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दिल्ली में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट से 11 से ज्यादा सड़कें प्रभावित, ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के मचअवेटेड म्यूजिक कॉन्सर्ट को लेकर राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा और आवाजाही को दुरुस्त रखने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं. आज यानी 30 अक्टूबर को लोधी रोड स्थित जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में होने वाले इस बड़े आयोजन के चलते आसपास की लगभग 11 से अधिक प्रमुख सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित रहेगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी की गई एडवाइजरी के मुताबिक, दोपहर 1 बजे से लेकर देर रात 12 बजे तक कई रूटों पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे. ऐसे में अगर आप भी आज इस रूट से गुजरने की योजना बना रहे हैं, तो जाम से बचने के लिए पहले से ट्रैफिक एडवाइजरी को अच्छे से समझ लें और वैकल्पिक रास्तों का ही चुनाव करें. किन-किन रास्तों पर देखने को मिलेगा असर कॉन्सर्ट के चलते जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और उसके आसपास के बड़े इलाकों में ट्रैफिक काफी धीमा रहेगा. पुलिस के अनुसार भीष्म पितामह मार्ग, लोधी रोड, लाला लाजपत राय मार्ग, आर्च बिशप मार्ग, चौथी एवेन्यू रोड, पांचवीं एवेन्यू रोड, CGO कॉम्प्लेक्स और JLN स्टेडियम के अंदरूनी रास्तों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग सकती हैं. इसके अलावा बारापुला फ्लाईओवर, INA से जंगपुरा मेट्रो स्टेशन तक का हिस्सा, दयाल सिंह कॉलेज रोड और लोधी कॉलोनी की अंदरूनी सड़कों पर भी गाड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है. भीड़ को संभालने और सड़कों को जाम से बचाने के लिए 8 प्रमुख जगहों पर डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं. लोधी रोड से दयाल सिंह कॉलेज की तरफ जाने वाले वाहनों को अब सीधे जाने के बजाय लोधी फ्लाईओवर की ओर भेजा जाएगा, हालांकि लोधी फ्लाईओवर रेड लाइट और ऑरोबिंदो मार्ग का सीधा रास्ता खुला रहेगा. लाला लाजपत राय मार्ग से स्टेडियम की तरफ जाने वाली गाड़ियों को भी लोधी फ्लाईओवर की तरफ मोड़ा जाएगा. यही नियम सिप रोड से सोचना भवन जाने वाली गाड़ियों पर भी लागू होगा. दूसरी तरफ, भीष्म पितामह मार्ग से JLN स्टेडियम रेड लाइट की ओर आने वाले वाहनों को गेट नंबर 1 और कोटला मुबारकपुर जाने से रोककर मेहरचंद मार्केट और लोधी कॉलोनी की तरफ भेजा जाएगा. कुशक नाला बस डिपो से आने वाले वाहन स्टेडियम के गेट नंबर 3 से 7 की तरफ नहीं जा सकेंगे, इन्हें चौथी एवेन्यू रोड से लोधी रोड और INA से अरबिंदो मार्ग की तरफ डायवर्ट किया गया है. साथ ही, लोधी कॉलोनी से पांचवीं एवेन्यू रोड आने वाले वाहनों को जोहर बाग रोड की तरफ मोड़ा जाएगा. स्थिति बिगड़ने पर दो अतिरिक्त डायवर्जन भी तैयार ट्रैफिक पुलिस ने आपात स्थिति या ज्यादा भीड़ बढ़ने की सूरत में दो बैकअप डायवर्जन पॉइंट भी तय किए हैं. अगर कोटला मुबारकपुर के भीष्म पितामह मार्ग रेड लाइट पर दबाव बढ़ता है, तो स्टेडियम की तरफ जाने वाली गाड़ियों को वर्मा मार्ग से लाला लाजपत राय मार्ग और फिर यू-टर्न दिलाकर सीधे रिंग रोड की ओर भेज दिया जाएगा. इसके अलावा, भीष्म पितामह मार्ग और लोधी रोड टी-पॉइंट से स्टेडियम जाने वाले वाहनों को आर्च बिशप मार्ग, लोधी फ्लाईओवर और मदरसा अरबिंदो मार्ग की तरफ मोड़ा जा सकता है. मेट्रो से ही सफर करने की सलाह कॉन्सर्ट में शामिल होने आ रहे लोगों को ट्रैफिक पुलिस ने साफ तौर पर अपनी निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करने को कहा है, क्योंकि स्टेडियम के आसपास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी. वायलेट और येलो लाइन पर मेट्रो सेवाएं पूरी तरह से सामान्य रहेंगी. वायलेट लाइन का इस्तेमाल करने वाले दर्शक JLN स्टेडियम या जंगपुरा मेट्रो स्टेशन पर उतरकर गेट नंबर 13, 14 और 17 तक आसानी से पैदल जा सकते हैं. वहीं, येलो लाइन से आने वाले लोग INA मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं और वहां से कुशक नाला बस डिपो रेड लाइट तक कैब या ऑटो लेकर गेट नंबर 3, 6 और 8 तक पहुंच सकते हैं. कैब और ऑटो वालों के लिए प्लान अगर आप कैब, ऑटो या किसी अन्य वाहन से स्टेडियम पहुंच रहे हैं, तो पुलिस ने सिर्फ तीन पिकअप और ड्रॉप पॉइंट तय किए हैं. पहला आर्च बिशप मार्ग, दूसरा लाल मस्जिद-प्रगति विहार और तीसरा कुशक नाला बस डिपो रेड लाइट है. आर्च बिशप मार्ग और लाल मस्जिद-प्रगति विहार के ड्रॉप पॉइंट से दर्शक सीधे स्टेडियम के गेट नंबर 13, 14 और 17 तक आसानी से पहुंच सकेंगे. जबकि कुशक नाला बस डिपो वाले पॉइंट से गेट नंबर 3, 6 और 8 की तरफ जाना आसान रहेगा. दिल्ली के अलग-अलग जगहों से आने वालों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों के लिए सबसे सुगम रास्ते बताए हैं. उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण दिल्ली से आ रहे लोग अरबिंदो मार्ग से होकर लोधी रोड पहुंचें और आर्च बिशप मार्ग पर ही ड्रॉप लें. दक्षिण, पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिल्ली की तरफ से आने वाले लोग लाला लाजपत राय मार्ग से होकर लाल मस्जिद-प्रगति विहार वाले पॉइंट का इस्तेमाल करें. इसके अलावा नई दिल्ली, सेंट्रल, उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली से आने वालों को सलाह दी गई है कि वे आर्च बिशप मार्ग से लोधी रोड से ठीक पहले ही गाड़ी छोड़ दें. एम्बुलेंस को मिलेगी प्राथमिकता ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और अन्य मेडिकल वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनके लिए रास्ते हमेशा खुले रखे जाएंगे. आम जनता से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें, सड़क किनारे अपनी गाड़ियां खड़ी न करें और मौके पर तैनात जवानों के निर्देशों का पालन करें. इसके अलावा किसी भी संदिग्ध वस्तु या हरकत को देखते ही तुरंत 112 नंबर पर सूचना दें या फिर ट्रैफिक से जुड़ी पल-पल की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1095 पर संपर्क करें.

मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम, ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में दो दिन से चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर बना हुआ है। मऊगंज में शुक्रवार सुबह से रिमझिम बरसात हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, 2 नवंबर तक प्रदेश में बारिश हो सकती है। आज ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने के आसार।  मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की उम्मीद है। बारिश से फसलों को नुकसान, मंडी में भीगा मक्का बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। गुरुवार को पांढुर्णा की मंडी में खुले में रखे मक्के के ढेर भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है। छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में धान की फसल खेतों में खड़ी है। बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। रायसेन के दशहरा मैदान में करीब 200 ट्रॉलियों में धान लेकर पहुंचे किसानों को भी उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश हुई। हालांकि, बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है। पचमढ़ी में रात का तापमान 15.2 डिग्री आंधी-बारिश के कारण गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय ठंडक महसूस हुई। दिन के तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। बीती रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17, जबकि धार में 17.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

अहोई अष्टमी पर इस बार बन रहा खास संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी व्रत का विशेष महत्व है. यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से रखती हैं. इस दिन अहोई माता की पूजा की जाती है. वहीं, व्रत में शाम के समय तारों के दर्शन करके उन्हें अर्घ्य देने की खास परंपरा है. पंचांग के अनुसार, यह व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. हालांकि, तिथि के शुरू होने और समाप्त होने के समय में अंतर के कारण कई बार व्रत की सही तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती है. साल 2026 में भी अहोई अष्टमी के व्रत की तारीख को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं. ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र से जानते हैं व्रत की सही तारीख, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, नियम और अहोई माता की कथा. कब है अहोई अष्टमी 2026? पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 1 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन 2 नवंबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा. अहोई अष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त अहोई अष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 4:59 बजे से 6:15 बजे तक तारों के दर्शन का समय: शाम 5:22 बजे के आसपास चंद्रोदय का समय: रात 11:05 बजे के आसपास अहोई अष्टमी व्रत की पूजा विधि अहोई अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. इसके बाद घर के मंदिर में पूजा करें. संतान की खुशहाली के लिए व्रत रखने का संकल्प लें. दिनभर व्रत के नियमों का पालन करें. शाम को अहोई माता की पूजा की तैयारी करें. पूजा के लिए अहोई माता की तस्वीर या चित्र रखें. कुछ घरों में दीवार पर अहोई माता का चित्र बनाकर भी पूजा की जाती है. पूजा के दौरान रोली, चावल, फूल और भोग अर्पित करें. शाम के समय अहोई माता की पूजा करें. फिर व्रत कथा सुनें या पढ़ें. इसके बाद तारों के दर्शन करके उन्हें अर्घ्य दें. पूजा के अंत में संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें. अहोई माता कौन हैं? अहोई माता को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से रखा जाता है. इस दिन माताएं अहोई माता की विधि-विधान से पूजा करती हैं. मान्यता है कि अहोई माता की पूजा और व्रत करने से संतान के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार में खुशहाली आती है. अहोई अष्टमी व्रत कथा पौराणिक कथा के अनुसार, एक नगर में एक साहूकार रहता था. उसके सात बेटे, सात बहुएं और एक बेटी थी. दीपावली से कुछ दिन पहले घर की साफ-सफाई और लिपाई-पुताई की तैयारी शुरू हुई. इसके लिए साहूकार की सातों बहुएं और उसकी बेटी मिट्टी लेने जंगल की ओर गईं. मिट्टी खोदते समय साहूकार की बेटी की कुदाल से एक सेहू के बच्चे की मृत्यु हो गई. सेहू को जब इस बात का पता चला तो वह बहुत दुखी और क्रोधित हुई. उसने साहूकार की बेटी को श्राप देने का फैसला किया. यह देखकर छोटी बहू आगे आई और उसने अपनी ननद की जगह श्राप खुद लेने की बात कही. इसके बाद छोटी बहू के बच्चों को लेकर दुखद घटनाएं होने लगीं. वह अपने दुख से परेशान रहने लगी. परिवार के लोग भी उसकी परेशानी देखकर चिंतित हो गए. तब एक विद्वान पंडित ने उसे गौ माता की सेवा करने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि गौ माता की कृपा से उसके दुख दूर हो सकते हैं. छोटी बहू ने पूरी श्रद्धा से गौ माता की सेवा शुरू कर दी. उसकी सेवा से प्रसन्न होकर गौ माता ने उसकी मदद करने का निश्चय किया. सेहू उसकी श्रद्धा और सेवा से प्रसन्न हुई और उसने अपना श्राप वापस ले लिया. इसके बाद छोटी बहू के जीवन में खुशियां लौट आईं. उसके परिवार में फिर से सुख-समृद्धि आने लगी और उसकी संतान को सुखी जीवन का आशीर्वाद मिला.  

31 अक्टूबर को गुरु का मघा नक्षत्र में गोचर, वृषभ-सिंह समेत 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को धन, ज्ञान, भाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है.  31 अक्टूबर को गुरु का मघा नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है.  ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ सकता है.  हालांकि, वृषभ, सिंह और तुला राशि के जातकों के लिए यह समय खास हो सकता है.  आइए जानते हैं कि इन राशियों के करियर, कारोबार और आर्थिक स्थिति पर इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है. कब होगा गुरु का गोचर? ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 31 अक्टूबर को गुरु बृहस्पति मघा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.  मघा नक्षत्र का स्वामी केतु माना जाता है.  ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, धन, विवाह और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है.  ऐसे में इस नक्षत्र परिवर्तन को कुछ राशियों के लिए नए अवसरों का संकेत माना जा रहा है. वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर सुख-सुविधाओं और पारिवारिक जीवन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है.  घर या संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी.  नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है.  परिवार में सुख-शांति बनाए रखने के लिए आपसी बातचीत पर ध्यान देना जरूरी होगा. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है.  करियर में आगे बढ़ने और नई जिम्मेदारियां मिलने के अवसर बन सकते हैं.  कारोबार करने वालों को नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिल सकता है.  सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के भी संकेत हैं.  हालांकि, किसी भी फैसले में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन आय और लाभ से जुड़े मामलों में अनुकूल माना जा रहा है.  नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं.  कारोबार में नए संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं.  लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ने की संभावना है.  आर्थिक मामलों में योजना बनाकर चलना और अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर रहेगा.

राजस्थान में कर्मचारियों और पेंशनरों की बल्ले-बल्ले, DA-DR में बढ़ोतरी के साथ मिलेगा दिवाली बोनस

जयपुर राजस्थान सरकार ने केन्द्र सरकार की तर्ज पर जुलाई माह से 9 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) व 5 लाख पेंशनरों का महंगाई राहत (डीआर) 3 फीसदी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी प्रदेश में डीए-डीआर 60 फीसदी है, जो अब बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। घोषणा से पहले तक की राशि जीपीएफ में जमा होगी और दिसम्बर में मिलने वाले वेतन में राशि जुड़कर आने की उम्मीद है। इस बीच राजस्थान सरकार अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक और खुशखबर देने जा रही है। सरकारी कर्मचारियों को दीपावली बोनस देने की भी तैयारी कर रही है, जिसको लेकर संभव है कि अगले सप्ताह घोषणा हो जाएगी और धनतेरस से पहले भुगतान हो जाएगा। वित्त विभाग में डीए-डीआर बढ़ोतरी व बोनस देने की तैयारी चल रही है। राज्य निर्वाचन आयोग व मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद इनकी घोषणा संभव है। सूत्रों ने बताया कि इनका लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ ही पंचायत समिति और जिला परिषद के कर्मचारियों को भी मिलेगा। साल में दो बार बढ़ता है डीए सरकारी कर्मचारियों का डीए साल में 2 बार बढता है। जनवरी व जुलाई के आधार पर डीए बढ़ाया जाता है। अक्सर सरकार डीए की घोषणा मार्च व अक्टूबर में करती आई है। इसमें इनमें बकाया राशि जीपीएफ में जमा हो जाती है। अगले माह से डीए की बढ़ी हुई राशि सैलरी में जमा होती है। दो बार 2 प्रतिशत में बढ़ा है डीए पिछले कई वर्षों के डीए बढ़ोत्तरी के आंकड़े देखें तो केन्द्र व राज्य सरकार तीन व चार प्रतिशत की बढ़ोतरी करती आई है। हालांकि दो बार दो—दो प्रतिशत डीए की भी बढ़ोत्तरी की थी। अप्रेल 2025 व अप्रेल 2026 में केन्द्र सरकार ने दो प्रतिशत डीए बढ़ाया तो राजस्थान सरकार ने भी दो प्रतिशत ही डीए बढ़ोतरी की थी। वर्ष 2023 में राजस्थान में डीए जहां 42 प्रतिशत था, वहीं वर्तमान में डीए 60 प्रतिशत दिया जा रहा है। अब तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद हैं, ऐसे में राजस्थान में भी 63 प्रतिशत डीए होने की पूरी उम्मीद है।

झारखंड की राजधानी में पानी की किल्लत की चेतावनी, 31 अक्टूबर तक इन इलाकों में हो सकती है परेशानी

रांची  राजधानी के करीब सात लाख लोगों को अगले तीन दिनों तक पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है। चक्रवात अर्णब के प्रभाव से तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जलापूर्ति प्रभावित होने की चेतावनी जारी की है। रूक्का जलशोध संयंत्र और बूटी पंप हाउस में बिजली आपूर्ति अनियमित होने की स्थिति में 29 और 30 अक्टूबर को शहर के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसका असर 31 अक्टूबर तक रहने की आशंका है। पेयजल एवं स्वच्छता स्वर्णरेखा शीर्षकार्य प्रमंडल, रांची के कार्यपालक अभियंता ने सार्वजनिक सूचना जारी कर शहरवासियों को पानी का समुचित भंडारण करने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चक्रवात के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर जलशोधन और पंपिंग व्यवस्था बाधित हो सकती है। इन इलाकों में हो सकती है पानी की किल्लत रूक्का जलशोध संयंत्र से प्रतिदिन करीब 14.52 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति होती है। यहां से पानी बूटी जलाशय और अन्य वितरण लाइनों के माध्यम से राजधानी के बड़े हिस्से में पहुंचता है। इससे जुड़े बूटी जलापूर्ति तंत्र के प्रभावित होने पर बरियातू, मोरहाबादी, कांटाटोली, कोकर, लालपुर, बूटी मोड़, चुटिया और आसपास के इलाकों में पानी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। संबंधित जलापूर्ति क्षेत्रों में ऊंचाई पर स्थित मोहल्लों और पाइपलाइन के अंतिम छोर पर रहने वाले परिवारों को अधिक परेशानी हो सकती है। बिजली गुल हुई तो बिगड़ेगी जलापूर्ति व्यवस्था रूक्का जलशोध संयंत्र में पानी का शोधन करने के बाद पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न जलमीनारों और वितरण क्षेत्रों तक पानी पहुंचाया जाता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से जलशोधन और पंपिंग प्रभावित होगी। इससे जलमीनारों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाएगा। बिजली बहाल होने के बाद भी पाइपलाइन में दबाव सामान्य होने और जलमीनारों को भरने में समय लग सकता है। विभाग की अपील, पहले से जमा कर लें पानी पेयजल विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पीने और घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त पानी सुरक्षित रखें। अनावश्यक पानी खर्च करने से बचें। विशेष रूप से बहुमंजिली इमारतों और नियमित पाइपलाइन जलापूर्ति पर निर्भर परिवारों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।  

हरियाणा के पलवल में आधी रात को बड़ा हादसा, 15 दमकल गाड़ियों ने 5 घंटे में बुझाई आग

पलवल  शहर के व्यस्त रेलवे रोड स्थित होली चिल्ड्रन स्कूल के सामने बने एमएस इलेक्ट्रानिक्स के एक बड़े शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। इस दुर्घटना में शोरूम में रखा करोड़ों रुपये का इलेक्ट्रानिक सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग की भयंकर लपटों और धुएं ने आसपास के इलाके में अफरा-तफरा मचा दी। दूसरी मंजिल से उठा धुएं का गुबार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना रात करीब 12 बजे की है। शोरूम की दूसरी मंजिल से अचानक धुआं निकलने लगा। शुरुआती दौर में किसी को इसका पता नहीं चला, लेकिन शोरूम के सामने स्थित दुकानों के ऊपर बने मकान में रह रहे एक सतर्क व्यक्ति ने खिड़की से धुआं उठते देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना शोरूम के मालिक शुभम को फोन पर दी। सूचना मिलते ही मालिक तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना देर किए फायर ब्रिगेड विभाग को फोन पर घटना की जानकारी दी। फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियों ने की पांच घंटे मशक्कत सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर रवाना हुईं। आग इतनी विकराल थी कि उस पर काबू पाने के लिए कुल 15 दमकल गाड़ियों को लगाना पड़ा। फायर ब्रिगेड कर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर लगभग पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। तब तक शोरूम के अंदर रखा सारा कीमती सामान जल चुका था इन सामानों को पहुंचा नुकसान शोरूम की दूसरी मंजिल पर मुख्य रूप से एलईडी टीवी, हाई-फाई म्यूजिक सिस्टम, वाटर प्यूरीफायर (आरओ सिस्टम), माइक्रोवेव ओवन और अन्य आधुनिक घरेलू इलेक्ट्रानिक उपकरण बड़े पैमाने पर स्टॉक में रखे हुए थे। आग के विकराल रूप धारण करने के कारण इनमें से एक भी सामान सुरक्षित नहीं बचाया जा सका। शुरुआती आकलन के अनुसार, मालिक को लगभग दो करोड़ रुपये का भारी-भरकम आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। बिजली कटौती और पानी की कमी से बढ़ी मुश्किलें आग बुझाने के अभियान के दौरान दमकल विभाग के कर्मचारियों को भारी प्रशासनिक व तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। घटना के दौरान रात को हल्की वर्षा भी हुई, जिसके चलते इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। बिजली न होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पानी भरने के लिए खासी परेशानी उठानी पड़ी। मजबूरन गाड़ियों को पानी भरने के लिए शहर से दूर बघोला स्थित एक निजी कंपनी तक के फेरे लगाने पड़े। पानी लाने और ले जाने की इस प्रक्रिया में बहुमूल्य समय व्यर्थ हुआ, जिससे आग पर समय रहते पूरी तरह काबू पाने में अधिक वक्त लग गया। प्लास्टिक और लकड़ी के शोकेस ने बार-बार भड़काई आग दमकल कर्मियों ने बताया कि शोरूम के भीतर भारी मात्रा में प्लास्टिक और लकड़ी के डिजाइनर शोकेस व रेक बने हुए थे। आग बुझाने के दौरान जब भी पानी डाला जाता, तो कुछ देर के लिए आग शांत होती, लेकिन लकड़ी और प्लास्टिक के संपर्क में आकर वह बार-बार और तेजी से भड़क उठती थी।  

सर्वेक्षण और राहत वितरण में अनावश्यक विलंब न हो, किसानों को समय पर मिले सहायता : मुख्यमंत्री साय

चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के दिए निर्देश सर्वेक्षण और राहत वितरण में अनावश्यक विलंब न हो, किसानों को समय पर मिले सहायता : मुख्यमंत्री  साय अन्नदाताओं के हितों की रक्षा और उन्हें हरसंभव संबल प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर राहत मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे। मुख्यमंत्री  साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण से लेकर सहायता राशि के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

आर्मी पब्लिक स्कूल को बम धमकी, ईमेल में IED ब्लास्ट का जिक्र

जालंधर. आर्मी पब्लिक स्कूल जालंधर कैंट को बम से उड़ाने की धमकी की ईमेल की गई है। यह ईमेल स्कूल की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह 8. 55 पर भेजी गई। इसमें पंजाब और खालिस्तान से जुड़े नारे लिखे गए हैं। साथ ही स्कूल में IED के जरिए धमाके करने की धमकी दी गई है। धमकी भरे ईमेल में 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली का भी जिक्र किया गया है। ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पुलिस विभाग की साइबर टीमें ईमेल भेजने वाले की पहचान करने और उसका आपी एड्रेस ट्रैक करने में जुट गई हैं। मामले की जांच की जा रही है। 1 से 4 नवंबर तक ट्रेनों में सफर न करने की धमकी स्कूल को भेजी गई इस धमकी भरे ईमेल में एक से चार नंबर तक ट्रेनों में ना सफर करने की भी धमकी दी गई है जिसमें खासकर अमृतसर, लुधियाना, फिरोजपुर, बठिंडा की ट्रेनों के साथ-साथ रेल ट्रैक को भी निशाना बनाने का भी जिक्र किया है।

कांग्रेस से बीजेपी में आईं निर्मला सप्रे की सदस्यता पर फैसला बाकी, विधानसभा प्रशिक्षण में हुईं शामिल

भोपाल  कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं बीना से विधायक निर्मला सप्रे बुधवार को अचानक मध्य प्रदेश विधानसभा में नजर आईं। वे यहां नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) पर आयोजित तीन दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन शुरुआती सत्र में शामिल होने पहुंची थीं, हालांकि उद्घाटन सत्र के ठीक बाद वे वहां से निकल गईं। पाला बदलने के बाद बनाई थी दूरी राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि पाला बदलने के बाद से ही निर्मला सप्रे विधानसभा की कार्यवाही से दूरी बनाए हुए थीं। दलबदल के इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग कर रही है और यह मामला अभी विधानसभा अध्यक्ष के पास पेंडिंग बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रेनिंग के बाद जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। NeVA ट्रेनिंग और डिजिटल होती विधानसभा बुधवार से शुरू हुए इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। पहले दिन करीब 38 विधायक इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस सॉफ्टवेयर के जरिए राज्य की विधानसभा को पेपरलेस बनाने की तैयारी है, जिसमें मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और ई-बुक मॉड्यूल शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने दिया संबोधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन से आज बिना बिचौलियों के सीधे लाभार्थियों के खातों में पैसे पहुंच रहे हैं। उन्होंने विधायकों और उनके स्टाफ को तकनीक अपनाने की सलाह दी ताकि जनता से सीधा जुड़ाव और मजबूत हो सके। अधिकारियों के मुताबिक, विधायकों के बाद अगले हफ्ते मंत्रियों के स्टाफ के लिए भी विशेष ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। जल्द यूट्यूब पर लाइव होगा क्वेश्चन ऑवर इस बीच, मध्य प्रदेश विधानसभा अपने कामकाज को और पारदर्शी बनाने की तैयारी में है। आगामी शीतकालीन सत्र से विधानसभा के प्रश्नकाल को आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव करने की योजना पर काम चल रहा है। यदि तकनीकी तैयारियां पूरी रहीं तो विंटर सेशन से ही यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी, अन्यथा बजट सत्र में इसे लागू किया जाएगा। इसके अलावा, पुराने और वर्तमान विधायी रिकॉर्ड्स को भी दिसंबर तक NeVA पोर्टल पर माइग्रेट करने का प्लान है।