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हरियाणा में गन्ने के दाम बढ़ाने का ऐलान, 2027-28 में किसानों को मिलेगा 450 रुपये प्रति क्विंटल भाव

चंडीगढ़  हरियाणा की चीनी मिलों में एक नवंबर से आरंभ होने वाले पेराई सत्र से पहले ही राज्य सरकार ने गन्ने के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। अगले दो साल के लिए 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को घोषणा की कि वर्ष 2026-27 के सीजन में गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति क्विंटल होगा, जबकि वर्ष 2027-28 में इसे बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। इस तरह दो वर्षों में गन्ने के भाव में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होगी। यह दीवाली से पहले किसानों के लिए बड़ी घोषणा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल था। इसे 15 रुपये बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 430 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इसके बाद वर्ष 2027-28 में किसानों को 450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गन्ने का भुगतान होगा। गन्ने की पैदावार बढ़ेगी उन्होंने कहा कि आमतौर पर गन्ने की पैदावार 700 से 800 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है। इस आधार पर गन्ने के भाव में बढ़ोतरी से किसानों की आय प्रति सीजन प्रति एकड़ 10 हजार रुपये से 11 हजार 300 रुपये तक बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दिनों कई किसान संगठनों से मुलाकात के दौरान किसानों ने डीजल, मजदूरी और खाद की कीमतें बढ़ने से खेती की लागत बढ़ने की चिंता व्यक्त की थी। गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल करने से किसानों को बढ़ी हुई लागत की भरपाई में भी मदद मिलेगी। किसान प्रोत्साहित होंगे सीएम ने कहा कि गन्ने का भाव बढ़ने से किसान इसकी खेती करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इससे गन्ने की अधिक पैदावार होगी और चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकेगा। इससे मिलें अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष का भाव पहले से घोषित होने पर किसानों को अपनी खेती की योजना बनाने में आसानी होगी। राष्ट्रीय स्तर पर गन्ने की कमी के बीच यह कदम किसानों को दूसरी फसलों की ओर रुख करने से रोकने में भी मदद करेगा। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में गन्ने का रेट बाकी सभी राज्यों से अधिक है।

मुख्य सचिव विकासशील के निर्देश, सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों में लाई जाए तेजी

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएरू मुख्य सचिव विकासशील सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का हो गुणवत्तापूर्ण निराकरण 15 नवंबर से पहले फसलों की गिरदावरी का कार्य पूर्ण करने के निर्देश मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई उच्चाधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक रायपुर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।         मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज आम जनता की शिकायतों का निराकरण सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निराकरण के पश्चात इसकी जानकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। 15 नवंबर तक गिरदावरी कार्य पूरा करने के निर्देश         राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी 15 नवंबर से पूर्व सभी फसलों की गिरदावरी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा कर लिया जाए। इसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम की ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी किसान के खेत की गिरदावरी छूट जाती है, तो वे ग्राम सभा में आवेदन देकर तत्काल इसे पूर्ण करवा सकते हैं। निर्माण कार्यों में गति लाने पर जोर         बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए  लोक निर्माण विभाग ने शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के अधूरे निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा किया जाए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नल-जल योजनाओं और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्वीकृत सभी निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नगरीय प्रशासन एवं परिवहन विभाग के  नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए एक सुव्यवस्थित परिवहन कार्ययोजना पर कार्य करने को कहा गया। बैठक के दौरान संस्कृति विभाग के अधिकारियों से राज्योत्सव की तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली गई। पारस पोर्टल और भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा        बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं, जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 योजना में बिना किसी विलंब के प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं एवं प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया।        बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

छठ पूजा के लिए पटना में 92 घाट तैयार करने में जुटा नगर निगम, खतरनाक घाटों पर रहेगी खास निगरानी

पटना नकटा दियारा से दीदारगंज बालू घाट तक कुल 92 गंगा घाटों, 82 स्थायी व अस्थायी तालाबों तथा कई पार्कों में छठ व्रतियों के लिए नगर निगम की ओर से अर्घ्य देने की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त घाटों, सीढ़ियों एवं संपर्क पथों की मरम्मत के साथ घाटों के समतलीकरण, पहुंच पथ निर्माण, पार्किंग, बैरिकेडिंग, शौचालय, चेंजिंग रूम, प्रकाश व्यवस्था और यात्री शेड सहित आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने का कार्य तेज कर दिया गया है। कार्यों की समयबद्ध रूप से निगरानी की जा रही नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर सफाई, सुरक्षा, यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों की समयबद्ध रूप से निगरानी की जा रही है। गंगा घाटों पर सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय रेलिंग एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। बैरिकेडिंग के बीच निर्धारित मानकों के अनुरूप दूरी रखी जाएगी तथा बांस-बल्लों को अतिरिक्त मजबूती देने के लिए क्रास बैरिकेडिंग भी की जाएगी। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए आवश्यक स्थानों पर साइनेज, बैनर एवं फ्लैक्स लगाए जाएंगे। खतरनाक घाटों को लाल कपड़े से घेराबंदी खतरनाक घाटों को चिह्नित कर वहां सूचना प्रदर्शित करने के साथ लाल कपड़े से घेराबंदी की जाएगी, ताकि श्रद्धालु जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें। घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों को भी सुरक्षित बनाया जाएगा। संपर्क पथों पर खुले बिजली के तार, टूटी पेड़ की डालियों और अन्य अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सभी घाटों पर व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए यात्री शेड की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रत्येक घाट पर एसओपी के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 92 गंगा घाटों को कुल 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में कार्यों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षी एवं अनुश्रवण पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। तीन चरणों में होगी घाटों की विशेष सफाई छठ महापर्व के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी चिह्नित घाटों, तालाबों, पोखरों, पार्कों और उनके संपर्क पथों की तीन चरणों में गहन सफाई की जाएगी। पहले चरण में दीपावली तक सभी चिह्नित स्थलों एवं उनके पहुंच पथों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दूसरे चरण में नौ से 11 नवंबर तक पुनः विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। दीपावली के बाद गंगा में पूजन सामग्री विसर्जित किए जाने से घाटों की स्वच्छता प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए निगम द्वारा चिह्नित घाटों पर कृत्रिम तालाब और डस्टबिन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध आर्थिक दंड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरे चरण में 13 से 16 नवंबर तक सभी घाटों, तालाबों और पार्कों में प्रतिदिन सफाई कराई जाएगी। सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है।

हरियाणा के मतदाताओं को मिली राहत, SIR की समय सीमा बढ़ी, अंतिम सूची 30 नवंबर को

चंडीगढ़. हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की समयसीमा बढ़ा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने 29 अक्टूबर को जारी आदेश में संशोधित कार्यक्रम के तहत दावे और आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 20 नवंबर 2026 निर्धारित की है। वहीं, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। आयोग के अवर सचिव संदीप कुमार की ओर से हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए पत्र में संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार, यह निर्णय हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध के बाद लिया गया है। इससे पहले आयोग ने 14 मई, 14 जुलाई और 29 अगस्त 2026 को एसआइआर के कार्यक्रम से संबंधित आदेश जारी किए थे। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि संशोधित कार्यक्रम की जानकारी संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दी जाए। इसके साथ ही उपलब्ध सभी माध्यमों से नए कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदाताओं तक समयसीमा में बदलाव की जानकारी पहुंच सके। आयोग ने राजनीतिक दलों को भी संशोधित कार्यक्रम के बारे में लिखित रूप से सूचित करने को कहा है। आदेश की प्रति हरियाणा के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है।

पंजाब में पराली विवाद ने पकड़ा तूल, अधिकारी पर हमले के बाद 90 किसानों पर FIR

तरनतारन. पराली और फसली अवशेषों में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए निकले ब्लाक खडूर साहिब में तैनात क्लस्टर अफसर मनिंदर सिंह (भूमि एवं जल संरक्षण अफसर, खडूर साहिब) पर वीरवार को गांव कंग में कुछ व्यक्तियों ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डिप्टी कमिश्नर राहुल सिंधु ने बताया कि मनिंदर सिंह को कंग, होठियां, हंसावाला, भरोवाल, पिंडियां, खख, गोइंदवाल साहिब और मियानी का क्लस्टर अफसर लगाया गया है और उनके अधीन 3 नोडल अफसर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमला करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। खडूर साहिब के एसडीएम संजीव शर्मा ने घायल मनिंदर सिंह का हाल जाना और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। तरनतारन में पराली जलाने के सबसे अधिक मामले पंजाब के तरनतारन जिले में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इसी को लेकर वीरवार को पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने साफ कहा है कि आग लगाने वालों और ड्यूटी में बाधा डालने वालों पर कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।

Samsung W27 हुआ लॉन्च, 200MP कैमरा और 5000mAh बैटरी वाले फोल्डेबल फोन की कीमत उड़ा देगी होश

Samsung ने हाल ही में फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज को लॉन्च किया था, जिसका नाम Samsung Galaxy Z Fold 8, Fold 8 Ultra और Flip 8 हैं. अब कंपनी ने चीन में Samsung W27 को पेश कर दिया है. चीन में बाकी फोल्ड वेरिएंट के साथ ही  Samsung W27 को भी सेल किया जाएगा.   Samsung W27 को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में बताया है कि कंपनी ने इसको Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra पर तैयार किया है. जबकि कंपनी ने Samsung Galaxy Z Fold 8 और Flip 8 को लेकर अभी कोई वेरिएंट लॉन्च ना करने का फैसला लिया है. Samsung W27 की लॉन्चिंग से कुछ दिन पहले ही जाने-माने टिप्स्टर Evan Blass और Ice Universe की तरफ से इमेज शेयर की जा चुकी है. Samsung W27 के स्पेसिफिकेशन्स Samsung W27  में 6.5 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 8 इंच का इनर डिस्प्ले मिलता है. यह स्मार्टफोन 5000mAh की बैटरी के साथ आता है, जिसमें Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है. Samsung W27 का कैमरा Samsung W27 में 200MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जिसके साथ सेकेंडरी कैमरा और वह 50MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस है. इसमें 10 मेगापिक्सल का टेलिफोटो कैमरा दिया है. कवर और इनर डिस्प्ले पर 10MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. Samsung W27 के अन्य फीचर्स Samsung W27 का वजन 215 ग्राम है. Samsung W27 का लुक काफी अलग है. कंपनी ने गोल्ड असेंट्स के साथ रेड कलर और ब्लू पैनल के ऑप्शन में पेश किया है. इनके साथ ही केवलर मैग्नेटिक प्रोटेक्टिव केस को भी मुफ्त में दिया जाएगा. साथ ही 45W का चार्जर दिया जाएगा.   Samsung W27 की कीमत Samsung W27 को कई स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया है. शुरुआती कीमत चीनी युआन 18999 (करीब 2,71,356 रुपये है. भारत में  Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra की शुरुआती कीमत 1,99,999 रुपये है. जहां भारतीय वेरिएंट में 12GB RAM मिलती है, वहीं चीनी वेरिएंट में 16GB RAM मिलती है.    

नीम करोली बाबा के अनुसार जीवन में अच्छे समय आने से पहले मिलते हैं ये 5 संकेत, जानें धार्मिक मान्यताएं

