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टीम इंडिया का पाकिस्तान पर फिर दबदबा, हॉकी प्रो लीग में हरमनप्रीत की टीम ने जीता दिल

लंदन एफआईएच प्रो लीग 2025-26 में भारतीय हॉकी टीम ने पाकिस्तान को एक ब्लॉकबस्टर मुकाबले में 4-3 से हरा दिया. यह मुकाबला 23 जून (मंगलवार) को लंदन के ली वैली हॉकी और टेनिस सेंटर में खेला गया, जहां भारतीय टीम ने जबरदस्त खेल का प्रदर्शन किया. भारत रॉटरडैम लेग में ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड्स पर जीत हासिल करने के बाद इस मैच में उतरा था।  भारत की ओर से अभिषेक (22 वें मिनट), नीलकांत शर्मा (24वें मिनट), सुखजीत सिंह (40वें मिनट) और राजिंदर सिंह (52वें मिनट) ने गोल दागे. वहीं पाकिस्तान की ओर से नदीम अहमद (8वें मिनट), कप्तान अबू महमूद (53वें मिनट) और मोइन शकील (60वें मिनट) ने गोल स्कोर किए।  ऐसा रहा दोनों टीमों के बीच मुकाबला मुकाबले में पाकिस्तानी टीम ने अप्रत्याशित रूप से बढ़त ले ली थी. पहले क्वार्टर के 8वें मिनट में नदीम अहमद ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागा. हालांकि भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर ने पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और उसके पास गोल करने के कई मौके मिले, लेकिन वो उन्हें भुना नहीं सकी।  दूसरा क्वार्टर पूरी तरह भारतीय टीम के नाम रहा. इस क्वार्टर के 7वें मिनट में दिलप्रीत सिंह के शॉट पर पाकिस्तानी गोलकीपर ने जोरदार सेव किया, लेकिन रिबाउंड पर अभिषेक ने गेंद को गोलपोस्ट में डालकर भारतीय टीम को 1-1 की बराबरी दिला दी. दो मिनट बाद ही नीलकांत शर्मा ने पाकिस्तानी डिफेंस को भेदते हुए शानदार फील्ड गोल दागा. हाफटाइम तक भारतीय टीम 2-1 से आगे थी।  तीसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन वो एक ही गोल कर सकी. सुखजीत सिंह ने तीसरे क्वार्टर के 10वें मिनट में गोलपोस्ट की ओर पीठ कर गेंद को रिसीव किया, फिर अपनी स्टिक से उसे हवा में उछाला और जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया।  चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का नजार पेश किया. इस क्वार्टर के सातवें मिनट में राजिंदर सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर बेहतरीन गोल किया. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गेंद को राजिंदर की तरफ पास दिया, जिन्होंने शानदार शॉट लगाकर टीम की लीड 4-1 कर दी. इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने दो गोल कर मुकाबले को जरूर रोमांचक बनाया।  पिछले 10 सालों में भारत का दबदबा मेन्स हॉकी में भारत और पाकिस्तान के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है. पाकिस्तान ने 82 मैच जीते हैं जबकि भारत ने 68 मैचों में जीत दर्ज की. हालांकि पिछले 10 वर्षों में भारत का दबदबा रहा है. पिछले 10 वर्षों में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में भारत का पलड़ा भारी है. भारतीय टीम 18 मैचों में पाकिस्तान के खिलाफ अपराजित रही है. इसमें 16 जीत और दो ड्रॉ शामिल हैं।  भारत अब एफआईएच प्रो लीग के मौजूदा सीजन में 13 मैचों में तीन जीत के साथ 7वें स्थान पर आ चुका है. दूसरी ओर पाकिस्तान अंक तालिका में सबसे नीचे है क्योंकि वह अपने सभी 13 मैच हार चुका है. लंदन लेग में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ एक और मुकाबला खेलना है. साथ ही उसके दो मैच इंग्लैंड के खिलाफ होने हैं। 

रोहित शर्मा के नाम एक और बड़ी उपलब्धि, राष्ट्रपति ने दिया पद्मश्री सम्मान

  नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके रोहित शर्मा को मंगलवार (23 जून) को पद्मश्री से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।  रोहित शर्मा का नाम जनवरी 2026 में घोषित पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची में शामिल किया गया था. खेल जगत में उनके असाधारण योगदान, भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बतौर बल्लेबाज शानदार उपलब्धियों के लिए उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया।  राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में कुल 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिए गए, जिनमें 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री सम्मान शामिल रहे. इससे पहले 25 मई को भी पद्म पुरस्कारों के लिए सम्मान समारोह आयोजित हुआ था, जिसमें राष्ट्रपति ने 66 हस्तियों को सम्मानित किया था।  रोहित शर्मा के अलावा विजय अमृतराज, अलका याज्ञनिक और ममूटी जैसी कई नामी हस्तियां भी सम्मानित की गईं. रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार हैं. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं। 

जालंधर में विकास को मिलेगी रफ्तार, 112.93 करोड़ की लागत से बनेंगे दो नए ROB

जालंधर  केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू 24 जून को 112.93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गुरु नानक पुरा फाटक बी-67 और गढ़ा फाटक एस-4 का शिलान्यास करेंगे।गुरु नानक पुरा फाटक पर रवनीत बिट्टू, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर कंस्ट्रक्शन व रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट नॉर्दर्न रेलवे संजीव कुमार श्रीवास्तव, डीआरएम संजीव कुमार सहित भाजपा की लीडरशिप के साथ शाम चार बजे और गढ़ा फाटक पर पांच बजे नींवपत्थर रखेंगे। इस कारण गुरु नानक पुरा फाटक सुबह छह से शाम छह बजे तक बंद रखा जाएगा। 112.93 करोड़ रुपये की लागत से दोनों आरओबी का निर्माण होगा। इसमें 48.95 करोड़ रुपये गुरु नानक पुरा और 63.98 करोड़ रुपये गढ़ा के आरओबी के लिए रेलवे की तरफ से खर्च जाएंगे। आज यहां से ट्रैफिक डायवर्ट 1. लाडोवाली रोड पर कृष्णा फैक्ट्री से बीएसएफ चौक से पीपी चौक की तरफ – चोगिटी चौक से पीपी चौक की तरफ वाहन चालकों को जाना होगा जालंधर शहर और कैंट के मध्य अमृतसर-नई दिल्ली रेल लाइन पर पड़ने गुरु नानक पुरा फाटक सबसे व्यस्त रहता है। यहां से 110 रेलगाड़ियां रोज गुजरती हैं। ऐसे में आरओबी का कार्य शुरू होने पर इस फाटक से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करना बड़ी चुनौती होगा, क्योंकि पीपी सर्विस लेन बंद होने से पहले ही 95 प्रतिशत ट्रैफिक इसी फाटक से और पांच प्रतिशत रामामंडी से आ रहा है। डायवर्जन विकल्प में बशीरपुरा फाटक भी है, मगर वह एरिया बहुत तंग है। पीएपी की सर्विस लेन का काम जल्द पूरा होना जरूरी जालंधर शहर और कैंट के मध्य अमृतसर-नई दिल्ली रेल लाइन पर पड़ने गुरु नानक पुरा फाटक सबसे व्यस्त रहता है। यहां से 110 रेलगाड़ियां रोज गुजरती हैं। ऐसे में आरओबी का कार्य शुरू होने पर इस फाटक से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करना बड़ी चुनौती होगा, क्योंकि पीएपी सर्विस लेन बंद होने से पहले ही 95 प्रतिशत ट्रैफिक इसी फाटक से और पांच प्रतिशत रामामंडी से आ रहा है। डायवर्जन विकल्प में बशीरपुरा फाटक भी है, मगर वह एरिया बहुत तंग है। ट्रैफिक का भार बढ़ने से क्या स्थिति बनेगी। दूसरी तरफ सारा ट्रैफिक रामामंडी की तरफ डायवर्ट होता है, तब भी स्थिति बिगड़ेगी। ऐसे में बस विकल्प नहीं है कि पीएपी सर्विस लेन पर रैंप बनाने का कार्य जल्द पूरा करवाया जाए। यूं तो कंस्ट्रक्शन कंपनी ने एक तरफ से पीएपी की बाउंडर पीछे हटाकर बना दी है और दूसरी तरफ पिल्लर बनाए जा रहे हैं। ड्रेन सिस्टम भी तैयार कर दिया है। कंपनी का दावा है कि अक्टूबर तक इसका काम पूरा कर दिया जाएगा। रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनने वाला दूसरा स्टील का बोर्डिंग ब्रिज जालंधर-दिल्ली रेलखंड पर स्थित गुरु नानकपुरा रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर स्टील का बोस्ट्रिंग ब्रिज ही बनाया जाएगा। रेलवे आरओबी के निर्माण के ऊपर आने वाले खर्च का 100 प्रतिशत वाहन करेगी। लद्देवाली में पहला बोस्ट्रिंग ब्रिज बनाया जा चुका है। तब रेलवे और राज्य सरकार की तरफ से आधा-आधा खर्च वहन किया था। लद्देवाली में आरओबी निर्माण को लेकर आने वाली सभी चुनौतियों गुरु नानक पुरा आरओबी बनाने में भी आएंगे। क्योंकि उसी तरह से सीवरेज सिस्टम, पानी की पाइपों आदि गुरु नानक पुरा में शिफ्टिंग करनी होगी।

iPhone 17 Pro पर भारी डिस्काउंट, प्रीमियम फीचर्स के साथ कीमत में बड़ी कटौती

अगर आप लंबे समय से ऐपल के प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 17 Pro को खरीदने का इंतजार कर रहे थे, तो यह आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है. कंपनी के इस फ्लैगशिप डिवाइस पर फिलहाल बड़ा डिस्काउंट मिल रहा है, जिससे इसकी कीमत लॉन्च प्राइस के मुकाबले काफी कम हो गई है. प्रीमियम डिजाइन, दमदार कैमरा सिस्टम और लेटेस्ट प्रोसेसर के साथ आने वाला यह स्मार्टफोन अब पहले की तुलना में ज्यादा आकर्षक डील बन गया है. लॉन्च के मुकाबले कितनी कम हुई कीमत? iPhone 17 Pro के 256GB वेरिएंट को भारत में ₹1,34,900 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था. अब यह स्मार्टफोन ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर कम कीमत में उपलब्ध है. मौजूदा ऑफर के तहत फोन की लिस्टेड कीमत ₹1,22,900 तक पहुंच गई है. इसके अलावा चुनिंदा बैंक कार्ड ऑफर का फायदा लेने पर खरीदारों को अतिरिक्त छूट भी मिल रही है. कुल मिलाकर इस डिवाइस पर करीब ₹18,000 तक की बचत की जा सकती है, जिससे इसकी प्रभावी कीमत लगभग ₹1,16,900 रह जाती है. डिस्प्ले और डिजाइन में क्या है खास? iPhone 17 Pro में 6.3 इंच का सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. OLED पैनल के साथ आने वाला यह डिस्प्ले बेहद ब्राइट और शार्प विजुअल एक्सपीरियंस देता है. फोन की पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक पहुंच सकती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन आसानी से दिखाई देती है. डिस्प्ले की सुरक्षा के लिए कंपनी ने Ceramic Shield 2 का इस्तेमाल किया है. वहीं इसका प्रीमियम एल्युमिनियम बॉडी डिजाइन इसे मजबूत और आकर्षक लुक देता है. परफॉर्मेंस के लिए मिला नया A19 Pro Bionic चिप ऐपल ने इस फोन में अपना लेटेस्ट A19 Pro Bionic प्रॉसेसर दिया है. 3nm तकनीक पर आधारित यह चिपसेट बेहतर स्पीड, पावर एफिशिएंसी और एआई प्रॉसेसिंग ऑफर करता है. फोन में वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो लंबे समय तक गेमिंग या हेवी टास्क के दौरान तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है. कैमरा लवर्स के लिए शानदार पैकेज फोटोग्राफी के लिए iPhone 17 Pro में ट्रिपल 48MP कैमरा सेटअप मिलता है. इसमें 48MP का प्राइमरी सेंसर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 48MP का टेलीफोटो लेंस शामिल है. यह सेटअप अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर फोटो और वीडियो कैप्चर करने में सक्षम है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 18MP सेंटर स्टेज कैमरा दिया गया है, जो ऑटो फ्रेमिंग जैसी सुविधाएं भी सपोर्ट करता है. क्या यह खरीदने का सही समय है? प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे यूजर्स के लिए मौजूदा डिस्काउंट ऑफर काफी आकर्षक माना जा सकता है. लॉन्च के कुछ महीनों बाद मिलने वाली यह कीमत उन ग्राहकों को फायदा दे सकती है जो फ्लैगशिप अनुभव चाहते हैं लेकिन थोड़ा कम खर्च करना पसंद करते हैं. मजबूत कैमरा, हाई-एंड प्रॉसेसर और iOS 26 जैसे फीचर्स इसे प्रीमियम सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाते हैं.

खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करें, किसानों को समय पर उपलब्ध हों सभी संसाधन: मुख्यमंत्री

असामान्य वर्षा की आशंका के दृष्टिगत प्रदेशव्यापी तैयारी तेज, पूरी तरह सतर्क रहें सभी विभाग: मुख्यमंत्री खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करें, किसानों को समय पर उपलब्ध हों सभी संसाधन: मुख्यमंत्री बीज, उर्वरक, सिंचाई और फसली ऋण की व्यवस्था पर विशेष जोर, जमीनी स्तर पर हो सतत निगरानी पशुधन संरक्षण, चारा भंडारण और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश खरीफ अभियान, पेयजल, पशुधन संरक्षण एवं जल संरक्षण की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की विस्तृत समीक्षा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के अंतर्गत आने वाले विभागों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि मौसम की अनिश्चितता और वर्षा के बदलते स्वरूप को देखते हुए प्रदेश को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। ऐसे में किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई जल, विद्युत आपूर्ति, फसली ऋण तथा वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पूर्व तैयारी रखने के निर्देश दिए।  बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि वर्ष 2025 में 106.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी। इस वर्ष धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन तथा कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। 22 जून तक 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई तथा 4.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान नर्सरी का आच्छादन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए किसानों को समय पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। संभावित अल्पवृष्टि अथवा सूखे की स्थिति के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न परिस्थितियों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है। आवश्यकता पड़ने पर उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल तथा अन्य कम अवधि वाली फसलों के आच्छादन को बढ़ाया जाएगा। किसानों को संदेश सेवा, आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा अन्य माध्यमों से कृषि संबंधी तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम कवरेज तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बीज उपलब्धता की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026 में अनुदान पर बीज वितरण का लक्ष्य 2.29 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 1.77 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 1.12 लाख क्विंटल से अधिक बीज का वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रहे और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की उपलब्धता की नियमित निगरानी की जाए तथा कृत्रिम कमी अथवा कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाए। उद्यान विभाग की समीक्षा में बताया गया कि सूखा प्रबंधन की रणनीति के तहत 125 हाईटेक नर्सरियों के माध्यम से 15 करोड़ सब्जी पौध उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सिंचाई तथा लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि नहर प्रणाली का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए और अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाया जाए। प्रत्येक ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर सिंचाई संसाधनों तथा कृषि आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों के उपयोग में पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संभावित सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारा, पानी और चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। भूसा संग्रहण अभियान के अंतर्गत 131.40 लाख क्विंटल के लक्ष्य के सापेक्ष 136.01 लाख क्विंटल भूसा संग्रहित किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है। पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान निरंतर संचालित हैं तथा मोबाइल वेटनरी यूनिट्स के माध्यम से चौबीसों घंटे सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने चारा भंडारण तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। पंचायती राज विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल स्रोतों के संरक्षण, हैंडपंपों के अनुरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तेज गति से जारी है जांच

एसआईटी ने की अग्निकांड स्थल की पड़ताल, घायलों से भी मिला जांच दल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तेज गति से जारी है जांच घायलों से मिली जानकारी व साक्ष्य के आधार पर कई लोगों से होगी पूछताछ: अमृत अभिजात एफएसएल की टीम ने मौके से जुटाए महत्वपूर्ण साक्ष्य, निर्धारित समय में आएगी जांच रिपोर्ट: प्रवीण कुमार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर अलीगंज अग्निकांड की समग्र जांच तेज गति से जारी है। मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) घटनास्थल पर पहुंचा। टीम ने इसके बाद केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की और उनसे घटना के संबंध में जानकारी ली। उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। एसआईटी के सदस्य अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने करीब एक घंटे से अधिक समय तक बारीकी से पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। अमृत अभिजात ने कहा कि घटनास्थल की विभिन्न प्रकार से फोटो ली गई हैं। साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों व विभागों से भी पूछताछ होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि हम लोगों ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया है। साथ में फॉरेंसिक की टीम ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। घटना से संबंधित हर विभाग के दायित्व को जांच दायरे में शामिल किया गया है। अग्निकांड पीड़ितों से भी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। घटनास्थल से निकलने के बाद एसआईटी ने केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की। अयोध्या मामले में एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी  अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में कथित दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक प्रतिवेदन है। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एफएसएल ने जुटाए घटनास्थल से नमूने घटनास्थल पर एफएसएल डायरेक्टर आदर्श कुमार और विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसमें मलबा, जले हुए उपकरण और तार समेत अन्य नमूने शामिल हैं। गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही सीएम योगी ने अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया था। उन्होंने केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। एसआईटी को 7 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। अब तक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

विद्यार्थियों की सुरक्षा पर योगी सरकार सख्त, अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ पूरे यूपी में चलेगा विशेष अभियान

विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार सख्त, अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ पूरे प्रदेश में जारी रहेगा विशेष अभियान   सभी जिलाधिकारियों को लगातार सर्वे और कार्रवाई के निर्देश, पंजीकृत कोचिंग संस्थानों का भी हो रहा सुरक्षा ऑडिट    सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण को लेकर नहीं किया जाएगा कोई समझौता किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगाः उच्च शिक्षा मंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेशभर में संचालित कोचिंग संस्थानों के विनियमन को प्रभावी बनाने तथा अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध विशेष अभियान तेजी के साथ चलाया जा रहा है।   उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश है कि वे अपने जनपदों में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण कर सूची तैयार करें। जो संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पंजीकृत संस्थानों का भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप निरीक्षण कराया जा रहा है। इसमें भवन व्यवस्था, अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच शामिल है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।   उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित सर्वोपरि हैं। सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान निर्धारित मानकों का पालन करे।   उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय शैक्षिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित शिक्षण वातावरण मिले और कोचिंग संस्थानों में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो।   इस संबंध में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव द्वारा पत्र भी जारी किया गया। अब जिलाधिकारियों द्वारा अपने जनपदों में अभियान चलाकर बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों की पहचान और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ही पंजीकृत संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार विजेताओं को दी बधाई, कहा- प्रदेश के लिए गौरव की बात

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी शुभकामनाएं राष्ट्रपति ने मंगलवार शाम प्रदान किया पद्म पुरस्कार इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान: मुख्यमंत्री चिरंजी लाल यादव व अनिल रस्तोगी को कला, रघुपत सिंह (मरणोपरांत) को कृषि, संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर को मिला पद्मश्री लखनऊ  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-II में वर्ष 2026 के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। इसमें उत्तर प्रदेश की कई विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर पोस्ट कर पद्म पुरस्कार से अलंकृत विभूतियों को शुभकामनाएं दीं।  'कांसा नक्काशी' की कला को सहेजने, संवारने में चिरंजी लाल का अमूल्य योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा चिरंजी लाल यादव को कला के क्षेत्र में 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। सीएम ने पोस्ट किया कि पिछले पांच दशकों से 'कांसा नक्काशी' की समृद्ध कला को सहेजने, संवारने और उसे राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में आपका योगदान अमूल्य और सराहनीय है। आपकी इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। रघुपत जी की तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रपति द्वारा स्व. रघुपत सिंह जी को कृषि के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान हेतु 'पद्म श्री' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाना अत्यंत गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायी है। पांच दशकों से अधिक समय तक कृषि सेवा के प्रति उनकी तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने अपना जीवन पारंपरिक बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित कर किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने में असाधारण योगदान दिया। आत्मनिर्भर कृषि व जैव विविधता संरक्षण को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। 'रस्तोगी जी ने कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गौरवभूषित' मुख्यमंत्री ने अनिल रस्तोगी को भी पद्मश्री मिलने पर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि प्रख्यात रंगकर्मी एवं विद्वान अनिल कुमार रस्तोगी को कला क्षेत्र में 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किया जाना उत्तर प्रदेश वासियों के लिए हर्ष व गर्व का विषय है। 1,000 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों व वैश्विक नाट्य महोत्सवों के माध्यम से आपने भारतीय कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवभूषित किया है। आपके शोध पत्र, आपकी उत्कृष्ट शिक्षा, संस्कार एवं विद्वता के जीवंत प्रमाण हैं। रंगमंच के लिए आपका योगदान रंगकर्मियों के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद है। मंगला कपूर जी की परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है पद्मश्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए उत्तर प्रदेश की सुप्रसिद्ध संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर जी को 'पद्म श्री' से अलंकृत किया जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। दुर्लभ रागों का दस्तावेजीकरण और 40 से अधिक मौलिक रचनाओं का संकलन उनकी प्रतिभा और तपस्या का प्रमाण है। यह सम्मान उनके अथक परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है।

केंद्रीय मंत्री बिट्टू की आज SC कमीशन में पेशी, सार्वजनिक माफी पर हो सकता है फैसला

चंडीगढ़  केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू आज एससी आयोग के समक्ष पेश होंगे। आयोग ने उन्हें तलब किया है। इससे पहले वह दो बार सुनवाई में पेश नहीं हुए थे, जिसके चलते आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने सख्त रुख अपनाया है। पिछली सुनवाई के दौरान बिट्टू की ओर से पेश हुए वकीलों ने उनकी बात चेयरमैन से फोन पर करवाई थी। इस दौरान चेयरमैन ने कहा था कि पिछली बार सुनवाई की तारीख उनकी सुविधा के अनुसार तय की गई थी और उन्हें मामले की पूरी जानकारी भी थी। ऐसे शुरू हुआ था यह विवाद 26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान के दिन धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद उनकी संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया था। 26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान वाले दिन धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में लियाथा। उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद उनकी संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक व जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को 'गुंडागर्दी' करार दिया था। बिट्टू ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली इस संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद पंजाब एससी कमीशन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिट्टू को तलब कर लिया और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी। हालांकि, बिट्टू ने अपने शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। वहीं, संगरूर पुलिस की तरफ से भी रिपोर्ट पेश कर दी गई। दो बार ऐसे चली सुनवाई बिट्टू को 4 जून 2026 को पेश होने का आदेश दिया गया था। हालांकि, निजी कारणों और दिल्ली में जरूरी व्यस्तताओं के चलते वह खुद पेश नहीं हुए। इसके बजाय उनके वकील पेश हुए। उन्होंने आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी से बिट्टू की बात करवाई और उनकी व्यस्तताओं की जानकारी दी। साथ ही अगली तारीख देने का अनुरोध किया। इसके बाद उन्हें 15 जून 2026 को दोबारा तलब किया गया।  

योगी सरकार का ‘संभव 6.0’ अभियान शुरू, गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक कुपोषण पर होगा बड़ा वार

योगी सरकार का 'संभव 6.0' अभियान शुरू, गर्भावस्था से लेकर बाल्यावस्था तक कुपोषण से मिलेगी मुक्ति  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग चला रहा राज्यव्यापी अभियान आईसीडीएस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, यूनिसेफ समेत कई संस्थाओं के सहयोग से तैयार हुई व्यापक कार्ययोजना पोषण सुरक्षा का नया संकल्पः साप्ताहिक रिपोर्ट कार्ड से होगी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग हर 15 दिन पर जिला कार्यक्रम अधिकारियों के साथ होगी राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने मातृ एवं बाल कुपोषण को कम करने तथा पोषण सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'संभव 6.0' अभियान की शुरुआत की है। अभियान का राज्य स्तरीय शुभारम्भ बीती 18 जून को लखनऊ से किया गया। इस वर्ष अभियान की थीम गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, नवजात शिशुओं और बच्चों को बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 'संभव 6.0' अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, यूनिसेफ तथा अन्य विकास सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। अभियान के दौरान सभी विभाग संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे। प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने के लिए साप्ताहिक रिपोर्ट कार्ड तैयार किए जाएंगे, जबकि जुलाई से सितम्बर 2026 तक प्रत्येक 15 दिन पर राज्य स्तर से जिला कार्यक्रम अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित होगी। व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाएंगे संचालित सभी मंडलों और जनपदों के लिए माइक्रो प्लान साझा किया गया है। इसके तहत व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे ताकि जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों को अभियान की रणनीति और लक्ष्यों से भलीभांति अवगत कराया जा सके। इसके साथ ही आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज विभाग के संयुक्त सहयोग से प्रदेशभर में विशेष पोषण पाठशाला का आयोजन किया जाएगा, जहां परिवारों को संतुलित आहार, शिशु देखभाल और मातृ स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। कुपोषण में कमी और स्वस्थ भविष्य है अभियान का लक्ष्य 'संभव 6.0' जीवन-चक्र आधारित दृष्टिकोण पर आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य गर्भधारण से लेकर बाल्यावस्था तक पोषण संबंधी सेवाओं को सुदृढ़ करना है। जुलाई 2026 में जिला पोषण समिति (डीएनसी) की बैठकों के दौरान सभी जनपदों में अभियान का औपचारिक शुभारम्भ किया जाएगा। अभियान के परिणामों का प्रारम्भिक आकलन अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में किया जाना प्रस्तावित है। अभियान के प्रभाव और उपलब्धियों का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए नियोजन विभाग के माध्यम से तृतीय पक्ष मूल्यांकन कराया जाएगा। इससे वास्तविक प्रगति का आकलन संभव हो सकेगा और भविष्य की रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। हर्षिता माथुर, निदेशक, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन