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जबलपुर में रवींद्र तिवारी तो सागर में जसवंत राठौर को मिली जिम्मेदारी, भोपाल-इंदौर में बदलाव नहीं

भोपाल  भारतीय जनता युवा मोर्चा ने मध्यप्रदेश के 19 जिलों में जिला अध्यक्षों और जिला महामंत्रियों की नियुक्ति की है। प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से नियुक्तियों की घोषणा की।जबलपुर नगर में रवींद्र तिवारी, मऊगंज में अभिषेक मिश्रा और श्योपुर में ईश्वर जाट को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। सागर, निवाड़ी, मैहर, उमरिया, डिंडौरी और मंडला समेत अन्य जिलों में भी नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।बालाघाट, इंदौर ग्रामीण, धार नगर, नीमच, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, रायसेन, अनूपपुर और मंदसौर में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सूची में जिला अध्यक्षों के साथ जिला महामंत्रियों के नाम भी घोषित किए गए हैं। सागर से मंडला तक इन नेताओं को जिम्मेदारी सागर में जसवंत राठौर, निवाड़ी में संदेश नायक, मैहर में दिलीप पटेल, उमरिया में आशुतोष तिवारी, डिंडौरी में सत्यम मानिकपुरी और मंडला में उत्कर्ष यादव को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। निवाड़ी में निरेन्द्र दागी और मैहर में प्रिंस शर्मा को भाजपा युवा मोर्चा का जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है। बालाघाट, इंदौर ग्रामीण और धार नगर में नियुक्तियां बालाघाट में अमन गांधी को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। इंदौर ग्रामीण में प्रबल जायसवाल जिला अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं, जबकि अजय पंवार और विजेन्द्र जाट को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। धार नगर में तरुण सिसौदिया को जिला अध्यक्ष और रोहित रघुवंशी को जिला महामंत्री बनाया गया है। नीमच, सिवनी और छिंदवाड़ा में नई टीम नीमच में रवि पाटीदार और सिवनी में योगेश शिवहरे को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। सिवनी में अंकित ठाकुर जिला महामंत्री नियुक्त हुए हैं। छिंदवाड़ा में कुबेर सूर्यवंशी को जिला अध्यक्ष और बिट्टू विवेक मंडरा को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नर्मदापुरम, रायसेन, अनूपपुर और मंदसौर के नाम नर्मदापुरम जिले में कुलदीप रघुवंशी जिला अध्यक्ष और रूपेन्द्र साहू जिला महामंत्री बनाए गए हैं। रायसेन में प्रतीक द्विवेदी को जिला अध्यक्ष तथा राजेन्द्र मीणा को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है। अनूपपुर में अटल ब्यौहार जिला अध्यक्ष और आशुतोष तिवारी जिला महामंत्री बने हैं। मंदसौर में मनोहर चौहान को जिला अध्यक्ष और अनिल पाटीदार को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने जारी की सूची भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर द्वारा नई नियुक्तियों की सूची जारी की गई है। इन नियुक्तियों के जरिए संगठन ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में युवा मोर्चा की जिला इकाइयों के लिए नई जिम्मेदारियां तय की हैं। यहां देखें पूरी लिस्ट जबलपुर नगर जिला अध्यक्ष – रविन्द्र तिवारी जिला महामंत्री – श्रीकांत वर्मा भिण्ड जिला अध्यक्ष – अभिषेक मिश्रा जिला महामंत्री – शिवांकर भदौरिया श्योपुर जिला अध्यक्ष – ईश्वर जाट जिला महामंत्री – अभिषेक जांगिड़ सागर जिला अध्यक्ष-जसवंत राठौर निवाड़ी जिला अध्यक्ष- संदेश नायक जिला महामंत्री- नरेन्द्र दांगी मैहर जिला अध्यक्ष – दिलीप पटेल जिला महामंत्री – प्रिंस शर्मा उमरिया जिला अध्यक्ष – आयुष्तोष तिवारी डिण्डोरी जिला अध्यक्ष- सत्यम मानिकपुरी मंडला जिला अध्यक्ष – उत्कर्ष यादव बालाघाट जिला अध्यक्ष – अमन गांधी जिला महामंत्री – प्रबल जायसवाल इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष – अजय पंवार जिला महामंत्री – विजेन्द्र जाट धार नगर जिला अध्यक्ष – तरुण सिसोदिया जिला महामंत्री – रोहित रघुवंशी नीमच जिला अध्यक्ष – रवि पाटीदार सिवनी जिला अध्यक्ष – योगेश शिवहरे जिला महामंत्री – अंकित ठाकुर छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष – कुबेर सूर्यवंशी जिला महामंत्री – विदत्त विवेक मंडरा नर्मदापुरम जिला अध्यक्ष – कुलदीप रघुवंशी जिला महामंत्री – रूपेंद्र साहू अनूपपुर जिला अध्यक्ष – अटल ब्यौहार जिला महामंत्री – आशुतोष तिवारी रायसेन जिला अध्यक्ष – प्रतिक द्विवेदी जिला महामंत्री – राजेंद्र मीणा मंदसौर जिला अध्यक्ष – मनोहर चौहान जिला महामंत्री – अनिल पाटीदार  

MP में सरकारी कर्मचारियों का बढ़ा DA, जनवरी से मिलेगा बढ़ी हुई सैलरी का लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने सुबह-सुबह कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा दिया है। सीएम मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी की घोषणा की है। उन्होंने महंगाई भत्ते में दो फीसदी की वृद्धि का ऐलान किया है। राज्य के सरकारी कर्मियों को इसका लाभ जनवरी महीने से मिलेगा। दो फीसदी डीए बढ़ा राज्य सरकार ने कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते में दो फीसदी की वृद्धि की है। यह जनवरी महीने से देय होगा। सीएम मोहन यादव ने एक्स पर लिखा है कि जनवरी से सितंबर, नौ माह के एरियर्स का भुगतान तीन सामान मासिक किश्तों में किया जाएगा। 60 फीसदी हो गया महंगाई भत्ता अब मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत के बजाय 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा। वहीं, अक्टूबर महीने के वेतन, जो नवंबर में मिलेगी, उसके साथ बढ़े हुए डीए का सीधा नगद भुगतान किया जाएगा। कर्मचारियों के साथ-साथ सरकार ने पेंशनरों की भी सुध ली है। पेंशनरों की महंगाई राहत (डीआर) में भी 1 जुलाई 2026 से 2 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। केंद्र और राज्य कर्मचारियों के बीच अंतर होगा कम केंद्र सरकार की ओर से अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 63 प्रतिशत हो गया है। इसके मुकाबले मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को अभी 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था। जनवरी से लंबित 2 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा के बाद राज्य कर्मचारियों का डीए बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों और प्रदेश के कर्मचारियों के बीच तीन प्रतिशत का अंतर बना रहेगा। पेंशनर्स की महंगाई राहत भी बढ़ेगी राज्य सरकार ने पेंशनर्स के लिए भी महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से लागू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और उनके साथ खड़ी है।  अब तीन फीसदी का रह गया है अंतर वहीं, अगर केंद्र सरकार के कर्मचारियों से तुलना करें तो केंद्र अपने कर्मचारियों को फिलहाल 63 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दे रहा है। केंद्र ने 1 जुलाई 2026 से अपने कर्मचारियों का डीए 60 फीसदी से बढ़ाकर 63 फीसदी किया था। इससे पहले मार्च 2026 में मध्य प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों का डीए 55 से बढ़ाकर 58 फीसदी किया था। अब राज्य सरकार द्वारा 2 फीसदी डीए और बढ़ाने के बाद प्रदेश के कर्मचारियों का भत्ता 60 फीसदी पर पहुंच गया है, जिससे केंद्र और राज्य के भत्ते का अंतर अब सिर्फ 3 फीसदी रह गया है। दिवाली से पहले बड़ा तोहफा गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से डीए में बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार कर रहे थे। सरकार ने दिवाली से पहले कर्मचारियों की मुराद पूरी कर दी है। डीए में बढ़ोतरी के बाद राज्य के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी।

CM योगी बोले- निवेश, इनोवेशन और इंडस्ट्री का केंद्र बन रहा यूपी, एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर बढ़े कदम

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट, इनोवेशन एवं इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर प्रदेशवासियों को 2017 के पश्चात उत्तर प्रदेश में आए बदलाव से भी अवगत कराया। पहले न स्पष्ट नीति थी और न ठोस कार्ययोजना मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधा, कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने की न स्पष्ट दृष्टि थी, न कोई ठोस कार्ययोजना, किन्तु डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व ने रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र से प्रदेश में निवेश एवं औद्योगिक विकास की नई कार्य-संस्कृति विकसित की। सिंगापुर प्रतिनिधिमंडल के साथ होगी बैठक मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियों और निवेश अनुकूल वातावरण से आज उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट, इनोवेशन एवं इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बन रहा है। इसी बढ़ते वैश्विक विश्वास को नई ऊंचाई देने के लिए आज सिंगापुर के डेलीगेशन के साथ बैठक में उत्तर प्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं, वर्तमान परियोजनाओं को गति देने और निवेश को धरातल पर उतारकर उत्पादन शुरू करने पर चर्चा होगी। 2017 से पहले न स्पष्ट दृष्टि थी, न ठोस कार्ययोजना सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए न तो स्पष्ट दृष्टि थी और न ही कोई ठोस कार्ययोजना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। सरकार ने रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास की नई कार्यसंस्कृति विकसित की है। सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल से होगी चर्चा सीएम ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियों और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसी विश्वास को और मजबूत करने के लिए बुधवार को सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं, मौजूदा परियोजनाओं को गति देने और निवेश को धरातल पर उतारकर उत्पादन शुरू कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। निवेश से रोजगार तक, वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य सीएम ने आगे कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर निवेश से नया उद्योग, हर उद्योग से नया रोजगार और हर रोजगार से परिवारों में खुशहाली आए। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। सरकार का जोर निवेश प्रस्तावों को वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है।  वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि हर निवेश से नया उद्योग, हर उद्योग से नया रोजगार और हर रोजगार से परिवारों में खुशहाली के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।  

पूजा के लिए फूल तोड़ना पड़ा भारी, बालकनी से गिरकर बाप-बेटे की गई जान

 ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसाइटी (गौर सिटी-2) में शुक्रवार  सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया. सोसाइटी के टॉवर-23 की 23वीं मंजिल से गिरकर एक बाप-बेटे की मौत हो गई।  मृतकों की पहचान 40 वर्षीय पिता रणदीप पात्रा और उनके 11 वर्षीय बेटे आरव के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  मृतक की पत्नी ने बताया कि परिवार को सुबह जल्दी खाटू श्याम मंदिर जाना था. इसी वजह से रणदीप अपने बेटे के साथ पूजा के लिए फूल तोड़ने बालकनी में गए थे. बालकनी बारिश की वजह से गीली थी. शुरुआती जानकारी के अनुसार, फूल तोड़ने के दौरान सीढ़ी से फिसलने के कारण यह हादसा हुआ।  बताया जा रहा है कि बालकनी में बारिश की वजह से फिसलन थी. इसी दौरान बेटे का पैर फिसल गया और वह बालकनी से लटक गया. बेटे को बचाने की कोशिश में पिता भी संतुलन खो बैठे और दोनों नीचे गिर गए. हालांकि, हादसे की परिस्थितियों की पुलिस जांच कर रही है।  पुलिस ने शुरू की जांच घटना के बाद सोसाइटी में शोक का माहौल है. बिसरख थाना पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 

ग्लोबल बिकवाली का भारतीय बाजार पर असर, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में फिसले

  मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआत सुस्त रही. पहले कारोबारी घंटे में बाजार में उतार-चढ़ाव रहा. शुरुआत मामूली तेजी के साथ हुई. निफ्टी 50 करीब 50 अंकों की बढ़त के साथ 23,000 के स्तर के आसपास पहुंचा, जबकि सेंसेक्स 100 अंकों से थोड़ा ज्यादा चढ़कर 74,500 के आसपास. बैंक निफ्टी में 200 से अधिक अंकों की गिरावट रही. कुछ ही देर में सेंसेक्स और निफ्टी ग्रीन से रेड जोन में आ गए. एक्सपर्ट्स के मुताबिक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं और लगातार तेजी की गुंजाइश को सीमित कर रही हैं।  ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बाजार पर दबाव बना हुआ है. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला और बड़ी गिरावट से बचने में मदद मिली. सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई।  बाजार पर वैश्विक अनिश्चितता का असर ऐसी खबरें आ रही हैं कि 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद अमेरिका ईरान पर फिर से सैन्य हमले शुरू कर सकता है, जिससे भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है. इस बीच, अमेरिकी बेंचमार्क सूचकांक नैस्डैक (NASDAQ) और डाउ जोंस (Dow Jones) कल रात गिरावट के साथ बंद हुए. हालांकि हाल के दिनों में एफआईआई की बिकवाली कमजोर हुई है और बीच-बीच में खरीदारी भी हुई है, लेकिन बाजार की स्थिति तेजी के लिए अनुकूल नहीं दिख रही है।  निफ्टी के लिए फिलहाल 23,000 का स्तर सबसे अहम बना हुआ है. अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो अगला लक्ष्य 23,200 से 23,250 तक हो सकता है. हालांकि, बाजार में गिरावट आने पर 22,650 से 22,700 का दायरा अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है. हफ्ते के आधार पर बढ़त बनाए रखने के लिए निफ्टी का 22,600 के ऊपर बंद होना जरूरी है. यानी कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार की क्लोजिंग पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। बैंक निफ्टी ने गुरुवार को दिन के सबसे ऊंचे स्तर के आसपास कारोबार खत्म किया था. इसे बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. बैंकिंग इंडेक्स के लिए 55,000 का स्तर अहम है. इसके पार निकलने पर 55,500 तक पहुंचने का रास्ता आसान हो सकता है. वहीं, नीचे की ओर 54,500 के आसपास सपोर्ट बना हुआ है. अगर बैंक निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।  इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे भी शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स के दूसरी तिमाही के नतीजे आज जारी होंगे. निवेशक इन दोनों कंपनियों के वित्तीय नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. कंपनियों के नतीजे और मैनेजमेंट की टिप्पणियां अगले कारोबारी सत्र में शेयर बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं. तिमाही नतीजों के बाद कंपनियों के शेयर में होने वाली हलचल पर नजर रहेगी. हालांकि, दिन के सबसे बड़े नतीजे बाजार बंद होने के बाद आने हैं। 

दीपावली से पहले लिया गया निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों की खुशियां बढ़ाएगा : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि आगामी 1 नवंबर 2026 से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत प्रदेश के 3.85 लाख शासकीय कर्मचारियों और 1.50 लाख पेंशनरों को मिलेगा लाभ दीपावली से पहले लिया गया निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों की खुशियां बढ़ाएगा : मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीपावली के पावन पर्व से पहले प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनरों की महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके तहत आगामी 1 नवंबर 2026 से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 3 लाख 85 हजार शासकीय कर्मचारियों और 1 लाख 50 हजार पेंशनरों को लाभ मिलेगा। महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में वृद्धि से राज्य सरकार पर लगभग 36 करोड़ रुपए प्रतिमाह तथा 432 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत प्रदान करने के साथ ही उनके परिवारों में त्योहार की खुशियों और उल्लास को बढ़ाएगा।

सुभाष नगर से पाटनीपुरा तक पदयात्रा, मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत कई नेता जुटेंगे

इंदौर  लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान के तहत बीजेपी शुक्रवार को सुबह 10 बजे से इंदौर के सुभाष नगर चौराहे से पाटनीपुरा चौराहे तक पदयात्रा निकालेगी। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और अभियान के नगर संयोजक सुधीर कोल्हे ने बताया कि पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मनसुखभाई मांडविया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, कबीरपंथी गायक पद्मश्री भैरोंसिंह चौहान, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी रणवीर सिंह रावत, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, व्यापारी और खेल संगठनों के पदाधिकारी भी पदयात्रा में शामिल होंगे। पदयात्रा को लेकर शहर के जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील कर रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इसे लेकर उत्साह है। आयोजकों ने पदयात्रा में एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। यात्रा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2 से निकलेगी। सभा के साथ होगा समापन पदयात्रा के जरिए एसआईआर प्रक्रिया की सत्यता और विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे नैरेटिव के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पदयात्रा पाटनीपुरा चौराहे पहुंचेगी। यहां सभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कार्यक्रम का समापन होगा। पदयात्रा को लेकर बैठकों का दौर पदयात्रा की तैयारियों के लिए जनप्रतिनिधियों ने लगातार बैठकें कीं। आयोजकों के मुताबिक, 250 सामाजिक संगठनों के साथ बैठकें हुईं। इसके अलावा विभिन्न समाजों, सामाजिक संगठनों, एनजीओ, शैक्षणिक संस्थानों, खेल संगठनों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। पदयात्रा में शामिल होने वाले लोग हाथों में तख्तियां लेकर चलेंगे। इनके जरिए संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने, लोकतंत्र को मजबूत करने और विपक्ष पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए संदेश दिए जाएंगे।

भोपाल AIIMS में ली अंतिम सांस, एक सप्ताह से वेंटिलेटर पर थीं शिवराज सिंह की मां

भोपाल  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई का शुक्रवार सुबह भोपाल स्थित एम्स में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थीं। उनके निधन की खबर से परिवार और शुभचिंतकों में शोक है। स्वर्गीय काशीबाई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक भोपाल के 9-बी, साकेत नगर स्थित निवास पर रखा जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह ग्राम जैत, जिला सीहोर ले जाया जाएगा। दोपहर 3 बजे जैत में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।  काशीबाई के निधन की खबर के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। उन्हें शुक्रवार को रायसेन में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होना था। मां के निधन के चलते अब वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा उनके आगे के सभी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। बचपन में मां को खो दिया था, पिता ने की थी दूसरी शादी शिवराज सिंह चौहान की पहली मां का नाम सुंदरबाई था। बचपन में ही उनका निधन हो गया था। इसके बाद बच्चों की देखभाल और लालन-पालन के लिए उनके पिता प्रेम सिंह चौहान ने काशीबाई से दूसरी शादी की थी। काशीबाई ने परिवार को संभाला और बच्चों का पालन-पोषण किया। शिवराज सिंह चौहान के चार भाई-बहन हैं। इनमें नरेंद्र सिंह चौहान, शशि और रोहित सिंह चौहान शामिल हैं। वहीं, काशीबाई के एक बेटे वरुण सिंह चौहान हैं, जो पेशे से वकील हैं। काशीबाई भोपाल के साकेत नगर में निवासरत थीं। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। सांस संबंधी परेशानी बढ़ने पर उन्हें एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था, जहां एक सप्ताह तक उनका उपचार चला। शिवराज के पिता ने किया था दूसरा विवाह शिवराज सिंह चौहान की जैविक मां का नाम स्वर्गीय सुंदरबाई चौहान था। उनका निधन शिवराज के बचपन में ही हो गया था। इसके बाद उनके पिता प्रेम सिंह चौहान ने दूसरा विवाह किया था। काशीबाई उनकी दूसरी मां थीं। जानकारी के अनुसार, काशीबाई से एक पुत्र वरुण का जन्म हुआ था। वहीं सुंदरबाई से शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह, रोहित सिंह और बेटी शशि हैं। 

199 रन 13.2 ओवर में चट करने के बाद टीम इंडिया की नजरें एक और बड़े धमाके पर, छोटी बाउंड्री बनेगी हथियार

नई दिल्ली वेलिंगटन में 199 रनों का लक्ष्य महज 13.2 ओवरों में हासिल कर टीम इंडिया ने अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखा दी है. अब ऑकलैंड के ईडन पार्क में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजों के सामने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की परीक्षा होगी. मैदान की छोटी बाउंड्री और करीब 40 हजार दर्शकों की मौजूदगी में एक और बड़े धमाके की उम्मीद है. भारतीय क्रिकेट टीम की टी20 बल्लेबाजी इन दिनों जिस रफ्तार से रन बरसा रही है, उसने विरोधी टीमों के गेंदबाजों की नींद उड़ा रखी है. वेलिंगटन में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के तूफान ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बेबस कर दिया था. अब शुक्रवार को दोनों टीमें ऑकलैंड के ईडन पार्क में आमने-सामने होंगी. इस मैदान की छोटी बाउंड्री भारतीय बल्लेबाजों के लिए और मुफीद साबित हो सकती है. ऐसे में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के सामने एक बार फिर बड़ी चुनौती होगी. 10.45 का रन रेट, दुनिया में नंबर-1 भारतीय बल्लेबाजी टीम इंडिया की आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने इस साल टी20 इंटरनेशनल में 38 पारियों में 10.45 के रन रेट से रन बनाए हैं. सभी फुल मेंबर देशों में यह सबसे ज्यादा है. यानी भारतीय बल्लेबाज हर ओवर में औसतन 10 से ज्यादा रन बटोर रहे हैं. इस मामले में न्यूजीलैंड की टीम भी भारत से पीछे है. कीवी बल्लेबाजों ने इस साल 23 पारियों में 9.37 के रन रेट से रन बनाए हैं. भारत और न्यूजीलैंड के बीच रन बनाने की रफ्तार का यह अंतर टीम इंडिया के दबदबे को दिखाता है. खास बात यह है कि भारत ने 38 पारियों में यह आंकड़ा हासिल किया है. यह किसी एक मुकाबले का कमाल नहीं, बल्कि पूरे साल टी20 क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी के आक्रामक अंदाज का नतीजा है. 199 रनों का लक्ष्य 13.2 ओवरों में चट किया वेलिंगटन में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली थी. न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 3 विकेट पर 198 रन बनाए थे. लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के सामने यह स्कोर भी छोटा पड़ गया. अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पावरप्ले से ही ऐसा हमला बोला कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. भारत ने महज 13.2 ओवरों में 4 विकेट खोकर 199 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया. इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि मौजूदा भारतीय टी20 टीम बड़े लक्ष्य को भी बेहद कम ओवरों में हासिल करने का दम रखती है. अभिषेक और वैभव के अलावा संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज भी इस टीम का हिस्सा हैं. ऐसे में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के लिए चुनौती और बड़ी होने वाली है. ईडन पार्क की छोटी बाउंड्री, गेंदबाजों की बढ़ेगी टेंशन ऑकलैंड का ईडन पार्क अपनी छोटी बाउंड्री के लिए मशहूर है. खासकर सीधे हाथ की तरफ की बाउंड्री इतनी छोटी है कि यहां बल्लेबाजों के लिए छक्के लगाना आसान हो जाता है. यही वजह है कि इस मैदान पर गेंदबाजों के लिए गलती की गुंजाइश बेहद कम रहती है. न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन भी इस मैदान की छोटी बाउंड्री का जिक्र कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि यहां खेलते समय ऐसा महसूस होता है जैसे दर्शक आपकी पीठ के ठीक पीछे खड़े हों. अब जरा कल्पना कीजिए कि करीब 40 हजार दर्शकों से भरे इस मैदान पर अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करनी हो. भारतीय बल्लेबाजों का मौजूदा फॉर्म और ईडन पार्क की छोटी बाउंड्री कीवी गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. दर्शकों की मौजूदगी भी बनाएगी रिकॉर्ड भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुक्रवार को होने वाला मुकाबला दर्शकों की संख्या के लिहाज से भी खास रहने वाला है. ईडन पार्क में करीब 40 हजार दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है. इनमें बड़ी संख्या भारतीय प्रशंसकों की होगी. इस मुकाबले में न्यूजीलैंड क्रिकेट के द्विपक्षीय सीरीज मैचों में दर्शकों की मौजूदगी का रिकॉर्ड टूट सकता है. फिलहाल यह रिकॉर्ड 36,523 दर्शकों का है. यह आंकड़ा 2019 में ईडन पार्क में भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड की पुरुष और महिला टीमों के डबल हेडर मुकाबले के दौरान दर्ज किया गया था. इस बार करीब 40 हजार दर्शकों की संभावित मौजूदगी उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकती है. यानी मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों का बल्ला गरजा तो स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों को एक और यादगार मुकाबला देखने को मिल सकता है. भारत के पास खिलाड़ियों को आराम देने का भी मौका एक तरफ न्यूजीलैंड की टीम अपनी गेंदबाजी की कमजोरियों से पार पाने का रास्ता तलाश रही होगी, वहीं भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला कुछ खिलाड़ियों को आराम देने का अवसर भी हो सकता है. सीरीज में भारत का प्रदर्शन जिस तरह का रहा है, उससे टीम प्रबंधन अपने कुछ खिलाड़ियों के कार्यभार को संभालने पर विचार कर सकता है. हालांकि, ईडन पार्क की परिस्थितियां और भारतीय बल्लेबाजों का फॉर्म इस मुकाबले को खास बना रहे हैं. न्यूजीलैंड के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि वह भारतीय बल्लेबाजी की रफ्तार पर लगाम कैसे लगाए. अगर अभिषेक और वैभव ने फिर से पावरप्ले में बल्ला खोल दिया तो कीवी गेंदबाजों के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो सकता है. छोटी बाउंड्री, भारतीय बल्लेबाजों का तूफानी फॉर्म और रिकॉर्ड दर्शकों की मौजूदगी… ईडन पार्क में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के सामने चुनौती सिर्फ मैच बचाने की नहीं, बल्कि भारतीय बल्लेबाजी के तूफान को रोकने की भी होगी.

नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी नेताओं की सुरक्षा पर भारी खर्च, 500 वाहन और 1550 पुलिसकर्मी तैनात

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद कमजोर होने या खत्म होने के दावे के बीच राजनेताओं की सुरक्षा पर होने वाला भारी-भरकम खर्च एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। स्थिति यह है कि बस्तर में सरपंच, पंचायत सचिव, मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष जैसे छोटे पदों पर रहे नेताओं को भी वीआईपी सुरक्षा दी गई है। अकेले बस्तर में ऐसे 250 से ज्यादा नेताओं की सुरक्षा में 1000 से अधिक जवान तैनात हैं, जिनके वेतन और वाहनों पर सालाना 100 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। हर साल खर्च हो रहे 150 करोड़ पूरे प्रदेश की बात करें तो करीब 400 नेताओं की सुरक्षा में 1550 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 500 से अधिक वाहन लगे हुए हैं। इन पर हर साल कुल 150 करोड़ रुपए का खर्च आ रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि देश में जम्मू-कश्मीर के बाद छत्तीसगढ़ ही ऐसा दूसरा राज्य है, जहां राजनेताओं की सुरक्षा में सबसे भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में करीब 1000 नेताओं को सुरक्षा मिली हुई है। किसे मिली है कौन सी सुरक्षा? छत्तीसगढ़ में थ्रेट परसेप्शन और नक्सल खतरे के चलते बस्तर के छोटे नेताओं को भी 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। राज्य के कई दिग्गज नेताओं और जनप्रतिनिधियों को कड़े सुरक्षा घेरे मिले हैं:     जेड प्लस सुरक्षा: मंत्री केदार कश्यप, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व सांसद चंदन कश्यप, पूर्व विधायक महेंद्र कर्मा के परिवार के सदस्य और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा समेत बस्तर के 10 नेताओं को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है, जिसमें 20 से ज्यादा जवान तैनात रहते हैं।     केंद्र की ओर से सुरक्षा: पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह को एनएसजी (NSG) कवर मिला हुआ है। वहीं, बस्तर के राजा प्रवीर चंद भंज देव को जेड प्लस और पूर्व मंत्री गणेश राम भगत को केंद्र की तरफ से 'वाई प्लस' सुरक्षा मिली है।     अन्य नेता व विधायक: सांसद बृजमोहन अग्रवाल और संतोष पांडेय को 'वाई' श्रेणी, जबकि बस्तर के भोजराज नाग और महेश कश्यप को 'जेड' सुरक्षा घेरा मिला हुआ है। इसके अलावा अंबिका मरकाम, दलेश्वर साहू और हर्षिता बघेल जैसे विधायकों को नियमों से ऊपर उठकर 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। वहीं मंतूराम पवार, मोहन मंडावी, मोहन मरकाम और दिनेश कश्यप जैसे पूर्व विधायकों व सांसदों को भी 'वाई' घेरा मिला हुआ है। एक तरफ फोर्स की कमी, दूसरी तरफ सुरक्षा में लगे जवान राज्य के पुलिस महकमे में मौजूदा समय में लगभग 25 प्रतिशत पद खाली चल रहे हैं। पुलिस में 84,000 कर्मियों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन पिछले कई सालों से 20 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। जानकारों का मानना है कि यदि सुरक्षा में तैनात इन 1550 जवानों को थानों और मैदानी इलाकों में वापस ले लिया जाए, तो पुलिस बल की भारी कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।