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25 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक, जानें किसे मिलेगा भाग्य का साथ और किसका दिन रहेगा खास

मेष 25 मार्च के दिन धन का आवक बढ़ेगा, अपनों में वृद्धि होगी। सुपाच्य भोजन और सुस्वादु भोजन मिलेगा। प्रेम, संतान और व्यापार सब कुछ आपको आनंदित रखेगा। बस अपनी जुबान पर थोड़ा काबू रखिएगा। काली जी को प्रणाम करना आपके लिए शुभ होगा। वृषभ 25 मार्च के दिन आप में एक अलग तरह का आकर्षण रहेगा। आप में सुंदरता वाली बात आएगी। प्रेम और संतान का साथ रहेगा और व्यापार भी अच्छा चलेगा। जीवन में जिस चीज की जरूरत होगी, उसकी उपलब्धता बनी रहेगी। आप आकर्षण और सौम्यता के प्रतीक बने रहेंगे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। हरी वस्तु अपने पास रखना आपके लिए शुभ होगा। मिथुन 25 मार्च के दिन आपका समय शुभ कार्यों में खर्च होगा। मन थोड़ा परेशान रह सकता है और अज्ञात भय सताएगा। स्वास्थ्य में सुधार हो चुका है। प्रेम, संतान और व्यापार भी अच्छा है। काली जी को प्रणाम करना आपके लिए फलदायी रहेगा। कर्क 25 मार्च के दिन आय के नए-नए मार्ग बनेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान की स्थिति में भी सुधार होगा। व्यापार भी अच्छा रहेगा। अपने पास कोई लाल वस्तु रखें, यह शुभ होगा। सिंह 25 मार्च के दिन कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होगी। पिता का भरपूर साथ मिलेगा। राजनीतिक लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य अभी थोड़ा मध्यम है। प्रेम और संतान की स्थिति सुधार की ओर है। व्यापार बहुत अच्छा रहेगा। सूर्य देव को जल देना आपके लिए शुभ फलदायी होगा। कन्या 25 मार्च के दिन भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य अच्छा है। प्रेम और संतान की स्थिति बहुत अच्छी है। व्यापार भी अब बेहतर दिशा में बढ़ चुका है और आप जोखिमों से उभर चुके हैं। अपने पास हरी वस्तु रखना शुभ होगा। तुला 25 मार्च के दिन समय थोड़ा प्रतिकूल है, इसलिए बचकर पार करें। किसी भी तरह का जोखिम न लें। अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी बनी हुई है। माँ काली के शरण में बने रहें और उन्हें प्रणाम करें, सब मंगल होगा। वृश्चिक 25 मार्च के दिन जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात संभव है। स्वास्थ्य थोड़ा मध्यम रहेगा, लेकिन प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी है। अपने पास लाल वस्तु रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा। धनु 25 मार्च के दिन आपके स्वास्थ्य में थोड़ा उतार-चढ़ाव रह सकता है। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम बनी रहेगी, लेकिन व्यापार अच्छा चलेगा। अपनों का परा साथ मिलेगा और शत्रओं पर आप भारी पड़ेंगे। आप ज्ञानवान बनेंगे। उपाय के तौर पर लाल वस्तु अपने पास रखें। मकर 25 मार्च के दिन विद्यार्थियों, लेखकों, कवियों, कलाकारों और फिल्मकारों के लिए यह समय बहुत ही शुभ रहने वाला है। प्रेम संबंधों में विवाद (तू-तू, मैं-मैं) से बचें और बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। व्यापार की स्थिति बहुत अच्छी रहेगी। कुंभ 25 मार्च के दिन भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के प्रबल योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य में पहले से सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों ही पक्ष काफी बेहतर नजर आ रहे हैं। शुभता के लिए हरी वस्तु अपने पास रखें। मीन 25 मार्च के दिन आपका पराक्रम रंग लाएगा, जिससे आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। आप अपने काम और रोजगार में तरक्की करेंगे। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थिति काफी संतोषजनक रहेगी। उपाय के तौर पर पीली वस्तु अपने पास रखना शुभ होगा।

डॉ. मोहन यादव: सहजता, स्पष्टता और संघर्ष से गढ़ा एक नेतृत्व

भोपाल  मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अपने यशस्वी जीवन के 62वें जन्म दिवस पर पूरे प्रदेश से कोटि कोटि बधाईयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं यह स्वाभाविक भी है इसलिए इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है क्योंकि उन्हें अपने जन्म दिवस पर जितनी शुभकामनाएं और बधाईयां मिल रही हैं। वे उससे कहीं अधिक के हकदार हैं उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने प्रथम कार्यकाल के आधे से भी कम समय में जो शानदार लोकप्रियता अर्जित की है उसने सत्ता और संगठन के उस वर्ग को भी आश्चर्यचकित कर दिया है जो दिसम्बर 2023 में उन्हें मुख्यमंत्री पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर यह धारणा बना चुका था कि उन्हें मध्यप्रदेश के 19 वें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने का जो फैसला पार्टी हाई कमान ने किया है वह अपने आप में किसी बहुत बड़े जोखिम से कम नहीं है परन्तु मुख्यमंत्री पद की बागडोर संभालते ही मोहन यादव ने अपने साहसिक फैसलो से यह साबित कर दिया कि प्रदेश के बहुमुखी विकास की नयी इबारत लिखने के संकल्प की पूर्ति के लिए वे बड़े से बड़ा जोखिम लेने के लिए तैयार हैं। उनकी इस कार्य शैली ने उन्हें चंद महीनों में ही पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व का चहेता मुख्यमंत्री बना दिया। मुख्यमंत्री यादव के ताबड़तोड़ फैसलों का यह सिलसिला आज भी अबाध गति से जारी है। मोहन यादव किसी अधिकारी को नहीं बख्शते चाहे वह कितने भी बडे पद पर क्यों न हो। जन हित से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या सुस्ती वे कभी बर्दाश्त नहीं करते। भ्रष्टाचार से उन्हें सख्त नफ़रत है और ऐसे किसी भी मामले की जानकारी उनके संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री का कठोर फैसला आने में चंद घंटे भी नहीं लगते। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन मेरे लिए केवल एक औपचारिक अवसर नहीं, बल्कि उन स्मृतियों को याद करने का समय भी है, जो उनके राजनीतिक सफर के साथ जुड़ी रही हैं। एक मित्र और पत्रकार के रूप में मैंने उन्हें न केवल मंचों पर, बल्कि बेहद सामान्य और अनौपचारिक परिस्थितियों में भी करीब से देखा है। मेरी उनसे पहली मुलाकात उस समय हुई, जब वे उज्जैन विकास प्राधिकरण के चेयरमैन बने थे। स्थान था—भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा जी का निवास। वह मुलाकात एक औपचारिक परिचय से शुरू हुई, लेकिन समय के साथ यह संवाद निरंतर बढ़ता गया। हम भाजपा के पूर्व संगठन महामंत्री अरविंद मेनन जी के कार्यालय में भी बैठकर लंबी चर्चा होती थी| उज्जैन के मेरे कुछ पत्रकार साथी मोहन जी के बेहद करीब थे, और उसी कारण मेरी भी उनसे निकटता बनी। बाद में जब वे पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन बने, तब भी यह संपर्क और संवाद बना रहा। उस दौर में एक बात जो हमेशा स्पष्ट दिखती थी—वे केवल पद के नेता नहीं, बल्कि विचार और संवाद के व्यक्ति हैं। मोहन यादव एक प्रभावशाली वक्ता हैं। विभिन्न न्यूज़ चैनलों की डिबेट में वे पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते थे। कई बार ऐसा होता था कि वे पार्टी का प्रतिनिधित्व करते थे और मैं विशेषज्ञ के तौर पर उसी चर्चा का हिस्सा होता था। डिबेट खत्म होने के बाद जो अनौपचारिक संवाद होता था, वही असली पहचान बनाता था। मुझे आज भी याद है—हमारे बड़े भाई रिजवान अहमद सिद्दीकी, जो न्यूज़ वर्ल्ड से जुड़े थे, डिबेट के बाद हम सबको काहवा पिलाते थे। उसी दौरान संघ, संगठन और समसामयिक विषयों पर घंटों चर्चा होती थी। उन चर्चाओं में मोहन जी का दृष्टिकोण हमेशा स्पष्ट, तार्किक और संतुलित रहता था। मैंने उनके कई साक्षात्कार भी किए हैं। हर बार एक बात समान रही—उनकी सहजता और सरलता। आज जब वे मुख्यमंत्री हैं, तब भी उनके व्यवहार में कोई कृत्रिमता नहीं दिखती। वे आज भी एक आम व्यक्ति की तरह संवाद करते हैं, न कि केवल एक औपचारिक राजनेता की तरह। हाल के वर्षों में उनके नेतृत्व का एक आक्रामक पक्ष सामने आया है—प्रशासनिक सख्ती और त्वरित निर्णय। उनके फैसलों ने उन्हें एक जन-नेता के रूप में स्थापित किया है। लेकिन एक मित्र के तौर पर यह कहना भी जरूरी है कि यह सफर अभी अधूरा है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि मुख्यमंत्री बनने के दो वर्षों बाद भी उनमें राजनीतिक दुर्गुण नहीं आए हैं। वे आज भी स्पष्टवादी हैं, निर्णय लेने में संकोच नहीं करते। लेकिन एक महत्वपूर्ण कमी जो महसूस होती है, वह है—एक मजबूत सलाहकार टीम का अभाव। किसी भी बड़े नेता के लिए केवल व्यक्तिगत क्षमता पर्याप्त नहीं होती, बल्कि एक सशक्त और अनुभवी सलाहकारों की टीम भी उतनी ही जरूरी होती है। यदि यह कमी दूर हो जाए, तो उनके निर्णय और भी प्रभावी और दूरगामी हो सकते हैं। यह निर्विवाद है कि अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जिन्होंने उन्हें जनता के बीच एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है। लेकिन उनकी मंजिल केवल यहीं तक सीमित नहीं है—अभी उनका सफर लंबा है। मैंने उन्हें करीब से देखा है—एक कार्यकर्ता, एक वक्ता, एक संवादकर्ता और अब एक मुख्यमंत्री के रूप में। उनकी सबसे बड़ी ताकत यही है कि वे बदलते नहीं हैं—पद बदलता है, लेकिन व्यक्ति वही रहता है। उनके जन्मदिन पर एक मित्र के तौर पर मेरी यही शुभकामना है कि वे अपनी इसी सरलता, स्पष्टता और प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए मध्यप्रदेश को एक नई दिशा दें। सफ़र अभी बाकी है, ये मुकाम आख़िरी नहीं, जो थाम ले इरादे, उसके लिए कोई राह मुश्किल नहीं। ज़मीन से जुड़े रहो तो आसमान भी झुकता है, जो बदलने निकले वक़्त को, वो खुद भी रुकता नहीं।  

35 कार्यों का औचक निरीक्षण

भोपाल  लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माह में दो बार औचक निरीक्षण की व्यवस्था की गई है जिसके अंतर्गत 23 मार्च को मुख्य अभियंताओं के 7 दलों द्वारा प्रदेश के सीहोर, पांढुर्णा, भिण्ड, बड़वानी, मऊगंज, उज्जैन एवं पन्ना जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुल 35 कार्यों का रेंडम आधार पर परीक्षण किया गया। इनमें से 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 5 कार्य पीआईयू (भवन), 6 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, 2 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम तथा 1 कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित थे। निरीक्षण दलों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की समीक्षा बैठक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल)  के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन)  एस.आर. बघेल, सहित सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक में निरीक्षण प्रतिवेदनों के आधार पर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। शहडोल जिले में शहडोल–चुहरी–लफड़ा–मायका रोड के नवीनीकरण कार्य की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मैसर्स शुभ कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने को कहा गया है। छिंदवाड़ा जिले के परासिया में कन्या शिक्षा परिसर के निर्माण कार्य की प्रगति धीमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मैसर्स ओम एसोसिएट्स, रायपुर को नोटिस जारी कर 30 मई 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में अनुबंधानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में निर्देश दिए गए कि पुराने निरीक्षण प्रतिवेदनों के अनुपालन को आगामी बैठकों से पूर्व सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी समीक्षा अगली औचक निरीक्षण बैठक में की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का निराकरण संतोषजनक रूप से करते हुए शिकायतकर्ता को अवगत कराने तथा आगामी माह की ग्रेडिंग में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पुल-पुलियों की मरम्मत को प्राथमिकता देने, रोड सेफ्टी एवं ब्रिज सेफ्टी ऑडिट शीघ्र पूर्ण करने तथा लोक पथ ऐप में प्राप्त शिकायतों का निराकरण चार दिवस की समय-सीमा में करने के निर्देश भी दिए गए। निर्माण स्थलों पर लगाए जाने वाले कार्य प्रगति बोर्ड में संबंधित एजेंसी एवं अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करने को भी कहा गया। 

मिक्सी इंडस्ट्री का बुरा हाल: युद्ध और बढ़ती महंगाई ने तोड़ी कमर, हजारों कर्मचारियों का भविष्य अधर में

अंबाला वही शहर जिसने देश को पहली मिक्सी दी। वही शहर जिसकी पहचान रसोई के इस जरूरी उपकरण से जुड़ी है, आज खुद अपनी साख बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। अंबाला का मिक्सी उद्योग, जो न केवल भारत बल्कि दुबई, कतर और अफ्रीकी देशों तक अपनी चमक बिखेरता था, आज वैश्विक युद्ध और महंगाई के दोहरे प्रहार से कराह रहा है। रसोई में हर दिन चलने वाली और विदेश तक अंबाला का नाम पहुंचाने वाली मिक्सी पश्चिमी देशों में युद्ध के कारण संकट में है। यही शहर है, जिसने देश को पहली मिक्सी दी। अब यही उद्योग कच्चे माल की महंगाई और वैश्विक हालात के दबाव में हांफता नजर आ रहा है। करीब 200 छोटी-बड़ी इकाइयां मिक्सी, जूसर, ग्राइंडर और चापर बनाती हैं। इनके साथ जिले के 150 से ज्यादा ट्रेडर्स जुड़े हैं और सालाना कारोबार करीब 250 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। इससे करीब 15 हजार परिवारों की रोजी-रोटी सीधी जुड़ी है।   युद्ध लंबा चला तो इनका सभी पर और अधिक संकट आना तय है। यहां निर्मित मिक्सी न केवल प्रदेश और देश, बल्कि विदेश तक जाती है। कच्चे माल के रेट लगभग दोगुने होने से 15 प्रतिशत तक रेट में बढ़ाने पड़े हैं। कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ट्रांसपोर्ट महंगा हो गया है। निर्यात प्रभावित हुआ है। यहां की मिक्सी युगांडा, दुबई और कतर समेत कई देशों में भेजी जाती है। अफ्रीकी देशों में भी यहीं से सप्लाई होती है।   मौजूदा हालात में निर्यात प्रभावित हो गया है। इससे कारोबारियों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। लागत बढ़ रही है, दूसरी तरफ बाजार सिकुड़ रहा है। इस धंधे से जुड़े लोगों का कहना है उन्हें ऑर्डर मिलने बंद हो गए हैं रेट में बहुत वेरिएशन है। महंगा माल कोई भी खरीदने को तैयार नही है। लेबर के लिए भी दिक्कतें बढ़ रही है। व्यापारियों ने कहा कि अंबाला के इस गौरवशाली उद्योग को अब केवल सरकारी हस्तक्षेप और बाजार की स्थिरता का ही सहारा है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो वो शोर जो कभी अंबाला की आर्थिक मजबूती का प्रतीक था, हमेशा के लिए खामोश हो सकता है।

लारीजानी की मौत के बाद ईरान को नया सुरक्षा प्रमुख, बागेर को सौंपी गई कमान

ईरान ईरान में सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी की मौत के बाद देश में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। मोहम्मद बागेर जुल्घदर को नया सिक्योरिटी चीफ नियुक्त किया गया है। हाल ही में इजरायली हवाई हमलों में लारीजानी की मौत हो गई, जिसके साथ उनका बेटा मोर्तेजा लारीजानी और उनके कार्यालय के प्रमुख अलिरेजा बयात भी शहीद हो गए। यह घटना 17 मार्च को तेहरान के बाहरी इलाके में हुई, जब वे अपनी बेटी के घर जा रहे थे। लारीजानी ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव थे और देश की रक्षा, परमाणु व विदेश नीति के प्रमुख वास्तुकार माने जाते थे।  

विरासत और विज्ञान का संगम डॉ. मोहन यादव के विजन में कृष्ण पाथेय-राम पथ से स्पेस टेक तक का सफर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस वर्ष 25 मार्च को जब अपना जन्मदिन मना रहे होंगे, तो यह उनके वर्तमान कार्यकाल में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन लेकर आएगा। 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इस वर्ष का जन्मदिन उनके वर्तमान कार्यकाल का आधा पड़ाव माना जा सकता है। इन बीते दिनों में विभिन्न तरह की राजनैतिक अटकलबाजियों को गलत साबित करते हुए ना सिर्फ डॉ. मोहन यादव ने अभी तक का कार्यकाल सहजता से पूरा किया है बल्कि इस दौरान उनकी बॉडी लैंग्वेज दिन प्रतिदिन और भी मजबूत होती दिखी. देश के केंद्रीय नेतृत्व के साथ भी उनके सहज रिश्ते दिखते हैं। जन्मदिन हम सबको अवसर देता है अपनी पिछली उपलब्धियों को देखने का और एक नए संकल्प और ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाने का. पर जब बात मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री की हो तो जाहिर है जन्मदिन पर उनके संकल्पों में पूरे प्रदेश के 8-8.50 करोड़ लोगों का भविष्य और प्रदेश के असीम विकास की संभावनायें भी निहित होंगी। अच्छी बात यह है कि इस जन्मदिन के कई महीनों पूर्व डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र के आयोजन के जरिए प्रदेश की जनता को प्रदेश के विकास हेतु अपने विजन और रोडमैप से अवगत करा दिया। यह विशेष सत्र 17 दिसंबर, 2025 को आहूत किया गया था, जिसकी एक और विशेषता यह थी कि मुख्यमंत्री ने विपक्ष को भी इस विकास यात्रा में साथ चलने के लिए प्रेरित और आमंत्रित किया। यह देखने और सुनने में सुखद था कि इस विशेष सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से कोई भी आरोप-प्रत्यारोप नहीं हुआ बल्कि ठीक उलट दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की सराहना करते हुए इस विकास यात्रा में अपनी भागीदारी की बात की। किसी भी अन्य राज्य में विकास के लिए पक्ष और विपक्ष के बीच इस तरह की सामूहिकता एक अजीब वाकया लग सकती है। इसमें कोई संदेह नहीं कि इस तरह का पॉजिटिव माहौल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से संभव हुआ। मध्यप्रदेश में विकास की असीम संभावनाओं को देखते हुए तथा इसकी महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के विज़न और विकास के रोडमैप में वह सब कुछ है, जो प्रदेश की आर्थिक उन्नति की दिशा दिखा रहा है। अगर राज्य का प्रशासनिक ढांचा मुख्यमंत्री की राजनीतिक इच्छाशक्ति के अनुरूप इस रोडमैप के क्रियान्वयन के लिए एक संकल्प के साथ आगे बढ़े, तो मध्यप्रदेश आने वाले समय में उद्योग, व्यापार, रोजगार, अध्यात्म, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और टूरिज्म के साथ 21वीं सदी के स्पेस टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पूरे देश में एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। इस रोडमैप में सबसे विशेष बात यह है कि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते और संरक्षित करते हुए 21वीं शताब्दी के विकसित भारत के उन आयामों पर काम करने का संकल्प है जो इस शताब्दी में हमारे जीवन को बड़े स्तर पर प्रभावित करने जा रहे हैं। जहां तक समृद्ध विरासत और आधुनिकता के संगम की बात है तो अगर प्रदेश में पहली बार कृष्ण पाथेय पर काम हो रहा है, राम वन गमन पथ को गति दी जा रही है, सिंहस्थ की जोर शोर से तैयारी चल रही है तो साथ में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एमपी स्पेस-टेक पॉलिसी, 2026 और स्टेट एआई मिशन पर भी काम हो रहा है. यह पहली बार है जब प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा के उद्योग से खेती को बड़े पैमाने पर उन्नत बनाने की बात हो रही है. इसी वर्ष 23 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि स्पेस टेक नीति-2026 से मध्यप्रदेश भारत का नया ‘स्पेस टेक’ हब बनेगा और इसी तरह भारत की नई अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश एक सशक्त भूमिका निभाएगा. इसके पहले 15 जनवरी, 2026 को भोपाल में क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें सरकार ने शासन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी प्रबंधन और औद्योगिक स्वचालन में एआई के व्यावहारिक और प्रभावशाली उपयोग को प्रदर्शित किया था. इस एआई इम्पैक्ट सम्मेलन का महत्व इसलिए भी था क्योंकि नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट, 2026 जो फरवरी में आयोजित किया गया और जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, में मध्यप्रदेश ने भी भाग लिया और इस एआई इम्पैक्ट समिट का पूरा जोर ही इस बात पर था कि कैसे एआई हमारे जीवन के हर क्षेत्र में बहुत बड़े स्तर पर इम्पैक्ट डालने वाला है। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश में सही समय पर एआई पर कार्य होना आरंभ हुआ है। उज्जैन में आयोजित होने वाले आगामी सिंहस्थ में भी एआई का उपयोग इस आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करने में दिख सकता है। डॉ. मोहन यादव के रोडमैप का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रदेश की आर्थिक आत्मनिर्भरता है. मुख्यमंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अगले पांच वर्षों में राज्य के बजट को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है. वर्तमान में राज्य की विकास दर 14-15 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है. इस गति को बनाए रखने के लिए एमएसएमई (MSME) और औद्योगिक क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मध्यप्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन सके। अपने भाषण में डॉ. मोहन यादव ने कहा, “अध्यक्ष महोदय, जब हम आपसे विजन डॉक्यूमेंट 2047 की बात कर रहे हैं, तो यह विजन डॉक्यूमेंट कोई कागज का टुकड़ा नहीं है। यह हमारा व्यक्तिगत संकल्प भी है. 2047 तक मध्यप्रदेश का युवा, महिला, सभी वर्गों का इस प्रकार का माहौल बनेगा कि हमारे युवा और महिला नेतृत्व नौकरी देने वाले बनें, नौकरी लेने वाले नहीं, इस प्रकार के संकल्प से हम आगे बढ़ रहे हैं. मध्यप्रदेश 2047 का विजन डॉक्यूमेंट राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और नागरिक जीवन की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर तक ले जाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं। हम अपनी इस सरकार के गठन के 2 वर्षों में लगभग 14-15% की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रहे हैं।” प्रदेश की आर्थिक तरक्की के बारे में अपने विजन को बजट के उल्लेख के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “…सवा तीन लाख करोड़ से हम बजट को 5 साल में … Read more

सरकार का दावा: सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर, 18,700 टन LPG की रिकॉर्ड सप्लाई

नई दिल्ली सरकार ने मंगलवार को बताया कि देश की सभी गैस रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और सोमवार तक 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है। अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर चल रही हैं और देश में पेट्रोल व डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार देश भर में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों को निर्देश दिया है कि जहां सुविधा उपलब्ध हो, वहां 5 दिनों के अंदर स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी किचन में पीएनजी कनेक्शन दिया जाए। उनके अनुसार, सोमवार को देश के 110 प्रमुख क्षेत्रों में करीब 7,500 घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन दिए गए। शर्मा ने कहा कि देश में 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं और ज्यादातर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, जहां पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि एलपीजी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार आपूर्ति के स्रोतों को बढ़ाने पर भी काम कर रही है ताकि स्थिति स्थिर बनी रहे। साथ ही, राज्यों से निगरानी और व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि देश में एलएनजी का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मार्च के पहले तीन हफ्तों में 3.5 लाख से ज्यादा घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है और घबराहट में बुकिंग में काफी कमी आई है। वर्तमान के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए एलपीजी सप्लाई पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन कहीं भी गैस खत्म होने की स्थिति सामने नहीं आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अनुसार, किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी नहीं है और सप्लाई नियमित रूप से जारी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जरूरी सेक्टरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें घरेलू पीएनजी और सीएनजी ट्रांसपोर्ट को 100 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है, जबकि औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को करीब 80 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है।

उद्योग संचालन की निरंतरता के लिए त्वरित समन्वय

भोपाल  एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक  विशाल सिंह चौहान ने मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था के संबंध में उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में 80 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि, गैस एजेंसी संचालक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यकारी संचालक  चौहान ने औद्योगिक इकाइयों से वर्तमान आपूर्ति व्यवस्था, उत्पादन की निरंतरता और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तृत संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्योगों की संचालन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। पीएनजी कनेक्शन को प्रोत्साहन बैठक में गैस प्राधिकरण भारत लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मंडीदीप क्षेत्र में उपलब्ध पाइप्ड नेचुरल गैस सुविधा की जानकारी दी। औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह अवगत कराया गया कि 31 मार्च 2026 तक बिना सुरक्षा जमा राशि के पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उद्योगों को 23 मार्च 2026 के परिपत्र की जानकारी दी गई, जिसके अनुसार कुल एलपीजी आपूर्ति का 5 प्रतिशत भाग औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है। प्रवासी श्रमिकों की सुविधा के लिए 5 किलोग्राम और 2 किलोग्राम गैस सिलेंडर कनेक्शन की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई। उत्पादन की निरंतरता पर बल कार्यकारी संचालक  चौहान ने कहा कि उद्योग प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार हैं और उत्पादन की निरंतरता सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवश्यकता अनुसार वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग पर भी सकारात्मक विचार रखने का सुझाव दिया गया, जिससे संचालन प्रभावित न हो। गैस सिलेंडर वितरण की सुव्यवस्थित योजना तैयार करने, पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा आवश्यक उद्योग इकाइयों को वरीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। औद्योगिक संघों से समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया गया। अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी सक्रिय संवाद कार्यकारी संचालक  चौहान ने बगरौदा इंडस्ट्री एसोसिएशन भोपाल तथा अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों से भी इसी विषय पर विस्तृत चर्चा की। एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था के संबंध में बढ़ियाखेड़ी, सीहोर के उद्योगपतियों से भी संवाद किया।  

MS धोनी के ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ रोल पर बवाल, आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा

नई दिल्ली पिछले कई आईपीएल सीजन से पहले ये सवाल जरूर उठता है कि क्या इस बार भी महेंद्र सिंह धोनी खेलेंगे। जब ये साफ हो जाता है कि हां, वो खेलेंगे तब सवाल थोड़ा सा बदल जाता है- क्या ये बतौर खिलाड़ी धोनी का आखिरी आईपीएल सीजन होगा? इस बार भी ये सवाल उठे। धोनी सीएसके की तरफ से आईपीएल 2026 में खेलेंगे लेकिन ऐसी अटकलें हैं कि वह इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका में रह सकते हैं। सिर्फ बल्लेबाजी करेंगे क्योंकि सीएसके को संजू सैमसन के रूप में एक शानदार विकेटकीपर बल्लेबाज मिल ही चुका है। लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर वाली इस चर्चा से पूर्व क्रिकेटर और एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा बिदक गए हैं। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि अगर एमएस को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलना है तो बेहतर यही होगा कि वह आईपीएल में खेलने से संन्यास ही ले लें। आकाश चोपड़ा ने कहा कि धोनी अगर खेलते हैं तो उनका मैदान पर रहना बहुत जरूरी है। वह बहुत तेज दिमाग के हैं और फील्ड पर रहकर वह खेल पर अपना अच्छा प्रभाव डाल सकते हैं। टीम इंडिया के पूर्व ओपनर और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने जियोस्टार के 'आईपीएल टुडे लाइव' पर कहा, ‘आप डगआउट में बैठकर टीम नहीं चलाते हैं, यह फुटबॉल नहीं है। क्रिकेट में आपको फील्ड पर रहने की जरूरत होती है और एमएस धोनी की सबसे बड़ी ताकत खेल को किसी भी अन्य के मुकाबले बेहतर ढंग से पढ़ने की काबिलियत है। यही क्लैरिटी और प्रतिबद्धता उन्हें वो बनाती है जो वह हैं। किसी भी सूरत में, मुझे लगता है कि यह उनका आखिरी सीजन होगा।’ चोपड़ा ने आगे कहा, ‘उनके पास तो अब साफ तौर पर उत्तराधिकारी है। संजू सैमसन आखिरकार ग्लव्स संभालेंगे और यह इस सीजन में किसी भी समय हो सकता है। और फिर एमएस धोनी की फिटनेस और उनका घुटना मायने रखेगा। लेकिन वह इम्पैक्ट प्लेयर नहीं हो सकते। अगर वह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेल रहे हैं तो मैं समझता हूं कि अब समय आ गया है कि वह संन्यास ले लें।’ दरअसल आईपीएल में 2023 में इम्पैक्ट प्लेयर रूल लागू किया गया था। इसके मुताबिक टीमें मैच के दौरान अपनी प्लेइंग इलेवन में शामिल किसी खिलाड़ी के बदले में बाहर बैठे 5 सब्स्टिट्यूड प्लेयर्स में से किसी एक को खिला सकती हैं। टॉस के वक्त दोनों टीमों के कप्तान अंपायर को प्लेइंग इलेवन के साथ-साथ 5 सब्स्टिट्यूट खिलाड़ियों की भी लिस्ट देते हैं। अगर बल्लेबाजी के दौरान किसी टीम को लगता है कि उसके लिए सब्स्टिट्यूट प्लेयर अच्छा कर सकता है तो विकेट गिरने के बाद वह प्लेइंग इलेवन में मौजूद किसी बैटर की जगह पर उसे बल्लेबाजी का मौका दे सकता है। इसी तरह वह चाहे तो किसी सब्स्टिट्यूट प्लेयर को प्लेइंग इलेवन में शामिल किसी खिलाड़ी को बैठाकर उससे गेंदबाजी करा सकता है। तब जो खिलाड़ी बाहर होता है वो आगे फिर उस मैच में बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएगा। इस नियम की वजह से ऑलराउंडर्स की भूमिका सीमित होने की चिंताएं जताई जा रही हैं।

कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

रायपुर कैबिनेट मंत्री  लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल विश्व क्षय दिवस के अवसर पर को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोरबा जिले में 100 दिवसीय विशेष पहचान एवं उपचार अभियान का शुभारंभ आज  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अभियान के तहत  जिले में टीबी के संभावित मरीजों एवं उच्च जोखिम वाले समूहों की पहचान कर उनकी समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में टीबी को जड़ से समाप्त करने का अभियान स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सतत प्रयासों से प्रदेश में गांव से लेकर शहर तक टीबी  की रोकथाम एवं उपचार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं तथा मरीजों के लिए निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों के सहयोग से टीबी उन्मूलन की दिशा में सशक्त अभियान चलाया जा रहा है। “निक्षय निरामय मित्र” जैसी पहल के माध्यम से टीबी मरीजों की पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री  देवांगन ने बताया कि जिले में टीबी मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है और वर्तमान में 101 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर प्रयासों से जल्द ही कोरबा जिले को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाया जा सकेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि टीबी के लक्षणों की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर तुरंत जांच एवं उपचार कराएं। जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों में उपचार की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं।  देवांगन ने टीबी मरीजों के उपचार में परिवार, समाज एवं सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए सभी से सहयोग करने तथा टीबी मुक्त कोरबा बनाए रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस दौरान मंत्री  देवांगन ने कार्यक्रम में  उपस्थित सभी लोगो को टीबी मुक्त भारत बनाने हेतु योगदान देने का शपथ दिलाया। साथ ही जिले के टीबी मुक्त घोषित पंचायतों को प्रमाण पत्र एवं गांधी प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। टीबी उन्मूलन में योगदान देने वाले सार्वजनिक उपक्रम, समाजसेवी संस्थानों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 20 टीबी मरीजों को पोषण सहयोग प्रदान करने हेतु निक्षय किट का वितरण किया गया, जिससे उनके उपचार में सहायता मिल सके। इस अवसर पर निगम आयुक्त  आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ  दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर  देवेंद्र पटेल,  ओंकार यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस एन केसरी, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ बी आर रात्रे, लायन्स क्लब के अध्यक्ष  विक्रम अग्रवाल, एनजीओ प्रमुख, जनप्रतिनिधि सहित टीबी मुक्त पंचायतो के सरपंच, मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।