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बांसवाड़ा में पर्यटन को नई पहचान, जगमेरू हिल्स पर ‘राम वाटिका’ निर्माण की तैयारी

बांसवाड़ा. ‘राजस्थान का स्कॉटलैंड’ व ‘100 द्वीपों के शहर’ (सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स) के नाम से प्रसिद्ध बांसवाड़ा जिले में पर्यटकों की लोकप्रिय जगमेरू हिल्स जल्द अब पर्यटन के नए नक्शे पर उभरेंगी। प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध इस पहाड़ी स्थल को विकसित करने वन विभाग यहां करीब दो करोड़ रुपए की लागत से ‘राम वाटिका’ बनाने की योजना तैयार कर रहा है। यहां पर्यटक बादलों से बातें करते हुए बांसवाड़ा की पहचान ‘बांस’ से बने मड़ हाउस और सेल्फी प्वॉइंट से प्राकृतिक खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे। वन विभाग के अनुसार राज्य सरकार की ओर से राम वाटिका विकसित करने के एक नई प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो रहा है। इसमें खूबसूरत वाटिका पर चरणबद्ध रूप से दो करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत वन विभाग ने जगमेरू हिल्स को इसमें शामिल किया है। अक्सर यहां पर्यटक यहां कम ऊंचाई की छोटी-छोटी पहाड़ियां और इसकी चोटियां देखने आते हैं। बरसात में यह बेहद खूबसूरत हो जाती हैं। यहां पर्यटन सुविधाएं विकसित होने से बांसवाड़ा पर्यटन मानचित्र पर और उभार सकेगा। प्राकृतिक रोमांच, स्थानीय पहचान बढ़ेगी जगमेरू हिल्स पर बादलों के बीच खड़े होने का अहसास, नीचे से ऊपर उठते हुए धुंध के दृश्य और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को आकर्षित करती है। वन विभाग की ओर से प्रस्तावित रामवाटिका में बांसवाड़ा की पहचान बांस से बनी झोपड़ी, फर्नीचर सहित उसके सजावटी सामान होंगे। बांस का मड हाउस भी यहां बनाया जाएगा। बांस की कलाकारी और फर्नीचर के लिए प्रसिद्ध आदिवासी कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ये भी होंगे आकर्षण बांस के मड़ हाउस के अलावा नक्षत्र गार्डन, गोत्र गार्डन, सेल्फी प्वॉइंट एवं चिल्ड्रन पार्क यहां बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा पर्यटकों के लिए यहां पेयजल, बैठने की व्यवस्था और स्वच्छ शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। माही बांध क्षेत्र में ‘100 द्वीप’ होंगे नए आकर्षण इसके साथ ही राज्य सरकार ‘100 द्वीपों के शहर’ (सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स) के नाम से प्रसिद्ध बांसवाड़ा के माही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ाएगी। सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति माही बांध के भराव क्षेत्र और आसपास के टापुओं पर पर्यटन विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करेगी। प्रशासनिक सुधार विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। माही बैकवाटर में फैले खूबसूरत टापू, हरियाली और पहाड़ियां पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। अब यहां वाटर स्पोर्ट्स, नेचर टूरिज्म और व्यू प्वाइंट जैसे नए आकर्षण विकसित किए जाएंगे। माही बैक वाटर में फैले टापू, चारों ओर हरियाली और पहाड़ियों से घिरा इलाका है। इस क्षेत्र में पानी से जुडी गतिविधियां, नेचर-बेस्ड टूरिज्म, व्यू-पॉइंट और अन्य आकर्षण विकसित किए जा सकेंगे। माही नदी पर बने इस बांध के जलाशय में फैले छोटे-बड़े टापू प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत नजारा पेश करते हैं। पर्यटन का नया डेस्टिनेशन बनेगा रामवाटिका के लिए जगमेरू हिल का प्रस्ताव बनाया गया है। अमूमन जून से दिसंबर तक यहां पर्यटक प्राकृतिक खूबसूरती देखने आते हैं। पर्यटकों के लिए यहां गार्डन सहित अन्य सुविधाएं विकसित होने से यह पर्यटन का नया डेस्टिनेशन बनेगा। – अभिषेक शर्मा, डीएफओ, बांसवाड़ा

हार्दिक पंड्या ने अपनी गर्लफ्रेंड माहिका को दी मर्सिडीज कार, कीमत है इतनी

मुंबई  भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर और आईपीएल में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने अपनी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा को एक बेहद लग्जरी तोहफा दिया है. हार्दिक ने उन्हें भारत की पहली Mercedes-Benz V-Class कार गिफ्ट की है, जिसकी कीमत करीब 1.7 करोड़ रुपये बताई जा रही है।  हार्दिक पंड्या का यह खास तोहफा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. लग्जरी और प्रीमियम फीचर्स से लैस यह मर्सिडीज वी-क्लास देश की सबसे शानदार एमपीवी गाड़ियों में से एक मानी जाती है।  हार्दिक पहले भी अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगी घड़ियों, कारों और फैशन सेंस को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद उन्होंने 12 करोड़ की फेरारी कार भी खरीदी थी. जिसपर वो अपनी ग्रलफ्रेंड माहिका के साथ घूमते नजर आए थे. इससे पहले उन्होंने अपने बेटे को भी एक महंगी कार गिफ्ट की थी।  बता दें कि हार्दिक पंड्या ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की खिताबी जीत में अहम किरदार निभाया था. हार्दिक ने 9 मैचों में 27.12 की औसत से 217 रन बनाए थे, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे. वहीं गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 32.33 के एवरेज से 9 विकेट झटके।  हार्दिक के पास कई लग्जरी कारें  हार्दिक पंड्या के पास पहले से ही कई महंगी और हाई-परफॉर्मेंस कारें मौजूद हैं. उनके गैरेज में रोल्स-रॉयस फैंटम (Rolls‑Royce Phantom), लैम्बोर्गिनी हुराकैन ईवीओ (Lamborghini Huracán EVO), लैम्बोर्गिनी उरुस (Lamborghini Urus), मर्सिडीज-एएमजी जी63 (Mercedes‑AMG G63), रेंज रोवर वोग (Range Rover Vogue) और ऑडी A6 जैसी गाड़ियां शामिल हैं।  हार्दिक ने हाल ही में की थी माहिका की तारीफ हार्दिक पंड्या ने टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद अपनी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा की खूब तारीफ की थी. तब उन्होंने कहा था कि जबसे उनकी जिंदगी में माहिका आई है तब से सबकुछ अच्छा ही अच्छा हो रहा है. इसके बाद माहिका और हार्दिक के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं. बता दें कि हार्दिक पंड्या इन दिनों आईपीएल में बिजी हैं और वो मुंबई इंडियंस की कप्तानी कर रहे हैं। 

नोएडा एयरपोर्ट से यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए बढ़ी सुविधाएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों को होगी सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से सीधे यूपी हार्टलैंड में प्रवेश कर सकेंगे विदेशी पर्यटक, बढ़ेगा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन आगरा, मथुरा-वृंदावन के साथ अयोध्या, वाराणसी आने वाले विदेशी पर्यटकों को भी मिला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नया विकल्प जेवर/ लखनऊ  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ व्यापार, निवेश, औद्योगिक विकास और पर्यटन गतिविधियों के विकास में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है। यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे बनाया गया यह एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा, बल्कि आगरा, मथुरा-वृंदावन, फतेहपुर सीकरी और यहां तक कि लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क जैसे पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर नई चमक देगा। जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न सिर्फ उड़ानों का हब बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, इतिहास, आस्था और प्रकृति को वैश्विक पर्यटकों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम साबित होगा। उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में घरेलू पर्यटन के मामले में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुका है। साथ ही प्रदेश के आगरा, मथुरा, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी योगी सरकार के 9 वर्षों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। यूपी, जिसे ‘लैंडलॉक्ड’ माना जाता है, अब हवाई मार्ग से दुनिया से जुड़कर विदेशी पर्यटन के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयां छू सकता है। वर्तमान में यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों को लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या के इंटरनेशनल एयरपोर्टों के साथ जेवर एयरपोर्ट का विकल्प भी मिल गया है। साथ ही यूपी में आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा-वृंदावन आने वाले अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भक्तों को पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पर्यटकों को यमुना एक्सप्रेस-वे के जरिए आगरा और फतेहपुर सीकरी महज 1.5 से 2 घंटे में, जबकि मथुरा-वृंदावन केवल 90 मिनट में पहुंचने की सुविधा मिल जाएगी। यही नहीं, जेवर में बना यह एयरपोर्ट केवल यूपी ही नहीं, बल्कि देश के इंटरनेशनल टूरिज्म हब दिल्ली-आगरा-जयपुर का क्लासिक गोल्डन ट्रायंगल भी विदेशी पर्यटकों के लिए अब और अधिक आकर्षक व सुविधाजनक हो जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर में आवागमन शुरू हो जाने से यूपी में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के साथ ही इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, देहरादून आने वाले प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को भी विशेष सुविधा मिल सकेगी। यही नहीं, यूपी की पर्यटन नीति-2022 में जिस तरह इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया गया है, उसके चलते दुधवा ही नहीं, कतर्निया घाट (बहराइच), सैफई लायन सफारी जैसे स्थलों के लिए भी विदेशी पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।  इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से यूपी में मेडिकल और बिजनेस टूरिज्म को भी जबरदस्त बढ़ोतरी मिलेगी। यूपी में पर्यटन की बढ़ोतरी के साथ होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट्स, गाइडों के साथ हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों व व्यंजनों का भी तेज गति से विकास होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के विजन को व्यापार, उद्योग, निवेश के साथ पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि के जरिए साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

जैकब डफी को मिले एक लाख और माइकल ब्रेसवेल पर हुई रुपयों की बारिश

इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण (IPL 2026) का आगाज शनिवार से हो गया है. पहले मैच में विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 69 रन बनाए, देवदत्त पडिक्कल (61) ने भी महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़ा. इन पारियों की मदद से RCB ने 202 के लक्ष्य को 16वें ओवर में हासिल कर लिया. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के गेंदबाज जैकब डफी को प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड मिला, उन्होंने 4 ओवरों में 22 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे. इस अवार्ड के साथ उन्हें 1 लाख रुपये की प्राइज मनी मिली. इसी विंडो में पाकिस्तान सुपर लीग भी जारी है, जिसके प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड की प्राइज मनी 5 लाख पाकिस्तानी रुपये है. इंडियन प्रीमियर लीग दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है, लेकिन पाकिस्तान दावा करता है कि उनकी लीग IPL को टक्कर देती है. हालांकि ये सच नहीं है, चाहे प्राइज मनी हो, प्लेयर्स की सैलरी हो, फ्रेंचाइजियों की वैल्यू, दर्शकों की संख्या, व्यूवरशिप हो या कुछ भी, हर चीज में IPL आगे नजर आती है. हालांकि प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड की प्राइज मनी में पीएसएल आगे है, लेकिन अंतर सिर्फ हजारों का है. IPL 2026 में POTM की प्राइज मनी इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण के पहले मैच में आरसीबी के तेज गेंदबाज जैकब डफी को प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड मिला, इसके साथ उन्हें 1 लाख रुपये की प्राइज मनी भी दी गई. PSL 2026 में POTM की प्राइज मनी पाकिस्तान सुपर लीग के एक मैच में माइकल ब्रेसवेल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, वह पेशावर जाल्मी के लिए खेल रहे हैं. उन्हें प्राइज मनी के तौर पर 5 लाख पाकिस्तानी रुपये मिले. हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय मुद्रा की तुलना में पाकिस्तानी मुद्रा कम है. भारतीय मुद्रा में देखें तो पाकिस्तानी 5 लाख रुपये करीब 1 लाख 50 हजार रुपये होते हैं. टोटल प्राइज मनी में ज्यादा खर्च करता है IPL हालांकि आईपीएल में प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड के साथ कुछ और खिताब भी दिए जाते हैं, जैसे हर मैच में सुपर स्ट्राइकर, बेस्ट कैच आदि के लिए भी अवार्ड दिए जाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार प्रति मैच सभी अवार्ड्स की प्राइज मनी को मिलाएं तो 5 लाख रुपये बनते हैं, जो PSL की तुलना में 3 गुना से अधिक होते हैं.  

मालाबार पाइड हॉर्नबिल और उड़न गिलहरी की मौजूदगी दर्ज, उदंती में तकनीक और परंपरा का संगम

जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में एक दिलचस्प बदलाव दिखाई दे रहा है. यहाँ की पहाड़ियों और वनों में अब फिर से उन दुर्लभ प्रजातियों की आहट सुनाई देने लगी है, जो कभी पश्चिमी घाट और हिमालयी क्षेत्रों की पहचान मानी जाती थीं. मालाबार पाइड हॉर्नबिल, मालाबार विशाल गिलहरी और भारतीय उड़ने वाली गिलहरी जैसी प्रजातियाँ अब उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में अपना विस्तार कर रही हैं. इस बदलाव के पीछे आधुनिक तकनीक और स्थानीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान का एक अनूठा संगम काम कर रहा है. सेंट्रल इंडियन हाइलैंड्सः एक प्राकृतिक ‘जीव-जंतु पुल’ छत्तीसगढ़ का सेंट्रल इंडियन हाइलैंड्स क्षेत्र पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और हिमालय के बीच एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक कड़ी का काम करता है. यह क्षेत्र कई वन्यजीव प्रजातियों के लिए “फॉनल ब्रिज” यानी जीव-जंतुओं के आवागमन का प्राकृतिक मार्ग बनता है. उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व इसी हाईलैंड्स का हिस्सा है. यह क्षेत्र उन प्रजातियों के लिए आदर्श माना जाता है जो ऐसे वनों में पनपती हैं जहाँ वृक्षों के छत्र आपस में जुड़े हों, जिन्हें “वृक्षीय राजमार्ग” कहा जाता है. सालभर जल स्रोत उपलब्ध हों, फल देने वाले वृक्ष जैसे बरगद, पीपल और सेमल मौजूद हों. लेकिन पिछले वर्षों में अतिक्रमण, अवैध शिकार और अवैध वृक्ष कटाई के कारण इन वनों को नुकसान पहुँचा और इन दुर्लभ प्रजातियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई. जब एआई ने जंगलों की निगरानी शुरू की वर्ष 2022 में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व ने जंगल संरक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग शुरू किया. रिजर्व ने गूगल अर्थ इंजन आधारित रिमोट सेंसिंग पोर्टल का उपयोग करते हुए 1840 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में वन आवरण और जल स्रोतों की स्थिति का विश्लेषण किया. सेंटिनल और लैंडसैट उपग्रहों से प्राप्त पिछले 15 वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन कर मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के माध्यम से एनडीवीआई (वनस्पति सूचकांक) और एनडीडब्ल्यूआई (जल सूचकांक) में बदलावों का विश्लेषण किया गया. इस तकनीक से उन क्षेत्रों की पहचान संभव हुई जहाँ, वन आवरण तेजी से कम हो रहा था. वृक्षों के छत्रों में अंतराल बढ़ रहा था. जल स्रोत सूख रहे थे. इन क्षेत्रों को “हॉटस्पॉट” के रूप में चिह्नित किया गया. ड्रोन से हुआ जमीनी सत्यापन उपग्रह चित्रों से मिले संकेतों की पुष्टि के लिए एआई-संचालित सर्वेक्षण ड्रोन का उपयोग किया गया. इन ड्रोन की मदद से हॉटस्पॉट क्षेत्रों का उच्च-रिज़ॉल्यूशन मानचित्र तैयार किया गया. जंगलों की वास्तविक स्थिति का आकलन हुआ. संरक्षण के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई. इससे वन विभाग को एक सटीक और अद्यतन तस्वीर मिली, जो संरक्षण रणनीति बनाने में अत्यंत उपयोगी साबित हुई. असली जानकारी समुदाय के पास तकनीक के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का ज्ञान भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बना. ओढ़, अमलोर, आमामोरा, नारिपानी, अमली, खालगढ़, मेचका, बमनीझोला, आमगाँव, बहिगाँव और कारिपानी जैसे गांवों के वनवासियों से बातचीत कर इन प्रजातियों के पुराने रहवास क्षेत्रों, भोजन के स्रोतों और आवागमन के रास्तों की जानकारी जुटाई गई. यह पारंपरिक ज्ञान कई मामलों में वैज्ञानिक डेटा का पूरक साबित हुआ. तीन वर्षों में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम एकत्रित जानकारी और विश्लेषण के आधार पर पिछले तीन वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए. लगभग 850 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाया गया. हॉटस्पॉट क्षेत्रों के 21 तालाबों में सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लगाए गए, जो गर्मियों में सूख जाया करते थे. फाइकस प्रजातियों और फलदार वृक्षों का बड़े पैमाने पर रोपण किया गया. जल संरक्षण के लिए कंटूर ट्रेंच, चेक डैम और जल संचयन संरचनाएँ बनाई गईं. इसके साथ ही अवैध शिकार रोकने के लिए 60 से अधिक एंटी-पोचिंग अभियान चलाए गए, जिनमें ओडिशा और यूएसटीआर क्षेत्र से लगभग 500 शिकारी और लकड़ी तस्करों की गिरफ्तारी हुई. समुदाय के साथ संरक्षण की नई पहल वन विभाग ने समुदाय आधारित संरक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं. इनमें प्रमुख हैं, “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” जहाँ हॉर्नबिल के लिए भोजन उपलब्ध कराया जाता है. “वीविंग बैक द स्क्विरल कैनोपी” भारतीय विशाल और उड़न गिलहरियों के लिए जुड़े हुए वृक्ष छत्रों का पुनर्निर्माण. इन पहलों ने स्थानीय लोगों को संरक्षण का सक्रिय भागीदार बना दिया है. अब लौट रही हैं दुर्लभ प्रजातियाँ इन संयुक्त प्रयासों के परिणाम अब दिखने लगे हैं. मालाबार पाइड हॉर्नबिल, जो पहले केवल कुलहाड़ीघाट परिक्षेत्र में दर्ज की जाती थी, अब चार परिक्षेत्रों-कुलहाड़ीघाट, अरसिकनहार, दक्षिण उदंती और इंदागाँव- तक फैल चुकी है. इसी तरह भारतीय विशाल गिलहरी और उड़ने वाली गिलहरी भी अब रिजर्व के कई नए क्षेत्रों में दिखाई देने लगी हैं. यह विस्तार न केवल इन प्रजातियों की वापसी का संकेत है बल्कि जंगलों के बेहतर होते स्वास्थ्य का भी प्रमाण है. यही जंगल महानदी का उद्गम स्थल भी हैं. इको-टूरिज्म से खुलेगा विकास का नया रास्ता विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएँ हैं. विशेषकर गर्मियों के मौसम में यहाँ बर्ड वॉचिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आ सकते हैं. इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और पलायन कम हो सकता है. तकनीक और परंपरा का सफल संगम उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व का यह मॉडल दिखाता है कि जब आधुनिक तकनीक और स्थानीय ज्ञान साथ आते हैं तो जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण में चमत्कारी परिणाम मिल सकते हैं. यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है.

मन की बात कार्यक्रम देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है मन की बात कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इन्दौर एयरपोर्ट से किया प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात का श्रवण इन्दौर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय 'मन की बात' कार्यक्रम के 132वें संस्करण का रविवार की सुबह आकाशवाणी से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर प्रवास के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और देश को एकजुटता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संदर्भ में कहा कि हमें एकजुट होकर हर चुनौती से बाहर निकलना है] जो भी लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों से अपील की कि सभी जागरूक रहें, किसी भी तरह की अफवाहों और किसी के भी बहकावे में न आएं। सरकार की तरफ से जो निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि जिस तरह हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने सभी संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे। कार्यक्रम श्रवण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी की 'देश से अपनी बात' कर सबसे जुड़े रहने का एक सशक्त माध्यम है। यह हम सभी देशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। देश में हो रहे विकास, नवाचार, जनकल्याण के कामों के साथ गैर राजनीतिक विषयों को सामने लाकर पूरे देश को सौहार्द्र, भाईचारे और एकजुटता से रहने का सकारात्मक संदेश देने का प्रधानमंत्री का यह अद्भुत प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन की बात के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, लोकसभा सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिलाध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

एमपी में 10 एयरपोर्ट होंगे, दो शहरों में काम शुरू; CM मोहन यादव ने दी जानकारी

इंदौर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कहा कि अगले दो साल के भीतर उज्जैन और शिवपुरी में नये हवाई अड्डों का निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। इसका काम पूरा होते ही राज्य में हवाई अड्डों की कुल तादाद बढ़कर 10 पर पहुंच जाएगी। मोहन यादव, इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर नवीनीकृत टर्मिनल भवन, उड़ान यात्री कैफे और आधारभूत ढांचे के उन्नयन से जुड़ी अन्य सुविधाओं के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राम मोहन नायडू ने किया लोकार्पण केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इन सुविधाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री यादव ने लोकार्पण समारोह में बताया कि फिलहाल प्रदेश में आठ हवाई अड्डों के साथ ही 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन और शिवपुरी में अगले दो साल के भीतर हवाई अड्डों का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इससे सूबे में हवाई अड्डों की कुल तादाद बढ़कर 10 हो जाएगी। इंदौर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का सीएम ने शुभारंभ किया; मन की बात भी सुनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर दौरे पर हैं। इंदौर पहुंचते ही उन्होंने एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का शुभारंभ किया। इसके बाद वे ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। इधर, सीएम ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन को नर्मदा को कार्यक्रम में मंच पर बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली, तो वे कार्यक्रम छोड़कर निकल गए। जानकारी के अनुसार, एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा से बैठने को लेकर हुई बातचीत के दौरान उनकी कही बात से नाराज होकर सत्तन वहां से चले गए। वहीं, बबलू शर्मा ने बताया कि सत्तन जी की कुर्सी आगे ही थी, लेकिन उस पर नाम की पर्ची नहीं लगी थी। मुख्यमंत्री शहर को पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण सहित कई विकास कार्यों की महत्वपूर्ण सौगात देंगे। वे पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमि पूजन भी करेंगें, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत अब तक 1 लाख 44 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है। दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। सीएम ने महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित महावीर अलंकरण समारोह में भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि महावीर जयंती केवल एक दिन नही बल्कि हर दिन मानना चाहिए। जैन सिद्धांत दुनिया मे अत्यंत अलौकिक सिद्धांत है। पौधों में प्राण है, यह सिद्ध करना जीवन का बड़ा दर्शन है। क्योंकि पौधे से भी हमें जीवनदायिनी वायु मिलती है। ज्ञानेन्द्रियाँ और कर्मेन्द्रियां जीवन के अनमोल तत्वों से वास्तविक परिचय का आधार है। इस मौलिक सिद्धांत का अनुसरण हर इंसान को करना सिखाता है। इन शहरों में भी प्लान मुख्यमंत्री ने बताया कि शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला की हवाई पट्टियों को क्षेत्रीय संपर्क योजना (रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम) के तहत हवाई अड्डे के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। यादव ने बताया कि उड्डयन सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रदेश सरकार ने यह भी तय किया है कि हर 145 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी बनाई जाएगी। 50 करोड़ की लागत से नवीनीकरण अधिकारियों ने बताया कि इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे के पुराने टर्मिनल भवन का 50 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया गया है और इसे 'टी-1' (टर्मिनल 1) नाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के लोकार्पण के साथ ही हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवनों की तादाद बढ़कर दो हो गई है और दोनों इमारतों के बूते हवाई अड्डे की सालाना यात्री क्षमता बढ़कर कुल 50 लाख पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस हवाई अड्डे के जरिये हर रोज 100 से ज्यादा उड़ानों की आवाजाही होती है जिनमें नियमित यात्री उड़ानें और विशेष उड़ानें शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरिया मॉडल को जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उदाहरण बताया

जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने की सराहना कोरिया मॉडल की देशभर में गुंज- प्रधानमंत्री ने बताया जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण कोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण: जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है। इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं। पृष्ठभूमि कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था।  कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा “जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं। सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना।  2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण) जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और  1800 से अधिक  ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।) भूजल स्तर में सुधार CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है।  2026 में प्रगति 20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं। कलेक्टर का वक्तव्य जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा— “कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।” कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेल बजट में की 1791 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वृद्धि

चंडीगढ़  पंजाब के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्पर्धा की मेजबानी करेगा। राज्य में पुरुष एशियाई चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एशिया की शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला भी देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस टूर्नामेंट का पहला मैच 26-27 अक्टूबर को खेला जाएगा। सभी मैचों का आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें जालंधर और चंडीगढ़ के बीच आवागमन के लिए विशेष बसें, उच्च स्तरीय सुरक्षा और बेहतरीन होटलों में ठहरने की व्यवस्था शामिल है। खिलाड़ियों के लिए सौगातों की बौछार खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। महिला विश्व कप टीम का हिस्सा रहीं पंजाब की तीन महिला खिलाड़ियों को 1.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। खिलाड़ियों का दैनिक डाइट भत्ता बढ़ाकर 480 रुपये कर दिया गया है। साथ ही खिलाड़ियों के लिए विशेष शेफ नियुक्त किए जाएंगे। खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये के नकद इनाम बांटे गए हैं। खेल बजट में भारी बढ़ोतरी मुख्यमंत्री मान ने बताया कि राज्य का खेल बजट 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कोचों की संख्या भी 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब अब अपनी क्रिकेट लीग का आयोजन BCCI के सहयोग से करने जा रहा है। इसके अलावा, 44 साल बाद पंजाब को अंडर-13 बैडमिंटन नेशनल की मेजबानी भी मिली है, जो जालंधर में आयोजित होगी। केंद्र पर साधा निशाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मान ने केंद्र सरकार पर फंड रोकने का आरोप लगाते हुए तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि अगर पदकों के लिए भी वोट पड़ते, तो केंद्र सरकार खिलाड़ियों को भी सारी सुविधाएं देना शुरू कर देती। यदि स्वर्ण पदक के लिए 20,000 और रजत के लिए 10,000 वोट तय होते, तो उनका खिलाड़ियों के प्रति प्रेम अलग होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब केवल अपना हक मांग रहा है।

अमृतसर एयरपोर्ट पर 1 अप्रैल से रनवे की मरम्मत, उड़ानें दोपहर 12:45 से रात 9:45 तक रहेंगी बंद, सितंबर तक रहेगा असर

अमृतसर  अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 1 अप्रैल से रनवे मरम्मत का कार्य शुरू होगा। इस कारण हवाई अड्डे पर रोजाना दोपहर 12:45 बजे से रात 9:45 बजे तक उड़ान संचालन बंद रहेगा। यह व्यवस्था सितंबर माह तक जारी रहने की संभावना है। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में बड़े विमानों की आवाजाही को सुगम और उड़ान संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है। इस मरम्मत कार्य से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें प्रभावित होंगी। घरेलू उड़ानों में अमृतसर से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए संचालित होने वाली उड़ानें शामिल हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय सेक्टर में दुबई, शारजाह और दोहा जैसी जगहों की उड़ानें भी प्रभावित होंगी। एयरलाइंस के समय में हो सकता है बदलाव इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइस जेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस अपनी उड़ानों के समय में बदलाव कर सकती हैं या उन्हें रद्द करने का निर्णय ले सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए अधिकतर उड़ानों को सुबह या देर रात के समय संचालित करने की योजना बनाई गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें। साथ ही, उन्हें हवाई अड्डे पर समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। रनवे मरम्मत का यह कार्य आने वाले महीनों तक जारी रहेगा, जिससे उड़ान संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा।