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आशा राजबाला ने 3,000 से अधिक महिलाओं को दिलाया योजनाओं का लाभ

नवरात्रि विशेष-5: स्वास्थ्य की शक्ति मुझसे मिलिए, मैं हूं आपके स्वास्थ्य की पहरेदार 26 जनवरी 2025 को दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान बढ़े मानदेय और प्रोत्साहन राशि से मिली आर्थिक मजबूती अलीगढ़ नवरात्र में जब पूरा देश शक्ति स्वरूपा देवी के नौ रूपों की आराधना करता है, तब समाज में ऐसी कई ‘जीवित शक्तियां’ भी हैं जो बिना किसी शोर-शराबे के लोगों का जीवन संवार रही हैं। अलीगढ़ की आशा कार्यकर्ता राजबाला देवी ऐसी ही एक शक्ति हैं। कभी घर-घर जाकर महिलाओं को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर ताने सुनने वालीं राजबाला आज हजारों महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी बन चुकी हैं। राजबाला ने मुश्किल परिस्थितियों और लोगों की बातों को पीछे छोड़कर अपने काम से ऐसी पहचान बनाई कि आज वही लोग उन्हें सम्मान की नजर से देखते हैं, जो कभी उनके काम पर सवाल उठाते थे। राजबाला बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2006 में आशा कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया था। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका और स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर जागरूकता कम थी। ऐसे में घर-घर जाकर महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने पर कई बार ताने सुनने पड़ते थे। परिवार का सहयोग भी कम था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। नवरात्र के नौ दिनों की तरह उनकी साधना भी निरंतर चलती रही। लगातार मेहनत और समर्पण से उन्होंने धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीता। 3,000 से अधिक महिलाओं को दिलाया योजनाओं का लाभ राजबाला देवी अब तक 3,000 से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला चुकी हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने गांव की महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के फायदे समझाए। उनका प्रयास रहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मातृत्व और शिशु की रक्षा के उनके इस संकल्प में मां के रक्षक स्वरूप की झलक मिलती है। टीकाकरण से आयुष्मान कार्ड तक, घर-घर पहुंचाईं योजनाएं आशा कार्यकर्ता के रूप में राजबाला देवी ने मिशन टीकाकरण, परिवार कल्याण, आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड से जुड़ी गतिविधियों में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने घर-घर जाकर बच्चों का टीकाकरण कराया और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाई। गरीब परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर उन्हें पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा से जोड़ने में भी मदद की। जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मिला सम्मान राजबाला देवी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक सम्मानित किया जा चुका है। जिले में उन्हें 'अलीगढ़ रत्न' सम्मान मिला, जबकि प्रदेश स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया। उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि राजबाला देवी के साथ-साथ पूरे जिले के लिए भी गर्व का विषय है। बढ़े मानदेय और प्रोत्साहन राशि से मिली आर्थिक मजबूती राजबाला देवी के मुताबिक, शुरुआती दौर में आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला मानदेय काफी कम था। योगी सरकार की ओर से मानदेय और प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने से आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक मजबूती मिली है। इससे परिवार का खर्च चलाने में भी पहले की तुलना में सहूलियत हुई है। नवरात्र का संदेश है कि नारी शक्ति का सम्मान ही समाज की सच्ची आराधना है। राजबाला देवी जैसी आशा कार्यकर्ता इसी शक्ति का प्रतीक हैं, जो हर दिन गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य की रक्षा का दायित्व निभा रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख जिम्मेदारियां – मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में सहयोग – टीकाकरण और पोषण के प्रति जागरूकता – परिवार नियोजन की जानकारी देना – बीमारियों और महामारी की रोकथाम में सहयोग – संचारी रोग नियंत्रण अभियान में भागीदारी – स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना

गड्ढा मुक्त करने के लिए 1,714 किलोमीटर लंबी सड़कों की होगी मरम्मत

लखनऊ योगी सरकार में संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं गड्ढा मुक्त कार्यों को गति प्रदान करने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने लगभग 477 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इस धनराशि से प्रदेश के 18 मंडलों में 1,111 संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य कराया जाएगा। इन मार्गों की कुल लंबाई लगभग 1,714 किलोमीटर है। इससे किसानों को अपनी उपज कृषि मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा।    संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण से कृषि उपज से लदे वाहनों की आवाजाही बेहतर होगी। खराब सड़कों के कारण परिवहन में होने वाली कठिनाइयां कम होंगी और किसानों को उपज की ढुलाई में राहत मिलेगी।    मंडलवार विवरण के अनुसार कानपुर मंडल में सर्वाधिक 158 संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 50.66 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इन मार्गों की कुल लंबाई 235.39 किलोमीटर है। वहीं बरेली मंडल में 156 मार्गों के लिए सर्वाधिक 74.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां 225.15 किलोमीटर लंबाई के संपर्क मार्गों पर कार्य कराया जाएगा। लखनऊ मंडल में 129 मार्गों के लिए 72.60 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 215.40 किलोमीटर है।    इसी प्रकार झांसी मंडल में 77 मार्गों के लिए 44.11 करोड़ रुपये, आगरा में 100 मार्गों के लिए 35.89 करोड़ रुपये तथा प्रयागराज में 83 मार्गों के लिए 34.73 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। अयोध्या, अलीगढ़, मिर्जापुर सहित अन्य मंडलों में भी स्वीकृत संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा।    सड़क मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों में तेजी लाने के लिए मंडी परिषद ने संबंधित जिलाधिकारियों से अपने स्तर पर नियमित समीक्षा की अपेक्षा की है। मंडी परिषद के उपनिदेशक (निर्माण), उपनिदेशक (प्रशासन) एवं मंडी सचिव जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनके निर्देशन में कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करेंगे। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की निगरानी उपनिदेशक (निर्माण) करेंगे। जिलाधिकारी द्वारा गठित जनपद स्तरीय समितियां भी इसमें सहयोग करेंगी। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्यों की जांच कराई जाएगी।    मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सड़कों को गड्ढामुक्त रखने और उनके सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में मंडी परिषद द्वारा संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं गड्ढा मुक्ति के कार्यों को गति प्रदान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएंगे। इससे किसानों और ग्रामीण आबादी को बेहतर सड़क सुविधाओं का दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

पावर स्प्रेयर और आठ हॉर्स पावर के पंपिंग सेट को रखा गया बरकरार, उपहारों की उपयोगिता बढ़ाने पर जोर

मंडी परिषद की प्रस्तावित व्यवस्था में 43 इंच टीवी की जगह मिलेगी चारा काटने की मशीन, अन्य उपहारों में भी किया गया बदलाव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत दिए जाने वाले उपहारों में बदलाव किया गया है। इसी के तहत लकी ड्रॉ के माध्यम से किसानों को दिए जाने वाले उपहारों की सूची में संशोधन का किया गया है। प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऐसे उपकरण उपलब्ध कराना है, जिनका इस्तेमाल वे खेती-पशुपालन से जुड़े कार्यों में कर सकें।   निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के अंतर्गत वर्तमान में दिए जा रहे कुछ उपहारों के स्थान पर कृषि उपयोगी मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए गठित समिति की बैठक में उपहारों की उपयोगिता और वितरण व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया गया। नवीनतम बदलाव के अनुसार 43 इंच के एलईडी टीवी के स्थान पर तीन हॉर्स पावर की चारा काटने वाली मशीन दी जाएगी। इससे किसानों को पशुपालन संबंधी कार्यों में भी मदद मिलेगी। टीवी की जगह मिलेगी चारा काटने की मशीन  इस योजना के तहत वर्तमान में द्वितीय उपहार के रूप में 43 इंच का टीवी दिया जाता है। इसके स्थान पर तीन हॉर्स पावर की चारा काटने की मशीन दी जाएगी। इसकी अनुमानित कीमत 30 हजार रुपये प्रति उपहार है। प्रत्येक संभाग में ऐसे तीन उपहार दिए जाने की व्यवस्था होगी। इससे किसानों को पशुओं के लिए चारा तैयार करने में सुविधा मिलेगी और श्रम की बचत भी होगी। पंपिंग सेट और पावर स्प्रेयर भी सूची में प्रथम उपहार के रूप में आठ हॉर्स पावर का पंपिंग सेट पहले की तरह ही दिया जाएगा। इसकी अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये प्रति उपहार है और प्रत्येक संभाग में दो उपहार दिए जाने का प्रावधान है। वहीं, पावर स्प्रेयर को भी उपहारों की सूची में शामिल रखा गया है। इसके लिए प्रति उपहार अनुमानित कीमत पांच हजार रुपये है।  उपहारों की श्रेणियों में भी किया गया बदलाव योजना के अंतर्गत उपहारों की विभिन्न श्रेणियों के लिए निम्नलिखित व्यवस्था की गई है— प्रथम उपहार: 35 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर द्वितीय उपहार: वर्तमान में 900 लीटर क्षमता वाले पावर टिलर (11 किलोवाट) तथा 13.7 एचपी क्षमता के उपकरणों के स्थान पर छोटे ट्रैक्टर (20 हॉर्स पावर से कम) को शामिल किया गया है। तृतीय उपहार: पावर टिलर/रीपर जैसे उपकरणों के स्थान पर 100 सीसी क्षमता वाली मोटरसाइकिल को शामिल किया गया है। चतुर्थ उपहार: सोलर पावर पैक संयंत्र को उपहार के रूप में शामिल किया गया है। समिति की संस्तुति के आधार पर लिया गया निर्णय  गठित समिति ने उपहार वितरण के दौरान आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर विचार किया है। समिति की संस्तुति के आधार पर प्रथम उपहार के रूप में ट्रैक्टर को यथावत रखते हुए अन्य उपहारों की खरीद एवं वितरण की व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के छमाही ड्रॉ और बंपर ड्रॉ के अंतर्गत वितरित किए जा रहे उपहारों की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए संशोधित व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।   किसानों और कृषि उपज के व्यापारियों को राहत देने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की विभिन्न योजनाओं में कृषि उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। परिषद के दस्तावेज में किसानों को निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट और व्यापारियों को प्लास्टिक शीट वितरित करने की योजना है। इसके साथ ही कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और मंडी परिसर में दुर्घटना या अग्निकांड की स्थिति में आर्थिक सहायता देने की भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान तथा कृषि महाविद्यालय से स्नातक करने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति रुपए 3000 से बढ़ाकर रूपये 5000 की गयी है। किसानों को मिलेंगे निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट मंडी परिषद की योजना के तहत किसानों को कृषि उपज की तोड़ाई और परिवहन के दौरान उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक कैरेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सब्जियों और फलों की तोड़ाई के समय से ही कैरेट का इस्तेमाल करने वाले किसानों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था है। मंडी समितिवार किसानों की संख्या के आधार पर कैरेट वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 'क' श्रेणी की मंडियों में 500 किसानों को चार-चार कैरेट देने का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 2,000 कैरेट वितरित किए जाने हैं। 'ख' श्रेणी की मंडियों में 250 किसानों को चार-चार कैरेट यानी कुल 1,000, 'ग' श्रेणी की मंडियों में 200 किसानों को कुल 800 और 'घ' श्रेणी की मंडियों में 150 किसानों को कुल 600 कैरेट देने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह इन चार श्रेणियों के लिए कुल 4,400 प्लास्टिक कैरेट का वितरण प्रस्तावित है।  परिषद की इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और कृषि शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को अलग-अलग स्तर पर सहयोग देना है। प्लास्टिक कैरेट और शीट वितरण से जहां कृषि उपज के रखरखाव में सहूलियत मिल सकती है, वहीं छात्रवृत्ति और दुर्घटना सहायता जैसी योजनाएं लाभार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान कर सकती हैं। योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित मंडी समिति से पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

3 साल के मासूम को साथ लेकर 150 किमी की पदयात्रा, झांसी से मैहर पहुंचा परिवार

मैहर  मां शारदा के प्रति आस्था और नवरात्र में नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्प लेकर झांसी का एक परिवार अपने तीन साल के बेटे के साथ करीब 150 किलोमीटर पैदल चलकर मैहर पहुंचा। फल और खाद्य सामग्री देकर मदद की बागेश्वर धाम से शुरू हुई इस यात्रा को पूरा करने में परिवार को छह दिन लगे। मंगलवार को मैहर के आल्हा तालाब पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने परिवार की परेशानी जानकर फल और खाद्य सामग्री देकर मदद की। संकल्प को पूरा करने के लिए वे पैदल निकले झांसी के बड़ा बाजार निवासी पवन कुशवाहा (26), उनकी पत्नी कामिनी कुशवाहा और तीन साल के बेटे अंश ने मां शारदा के दर्शन के लिए यह यात्रा शुरू की थी। पवन के मुताबिक, पति-पत्नी ने नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत रखने और मां शारदा के दर्शन करने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे पैदल निकले। रास्ते में बैग से चोरी हो गए रुपये पवन ने बताया कि यात्रा के लिए वह घर से करीब 1500 रुपये लेकर निकले थे। रास्ते में थकान होने पर परिवार सड़क किनारे आराम करने के लिए रुका। इसी दौरान रात में किसी ने उनके बैग से रुपये निकाल लिए। नकदी चोरी होने के बाद खाने-पीने की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया, लेकिन परिवार ने यात्रा जारी रखी।  

गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर किसानों में उत्साह एवं खुशी, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को शक्कर की बोरियों से तौलकर जताया आभार

रायपुर सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने पर कबीरधाम जिले के गन्ना उत्पादक किसानों में उत्साह एवं खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के किसान हितैषी निर्णय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आज कवर्धा में किसान संघों के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में किसानों ने उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। किसानों ने उन्हें गन्ना भेंटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान किसानों ने उप मुख्यमंत्री  शर्मा को शक्कर की बोरियों से तौलकर उनका विशेष अभिनंदन किया। कवर्धा में जिला पंचायत कार्यालय और विधायक कार्यालय के पास किसान संघो के पदाधिकारियों एवं किसानों ने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर खुशी जताते हुए  आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि गन्ने का मूल्य बढ़ने से जिले के हजारों गन्ना उत्पादक परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे खेती की बढ़ती लागत की भरपाई करने में सहायता मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिला गन्ना उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने से किसानों को अपनी मेहनत का उचित प्रतिफल प्राप्त होगा तथा गन्ने की खेती को और प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किसानों के स्नेह और आत्मीय अभिनंदन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि और खुशहाली राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनकी मेहनत से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले और खेती-किसानी से जुड़े परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बनें, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान किसानों और किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री  शर्मा का अभिनंदन करते हुए कहा कि गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होना गन्ना उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। किसानों ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की

रायपुर  स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम नागरिकों के जीवन और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय हैं। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आवश्यकता पड़ने पर समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक दवाइयां, जांच और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ सेवाओं की गुणवत्ता और अंतिम व्यक्ति तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान यह बात कही।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस दौरान संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, संचालनालय चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन, संचालनालय आयुष एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत संचालित योजनाओं, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार हुआ है। अनेक अच्छे अस्पताल और चिकित्सा संस्थान विकसित हुए हैं। अब जहां चिकित्सकों, विशेषज्ञों, स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सा उपकरणों अथवा जांच सुविधाओं की कमी है, उन्हें चिन्हित कर प्राथमिकता के साथ दूर किया जाए। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो और उनका अधिकतम लाभ मरीजों तक पहुंचे। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बने स्वास्थ्य अधोसंरचना की दीर्घकालिक कार्ययोजना मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश की बढ़ती आबादी और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में वर्तमान स्वास्थ्य सुविधाओं, जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की जरूरतों का आकलन किया जाए। इसी आधार पर स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार और आवश्यक सुविधाओं के विकास की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में आवश्यकता के अनुरूप बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार करने और नवगठित जिलों में जरूरी चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास में केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों, उपकरणों, दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता को भी समग्र रूप से सुनिश्चित किया जाए। जिला अस्पताल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक मरीजों को मिलें आवश्यक दवाइयां और जांच सुविधाएं मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी या भटकाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने चिकित्सा उपकरणों के नियमित रखरखाव और प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध कोई भी महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण रखरखाव अथवा मरम्मत के अभाव में लंबे समय तक बंद नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रभावी निगरानी और समयबद्ध मरम्मत व्यवस्था विकसित की जाए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वित्तीय प्रगति, मानव संसाधन की उपलब्धता तथा रिक्त पदों पर भर्ती की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि रिक्त पदों पर भर्ती के प्रयास किए जा रहे हैं और सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया भी प्रचलन में है। मुख्यमंत्री ने भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं को गति देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सेवाओं की गुणवत्ता के लिए अत्यंत आवश्यक है। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं। डायलिसिस, ट्रॉमा केयर, ब्लड बैंक, आईसीयू और सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 33 स्थानों पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है और 25 नए डायलिसिस केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के साथ स्वास्थ्य संस्थानों के गुणवत्ता मानकों, ई-हॉस्पिटल तथा आभा जैसी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की और तकनीक का उपयोग मरीजों की सुविधा तथा सेवाओं की दक्षता बढ़ाने के लिए करने के निर्देश दिए। हर प्रसव सुरक्षित हो, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  साय ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि गर्भवती माताओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक पोषण एवं चिकित्सा देखभाल और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें और प्रसूता महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा तथा सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रत्येक प्रसव सुरक्षित हो और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में कमी आई है, लेकिन इस दिशा में और बेहतर परिणाम हासिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत के करीब लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। बैठक में संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) में टीकाकरण की स्थिति, मलेरिया की रोकथाम, कुष्ठ रोग निवारण और टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाए, जिससे बीमारियों की समय पर पहचान हो और मरीजों को प्रारंभिक स्तर पर ही उपचार मिल सके। दुर्गम अंचलों के लिए विकसित हो वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था मुख्यमंत्री  साय ने 108 संजीवनी एक्सप्रेस और 102 महतारी एक्सप्रेस की सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि आपात स्थिति में मरीज तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। दूरस्थ, वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को केवल भौगोलिक कठिनाइयों के कारण उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सड़क अथवा भौगोलिक परिस्थितियों के कारण एम्बुलेंस का पहुंचना संभव नहीं है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाए। मरीज को गांव से एम्बुलेंस प्वाइंट अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 संजीवनी एक्सप्रेस के अंतर्गत 375 एम्बुलेंस तथा 102 महतारी एक्सप्रेस के अंतर्गत 380 वाहन उपलब्ध हैं। जनवरी से अगस्त 2026 तक महतारी … Read more

निःस्वार्थ जनसेवा से साकार हो रहा ‘नर सेवा- नारायण सेवा’ का भाव: मंत्री देवांगन

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात करने के लिए इंडिया गेट पहुंचे हैं।  उत्तराखंड में 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ अंकिता भंडारी के परिजनों ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। राष्ट्रपति से लगाई गुहार अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा, 'दुष्यंत कुमार को सलाखों के पीछे होना चाहिए… मैं राष्ट्रपति से अनुरोध करता हूं कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार को गवर्नर न बनाया जाए।' अंकिता की मां क्या बोलीं? अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा, '12 तारीख को जब हमने यह खबर सुनी कि उन्हें (BJP नेता दुष्यंत कुमार गौतम) अब गवर्नर बना दिया गया है, तो हमें बहुत दुख हुआ। मैं राष्ट्रपति से अपील करती हूं, जो खुद एक महिला हैं और मेरी भावनाओं को जरूर समझेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक उनके खिलाफ CBI जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस व्यक्ति को गवर्नर बनाने के कदम को रोक दें।' बुधवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता अपना विरोध प्रकट करने और बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाने राजधानी दिल्ली स्थित इंडिया गेट पहुंचे हैं।

दतिया में तेज रफ्तार डंपर का कहर, सवारी बस से भिड़ंत में 24 यात्री घायल

दतिया  तेज रफ्तार डंपर ने हाईवे पर एक सवारी बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार 24 यात्री और डंपर चालक घायल हो गए। घायलों में 11 पुरुष, 9 महिलाएं और तीन बच्चे शामिल बताए जाते हैं। दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना बड़ौनी तिराहे के पास बुधवार को हुई घटना बड़ौनी तिराहे के पास बुधवार को हुई। हादसे में बस का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार, यादव बस सर्विस की बस क्रमांक एमपी 07 पी 1567 करीब 45 यात्रियों को लेकर ग्वालियर से दतिया आ रही थी। इसी दौरान हाईवे पर बड़ौनी तिराहे के पास पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे डंपर क्रमांक आरजे 34 जीए 4477 के चालक ने वाहन को लापरवाही से चलाते हुए बस में पीछे से टक्कर मार दी। यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में बैठे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में बस यात्री घायल हो गए, जबकि डंपर चालक को भी चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। जिला अस्पताल में सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। बस और डंपर दोनों को जब्त कर कोतवाली पहुंचाया हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस ने बस और डंपर को सड़क किनारे करवाकर आवागमन को फिर से सुचारु कराया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बस और डंपर दोनों को जब्त कर कोतवाली पहुंचाया। दिया है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।  

पंजाब में झोटा हत्याकांड पर विरोध तेज, SGPC कल अपने सभी कार्यालय और संस्थान रखेगी बंद

अमृतसर. नशा बेचने वालों का विरोध करने वाले सिख युवक परविंदर सिंह की हत्या के विरोध में 15 अक्टूबर को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने समर्थन किया है। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर को कमेटी के कार्यालय और सभी संस्थान बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ शिरोमणि कमेटी मजबूती से खड़ी है। कमेटी परविंदर सिंह के स्वजन को हर संभव सहयोग देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। अकाली दल वारिस पंजाब का गुस्सा फूटा – मानसा में नशे के खिलाफ अलख जगाने वाले प्रमुख एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की सरेआम गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में राजनीति गरमा गई है। शिरोमणि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने कोटकपूरा में पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। इसके साथ ही पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐलान किया है कि घटना के विरोध में 14 अक्टूबर को पंजाब के सभी जिला मुख्यालयों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालयों के समक्ष विशाल प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता व हलका कोटकपूरा इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या केवल एक कार्यकर्ता की हत्या नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की अस्मिता और कानून-व्यवस्था की हत्या है। उन्होंने कहा कि झोटा सालों से इलाके में नशा तस्करों का पर्दाफाश कर रहे थे और युवाओं को नशे के दलदल से निकालने में जुटे थे।

सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा, कब रंग बदल ले कोई भरोसा नहीं : मुख्यमंत्री योगी

वाराणसी में शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित महासम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में किया संबोधित   राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए, एक सीट चाचा को दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को : मुख्यमंत्री योगी   शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो विधान परिषद में प्रतिनिधि, कोई मुद्दा शेष रहा तो उसका भी निकालेंगे समाधान   यूपी में अब नौकरी मांगने वाले ही नहीं, नौकरी देने वाले भी तैयार हो रहे, 120 से बढ़कर 24 हजार के पार पहुंचे स्टार्टअप   वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर शिक्षा, शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सपा सरकार में शिक्षकों के पद खाली रहे, भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता था। भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल छात्र का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग का निर्माण करता है।   मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को दिशा देता है और युवा राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं। शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया गया है। कोई मुद्दा शेष रह जाएगा तो सरकार उसका भी समाधान निकालेगी।   राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए मुख्यमंत्री योगी ने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दस में आठ सीटें भाजपा और दो सपा को मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव को दे दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को। उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और 'पराया धन अपना' बताते हुए सपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया।   सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह सभी जानते हैं। उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारा पैदा करने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए।   सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़ मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है।   शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो प्रतिनिधि मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था करने का उल्लेख किया। कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर का भी उन्होंने उल्लेख किया।   नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे युवा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है। निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार ने दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।   अब यूपी की पहचान दंगा-कर्फ्यू नहीं, धार्मिक पर्यटन मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों से पहले दंगे शुरू हो जाते थे। उत्सव से पहले उपद्रव प्रदेश की पहचान बन गया था। खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक नहीं आते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम में औसतन एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।