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मॉड्यूलर फर्नीचर की बुकिंग रद्द करने के बाद रकम नहीं लौटाना पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर लगाया जुर्माना

भोपाल  मॉड्यूलर फर्नीचर की बुकिंग रद कराने के बावजूद अग्रिम राशि नहीं लौटाना लिवस्पेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भारी पड़ गया। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता के 25 हजार रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने और मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 15 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। इस तरह कंपनी को ब्याज के अतिरिक्त 15 हजार रुपये हर्जाना भी देना होगा। भोपाल के सलैया निवासी प्रतीक सारस्वत ने 25 जुलाई 2025 को लिवस्पेस शोरूम में माड्यूलर फर्नीचर बनवाने के लिए 25 हजार रुपये बुकिंग राशि जमा की थी। उन्हें बताया गया था कि 48 घंटे के भीतर बुकिंग रद कराने पर पूरी राशि बैंक खाते में वापस कर दी जाएगी। उत्पाद और उनकी कीमतें पसंद नहीं आने पर प्रतीक ने अगले ही दिन, 26 जुलाई को बुकिंग रद कर रिफंड मांगा। इसके बावजूद कंपनी ने राशि लौटाने के बजाय 12 अगस्त 2025 को 25 हजार रुपये का गिफ्ट वाउचर जारी कर दिया। रिफंड नहीं मिलने पर प्रतीक ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई और कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा। समाधान नहीं होने पर उन्होंने 26 सितंबर 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि कंपनी अग्रिम राशि नहीं लौटाने के समर्थन में कोई स्पष्ट अनुबंध या संबंधित शर्तें प्रस्तुत नहीं कर सकी। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए रिफंड, ब्याज और मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।

सूर्य ग्रहण 2027 की तारीख हुई तय? जानें कब लगेगा साल का पहला ग्रहण और भारत में इसका असर

 नई दिल्ली साल 2027 में आसमान में कई खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी, जिनमें सूर्य ग्रहण भी शामिल है. सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि यह कब लगेगा, कितनी देर तक रहेगा और क्या भारत में इसे देखा जा सकेगा. धार्मिक मान्यताओं के कारण भी सूर्य ग्रहण की तारीख और सूतक काल के बारे में जानने की उत्सुकता रहती है।  साल 2027 का पहला सूर्य ग्रहण 6 फरवरी, शनिवार को लगेगा. यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा. इसलिए भारत में इसके समय को लेकर धार्मिक परंपराओं के तहत सूतक मानने का सवाल भी नहीं उठता।  सूर्य ग्रहण 2027 की तारीख और समय राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार, 6 फरवरी 2027 को लगने वाला वलयाकार सूर्य ग्रहण भारतीय समय के मुताबिक शाम 6 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगा. यह 7 फरवरी की रात 12 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा. चूंकि ग्रहण की अवधि आधी रात के बाद तक रहेगी, इसलिए इसकी शुरुआत और समाप्ति अलग-अलग तारीखों में होगी।  तारीख: 6 फरवरी 2027, शनिवार – ग्रहण का प्रकार: वलयाकार सूर्य ग्रहण – शुरुआत: शाम 6:28 बजे – समाप्ति: 7 फरवरी को रात 12:32 बजे – भारत में दृश्यता: नहीं ये समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार हैं.  क्या होता है वलयाकार सूर्य ग्रहण? जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, तो सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक जाता है. इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं।  वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता. सूर्य के बाहरी हिस्से का चमकदार घेरा दिखाई देता है, जिसे आम भाषा में ‘रिंग ऑफ फायर’ यानी आग का छल्ला कहा जाता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उस समय चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत दूर होता है, इस समय आकाश में उसका आकार सूर्य से छोटा दिखाई देता है।  किन देशों में दिखाई देगा पहला सूर्य ग्रहण? 6 फरवरी 2027 का वलयाकार सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा. इसकी दृश्यता दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों तक सीमित रहेगी. भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।  इसलिए भारत में रहने वाले लोग इसे आसमान में नहीं देख पाएंगे. ग्रहण की दृश्यता इस बात पर निर्भर करती है कि पृथ्वी के किस हिस्से से सूर्य और चंद्रमा की स्थिति कैसी नजर आती है।  क्या सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू होता है. परंपरागत रूप से इसे ग्रहण शुरू होने से करीब 12 घंटे पहले माना जाता है. इस अवधि में पूजा-पाठ, भोजन बनाने और खाने से जुड़े कुछ नियमों का पालन किया जाता है।  हालांकि, 6 फरवरी 2027 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. इस दिन सामान्य धार्मिक गतिविधियां और दैनिक कामकाज किए जा सकते हैं।  अगस्त 2027 में भी लगेगा सूर्य ग्रहण साल 2027 में केवल फरवरी में ही नहीं, बल्कि अगस्त में भी सूर्य ग्रहण लगेगा. 2 अगस्त 2027 को दूसरा सूर्य ग्रहण होगा. यह वैश्विक स्तर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन भारत के अलग-अलग हिस्सों से यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा।  भारत में इस ग्रहण की दृश्यता शहर के हिसाब से अलग होगी. कुछ क्षेत्रों में सूर्य का छोटा हिस्सा ढका हुआ दिखाई देगा, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में इसका प्रभाव अधिक स्पष्ट हो सकता है. इसलिए अगस्त के ग्रहण को देखने की योजना बनाने वालों को अपने शहर का स्थानीय समय और दृश्यता पहले जांच लेनी चाहिए।  सूर्य ग्रहण देखते समय बरतें सावधानी सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन इसे देखते समय आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी है. नंगी आंखों से सूर्य को सीधे देखने से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.  – सूर्य ग्रहण देखने के लिए प्रमाणित सोलर फिल्टर या ISO 12312-2 मानक वाले ग्रहण चश्मे का इस्तेमाल करें.  – साधारण धूप वाले चश्मे से सूर्य को देखना सुरक्षित नहीं है.  – कैमरे, दूरबीन या टेलीस्कोप से सूर्य देखने के लिए भी उपयुक्त सोलर फिल्टर जरूरी है.  – ग्रहण को सुरक्षित तरीके से देखने के लिए पिनहोल प्रोजेक्शन जैसी अप्रत्यक्ष विधि अपनाई जा सकती है. 

Punjab School Timing: ठंड और मौसम में बदलाव के बीच स्कूलों के समय में संशोधन, 2 नवंबर से लागू होगा नया टाइम टेबल

चंडीगढ़  पंजाब में ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए 2 नवंबर से स्कूलों के समय में बदलाव किया जाएगा। शिक्षा विभाग के नए शेड्यूल के अनुसार सभी सरकारी, प्राइवेट, एडेड और मान्यता प्राप्त स्कूल सुबह 9 बजे खुलेंगे। प्राइमरी स्कूल दोपहर 3 बजे तक चलेंगे, जबकि मिडिल से सीनियर सेकेंडरी तक के स्कूल दोपहर 3:20 बजे तक लगेंगे। स्कूलों के समय में यह बदलाव 28 फरवरी तक लागू रहेगा। इसके बाद 1 मार्च से समय में फिर बदलाव किया जाएगा। पंजाब में 19 हजार से अधिक स्कूल हैं, जिन पर यह व्यवस्था लागू होगी। शैक्षणिक सत्र में तीन बार बदलता है समय पंजाब में मौसम के अनुसार शैक्षणिक सत्र के दौरान स्कूलों के समय में तीन बार बदलाव किया जाता है। 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगते हैं। इसके बाद 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्राइमरी स्कूल सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चलते हैं। वहीं, मिडिल से सीनियर सेकेंडरी तक के स्कूल सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:50 बजे तक लगते हैं। अब 2 नवंबर से नया शेड्यूल लागू होने के साथ सभी स्कूल सुबह 9 बजे खुलेंगे। प्राइमरी स्कूलों में दोपहर 3 बजे और मिडिल से सीनियर सेकेंडरी तक के स्कूलों में दोपहर 3:20 बजे छुट्टी होगी।  

PNB ग्राहकों के लिए अलर्ट! लंबे समय से निष्क्रिय और जीरो बैलेंस वाले खाते हो सकते हैं बंद, जानें नियम

  नई दिल्ली   अगर आपका खाता पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में है, तो यह खबर आपके काम की है. बैंक 10 नवंबर 2026 के बाद कुछ इनएक्टिव बैंक अकाउंट्स बंद कर सकता है. इनमें ऐसे खाते शामिल हैं, जिनमें लंबे समय से कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है और बैलेंस भी जीरो है. बैंक ने ऐसे ग्राहकों को अलर्ट जारी किया है. पंजाब नेशनल बैंक देश के बड़े सरकारी बैंकों में शामिल है।  अगर आपका खाता भी इन शर्तों के दायरे में आता है, तो डेडलाइन से पहले जरूरी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि खाता बंद होने से बचाया जा सके. पंजाब नेशनल बैंक के मुताबिक, अकाउंट्स के दुरुपयोग और उनसे जुड़े जोखिम को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. हालांकि, बैंक सभी इनएक्टिव अकाउंट्स बंद नहीं करेगा. कार्रवाई के दायरे में ऐसे खाते आ सकते हैं, जिनमें ये दोनों शर्तें पूरी होती हैं: पहली शर्त: अकाउंट में 30 सितंबर 2023 के बाद कोई ट्रांजेक्शन या ऑपरेशन नहीं हुआ हो।  दूसरी शर्त: अकाउंट में बैलेंस जीरो हो. अगर आपका खाता इन दोनों शर्तों के दायरे में आता है, तो 10 नवंबर 2026 के बाद उसे बंद किया जा सकता है. ऐसे ग्राहकों को डेडलाइन से पहले अपनी बैंक शाखा से संपर्क करना चाहिए।  कब इनएक्टिव होता है अकाउंट? PNB की गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर किसी खाते में लगातार 24 महीने यानी दो साल तक ग्राहक की ओर से कोई ट्रांजेक्शन नहीं होता, तो उसे इनऑपरेटिव माना जा सकता है. इसमें फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल, दोनों तरह की गतिविधियां शामिल होती हैं. नॉन-फाइनेंशियल गतिविधियों में बैंक के किसी प्रोडक्ट या सर्विस के लिए रिक्वेस्ट देना और केवाईसी (KYC) से जुड़ी जानकारी अपडेट कराना जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं. हालांकि, इनऑपरेटिव होना और बैंक की ओर से खाता बंद किया जाना अलग-अलग बातें हैं. PNB के इस अलर्ट में अकाउंट बंद करने के लिए जीरो बैलेंस और तय तारीख के बाद कोई गतिविधि नहीं होने, दोनों शर्तें बताई गई हैं।  ऐसे जानें अपने खाते का स्टेटस अगर आपका PNB में बैंक अकाउंट है, तो सबसे पहले खाते का बैलेंस और आखिरी ट्रांजेक्शन की तारीख चेक करें. अगर खाते में जीरो बैलेंस है और 30 सितंबर 2023 के बाद कोई गतिविधि नहीं हुई है, तो अपनी संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें. बैंक ने प्रभावित ग्राहकों को 10 नवंबर 2026 से पहले केवाईसी से जुड़े डॉक्युमेंट्स जमा करने की सलाह दी है. अगर आपको अपने अकाउंट की स्थिति को लेकर कोई संदेह है, तो नजदीकी PNB शाखा में जाकर जानकारी ले सकते हैं।  फिर कैसे एक्टिव होगा अकाउंट? अगर आपका खाता बंद होने के जोखिम के दायरे में है, तो बैंक शाखा में जरूरी दस्तावेज जमा करके अकाउंट एक्टिव कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इनमें शामिल हैं… पहचान और पते का प्रमाण: पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे मान्य दस्तावेज।  टैक्स से जुड़े दस्तावेज: पैन कार्ड या फॉर्म 16 जैसे दस्तावेज, जैसा बैंक की ओर से मांगा जाए।  रिक्वेस्ट लेटर: अकाउंट को दोबारा ऑपरेटिव यानी चालू करने के लिए आवेदन।  बैंक अपनी केवाईसी पॉलिसी के तहत जरूरत पड़ने पर दूसरे दस्तावेज भी मांग सकता है. दस्तावेज जमा होने के बाद बैंक उनका वेरिफिकेशन करेगा और प्रक्रिया पूरी होने पर खाते को ऑपरेटिव कर सकता है।  मदद के लिए इन टोल-फ्री नंबरों पर करें कॉल अगर आपको अकाउंट बंद होने या उसे एक्टिव कराने की प्रक्रिया को लेकर कोई सवाल है, तो PNB के कस्टमर केयर से संपर्क कर सकते हैं. बैंक के टोल-फ्री नंबर हैं: 1800-1800 1800-2021 ग्राहकों को सलाह है कि वे 10 नवंबर की डेडलाइन का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपने खाते की स्थिति जांच लें और जरूरत पड़ने पर शाखा में जाकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करें।   

