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मैट हेनरी की ऐतिहासिक उपलब्धि, 36 साल बाद कीवी तेज गेंदबाज ने हासिल किया नंबर-1 ताज

 दुबई इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में खेले गए दूसरे टेस्ट में शानदार प्रदर्शन का इनाम न्यूजीलैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज मैट हेनरी को ICC की ताजा टेस्ट रैंकिंग में मिला है. हेनरी ने छह स्थान की छलांग लगाते हुए भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के साथ संयुक्त रूप से नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज बनने का गौरव हासिल कर लिया।  34 वर्षीय हेनरी ने लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए कुल 11 विकेट झटके थे. इसी प्रदर्शन की बदौलत वह सीधे रैंकिंग के शीर्ष पर पहुंच गए।  हेनरी अब 36 साल बाद टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल करने वाले न्यूजीलैंड के पहले गेंदबाज बन गए हैं. उनसे पहले केवल दो कीवी गेंदबाज ही यह उपलब्धि हासिल कर पाए थे. साल 1947 में जैक कोवी टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर पहुंचे थे, जबकि दिग्गज रिचर्ड हैडली ने 1984 से 1990 तक लंबे समय तक नंबर-1 स्थान पर कब्जा जमाए रखा था।  बुमराह को पीछे छोड़ सकते हैं हेनरी ताजा रैंकिंग में मैट हेनरी और जसप्रीत बुमराह दोनों के 870-870 रेटिंग पॉइंट हैं. दोनों के बाद ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क 838 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। . हेनरी के पास इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में 25 जून से शुरू होने वाले सीरीज के निर्णायक टेस्ट में शानदार प्रदर्शन कर बुमराह को पीछे छोड़ने का मौका होगा।  दूसरी ओर बुमराह पिछले साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेले हैं. उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए आराम दिया गया था. भारतीय तेज गेंदबाज अगस्त में श्रीलंका दौरे पर होने वाली टेस्ट सीरीज के दौरान फिर लाल गेंद क्रिकेट में वापसी करेंगे। एटकिंसन टॉप-10 से बाहर, लियोन की वापसी इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन दूसरे टेस्ट में नहीं खेल पाए, जिसके कारण उन्हें रैंकिंग में नुकसान उठाना पड़ा. वह टॉप-10 से बाहर हो गए हैं. एटकिंसन के बाहर होने से ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने फिर से टॉप-10 गेंदबाजों में जगह बना ली है।  जो रूट फिर बने नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला. इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने अपने ही साथी खिलाड़ी हैरी ब्रूक को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 स्थान दोबारा हासिल कर लिया।  हालांकि इंग्लैंड को दूसरे टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रूट ने दोनों पारियों में 46 और 77 रन की उपयोगी पारियां खेलीं. वहीं हैरी ब्रूक ने 24 और 58 रन बनाए. रूट की दो स्थान की छलांग के कारण ब्रूक दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड तीसरे स्थान पर खिसक गए।  रचिन रवींद्र टॉप-10 में, पंत और कैरी को नुकसान बल्लेबाजों की रैंकिंग में न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र  को भी फायदा हुआ है. उन्होंने दो स्थान की बढ़त हासिल कर 10वां स्थान अपने नाम कर लिया. इसके चलते ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स कैरी 11वें और भारत के ऋषभ पंत 12वें स्थान पर पहुंच गए. रवींद्र ने दूसरे टेस्ट में पहली पारी में 33 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में 76 रन की अहम पारी खेली थी।  वहीं डेरिल मिचेल ने दूसरी पारी में अर्धशतक लगाकर छह स्थान की छलांग लगाई और अब वह 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं. ग्लेन फिलिप्स ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा, जिसके दम पर वह आठ स्थान ऊपर चढ़कर 31वें स्थान पर पहुंच गए. यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट रैंकिंग है। 

पंचायत विकास दिवस पर बिहार में विशेष आयोजन, ग्राम स्वराज को मिलेगी मजबूती

पटना. सरकार ने ग्राम पंचायतों के सतत और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में 28 जून को राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री मुंगेर जिले की एक चयनित ग्राम पंचायत से करेंगे। मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य बापू के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करना और पंचायतों को ग्रामीण विकास का सशक्त केंद्र बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम तय किया गया है। पंचायती राज संस्थाओं को महत्वपूर्ण अधिकार और जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें ग्राम पंचायत सबसे महत्वपूर्ण इकाई है, जो ग्रामीणों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में सीधी भूमिका निभाती है। पंचायत विकास दिवस के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम सभा के सदस्यों, महिलाओं, युवाओं और अन्य हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को मिली जिम्मेदारी राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को अपने-अपने आवंटित जिले की किसी एक पंचायत में कार्यक्रम में शामिल होने का निर्देश दिया है, ताकि विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन हो सके और पंचायतों को अधिक सशक्त बनाया जा सके।

