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पंजाब में डबल हीट अटैक से लोग परेशान, दिन-रात बढ़ी गर्म हवाओं की मार

चंडीगढ़. चंडीगढ़. पिछले 4 दिनों से रोजाना बढ़ रहा तापमान अब लोगों के लिए परेशानी बन गया है। लगातार बढ़ रहा तापमान बुधवार को मई महीने में चंडीगढ़ में 5वां सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में पारा 44 डिग्री को पार कर 44.4 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लू ने लोगों से घरों, ऑफिस और दुकानों से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। दोपहर ही नहीं, रात में भी गर्मी का असर महसूस हो रहा है, क्योंकि पारा 25 डिग्री से नीचे नहीं जाने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी राहत नहीं मिलने वाली है क्योंकि तापमान लगातार बढ़ता रहेगा। सुबह 10 बजे ही 40 डिग्री, 3 घंटे तक 43 से ऊपर तापमान बुधवार को सुबह 10 बजे ही तापमान 40 डिग्री को पार कर गया था। दोपहर 1 बजे तापमान 43 डिग्री को पार कर गया और दोपहर 2:45 बजे तापमान 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। शाम 4 बजे के बाद ही पारा 43 डिग्री से नीचे गिरने लगा। जानें आने वाले दिनों में कैसे रहेंगे हालात 19 मई- फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, बठिंडा और मानसा जिलों में लू का यलो अलर्ट रहेगा। इन जिलों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। 20 मई- लू का असर और बढ़ सकता है। इस दिन अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और पटियाला सहित अधिकांश जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। 21 मई- पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, पटियाला, लुधियाना, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, फिरोजपुर, फरीदकोट और फाजिल्का जिलों में लू का यलो अलर्ट रहेगा। 22 मई- राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकतर जिलों में लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। खासकर सीमावर्ती और मालवा क्षेत्र के जिलों में गर्मी ज्यादा परेशान कर सकती है। लू से रखें खुद का ध्यान विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।

डॉक्टरों की हड़ताल खत्म: सरकार-IMA बैठक में बनी सहमति, नई SOP 10 दिन में

जयपुर राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और आम मरीजों के लिए गुरुवार की सुबह राहत की खबर लेकर आई है. पिछले कई दिनों से चल रहा मेडिकल गतिरोध अब पूरी तरह खत्म हो गया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) राजस्थान और अन्य चिकित्सा संगठनों ने राज्य सरकार के साथ हुई एक हाई-लेवल बैठक के बाद राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के बहिष्कार को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. इस फैसले के बाद प्रदेश के सभी प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में आरजीएचएस (RGHS) के तहत मिलने वाली मुफ्त इलाज और ऑपरेशन की सुविधाएं दोबारा शुरू हो गई हैं. स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में बनी बात बुधवार देर शाम डॉक्टरों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा और चिकित्सा विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ के साथ सचिवालय में लंबी बैठक की. बैठक में डॉक्टरों ने आरजीएचएस स्कीम के नियमों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और अस्पतालों के करोड़ों रुपये के पेंडिंग पेमेंट्स का मुद्दा उठाया. डॉक्टरों की दलीलों को सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत एक्शन लिया और अफसरों को दो-टूक निर्देश जारी किए. 10 दिन में बदलेंगे नियम, जारी होगी नई SOP आईएमए राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा और सचिव डॉ. एनके अग्रवाल ने बताया कि सरकार का रुख बेहद सकारात्मक रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने आरजीएचएस प्रशासन को सख्त आदेश दिया है कि डॉक्टरों द्वारा सौंपे गए सुझावों को शामिल करते हुए अगले 10 दिनों के भीतर योजना की नई और संशोधित गाइडलाइन जारी की जाए. इसके अलावा, नियमों को आसान बनाने और क्लेम की कड़ियों को पारदर्शी रखने के लिए एक जॉइंट कमेटी भी बनाई जाएगी, जिसमें आरजीएचएस अधिकारियों के साथ-साथ आईएमए के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. अस्पतालों को मिलेगा बकाया पैसा, प्राइवेट एम्बुलेंस पर कड़ाई बैठक में सरकार ने डॉक्टरों को लिखित आश्वासन दिया है कि निजी अस्पतालों का जितना भी जायज बकाया पैसा अटका हुआ है, उसे जल्द से जल्द बजट जारी करके क्लियर किया जाएगा. साथ ही, भविष्य के पेमेंट्स के लिए एक तय टाइमलाइन बनाई जाएगी ताकि अस्पतालों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें. सरकार के इस ठोस कदम के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर तुरंत काम पर लौटने का ऐलान कर दिया. अब किसी भी मरीज को प्राइवेट अस्पतालों से बिना इलाज के खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा.

धमतरी हादसे का LIVE VIDEO वायरल, पिकअप की चपेट में आने से युवक की मौत

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक बाइक सवार युवक तेज रफ्तार पिकअप के नीचे आ गया। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। यह घटना मगरलोड थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान यशवंत निषाद के रूप में हुई है, जो कि अमलीडीह का रहने वाला था। गुरुवार सुबह 11 बजे वो मगरलोड थाना क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी अचानक बाइक से गिर गया और पिकअप ने उसे कुचल दिया। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी आया सामने घटना का सीसीटीवी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह से युवक हादसे का शिकार हुआ। वीडियो में दिख रहा है कि युवक अचानक चलती बाइक के साथ गिर गया और बाजू से गुजर रहे पिकअप ने उसके सिर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है। 

पश्चिमी सिंहभूम में माओवादी नेटवर्क पर बड़ा असर, कई सरेंडर

गुवा पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा और सारंडा क्षेत्र में कभी माओवादी संगठनों का गहरा प्रभाव था. इन्हीं जंगलों से कई ऐसे नाम उभरे, जिन्होंने बाद में संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं. इनमें सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल, गादी मुण्डा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा और सुलेमान हांसदा जैसे नाम शामिल हैं. कभी गरीबी और अभाव में जीवन बिताने वाले ये युवक बाद में माओवादी संगठनों के सक्रिय कमांडर बन गए. मजदूरी से माओवादी कमांडर बनने तक का सफर गोइलकेरा क्षेत्र का रहने वाला सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल सामान्य आदिवासी परिवार से जुड़ा था. ग्रामीणों के अनुसार उसका बचपन गरीबी, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच बीता. शुरुआती दिनों में वह मजदूरी और जंगल आधारित काम करके परिवार चलाता था. धीरे-धीरे वह इलाके में सक्रिय माओवादी संगठन के संपर्क में आया. स्थानीय युवाओं को पुलिस कार्रवाई, विस्थापन और सरकारी उपेक्षा का हवाला देकर संगठन से जोड़ा जाता था. सागेन भी इसी प्रचार से प्रभावित हुआ और बाद में हथियारबंद दस्ते का हिस्सा बन गया. समय के साथ वह माओवादी संगठन का विशेष क्षेत्र समिति सदस्य बना. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ 123 मामले दर्ज हैं और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. लगातार सुरक्षा अभियानों और संगठन की कमजोर स्थिति के बाद उसने आत्मसमर्पण का फैसला लिया. गादी मुण्डा बना एरिया कमांडर रांची जिले के बुंडू क्षेत्र का निवासी गादी मुण्डा उर्फ गुलशन भी गरीब ग्रामीण परिवार से जुड़ा था. युवावस्था में रोजगार और स्थायी आय की कमी के कारण वह उग्रवादी नेटवर्क के संपर्क में आया. शुरुआत में उसने संगठन के लिए संदेश पहुंचाने और ग्रामीण नेटवर्क तैयार करने का काम किया. बाद में वह हथियारबंद दस्ते में शामिल हो गया और धीरे-धीरे एरिया कमांडर के पद तक पहुंच गया. पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ 48 मामले दर्ज हैं. उस पर भी पांच लाख रुपये का इनाम था. जंगलों में लगातार चल रहे अभियान, सुरक्षा कैंपों की स्थापना और संगठन के भीतर बढ़ते अविश्वास के कारण उसका प्रभाव कमजोर पड़ गया. अंततः उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. नागेंद्र मुण्डा रहा सक्रिय माओवादी चेहरा खूंटी जिले के अड़की क्षेत्र का निवासी नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया लंबे समय तक सक्रिय माओवादी कमांडर रहा. ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े नागेंद्र पर शुरुआती दिनों में उग्रवादी विचारधारा का प्रभाव पड़ा. संगठन ने उसे हथियार प्रशिक्षण दिया और जंगल अभियानों में शामिल किया. धीरे-धीरे वह संगठन का भरोसेमंद सदस्य बन गया. पुलिस के अनुसार वह पुलिस कैंपों पर हमले, विस्फोट और हथियार लूट जैसी घटनाओं में शामिल रहा. उसके खिलाफ 38 मामले दर्ज थे और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. लगातार घेराबंदी, जंगलों में नए सुरक्षा कैंप और सप्लाई नेटवर्क टूटने के कारण उसकी गतिविधियां कमजोर हो गईं. इसके बाद उसने आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन में लौटने का फैसला लिया. सुलेमान हांसदा ने भी छोड़ा हथियार सुलेमान हांसदा उर्फ सुनीया हांसदा पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र के हतनाबुरू गांव का निवासी है. आर्थिक कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े सुलेमान को स्थानीय माओवादी नेटवर्क ने अपने साथ जोड़ लिया था. शुरुआत में वह जंगल के रास्तों की जानकारी देने, राशन पहुंचाने और सूचनाएं उपलब्ध कराने का काम करता था. बाद में वह सक्रिय दस्ते का हिस्सा बन गया. उसके खिलाफ 13 मामले दर्ज हैं और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम था. हाल के वर्षों में सारंडा क्षेत्र में लगातार पुलिस और सीआरपीएफ अभियान चलाए गए. सुरक्षा बलों की बढ़ती मौजूदगी और संगठन की कमजोर होती स्थिति के बीच सुलेमान ने भी हथियार छोड़ने का फैसला लिया. पुलिस द्वारा उसके परिजनों को संरक्षण में लेकर रांची भेजे जाने के बाद उसके आत्मसमर्पण की प्रक्रिया तेज हुई.

सेमीकंडक्टर से टेक्नोलॉजी तक, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे ने खोले विकास के नए रास्ते

नई दिल्ली  दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच इस समय भारत सिर्फ एक बाजार नहीं बल्कि एक भरोसेमंद ताकत बनकर उभर रहा है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया पांच देशों की यात्रा अब सिर्फ कूटनीतिक दौरा नहीं मानी गई, इसे भारत के आर्थिक भविष्य की बड़ी जीत के तौर पर देखा गया है. विदेशों में अक्सर भारत की राजनीतिक बहस चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार तस्वीर अलग थी. दुनिया की दिग्गज कंपनियों के सीईओ भारत में निवेश बढ़ाने की बात कर रहे थे. सेमीकंडक्टर से लेकर लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी तक, हर सेक्टर में भारत को लेकर उत्साह दिखाई दिया. करीब ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश और विस्तार योजनाओं ने यह संकेत दिया कि वैश्विक कंपनियां अब चीन प्लस वन रणनीति में भारत को सबसे मजबूत विकल्प मान रही हैं. यही कारण है कि इस दौरे को भारत की आर्थिक कूटनीति का बड़ा मास्टरस्ट्रोक कहा जा रहा है।  पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान 50 से ज्यादा वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक हुई. इन कंपनियों की कुल वैल्यू लगभग 2.7 से 3 ट्रिलियन डॉलर बताई जा रही है. इनमें से कई कंपनियां पहले से भारत में काम कर रही हैं, लेकिन अब वे अपने कारोबार का दायरा बढ़ाना चाहती हैं. अधिकारियों के मुताबिक, भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, बढ़ती खपत और स्थिर नीतियां विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं. संयुक्त अरब अमीरात ने अकेले करीब 5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹45 हजार करोड़ के नए निवेश की घोषणा की. सरकार इसे भारत की मजबूत ग्लोबल इमेज और निवेशकों के भरोसे का बड़ा संकेत मान रही है. विपक्ष जहां सरकार पर सवाल उठाता रहा है, वहीं इस निवेश ने यह संदेश दिया कि वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।  किन सेक्टर्स में आएंगे सबसे ज्यादा पैसे प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा के दौरान जिन कंपनियों से बातचीत हुई, उनमें टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां शामिल थीं. अधिकारियों का कहना है कि इन कंपनियों का भारत में पहले से करीब 180 अरब डॉलर का निवेश और कारोबारी एक्सपोजर है. अब वे नए प्रोजेक्ट्स और एक्सपेंशन प्लान पर तेजी से काम करना चाहती हैं. इससे आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।  इस दौरे का सबसे बड़ा संदेश यह रहा कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत को सिर्फ एक उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में देख रही हैं. चीन और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद कई कंपनियां अपनी सप्लाई चेन भारत में शिफ्ट करना चाहती हैं. यही वजह है कि पीएम मोदी की बैठकों में “मेक इन इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसे अभियानों को काफी समर्थन मिला।  UAE ने सबसे बड़ा दांव क्यों लगाया? संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में करीब 5 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है. यह निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर, बंदरगाह, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और UAE के बीच तेजी से मजबूत होते व्यापारिक रिश्तों का यह बड़ा असर है. दोनों देशों के बीच CEPA समझौते के बाद व्यापार और निवेश में लगातार बढ़ोतरी हुई है।  किन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा? सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, सेमीकंडक्टर, एआई, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसे सेक्टर हैं जहां सबसे ज्यादा निवेश आने की संभावना है. भारत सरकार इन सेक्टर्स में पहले ही कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है. विदेशी कंपनियां अब भारत को लंबे समय के निवेश केंद्र के रूप में देख रही हैं।  भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितना बड़ा संकेत? करीब ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. इससे न केवल रोजगार बढ़ेंगे बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में भी इजाफा होगा. सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।  क्या विपक्ष के सवालों का जवाब है यह दौरा? प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों को लेकर अक्सर विपक्ष सवाल उठाता रहा है. लेकिन इस बार निवेश और व्यापारिक समझौतों ने सरकार को मजबूत राजनीतिक संदेश देने का मौका दिया है. भाजपा इसे भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और मोदी की व्यक्तिगत कूटनीतिक क्षमता का प्रमाण बता रही है।  पीएम मोदी की इस यात्रा से भारत को कितना निवेश मिला? प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा के दौरान करीब ₹3.5 लाख करोड़ यानी लगभग 40 अरब डॉलर के निवेश और कारोबारी विस्तार योजनाओं पर चर्चा हुई. इनमें कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. UAE ने अकेले 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है. यह निवेश भारत के कई रणनीतिक सेक्टर्स में होगा।  किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा निवेश आने की उम्मीद है? सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी, एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सबसे बड़े निवेश होंगे. भारत सरकार पहले से इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए नीतियां चला रही है. इससे रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़ सकते हैं।  क्या यह निवेश भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा देगा? विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े निवेश से भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी, नई टेक्नोलॉजी आएगी और लाखों रोजगार पैदा होंगे. साथ ही भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी मजबूत होगी. इससे भारत की आर्थिक वृद्धि को लंबी अवधि में बड़ा फायदा मिल सकता है। 

समाधान योजना से 29.81 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत, ऊर्जा मंत्री तोमर का दावा

समाधान योजना में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने लिया लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि समाधान योजना में 15 मई तक 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने सरचार्ज में छूट का लाभ लिया है। उन्होंने बताया है कि पिछले वर्ष 3 नवम्बर को समाधान योजना 2025-26 की शुरुआत हुई थी। योजना 15 मई तक लागू थी। 473 करोड़ 39 लाख का सरचार्ज हुआ माफ मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है। कुल 1497 करोड़ 45 लाख रूपये जमा किये गये हैं, जबकि 473 करोड़ 39 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख 91 हजार बकायादार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 834 करोड़ 55 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 331 करोड़ 60 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 11 लाख 27 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 340 करोड़ 8 हजार रूपये जमा हुए हैं, जबकि 99 करोड़ 49 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 9 लाख 63 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 322 करोड़ 82 लाख रूपये जमा हुए हैं, जबकि 42 करोड़ 30 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।  

देवास विस्फोट कांड का मुख्य आरोपी दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा गया, अब तक 5 गिरफ्तारी

देवास देवास जिले के टोंककला में बीते दिनों पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट और आग लगने की घटना सामने आई थी। इस हादसे में पांच से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया और कांग्रेस तथा बीजेपी के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष दल का गठन किया गया, जिसने टोंककला पहुंचकर जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए देवास पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई और मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामले में अभी एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार टोंककला पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मुकेश विज को देवास पुलिस ने गुरुवार सुबह नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। आरोपी चीन के गुआंग्झू शहर से फ्लाइट के जरिए भारत लौटा था। देवास पुलिस की विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी और “लुक आउट सर्कुलर (LOC)” के आधार पर उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य फरार आरोपी महेश चौहान, निवासी उत्तराखंड, को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले फैक्टरी लाइसेंसी अनिल मालवीय, मुख्य ठेकेदार मोहम्मद अयाज और संयुक्त संचालक कपिल विज की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया एसपी देवास पुनीत गेहलोत ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश और तकनीकी जांच के लिए 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। दोनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस की टीमें लगातार दिल्ली सहित कई स्थानों पर दबिश दे रही थीं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और डीजीपी कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में की गई। एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता और डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन की निगरानी में देवास पुलिस मामले की वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राजस्थान-महाराष्ट्र पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन, 4 करोड़ से ज्यादा के लैपटॉप बरामद

 जयपुर एक राज्य में चोरी करना और दूसरे राज्य में जाकर छिप जाना, अपराधियों का यह पुराना पैंतरा इस बार काम नहीं आया. महाराष्ट्र के नागपुर में हुई करोड़ों रुपये के लैपटॉप की एक बहुत बड़ी चोरी का पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश कर दिया. राजस्थान की डीग पुलिस और महाराष्ट्र की नागपुर पुलिस ने मिलकर एक बड़ा जॉइंट ऑपरेशन चलाया, जिसके तहत न सिर्फ चोरी के मुख्य मास्टरमाइंड को दबोचा गया, बल्कि उसके पास से 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के नए लैपटॉप भी बरामद कर लिए गए. आखिर कैसे हुआ इस बड़ी चोरी का खुलासा? यह पूरा मामला नागपुर के पारशिवनी इलाके का है, जहां मोटोरोला कंपनी के नए-नए लैपटॉप की एक बड़ी खेप चोरी हो गई थी. नागपुर पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए राजस्थान के डीग जिले के पहाड़ी थाने पहुंची. यहां के एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपनी स्पेशल डीएसटी (DST) टीम और पहाड़ी थाना पुलिस को काम पर लगा दिया. इसी बीच पुलिस कांस्टेबल सहाबुद्दीन को एक पक्की खबर मिली कि चोरी का मुख्य आरोपी इसी इलाके में छिपा हुआ है. इस सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और नागपुर पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को धर दबोचा. पुलिस के हाथ क्या-क्या लगा? चोरों ने नागपुर से कुल 5 करोड़ 72 लाख रुपये की कीमत के 641 लैपटॉप उड़ाए थे. पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की और उसकी बताई जगह पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4 करोड़ 14 लाख रुपये से भी ज्यादा की कीमत के 464 बिल्कुल नए मोटोरोला लैपटॉप बरामद कर लिए. इसके साथ ही, चोरी की इस पूरी वारदात को अंजाम देने में जिस मारुति बलेनो कार का इस्तेमाल किया गया था, पुलिस ने उसे भी जब्त कर लिया है. कौन है यह शातिर आरोपी? पकड़े गए मुख्य आरोपी का नाम अजरूद्दीन उर्फ हजरूद्दीन है, जिसकी उम्र 28 साल है और वह डीग जिले के ही खल्लूका गांव का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक अजरूद्दीन कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह काफी शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का इंसान है. उसके खिलाफ पहले भी इस तरह की बड़ी चोरियों के दो मामले दर्ज हो चुके हैं. फिलहाल, चोरी के बचे हुए 176 लैपटॉप को ढूंढने के लिए पुलिस की टीमें लगातार भाग-दौड़ कर रही हैं. साथ ही, इस वारदात में अजरूद्दीन का साथ देने वाले उसके दूसरे साथियों को पकड़ने के लिए भी जगह-जगह दबिश दी जा रही है. क्या है ऑपरेशन सहयोग? इस पूरी कामयाबी के पीछे डीग पुलिस का 'ऑपरेशन सहयोग' है. यह एसपी डीग द्वारा चलाया जा रहा एक खास अभियान है, जिसका मकसद बेहद सीधा और साफ है- अगर किसी दूसरे जिले या दूसरे राज्य की पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए डीग आती है, तो यहां की लोकल पुलिस बिना किसी देरी के उनकी पूरी मदद करेगी. इसी शानदार तालमेल की वजह से नागपुर पुलिस को इतनी बड़ी सफलता मिल पाई है. अब इस पकड़े गए शातिर चोर और बरामद किए गए करोड़ों के लैपटॉप को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र पुलिस के हवाले किया जा रहा है.

विश्व मधुमक्खी दिवस पर अनोखा स्टॉल: शहद का सिरका देख हैरान रह गए मुख्यमंत्री

झज्जर  विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार एक ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।  

चुड़ादा गांव में चौपाल के बाद सीएम ने खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की बातें

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र के चुड़ादा गांव में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अलग ही अंदाज देखने को मिला. ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गांव निवासी गट्टूलाल यादव के घर भोजन करने पहुंचे. परिवार के साथ जमीन पर बैठकर पत्तल-दोने में खाना खाया. भोजन में दाल-चावल के साथ मिक्स वेज परोसी गई, जिसमें आलू, ग्वार फली और मटर शामिल थी. इसके अलावा भोजन के साथ आमरस भी परोसा गया. खाट पर बैठकर ग्रामीणों से की बात मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ बैठकर भोजन किया. भोजन के बाद वे घर के बाहर खाट पर बैठ गए और आसपास मौजूद ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों से आत्मीय बातचीत की. इस दौरान उन्होंने गांव की स्थिति, खेती-बाड़ी, पशुपालन और परिवारों की आजीविका के बारे में जानकारी ली.  मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछते हुए सरकारी योजनाओं के लाभ और गांव की जरूरतों पर भी चर्चा की. जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील इससे पहले मुख्यमंत्री ने चुड़ादा गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों और पशुपालकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की मंशा है कि किसान लाभ की खेती अपनाएं, आय बढ़ाएं और विकास यात्रा में सहभागी बनें. मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार बैलों से पारंपरिक और प्राकृतिक खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है. "बिजली-पानी की उपलब्धता पर हो रहा काम" मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बिजली और पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी और गंगनहर सुदृढ़ीकरण सहित माही, देवास और सोम-कमला-अंबा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है, और वर्ष 2027 तक यह व्यवस्था पूरे राजस्थान में लागू करने का लक्ष्य है. पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही उन्होंने स्थानीय कृषि उत्पादों के अनुसार, प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने, ग्रीन हाउस और पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही.  मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है. कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान किया   मुख्यमंत्री ने युवाओं से कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार 4 लाख भर्तियों के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रही है और बड़ी संख्या में नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किसानों, पशुपालकों और युवा उद्यमियों को चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए. इस दौरान कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया.