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बड़ा अपडेट: CM विजिट से पहले ROB पर लोड टेस्टिंग, ट्रैफिक जाम से जल्द मिलेगी राहत

बांदीकुई. अलवर-बांदीकुई मार्ग पर धोली गुमटी स्थित ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य को गति देने के प्रयास तेज हो गए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने शनिवार शाम एक बार फिर लोड टेस्टिंग शुरू की, जिससे लंबे समय से लंबित इस परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित दौरे को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग अब ओवरब्रिज के कार्य को पूरा करने में जुटा हुआ है। बता दें कि बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा आरओबी को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए लंबे समय से प्रयासरत हैं। विभाग ने टोटल स्टेशन मशीन से 25-25 टन के चार ट्रकों को ओवरब्रिज पर खड़ा कर लोड डाला है। ट्रकों को 24 घंटे तक खड़ा रखा जाएगा, इसके बाद हटाकर अगले 24 घंटे तक ब्रिज की स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरओबी को चालू करने पर निर्णय लिया जाएगा। सुरक्षा पर फोकस, फिर क्यों हुई टेस्टिंग गौरतलब है कि जून 2025 में भी नमो टेक कंसल्टेंसी द्वारा ब्रिज की जांच की जा चुकी है। इसके बावजूद दोबारा टेस्टिंग को लेकर विभागीय अधिकारी खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन सूत्रों के अनुसार सुरक्षा के लिहाज से कोई जोखिम नहीं लेने की नीति के तहत यह कदम उठाया गया है। यह आरओबी वर्ष 2015-16 में स्वीकृत हुआ था और 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक निर्माण अधूरा है। करीब 28 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ प्रोजेक्ट बढ़कर 34 करोड़ तक पहुंच गया है। लगभग 980 मीटर लंबाई के इस ब्रिज के अधूरे रहने से लोगों को वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले तेज हुई हलचल मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और संभावित उद्घाटन को देखते हुए विभागीय अधिकारी काम पूरा करने में जुटे हैं। सहायक अभियंता विनोद कुमार मीणा और नितेश सैनी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और बताया कि अब विभिन्न प्वाइंट बनाकर टेस्टिंग की जा रही है। विधायक के प्रयास, जल्द उद्घाटन की उम्मीद विधायक भागचंद टांकड़ा लंबे समय से आरओबी चालू कराने के प्रयास में लगे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और विभागीय अधिकारियों के साथ कई बैठकों में इस मुद्दे को उठाया है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री के आगमन पर विकास कार्यों के लोकार्पण की तैयारी है, जिसमें इस आरओबी को भी शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

ठाकुर दिलीप सिंह पर भगोड़ा नोटिस, CBI कोर्ट से 8 अप्रैल तक का समय; भैणी साहिब गद्दी विवाद और मर्डर केस में शामिल

