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शिवराज सिंह चौहान को मातृशोक, सीएम विष्णुदेव साय ने व्यक्त की संवेदनाएं

रायपुर. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई का आज 76 साल की उम्र में निधन हो गया. इसके साथ ही उनका आज छत्तीसगढ़ का दौरा रद्द हो गया है. केंद्रीय मंत्री की माता के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक जताते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है. जानकारी के अनुसार, शिवराज सिंह की माता का भोपाल एम्स में उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. आज दोपहर 3 बजे उनका अंतिम संस्कार ग्राम जैत, सीहोर में होगा. इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक जताते हुए दुःख की इस घड़ी में अपनी गहरी संवेदनाएँ शिवराज सिंह एवं समस्त शोकाकुल परिजनों के प्रति व्यक्त की. माँ का स्नेह और आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा संबल – केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी की पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। माँ का स्नेह और आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा संबल होता है। उनका जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ शिवराज जी एवं समस्त शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। बाबा महाकाल दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति! — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai)

त्योहारी सीजन में यात्रियों को राहत, हुब्बल्लि-खातीपुरा साप्ताहिक ट्रेन का रतलाम में स्टॉपेज

रतलाम दीपावली और छठ पूजा पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे हुब्बल्लि और खातीपुरा (जयपुर) के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के यात्रियों को आने-जाने में सुविधा देगी।  पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि ट्रेन संख्या 07371 हुब्बल्लि-खातीपुरा स्पेशल 31 अक्टूबर से 5 दिसंबर 2026 तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी। सोमवार तड़के 3:30 बजे रतलाम पहुंचेगी ट्रेन हुब्बल्लि से शनिवार रात 11:50 बजे रवाना होगी। सोमवार तड़के 3:30 बजे रतलाम और सुबह 7:30 बजे चित्तौड़गढ़ पहुंचेगी। इसके बाद सोमवार दोपहर 2:40 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। वापसी में सोमवार रात 8:45 बजे चलेगी वापसी में ट्रेन संख्या 07372 खातीपुरा-हुब्बल्लि स्पेशल 2 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक प्रत्येक सोमवार को चलेगी। यह खातीपुरा से रात 8:45 बजे रवाना होगी। मंगलवार तड़के 3:30 बजे चित्तौड़गढ़ और सुबह 7:05 बजे रतलाम पहुंचेगी। बुधवार सुबह 9:30 बजे हुब्बल्लि पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव ट्रेन दोनों दिशाओं में गदग, होले आलूर, बदामी, बागलकोट, आलमट्टी, बसवन बागेवाड़ी रोड, विजयपुरा, इंडि रोड, सोलापुर, दौंड, पुणे, लोनावला, कल्याण, वसई रोड, वापी, वलसाड, उधना, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, एसी 3-टियर इकोनॉमी, स्लीपर और जनरल सेकेंड क्लास के कोच लगाए जाएंगे।  

आबकारी ने तीन अलग अलग स्थानों से मोटरसाइकिल सहित चार आरोपियों से अवैध शराब पकड़ी

आबकारी ने तीन अलग अलग स्थानों से मोटरसाइकिल सहित चार आरोपियों से अवैध शराब पकड़ी पन्ना आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना एवं पन्ना कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता सागर के मार्गदर्शन में जिला आबकारी अधिकारी मुकेश मौर्य द्वारा सहायक जिला आबकारी अधिकारी शंभू दयाल सिंह जाटव को नोडल अधिकारी बनाकर टीम गठित कर जिले में अवैध शराब के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त पन्ना मुकेश पाण्डेय द्वारा बताया गया कि मुखबिर द्वारा सूचना मिलने कि मनोर तरफ से दो व्यक्ति एक मोटर साइकिल पर अवैध परिवहन करते हुए पन्ना की तरफ आ रहे है । आबकारी उपनिरीक्षक द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर उनके निर्देश पर टीम को लेकर मनोर की तरफ निकले तो सड़क पर ही दो संदिग्ध व्यक्तियों पर देखकर उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने जंगल की तरफ मोड़ दी।   आबकारी टीम द्वारा उनका पीछा करते हुए जंगल में उन्हें पकड़ लिया।  बिना नंबर की मोटर साइकिल पर जा रहे दोनो संदिग्ध व्यक्तियों की रोककर उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास एक बोरी में तीन कागज के कार्टून में 50 – 50 पाव कुल 100 पाव देशी शराब प्लेन और 50 पाव देशी मदिरा मसाला कुल मात्रा 27 बल्क लीटर अवैध शराब जिसकी अनुमानित कीमत  13050 रुपए और मोटर साइकिल की अनुमानित कीमत लगभग 65000 रुपए कुल कीमत 78050 रुपए जप्त की गई।  दोनों आरोपी दीपक पटेल पिता कैलाश पटेल उम्र 22 वर्ष निवासी मनिया देवकालिया थाना राजनगर जिला छतरपुर हाल निवासी पन्ना और धर्मेंद्र राय पिता जय प्रकाश राय उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम रामपुरा निवाड़ी जिला टीकमगढ़ हाल निवासी पन्ना के विरुद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) का अपराध पंजीबद्ध किया गया । प्रकरण को विवेचना में लेकर अवैध शराब के स्त्रोत की जांच की जा रही है। इसके बाद जनकपुर में कालीचरण अहिरवार पिता मुरली अहिरवार उम्र 35 वर्ष की चाय नाश्ता की दुकान से 35 पाव देशी मदिरा सादा विधिवत तलाशी में जप्त की गई।  जिसकी अनुमानित कीमत 2625 रुपये है । आरोपी के विरुद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 ( 1) का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया । सूचना मिलने पर ग्राम लक्ष्मीपुर में राकेश अहिरवार पिता गोरेलाल अहिरवार उम्र 45 वर्ष के रिहायशी मकान में से 42 पाव देशी मदिरा सादा अनुमानित कीमत 3150 रुपए जप्त कर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) का अपराध पंजीबद्ध किया गया । इस तरह तीन प्रकरण में मोटर साइकिल सहित कुल 18835 रुपए की 40.86 बल्क लीटर अवैध शराब जप्त की गई । इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय, आबकारी महिला आरक्षक स्मिता ठाकुर, उमाशंकर साहू, नगर सैनिक वीरेंद्र यादव, कौशल्या बाई और राजेश पटेल शामिल रहे । अवैध मदिरा के विरुद्ध सतत अभियान आगे भी जारी रहेगा।

CG में कारोबारियों पर ACB/EOW का बड़ा एक्शन, कोयला-सोना और रियल एस्टेट से जुड़े ठिकानों पर रेड

