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बिल गेट्स के निजी जीवन पर बड़ा खुलासा, शादी के बाद तीन महिलाओं से रिश्तों का जिक्र

वाशिंगटन  माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने अपने तीन एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स का खुलासा किया है. गेट्स ने यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन पर आरोप लगाया कि वो उनके एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के बारे में जानता था. बिल गेट्स की मानें तो एपस्टीन उन्हें ब्लैकमेल करने की साजिश रच रहा था।  जेफरी एपस्टीन के नेटवर्क और उसके संपर्कों की जांच कर रही यूएस हाउस ओवरसाइट कमेटी की रिपोर्ट में बिल गेट्स को लेकर ये खुलासा हुआ है. हाल ही में न्याय विभाग ने कुछ नए दस्तावेज जारी किए थे, जिसके बाद एपस्टीन के साथ बिल गेट्स के पुराने संबंधों की फिर से जांच शुरू हुई।  इसी सिलसिले में सांसदों ने गेट्स का बयान दर्ज किया. वो 10 जून को खुद इस कमेटी के सामने पेश हुए थे. इस दौरान गेट्स ने बताया कि एपस्टीन को उनके दो रूसी महिलाओं के साथ अफेयर्स के बारे में पूरी जानकारी थी।  इन तीन महिलाओं संग चल रहा था गेट्स का अफेयर गेट्स ने बताया कि उनका रूसी ब्रिज खिलाड़ी मिला अंतोनोवा और न्यूक्लियर फिजिसिस्ट करीमा निगमातुलिना के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर था. गेट्स ने मेडिकल इंडस्ट्रलिस्ट एलिस जैकब्स नेसेलरॉड के साथ भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होने की पुष्टि की।  जारी किए गए गवाही के ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, बिल गेट्स ने कहा, 'इन अफेयर्स का एपस्टीन के साथ मेरी बातचीत से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन ये मेरे परिवार के लिए दर्दनाक थे. एपस्टीन मेरी बेवफाई की जानकारी का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा था. इसके साथ ही उसने कई झूठ भी जोड़े थे. ताकि वो मुझ पर दोबारा उसके साथ जुड़ने के लिए दबाव बना सके।  हालांकि बिल गेट्स ने एपस्टीन के किसी भी जुर्म में शामिल होने से साफ इनकार किया. उन्होंने माना कि उसके साथ संपर्क बनाए रखना एक गलती थी. गेट्स ने बताया कि वो फिलांथ्रोपी के कामों पर चर्चा को लेकर एपस्टीन से मिलते थे. उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं कि वो दोषी ठहराया गया था. मुझे इसके बारे में पता था. मैं एक सीमित भूमिका में उससे मिलने का रिस्क उठाने के लिए तैयार था।  क्या एपस्टीन ने ब्लैकमेल करने की कोशिश की? बिल गेट्स ने दावा किया कि एपस्टीन उनकी पर्सनल लाइफ की जानकारी का गलत फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था. एपस्टीन उनके अफेयर्स के बारे में जानने के बाद उन्हें ब्लैकमेल करने के बारे में सोच रहा था. हालांकि, उसने ऐसा कभी नहीं किया. गेट्स ने कहा, 'उसने मुझे कभी ब्लैकमेल नहीं किया, लेकिन इन ईमेल्स को देखने से ये खतरा पैदा होता है कि उसने मुझे ब्लैकमेल करने के बारे में सोचा था। 

दुग्ध संग्रहण एवं विपणन की व्यवस्था को मजबूत करें

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को दुग्ध संग्रहण एवं विपणन की मजबूत व्यवस्था उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि हितग्राही को उत्पादित दुग्ध का उचित मूल्य दिलाने के लिए परिवहन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। विभागीय अथवा थर्ड पार्टी समन्वय से आवश्यक वाहनों की उपलब्धता पर विचार किया जाए। राज्यपाल पटेल बुधवार को लोक भवन में आयोजित पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। बैठक में प्रदाय पशुओं के स्वास्थ्य, देखभाल एवं मॉनिटरिंग व्यवस्थाओं, हितग्राहियों को पशुपालन प्रशिक्षण, वनाधिकार पट्टा धारकों को लाभान्वित करने और हितग्राही अंशदान के संबंध जानकारी दी गई। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना अति-गरीब के पोषण और सतत् आजीविका की पहल है। योजना की सफलता के लिए अति-गरीब को प्राथमिकता वितरण पद्धति का आधार होना चाहिए। उन्होंने अति-पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया के अति-गरीब को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। योजना की जानकारी के लिये अति-पिछड़ी जनजातियों के बीच प्रचार-प्रसार किया जाए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि पशु वितरण कार्यक्रम में लाभान्वित महिला हितग्राहियों के माध्यम से पशुपालन व्यवस्थाओं और परिवार की आय में बढ़ोतरी के संबंध में जानकारी प्रदान करने की पहल करें। योजना की उपलब्धियों का वर्षवार चित्रात्मक विवरण संधारित किया जाए। राज्यपाल पटेल ने गुजरात राज्य में जनजातीय बहुल क्षेत्र में दुग्ध संजीवनी योजना के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को परिवार के बच्चों के लिए दुग्ध की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की समझाइश दी जाए। विभाग के द्वारा 2 महिला, 2 पुरुष अधिकारियों को बनासकांठा के डेयरी उद्योग का अध्ययन करने के लिए गुजरात राज्य भेजने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल पटेल को प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश के किसानों, पशुपालकों को मोबाइल पर ही पशुओं के पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है। साथ ही वैज्ञानिक तरीके से पशुओं को आहार मिले, इसके लिए विभाग द्वारा गोरस मोबाइल ऐप तैयार कराया गया है। यह ऐप पूरी तरह से सरल हिंदी भाषा में विकसित किया है। इसके लिए नेट की भी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ब्रीडर एसोसिएशन का विकास किया जा रहा है। इसमें एक ही नस्ल के 20 से अधिक पशुओं के प्रमाणीकरण के द्वारा उन्नत नस्ल के पशुओं की राज्य में ही आपूर्ति के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि योजना क्रियान्वयन के लिए 5 वर्षों के प्रावधान और बजट वृद्धि की गई है। प्रति इकाई पशु कीमत को भी बढ़ाया गया है। बीमा की भी व्यवस्थाएं की गई है। कार्य क्षेत्र 12 से बढ़ाकर 24 जिलों में किए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। उमरिया जिले के समस्त हितग्राहियों को 2 पशु प्रदान करने की उपलब्धि हासिल की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा योजना अंतर्गत 100 लीटर दुग्ध संकलन क्षेत्रवार दुग्ध सहकारी संस्थाएं बनाई जा रही हैं। इन समितियों के सचिव के रूप में हितग्राहियों को अतिरिक्त आय भी उपलब्ध होगी। उन्होंने प्रदाय पशुओं के स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में बताया कि वितरण पश्चात् तीन माह तक पुन: आकलन कर हितग्राहीवार समीक्षा की जा रही है। पशु चिकित्सक द्वारा साप्ताहिक भ्रमण कर आवश्यक उपचार, टीकाकरण एवं डीवर्मिंग कराई जा रही है। नोडल अधिकारी द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया जाता है। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सदस्य सचिव  मीनाक्षी सिंह, प्रकोष्ठ के सदस्य, लोक भवन और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले 05 आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज, 04 आरोपी हिरासत में और मुख्य आरोपी की तलाश जारी

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश प्रदेशभर में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों की लूट, अवैध कारोबार तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी परिस्थिति में अभियान को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।                       केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं विभिन्न माध्यमों से मिली सूचनाओं के आधार पर 22 जून 2026 को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर एवं सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त 07 वाहनों को जप्त कर उनके विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। इसी दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में खनिज परिवहन की वैधता की जांच कर रहे केंद्रीय खनि उड़नदस्ता दल के साथ रेत से भरे टिप्पर के वाहन मालिक लड्डन खान, चालक सोनू टोप्पो, धंसी टोप्पो, खलासी सुरेश सिंह और एक अन्य साथी सुनील के द्वारा अभद्र व्यवहार, धमकी एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया गया। आरोपियों द्वारा वाहन लेकर भागने की भी कोशिश की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गांधीनगर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत 05 आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर अब तक 04 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए हिरासत में ले लिया गया है, जबकि आरोपी वाहन मालिक लड्डन खान की तलाश जारी है। जप्त वाहन को भी पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।                 खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को बाधित करने, शासकीय अधिकारियों को डराने-धमकाने अथवा कार्रवाई रोकने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे कृत्य करने वालों के विरुद्ध अवैध खनन संबंधी प्रकरणों के साथ-साथ शासकीय कार्य में बाधा, धमकी एवं अन्य संबंधित अपराधों में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा आधुनिक तकनीकों, ड्रोन निगरानी तथा विशेष उड़नदस्ता टीमों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। शासन की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी लगाम लगाई जाए और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। राज्य सरकार प्रतिबद्ध है कि अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी इसी कठोरता के साथ जारी रहेगी तथा शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले तत्वों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।

जबलपुर एयरपोर्ट का नाम होगा रानी दुर्गावती के नाम पर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती, अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और साहस की प्रतिमूर्ति थीं। नारी शक्ति का पराक्रम मां दुर्गावती के व्यक्तित्व में नजर आता है। मुगलों को युद्धों में धूल चटाने वाली ऐसी वीरांगना रानी दुर्गावती का आज 463वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य में 52 गढ़ों पर शासन किया। पति की असमय मृत्यु के बाद 5 साल के बेटे को सिंहासन पर बैठाया और 15 साल तक जनता की सेवा के लिए और क्षेत्र की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 500 वर्ष पूर्व रानी दुर्गावती का जन्म हुआ, लेकिन आज पूरा देश और प्रदेश उन्हें आदर के साथ स्मरण करता है। हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश सरकार के गठन के बाद मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित कर आयोजित की गई थी। इसके बाद दूसरी कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती के गौंडवाना साम्राज्य की राजधानी संग्रामपुर में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उनकी समाधि स्थल नर्रई नाला जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती को समर्पित नवीन संस्थान जबलपुर में 100 करोड़ रूपए की लागत से मदन महल के पास तैयार हो रहा है, जिसका लोकार्पण बहुत जल्द किया जाएगा। इस संस्थान से प्रदेश की भावी पीढ़ी रानी दुर्गावती के गौरवशाली अतीत और कार्यों से परिचित होंगी। जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक चिड़ियाघर (जू) और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर बन रहा है। इसके साथ ही 35वीं बटालियन मंडला का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नायकों की वीरता और समृद्ध विरासत को सही रूप में प्रस्तुत करने के लिए 'विरासत से विकास' अभियान शुरू किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती का शासन काल, गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग था। रानी दुर्गावती ने किसान कल्याण के लिए उस दौर में बीज संग्रह, फसल चक्रण और जल संचय के महत्वपूर्ण कार्य कराए थे। उनके प्रबंधन के परिणाम स्वरूप अनाज के भंडार भरे हुए थे। किसानों के कल्याण के लिए ठोस निर्णय ले रही है सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए संकल्पित है और पूरा वर्ष किसानों को समर्पित करते हुए ठोस निर्णय ले रही है। अब किसान बंधुओं के लिए शून्य ब्याज दर पर 31 मार्च तक कर्ज चुकाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख को लोन लेंगे, तब से एक वर्ष की समयावधि में कर्ज चुकाया जा सकेगा। राज्य सरकार 880 करोड़ रुपए का भुगतान वित्तीय संस्थाओं को करेगी। राज्य सरकार पर्यटन, उद्योगों और अधोसंरचना विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शासकीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करने पर सरकार किसानों को अब चार गुना मुआवजा देगी। प्रदेश में संचालित रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना से कोदो-कुटकी पैदा करने वाले किसानों को लाभ मिल रहा है। प्रदेश की लाड़ली बहनों को हर माह जारी हो रहे 1500 रुपए से उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ी है। किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। रानी दुर्गावती द्वारा किसानों के कल्याण के लिये चलाये गये कार्यक्रमों से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार भी निरंतर कृषक हित में कार्य कर रही है। हमारी सरकार के पास किसान कल्याण और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार कार्य कर रहे हैं। देश में पहली बार जनजातीय वर्ग श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर रही हैं। राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के भाव से काम कर रही है। हमारी सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने वीरांगना रानी दुर्गावती के संबंध में ओजपूर्ण कविता से अपने उदबोधन की शुरूआत करते हुये ‘’अड़े खड़ी दीवार बने, सदैव से प्रेम की दीवानी, तूफानों से हार न मानी, मरकर हुई अमर रानी, मरकर हुई अमर रानी’’ये पंक्तियों पढ़ी। उन्होंने वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती के चरणों को नमन करते हुये कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान, भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, वन संरक्षण, जनजातीय अंचलों के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। उन्होंने जनजातीय समाज से अपनी भाषा, बोली, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि रानी दुर्गावती के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का नाम लेते ही महाकौशल और मध्यप्रदेश के कण-कण में श्रद्धा का भाव जाग उठता है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती केवल एक वीर योद्धा नहीं थीं, बल्कि जल प्रबंधन, कृषि व्यवस्था, आत्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्भुत प्रतिमूर्ति थीं। उनके द्वारा बनाए गई तालाबों की श्रृंखला, जल संचयन और संसाधनों के उपयोग की उनकी व्यवस्था आज भी बड़े-बड़े जल विशेषज्ञों को चकित करती है। मंत्री सिंह ने कहा कि जबलपुर की धरती के लिए यह गर्व का विषय है कि यह वही भूमि है, जहाँ वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से आग्रह किया कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम भी वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाए। यह केवल नामकरण नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक अस्मिता और गौरव को राष्ट्रीय पहचान देने वाला निर्णय होगा। वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान स्वतंत्रता, संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सम्मान के साथ मृत्यु, अपमानजनक जीवन से कहीं श्रेष्ठ होती है। खंडेलवाल ने कहा कि जनजातीय समाज का योगदान भारत के इतिहास में अमूल्य है और रानी दुर्गावती उसी गौरवशाली परंपरा की सबसे उज्ज्वल प्रेरणाओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि नई … Read more

30 जून तक भरें प्रॉपर्टी टैक्स, हरियाणा सरकार दे रही 100 फीसदी ब्याज माफी

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पर लगने वाले ब्याज को माफ करने का एलान किया है। इसी कड़ी में साल 2010-11 से 2024-25 तक के प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पर लगने वाले ब्याज की 100 प्रतिशत माफी की ऐतिहासिक योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत नागरिकों को केवल मूल बकाया कर भुगतान करना होगा, जबकि संपूर्ण ब्याज राशि माफ कर दी जाएगी। इस विशेष छूट का लाभ प्राप्त करने के लिए 30 जून 2026 से पहले बकाया टैक्स जमा करना तथा अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्व-सत्यापन करना अनिवार्य है। नगर निगम पंचकूला के आयुक्त विनय कुमार ने नागरिकों से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना लंबे समय से लंबित कर बकायों के निपटान का एक उत्कृष्ट अवसर है। उन्होंने कहा कि नगर निगम पंचकूला नागरिकों को अधिकतम सुविधा प्रदान करने के लिए विशेष प्रॉपर्टी टैक्स शिविरों और मेगा कैंपों का आयोजन कर रहा है, जहां मौके पर ही प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित समस्याओं का समाधान, सत्यापन तथा कर भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 27 जून को लगाएं जाएंगे विशेष शिविर आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि विशेष शिविरों के तहत 27 जून को कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-20 तथा 28 जून को कम्युनिटी सेंटर, एमडीसी सेक्टर-5 में कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 29 और 30 जून को सेक्टर-4 स्थित नगर निगम कार्यालय में विशेष मेगा कैंप लगाए जाएंगे, जहां बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि नगर निगम पंचकूला द्वारा करदाताओं की सुविधा के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। निगम का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को इस ब्याज माफी योजना का लाभ दिलाना तथा प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड को अद्यतन एवं पारदर्शी बनाना है। आयुक्त ने सभी संपत्ति मालिकों से आग्रह किया कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपने बकाया कर का भुगतान कर योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि 30 जून 2026 के बाद यह विशेष छूट उपलब्ध नहीं रहेगी, इसलिए पात्र नागरिक शीघ्र अपने दस्तावेजों के साथ निर्धारित शिविरों में पहुंचकर अपनी प्रॉपर्टी आईडी का सत्यापन करवाएं और बकाया कर जमा करें। विशेष शिविरों का कार्यक्रम 27 जून 2026 – कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-20, पंचकूला 28 जून 2026 – कम्युनिटी सेंटर, एमडीसी सेक्टर-5, पंचकूला 29 जून 2026 – मेगा कैंप, नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-4, पंचकूला 30 जून 2026 – मेगा कैंप, नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-4, पंचकूला नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनहितकारी योजना का लाभ उठाकर अपने प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें।

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में जनजाति समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग को संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के संबंध में चर्चा हुई।            मुख्य सचिव ने प्रदेश के जनजाति समूहों, अन्य वंचित वर्गों एवं गरीब युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जाति बाहुल्य ईलाकों में व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वहां के रहवासियों को सशक्त बनाने एवं उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्याे का प्रस्तुतिकरण के जरिये जानकारी दी।          बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के मध्य एक गैरलाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समूदायों के गरीब युवाओं एवं महिलाओं तथा तृतीय लिंग के संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता माध्यम से उन्हें सशक्त बनायेगा एवं उनके सर्वांगिण विकास के लिए काम करेगा। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातिय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास के लिए कौशल विकास योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे। युवाओं का उनकी रूचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न ट्रेडों में आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।          बैठक में बताया गया कि संस्था द्वारा केवल कौशल विकास ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। इस कार्यक्रम का विशेष जोर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।          बैठक में बताया गया कि पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन झारखण्ड राज्य में शासन के साथ मिलकर कार्य किया गया है और इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं अन्य वंचित युवाओं के शक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। कल्याण गुरूकुल, कौशल कॉलेज, छत्तीसगढ़ के दूरदराज वनांचल क्षेत्रों मे स्थापित किए जाएंगे। युवाओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही नियुक्ताओं से करार किया जाएगा। जिससे युवाओं को टेªनिंग पूरी होते ही पक्की नौकरी मिल सकें। संस्था द्वारा बस्तर, सरगुजा संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रमुख रूप से कार्य कर रहा है। स्थानीय भवनों जैसे-आईटीआई एवं छात्रावास को आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रों गुरूकुल में बदला जा रहा है। इन जिलों के ग्रामीण और अंदरूनी गांव से बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लाया जा रहा है। इन क्षेत्रों की युवाओं की शैक्षणिक योग्याता के अनुरूप कन्ट्रक्शन, मैनुफेक्चरिंग जैसे सेक्टर में शॉट में आवासीय टेªनिंग दी जा रही है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेजों को खोलने का भी कार्य किया जा रहा है।           बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पर्यटन एवं संस्कृति के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के संचालक श्री राजेन्द्र कुमार कटारा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार, पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

चंडीगढ़ की विरासत बचाने की पहल, पेरिस में होने वाली नीलामी रोकने केंद्र से मदद की मांग

चंडीगढ़. फ्रांस की राजधानी पेरिस में 25 जून को प्रस्तावित चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर की नीलामी को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने विदेश मंत्रालय (एमईए) से तत्काल हस्तक्षेप कर नीलामी रुकवाने और संबंधित विरासत वस्तुओं को भारत वापस लाने की मांग की है। संस्कृति सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन ने विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (यूएनईएस) को भेजे पत्र में बताया कि नीलामी के लिए सूचीबद्ध दो फर्नीचर वस्तुओं पर 'PU Chem/55' और 'PGI/W/CH-020' जैसे इन्वेंट्री मार्किंग दर्ज हैं। ये क्रमशः पंजाब विश्वविद्यालय और पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से जुड़े होने का संकेत देते हैं। इससे आशंका जताई गई है कि इन वस्तुओं को उनके वैध संरक्षकों की अनुमति के बिना हटाकर विदेश पहुंचाया गया। प्रशासन ने कहा कि यह फर्नीचर चंडीगढ़ की आधुनिक वास्तु विरासत और प्रसिद्ध वास्तुकार ले कोर्बुजिए की मूल परिकल्पना का अभिन्न हिस्सा है। चंडीगढ़ का कैपिटल कॉम्प्लेक्स यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है, इसलिए इससे जुड़ी मूल वस्तुओं का संरक्षण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व का विषय है। प्रशासन ने पत्र में आशंका जताई है कि विदेशी नीलामी बाजार में ऐसे फर्नीचर का पहुंचना चोरी, अवैध रूप से हटाने, अनधिकृत बिक्री और विरासत संपत्ति के गैरकानूनी निर्यात की ओर संकेत करता है। यदि नीलामी हुई तो चंडीगढ़ की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी धरोहर हमेशा के लिए देश से बाहर जा सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने 23 जून को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में फर्नीचर की कथित चोरी, अवैध निर्यात, बिक्री और तस्करी के पहलुओं को खंगाला जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित फ्रांसीसी अधिकारियों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे। प्रशासन ने नीलामी स्थगित कराने, जांच पूरी होने तक फर्नीचर को सुरक्षित रखने, स्वामित्व और रिकॉर्ड की पुष्टि करने, वस्तुओं की बरामदगी और भारत वापसी सुनिश्चित करने तथा भविष्य में चंडीगढ़ की विरासत से जुड़ी वस्तुओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धरोहर की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी रिकॉर्ड, सूची, दस्तावेज और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा ताकि इन विरासत संपत्तियों को वापस भारत लाया जा सके।

सायआयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा, मुख्यमंत्री साय ने अमित शाह के समक्ष रखा संस्थान स्थापना का प्रस्ताव

नई दिल्ली  छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी थे। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। इन संस्थानों ने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है तथा बड़ी संख्या में दक्ष आयुर्वेद चिकित्सक और शोधकर्ता तैयार किए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है, जहां अनेक दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां और जड़ी-बूटियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं। जनजातीय अंचलों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की समृद्ध विरासत भी मौजूद है। ऐसे में यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि AIIA की स्थापना से प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। इससे आयुर्वेद आधारित चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि संस्थान का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र को मिलेगा। पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी बेहतर आयुर्वेदिक उपचार और शोध सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा। साय ने केंद्रीय बजट 2026 में देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रोजगार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित विकास को भी नई गति देगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

सीएम हेल्पलाइन और लोकसेवा गारंटी के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के दिये निर्देश

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे आमजन को सीधे राहत पहुंचाने वाली लोकसेवा गांरटी योजना और सी.एम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय-सीमा में संतुष्टिदायक निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागाध्यक्षों से वार्षिक कार्य-योजना भी शीघ्र देने के लिए कहा है। मुख्य सचिव जैन बुधवार को मंत्रालय में विभागीय कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी योजना के प्रकरणों का विभागाध्यक्ष साप्ताहिक रिव्यू और मानीटरिंग करें। निचले स्तर के अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा हो और समय-अवधि में ही प्रकरण निराकृत हों। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष कार्यालय तक तो प्रकरण आना ही नहीं चाहिए। इस दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई और समय-सीमा में जबाव-दावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि केबीनेट से स्वीकृत प्रकरणों में शत-प्रतिशत आदेश आदि हो जाएं। बैठक में वर्ष 1947 से पूर्व के कानूनों में पुन:संशोधन अथवा निरसन किए जाने की कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि ऐसे कानून जिनकी अब जरूरत नहीं हैं- ठीक से परीक्षण कर लें और यथोचित प्रस्ताव प्रस्तुत करें। इस दौरान विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में आने वाले विधेयक और एक्ट आदि पर भी गहन चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने शीघ्र ही इस तरह के विधेयकों को तैयार कर केबीनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा है जिससे आगामी सत्र में उन्हें प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व सत्रों के शून्यकाल, अपूर्ण प्रश्न, आश्वासन और लोकलेखा समिति की सिफारिशों संबंधी उत्तर विधानसभा को समय-सीमा में प्रस्तुत कर दिए जाएं। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी शासकीय भवनों की छत पर सोलर पैनल लगाने के काम में तेजी लाएं और राज्य स्तर पर समन्वय के लिए जिलावार नोडल आफीसर नियुक्त करें। इस दौरान उद्योग विभाग से संबंधित डी रेगुलेशन के 12 प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। बैठक में गृह विभाग के साइबर धोखाधड़ी, पाक्सो एक्ट के प्रकरणों, मादक और विस्फोटक पदार्थों की रोकथाम तथा नवीन न्याय संहिता पर विमर्श किया गया। इस दौरान राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई।  

सामाजिक बहिष्कार का आरोप: महिला सरपंच सहित चार जनप्रतिनिधि पहुंचे कलेक्टर के दरबार

बालोद. जिले के डौंडीलोहारा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत किसना में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। गांव की महिला सरपंच, उपसरपंच और दो पंचों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पिछले छह से सात महीनों से उन्हें गांव में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया है, जिससे पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम पंचायत किसना की सरपंच डोमेश्वरी यादव, उपसरपंच और दो पंचों ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में बताया कि पंचायत चुनाव में पराजित हुए कुछ लोगों द्वारा लगातार उनके कामकाज में बाधा डाली जा रही है। आरोप है कि उन्हें मनरेगा सहित अन्य शासकीय योजनाओं के कार्यों का संचालन नहीं करने दिया जा रहा, जिसके कारण गांव में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य पंचों को भी ग्रामसभा और पंचायत बैठकों में शामिल होने से रोका जा रहा है, ताकि पंचायत के आवश्यक कार्यों का संचालन न हो सके। पंचों को मंदिर में दिलाई जा रही कसम! सरपंच डोमेश्वरी यादव ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग पंचों को गांव के शीतला मंदिर में ले जाकर यह शपथ दिलाते हैं कि वे पंचायत की बैठकों में शामिल नहीं होंगे। इतना ही नहीं, बैठक में शामिल होने पर सामाजिक बहिष्कार और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की धमकी भी दी जाती है। इसी डर के कारण कई पंच बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अविश्वास प्रस्ताव के बाद बढ़ा विवाद सरपंच डोमेश्वरी यादव ने बताया कि कुछ समय पहले उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन वह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। उन्हें चार वोटों का समर्थन मिला और वे अपने पद पर बनी रहीं। उनका आरोप है कि इसके बाद से विरोधी पक्ष के लोगों ने उनके अलावा उपसरपंच और दो पंचों का भी बहिष्कार कर दिया है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उनका समर्थन किया, उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं सरपंच ने बताया कि इस पूरे मामले की शिकायत पहले भी देवरी थाने में की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के अभाव में गांव का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है और पंचायत के विकास कार्य लगभग ठप पड़ गए हैं। अब सरपंच, उपसरपंच और पंचों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पंचायत के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।