नीम करोली बाबा को हनुमान जी का परम भक्त माना जाता था. उनके अनुयायियों की मान्यता है कि बाबा स्वयं हनुमान जी के अवतार थे. उनके जीवन से जुड़ी बातें और उपदेश आज भी कई लोगों को प्रेरित करते हैं. नीम करोली बाबा की शिक्षाओं में जीवन, भक्ति और अच्छे कर्मों का खास महत्व बताया गया है. उनसे जुड़ी मान्यताओं में कुछ ऐसे संकेतों का भी जिक्र मिलता है, जिन्हें शुभ बदलाव से जोड़कर देखा जाता है. कहा जाता है कि जब जीवन में कोई अच्छा समय आने वाला होता है, तो कभी-कभी कुछ घटनाएं व्यक्ति को खास संकेत देती हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 संकेतों के बारे में. सपने में पितरों या इष्टदेव का दिखाई देना मान्यता है कि सपने में पितरों या इष्टदेव का दिखना शुभ होता है. अगर वे सपने में मुस्कुराते हुए या आपको आशीर्वाद देते नजर आएं, तो इसे अच्छे संकेत के रूप में देखा जाता है. कहा जाता है कि ऐसा सपना आने वाले समय में खुशियां मिलने या किसी रुके हुए काम के पूरा होने का इशारा हो सकता है. इसे पूर्वजों का आशीर्वाद भी माना जाता है. घर के आसपास पशु-पक्षियों का आना मान्यता है कि घर के आसपास अचानक पशु-पक्षियों का आना शुभ होता है. खासकर गौरैया या छोटी चिड़िया अगर घर में आकर कुछ देर बैठ जाए, तो इसे अच्छा संकेत माना जाता है. कहा जाता है कि इससे घर में सुख-शांति आने और परेशानियां कम होने का इशारा मिलता है. इसे जीवन में नए मौके मिलने से भी जोड़कर देखा जाता है. पूजा करते समय आंखों से आंसू आना कई बार पूजा करते समय व्यक्ति इतना भावुक हो जाता है कि उसकी आंखों से आंसू आने लगते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा का संकेत माना जाता है. कहा जाता है कि दिल से मांगी गई प्रार्थना कभी बेकार नहीं जाती और मुश्किल समय में भगवान कोई न कोई रास्ता जरूर दिखाते हैं. अचानक साधु-संतों के दर्शन होना हिंदू धर्म में साधु-संतों के दर्शन करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि अगर सुबह-सुबह अचानक किसी संत या महात्मा के दर्शन हो जाएं, तो यह अच्छे संकेत होते हैं. संतों की बातें सुनने से इंसान को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलती है. कुछ लोग इसे जल्द किसी धार्मिक यात्रा पर जाने या तीर्थ दर्शन की इच्छा पूरी होने का संकेत भी मानते हैं. अंतर्मन की आवाज कई बार परेशानी के समय इंसान को समझ नहीं आता कि क्या करना सही रहेगा. ऐसे में अचानक मन में किसी समस्या का हल या सही फैसला लेने का विचार आ सकता है. इसे अंतर्मन की आवाज कहते हैं. मान्यता है कि यह आवाज इंसान को सही रास्ता चुनने में मदद करती है. इससे उलझन दूर होती है और मुश्किल समय में हिम्मत मिलती है.

राजनांदगांव में विकास कार्यों की बनेगी नई योजना, MIC बैठक में हुआ मंथन

राजनांदगांव. महापौर मधुसूदन यादव की अध्यक्षता में महापौर परिषद की बैठक निगम स्थित महापौर कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में निर्माण कार्य हेतु निविदा दर की स्वीकृति, पाईप लाईन विस्तार, विद्युतीकरण, सहित निगम स्वामित्व की दुकानो के नवीन प्रीमियम दर का अनुमोदन सहित जाति प्रमाण पत्र बनाये जाने संबंधी विषयो पर चर्चा उपरांत निर्णय लिया गया। महापौर यादव ने बैठक के संबंध में बताया कि 15वें वित्त आयोग अंतर्गत वार्डो में विद्युतीकरण कार्य के अलावा रोड, नाली निर्माण, इंटरलाकिंग कार्य सहित अधोसंरचना विकास योजनांतर्गत लखोली कन्हारपुरी से मोहारा बाईपास तक 208.32 लाख रु के आहुत निविदा तथा रेवाडीह चैक से गोकुल नगर तक नाला निर्माण हेतु 250.00 लाख रू. के आहुत निविदा में प्राप्त न्यूनतम दर की अनुशंसा की गयी। इसी प्रकार 15वें आयोग अतर्गत जिला अस्पताल के पास से महामाया चैक तक तथा महाजन बाडी से स्टेशन पारा तक 250 एमएम डाया डीआई पाईप लाईन विस्तार के लिए प्राप्त न्यूनतम दर की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसी प्रकार राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनांतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशि देने की स्वीकृति तथा समाजिक सुरक्षा पेंशन अंतर्गत पात्र हितग्राहियो को पेंशन राशि देने तथा जाति प्रमाण पत्र के प्रकरणों की अनुशंसा की गयी। इसी कड़ी में पुराना गंज मण्डी शॉपिंग काम्पलेक्स एवं रेल्वे स्टेशन रोड की नवीन व्यवसायिक परिसर के दुकानों का आरिक्षित मूल्य एवं आरक्षण, टांकावर व्यावसायिक परिसर की दुकानें तथा यातायात नगर स्थित रिक्त भूखण्डों के निर्धारित नवीन प्रीमियम दरो का अनुमोदन के संबंध में चर्चा उपरांत निर्णय लिया गया।

Google की पैरेंट कंपनी Alphabet को बड़ा झटका, AI शेयरों में गिरावट से मचा हड़कंप

वाशिंगटन अमेरिका हो या चीन एआई का बुलबुला अब हर तरफ फटना शुरू हो गया है. गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के तिमाही नतीजों में भी एआई का कुछ ऐसा ही हश्र दिखा और कंपनी के शेयर 13 फीसदी तक टूट गए. इतनी बड़ी गिरावट ने कुछ ही देर में कंपनी के निवेशकों को 48 लाख करोड़ रुपये का झटका दिया. अल्फाबेट के शेयरों में इसलिए बड़ी गिरावट दिखी क्योंकि कंपनी की ओर से हाल में जारी किए गए आंकड़ों में बिक्री अनुमान से भी कम रही है, जबकि कंपनी के एडवरटाइजिंग बिजनेस में भी सुस्ती आई है।  दरअसल, गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर भारी-भरकम निवेश कर रही है. ऐसे में कंपनी के निवेशकों को इस बात की आशंका रहती है कि क्या इस खर्च के मुकाबले मुनाफा आएगा या नहीं. इसी आशंका के बीच अल्फाबेट ने अपने कारोबारी आंकड़े जारी किए तो निवेशकों की आशंका डर में बदल गई. अल्फाबेट ने बताया कि उसकी बिक्री अनुमान से कम रही और विज्ञापन से होने वाली कमाई भी सुस्त पड़ गई है. यह आंकड़े देख निवेशकों ने घबराहट में बिकवाली शुरू कर दी और देखते ही देखते शेयरों में 13 फीसदी की बड़ी गिरावट दिखने लगी।  5 मिनट में डूब गए खरबों रुपये अल्फाबेट ने बीते जुलाई महीने में बताया था कि उसका पूंजीगत खर्च करीब 205 अरब डॉलर पहुंच गया है, जो पिछले साल से करीब दोगुना ज्यादा है. इसी बात ने अल्फाबेट के निवेशकों को परेशान कर रखा है और उन्हें आशंका है कि क्या कंपनी इसके मुकाबले कमाई कर सकेगी. अब जब अल्फाबेट ने कारोबारी आंकड़े जारी किए तो घबराहट में की गई बिकवाली से महज 5 मिनट में ही कंपनी के शेयर 13.2 फीसदी टूटकर 279.43 डॉलर के भाव पहुंच गए. महज 5 मिनट में ही अल्फाबेट के 500 डॉलर यानी करीब 48 लाख करोड़ रुपये डूब गए. यह कंपनी के मार्केट कैप में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।  क्या रहे तिमाही नतीजे अल्फाबेट ने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर बताया कि उसकी कुल बिक्री 111.2 अरब डॉलर रही है, जो एनालिस्ट के अनुमान से कम है. कंपनी के कुल रेवेन्यू में आधी से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले विज्ञापन वाले हिस्से में भी सुस्ती आई है. विज्ञापन से कमाई बीते 5 तिमाहियों में सबसे कम रही है. इसी बात ने निवेशकों को सबसे ज्यादा परेशान किया. इस गिरावट ने कंपनी को काफी परेशान किया, क्योंकि उसने एआई पर अपना काफी बड़ा निवेश किया है।  कंपनी पर कितने खर्च का बोझ गूगल इस समय एआई पर खर्च बढ़ने की वजह से भविष्य में भारी-भरकम भुगतान के फेर में फंसी है. उसे डाटा सेंटर, कंप्यूटिंग और एनर्जी के साथ एआई सपोर्ट के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 96 लाख करोड़ रुपये खर्च करने हैं. इससे पहले एनविडिया के शेयरों में भी भारी गिरावट आई थी. इस अमेरिकी टेक कंपनी ने भी एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर भारी-भरकम निवेश किया है। 

