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पाम संडे पर ईसाई समाज ने एक स्वर में व्यक्त की श्रद्धा, सभी ने कहा – प्रभु हम आपके सेवक हैं

पाम संडे पर ईसाई समाज ने एक स्वर में व्यक्त की श्रद्धा, सभी ने कहा – प्रभु हम आपके सेवक हैं भोपाल  आज दिनांक 29/ 3/ 2026 को  ईसाई समाज में पाम संडे का दिन खास रहा और  सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रभु हम आपके सेवक है   हम पूरी कलीसिया ने मिलकर  देश-विदेश के लिए प्रार्थना करी कि प्रभु देश में शांति बनाए रखें और सभी स्वास्थ्य में प्रसन्न रहे चर्च के लोगों ने खजूर की डालियां हाथ में थाम कर सुभाष पाठक से बेथलम चर्च बरखेड़ी फाटक से चर्च तक रैली निकाली इस माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया रैली में शामिल लोग यीशु के बलिदान और उसकी महिमा से जुड़े गीत एवं ह होस्ना के नारे लगाए गए जिसमें रतलाम से आए हुए स्पीकर पास्टर धूलिया ने चर्च के अंदर पाम संडे पर सभी समाज के लोगों के साथ प्रभु का वचन दिया और उन्होंने बताया कि 2000 वर्ष पहले प्रभु यीशु ने यरुशलम में प्रवेश के दिन को याद किया . इस दिन लोगों ने खजूर की डालियां डाली और अपने वस्त्र मार्ग में बिछाकर प्रभु यीशु मसीह के आगमन पर उनका स्वागत किया श्री हैरीस लाल ने बताया कि चर्च में चर्च के बच्चों के द्वारा प्रभु यीशु मसीह को याद करते हुए स्क्रिप्ट करा और होस्नाके नारे लगाएंसभी  भोपाल के सभी गिरजाघर में नारे लगे और इसी प्रकार जुलूस निकाला गया चर्च के अंदर बहुत बड़ी संख्या में ईसाई समाज इकट्ठा हुआ सबने मिलकर युद्ध बंद करने के लिए प्रार्थना की गई और समाज में मिलकर रहने का प्रभु यीशु मसीह से प्रार्थना किया .

स्थापना दिवस पर भाजपा का बड़ा प्लान, 6 से 14 अप्रैल तक प्रदेशभर में होंगे आयोजन

रायपुर. भाजपा 6 अप्रैल को अपना 47वां स्थापना दिवस मनाएगी। देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भी इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यशवंत जैन को इस समिति का संयोजक बनाया गया है। वहीं, समिति में रंजना साहू, जी वेंकटराव और शिवनाथ यादव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा ऋतु चौरसिया और कमल गर्ग भी समिति के सदस्य होंगे। 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक कार्यक्रमों का पखवाड़ा चलेगा। इस दौरान बूथ, मंडल और जिला स्तर पर विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। समिति द्वारा पूरे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी इसी समिति पर होगी। 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन हुआ था. हर साल 6 अप्रैल को बीजेपी स्थापना दिवस मनाती है. इस बार छत्तीसगढ़ में भाजपा 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विभिन्न कार्यों के जरिए बीजेपी स्थापना दिवस मनाएगी. इस बार के आयोजन में बीजेपी बाबासाहेब के विचारों और उनकी जीवनी को गांव गांव तक पहुंचाएगी. इस आयोजन से पहले बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर अटैक किया है और कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाया है. अविभाजित मध्य प्रदेश का हिस्सा छत्तीसगढ़ हमेशा से सुर्खियों में रहा है। साल 1998-99 में लोकसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने रायपुर के सभा में वादा किया था कि अगर केंद्र में उनकी सरकार बनी तो वह छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दे देंगे। इसी चुनाव में बीजेपी की जीत हुई और छत्तीसगढ़ एक अलग राज्य बन गया। 1 नवंबर, 2000 में छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिल गया। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद राज्य की बागडोर कांग्रेस नेता और पूर्व कलेक्टर अजीत जोगी को सौंपी गई। 2003 में पहली बार हुए थे चुनाव अलग छत्तीसगढ़ में पहली बार विधानसभा के चुनाव 2003 में हुए और बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की। अविभाजित मध्य प्रदेश में कांग्रेस का किला रहा छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के बाद बीजेपी का गढ़ बन गया। साल 2000 से 2003 तक भाजपा विपक्ष की भूमिका में रही, 2003 में बीजेपी जीती और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में डॉ रमन सिंह पर भरोसा जताया। यह वही समय था जब पार्टी की स्थिति हासिए पर मानी जाती थी। इसी दौरान भाजपा के 13 विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के संपर्क में आकर कांग्रेस में शामिल हो गए। बीजेपी इस समय बड़े घमासान से जूझ रही थी। ऐसे में डॉक्टर रमन सिंह ने चुनौती को सुनहरे अवसर में बदल दिया। 15 साल तक छत्तीसगढ़ राज्य में राज कर चुके रमन सिंह की भूमिका भी बीजेपी की प्रदेश में मौजूदा स्थिति में काफी योगदान रहा है।

लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आजमाएं यह पारंपरिक सत्तू ड्रिंक

गर्मी के मौसम में जैसे-जैसे पारा चढ़ता है, शरीर की एनर्जी कम होने लगती है और आप हर वक्त थके डिहाइड्रेटेड महसूस करते हैं. गर्मी में लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में उत्तर भारत का पारंपरिक सुपरफूड सत्तू सेहत का खजाना साबित होता है. भुने हुए चनों को पीसकर तैयार किया गया सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है जो आपके लिए बहुत फायदेमंद है. सत्तू के शरबत के बेमिसाल फायदे सत्तू का शरबत न केवल पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, बल्कि इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह चिलचिलाती धूप में भी शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखता है. अगर आप गर्मियों में सॉफ्ट ड्रिंक्स की जगह सत्तू पीते हैं तो यह आपकी सेहत को बेमिसाल फायदे मिलेंगे. सत्तू के शरबत की रेसिपी सत्तू (चना) – 3 बड़े चम्मच ठंडा पानी – 1 गिलास भुना जीरा पाउडर – आधा छोटा चम्मच काला नमक – स्वादानुसार नींबू का रस बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च पुदीने की पत्तियां बनाने का तरीका एक बड़े गिलास में सत्तू निकालें और थोड़ा सा पानी डालकर गुठलियां खत्म होने तक मिलाएं. अब बचा हुआ ठंडा पानी डालें और अच्छी तरह घोल लें. इसमें काला नमक, भुना जीरा, नींबू का रस और कटी हुई मिर्च-प्याज डालें. आप इस दौरान इसमें हल्का गुड़ मिला सकते हैं जो टेस्ट को बैलेंस करेगा. पुदीने की पत्तियों के साथ ठंडा-ठंडा सर्व करें. आप चाहें तो इसमें मिश्री या गुड़ डालकर मीठा शरबत भी बना सकते हैं

MP में मौसम का बदलाव, आज से 4 दिन तक आंधी और बारिश, कई इलाकों में ओले गिरने का अनुमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में रविवार से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले चार दिन तक आंधी-बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते यह बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा, जब कई हिस्सों में तेज गतिविधि दर्ज की जाएगी। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इस दौरान ओले गिरने की भी संभावना है।शनिवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय रहे मौसम सिस्टम अब आगे बढ़ रहे हैं, जिससे रविवार से इसका प्रभाव व्यापक होगा। आने वाले 24 घंटे में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।   IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, 30 और 31 मार्च को सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इस दौरान ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। शनिवार को एमपी के पूर्वी हिस्से में दोनों सिस्टम सक्रिय रहे, जो रविवार को आगे बढ़ेंगे। इस वजह से बारिश का दौर शुरू होगा। अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश का अलर्ट है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च से सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर, रीवा संभाग के अधिकांश हिस्से में आंधी, बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। 31 मार्च को भी ऐसा ही अलर्ट है। 1 अप्रैल को सिस्टम कमजोर होने लगेगा। हालांकि, प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश होने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहे शनिवार को मध्य प्रदेश में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग का कहना है कि 30 मार्च से सिस्टम ज्यादा असर दिखाएगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा। 31 मार्च को भी हालात ऐसे ही बने रहेंगे। 1 अप्रैल से सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन इसके बावजूद 20 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश होने के संकेत हैं। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा एमपी में मौसम आंधी-बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। फिलहाल अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बना हुआ है। नर्मदापुरम सबसे गर्म बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट का अनुमान जताया है। इससे पहले शनिवार को भी कई शहरों में तापमान में कमी दर्ज की गई। नर्मदापुरम में 1.5 डिग्री गिरावट के साथ पारा 38.5 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं खंडवा में भी इतना ही तापमान रहा। रतलाम में 38.2 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री, बैतूल में 37.7 डिग्री, नरसिंहपुर और खजुराहो में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, धार और सिवनी में 37.2 डिग्री तथा श्योपुर और सागर में 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री, भोपाल में 36.2 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री और उज्जैन में 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मार्च में चौथी बार बदला मौसम प्रदेश में मार्च के दौरान मौसम बार-बार बदल रहा है। महीने की शुरुआत में तेज गर्मी रही, जबकि दूसरे पखवाड़े में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो गया। एक दौर तो लगातार चार दिन तक चला, जिसमें 45 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओले गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 26-27 मार्च को फिर मौसम बदला। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश दर्ज की गई। अब रविवार, 29 मार्च से मौसम चौथी बार बदलने जा रहा है। अप्रैल-मई में पड़ेगी भीषण गर्मी मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ेगी। 

