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ट्रंप की नजर दुनिया के सबसे बड़े सोने के भंडार पर, बलूचिस्तान में अमेरिकी निवेश से पाक का खजाना लुटेगा

वाशिंगटन  पाकिस्तान के बलूचिस्तान को खजानों की धरती कहा जाता है. बलूचिस्तान की बंजर जमीन के अंदर खूब खजाने दबे हैं. बलूचिस्तान रेयर अर्थ मिनिरल्स से भरा है. दुनिया के सबसे बड़े सोने का भंडार भी यहीं है. यही कारण है कि चीन भी इसमें इंट्रेस्ट लेता रहा है. अब इसी बलूचिस्तान की धरती पर अमेरिका की नजर पड़ गई है. जी हां, बलूचिस्तान के सोना-चांदी और तांबा समेत कई रेयर अर्थ मिनिरल्स को पाने की ख्वाइश में अमेरिका पाकिस्तान में पानी की तरह पैसा बहाने जा रहा है. अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में दुनिया के सबसे बड़े सोने-तांबे के भंडार ‘रेको डीक माइन में 1.3 अरब डॉलर (करीब 117,594,574,500 करोड़ रुपये) का निवेश करने का ऐलान कर दिया है. यह पैसा अमेरिका के नए प्रोजेक्ट ‘वॉल्ट’ का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिन ही लॉन्च किया था. दरअसल, अमेरिका ने घोषणा की है कि वह अपने ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ के हिस्से के रूप में पाकिस्तान की रेको डिक खदान में 1.3 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा. बुधवार को विदेश विभाग की ओर से घोषित इस परियोजना का मकसद महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ पृथ्वी के लिए वैश्विक बाजार को नया आकार देना है. अमेरिका का मकसद चीन से भी जुड़ा है. रेयर अर्थ मिनिरल्स का बादशाह चीन है. उसे टक्कर देने के लिए ही अमेरिका ने यह चाल चली है. कहां है यह खजाने का भंडार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रेको डिक बलूचिस्तान प्रांत में है, यह दुनिया का सबसे बड़ा सोने और तांबे का भंडार है. अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार, रेको डिक ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ के लिए अमेरिका के बाहर किया गया एकमात्र निवेश भी है. प्रोजेक्ट वॉल्ट की घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी, 2026 को की थी, जो यूनाइटेड स्टेट्स एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM) के चेयरमैन के नेतृत्व में एक पहल थी. रेको डीक में क्या खजाना है? पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रेको डिक खदान दुनिया के सबसे बड़े तांबे और सोने के भंडारों में से एक है. रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में अनुमानित 5.9 बिलियन टन अयस्क है, जिसमें 0.41 फीसदी तांबा और 41.5 मिलियन औंस सोने का भंडार है. यानी दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड-कॉपर डिपॉजिट. बलूचिस्तान के चागई पहाड़ों में यह स्थित है. इलाका ज्वालामुखी चेन का हिस्सा है, जो अफगानिस्तान बॉर्डर तक फैला हुआ है. अब समझते हैं कि आखिर प्रोजेक्ट वॉल्ट क्या है? डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका की ‘स्ट्रैटेजिक क्रिटिकल मिनरल्स रिजर्व’ बनाने के लिए शुरू किया है. इसका मकसद है- रेयर अर्थ मिनिरल्स के मामले में चीन पर निर्भरता कम करना और ग्लोबल मार्केट को रीशेप करना. अमेरिकी एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ने इसके लिए 10 अरब डॉलर का सबसे बड़ा लोन मंजूर किया है. कुल 12 अरब डॉलर का यह प्रोजेक्ट अमेरिका के अंदर कई माइनिंग और प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स पर खर्च हो रहा है. लेकिन एक ही विदेशी निवेश है और वह है पाकिस्तान का रेको डीक. विवाद क्या 2011 में पाकिस्तान ने चिली की एंटोफागास्टा और कनाडा की बैरिक गोल्ड की कंपनी टेथियन को माइनिंग राइट्स देने से मना कर दिया था. मामला इंटरनेशनल कोर्ट तक गया. अब बैरिक गोल्ड फिर से प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, लेकिन हाल ही में बलूचिस्तान में सुरक्षा घटनाओं के कारण उसने पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा शुरू कर दी है. फिर भी अमेरिका का 1.3 अरब डॉलर का निवेश आगे बढ़ रहा है. अमेरिका क्यों आया बलूचिस्तान? अमेरिका को क्रिटिकल मिनरल्स (तांबा, सोना, रेयर अर्थ्स) की जरूरत है. .ये रेयर अर्थ मिनिरल डिफेंस, इलेक्ट्रिक कार, टेक्नोलॉजी सबके लिए जरूरी हैं. चीन इनकी सप्लाई चेन पर दबदबा रखता है. रेको डीक में निवेश इसका सबसे बड़ा विदेशी कदम है. बलूचिस्तान में अलगाववादी मूवमेंट और सुरक्षा इश्यूज हैं, फिर भी अमेरिका ने दांव लगाया है. अमेरिका की नजर अब बलूचिस्तान के सोने पर टिक गई है. और लगता है आसिम मुनीर की वाइट हाउस में बिरयानी वाली लंच की कीमत अमेरिका इसी से वसूलेगा.

भारत की खाड़ी देशों से मजबूत व्यापारिक दोस्ती, पाक-सऊदी डील के बीच उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत फिर से शुरू होने जा रही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते किए हैं। GCC छह खाड़ी देशों का संगठन है, जिसमें खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। पीयूष गोयल के अनुसार, भारत और इन देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगभग 5000 साल पुराने हैं। वर्तमान में, लगभग 1 करोड़ भारतीय इन देशों में रह रहे हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस समझौते का उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ाना, निवेश को प्रोत्साहित करना और नीतियों में स्थिरता लाना है। पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते का एंगल भारत और GCC के बीच यह बातचीत उस समय फिर से शुरू हो रही है जब क्षेत्र की भू-राजनीति काफी जटिल है। सितंबर 2025 में, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने एक 'सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता' (SMDA) पर हस्ताक्षर किए थे। यह रक्षा समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य गतिरोध (ऑपरेशन सिंदूर) के कुछ महीनों बाद हुआ था। ज्ञात हो कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। UAE और पाकिस्तान के रिश्तों में खटास एक तरफ जहां पाकिस्तान और सऊदी अरब करीब आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव देखा जा रहा है। विमानतल सौदा रद्द: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा के कुछ ही समय बाद UAE ने पाकिस्तान के साथ एक बड़ा समझौता रद्द कर दिया। पाकिस्तानी अख़बार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रबंधन से जुड़ा सौदा इसलिए स्थगित कर दिया क्योंकि पाकिस्तान किसी स्थानीय साझेदार को नामित नहीं कर सका। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तानी पक्ष ने अंतिम कॉल लेटर भेजकर स्पष्ट जवाब मांगा था, लेकिन UAE ने यह कहते हुए असमर्थता जताई कि वह अब तक किसी नामित इकाई की पुष्टि नहीं कर सका है। रणनीतिक कारण: पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता करने के बाद से UAE और पाकिस्तान के बीच दूरियां बढ़ी हैं। भारत-UAE की बढ़ती नजदीकियां: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया दिल्ली यात्रा ने इन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। भारत-UAE: $200 बिलियन का लक्ष्य UAE के राष्ट्रपति की संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण भारत यात्रा के कुछ ही घंटों बाद, दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। खाड़ी देशों में UAE और सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी और दूसरी ओर UAE के भारत के साथ बढ़ते संबंध इस खाड़ी देश की प्राथमिकताओं में आए बदलाव को दर्शाते हैं।

दिग्विजय सिंह की RSS पर टिप्पणी, मानहानि केस खारिज करने से कोर्ट का इनकार

भोपाल  कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और दूसरे सरसंघचालक एमएस गोलवलकर से जुड़ी एक टिप्पणी के चक्कर में फंसते नजर आ रहे हैं। इस मामले में उनके खिलाफ दायर एक मानहानि याचिका को कोर्ट ने खारिज करने से इनकार कर दिया है। 8 जुलाई 2023 को सोशल मीडिया साइट पर किए गए एक पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने दूसरे सरसंघचालक गोलवलकर की एक तस्वीर साझा करके उसके कैप्शन में लोगों से सवाल पूछा था कि क्या वह दलितों, पिछड़े वर्गों, मुसलमानों और भूमि, जल व जंगल से जुड़े मुद्दों पर गोलवलकर के विचारों से परिचित हैं? इस पोस्ट को लेकर ठाणे निवासी और संघ के स्वयंसेवक शशिकांत चंपानेकर ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मामला दायर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे संघ की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। याचिका के दाखिल होने के बाद कोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी। राज्यसभा सांसद ने इस याचिका को खारिज करने की अपील करते हुए तर्क दिया कि यह मामला कानूनन विचारणीय नहीं है। इस पर सिविल जज राजेश बी. खंडारे ने कहा कि दिग्विजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि याचिका में वैध कारण बनता है। इसी वजह से इसे प्रारंभिक स्तर पर खारिज नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस नेता की तरफ से दलील दी गई कि याचिका कर्ता को यह मुकदमा दायर करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि संघ न तो कोई पंजीकृत संस्था है और न ही कानूनी व्यक्ति है। ऐसे में वह मुकदमा दायर नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर कोई व्यक्तिगत सदस्य संघ और गोलवलकर की ओर से हर्जाना कैसे मांग सकता है? इस पर याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि आपराधिक मानहानि कानून के तहत किसी पहचाने जाने योग्य समूह की मानहानि की जा सकती है और उस समूह का कोई आहत सदस्य कानूनी कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े गंभीर और विचारणीय मुद्दे हैं, जिनका फैसला केवल साक्ष्य दर्ज होने के बाद ही किया जा सकता है, न कि वाद खारिज करने के चरण पर। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि इस वाद को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि याचिका में कारण बनता है, संघ सदस्य के मुकदमा दायर करने के अधिकार को इस चरण पर कानून द्वारा प्रतिबंधित नहीं कहा जा सकता और वाद के मूल्यांकन या कोर्ट फीस की पर्याप्तता जैसे मुद्दे बिना सुधार का अवसर दिए वाद खारिज करने का आधार नहीं बन सकते।

जालंधर: AAP नेता लक्की ओबोराय की हत्या, गुरुद्वारे के बाहर 5 गोलियों से मारी जान

 चंडीगढ़ पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुई. बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने लक्की ओबोराय पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें उनके शरीर में पांच गोलियां लगीं.  गंभीर हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद से जालंधर शहर में डर और दहशत का माहौल है. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी.  पत्नी ने AAP के टिकट पर लड़ा था नगर निगम चुनाव   पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. जानकारी के अनुसार, लक्की ओबोराय की पत्नी ने आम आदमी पार्टी की ओर से नगर निगम चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.  लक्की ओबोराय को कैंट हल्का की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा का करीबी बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी है और पूरे मामले की जांच जारी है.

मीराबाई चानू ने 31 साल की उम्र में रचा इतिहास, एक ही कैटेगरी में तीन नेशनल रिकॉर्ड तोड़े

नई दिल्ली  नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में मीराबाई चानू का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला है। यूपी के मोदीनगर में इस इवेंट का आयोजन किया जा रहा है। चानू ओलिंपिक में सिल्वर मेडल भी जीत चुके हैं। 48 किग्रा कैटेगरी में उन्होंने तीन नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिए। 31 साल के इस खिलाड़ी ने स्नैच में 89 किग्रा वजन उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में वह 116 किग्रा भार उठाने में सफल रहीं। इस तरह उन्होंने कुल 205 किलो वजन उठाया। अखिल भारतीय पुलिस की राधा सोनी ने 183 किलो के साथ सिल्वर जबकि कोमल कोहर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 48 किग्रा कैटेगरी में स्नैच, क्लीन एंड जर्क के साथ ही यह ओवरऑल वजन का नेशनल रिकॉर्ड है। उन्होंने आसानी से 89 किग्रा का वजन उठाया। इसके बाद मीराबाई चानू की कोशिश 91 किग्रा उठाने की थी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका कुल 205 किलोग्राम का स्कोर 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतते समय उठाए गए वजन से 6 किलो ज्यादा है। तब उन्होंने 199 किलो वजन उठाया था। यह परफॉर्मेंस उनके पर्सनल बेस्ट जो उन्होंने 2021 एशियन चैंपियनशिप में 49 किग्रा कैटेगरी में हासिल किया था। 90 किलो पार करने का लक्ष्य है चानू ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद पीटीआई से कहा, ‘बहुत खुश हूं। इस प्रदर्शन से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले मैं 49 किग्रा हिस्सा ले रही थी, 48 किग्रा में ऐसा रिजल्ट हासिल करना बहुत बड़ी बात है। मुझे उम्मीद है कि अगली प्रतियोगिता में मैं 90 किग्रा का आंकड़ा पार कर लूंगी। आज भी मैंने कोशिश की थी, लेकिन मेरी ठीक से ट्रेनिंग नहीं हुई थी तो मैं ऐसा नहीं कर पाई। लेकिन एक बार जब ट्रेनिंग पूरी रफ्तार से शुरू हो जाएगी तो मुझे यकीन है कि मैं 90 किग्रा वजन उठा लूंगी।’ टोक्यो ओलिंपिक में मीराबाई चानू ने 49 किग्रा कैटेगरी में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था। 2024 में वह चौथे स्थान पर रहकर मेडल से चूक गई थीं। हालांकि बाद में इस कैटेगरी को हटा दिया गया। इसकी वजह से चानू को 48 किग्रा में शिफ्ट होना पड़ा। 

RBI MPC: रेपो रेट स्थिर, GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, जानें क्या हैं बड़े फैसले

 नई दिल्‍ली  भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. 5.25 फीसदी पर रेपो रेट को अनचेंज रखा है, जिसका मतलब है कि आपके लोन की ईएमआई पर कोई असर नहीं होगा. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक में रेपो रेट को नहीं बदलने का फैसला किया है.  एमपीसी बैठक के फैसले पर अपडेट देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि जहां ग्‍लोबल लेवल पर अनिश्चितता फैली हुई है, वहीं भारत में महंगाई पूरी तरह से कंट्रोल है. महंगाई दर आरबीआई के सीमा से नीचे बना हुआ है.  महंगाई दर 4 फीसदी के आसपास बना हुआ है, जिसका मतलब है कि हमारी इंडस्‍ट्री और देश पर महंगाई का ज्‍यादा भार नहीं है.  जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि अगले दो दिनों में भारत को जीडीपी और महंगाई दोनों के लिए एक नया बेस ईयर मिलने वाला है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है और घरेलू महंगाई और विकास के महंगाई सकारात्मक हैं. केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को 7.3 प्रतिशत से संशोधित करके 7.4 प्रतिशत कर दिया है. उन्होंने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे, साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी.  भारत-अमेरिका डील से निर्यात को मजबूती उन्होंने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे और सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी. इसके अलावा, उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता  का भी जिक्र किया और कहा कि इन डील्‍स से भारत के निर्यात को मजबूती मिलेगी.  रेपो रेट में बदलाव नहीं होने के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. सेंसेक्‍स 340 अंक टूटकर 83000 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 150 अंक गिरकर 25500 के नीचे कारोबार कर रही थी. बैंक निफ्टी में भी करीब 300 अंकों की गिरावट देखने को मिली. आज ऑटो, बैंकिंग और रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट देखी गई. बीएसई ऑटो इंडेक्स 542 अंक गिरकर 60,803 पर आ गया, जबकि बीएसई बैंकएक्स 158 अंक गिरकर 67,378 पर पहुंच गया. इसी दिन बीएसई रियल्टी इंडेक्स भी 49 अंक गिरकर 6,343 पर आ गया. 

WPL Final: RCB की शानदार वापसी, दिल्ली को हराकर दूसरी बार चैंपियन बनी

 वडोदरा  महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के फाइनल में गुरुवार (5 फरवरी) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हुआ. वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में आरसीबी ने छह विकेट से जीत हासिल की. दिल्ली ने आरसीबी को जीत के लिए 204 रनों का टारगेट दिया था, जिसे उसने आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर हासिल कर लिया. डब्यूपीएल में ये अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा. आरसीबी ने दूसरी बार डब्ल्यूपीएल खिताब जीता है. इससे पहले 2024 में भी ये खिताब जीतने में सफल रही है. उधर दिल्ली कैपिटल्स एक बार फिर खिताब नहीं जीत सकी. दिल्ली कैपिटल्स चारों सीजन फाइनल में पहुंची, लेकिन निराश हाथ लगी. बता दें कि 2023 और 2025 का डब्ल्यूपीएल सीजन मुंबई इंडियंस (MI) ने अपने नाम किया था. स्मृति ने खेली कप्तानी पारी, वॉल भी चमकीं चेज में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने ग्रेस हैरिस (9 रन) का विकेट सस्ते में गंवा दिया. हैरिस को चिनेले हेनरी ने बोल्ड किया. यहां से स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने जबरदस्त बैटिंग की. वॉल और स्मृति के बीच दूसरे विकेट के लिए 92 गेंदों पर 165 रनों की साझेदारी हुई. यह महिला प्रीमियर लीग में किसी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी रही. वॉल ने 54 गेंदों पर 79 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे. वॉल के आउट होने के बाद ऋचा घोष क्रीज पर उतरीं, लेकिन वो सिर्फ 6 रन बनाकर चलती बनीं. अब स्मृति मंधाना पर जिम्मेदारी थी कि वो टीम को जीत की मंजिल तक ले जाएं, लेकिन उनकी शानदार इनिंग्स का अंत चिनेले हेनरी ने किया. स्मृति ने 41 गेंदों का सामना करते हुए 87 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. आखिरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 10 रन चाहिए थेे. उस ओवर में राधा यादव ने पहली गेंद पर एक रन लिया. फिर नादिन डिक्लर्क ने भी एक रन पूरा किया. इसके बाद राधा यादव ने दो चौके लगाकर मैच आरसीबी की झोली में ला दिया. WPL फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 87 (41)- स्मृति मंधाना बनाम दिल्ली कैपिटल्स, वडोदरा, 2026 79 (54)- जॉर्जिया वॉल बनाम दिल्ली कैपिटल्स, वडोदरा, 2026 66 (44)- हरमनप्रीत कौर बनाम दिल्ली कैपिटल्स, ब्रेबोर्न, 2025 60* (55)- नेट साइवर-ब्रंट बनाम दिल्ली कैपिटल्स, ब्रेबोर्न, 2023 57 (37)- जेमिमा रोड्रिग्स बनाम आरसीबी, वडोदरा, 2026 WPL में सबसे बड़ी साझेदारियां (किसी भी विकेट के लिए) 165- स्मृति मंधाना & जॉर्जा वॉल (आरसीबी) vs दिल्ली कैपटिल्स, वडोदरा, 2026 162- मेग लैनिंग & शेफाली वर्मा (दिल्ली कैपटिल्स) vs आरसीबी, ब्रेबोर्न, 2023 146- जेस जोनासेन & शेफाली वर्मा (दिल्ली कैपटिल्स) vs आरसीबी, बेंगलुरु, 2025 142- स्मृति मंधाना & जॉर्जिया वॉल (आरसीबी) vs दिल्ली कैपटिल्स, नवी मुंबई, 2026 140- बेथ मूनी & लॉरा वोल्वार्ट (गुजरात जायंट्स) vs आरसीबी, दिल्ली, 2024 दिल्ली की कप्तान जेमिमा ने जड़ी फिफ्टी दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए चार विकेट पर 203 रन बनाए. दिल्ली कैपिटल्स के लिए कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने सबसे ज्यादा 37 बॉल पर 57 रन बनाए, जिसमें 8 चौके शामिल रहे. वहीं लॉरा वोल्वार्ट ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 25 गेंदों पर 44 रनों का योगदान दिया. विकेटकीपर बल्लेबाज लिजेल ली ने भी आतिशी बल्लेबाजी की. ली ने 3 चौके और तीन छक्के की मदद से 30 गेंदों पर 37 रनों की इनिंग्स खेली. चिनेले हेनरी ने तो 4 चौके और दो छक्के की मदद से सिर्फ 15 गेंदों पर नाबाद 35 रन कूटे. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से नादिन डिक्लर्क, सयाली सतघरे और अरुंधति रेड्डी ने एक-एक सफलता हासिल की. फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की प्लेइंग इलेवन: ग्रेस हैरिस, स्मृति मंधाना (कप्तान), जॉर्जिया वॉल, ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, नादिन डिक्लर्क, पूजा वस्त्राकर, अरुंधति रेड्डी, सयाली सतघरे, श्रेयांका पाटिल, लॉरेन बेल. फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग इलेवन: लिजेल ली (विकेटकीपर), शेफाली वर्मा, लॉरा वोल्वार्ट, जेमिमा रोड्रिग्स (कप्तान), मारिजाने कैप, चिनेले हेनरी, निकी प्रसाद, स्नेह राणा, मिन्नू मणि, श्री चरणी और नंदनी शर्मा.

85% पुरुषों को प्राइवेट पार्ट की सफाई के बारे में नहीं हैं ये महत्वपूर्ण बातें, डॉक्टर से जानें टिप्स

महिलाओं की हाइजीन, वजाइना क्लीनिंग टिप्स पर अक्सर हम बात करते रहते हैं लेकिन पुरुषों के हाइजीन की बात काफी कम होती है। शरीर की सफाई हर किसी को करनी चाहिए फिर चाहे वो पुरुष हो या महिला। अगर प्राइवेट पार्ट की सही से सफाई न की जाए, तो इंफेक्शन फैल जाता है और फिर ये गंभीर समस्या बन जाती है। ज्यादातर पुरुष जल्दबाजी में प्राइवेट पार्ट की सफाई सही से नहीं करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो संभल जाइये। स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर विहान सिंह का कहना है कि महिलाओं की तरह ही पुरुषों को भी प्राइवेट पार्ट की सफाई सही से करना काफी जरूरी है। चलिए कुछ हाइजीन टिप्स बताते हैं। प्राइवेट पार्ट साफ करने का सही तरीका डॉक्टर के मुताबिक, यूरिन पास करने के बाद ज्यादातर पुरुष ऐसे ही अंडरवियर पहन लेते हैं लेकिन ज्यादातर केसेस में इंफेक्शन इसी वजह से होता है। यूरिन स्टेन रहने और नमी बनी रहने के कारण फंगल इंफेक्शन फैलता है। कुछ और भी बातें हैं, जो पुरुषों को मालूम होनी चाहिए, चलिए जानते हैं- 1- प्राइवेट पार्ट की सफाई कभी भी साबुन से न करें। हमेशा किसी क्लीनिंग जेल या प्राइवेट पार्ट फ्रेंडली सोप से करें। केमिकल वाले साबुन के पार्टिकल्स स्किन पर जम जाते हैं। 2– सेक्स के बाद पेनिस को पानी से धोते हुए अच्छे से साफ करें। कई पुरुष ऐसा नहीं करते और इंफेक्शन फैलता है। 3– प्राइवेट पार्ट में अगर गीलापन है, तो अंडरवियर न पहनें। गीलेपन से खुजली, रैशेस की समस्या हो सकती है। 4- प्राइवेट पार्ट के प्यूबिक को भी समय-समय पर ट्रिम करें। प्यूबिक बाल बैक्टीरिया और पसीने को फंसा सकते हैं। 5– कभी भी गीले अंडरवियर न पहनें। टाइट और गीले अंडरवियर पहनने से भी प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन फैल सकता है। कैसे करें साफ प्राइवेट पार्ट को साफ करने के लिए गुनगुना पानी इस्तेमाल करें और केमिकल फ्री साबुन का इस्तेमाल करें। नहाते समय पेनिस एरिया के आस-पास की स्किन को अच्छे से क्लीन करें।

UPI ट्रांजेक्शन में बदलाव, फरवरी से लागू होंगे नए नियम; जानें इसके प्रभाव

नई दिल्ली भारत में डिजिटल पेमेंट अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग, बिजली का बिल भरने और दोस्तों को पैसे भेजने तक, हर जगह यूपीआई (UPI) का यूज हो रहा है. ऐसे में अगर यूपीआई के नियमों में कोई बदलाव होता है, तो उसका असर करोड़ों लोगों पर पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI ने फरवरी 2026 से यूपीआई के नए नियम लागू करने का फैसला किया है. इन नए नियमों का मकसद लेनदेन को और तेज बनाना, धोखाधड़ी से सुरक्षा बढ़ाना, यूजर्स को अपने पैसों और भुगतान पर ज्यादा नियंत्रण देना है. अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी UPI ऐप का यूज करते हैं, तो आइए आज हम आपको UPI के कौन से नए नियम फरवरी से लागू हो रहे हैं.  अब UPI पेमेंट होगा और भी तेज नए नियमों के तहत UPI लेनदेन और API रिस्पॉन्स को 10 सेकंड के भीतर पूरा करना जरूर होगा. पहले यह समय सीमा 30 सेकंड थी, जिसकी वजह से कई बार पेमेंट अटक जाता था या देर से पूरा होता था. अब फायदा यह होगा कि पेमेंट जल्दी पूरा होगा, Pending या Processing में फंसे ट्रांजैक्शन कम होंगे, भीड़-भाड़ वाले समय (जैसे सेल या महीने के आखिर में) भी सिस्टम बेहतर काम करेगा. इससे ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदारों को भी राहत मिलेगी.  API क्या होता है API यानी एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस, इसे आप दो एप्स या सिस्टम के बीच बात करने का जरिया समझ सकते हैं. जब आप UPI से भुगतान करते हैं तो आपका UPI ऐप आपके बैंक से पूछता है क्या खाते में पैसे हैं फिर वह सामने वाले के बैंक से कहता है पैसे स्वीकार करो. यह पूरी बातचीत API के जरिए होती है. अब API तेज होगी, तो पूरा भुगतान भी जल्दी और स्मूथ होगा.  सुरक्षा पर खास जोर और यूजर्स को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल 2026 के नए UPI नियमों में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी, खासकर बड़े अमाउंट वाले लेनदेन के लिए. इसमें मुख्य बदलाव भुगतान से पहले स्पष्ट कन्फर्मेशन मैसेज, ऑटो पेमेंट और सब्सक्रिप्शन के लिए बेहतर सुरक्षा, यूजर्स आसानी से अपनी सब्सक्रिप्शन को देख, मैनेज और कैंसल कर पाएंगे. इससे गलत कटौती और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी.  लंबे समय से यूज न हुई UPI ID पर रोक लग सकती है अगर आपकी कोई UPI ID लंबे समय से यूज नहीं हुई है, तो उसे अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है. इसे डॉरमेंट UPI ID कहा जाएगा. इसे दोबारा चालू करने के लिए यूजर को री-वेरिफिकेशन करना होगा. इस नियम का उद्देश्य है पुराने और भूले हुए अकाउंट्स का गलत यूज रोकना है. अब अगर कोई UPI पेमेंट फेल हो जाता है या अटक जाता है, तो बैंक और ऐप्स को कुछ घंटों के भीतर समस्या सुलझानी होगी, यूजर को साफ-साफ बताया जाएगा कि पैसा कटा या नहीं, कहां अटका, कब वापस मिलेगा, इससे यूजर्स की परेशानी और भ्रम दोनों कम होंगे.  UPI का रिकॉर्ड प्रदर्शन सरकार ने संसद में बताया कि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक UPI के जरिए 230 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. यह आंकड़ा 2022-23 के 139 लाख करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा है. इससे साफ है कि UPI पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. वर्तमान में यह 8 देशों में यूज हो रहा है. जिसमें भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात शामिल है. सरकार और NPCI मिलकर विदेशों में व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M) भुगतान को आसान बना रहे हैं. IMF की रिपोर्ट (जून 2025) के अनुसार, UPI दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम रिटेल पेमेंट सिस्टम है. ACI Worldwide रिपोर्ट 2024 के मुताबिक, दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में करीब 49 प्रतिशत  हिस्सा UPI का है. 

मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की सैलरी बढ़ाई जाएगी, शिक्षकों को भरने के लिए नया फॉर्मूला तैयार

भोपाल मध्य प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन इसमें डॉक्टर्स की नियुक्ति सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. इसके लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं. राज्य सरकार अब दूर-दराज के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर्स की कमी को पूरा करने के लिए उन्हें स्पेशल अलाउंस देने की भी तेयारी कर रही है. इन डॉक्टर्स को बड़े शहरों के आसपास स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में 20 फीसदी अधिक प्रोत्साहन राशि दिए जाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मापदंड तैयार कर रही है. मेडिकल कॉलेज खुले, पद खाली प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनमें फैकल्टी की कमी पूरी करने में सरकारी को पसीना आ रहा है. सिंगरौली मेडिकल कॉलेज में तकरीबन 90 फीसदी फैकल्टी के पद खाली पड़े हैं. यहां स्वीकृत पदों की संख्या 116 है, लेकिन भर्ती मुश्किल से डेढ़ दर्जन पदों पर ही हो सकी है. कमोवेश यही स्थिति प्रदेश के श्योपुर जिले में बनाए गए सरकारी मेडिकल कॉलेज की है. इसमें फैकल्टी के 116 पद हैं, लेकिन यहां भी मुश्किल से 15 पदों को ही भरा जा सका है. इन कॉलेजों में पढ़ने के लिए स्टूडेंट्स तो पहुंच गए, लेकिन पढ़ाने वाले शिक्षक मौजूद नहीं हैं. इसकी वजह से ऑनलाइन क्लास के जरिए इन्हें पढ़ाया जा रहा है. फैकल्टी के मामले में सबसे ज्यादा समस्या नए मेडिकल कॉलेजों में हैं. श्योपुर, सिंगरौली, नीचम, मंदसौर और सिवनी में 50 से लेकर 90 फीसदी तक फैकल्टी के पद खाली हैं. कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव इससे निपटने के लिए राज्य सरकार अब इन दूर-दराज के मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ होने वाली फैकल्टी को स्पेशल अलाउंस देने की तैयारी कर रही है. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इसका प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के पास भेजने के लिए कहा है. इन डॉक्टर्स को अलाउंस देने के लिए मापदंड तैयार किए जा रहे हैं. उपमुख्यमंत्री के मुताबिक मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों को भरने के लिए प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही सभी पदों को भरने की कार्रवाई की जाएगी. तीन नए मेडिकल कॉलेज और होने जा रहे शुरू मध्य प्रदेश में इस सत्र से तीन और नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं. ये मेडिकल कॉलेज सीहोर जिले के बुधनी, छतरपुर और दमोह में खोले जा रहे हैं. इन मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के लिए व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं. तीन नए मेडिकल कॉलेज के बाद प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी. इसके अलावा मंडल और राजगढ़ में भी मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारियां चल रही हैं. प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या है 17 मध्य प्रदेश में अभी 17 मेडिकल कॉलेज हैं. इनमें गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल, गजराराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज इंदौर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया, अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज विदिशा, शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम, नंद कुमार सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज खंडवा शामिल हैं. इनके अलावा शासकीय मेडिकल कॉलेज शहडोल, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज, श्रीमंत रानी लक्ष्मीबाई सिंधिया मेडिकल कॉलेज शिवपुरी, शासकीय मेडिकल कॉलेज सतना, सुंदरलाल पटवा शासकीय मेडिकल कॉलेज मंदसौर, शासकीय मेडिकल कॉलेज सिवनी, वीरेंद्र कुमार सखलेचा शासकीय मेडिकल कॉलेज नीमच शामिल हैं.