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एक ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है, तो दूसरी ओर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एसीबी (ACB) भी एक्शन में नजर आ रही है. शुक्रवार को रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, राजिम और कोरबा में डेढ़ दर्जन स्थानों पर जांच एजेंसियों ने दबिश दी है. इन कार्रवाइयों से कारोबारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है. रायपुर में रियल स्टेट कारोबारी के घर दबिश राजधानी रायपुर के वीआईपी स्टेट में सुदर्शन शर्मा के घर एसीबी/ईओडब्ल्यू की टीम पहुंची है. बताया जा रहा है कि सुदर्शन शर्मा का कारोबार रियल स्टेट से जुड़ा हुआ है. शराब घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में टीम उनके आवास पर दबिश देने पहुंची है. फिलहाल टीम की कार्रवाई और जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. राजनांदगांव में दो कारोबारियों के ठिकानों पर रेड राजनांदगांव में भी EOW की टीम ने दो अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की है. जानकारी के मुताबिक करीब 10 अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की टीम दो गाड़ियों में सवार होकर पहुंची. टीम ने सनसिटी स्थित कारोबारी वैभव गोलछा के निवास और लालबाग क्षेत्र में कारोबारी जय बग्गा के घर दबिश दी है. यह कार्रवाई भी छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जुड़ी बताई जा रही है. ज्वेलर्स और कपड़ा कारोबारी के प्रतिष्ठानों पर जांच अभनपुर क्षेत्र के गोबरा नवापारा में EOW और ACB की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई की है. टीम ने सोना-चांदी और कपड़े के कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर दबिश दी है. जानकारी के अनुसार नवकार ज्वैलर्स और शांति विजय स्टोर्स सहित कारोबारी के अन्य ठिकानों पर भी जांच की जा रही है. टीम की कार्रवाई को लेकर इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है. फिलहाल विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जांच जारी है. कार्रवाई के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से अधिकारी बचते नजर आ रहे हैं. कोयला कारोबारी के घर पहुंची टीम न्यायधानी बिलासपुर में कोयला कारोबारी शाहबाज खान के ठिकानों पर ACB/EOW की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है. टीम शुक्रवार सुबह उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में उनके निवास पर पहुंची. सुबह से ही अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद है और दस्तावेजों सहित अन्य जानकारियों की जांच कर रही है. फिलहाल कार्रवाई जारी है. नपा अध्यक्ष के घर छापा कोरबा जिले के कटघोरा में EOW की टीम ने एक साथ दो ठिकानों पर दबिश दी है. टीम कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के आवास पहुंची है. इसके अलावा नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर भी छापेमार कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए चर्चित DMF घोटाले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है. फिलहाल दोनों ठिकानों पर EOW की कार्रवाई जारी है. छापेमारी के कारणों और जांच से जुड़े तथ्यों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई से बढ़ी हलचल शराब घोटाला और कोयला घोटाला में जांच एजेंसियों की अलग-अलग स्थानों पर हो रही कार्रवाई से प्रदेश में हलचल तेज हो गई है. हालांकि, अभी तक इन छापों में क्या-क्या मिला है और जांच के दौरान किन दस्तावेजों या संपत्तियों की पड़ताल की जा रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. कार्रवाई पूरी होने के बाद ही जांच से जुड़े तथ्यों और संभावित खुलासों की तस्वीर साफ हो सकेगी.

महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों को राहत, अब नई तारीख तक चलेगा SIR अभियान

नई दिल्ली महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। राज्य में मतदाताओं को अब दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। निर्वाचन आयोग ने इसकी अंतिम तारीख 26 अक्टूबर से बढ़ाकर 13 नवंबर कर दी है। इसके साथ ही दावों और आपत्तियों के निस्तारण तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख में भी बदलाव किया गया है। अब महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को जारी होगी। छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बदला कार्यक्रम निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को महाराष्ट्र समेत दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड के SIR कार्यक्रम में संशोधन किया। संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) की ओर से समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद आयोग ने सभी को अलग-अलग पत्र भेजकर संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी। महाराष्ट्र में अब 13 नवंबर तक दाखिल कर सकेंगे दावे महाराष्ट्र में पहले दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर निर्धारित थी। अब इसे बढ़ाकर 13 नवंबर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि मतदाताओं को अपनी जानकारी में सुधार कराने या मतदाता सूची से संबंधित आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। 25 नवंबर तक होगा दावों और आपत्तियों का निस्तारण निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, महाराष्ट्र में प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण अब 25 नवंबर तक किया जाएगा। इससे पहले इसके लिए 10 नवंबर की समय सीमा निर्धारित थी। आयोग ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। हरियाणा और आंध्र प्रदेश में 20 नवंबर तक निपटानी होंगी आपत्तियां निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों का निपटारा 20 नवंबर तक करना होगा. वहीं, महाराष्ट्र में इसके लिए 25 नवंबर तक का समय दिया गया है. इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद संबंधित राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।  अधिकारियों को नए शेड्यूल के प्रचार-प्रसार के निर्देश निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने या मौजूदा जानकारी में सुधार करवाने से वंचित न रह जाए. मतदाता सूची से संबंधित अधिक जानकारी और सहायता के लिए नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल (Voters Service Portal) का उपयोग कर सकते हैं।    उधर, SIR पर जारी विवाद के बीच कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कर्नाटक में इस प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में SIR सही तरीके से किया गया. जारकीहोली ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध कर्नाटक में SIR को लेकर नहीं था, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए थे।  करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर जारकीहोली ने कहा कि ये ऐसे लोग थे, जिनकी मौत हो चुकी थी, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे या जिनके नाम वोटर लिस्ट में एक से ज्यादा बार दर्ज थे. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।  30 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची महाराष्ट्र में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 30 नवंबर को किया जाएगा। इससे पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार इसकी तारीख अलग निर्धारित थी। गौरतलब है कि राज्य में SIR की मसौदा मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी। इसके बाद मतदाताओं को सूची में नाम, पते और अन्य विवरणों से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। दिल्ली में भी बढ़ाई गई समय सीमा महाराष्ट्र राज्य के साथ दिल्ली में भी SIR कार्यक्रम की तारीखें बदली गई हैं। यहां दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर से बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी गई है। वहीं, दावों के निस्तारण की समय सीमा 30 नवंबर से बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई है। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची अब 22 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।

लखनऊ में BJP की बड़ी बैठक, अमित शाह नेताओं और कार्यकर्ताओं को देंगे जीत का मंत्र

लखनऊ उत्तर प्रदेश की सियासत में 'चुनावी मास्टरमाइंड' कहे जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एक बार फिर सूबे के रण में उतर रहे हैं. मिशन-2027 को ध्यान में रखते हुए लखनऊ के राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय स्थित भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में अमित शाह शिरकत करेंगे और सत्ता की हैट्रिक का मंत्र देंगे।  अमित शाह प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बूथ प्रबंधन को धार देने के साथ-साथ यूपी के बिगड़े सियासी समीकरण को भी दुरुस्त करेंगे. इसके साथ अपने उस पुराने और आजमाए हुए 2014 और 2017 के 'विनिंग फॉर्मूले' को फिर से एक्टिव करने का प्लान है, जिसने पार्टी को राज्य में अभूतपूर्व सफलता दिलाई थी।  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच बीजेपी अपनी सबसे बड़ी बैठक कर रही है, जो दो दिनों तक चलेगी. इस प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में 2850 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है, जिन्हें अमित शाह संबोधित करेंगे. इसके साथ ही बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति में राजनीतिक प्रस्ताव भी पास किए जाएंगे।  मिशन-2027 के लिए शाह की पाठशाला यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी अब पूरी तरह से अपने अभियान को शुरू करने जा रही है, जिसका आगाज शुक्रवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के साथ हो रहा है. अमित शाह प्रदेश कार्यसमिति के मुख्य वक्ता होंगे जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका समापन करेंगे।  बीजेपी की इस बैठक में उत्तर प्रदेश से केंद्र में शामिल मंत्रियों, मुख्यमंत्री, दोनों मुख्यमंत्रियों, सभी सांसदों, राज्यसभा सदस्यों, प्रदेश सरकार के मंत्रियों, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों को शिरकत करनी है. इसके अलावा 2024 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशी भी शामिल होंगे. प्रदेश से लेकर जिला इकाइयों के अध्यक्षों व महामंत्रियों तथा सभी मोर्चों के अध्यक्षों एवं महामंत्रियों को भी बुलाया गया है।  2027 के जीत का मंत्र देंगे अमित शाह माना जा रहा है कि अमित शाह 2027 के चुनाव की जीत का मंत्र कार्यकर्ताओं को देंगे. 2014, 2017 और 2019 की जीत के मॉडल बूथ प्रबंधन और सामाजिक समीकरणों का मंत्र देंगे. 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का सियासी समीकरण गड़बड़ा गया है और विधान परिषद के चुनाव ने पार्टी की टेंशन बढ़ा दी है।  प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में विपक्षी दलों के नैरेटिव, जातिवाद, यूजीसी एवं आरक्षण के असर से निपटने की रणनीति के साथ ही एमएलसी चुनाव में कमजोर प्रदर्शन पर भी मंथन होगा. गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पढ़ा गया, जिसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं, ओबीसी एवं एससी का भरोसा जीतने पर फोकस करने के लिए कहा गया है. ऐसे में भाजपा के सामने 2027 का विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।  बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा करने एवं आगामी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर होगा. पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले संगठन की सबसे बड़ी बैठक सीधे तौर पर चुनावी रणनीति पर फोकस होगी।  2014 और 2017 का 'शाह फॉर्मूला'? 2013-14 में जब अमित शाह को यूपी का प्रभारी बनाया गया था, तब उन्होंने सपा-बसपा के पारंपरिक यादव, मुस्लिम और जाटव वोटबैंक (लगभग 40%) की काट के लिए बाकी बचे 60% वोटबैंक को एकजुट किया. इसमें अपर कास्ट, गैर-यादव ओबीसी (कुर्मी, मौर्य, निषाद, राजभर आदि) और गैर-जाटव दलित जातियों का बड़ा गठबंधन तैयार किया गया था. इसके चलते बीजेपी यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 71 सीटें जीतने में सफल रही थी और दो सीटें सहयोगी दलों को मिली थीं।  2017 के विधानसभा चुनाव में अमित शाह ने बीजेपी अध्यक्ष रहते हुए यूपी के हर बूथ पर 'पन्ना प्रमुख' की अवधारणा को मजबूती से लागू किया और पचमढ़िया सम्मेलनों के जरिए जमीनी कार्यकर्ताओं को सीधा पार्टी से जोड़ा. इसके अलावा छोटे और क्षेत्रीय दलों अपना दल और सुभासपा को साथ लाकर गैर-यादव पिछड़ी जातियों में अपनी पकड़ मजबूत की थी, जिसके बदौलत 2017 में बीजेपी रिकॉर्ड सीटों के साथ यूपी की सत्ता में आई थी।  विनिंग फॉर्मूले को एक्टिव करने का प्लान? 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्ड और कांग्रेस-सपा गठबंधन के चलते यूपी में भाजपा की सीटों में गिरावट दर्ज की गई. इसके साथ ही जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी और स्थानीय स्तर पर तालमेल की कमी जैसी शिकायतें सामने आईं. एमएलसी के चुनाव में भी बीजेपी को झटका लगा है, क्योंकि सपा तीन सीटों से बढ़कर 5 पर पहुंच गई है।  यूपी में बीजेपी ने अलग-अलग जातियों में बिखरे जिन हिंदुओं को एकजुट किया था, वे फिर छिटकते हुए नजर आए हैं. इसके चलते बीजेपी का ग्राफ यूपी में लगातार घट रहा है. यही वजह है कि भाजपा अब फिर से अपने 'मूल मंत्र' की ओर लौट रही है ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरणों और सांगठनिक मशीनरी को पूरी तरह दुरुस्त किया जा सके।  यूपी की 'चुनावी पाठशाला' का मुख्य प्लान अमित शाह का प्राथमिक फोकस बूथ समन्वयकों और शक्ति केंद्र के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना है ताकि प्रदेश में जमीनी स्तर की नाराजगी दूर हो सके. कार्यकर्ताओं को फिर से एक्टिव करने का प्लान है, जो किसी न किसी वजह से नाराज होकर घर बैठ गए हैं।  शाह का प्लान यूपी में गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटबैंक को फिर से गोलबंद करने का है ताकि बिगड़े सियासी समीकरण को फिर एक बार एक्टिव किया जा सके. इसके साथ ही सहयोगियों के साथ सीट और सम्मान का सही तालमेल बिठाना है. 2027 का चुनाव बीजेपी के लिए काफी अहम माना जा रहा है। 

राजस्थान के 6 सूखा प्रभावित जिलों के किसानों को बड़ी राहत, बीमा कंपनियों ने जारी किए 318 करोड़ रुपये

जयपुर खे और प्रतिकूल मौसम की दोहरी मार झेल रहे पश्चिमी राजस्थान सहित पूरे प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए इस बार की दीपावली खास और राहत भरी साबित हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFSMY) के तहत लंबे समय से अटके पड़े किसानों के फसल बीमा दावों का त्वरित निस्तारण करवाते हुए लगभग 345 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी करवा दी है। राज्य सरकार के इस रुख और प्रशासनिक प्रयासों के बाद बीमा कंपनियों द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में यह पैसा ट्रांसफर किया गया है। सरकार के अनुसार जारी कुल राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 318 करोड़ रुपये केवल पश्चिमी राजस्थान के 6 प्रमुख सूखा प्रभावित जिलों के किसानों के खातों में पहुंचे हैं। लंबे समय से अपने फसल खराबे के मुआवजे और क्लेम की बाट जोह रहे बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, पाली, चूरू और जालोर के हजारों किसानों के लिए यह वित्तीय सहायता त्यौहार के मौके पर बड़ी आर्थिक संजीवनी बनकर आई है। जानिए किस जिले के किसानों के खाते में पहुंचे कितने करोड़ रुपये? कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि रबी 2025-26 के दौरान सूखे और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए बीमित किसानों के दावों का निस्तारण एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) और रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर करवाया गया है। पश्चिम राजस्थान के जिलों में हुआ जिलावार भुगतान का ब्यौरा इस प्रकार है: बीकानेर जिला: सबसे ज्यादा 116 करोड़ रुपये का भुगतान। बाड़मेर जिला: 53.60 करोड़ रुपये का क्लेम जारी। जोधपुर जिला: 48 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित। जालोर जिला: 43.58 करोड़ रुपये का भुगतान। पाली जिला: 31 करोड़ रुपये की बीमा राशि जारी। चूरू जिला: 25.85 करोड़ रुपये का क्लेम निस्तारित। इनके अलावा जयपुर, सिरोही और डूंगरपुर जिलों के पात्र बीमित किसानों से जुड़े लंबित दावों का भी त्वरित निस्तारण किया गया है। रिलायंस इंश्योरेंस की आपत्तियां खारिज, जालोर और डूंगरपुर को मिले 17.60 करोड़ राज्य सरकार ने बीमा कंपनियों द्वारा की जाने वाली अनर्गल अड़ंगेबाजी और आपत्तियों पर भी सख्त रुख अपनाया। राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति के समक्ष सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस की आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया गया। समिति के कड़े फैसलों के बाद: जालोर जिला: खरीफ 2024 के अटके पड़े 10.64 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा कराए गए। डूंगरपुर जिला: खरीफ 2025 के 6.96 करोड़ रुपये का लंबित भुगतान जारी करवाया गया कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा या मौसम की बेरुखी से जब किसान की फसल तबाह होती है, तो उसे समय पर वित्तीय सहायता देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र किसान को उसके हक के बीमा लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण लगातार जारी रहेगा। दूदू तहसील में अटका 9.50 करोड़ का भुगतान भी हुआ मंजूर जयपुर जिले की दूदू तहसील के किसानों के लिए भी अच्छी खबर सामने आई है। खरीफ 2025 के दौरान दूदू के कुछ बीमा इकाइयों में निर्धारित संख्या में फसल कटाई प्रयोग पूरे न होने के कारण तकनीकी आधार पर बीमा क्लेम का भुगतान अटक गया था। राज्य सरकार और कृषि विभाग ने इस तकनीकी पेंच का व्यावहारिक समाधान निकालते हुए 'उच्चतर औसत उपज' (Higher Average Yield) का पैमाना तय किया। इसके आधार पर दूदू क्षेत्र के पात्र किसानों के लिए 9.50 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम स्वीकृत कर उनके खातों में जमा करवा दिया गया है। दीपावली से ठीक पहले खातों में पहुंची इस बड़ी रकम से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के बाजारों में भी रौनक लौट आई है और किसानों ने सरकार की इस त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है।

यूपी को मिली पहली स्लीपर वंदेभारत की सौगात, प्रयागराज-कानपुर समेत इन 4 स्टेशनों पर होगा ठहराव

वाराणसी  देश की दूसरी स्लीपर वंदेभारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से चलने को तैयार है। कई सुविधाओं वाली सेमी हाईस्पीड वीआईपी ट्रेने कल यानी 31 अक्तूबर से दिल्ली के लिए फर्राटा भरेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पहले दिन यह ट्रेन बनारस से चलेगी। इसके बाद वाराणसी जंक्शन से संचालन होगा। वाराणसी से ही देश की पहले वंदेभारत ट्रेन चली थी। इस समय वाराणसी दिल्ली के बीच दो वंदेभारत चलाई जा रही है। वाराणसी दिल्ली के बीच स्लीपर वंदेभारत का चार स्टेशनों पर ठहराव रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के आगमन और ट्रेनों के शुभारंभ को देखते हुए जिला प्रशासन और रेलवे ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन, सीपी मोहित अग्रवाल और डीएम सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को बनारस स्टेशन का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही वाराणसी को तीन और ट्रेनों की सौगात भी मिल रही है। आज अहमदाबाद से वाराणसी के लिए नई ट्रेन शुरू हो रही है। कल बनारस-प्रयागराज रामबाग और वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू ट्रेन का भी उद्घाटन होगा। देश की दूसरी, यूपी की पहले स्लीपर वंदेभारत वाराणसी से शुरू हो रही वीआईपी ट्रेन देश की दूसरी और यूपी की पहले स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन है। इससे पहले कश्मीर में जम्मू से श्रीनगर के बीच स्लीपर वंदेभारत चल रही है। इस ट्रेन में अनेक खूबियां हैं। इस ट्रेन में यात्री सुविधाओं में काफी इजाफा किया गया है। ट्रेन में दिव्यांगों के लिए डेडिकेटेड सीटें भी हैं। दरवाजे पर अत्याधुनिक वॉश बेसिन है। यही नहीं विश्वस्तरीय एचएल-3 फायर सेफ्टी और कवच सिस्टम से लैस इस गाड़ी के प्रथम श्रेणी के कोचों में नहाने के लिए गर्म पानी के शावर भी हैं। छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रही महिलाओं के लिए बच्चों की सुरक्षा बड़ा प्रश्न होता है। खासकर टॉयलेट जाने पर। स्लीपर वंदेभारत के टॉयलेट में लगा बेबी सीटर खोलने पर नीचे हो जाता है। टॉयलेट यूज करने पर महिलाएं इसमें बच्चे को बैठा सकेंगी। वाराणसी-नई दिल्ली के बीच चार स्टॉपेज, छह दिन संचालन वाराणसी नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदेभारत सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से शुक्रवार और नई दिल्ली से शनिवार को ट्रेन नहीं चलेगी। इसके साथ ही वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चार स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा। प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद के लोगों को भी इस ट्रेन का फायदा होगा। वाराणसी से रात 8.50 और नई दिल्ली से रात 9.40 पर ट्रेन शुरू होगी। स्लीपर वंदेभारत का शेड्यूल वाराणसी से नई दिल्ली (गाड़ी सं. 27421) वाराणसी से रवानगी रात 8:50 बजे प्रयागराज रात 10:35 बजे कानपुर रात 12:40 बजे अलीगढ़ भोर 3:55 बजे गाजियाबाद भोर में 5:25 बजे नई दिल्ली 6:10 बजे नई दिल्ली से वाराणसी (गाड़ी सं. 27422) नई दिल्ली से रवानगी रात 9:40 बजे गाजियाबाद रात 10:13 बजे अलीगढ़ रात 11:20 बजे कानपुर रात 2:45 बजे प्रयागराज भोर 5:05 बजे वाराणसी 7:10 बजे मेमू की नई रैक में भी कई खूबियां बनारस-प्रयागराज रामबाग और वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू ट्रेन के नए रैक की विशेषताएं रेलवे ने गुरुवार को जारी की हैं। कोचों में सीसी कैमरे और पैनिक बटन है। इससे न सिर्फ यात्री सुरक्षा सशक्त होगी बल्कि आपात स्थिति में महिलाओं को तुरंत मदद मिल सकेगी। सभी कोचों में बायो-टॉयलेट हैं, जिससे स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। वाराणसी-अहमदाबाद के बीच आज से नई ट्रेन वाराणसी जंक्शन से साबरमती (अहमदाबाद) के बीच नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन भी आज से शुरू हो रही है। साबरमती स्टेशन पर शुक्रवार को आयोजित समारोह में सुबह 10:30 बजे उद्घाटन स्पेशल (गाड़ी संख्या-09405) ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। यह गाड़ी शनिवार को दिन में 11:40 बजे कैंट स्टेशन पर आएगी। नई रेल सेवा से गुजरात और राजस्थान जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाराणसी-साबरमती दैनिक एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या-12206) शाम 5.30 बजे कैंट से रवाना होगी और अगले दिन रात 8.15 बजे साबरमती पहुंचेगी। वापसी में साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या-12205) सुबह 5.20 बजे साबरमती स्टेशन से प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 6.30 बजे वाराणसी जंक्शन आएगी। इस ट्रेन का ठहराव मिर्जापुर, सूबेदारगंज (प्रयागराज), गोविंदपुरी (कानपुर), टूंडला, ईदगाह आगरा, भरतपुर, बांदीकुई, गांधीनगर, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, पालनपुर और मेहसाणा स्टेशनों पर दिया जाएगा। छपरा-आनंद विहार फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलेगी छपरा से आनंद विहार टर्मिनल के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलेगी। यह कैंट स्टेशन से गुजरेगी। 3 से 17 नवंबर तक दोनों दिशाओं से यह गाड़ी हर मंगल और शुक्रवार को प्रस्थान करेगी। गाड़ी संख्या-04057 छपरा से रात 10.10 बजे छूटेगी और तड़के 3.35 बजे कैंट आएगी। दस मिनट बाद यहां से रवाना होकर अगले दिन शाम 5.20 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वहीं, आनंद विहार से यह ट्रेन रात 12.20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 1.15 बजे कैंट आएगी। यहां से दस मिनट बाद रवाना होकर शाम 7.20 बजे छपरा पहुंचेगी।

बिहार में 500 और 100 रुपये के नकली नोटों की बड़ी खेप का खुलासा, नेपाल कनेक्शन आया सामने

 मुजफ्फरपुर  नेपाल से भारी मात्रा में ओएसएस सीरीज के 500 रुपये के नकली नोट बिहार में लाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उत्तर बिहार के बाजारों में इस सीरीज के नोटों की तलाश कर रही है। साथ ही, बड़े पैमाने पर 6एफके सीरीज के 100 रुपये के नकली नोट भी नेपाल से इस पार लाए गए हैं। जब्त हुए जाली नोट उच्च गुणवत्ता के होने के कारण इनकी छपाई पाकिस्तान में होने की आशंका है। इनकी खपत चरस से घंधे में किया जा रहा है। एनआईए की जांच में सामने आया है कि मधुबनी की नकली नोट तस्कर हीरा महासेठ उर्फ चाची के नेटवर्क के तस्कर ये नकली नोट लाए हैं। मधुबनी के साथ दरभंगा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर तक इन दोनों सीरीज के नोटों की तलाश की जा रही है। हीरा उर्फ चाची के पति भरत महासेठ और उसके रिश्तेदार शिव कुमार उर्फ मेहमान को एसएसबी और बिहार एसटीएफ ने बीते दो अगस्त को नकली नोट की खेप के साथ गिरफ्तार किया था। अब इस केस की जांच एनआईए कर रही है। ओएसएस सीरीज के 500 रुपये के 57 नकली नोट जब्त हुए थे भरत और शिव के पास से ओएसएस सीरीज के 500 रुपये के 57 नकली नोट जब्त किए गए थे। ये सभी नकली नोट उच्च गुणवत्ता के थे। इसके अलावा, इनके पास से 100 रुपये के 6एफके सीरीज के 110 नकली नोट जब्त किए गए थे। पूछताछ में सामने आया है कि इन दोनों सीरीज के नकली नोट बड़े पैमाने पर नेपाल के तस्करों ने उत्तर बिहार के जिलों में खपाई है। ये सामान्य तौर पर अन्य नकली नोट से बेहतर हैं। इनकी पहचान कर पाना मुश्किल है। एनआईए ने बीते 15 सितंबर को इस नेटवर्क के खिलाफ मधुबनी में छापेमारी की थी। नेपाल बॉर्डर के रास्ते लाई गई नकली नोट खुदरा बाजारों में खपाए जाने की आशंका है। एजेंसी को इस नेटवर्क के देश के अन्य राज्यों में भी फैले होने का संदेह है। पुलिस ने लोगों से ओएसएस सीरीज के 500 या 6एफके सीरीज के 100 के नोट आने पर तुरंत इसकी सूचना देने की अपील की है। चरस के धंधे में खपाए जा रहे नकली नोट नेपाल के नकली नोट तस्कर अब इसका इस्तेमाल चरस के धंधे में भी कर रहे हैं। अधिकांश नकली नोट तस्कर अब बड़े पैमाने पर चरस की खेप भी नेपाल से उत्तर बिहार में ला रहे हैं। हीरा उर्फ चाची भी नकली नोट के साथ मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को चला रही है।

उत्तर प्रदेश में PET परीक्षा को लेकर हाई अलर्ट, 60 जिलों में स्कूल बंद, AI से होगी निगरानी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का प्रिलिमिनरी एलिजिबिलिटी टेस्ट 2026 शुक्रवार को शुरू हो गई है. यह परीक्षा 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को होगी. इसमें करीब 37 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।  इसके लिए राज्य के 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. जानकारी के मुताबिक, परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है. पहली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक।  जिन 60 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, वहां प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे, जबकि बिना परीक्षा केंद्र वाले जिलों में स्कूल सामान्य रूप से खुले रहेंगे।  सुरक्षा के दृष्टिकोण से लखनऊ सहित सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़े इंतजाम किए गए हैं. लखनऊ में 45 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।  हर परीक्षा केंद्र पर 1 सब-इंस्पेक्टर, 2 पुरुष कांस्टेबल और 2 महिला कांस्टेबल तैनात किए गए हैं. लखनऊ में कुल 45 सब-इंस्पेक्टर, 90 हेड कांस्टेबल, 90 महिला कांस्टेबल और PAC के 92 जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।  प्रदेश भर की पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं. UPSSSC ने एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है,  AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से सॉल्वर और पेपर लीक करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है. साथ ही, यूपी एसटीएफ (STF) की टीमें भी पूरी प्रक्रिया पर सतर्कता से निगरानी रख रही हैं।  बता दें, अंबेडकरनगर, अमेठी, बलिया, बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, कासगंज, कुशीनगर, ललितपुर, महोबा, संभल, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर और वाराणसी में यह परीक्षा आयोजित नहीं होगी।