MP में मुख्यमंत्री की सरप्राइज विजिट की तैयारी, जिलों के कलेक्टरों को मैदान में रहने के निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश जनविश्वास अभियान (CM Jan Vishwas Abhiyan) के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पहला औचक दौरा शुक्रवार को होगा। वे किसी भी जिले में अचानक पहुंच सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उक्त दौरे को गोपनीय रखने का प्रयास किया है, हालांकि सभी जिलों के कलेक्टरों को एक दिन पहले गुरुवार को कह दिया था कि वे अपने-अपने जिलों में मैदान में रहें। जन विश्वास अभियान की मंशा के अनुरूप जिले के अफसर जनता के पास जाएं, उनकी मुश्किलों को सुनें और दूर करें। असल में जन विश्वास अभियान की शुरुआत 7 अगस्त को हुई थी। इसमें मंत्री, तय किया किया था था कि कि मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव और विभागों के एसीएस, पीएस, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिलों के जिला स्तर के अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार जनता के बीच जाएंगे। उन्हें सुनेंगे, मौके पर उनकी मुश्किलों मुश्किलों को को हल हल करेंगे। इस अनुरूप मुख्यमंत्री जिलों में पहुंचे, मंत्रियों ने भी जाना शुरू किया। अफसर भी गए। 6 महीने तक उक्त प्रारूप में ही जनविश्वास अभियान को आगे बढ़ाना था लेकिन सरकार ने बीच में ही निर्णय लिया और मुख्यमंत्री ने तय किया कि वे जिलों मैं औचक औचक पहुंचकर केंद्र व केंद्र व राज्य की योजनाओं की प्रगति देखेंगे, लोगों से मिलेंगे, जनप्रतिनिधियों को सुनेंगे, ताकि सरकार को और अधिक वास्तविकता पता चल सके। सीधा संवाद, फीडबैक और फिर कार्रवाई सीएम जिस भी जिले में उतरेंगे, वहां जनता व जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे, करेंगे, फीडबैक प लेंगे। गंभीर फीडबैक मिलने पर उसका अलग टीमों से परीक्षण कराएंगे, खामी मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहले ये होता था… मुख्यमंत्री कार्यालय से एक सप्ताह पहले संबंधित कलेक्टर को बताया जाता था कि मुख्यमंत्री उनके जिले में जनविश्वास शिविर करेंगे। इस आधार पर की कलेक्टर के स्तर पर तैयारियां जाती थी, संवाद के लिए सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों पर शिकायत कर चुके लोगों को संवाद के लिए चुना जाता था, मुख्यमंत्री ऐसे लोगों से प्रत्यक्ष मिलते थे, उनकी बात सुनते थे और अफसरों की गलती मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते थे। बड़वानी, बैतूल, छिंदवाड़ा, हरदा में किए गए जनविश्वास अभियान के बाद कई अफसरों व कर्मियों पर गाज भी गिर चुकी है।