दूध-दही और पनीर की गुणवत्ता पर सख्ती, अमृतसर में डेयरियों पर फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई

अमृतसर. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फूड सेफ्टी विभाग ने अमृतसर के अजनाला कस्बे में विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभाग की टीम ने चोगावां रोड स्थित दो प्रमुख डेयरियों में पहुंचकर दूध, दही और पनीर के नमूने एकत्र किए। जांच कार्रवाई के चलते क्षेत्र के डेयरी कारोबारियों में हलचल देखी गई। फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने मटिया डेयरी और सहारा डेयरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, स्वच्छता व्यवस्था और उत्पादों की गुणवत्ता से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जांच की गई। अधिकारियों ने डेयरियों में उपलब्ध दूध, दही और पनीर के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया। सफाई व्यवस्था में दिखी कमी जांच के दौरान विभागीय अधिकारियों ने कुछ स्थानों पर सफाई व्यवस्था में कमियां भी पाईं। इस पर संबंधित डेयरी संचालकों को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन करना सभी कारोबारियों के लिए अनिवार्य है। सहायक खाद्य आयुक्त राजिंदर पाल सिंह ने बताया कि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमित रूप से ऐसे निरीक्षण अभियान चलाए जाते रहेंगे ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो। जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई उन्होंने बताया कि डेयरियों से लिए गए दूध, दही और पनीर के नमूनों को जांच के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी भी नमूने में मिलावट, गुणवत्ता की कमी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और अन्य कानूनी प्रावधान शामिल हो सकते हैं।

गोदाम में डिटर्जेंट नहीं, बन रहा था गुटखा! छापेमारी के बाद फरार किराएदार की तलाश

दुर्ग. दुर्ग जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गुटखा और उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जप्त की है। पूरा मामला जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के कचांदुर गांव का है, जहां डिटर्जेंट पाउडर बनाने के नाम पर एक गोदाम किराए पर लेकर अवैध रूप से जर्दा युक्त गुटखा तैयार और पैकेजिंग का काम किया जा रहा था। दरअसल सुपेला का रहने वाला मोहम्मद मुस्तफा के गोदाम को उत्तर प्रदेश उन्नाव के रहने वाले मोहम्मद शान ने करीब 20 दिन पहले किराए पर लिया था। गोदाम लेने के दौरान उसने डिटर्जेंट पाउडर निर्माण का काम करने की जानकारी दी थी, लेकिन कई दिनों तक उसका गोदाम मालिक से कोई संपर्क नहीं हुआ। किराएदार का मोबाइल फोन लगातार बंद रहने से गोदाम मालिक को संदेह हुआ, जिस पर उसने जेवरा सिरसा चौकी पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोदाम की जांच की तो जांच के दौरान वहां से 32 बड़े बोरों में तैयार गुटखा, 32 बोरों में मीठी सुपारी, गुटखा बनाने में उपयोग होने वाला रॉ मटेरियल, और पैकिंग, मिक्सिंग मशीन बरामद की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फूड सेफ्टी विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोदाम में अवैध गुटखा की पैकेजिंग और निर्माण का कार्य किया जा रहा था। फिलहाल बरामद सामग्री को फूड सेफ्टी अधिकारियों को सौंपी गयी है, और मामले में संबंधित व्यक्तियों की तलाश के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यमुना जल बंटवारे पर बनी सहमति, 32 साल बाद हरियाणा-राजस्थान करेंगे समझौता

जयपुर /चंडीगढ़  हरियाणा और राजस्थान के बीच पिछले 32 वर्षों से लंबित यमुना जल बंटवारे का विवाद आखिरकार सुलझ गया है. दोनों राज्यों ने वर्ष 1994 के यमुना जल समझौते को लागू करने पर सहमति बना ली है. इस ऐतिहासिक सहमति को औपचारिक रूप देने के लिए सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में दोनों राज्यों के बीच एक आधिकारिक MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।  इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहेंगे. समझौते से पहले दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विवाद के स्थायी समाधान पर अंतिम सहमति बनी।  बैठक में राजस्थान और हरियाणा सरकारों ने आपसी समन्वय के साथ दशकों पुराने गतिरोध को समाप्त करने की कार्ययोजना को मंजूरी दी. यह विवाद मुख्य रूप से वर्ष 1994 में हुए यमुना जल समझौते के क्रियान्वयन को लेकर था. उस समझौते के तहत मॉनसून के दौरान यमुना में उपलब्ध अतिरिक्त पानी में राजस्थान को भी हिस्सेदारी दी गई थी।  हालांकि, आवश्यक बुनियादी ढांचे के अभाव और तकनीकी बाधाओं के चलते यह योजना पिछले 32 वर्षों से लागू नहीं हो सकी थी. इसका सबसे अधिक असर राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र पर पड़ा, जहां चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिले लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।  अब हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति के बाद हथिनिकुंड बैराज से राजस्थान तक पाइपलाइन बिछाकर पानी पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है. इस परियोजना के पूरा होने पर शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।  सरकारों का मानना है कि यह समझौता न केवल दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद का समाधान करेगा, बल्कि राजस्थान के जल-संकटग्रस्त इलाकों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा. इससे क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता बढ़ेगी और भविष्य में जल प्रबंधन को लेकर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा। 

मंगेतर सिया के जन्मदिन को खास बनाना चाहता था केतन, महाबलेश्वर में की थी बड़ी बुकिंग

 पुणे जिस सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल किले से धक्का देकर मार दिया, उसने सिया के बर्थडे पर ग्रैंड सेलिब्रेशन की तैयारी कर रखी थी. जांच में सामने आया है कि 19 जून को केतन अग्रवाल ने महाबलेश्वर के एक बड़े रिजॉर्ट में लगभग 40 से 50 कमरे बुक किए थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल पर केतन अग्रवाल की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है।  इस पूरे मामले की जांच करने वालों का दावा है कि सिया ने इस पूरे कांड की साजिश इसलिए रची, क्योंकि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी. वह अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ रिलेशन रखना चाहती थी।  पुलिस ने कहा कि सिया ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की. जांच के दौरान सामने आया कि सिया पहले 31 मई को केतन के साथ ट्रेकिंग के लिए लोहागढ़ किले गई थी. पुलिस को शक है कि इसी दौरान केतन को चट्टान से नीचे धकेलने का खयाल सबसे पहले उसके मन में आया था।  इसके बाद 14 जून को दोनों ने फिर से फोटोशूट के बहाने लोहागढ़ किले का विजिट किया. इस दौरान सिया ने यह कहकर हंगामा कर दिया कि उसके पास एक सांप आ गया है, लेकिन केतन को घाटी में धकेलने की प्लानिंग नाकाम रही. बाद में 18 जून को सिया के बर्थडे से एक दिन पहले वह केतन को एक बार फिर लोहागढ़ किले ले गई. पुलिस का दावा है कि चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसने केतन को चट्टान से नीचे धकेल दिया गया।  मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट पुणे में मंगेतर की हत्या करने वाली 20 साल की सिया गोयल ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। उसने केतन को टैग भी किया था। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को केतन की मौत के दिन लोहगढ़ किले पर एक युवक 33°C तापमान में हुडी पहनकर आया था। पुलिस ने जांच में इसे ही आधार बनाकर एक-एक कड़ियां जोड़ीं। आखिरकार सिया और उसे बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) को केतन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। 19 जून को सिया का बर्थडे, केतन से पहले से सेलिब्रेशन शुरू कर दिया सोशल मीडिया पर सिया और उसके मंगेतर केतन का रिश्ता किसी परफेक्ट लव स्टोरी जैसी थी। 19 जून को सिया का बर्थडे था। केतन ने एक महीने पहले यानी 19 मई से ही काउंटडाउन सेलिब्रेशन शुरू कर दिया था। वह रोज उसे अलग-अलग तरीके से अपनी मंगेतर सरप्राइज देता। सिया सोशल मीडिया पर इसके वीडियो पोस्ट करती थी। ये पोस्ट अब वायरल हो रहे हैं। एक पोस्ट में केतन अपनी कार फूलों से सजाकर सिया को गिफ्ट देता दिखा। सिया ने इसका वीडियो पोस्ट कर लिखा- उसने 'पसंद है तुम्हें' वाली बात को बहुत सीरियसली से ले लिया। बैकग्राउंड में 'पसंद है तुम्हें' गाना भी बज रहा था। एक स्टोरी में उसने केतन की तस्वीर को ‘दैट स्माइल’ कैप्शन के साथ शेयर किया था। केतन की मौत के अगले दिन सिया ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट लिखी- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ पिता ने बयां किया दर्द, बोले- बेटा कोहिनूर था केतन के पिता विशाल अग्रवाल से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि 26 साल का बेटा गुजर गया, ये दुख समंदर से बड़ा है. मेरा बेटा मेरे बुढापे का सहारा था, मेरा वंशज था. विशाल अग्रवाल ने कहा कि मेरी चिता को वही मुखाग्नि देने वाला था. आज वही चला गया. मेरा सब खत्म हो गया. उन्होंने बताया कि केतन पढ़ाई में होशियार था. उसने यूएस से एमबीए किया था. इसके बाद वह मेरे बिजनेस में ही हाथ बंटा रहा था. बेटा मेरे लिए कोहिनूर था, जिसे धोखे से मार दिया।  कॉल रिकॉर्ड से प्रेमी का खुलासा, 2004 कॉल्स और 238 घंटे बातचीत हुई पुलिस को कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल कम्युनिकेशन डेटा की जांच से पता चला सिया चेतन नाम के लड़के से लगातार संपर्क में थी। दोनों के बीच 1 जनवरी से 18 जून तक 2004 कॉल्स हुए। इससे दोनों के बीच गहरे संबंध के संकेत मिले। पुलिस ने चेतन की तस्वीरों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की। जब उसकी तस्वीरों को CCTV फुटेज में दिख रहे हुडी वाले युवक से मैच किया गया तो हत्या का शक और मजबूत हो गया। इसके बाद पुलिस ने चेतन चौधरी को हिरासत में लिया। प्रेमी बोला- सिया बदनामी के कारण भागकर शादी के खिलाफ थी पूछताछ में चेतन से जब पूछा गया कि सिया और तुमने भागकर शादी क्यों नहीं की। इस पर उसने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी। इसके बाद पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया। रियल एस्टेट कारोबारी थे केतन, शादी के लिए 17 करोड़ में पैलेस बुक था केतन अग्रवाल पुणे के गहुंजे के रहने वाले थे। वे रियल एस्टेट कारोबारी और सक्सेस ग्रुप के डायरेक्टर विशाल अग्रवाल के बेटे थे। विशाल पुणे के रियल एस्टेट सर्कल में ‘लैंड बैंक’ माने जाते हैं। केतन भी कंपनी में डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के पद पर थे। उन्होंने सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी से BBA किया था। अमेरिका के बैब्सन F.W. ओलिन ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एंटरप्रेन्योरशिप में MS (मास्टर ऑफ साइंस) की डिग्री ली। सिया ड्राई फ्रूट्स कारोबारी की बेटी है। नवंबर में दोनों की शादी होनी थी। इसके लिए राजस्थान में 17 करोड़ रुपए का एक पैलेस बुक किया जा चुका था। मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड प्लेन बुक थे। बहन को हुआ शक, 4 दिन बाद पहुंची थी सिया पुलिस जांच में 18 जून की … Read more

पाकिस्तान को भारत का सख्त संदेश, ख्वाजा आसिफ के बयान पर PoK का मुद्दा उठाकर दिया जवाब

 नई दिल्ली भारत ने  पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया युद्ध संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने कहा कि पीओके में अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान की ओर से ऐसी बयानबाजी की जा रही है. साथ ही भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हो रही कार्रवाई का मुद्दा भी उठायाव्।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, 'पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की टिप्पणियों को लेकर हमने रिपोर्ट्स देखी हैं. इस तरह के बयान पाकिस्तान की अपनी विफलताओं को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान हटाने की हताश कोशिश हैं. हम इन मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह खारिज करते हैं.' रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूदा हालात पाकिस्तान की दशकों पुरानी नीतियों का नतीजा हैं।  उन्होंने कहा, 'पीओके में चल रहे घटनाक्रम पाकिस्तान की उस नीति का सीधा परिणाम हैं, जिसमें आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित करना और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक दमन शामिल रहा है.' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने पीओके में सरकारी विरोधी प्रदर्शनों को दबाने के लिए आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति रोकी है, इंटरनेट सेवाएं बंद की हैं और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग किया है।  रणधीर जायसवाल ने कहा कि इन घटनाओं में कई लोगों की जान भी गई है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की मांग की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कृत्यों, गलत नीतियों और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।  भारत की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस चेतावनी के तीन दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि सिंधु जल संधि को लेकर भारत की किसी कार्रवाई से पाकिस्तान की जल सुरक्षा प्रभावित होती है तो उनका देश सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपना सकता है. एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा था, 'जिस क्षण हमें लगेगा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा, जिसमें पानी भी शामिल है, खतरे में है, हम भारत के खिलाफ युद्ध शुरू करेंगे. निश्चित रूप से करेंगे। 

भोपाल-इंदौर समेत 16 नगर निगमों में जल्द होगी एल्डरमैन की नियुक्ति, सरकार की तैयारी पूरी

भोपाल/ इंदौर  एमपी में हफ्ते भर में नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति हो सकती है। सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच मंथन पूरा हो चुका है। संभवत: इसी हफ्ते में बचे हुए निकायों में एल्डरमैन घोषित करने की तैयारी है। प्रदेश के करीब 244 नगरीय निकायों में मनोनीत पार्षदों यानी एल्डरमैन की नियुक्ति होना बाकी है। नगर निगमों में नियुक्त होंगे एल्डरमैन एमपी के 16 नगर निगमों में 12-12 एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर जबलपुर सहित सभी नगर निगमों के एल्डरमैन के लिए संभावित नामों की लिस्ट जिला स्तरीय कोर ग्रुप में चर्चा के बाद प्रदेश संगठन को भेजे जा चुके हैं। दो बडे़ शहरों में कुछ नामों पर चर्चा अंतिम दौर में है। इन नगर निगमों में नियुक्त होंगे मनोनीत पार्षद     भोपाल     इंदौर     जबलपुर     ग्वालियर     उज्जैन     सागर     रीवा     सतना     सिंगरौली     मुरैना     छिंदवाड़ा     देवास     कटनी     रतलाम     खंडवा     बुरहानपुर मार्च में 169 निकायों में नियुक्त हुए थे एल्डरमैन मार्च में मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 169 नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। इन नियुक्तियों में विशेष रूप से नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को कवर किया गया था, जिसका विवरण इस प्रकार है। नगर परिषद: एमपी में कुल 299 नगर परिषद हैं। इनमें से 28 मार्च को 123 नगर परिषदों में एल्डरमैन नियुक्त किए गए थे। तय फॉर्मूले के मुताबिक, प्रत्येक नगर परिषद में 4-4 एल्डरमैन मनोनीत किए गए। इस लिहाज से नगर परिषदों में कुल 492 एल्डरमैन बनाए गए थे। अब 176 नगर परिषदों में नियुक्तियां होना बाकी हैं। नगर पालिका: एमपी में कुल 98 नगर पालिका परिषद हैं। इनमें से मार्च में 46 नगर पालिकाओं में एल्डरमैन की घोषणा की गई थी। यहां के लिए प्रति नगर पालिका 6-6 एल्डरमैन का फॉर्मूला तय किया गया था, जिससे नगर पालिकाओं में कुल 276 एल्डरमैन नियुक्त हुए। अब 52 नगर परिषदों में एल्डरमैन नियुक्त होने बाकी हैं। यदि दोनों को जोड़कर देखा जाए, तो मार्च में हुई घोषणा के तहत कुल 768 एल्डरमैन नगर परिषद और नगर पालिका में नियुक्त किए गए थे। हालांकि, उस समय आपसी सहमति न बन पाने के कारण सागर को छोड़कर शेष बुंदेलखंड और चंबल संभाग के कई निकायों की सूची होल्ड पर रख दी गई थी। क्या होती है एल्डरमैन की भूमिका? मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत नगरीय निकायों में ऐसे लोगों को एल्डरमैन बनाया जाता है, जिन्हें प्रशासनिक अनुभव और नगरीय निकायों के कामकाज का अच्छा ज्ञान हो। ये मनोनीत पार्षद परिषद की बैठकों और चर्चाओं में हिस्सा तो ले सकते हैं और अपने सुझाव भी दे सकते हैं। इनके पास बैठकों के दौरान वोट देने का अधिकार नहीं होता है। यानी ये परिषद में 'मार्गदर्शक' की भूमिका निभाते हैं, 'निर्णायक' की नहीं। इनका कार्यकाल वर्तमान परिषद के कार्यकाल के साथ या आगामी आदेश तक प्रभावी रहता है।

ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में बढ़ी मांग, मैसूरू-मदार स्पेशल ट्रेन का संचालन अवधि विस्तारित

रतलाम  पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए विशेष किराये पर संचालित मैसूरू-मदार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के फेरे पुनः विस्तारित किए गए हैं। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 06281 मैसूरू-मदार स्पेशल 11 जुलाई व 06282 मदार-मैसूरू स्पेशल 13 जुलाई 2026 तक विस्तारित की गई है। ट्रेनों के आगमन/प्रस्थान समय, ठहराव और संरचना के समय के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जा सकते हैं। साथ ही रेलवन एप के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि यात्रियों के बढ़ते दबाव और विशेष मांग के चलते स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाए गए हैं। मैसूरू-मदार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन विशेष किराये पर संचालित की जा रही है। गोल्डन टेम्पल मेल अगले छह माह तक बांद्रा टर्मिनस से ही संचालित होती रहेगी रतलाम : रेल मंडल से गुजरने वाली गोल्डन टेम्पल मेल के टर्मिनल स्टेशन से संबंधित अस्थायी परिचालन व्यवस्था को आगामी छह माह तक जारी रखने की अधिसूचना जारी की गई है। 12903 मुंबई सेंट्रल-अमृतसर गोल्डन टेम्पल मेल 17 फरवरी 2027 तक मुंबई सेंट्रल के बजाय बांद्रा टर्मिनस से ही ओरिजिनेट होगी। इसी प्रकार 12904 अमृतसर–मुंबई सेंट्रल गोल्डन टेम्पल मेल 15 फरवरी 2027 तक मुंबई सेंट्रल के बजाय बांद्रा टर्मिनस पर ही टर्मिनेट होगी।

उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद

उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद   कैमरा ट्रैप में लगातार कैद हो रही बाघिन, संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता रायपुर  उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के लिए ऐतिहासिक खबर सामने आई है। हाल में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार कैद हुए हैं। वन विभाग के अनुसार बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए इस क्षेत्र तक पहुंची है और अब इसे अपना स्थायी आशियाना बनाने की ओर बढ़ रही है। संरक्षण प्रयासों का दिखने लगा सकारात्मक परिणाम             मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघिन की उपस्थिति इन प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। वन विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। बेहतर आवास का मिला प्रमाण             लंबे समय से बाघों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे उदंती-सीतानदी के लिए यह घटनाक्रम बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक बाघ या बाघिन का किसी वन क्षेत्र को स्थायी निवास चुनना वहां के बेहतर आवास, पर्याप्त शिकार आधार और सुरक्षित वातावरण का प्रमाण होता है। बाघिन की नियमित उपस्थिति पूरे परिदृश्य के पुनर्जीवन और संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है। बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा           वन अधिकारियों के मुताबिक कैमरा ट्रैप में बाघिन स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरी दिख रही है। उसकी गतिविधियों से स्पष्ट है कि वह क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रभाव क्षेत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह क्षेत्र फिर से बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा। संरक्षण प्रयासों का मिला परिणाम           पिछले कुछ वर्षों में उदंती-सीतानदी में आवास सुधार और वन्यजीव संरक्षण के लिए व्यापक कार्य हुए हैं। सघन गश्त, एंटी-पोचिंग नेटवर्क को मजबूती, सैकड़ों कृत्रिम जलस्रोत-झिरियों का निर्माण, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों का पुनर्स्थापन, अतिक्रमण हटाकर वनभूमि की वापसी और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने जैसे कदम उठाए गए हैं। बाघिन की मौजूदगी को इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है। निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी             कैमरा ट्रैप की तस्वीरों-वीडियो ने वन अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में नई ऊर्जा भर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघिन के स्थायी बसने से यह रिजर्व मध्य भारत के प्रमुख बाघ आवासों में फिर अपनी पहचान बना सकता है और भविष्य में अन्य बाघों के आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा। बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने प्रयास             वन विभाग ने बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व संरक्षण गतिविधियां और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि यह सिर्फ एक बाघिन की मौजूदगी नहीं, बल्कि प्रकृति की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जंगलों के पुनर्जीवन की कहानी है।