान पारंपरिक-सामाजिक मान्यताओं से लेकर आधुनिक वैधानिक सुधारों तक के कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी सुझावों का अध्ययन कर संहिता का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। विविध संगठनों की रही सक्रिय सहभागिता  इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से साहू समाज, मनवा कुर्मी समाज, कंवर समाज, चंद्रनाहू कुर्मी समाज, गोंडवाना सेवा समिति, आंध्र समाज, हलवा समाज, ताम्रकार समाज, यादव समाज, कंडरा आदिवासी समाज एवं मुस्लिम समाज युवा प्रभाग के पदाधिकारी, सर्व आदिवासी समाज, गोंडवाना गोंड महासभा, बीएसपी एसटी कर्मचारी संघ, भारतीय बौद्ध महासभा और राम मंदिर ट्रस्ट बेमेतरा के प्रतिनिधि शामिल थे। इसी प्रकार नागरिक एवं व्यावसायिक मंच से वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंच, प्रज्ञा वरिष्ठ नागरिक संघ, पेंशनर्स संघ, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुझाव देने वालों में शामिल थे। डिजिटल माध्यम से भी आमंत्रित किए गए सुझाव बैठक में एडवोकेट प्रांजल शर्मा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (च्च्ज्) के माध्यम से समान नागरिक संहिता के स्वरूप और प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। समिति ने आम जनता और संगठनों से सुझाव प्राप्त करने के लिए आधिकारिक वेबसाईट http://ucc.cgstate.gov.in एवं ई-मेल  ucc-chhattisgarh@cg.gov.in भी साझा की है।  बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सचिव एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्याम धावड़े, दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, एडीएम वीरेंद्र सिंह और एसडीएम प्रफुल्ल गुप्ता सहित दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि हमें स्वतंत्रता बड़े संघर्ष, त्याग और बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। इसकी अक्षुण्णता बनाए रखने और राष्ट्र की प्रगति को निरंतर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए भारतीय दृष्टि से आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। वर्ष 2047 के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में हम सभी को मिलकर अपना योगदान देना है। इसके लिए युवाओं का अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करना और ज्ञान के प्रति निरंतर जिज्ञासु बने रहना आवश्यक है। हमारे पूर्वजों के ज्ञान और अनुभव के आधार पर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है। स्व का जागरण ही राष्ट्र जागरण का प्रथम सोपान है। मंत्री  परमार ने यह विचार मंगलवार को भोपाल स्थित आईईएस विश्वविद्यालय में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, आईईएस विश्वविद्यालय एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छात्र-संवाद कार्यक्रम ‘आरोहण-स्व से राष्ट्र की ओर’ में व्यक्त किए। कार्यक्रम में परम पूज्य आचार्य  मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। मंत्री  परमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा केवल ज्ञान अर्जित करने की परम्परा नहीं, बल्कि व्यक्ति के समग्र निर्माण और उसके ज्ञान, सामर्थ्य एवं ऊर्जा को राष्ट्रहित से जोड़ने की जीवनदृष्टि है। युवा शक्ति के विचार, ऊर्जा और संकल्प को राष्ट्र निर्माण की दिशा देना ही विकसित भारत के संकल्प की सशक्त आधारशिला है। विद्यार्थियों ने रखीं जिज्ञासाएं, आचार्य  एवं मंत्री  परमार ने दिए उत्तर कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने शिक्षा, भारतीय ज्ञान परम्परा, राष्ट्र निर्माण, युवा दायित्व, व्यक्तित्व विकास सहित विविध विषयों से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं एवं प्रश्न रखे। परम पूज्य आचार्य  मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज एवं मंत्री  परमार ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का आत्मीयता के साथ समाधान करते हुए उनके जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। संवाद के दौरान विद्यार्थियों को अपने प्रश्नों पर चिंतन करने, भारतीय दृष्टि से विषयों को समझने तथा अपनी प्रतिभा एवं ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की प्रेरणा मिली। ‘स्व’ के जागरण से ही राष्ट्र निर्माण की यात्रा परम पूज्य आचार्य  मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने व्यक्ति निर्माण की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब ‘स्व’ स्वस्थ और सशक्त होगा, तभी राष्ट्र निर्माण की यात्रा भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने भारतीय गुरुकुल परम्परा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कालखंड में शिक्षा का उद्देश्य केवल विषयों का ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थी को जीवन के प्रश्नों का समाधान स्वयं खोजने योग्य बनाना था। दीक्षांत के पश्चात विद्यार्थी अपने प्रश्नों का स्वयं समाधान खोजते हुए अपने जीवन की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते थे और यहीं से उनकी ‘स्व से राष्ट्र की ओर’ यात्रा प्रारंभ होती थी। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मचिंतन, चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का आह्वान किया। उनके प्रेरणादायी संवाद ने विद्यार्थियों को अपने सामर्थ्य को पहचानकर उसे समाज एवं राष्ट्र के हित में लगाने की नई दृष्टि प्रदान की। कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी, मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक  अशोक कड़ेल, मध्यप्रदेश प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् डॉ. रविंद्र कान्हेरे, महर्षि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल, हरियाणा के पूर्व कुलपति डॉ. रमेश चंद्र भारद्वाज, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेम सिंह डेहरिया, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु  विजय मनोहर तिवारी, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के संचालक डॉ. मुकेश मिश्रा, न्यास के प्रांत संयोजक डॉ. भरत व्यास, सह-संयोजक डॉ. अभय गुप्ता, भोपाल संभाग संयोजक  अनीत राय एवं आईईएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  बादाम सिंह यादव सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण एवं विभिन्न संस्थानों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।  

रामदेवरा मेला 13 सितंबर से, श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने बढ़ाई सुविधा; जोधपुर से कई ट्रेनें उपलब्ध

 जैसलमेर किसी के हाथ में बाबा की ध्वजा है, किसी के सिर पर चुनरी, आंखों में दर्शन की चमक और जयकारों से मेले की आस्था परवान चढ़ रही है। भोर की पहली किरण के साथ कोई बाबा के दरबार के लिए निकल रहा है तो कोई शाम ढलते ही ट्रेन पकड़कर धोरों की उस धरती की ओर बढ़ रहा है, जहां हर रास्ता आस्था से जुड़ जाता है। जोधपुर से रामदेवरा के बीच चल रही नियमित ट्रेनों ने श्रद्धालुओं के इस आस्था-सफर को आसान बना दिया है। इस वर्ष रामदेवरा मेला 13 सितंबर 2026 से शुरू होकर 21 सितंबर 2026 (भादवा सुदी दशमी) तक चलेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मेले में बढ़ते यात्री भार को देखते हुए नियमित ट्रेनों के साथ मेला स्पेशल ट्रेन का भी संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन के लिए रेलवे की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। रामदेवरा जाने वाली ट्रेनें जोधपुर से रामदेवरा के लिए सुबह से रात तक नियमित ट्रेनों के विकल्प हैं। ट्रेन संख्या 12249 शकूरबस्ती-जैसलमेर स्वर्णनगरी एक्सप्रेस सुबह 4 बजे जोधपुर से रवाना होकर 7.01 बजे रामदेवरा पहुंचती है वहीं ट्रेन संख्या 20492 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट सुबह 6.10 बजे चलकर 9.07 बजे रामदेवरा पहुंचती है। इसी तरह दोपहर में ट्रेन संख्या 74844 भगत की कोठी-जैसलमेर डेमू दोपहर 2 बजे जोधपुर से रवाना होकर 5.25 बजे रामदेवरा पहुंचती है। दोपहर में ही ट्रेन 20486 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट जोधपुर से दोपहर 2.50 बजे रवाना होकर शाम 6.25 बजे रामदेवरा, जबकि शाम को ट्रेन संख्या 15014 काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस और 25014 काठगोदाम-जैसलमेर कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस शाम 5 बजे रवाना होकर करीब 8 बजे रामदेवरा पहुंचती हैं। ट्रेन संख्या 14087 दिल्ली-जैसलमेर रुणिचा एक्सप्रेस शाम 7.40 बजे जोधपुर से रवाना होती है जो रात 11.20 बजे रामदेवरा पहुंचा देती है। साप्ताहिक ट्रेन के रूप में ट्रेन संख्या 22931 बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर सुपरफास्ट प्रत्येक शनिवार को सुबह 3.50 बजे जोधपुर से रवाना होकर 6.40 बजे रामदेवरा पहुंचती है। दर्शन के बाद वापसी की भी राह आसान बाबा के दर्शनों के बाद जोधपुर लौटने वालों के लिए भी सुबह से रात तक ट्रेनें हैं। ट्रेन संख्या 15013 जैसलमेर-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस सुबह 4.55 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 8.20 बजे जोधपुर पहुंचती है। जबकि ट्रेन संख्या 20485 जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट सुबह 7.53 बजे चलकर 11.30 बजे जोधपुर पहुंचती है। वहीं 74843 जैसलमेर-भगत की कोठी डेमू सुबह 9.10 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 1.10 बजे जोधपुर, 20491 जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट शाम 5.35 बजे चलकर रात 9 बजे और 12250 जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्णनगरी एक्सप्रेस शाम 6.21 बजे चलकर रात 9.50 बजे जोधपुर आती है। इसी प्रकार रात में ट्रेन संख्या 14088 जैसलमेर-दिल्ली रुणिचा एक्सप्रेस 8.24 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 11.40 बजे जोधपुर पहुंच रही है। वहीं ट्रेन संख्या 22932 जैसलमेर-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक सुपरफास्ट प्रत्येक शनिवार रात 8.10 बजे रामदेवरा से चलकर 11.30 बजे जोधपुर आने का समय निर्धारित है।

बिहार में खतरनाक ‘कोटा’ हेरोइन का बढ़ा नेटवर्क, साबुन-माचिस की डिब्बी में हो रही तस्करी

पटना ड्रग्स तस्करी के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट ने सिर्फ रूट ही नहीं बदला है, बल्कि हेरोइन की हाई क्वालिटी तैयार कर उसका स्वरूप भी बदल दिया है, जिसे 'कोटा' (हेरोइन) के नाम से जाना जाता है। सरसों के दाने की तरह दिखने वाले 'कोटा' (हेरोइन) की तस्करी भी साबुन और माचिस की डिब्बी में रखकर ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है। पहले बिहार एसटीएफ के हाथ 'कोटा' (हेरोइन) लगा था, जिसकी मात्रा कम थी, लेकिन इसका असर बेहद खतरनाक बताया गया। इसका दिमाग और शरीर पर बहुत घातक प्रभाव पड़ता है। बिहार पुलिस कुछ दिन पहले इसका एक वीडियो क्लिप बनाकर इंटरनेट मीडिया पर अपलोड कर लोगों को जागरूक भी किया था। एसटीएफ 'कोटा' (हेरोइन) बरामदगी मामले में अब तक 27 केस दर्ज करा चुकी है और 71 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें 15 महिलाएं शामिल थीं। बिहार पुलिस ने अपील की कि आपके पास नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी या सेवन से संबंधित कोई सूचना है, तो तुरंत 1933 पर काल करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। नशीले पदार्थों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है, जिसके खिलाफ बिहार पुलिस और एसटीएफ लगातार बड़े स्तर पर छापेमारी कर रही हैं। कुछ दिन पूर्व बरौनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बने नए फुटओवर ब्रिज के नीचे से पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 118 ग्राम कोटा हेरोइन बरामद की गई है। यह हेरोइन बिहार या उसके आसपास के राज्यों से नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड से लाई गई थी। उन्हें यह मादक पदार्थ नागालैंड के ज्यूरक शहर के रहने वाले एक तस्कर ने सप्लाई किया था। चारों आरोपित कविगुरु एक्सप्रेस ट्रेन से सफर तय कर असम के कामाख्या से होते हुए बरौनी स्टेशन पहुंचे थे। इसी तरह मुजफ्फरपुर के कच्ची पक्की ओपी क्षेत्र में पुलिस ने घर में चल रहे रैकेट का भंडाफोड़ किया था। वहां से 25 ग्राम अवैध 'कोटा' हेरोइन की 64 पुड़िया बरामद कर एक तस्कर दंपती को गिरफ्तार किया था। बख्तियारपुर में एसटीएफ और पटना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में सौ ग्राम हेरोइन के साथ चार तस्करों को दबोचा था। इसे आठ साबुनदानीनुमा डिब्बों में रखा गया था। इसी तरह नदी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक घर से 162 ग्राम 'कोटा' (हेरोइन) और पैकिंग के 1,500 खाली डिब्बे जब्त किए गए थे। छिपाने के लिए अपना रहे शातिराना तरीका चेकिंग से बचने के लिए हेरोइन छिपाने का बेहद शातिराना तरीका अपना रहे हैं। बरौनी से गिरफ्तार दोनों महिलाओं ने हेरोइन से भरे प्लास्टिक के डिब्बों को अपने ब्लाउज के अंदर छिपा रखा था। दो अन्य तस्करों ने हेरोइन के पैकेटों को अपनी पैंट की जेब और पिठ्ठू बैग व प्लास्टिक के झोले में छिपा रखा था। तस्करी के दौरान किसी को संदेह नहीं हो, इसके लिए इसे सरसों के दाने की तरह तैयार कर कैरियर के जरिए तय ठिकाने पर भेजा जा रहा है। असम के दीमापुर और मणिपुर से पहुंच रही खेप सूत्रों की मानें तो पुलिस की छानबीन में सिंडिकेट से लेकर चेन से जुड़े कई राज उजागर हुए। स्थानीय लोगों को कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर बस या ट्रेन से उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों में बुला रहे हैं। असम के दीमापुर और मणिपुर के इम्फाल जैसे पूर्वोत्तर राज्यों से हेरोइन/कोटा की खेप लाकर बिहार के अलग-अलग जिलों में सप्लाई कर रहे हैं। नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के रास्ते चरस और अन्य ड्रग्स को बिहार के बाहर भी तस्करी की जा रही है। डेढ़ वर्ष में 17 किलोग्राम से अधिक हेरोइन/स्मैक बरामद एसटीएफ और उसकी नार्कोटिक्स सेल की टीम ने वर्ष 2025 में अप्रैल से दिसंबर तक 7.662 किलोग्राम हेरोइन और 4.215 किलोग्राम स्मैक जब्त किया गया। इसी तरह वर्ष 2026 में जनवरी से आठ अगस्त तक 5.724 किलोग्राम हेरोइन/स्मैक बरामद किया गया। एसटीएफ का अभियान जारी है और लगातार किसी न किसी क्षेत्र में मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तारी की जा रही है।

कैंसर डे-केयर सेंटर से विदिशा और आसपास के मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी कीमोथेरेपी की सुविधा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कैंसर उपचार की पूरी श्रृंखला को सुदृढ़ किया जा रहा है। लक्ष्य केवल कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कैंसर की पहचान से लेकर सटीक जांच, स्टेजिंग, विशेषज्ञ परामर्श, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी तक समन्वित उपचार व्यवस्था विकसित करना है।विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के सहयोग से स्थापित कैंसर डे-केयर कीमोथेरेपी यूनिट का केंद्रीय किसान कल्याण एवं कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यूनिट का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। यूनिट शुरू होने से विदिशा सहित आसपास के जिलों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा मिल सकेगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि विदिशा के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आज महत्वपूर्ण दिन है। डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर की शुरुआत से मरीजों और उनके परिवारों को बार-बार बड़े शहरों की यात्रा, उपचार पर होने वाले अतिरिक्त खर्च और मानसिक परेशानी से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर के उपचार में समय पर जांच और प्रारंभिक अवस्था में उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जून माह में आयोजित कैंसर स्क्रीनिंग अभियान में लगभग 3 हजार लोगों की स्क्रीनिंग एवं जांच की गई। इनमें करीब 600 मरीजों में कैंसर की पहचान हुई, जबकि लगभग 250 संभावित कैंसर मरीज चिन्हित किए गए। आगे के उपचार के लिए भोपाल के कैंसर अस्पतालों तथा टाटा मेमोरियल सेंटर की मुंबई स्थित इकाई ऐक्ट्रेक के सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। इसी दौरान विदिशा में डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर शुरू करने का निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के सतत संपर्क से आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था, स्टाफ का समुचित वितरण तथा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। सेंटर के संचालन के लिए मेडिसिन विभाग के दो चिकित्सकों और सात नर्सिंग अधिकारियों को ऐक्ट्रेक, मुंबई में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को एम्स भोपाल में भी प्रशिक्षण दिलाया गया है। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों की कीमोथेरेपी किसी ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा निर्धारित की गई है, उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार विदिशा मेडिकल कॉलेज में उपचार दिया जा सकेगा। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कैंसर विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने के कारण एम्स भोपाल और ऐक्ट्रेक के विशेषज्ञों के समन्वय से तैयार उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के पुराने पांच शासकीय मेडिकल कॉलेजों में उन्नत लीनियर एक्सीलरेटर मशीनों के माध्यम से आधुनिक रेडिएशन थेरेपी और ब्रेकीथेरेपी की सुविधाएं शीघ्र प्रारंभ की जा रही हैं। कैंसर की सटीक जांच और स्टेजिंग के लिए पेट स्कैन की सुविधा भी जल्द शुरू होगी। इससे कैंसर मरीजों को उपचार की विभिन्न सुविधाओं के लिए अलग-अलग शहरों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना संभव हुआ है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता, नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और नशे से दूरी भी आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर कैंसर मरीजों को मिलेगी उपचार की सुविधा – केंद्रीय मंत्री  चौहान केंद्रीय किसान कल्याण एवं कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विदिशा में शुरू किया गया कैंसर डे-केयर सेंटर कैंसर उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। टाटा मेमोरियल सेंटर के सहयोग से अब मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कैंसर गंभीर बीमारी है, इसलिए उपचार के साथ समय पर जांच और जागरूकता भी आवश्यक है। विदिशा में कैंसर उपचार की सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जा रही हैं। इससे पहले आयोजित कैंसर जांच शिविर में लगभग 3 हजार लोगों की जांच की गई थी। अब विदिशा में कैंसर अस्पताल स्थापित करने की दिशा में भी तैयारियां की जा रही हैं। केंद्रीय मंत्री  चौहान ने लोगों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। कैंसर उपचार को नई दिशा देगा डे-केयर सेंटर – केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सिंह केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि टाटा समूह द्वारा कैंसर के क्षेत्र में किए जा रहे शोध और प्रयास आने वाले समय में भारत सहित पूरी दुनिया के लिए उपयोगी साबित होंगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि भारत में होने वाला शोध पूरी मानवता के कल्याण के लिए उपयोगी हो। डॉ. सिंह ने बताया कि टाटा समूह द्वारा पिछले 11 वर्षों में 11 अस्पताल स्थापित किए गए हैं तथा 300 से अधिक ग्रिड स्थापित किए गए हैं, ताकि कैंसर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। विदिशा में डे-केयर सेंटर की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सेंटर के संचालन के लिए दो डॉक्टरों और सात नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मनीष निगम ने कीमोथेरेपी डे-केयर सेंटर की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेंटर में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कीमोथेरेपी उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के आनंद विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  लखन पटेल, कुरवाई विधायक  हरिसिंह सप्रे, बासौदा विधायक  हरिसिंह रघुवंशी, सांची विधायक  प्रभुराम चौधरी, बुधनी विधायक  रमाकांत भार्गव, विदिशा विधायक  मुकेश टंडन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, चिकित्सा विशेषज्ञ एवं अधिकारी उपस्थित रहे।  

ग्रुप सीईओ खालिद अल हुरैमल के साथ वेस्ट-टू-एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी पर हुई उच्चस्तरीय बैठक

भोपाल  एआईएम कांग्रेस-2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिष्ठित 'एआईएम कांग्रेस-2026' के तीसरे दिन 8 सितंबर को शारजाह स्थित बी-आह (Bee’aH) मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बी-आह फैसेलिटी के ग्रुप सीईओ एवं वाइस-चेयरमैन  खालिद अल हुरैमल के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, स्मार्ट सिटी विकास, सर्कुलर इकोनॉमी और अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट समाधानों को मध्यप्रदेश में लागू करने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी प्रकार के इंडस्ट्रियल वेस्ट, सीवेज वेस्ट, वेस्ट रिप्रोसेसिंग और इनर्ट मटेरियल के डिस्पोजल संबंधी ट्रीटमेंट सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि यहां विश्व की सर्वाधिक उन्नत तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वेस्ट-टू-एनर्जी और ग्रीन मोबिलिटी में निवेश की संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान बी-आह ग्रुप को मध्यप्रदेश के नगर निगमों में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट तथा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीईईएएच की डिजिटल, एआई-सक्षम और सर्कुलर इकोनॉमी क्षमताएं मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी विजन और क्लीन एनर्जी मिशन के बिल्कुल अनुकूल हैं। राज्य में ईवी-आधारित फ्लीट और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार में यह साझेदारी अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है। इंदौर के स्वच्छता मॉडल के साथ वैश्विक तालमेल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि इंदौर ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और बायो-सीएनजी के क्षेत्र में देश और दुनिया के समक्ष एक अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया है। उन्होंने बी आह को इंदौर के स्थापित मॉडल के साथ जुड़कर नए आधुनिक समाधानों पर मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया, जिससे कचरा प्रबंधन के साथ-साथ जीरो-वेस्ट लैंडफिल के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। जीआईएस-2027 के लिए दिया आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बी आह के ग्रुप के सीईओ  खालिद अल हुरैमल को अगले साल भोपाल में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि बी आह ग्रुप अपनी आगामी वैश्विक विस्तार योजनाओं में मध्यप्रदेश को एक प्रमुख और प्राथमिकता वाले गंतव्य (डेस्टिनेशन) के रूप में शामिल करे। अत्याधुनिक मुख्यालय का किया अवलोकन बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध आर्किटेक्ट ज़ाहा हदीद द्वारा डिज़ाईन किए गए बी-आह के प्रतिष्ठित एआई-सक्षम व नेट-ज़ीरो-रेडी मुख्यालय तथा उनकी विभिन्न उन्नत सुविधाओं की सराहना की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित बी आह आज 46 राष्ट्रीयताओं के 13 हजार से अधिक कर्मचारियों और यूएई, सऊदी अरब व मिस्र में विस्तृत परिचालनों के साथ पर्यावरण, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन मोबिलिटी और टेक्नोलॉजी का अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय समूह बन चुका है। शारजाह में 90 प्रतिशत से अधिक लैंडफिल-डायवर्जन दर और कमर्शियल स्केल वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के संचालन में समूह ने वैश्विक मानक स्थापित किए हैं। एडवांस्ड सस्टेनेबल और एआई-सक्षम है बी आह फैसिलिटी का मुख्यालय बी आह सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और एआई का वैश्विक मॉडल संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में मुख्यालय वाला बी-आह (BEEAH) वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित यह संस्था एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी से विकसित होकर आज एनवायरमेंटल सर्विसेज, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सस्टेनेबल रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। बी-आह की पहचान एडवांस्ड वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी सॉल्युशन्स के लिए है। उच्च वेस्ट-डायवर्जन दर के साथ संस्था शारजाह के महत्वाकांक्षी सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इसका उद्देश्य कचरे को केवल निपटान की वस्तु न मानकर उसे संसाधन में बदलते हुए एक ऐसे मॉडल को विकसित करना है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी गति दे। बीईईएच का प्रतिष्ठित मुख्यालय इस सोच का जीवंत उदाहरण है। प्रसिद्ध वास्तुकार ज़ाहा हदीद द्वारा डिजाइन किया गया यह भवन दुनिया की अत्याधुनिक सस्टेनेबल और एआई-सक्षम इमारतों में शामिल है। भवन की डिजाइन, तकनीक और ऊर्जा दक्षता इसे भविष्य के स्मार्ट एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरों के लिए एक प्रभावी मॉडल बनाती है। रणनीतिक साझेदारियों और नवाचार आधारित परियोजनाओं के माध्यम से बी-आह स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरों के विकास को नई दिशा दे रहा है। पर्यावरणीय उत्कृष्टता, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में इसके प्रयासों ने शारजाह को क्षेत्रीय स्तर पर ग्रीन इनोवेशन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से की बड़ी घोषणा, कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

अयोध्या  प्रदेश की 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ी सौगात दी। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यकत्रियों, सहायिकाओं तथा उनके परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी। सीएम ने स्मार्टफोन और रियल टाइम डेटा के इस्तेमाल से आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने की भी घोषणा की।   मुख्यमंत्री योगी अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। अयोध्या में करीब 12 हजार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं, जबकि सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों से मंत्री, सांसद, विधायक और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं जुड़ीं। बुधवार से शुरू हो रहे पोषण माह से पहले मुख्यमंत्री योगी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को मानदेय वृद्धि, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन की चार प्रमुख सौगातें दीं। अपने संबोधन से पहले सीएम ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया, महिलाओं को पुष्टाहार भेंट किया तथा कई बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। सेवा की मिसाल बनीं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के समय आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे परफॉर्मेंस आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए आठ हजार रुपये किया। अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा। सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से बढ़ाकर पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने कोरोना जैसी सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे गांव-गांव स्क्रीनिंग से लेकर दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा तक अपनी जान जोखिम में डालकर जुटी रहीं। सीएम योगी ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लिया जा सकेगा। हाल में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है। लगातार मांग आ रही थी कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को भी इससे जोड़ा जाए। अब सरकार यह सुविधा उन्हें भी देने जा रही है।   मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है। अब तक उन्हें दो साड़ियां मिलती थीं। अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे। इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी। पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे योजनाओं का डेटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का काम भी आसान होगा। हर आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन देना लक्ष्य सीएम ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2018 में इनकी भूमिका की तुलना माता यशोदा से की थी। मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है। बचपन स्वस्थ होगा तो भारत स्वस्थ, समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि या अलग बजट से भवनों का निर्माण कराया जाएगा।   शराब माफिया संचालित करता था बच्चों का पोषाहार पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर थे। बच्चे बैठने के लिए टाट लेकर आते थे। पेयजल और जरूरी उपकरणों का अभाव था। केंद्र सरकार पैसा देती थी, लेकिन पोषाहार पर माफिया का शिकंजा था। प्रदेश में बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था। सरकार और माफिया व्यवस्था को चौपट करते थे और बदनामी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी। अब पोषाहार को माफिया से मुक्त कर 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।   सपा-कांग्रेस ने किया राममंदिर का विरोध अयोध्या के बदलाव को आंगनवाड़ी केंद्रों के कायाकल्प से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले यहां न पर्याप्त बिजली थी, न सड़कें और न सुविधाएं। आज अयोध्या में फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। रेलवे की सिंगल लाइन डबल हो चुकी है। राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ और अयोध्या देश की सोलर सिटी बनी है। सपा और कांग्रेस, दोनों दलों ने राम मंदिर का विरोध किया। सपा ने अयोध्या में सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट निर्माण तक का विरोध किया। ये विरासत के भी विरोधी हैं और विकास के भी। लेकिन, इनके विरोध के बावजूद न राम मंदिर अभियान रुका और न अयोध्या का विकास। आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या के बदलाव को देख रहे हैं।   समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला कल्याण व बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य, महिला कल्याण राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, अयोध्या महापौर पंडित गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य रोली सिंह, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, अयोध्या सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान, गोसाईंगंज विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी, प्रदेश व जिले के अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।