धर्म सम्मेलनों से समाज में एकता और राष्ट्र सेवा की भावना को मिलेगा बल: दत्तात्रेय होसबोले

धर्मशाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को कहा कि पूरे देश में धर्म के सही अर्थ और कर्तव्यों के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न धर्म सम्मेलन, स्वधर्म सम्मेलन और हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, "समाज में एकता और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करने के लिए ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जो लोग आध्यात्मिक साधना और समाज सेवा में लगे हुए हैं। वे इन सम्मेलनों में भाग लेकर राष्ट्र सेवा और आपसी एकता को बढ़ावा दे रहे हैं।" आरएसएस महासचिव ने कहा कि संघ ने समाज परिवर्तन के जो मार्ग बताए हैं, उनमें सभी लोगों को जुड़कर परस्पर सहयोग से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य है कि भारत मां की संतान के रूप में हर व्यक्ति अपने कर्तव्य को निभाए। समाज में एकता बनी रहे और लोग राष्ट्र के लिए कार्य करने की भावना से संकल्प लेकर आगे बढ़ें। होसबोले ने कहा कि देश में कई चुनौतियां और संकट मौजूद हैं, लेकिन सरकार भी देश को अच्छी स्थिति में लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, "धर्म सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य यही है कि हम सभी चुनौतियों को मिलकर पार करें और देश को मजबूत बनाएं।" आरएसएस महासचिव ने जोर देकर कहा कि इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारा और राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आध्यात्मिक क्षेत्र में कार्यरत हैं, उन्हें समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। दत्तात्रेय होसबोले ने स्पष्ट किया कि संघ किसी भी प्रकार के विभाजन या द्वेष को बढ़ावा नहीं देता, बल्कि वह समाज को एक सूत्र में पिरोने और सभी को राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू सम्मेलन, स्वधर्म सम्मेलन और धर्म सम्मेलन केवल धार्मिक चर्चा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण पर भी गहन चर्चा की जाती है।

योगी सरकार ने प्राप्त की एक और बड़ी सफलता, स्कॉच अवार्ड से हुई सम्मानित

योगी सरकार ने हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, फिर मिला प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड सिंचाई विभाग की ओर से महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार को मिला अवार्ड  वैज्ञानिक प्रबंधन से करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुगम हुआ था अमृत स्नान, ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेशन एरिया से सुरक्षा और व्यवस्था को मिला था नया आयाम लखनऊ योगी सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार ने जल संसाधन प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी साख को और मजबूत किया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को नई दिल्ली में आयोजित 106वें स्कॉच शिखर सम्मेलन (स्कॉच समिट) में प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। विभाग को यह सम्मान दो प्रमुख कार्यों महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा की धाराओं के सफल चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार के लिए प्रदान किया गया है। प्रतिष्ठित पुरस्कार सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने प्राप्त किया। महाकुम्भ-25 के दौरान किया गया गंगा की धाराओं का चैनलाइजेशन सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप महाकुम्भ- 25 में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को अमृत स्नान कराने के लिए गंगा की धाराओं के चैनलाइजेशन के निर्देश दिए गये थे। उन्होंने बताया कि गंगा की धाराओं का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे सिंचाई विभाग ने सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसने प्रदेश की कार्यकुशलता और बड़े आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया।  उन्होंने बताया कि गंगा नदी की तीन धाराओं को सफलतापूर्वक एक धारा में विलीन करना एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक उपलब्धि रही। इसके साथ ही संगम क्षेत्र में ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया का निर्माण किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया जा सका। यह कार्य न केवल भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे सुरक्षा और सुव्यवस्था के मानकों को भी नया आयाम मिला। रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर स्थापित ऑटोमैटिक गेट के लिए भी मिली सराहना  मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने बताया कि रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर ऑटोमैटिक गेट की स्थापना को भी विशेष सराहना मिली है। इस अत्याधुनिक व्यवस्था से जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और नियंत्रित बनाया गया है। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य टिकाऊ और प्रभावी जल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है, जिससे प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ मिल सके। बता दें कि स्कॉच अवार्ड को देश के प्रमुख स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है, जिसके लिए देशभर से हजारों प्रविष्टियां आती हैं। इनमें से चयन एक कठोर और बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कार्यों को तकनीकी दक्षता, नवाचार और प्रभावशीलता के आधार पर चुना गया, जो प्रदेश की बढ़ती प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।

हरियाणा में एलपीजी संकट और लॉकडाउन की अफवाहों ने बढ़ाई उद्योगपतियों की टेंशन

 हरियाणा अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब भारत की फैक्ट्रियों पर दिखने लगा है. हरियाणा के फरीदाबाद में भी हाल वही है. यहां उद्योगपतियों की परेशानी बढ़ गई है वजह है लागत में गिरावट, कच्चे माल की कमी और सबसे बड़ी टेंशन, मजदूरों का पलायन. कुछ मजदूर तो शहर छोड़ चुके हैं बाकी भी अपने गांवों की ओर जा रहे हैं. असल में, गैस का संकट बड़ा सिरदर्द बन गया है. मजदूरों को एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल रहे और जो मिल रहे हैं वो काफी महंगे हैं. कई मजदूर तो छुट्टी लेकर गए थे अब वापस ही नहीं आ रहे. गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें हैं लोगों के चेहरे पर मायूसी साफ दिखती है. बेसिक चीजें महंगी हो गई हैं फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान हेमंत शर्मा ने कहा युद्ध का जीता-जागता असर डायरेक्ट तो ज्यादा नहीं है, लेकिन इनडायरेक्ट इम्पैक्ट बहुत है. खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल आयात करते हैं और वह महंगा हो गया है. लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ चुकी है प्लास्टिक दाना समेत तमाम बेसिक चीजें महंगी हो गई हैं. हमारी सबसे बड़ी समस्या यहां एलपीजी गैस की है कीमत आसमान छू रही है. कर्मचारियों को किचन गैस नहीं मिल रही किराए के मकानों में रहते हैं अब मजबूर होकर वापस गांव जा रहे हैं. लेबर की कमी हो गई है. फैक्ट्री चलाना भारी मुश्किल हो गया है राजेश शर्मा जो मारुति के टीयर टू सप्लायर हैं, बताते हैं हमारे यहां कच्चा माल मिलना ही मुश्किल हो चुका है. कस्टमर डबल शेड्यूल मांग रहे हैं सब अपने पास स्टॉक करना चाहते हैं पर कच्चा माल नहीं मिल रहा. दूसरी परेशानी लेबर की है. कर्मचारी कम होते जा रहे हैं. लॉकडाउन को लेकर मजदूरों की बीच अफवाहें फैली हैं उन्हें लगता है कहीं फिर लॉकडाउन लग गया तो फंस जाएंगे जैसे 2020 में हुआ था. सिलेंडर की असली दिक्कत नहीं है मिल तो रहे हैं पहले 100 से 200 रुपये में मिल जाते थे, लेकिन अब सिलेंडर ढाई हजार में भी नहीं मिल रहे अफवाहें फैल चुकी हैं. मेरे यहां से करीब 20 लोग जा चुके हैं कोई बीमारी का बहाना, कोई दूसरी प्रॉब्लम बता रहे हैं असल में सब डर के मारे गांव निकल गए हैं. इधर ना कच्चा माल है ना लेबर फैक्ट्री चलाना भारी मुश्किल हो गया है. हिसाब से इस्तेमाल करें प्रधान हेमंत शर्मा बताया इस समय संयम रखने की जरूरत है. चाहे पेट्रोल हो, डीजल हो, गैस हो उसे जमा ना करें बस जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें. देश की जनता को संयमित रहना चाहिए ताकि सब मिलकर हालात का सामना कर सकें. हमें अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है पर अफवाहों में बहना ठीक नहीं.

आईटीआई पास से लेकर बीटेक डिग्री धारकों तक के लिए खुले नौकरी के द्वार और हजारों युवा पहुंचे

 फरीदाबाद जिले के जेसी बोस यूनिवर्सिटी में जॉब फेयर लगा हुआ है और इस बार 100 से ज्यादा कंपनियां आई हैं. इंटरव्यू देने के लिए करीब हजारों युवा पहुंचे हैं. अलग-अलग जगह से छात्र आए और सब में फुल एनर्जी थी और चाहते थे कि कैसे सही मौका मिल जाए. कंपनियां लगातार इंटरव्यू ले रही हैं, रिज्यूम जमा हो रहे हैं. साथ ही कई जगहों पर अच्छा पैकेज भी ऑफर किया जा रहा था. कुछ बड़े स्कूल भी यहां आए हैं, वो भी बच्चों को अच्छी सैलरी पर नौकरी दे रहे हैं.  बात करते हुए प्रिंसिपल भगत सिंह ने बताया कि मैं फरीदाबाद के सरकारी आईटीआई पांच नंबर में प्रिंसिपल हूं. इस रोजगार मेले में लगभग 110 कंपनियां आई हैं. ITI, MBA, BTech वाले बच्चों की मांग है, लेकिन 10वीं या 12वीं पास लोगों के लिए भी बेहतरीन मौके हैं. हिंदुस्तान सीरीज जैसी कंपनियां 10वीं-12वीं पास बच्चों को चुन रही हैं. इंटरव्यू और रिज्यूम जमा करने के बाद दूसरे राउंड में कंपनी के अंदर फिर से इंटरव्यू होगा. आखिर में कंपनी से चयन सूची आएगी और फिर बच्चों को इंडस्ट्री भेजेंगे. ITI पास वालों को 14 से 15 हजार रुपये महीना प्रिंसिपल भगत सिंह ने बताया कि ITI पास वालों को 14 से 15 हजार रुपये महीना मिल जाता है. अगर डिप्लोमा है, तो 18 से 20 हजार रुपये तक पहुंच जाता है. एक्सपीरियंस वालों की सैलरी इससे भी ज्यादा होती है. रोजगार मेला करवाने में हमारी बड़ी भूमिका रही है. इंडस्ट्री को यहां बुलाने के लिए हम लगातार कोशिश करते हैं. टीचर ईशा गुप्ता ने बताया कि मैं दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल की टीचर हूं. हमारे स्कूल में कई पोस्ट खाली हैं. जो अप्लाई कर रहा है, उसमें कॉन्फिडेंस है, डिग्री है और उसे यहां जॉब मिल जाएगी. ग्रेजुएट और B.Ed होना जरूरी है, खासतौर पर टीचिंग के लिए. लाइब्रेरी जैसे दूसरे रोल भी अवेलेबल हैं. इंटरव्यू के बाद फाइनल राउंड स्कूल में होगा. इतने लाख पैकेज से शुरुआत  कैंडिडेट्स की पर्सनालिटी और क्वालिफिकेशन देख रहे हैं. किस पोस्ट के लिए कौन फिट है, ये हम तय कर रहे हैं. टीचिंग, एडमिन, HR, लाइब्रेरी सबमें नौकरियां हैं. B.Ed जरूरी है और पैकेज बच्चों के इंटरव्यू पर डिपेंड करता है. पहला राउंड यहीं लिया, दूसरा राउंड स्कूल में होगा. शुरुआत कम से कम 4 से 5 लाख सालाना पैकेज से होगी. कैंटीन और रहने की भी सुविधा शशि कुमार ने बताया कि मैं हिंदुस्तान सीरीज कम्पनी में असिस्टेंट मैनेजर हूं. हम यहां मैट्रिक, 12वीं, ग्रेजुएशन, ITI सबको रोजगार दे रहे हैं. हमारी कंपनी मेडिकल फील्ड की है. 10वीं-12वीं वालों को ग्रोथ सैलरी 14,903 रुपये देते हैं. ESI, PF, बोनस जैसी फुल फैसिलिटी है. कैंटीन की सुविधा भी मौजूद है. सैलरी काटने के बाद 13,408 रुपये रह जाते हैं. हाउस रेंट 2,500 रुपये देते हैं और एक साल बाद बढ़ाते हैं. उन्होंने कहा कि शिफ्ट के हिसाब से एक्स्ट्रा पेमेंट रात के 12 बजे तक काम करने वाले B शिफ्ट वालों को 100 रुपये रोज, रात 11:30 से सुबह 8:00 तक काम करने वालों को 125 रुपये रोज देते हैं. बोनस, ग्रेजुएटी, सारी सुविधाएं टाइम से मिलती हैं. ITI और एक्सपीरियंस वालों को ग्रॉस सैलरी 16,022 रुपये मिलती है. सब काटने के बाद 14,449 रुपए मिलते हैं. हमने काफी लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है. फिलहाल यहां ज्यादा बात नहीं कर रहे, इंटरव्यू के लिए बाद में कंपनी में बुलाएंगे.

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में पानी रखने की सही दिशा बदल देगी आपके जीवन की दशा और दिशा

घर में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनाए रखना किसी की भी प्राथमिकता होती है. हम रोज़मर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी चीजों को लेकर सतर्क रहते हैं चाहे वो सेहत, धन, बच्चों की पढ़ाई हो या फिर कामकाज. लेकिन अक्सर हम घर के छोटे-छोटे कोनों और आदतों पर ध्यान नहीं देते. वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यही छोटी चीजें कभी-कभी हमारे जीवन में बड़े प्रभाव डालती हैं. रसोई का कोना और वहां रखा पानी इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है. आप सोच सकते हैं कि पानी तो बस रोज़मर्रा का इस्तेमाल होता है, इसमें क्या वास्तु महत्व है? विशेषज्ञ कहते हैं कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक भी है. यदि पानी को सही दिशा और स्थान पर रखा जाए, तो यह घर में सुख-शांति बढ़ाता है, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है. रसोई में पानी कहां रखें? उत्तर-पूर्व कोना: यह दिशा शुभ और देवताओं की दिशा मानी जाती है.  यहां पानी का गिलास रखने से घर में समृद्धि और ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. उत्तर दिशा: अगर उत्तर-पूर्व कोने में जगह नहीं है, तो उत्तर दिशा में पानी रख सकते हैं. यह कुबेर की दिशा है. जो नई आर्थिक संभावनाओं को जन्म देती है. पानी  का वास्तु उपाय रात को सोने से पहले रसोई का उत्तर-पूर्व कोना साफ करें. वहां साफ गिलास में ताजा पानी भरें. सुबह इसे किसी पौधे में डाल दें.  ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और घर में खुशहाली बढ़ती है. ध्यान रखने योग्य बातें चूल्हे के पास पानी न रखें: आग और जल विरोधी तत्व हैं.  इनके पास पानी रखने से घर में कलह और सेहत से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. साफ और सही बर्तन का करें इस्तेमाल: तांबे, पीतल या मिट्टी के पात्र में पानी रखें. स्थान पूरी तरह साफ होना चाहिए: गंदगी या अव्यवस्था वास्तु दोष पैदा कर सकती है. पानी रोज़ बदलें: ताज़ा पानी हमेशा शुभ माना जाता है. ऊर्जा बढ़ाने के लिए दीपक या हल्की लाइट: पानी के पास छोटी रोशनी रखना सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है.

केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचा यूपी

सीएम योगी के नेतृत्व में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश  केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचा यूपी  उत्तर प्रदेश में जेवर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या व कुशीनगर की शान बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट  जेवर समेत यूपी में कुल 17 एयरपोर्ट संचालित, अब 24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश लखनऊ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन के साथ ही उत्तर प्रदेश के खाते में बड़ी उपलब्धि शामिल हो गई। अब उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की संख्या 05 हो गई है। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होते ही अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के मामले में उत्तर प्रदेश ने केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पीछे छोड़ दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में कुल एयरपोर्ट की बात करें तो अब यह संख्या बढ़कर 17 हो गई है।  बजट में कई गुना बढ़ोतरी एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने खजाना खोल दिया है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 से 2025-26 के बीच नागरिक उड्डयन का बजट उत्तर प्रदेश में कई गुना बढ़ चुका है। यही वजह है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही यूपी एयर-कनेक्टिविटी के मामले में देश का सिरमौर बन गया। योगी सरकार ने हालिया बजट में नागरिक उड्ड्यन के लिए 2111 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है।  24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश प्रदेश में संचालित एयरपोर्ट – 17 *घरेलू एयरपोर्ट 12 – आगरा, त्रिशूल (बरेली), गोरखपुर, हिंडन (गाजियाबाद), प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट, सहारनपुर *अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट 05 – नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर, चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट लखनऊ, लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा वाराणसी, महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कुशीनगर *प्रक्रियाधीन एयरपोर्ट परियोजनाएं 07 – म्योरपुर (सोनभद्र), ललितपुर, मेरठ, पलिया (लखीमपुर) फुरसतगंज (अमेठी), गाजीपुर व झांसी।