लुधियाना  नामधारी संप्रदाय के सतगुरु जगजीत सिंह की मौत के बाद उत्तराधिकार विवाद में ठाकुर दिलीप सिंह अब फंसते नजर आ रहे हैं। सीबीआई स्पेशल कोर्ट मोहाली ने ठाकुर दिलीप सिंह को भगोड़ा (PO) घोषित करने के लिए पब्लिक नोटिस जारी कर दिया है। यह आदेश 9 साल से चल रही जांच और आरोपी के लगातार गायब रहने के बाद आया है। कोर्ट ने ठाकुर दिलीप सिंह के पीओ घोषित करने के लिए बाकायदा पब्लिक नोटिस भी पब्लिश करवा दिए हैं। आरोपी को 8 अप्रैल तक कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। अगर ठाकुर दिलीप सिंह कोर्ट में तय तिथि तक पेश नहीं हुए तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। ठाकुर दिलीप सिंह के खिलाफ तीन अलग-अलग थानों में केस दर्ज थे। माता चंद कौर की हत्या, सतगुरु उदय सिंह व माता चंद कौर के दामाद जगतार सिंह पर हमले की साजिश और नामधारी अवतार सिंह की हत्या में ठाकुर दिलीप सिंह का नाम आया। 2017 में ये तीनों मामले मर्ज करके सीबीआई को भेज दिए गए। सीबीआई ने चंडीगढ़ में मामला दर्ज करके इसकी जांच शुरू की, लेकिन ठाकुर दिलीप सिंह इस मामले में कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए। जिसकी वजह से कोर्ट ने पीओ नोटिस जारी किया है। भगोड़ा घोषित हुए तो CBI और पुलिस दिलीप सिंह की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए उनकी तलाश तेज की जाएगी। ठाकुर दिलीप सिंह कौन हैं? ठाकुर दिलीप सिंह नामधारी संप्रदाय के दिवंगत सतगुरु जगजीत सिंह के बड़े भतीजे हैं। 5 अगस्त 1953 को भैणी साहिब (लुधियाना) में महाराज बीर सिंह के घर जन्मे दिलीप सिंह सिरसा स्थित अपने डेरे से नामधारी संगत के एक हिस्से का नेतृत्व करते हैं। 2012 में सतगुरु जगजीत सिंह की मौत के बाद उत्तराधिकार का विवाद भड़का। माता चंद कौर ने छोटे भाई उदय सिंह का समर्थन किया, जबकि दिलीप सिंह खुद गद्दी पर दावा कर रहे थे। इस विवाद ने संप्रदाय को दो गुटों में बांट दिया। श्री भैणी साहिब में उत्तराधिकार को लेकर उपजे विवाद में सीबीआई की जांच…     2012 में सतगुरु जगजीत सिंह की मौत: 2012 में श्री भैणी साहिब के प्रमुख सतगुरु जगजीत सिंह की मौत हुई। मौत से पहले उन्होंने सार्वजनिक तौर पर किसी को उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया। उनकी मौत के साथ ही उत्तराधिकार विवाद शुरू हुआ। ठाकुर उदय सिंह व ठाकुर दिलीप सिंह दावेदार थे।     सतगुरु उदय सिंह बने प्रमुख: ठाकुर उदय सिंह को श्री भैणी साहिब में नामधारी संप्रदाय की कमान सौंपी गई। उन्हें सतगुरु जगजीत सिंह की जगह सतगुरु बनाया गया। वहीं से ठाकुर दिलीप सिंह ने इस फैसले का विरोध करना शुरू किया।     जालंधर में टिफिन बम ब्लास्ट की साजिश: CBI जांच के अनासार ठाकुर दिलीप सिंह पर दिसंबर 2015 में एक खौफनाक आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है। साजिश यह थी कि जालंधर के फेमस 'हरिबल्लभ संगीत सम्मेलन' (25 दिसंबर 2015) के दौरान नामधारी संप्रदाय के वर्तमान प्रमुख सतगुरु उदय सिंह और माता चंद कौर के दामाद जगतार सिंह को टिफिन बम धमाके में मार दिया जाए। जांच एजेंसी का दावा है कि इस हमले का मास्टरमाइंड दिलीप सिंह ही थे। इस मामले की एफआईआर जालंधर में दर्ज की गई।     माता चंद कौर हत्याकांड: यह संप्रदाय के इतिहास का सबसे हाई-प्रोफाइल मर्डर केस रहा। 4 अप्रैल 2016 को नामधारी संप्रदाय के मुख्यालय भैणी साहिब (लुधियाना) के भीतर माता चंद कौर की दो अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। माता चंद कौर ने ठाकुर उदय सिंह को सतगुरु बनाने की घोषणा की थी, जिससे ठाकुर दिलीप सिंह गुट नाराज था। इस मामले की एफआईआर थाना कुमकलां लुधियााना में दर्ज की गई।     नामधारी अवतार सिंह की हत्या: माता चंद कौर की हत्या के बाद नामधारी समुदाय के अवतार सिंह की हत्या अज्ञात हमलावरों ने 2017 में की। इस हत्या में भी ठाकुर दिलीप सिंह का नाम सामने आया। इस मामले की एफआईआर साहनेवाल थाने में दर्ज की गई।     पुलिस जांच नहीं कर पाई तो सीबीआई को दिया केस: पुलिस जब इन तीनों मामलों को हल नहीं कर पाई तो राज्य सरकार ने इसे सीबीआई जांच के लिए भेज दिया। तीनों केस नामधारी समुदाय से संबंधित थे और उनका कनेक्शन दिलीप सिंह से बताया। सीबीआई ने तीनों केसों को मर्ज करके 2017 में एक नई एफआईआर दर्ज की और उसके बाद जांच शुरू की। जांच के बाद सीबीआई ने कई अहम खुलासे किए। सीबीआई जांच में यह बात सामने आई कि इन घटनाओं से सतगुरु उदय सिंह व उनके समर्थकों को डराना था।     मामले में निकाल थाइलैंड कनेक्शन: पंजाब पुलिस ने अमृतसर के पास से कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने कबूला कि उन्हें सिरसा गुट (दिलीप सिंह) से निर्देश मिले थे। बाद में CBI ने इस साजिश की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों (थाइलैंड कनेक्शन) की जांच शुरू की।     ड्राइवर की गिरफ्तारी से खुला था राज: इस मामले में दिलीप सिंह का पूर्व ड्राइवर पलविंदर सिंह उर्फ डिंपल मुख्य कड़ी साबित हुआ। डिंपल को साल 2018 में बैंकॉक (थाइलैंड) से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था। उसके बयानों के आधार पर ही साजिश की कड़ियां जुड़ीं। अन्य आरोपियों में जगमोहन सिंह, हरदीप सिंह और हरभेज सिंह शामिल हैं।