मध्यप्रदेश में आसान होंगे भवन निर्माण के नियम, लोग खुद बना सकेंगे मकान का नक्शा; FAR में भी मिलेगी बड़ी राहत

भोपाल  मध्यप्रदेश के जिन शहरों में अब तक मास्टर प्लान लागू नहीं हो पाया है, वहां भी अब भवन निर्माण की राह आसान होने जा रही है। सरकार भूमि विकास नियमों में बड़े बदलाव कर रही है। नए नियम इतने सरल बनाए जा रहे हैं कि आम नागरिक को अपना मकान बनाने के लिए आर्किटेक्ट या कंसल्टेंट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वह खुद नियमों को समझकर भवन का नक्शा और निर्माण की योजना तैयार कर सकेगा। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में अनलिमिटेड एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) देने का प्रावधान भी किया जा रहा है। इससे छोटे शहरों में भी बहुमंजिला इमारतों के निर्माण का रास्ता खुलेगा। सरकार वर्ष 2012 में बने भूमि विकास नियमों में व्यापक संशोधन कर रही है। संशोधित नियमों का ड्राफ्ट गुरुवार को इंदौर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जारी कर सकते हैं। इसके बाद आम नागरिकों और संबंधित पक्षों से एक महीने तक सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। सुनवाई के बाद नियमों को अंतिम रूप देकर लागू करेंगे। 50 से अधिक संशोधनों को एक जगह समेटेंगे भूमि विकास नियम उन शहरों में भवन निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं, जहां मास्टर प्लान लागू नहीं है। ऐसे शहरों में भवन की ऊंचाई, निर्माण क्षेत्र, खुली जगह, हरियाली और जमीन के उपयोग से जुड़े प्रावधान इन्हीं नियमों से तय होते हैं। अभी इन नियमों में 50 से अधिक बार संशोधन हो चुके हैं। इसके कारण आम नागरिकों के लिए इन्हें समझना मुश्किल हो गया है। नए नियमों में सभी संशोधनों को एक जगह समाहित कर सरल भाषा में समझाया जाएगा। अभी भवन निर्माण में पांच प्रमुख मानक फ्रंट, साइड व रियर मार्जिनल ओपन स्पेस, ग्राउंड कवरेज, भवन की ऊंचाई और एफएआर शामिल हैं। नए नियमों में इनकी गणना और उपयोग की प्रक्रिया आसान होगी। ऊंची बिल्डिंग पर रहेगा जोर शहरों में आबादी बढ़ने के साथ जमीन की उपलब्धता सीमित होती जा रही है। अभी हॉरिजॉन्टल डेवलपमेंट वन क्षेत्रों तक हो रहा है। के कारण शहरों का विस्तार आसपास की कृषि भूमि और सरकार अब वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना चाहती है, ताकि कम जमीन में अधिक आवास और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित हो सकें। अब 60 मीटर तक विशेष अनुमति की सीमा नए नियमों में विशेष अनुमति की सीमा 30 मीटर से बढ़ाकर 45 से 60 मीटर तक करने का प्रस्ताव है। इससे चौड़ी सड़कों के आसपास निर्माण के लिए बार-बार विशेष अनुमति लेने की जरूरत कम होगी। वहीं एफएआर की अधिकतम सीमा तीन से बढ़ाकर चार करने की तैयारी है। इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की जाएंगी। इसके अलावा शहरों के चुनिंदा क्षेत्रों में अनलिमिटेड एफएआर का प्रावधान भी प्रस्तावित है। इससे उपलब्ध जमीन पर अधिक निर्माण संभव होगा और छोटे शहरों में भी हाईराइज इमारतें बनाने का रास्ता खुलेगा। इन वजहों से बदल रहे नियम -नागरिकों के लिए भवन निर्माण के नियमों को सरल और समझने योग्य बनाना। -मास्टर प्लान लागू नहीं होने वाले शहरों में अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण। -हॉरिजॉन्टल विस्तार के बजाय वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा। -भवनों में अग्निसुरक्षा और अन्य आधुनिक सुरक्षा संबंधी प्रावधान शामिल करना। -नई निर्माण तकनीकों और उनसे जुड़ी सुविधाओं को नियमों में जगह देना। -ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत निवेश की प्रक्रिया आसान करना।

Railway charging rules back in the spotlight; charging points on trains may be switched off after 11 PMs: रात 11 बजे के बाद ट्रेन में मोबाइल चार्ज करने को लेकर क्या है नियम? जानें पूरी जानकारी

नईदिल्ली  भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश ओडिशा में मुंबई-हावड़ा मेल के एक कोच में चार्जिंग के दौरान पावर बैंक फटने की घटना के बाद आया है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को इस व्यवस्था में किसी तरह की छूट नहीं देने और औचक निरीक्षण करने को कहा है। हालांकि, यह कोई नया नियम नहीं है। रेलवे बोर्ड ने 19 जून 2014 को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। रेलवे बोर्ड ने क्या निर्देश दिए? रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियरों को लेटर भेजकर रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट की बिजली बंद रखना अनिवार्य किया है। बोर्ड ने कहा है कि निर्धारित समय के दौरान इस नियम में कोई छूट नहीं दी जानी चाहिए। संबंधित कर्मचारियों को निर्देश देने के साथ उन्हें जरूरी प्रशिक्षण देने को भी कहा गया है। रेलवे ने ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए ही रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगा दी है. इसका अनुपालन अच्छे तरीके से हो सके इसके लिए यह सुनिश्चित भी किया जाता है कि रात 11 बजे के बाद सॉकेट को मिलने वाली बिजली की मेन सप्लाई ही बंद कर दी जाए. यह कोई नई शुरुआत नहीं है. रेलवे ने 2021 में ही इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए थे. पश्चिमी रेलवे ने 16 मार्च को 2021 को चार्जिंग पोर्ट्स में बिजली की सप्लाई बंद कर के इसकी शुरुआत की थी. इससे भी 2014 में रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को ऐसा ही करने का निर्देश दिया था।  धुम्रपान और ज्वलनशील वस्तुओं के खिलाफ कार्रवाई रेलवे ने ट्रेन में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए ज्वलनशील वस्तुएं ले जाने और धुम्रपान करने पर जुर्माने का प्रावधान किया है. यह रेलवे एक्ट की धारा 164 के दंडनीय अपराध है. इसके तहत अपराधी पर 1000 रुपये का जुर्माना व 3 साल की जेल या दोनों हो सकते हैं. यह निर्देश केवल यात्रियों के लिए नहीं बल्कि रेलवे कर्मचारियों के लिए भी जारी किए गए हैं. रेल मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि सुरक्षा रेलवे परिचालन का केंद्र है और इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा सकती।  रेलवे के कुछ अन्य नियम भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों की सुविधा के लिए कई नियम बनाए हुए हैं. इनमें से एक नियम यह है कि रात के 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक टिकट चेक करने के लिए टीसी आपको जगा नहीं सकता है. हालांकि, अगर आपने ट्रेन रात 10 बजे के बाद ही पकड़ी है तो आपको टिकट दिखानी होगी. इसके अलावा यात्री फर्स्ट एसी में 40 किलो तक जबकि स्लीपर क्लास में 15 किलो तक वजनी सामान ले जा सकते हैं। 

मध्यप्रदेश के रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, त्योहारों पर चलेगी स्पेशल ट्रेन; कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव

भोपाल  दिवाली-छठ पर घर जाने के लिए अभी भी लोग कंफर्म टिकट की तलाश में हैं। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे (Indian Railways Special Train) ने बड़ी राहत दी है। महाराष्ट्र से बिहार जाने वालों के लिए पुणे से दानापुर के बीच नई स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया गया है। ट्रेन नंबर 01441/01442 पुणे-दानापुर स्पेशल 1 नवंबर से शुरू होगी और यह MP के यात्रियों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगी। खास बात यह है कि यह ट्रेन सप्ताह में 5 दिन चलाई जाएगी और महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार पहुंचेगी। हर साल होती है भारी भीड़ हर साल त्योहारों के सीजन में पुणे, मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से उत्तर प्रदेश तथा बिहार जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ती है और कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह स्पेशल ट्रेन लोगों को बड़ी राहत देगी। MP के इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन ट्रेन नंबर 01441/01442 पुणे-दानापुर स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में 19 स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें MP के 7 स्टेशन शामिल हैं इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी, मैहर, सतना। इसके अलावा यह ट्रेन हडपसर, दौंड कॉर्ड लाइन, अहमदनगर, कोपरगांव, मनमाड, जलगांव, भुसावल, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर और आरा स्टेशन पर भी रुकेगी। ये रहेगा ट्रेन का शेड्यूल 01441 पुणे-दानापुर स्पेशल ट्रेन 1 नवंबर से 13 नवंबर के बीच रविवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को चलेगी। यह पुणे से शाम 19.40 बजे रवाना होगी और तीसरे दिन सुबह 7.00 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 01442 दानापुर-हडपसर स्पेशल ट्रेन 3 नवंबर से 15 नवंबर के बीच मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को चलेगी। यह दानापुर से सुबह 8.30 बजे रवाना होगी और दूसरे दिन शाम 17.35 बजे हडपसर पहुंचेगी। रेलवे ने इसकी विस्तृत जानकारी NTES और IRCTC पोर्टल पर उपलब्ध करा दी है। रीवा एक्सप्रेस समेत कई गाड़ियों का बदला शेड्यूल दिवाली और छठ पर्व पर मध्य प्रदेश से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट है। उत्तर रेलवे ने एक दर्जन से अधिक सुपरफास्ट ट्रेनों के आगमन समय में बदलाव किया है। नया शेड्यूल 28 अक्टूबर से लागू होगा। इसका असर मध्य प्रदेश के रीवा, सतना और ग्वालियर सहित दूसरे शहरों से जुड़ी रेल यात्राओं पर भी पड़ सकता है। बदले गए समय में रीवा-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस और गोरखपुर-बठिंडा गोरखधाम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। त्योहार के दौरान यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का संशोधित टाइम टेबल जरूर जांच लेना चाहिए, ताकि स्टेशन पर पहुंचने या आगे की यात्रा के दौरान परेशानी न हो। रीवा एक्सप्रेस अब दिल्ली 15 मिनट देरी से पहुंचेगी मध्य प्रदेश के रीवा से दिल्ली जाने वाली 12427 रीवा-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस के आगमन समय में बदलाव किया गया है। नए शेड्यूल के अनुसार, ट्रेन गाजियाबाद स्टेशन पर पहले के सुबह 6:03 बजे के बजाय 6:18 बजे पहुंचेगी। वहीं, आनंद विहार टर्मिनल पर इसका आगमन सुबह 6:40 बजे की जगह 6:55 बजे होगा। यानी रीवा से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को गाजियाबाद और आनंद विहार पहुंचने में पहले की तुलना में 15 मिनट अधिक लगेंगे। दिल्ली पहुंचकर दूसरी ट्रेन, बस या अन्य साधन से आगे जाने वाले यात्रियों को भी इस बदलाव को ध्यान में रखकर अपनी योजना बनानी चाहिए। गोरखधाम एक्सप्रेस के कानपुर पहुंचने का समय बदला 12556 बठिंडा-गोरखपुर गोरखधाम एक्सप्रेस के कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पहुंचने के समय में भी संशोधन किया गया है। अब यह ट्रेन पहले के रात 2:55 बजे के बजाय सुबह 3:00 बजे पहुंचेगी। सतना और रीवा क्षेत्र से जुड़े यात्रियों के लिए इस ट्रेन का समय महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, इस बदलाव का असर किस स्टेशन पर कितना होगा, इसकी पुष्टि के लिए संबंधित ट्रेन का पूरा संशोधित टाइम टेबल देखना जरूरी है। इन ट्रेनों के समय में भी हुआ बदलाव उत्तर रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अन्य प्रमुख ट्रेनों के आगमन समय में भी संशोधन किया गया है। 12309 राजेंद्र नगर-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस: नई दिल्ली आगमन सुबह 7:40 बजे से बदलकर 7:55 बजे। 12393 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस: नई दिल्ली आगमन सुबह 7:55 बजे से बदलकर 8:05 बजे। 15565 ललितग्राम-नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस: गाजियाबाद आगमन सुबह 5:43 बजे से बदलकर 5:58 बजे और नई दिल्ली आगमन सुबह 6:30 बजे से बदलकर 6:45 बजे। 12417 प्रयागराज-नई दिल्ली प्रयागराज एक्सप्रेस: गाजियाबाद आगमन सुबह 6:13 बजे से बदलकर 6:28 बजे और नई दिल्ली आगमन सुबह 7:00 बजे से बदलकर 7:15 बजे। 22437 प्रयागराज-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस: आनंद विहार आगमन सुबह 6:10 बजे से बदलकर 6:25 बजे। 12281 भुवनेश्वर-नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस: नई दिल्ली आगमन सुबह 6:40 बजे से बदलकर 6:55 बजे। त्योहार पर सफर से पहले क्या करें? दिवाली और छठ के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में समय में मामूली बदलाव भी आगे की यात्रा को प्रभावित कर सकता है। यात्रियों को सलाह है कि वे यात्रा से पहले रेलवे के आधिकारिक पूछताछ माध्यमों पर अपनी ट्रेन का समय जांच लें। यदि दिल्ली या गाजियाबाद से दूसरी ट्रेन पकड़नी है, तो उसके लिए पर्याप्त अंतर रखें।  

Punjab Election 2027: विधानसभा चुनाव से पहले आयोग अलर्ट, EVM और वीवीपैट की जांच 12 नवंबर से

 चंडीगढ़  पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में भारतीय निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के प्रतिनिधियों ने सोमवार को ईवीएम की जांच और चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब के कार्यालय के अनुसार जिलों में 12 नवंबर से ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच शुरू होगी। यह प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी। अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण कार्यशाला में बीईएल के विशेषज्ञ इंजीनियरों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इसके बाद व्यावहारिक प्रशिक्षण, मूल्यांकन और अधिकारियों की शंकाओं के समाधान के लिए सत्र आयोजित किया गया। इसमें जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, एफएलसी के नोडल अधिकारी, मास्टर ट्रेनर और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। विभिन्न एजेंसियों के कामकाज की समीक्षा एफएलसी कार्यशाला के बाद भारतीय निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्तों, महानिदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी तथा केंद्रीय और राज्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक की। बैठक में चुनावी तैयारियों और प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा की गई। आयोग ने सभी एजेंसियों के बीच समन्वय और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन पर जोर दिया, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जा सकें। पिछले चुनाव वाले क्षेत्र में दोबारा तैनाती नहीं चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ), रिटर्निंग अधिकारी (आरओ), सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) और निर्धारित पुलिस अधिकारियों को पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए उपचुनाव के दौरान जिस विधानसभा क्षेत्र या जिले में तैनात किया गया था, वहां दोबारा तैनात नहीं किया जाए। इन अधिकारियों को मिलेगी छूट 31 मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को जिले से बाहर स्थानांतरित करने से छूट दी गई है। हालांकि, उन्हें चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से मुक्त करना होगा। चुनाव कार्य से सीधे तौर पर जुड़े नहीं होने वाले डॉक्टरों, इंजीनियरों, शिक्षकों, प्रिंसिपलों और मुख्यालय में नियमित ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को भी सामान्य तौर पर अनिवार्य तबादला नियमों से छूट रहेगी। हालांकि, पक्षपात को लेकर ठोस शिकायत मिलने पर उनके मामले में कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, सेवा विस्तार पर चल रहे या दोबारा नियुक्त किए गए अधिकारियों को चुनाव संबंधी ड्यूटी सौंपने पर रोक लगाई गई है। 30 नवंबर तक देनी होगी रिपोर्ट चुनाव आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को 30 नवंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसमें दिशा-निर्देशों के तहत की गई कार्रवाई का विवरण देना होगा। आयोग के इन निर्देशों का उद्देश्य पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान अधिकारियों की निष्पक्ष तैनाती सुनिश्चित करना और चुनावी प्रशासन को पहले से तैयार करना है। पंजाब विधानसभा का कार्यकाल कब तक? 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होगा। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के अनुसार निर्वाचन आयोग को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने से भी पहले चुनाव कराने की अनुमति है। एसआईआर के चलते हो रही देरी दरअसल चुनाव आयोग ने हाल में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में वार्षिक विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसएसआर) की घोषणा करते समय इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सूचित किया था कि पहले उल्लेखित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। राज्य में फिलहाल मतदाता सूचियों का विशेष सारांश पुनरीक्षण किया जा रहा है। राज्य में अंतिम मतदाता सूचियां चार जनवरी को प्रकाशित की जाएंगी। 2022 में कब हुए थे पंजाब में चुनाव? पंजाब में 14 फरवरी में मतदान हुए थे। इसके लिए 21 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किए गए थे। 28 जनवरी तक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी। पंजाब की 117 सीटों के लिए 14 फरवरी 2022 को हुए थे। जबकि वोटों की गिनती 10 मार्च को हुई थी।  

करवा चौथ 2026: शुक्र अस्त और भद्रा के कारण पहला व्रत रखने पर रोक? जानें ज्योतिषियों ने क्या कहा

Karwa Chauth 2026 : करवाचौथ एक ऐसा व्रत है, जिसका सबसे ज्यादा नवविवाहित जोड़ों को इंतजार होता है. लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि शुक्र ग्रह अस्त होने और भद्रा के कारण जिनका पहला करवाचौथ है, वो व्रत ना करें, नहीं तो अशुभ होगा. लेकिन ज्योतिषी इन दावों को निराधार बता रहे हैं. ज्योतिषियों का कहना है कि व्रत को लेकर जो धार्मिक ग्रंथ है, उनमें इस तरह की किसी भी बाधा का उल्लेख नहीं है. करवाचौथ में बाधा, नवविवाहितों के लिए शुभ या अशुभ? इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को विशेष शुभ योग में मनाया जाएगा. यह व्रत सभी सुहागिनों के लिए प्रशस्त और फलदायी है. ज्योतिष मठ संस्थान, भोपाल के आचार्य पं. विनोद गौतम बताते हैं, '' इस वर्ष चतुर्थी तिथि सुबह संकल्प काल से रात्रि चंद्रोदय तक कर्मकाल में पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी. कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि इस वर्ष विवाह होने पर पहली बार करवा चौथ नहीं रखा जा सकता. जबकि यह पूर्णतः मिथ्या है. धर्मसिन्धु और निर्णयसिन्धु जैसे धर्मग्रंथों में इस व्रत के लिए किसी प्रकार की बाधा का उल्लेख नहीं है.'' शुक्र अस्त और भद्रा के कारण किया जा रहा है दावा पं.विनोद गौतम बताते हैं, '' दावा करने वालों का कहना है कि इस साल करवाचौथ के दिन शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे और भद्रा के कारण नवविवाहितों के लिए ये अशुभ होगा. लेकिन करवाचौथ के व्रत में किसी प्रकार की बाधा नहीं है. शुक्र का उदय एक दिन पहले 28 अक्टूबर को प्रातःकाल हो जाएगा, इसलिए शुक्र अस्त का दोष नहीं रहेगा. साथ ही इस दिन भद्रा भी नहीं है. सभी माताएं-बहनें यह निर्जल व्रत पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ करें.'' करवाचौथ पर चांद निकलने का समय? पं. विनोद गौतम के अनुसार, '' करवाचौथ के पर्व पर भू-पृष्ठीय चंद्रमा का उदय रात 8 बजकर 24 मिनिट पर होगा. यही व्रत का कर्मकाल है. शास्त्र अनुसार जब चंद्रमा क्षितिज से थोड़ा ऊपर उठकर लालिमा युक्त और पूर्ण शीतल दिखाई दे, तभी अर्घ्य देकर पूजा करनी चाहिए. हालांकि, शुक्र उदय के कारण आकाश में बादल और बूंदाबांदी के योग बन रहे हैं, जिससे कई शहरों में चंद्र दर्शन में विलंब हो सकता है.'' करवाचौथ से भी कठिन व्रत है तीजा, पति की लंबी आयु के लिए महादेव की इस तरह होती है पूजा करवाचौथ पर इस वर्ष के शुभ संयोग भले ही करवाचौथ को लेकर अशुभता का दावा किया जा रहा है. लेकिन पंडित विनोद गौतम के अनुसार इस बार करवाचौथ पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का शुभ संयोग व शिवयोग बन रहा है. चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में भ्रमण करेगा, जो दाम्पत्य जीवन में प्रेम और प्रीति बढ़ाने वाला माना गया है. उच्च के चंद्रमा के प्रभाव से पति-पत्नी के बीच वर्ष भर के मनमुटाव समाप्त होते हैं.