15 अप्रैल तक नहीं पहुंचीं नई किताबें, बिहार के स्कूलों में पुरानी किताबों से ही पढ़ाई जारी

पटना. जिले के सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा के बाद आगे की कक्षा में प्रोमोट होने वाले स्कूली बच्चों को पुरानी किताबें स्कूल में जमा करने के लिए कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, पुरानी जमा लेने के बाद नई किताबों को मिलाकर बच्चों को वितरित किया जाएगा। पुरानी किताबों की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में ही बच्चों को नई किताबें दी जाएंगी। जिले में कक्षा एक से आठवीं की करीब 50 हजार पुरानी किताबें वापस होने की उम्मीद है। बहुत पुरानी और फटे हुए किताब वितरित नहीं की जाएगी। उनकी जगह नई किताबें दी जाएंगी। सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 9वीं तक की नई किताबें पहुंचनी शुरू हो गई है। पहले चरण में नया सत्र शुरू होने से पहले चार लाख 25 हजार किताबें स्कूलों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। जिले के प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों की ओर से 7,25,189 नई किताबों की मांग की गई है। विभागीय आदेश के अनुसार, बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के बाद स्कूलों के निरीक्षण करने वाले अधिकारी यह भी जांच करेंगे नई किताबें उपलब्ध कराई गई हैं या नहीं। इसकी की रिपोर्ट विभाग को देंगे। 15 अप्रैल तक पहुंचाने का लक्ष्य मांग की गई किताबों को 15 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, स्कूलों में एक अप्रैल से नए सत्र की पढ़ाई प्रारंभ होगी। प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया गया कि जब तक नई किताबें नहीं पहुंच पातीं, तब तक वे पुरानी से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। जिले में कक्षा एक से आठवीं तक वर्गवार नामांकित बच्चे कक्षा     बच्चों की संख्या     किताबों की संख्या     प्रति बच्चा किताबें (औसत) कक्षा 1     46,732     41,568     0.89 कक्षा 2     60,260     50,056     0.83 कक्षा 3     68,380     59,649     0.87 कक्षा 4     76,868     66,779     0.87 कक्षा 5     79,229     67,567     0.85 कक्षा 6     67,402     57,699     0.86 कक्षा 7     64,417     53,817     0.84 कक्षा 8     64,335     52,144     0.81 कुल     5,27,623     4,49,279     0.85 कुल छात्र: 5,27,623 कुल किताबें: 4,49,279

दो दशक की ईमानदारी बनी ढाल और एक झटके में दर्जनों ज्वेलर्स को लगा करोड़ों का चूना

हरियाणा किसी बड़ी वारदात या चोरी को अंजाम देने के लिए कोई कितने साल तक प्लानिंग कर सकता है? एक-दो साल? जी नहीं, हरियाणा के पानीपत से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बंगाली कारीगर ने शहर के सर्राफा व्यापारियों (ज्वेलर्स) का विश्वास जीतने के लिए पूरे 25 साल लगा दिए. साल 2001 से शहर में काम कर रहे इस कारीगर ने जैसे ही व्यापारियों का पूरा भरोसा जीता, वह दर्जनों ज्वेलर्स के करोड़ों रुपये के गहने लेकर रातों-रात फरार हो गया. 25 साल से बना रहा था मास्टरप्लान पानीपत के ज्वेलर्स कभी सपने में भी नहीं सोच सकते थे कि जो व्यक्ति उनके बीच 25 साल (साल 2001 से) से रह रहा है, वह असल में विश्वास नहीं जीत रहा था, बल्कि एक बहुत बड़ी डकैती की प्लानिंग कर रहा था. आरोपी कारीगर का नाम मोहिदुल मलिक है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. वह पिछले 25 साल से पानीपत में रहकर ज्वेलरी रिपेयरिंग (गहने सुधारने) का काम कर रहा था. इतने लंबे समय तक ईमानदारी से काम करने के कारण बाजार के दर्जनों ज्वेलर्स उस पर आंख मूंदकर भरोसा करने लगे थे.   रिपेयरिंग के नाम पर इकट्ठा किए करोड़ों के जेवर ठगी का शिकार हुए पीड़ित ज्वेलर सचिन वर्मा ने बताया कि मोहिदुल मलिक ने हाल ही के दिनों में एक सोची-समझी साजिश के तहत काम किया. पिछले कुछ दिनों से मोहिदुल अलग-अलग ज्वेलर्स से रिपेयरिंग के लिए आने वाले गहनों को सिर्फ इकट्ठा कर रहा था और वापस नहीं लौटा रहा था. जब उसके पास करोड़ों रुपये का गोल्ड (सोना) जमा हो गया, तो वह एक दिन अचानक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शहर छोड़कर फरार हो गया. व्यापारियों को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि 25 साल पुराना कारीगर उनके साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी कर सकता है. पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश तेज ठगी का अहसास होने के बाद ज्वेलर्स ने तुरंत पुलिस का दरवाजा खटखटाया है. डीएसपी सतीश वत्स ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बाजार के कई सर्राफा व्यापारियों ने कारीगर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के मुताबिक, अभी तक यह स्पष्ट रूप से कन्फर्म नहीं हो पाया है कि आरोपी कुल कितनी कीमत के गहने लेकर फरार हुआ है, लेकिन अनुमान करोड़ों में है. पुलिस ने आरोपी बंगाली कारीगर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें तलाश में जुट गई हैं.  

पाम संडे पर ईसाई समाज ने एक स्वर में व्यक्त की श्रद्धा, सभी ने कहा – प्रभु हम आपके सेवक हैं

पाम संडे पर ईसाई समाज ने एक स्वर में व्यक्त की श्रद्धा, सभी ने कहा – प्रभु हम आपके सेवक हैं भोपाल  आज दिनांक 29/ 3/ 2026 को  ईसाई समाज में पाम संडे का दिन खास रहा और  सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रभु हम आपके सेवक है   हम पूरी कलीसिया ने मिलकर  देश-विदेश के लिए प्रार्थना करी कि प्रभु देश में शांति बनाए रखें और सभी स्वास्थ्य में प्रसन्न रहे चर्च के लोगों ने खजूर की डालियां हाथ में थाम कर सुभाष पाठक से बेथलम चर्च बरखेड़ी फाटक से चर्च तक रैली निकाली इस माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया रैली में शामिल लोग यीशु के बलिदान और उसकी महिमा से जुड़े गीत एवं ह होस्ना के नारे लगाए गए जिसमें रतलाम से आए हुए स्पीकर पास्टर धूलिया ने चर्च के अंदर पाम संडे पर सभी समाज के लोगों के साथ प्रभु का वचन दिया और उन्होंने बताया कि 2000 वर्ष पहले प्रभु यीशु ने यरुशलम में प्रवेश के दिन को याद किया . इस दिन लोगों ने खजूर की डालियां डाली और अपने वस्त्र मार्ग में बिछाकर प्रभु यीशु मसीह के आगमन पर उनका स्वागत किया श्री हैरीस लाल ने बताया कि चर्च में चर्च के बच्चों के द्वारा प्रभु यीशु मसीह को याद करते हुए स्क्रिप्ट करा और होस्नाके नारे लगाएंसभी  भोपाल के सभी गिरजाघर में नारे लगे और इसी प्रकार जुलूस निकाला गया चर्च के अंदर बहुत बड़ी संख्या में ईसाई समाज इकट्ठा हुआ सबने मिलकर युद्ध बंद करने के लिए प्रार्थना की गई और समाज में मिलकर रहने का प्रभु यीशु मसीह से प्रार्थना किया .

स्थापना दिवस पर भाजपा का बड़ा प्लान, 6 से 14 अप्रैल तक प्रदेशभर में होंगे आयोजन

रायपुर. भाजपा 6 अप्रैल को अपना 47वां स्थापना दिवस मनाएगी। देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भी इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यशवंत जैन को इस समिति का संयोजक बनाया गया है। वहीं, समिति में रंजना साहू, जी वेंकटराव और शिवनाथ यादव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा ऋतु चौरसिया और कमल गर्ग भी समिति के सदस्य होंगे। 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक कार्यक्रमों का पखवाड़ा चलेगा। इस दौरान बूथ, मंडल और जिला स्तर पर विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। समिति द्वारा पूरे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी इसी समिति पर होगी। 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन हुआ था. हर साल 6 अप्रैल को बीजेपी स्थापना दिवस मनाती है. इस बार छत्तीसगढ़ में भाजपा 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विभिन्न कार्यों के जरिए बीजेपी स्थापना दिवस मनाएगी. इस बार के आयोजन में बीजेपी बाबासाहेब के विचारों और उनकी जीवनी को गांव गांव तक पहुंचाएगी. इस आयोजन से पहले बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर अटैक किया है और कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाया है. अविभाजित मध्य प्रदेश का हिस्सा छत्तीसगढ़ हमेशा से सुर्खियों में रहा है। साल 1998-99 में लोकसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने रायपुर के सभा में वादा किया था कि अगर केंद्र में उनकी सरकार बनी तो वह छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दे देंगे। इसी चुनाव में बीजेपी की जीत हुई और छत्तीसगढ़ एक अलग राज्य बन गया। 1 नवंबर, 2000 में छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिल गया। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद राज्य की बागडोर कांग्रेस नेता और पूर्व कलेक्टर अजीत जोगी को सौंपी गई। 2003 में पहली बार हुए थे चुनाव अलग छत्तीसगढ़ में पहली बार विधानसभा के चुनाव 2003 में हुए और बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की। अविभाजित मध्य प्रदेश में कांग्रेस का किला रहा छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के बाद बीजेपी का गढ़ बन गया। साल 2000 से 2003 तक भाजपा विपक्ष की भूमिका में रही, 2003 में बीजेपी जीती और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में डॉ रमन सिंह पर भरोसा जताया। यह वही समय था जब पार्टी की स्थिति हासिए पर मानी जाती थी। इसी दौरान भाजपा के 13 विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के संपर्क में आकर कांग्रेस में शामिल हो गए। बीजेपी इस समय बड़े घमासान से जूझ रही थी। ऐसे में डॉक्टर रमन सिंह ने चुनौती को सुनहरे अवसर में बदल दिया। 15 साल तक छत्तीसगढ़ राज्य में राज कर चुके रमन सिंह की भूमिका भी बीजेपी की प्रदेश में मौजूदा स्थिति में काफी योगदान रहा है।

लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आजमाएं यह पारंपरिक सत्तू ड्रिंक

गर्मी के मौसम में जैसे-जैसे पारा चढ़ता है, शरीर की एनर्जी कम होने लगती है और आप हर वक्त थके डिहाइड्रेटेड महसूस करते हैं. गर्मी में लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में उत्तर भारत का पारंपरिक सुपरफूड सत्तू सेहत का खजाना साबित होता है. भुने हुए चनों को पीसकर तैयार किया गया सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है जो आपके लिए बहुत फायदेमंद है. सत्तू के शरबत के बेमिसाल फायदे सत्तू का शरबत न केवल पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, बल्कि इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह चिलचिलाती धूप में भी शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखता है. अगर आप गर्मियों में सॉफ्ट ड्रिंक्स की जगह सत्तू पीते हैं तो यह आपकी सेहत को बेमिसाल फायदे मिलेंगे. सत्तू के शरबत की रेसिपी सत्तू (चना) – 3 बड़े चम्मच ठंडा पानी – 1 गिलास भुना जीरा पाउडर – आधा छोटा चम्मच काला नमक – स्वादानुसार नींबू का रस बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च पुदीने की पत्तियां बनाने का तरीका एक बड़े गिलास में सत्तू निकालें और थोड़ा सा पानी डालकर गुठलियां खत्म होने तक मिलाएं. अब बचा हुआ ठंडा पानी डालें और अच्छी तरह घोल लें. इसमें काला नमक, भुना जीरा, नींबू का रस और कटी हुई मिर्च-प्याज डालें. आप इस दौरान इसमें हल्का गुड़ मिला सकते हैं जो टेस्ट को बैलेंस करेगा. पुदीने की पत्तियों के साथ ठंडा-ठंडा सर्व करें. आप चाहें तो इसमें मिश्री या गुड़ डालकर मीठा शरबत भी बना सकते हैं

MP में मौसम का बदलाव, आज से 4 दिन तक आंधी और बारिश, कई इलाकों में ओले गिरने का अनुमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में रविवार से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले चार दिन तक आंधी-बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते यह बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा, जब कई हिस्सों में तेज गतिविधि दर्ज की जाएगी। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इस दौरान ओले गिरने की भी संभावना है।शनिवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय रहे मौसम सिस्टम अब आगे बढ़ रहे हैं, जिससे रविवार से इसका प्रभाव व्यापक होगा। आने वाले 24 घंटे में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।   IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, 30 और 31 मार्च को सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इस दौरान ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। शनिवार को एमपी के पूर्वी हिस्से में दोनों सिस्टम सक्रिय रहे, जो रविवार को आगे बढ़ेंगे। इस वजह से बारिश का दौर शुरू होगा। अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश का अलर्ट है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च से सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर, रीवा संभाग के अधिकांश हिस्से में आंधी, बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। 31 मार्च को भी ऐसा ही अलर्ट है। 1 अप्रैल को सिस्टम कमजोर होने लगेगा। हालांकि, प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश होने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहे शनिवार को मध्य प्रदेश में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग का कहना है कि 30 मार्च से सिस्टम ज्यादा असर दिखाएगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा। 31 मार्च को भी हालात ऐसे ही बने रहेंगे। 1 अप्रैल से सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन इसके बावजूद 20 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश होने के संकेत हैं। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा एमपी में मौसम आंधी-बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। फिलहाल अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बना हुआ है। नर्मदापुरम सबसे गर्म बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट का अनुमान जताया है। इससे पहले शनिवार को भी कई शहरों में तापमान में कमी दर्ज की गई। नर्मदापुरम में 1.5 डिग्री गिरावट के साथ पारा 38.5 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं खंडवा में भी इतना ही तापमान रहा। रतलाम में 38.2 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री, बैतूल में 37.7 डिग्री, नरसिंहपुर और खजुराहो में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, धार और सिवनी में 37.2 डिग्री तथा श्योपुर और सागर में 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री, भोपाल में 36.2 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री और उज्जैन में 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मार्च में चौथी बार बदला मौसम प्रदेश में मार्च के दौरान मौसम बार-बार बदल रहा है। महीने की शुरुआत में तेज गर्मी रही, जबकि दूसरे पखवाड़े में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो गया। एक दौर तो लगातार चार दिन तक चला, जिसमें 45 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओले गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 26-27 मार्च को फिर मौसम बदला। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश दर्ज की गई। अब रविवार, 29 मार्च से मौसम चौथी बार बदलने जा रहा है। अप्रैल-मई में पड़ेगी भीषण गर्मी मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ेगी। 

धर्म सम्मेलनों से समाज में एकता और राष्ट्र सेवा की भावना को मिलेगा बल: दत्तात्रेय होसबोले

धर्मशाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को कहा कि पूरे देश में धर्म के सही अर्थ और कर्तव्यों के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न धर्म सम्मेलन, स्वधर्म सम्मेलन और हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, "समाज में एकता और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करने के लिए ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जो लोग आध्यात्मिक साधना और समाज सेवा में लगे हुए हैं। वे इन सम्मेलनों में भाग लेकर राष्ट्र सेवा और आपसी एकता को बढ़ावा दे रहे हैं।" आरएसएस महासचिव ने कहा कि संघ ने समाज परिवर्तन के जो मार्ग बताए हैं, उनमें सभी लोगों को जुड़कर परस्पर सहयोग से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य है कि भारत मां की संतान के रूप में हर व्यक्ति अपने कर्तव्य को निभाए। समाज में एकता बनी रहे और लोग राष्ट्र के लिए कार्य करने की भावना से संकल्प लेकर आगे बढ़ें। होसबोले ने कहा कि देश में कई चुनौतियां और संकट मौजूद हैं, लेकिन सरकार भी देश को अच्छी स्थिति में लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, "धर्म सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य यही है कि हम सभी चुनौतियों को मिलकर पार करें और देश को मजबूत बनाएं।" आरएसएस महासचिव ने जोर देकर कहा कि इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारा और राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आध्यात्मिक क्षेत्र में कार्यरत हैं, उन्हें समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। दत्तात्रेय होसबोले ने स्पष्ट किया कि संघ किसी भी प्रकार के विभाजन या द्वेष को बढ़ावा नहीं देता, बल्कि वह समाज को एक सूत्र में पिरोने और सभी को राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू सम्मेलन, स्वधर्म सम्मेलन और धर्म सम्मेलन केवल धार्मिक चर्चा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण पर भी गहन चर्चा की जाती है।

योगी सरकार ने प्राप्त की एक और बड़ी सफलता, स्कॉच अवार्ड से हुई सम्मानित

योगी सरकार ने हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, फिर मिला प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड सिंचाई विभाग की ओर से महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार को मिला अवार्ड  वैज्ञानिक प्रबंधन से करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुगम हुआ था अमृत स्नान, ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेशन एरिया से सुरक्षा और व्यवस्था को मिला था नया आयाम लखनऊ योगी सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार ने जल संसाधन प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी साख को और मजबूत किया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को नई दिल्ली में आयोजित 106वें स्कॉच शिखर सम्मेलन (स्कॉच समिट) में प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। विभाग को यह सम्मान दो प्रमुख कार्यों महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा की धाराओं के सफल चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार के लिए प्रदान किया गया है। प्रतिष्ठित पुरस्कार सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने प्राप्त किया। महाकुम्भ-25 के दौरान किया गया गंगा की धाराओं का चैनलाइजेशन सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप महाकुम्भ- 25 में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को अमृत स्नान कराने के लिए गंगा की धाराओं के चैनलाइजेशन के निर्देश दिए गये थे। उन्होंने बताया कि गंगा की धाराओं का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे सिंचाई विभाग ने सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसने प्रदेश की कार्यकुशलता और बड़े आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया।  उन्होंने बताया कि गंगा नदी की तीन धाराओं को सफलतापूर्वक एक धारा में विलीन करना एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक उपलब्धि रही। इसके साथ ही संगम क्षेत्र में ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया का निर्माण किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया जा सका। यह कार्य न केवल भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे सुरक्षा और सुव्यवस्था के मानकों को भी नया आयाम मिला। रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर स्थापित ऑटोमैटिक गेट के लिए भी मिली सराहना  मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने बताया कि रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर ऑटोमैटिक गेट की स्थापना को भी विशेष सराहना मिली है। इस अत्याधुनिक व्यवस्था से जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और नियंत्रित बनाया गया है। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य टिकाऊ और प्रभावी जल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है, जिससे प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ मिल सके। बता दें कि स्कॉच अवार्ड को देश के प्रमुख स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है, जिसके लिए देशभर से हजारों प्रविष्टियां आती हैं। इनमें से चयन एक कठोर और बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कार्यों को तकनीकी दक्षता, नवाचार और प्रभावशीलता के आधार पर चुना गया, जो प्रदेश की बढ़ती प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।