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प्रधानमंत्री बोले—युवा, कौशल और नवाचार से बनेगा विकसित भारत 2047; स्टार्टअप और रोजगार पर दिया जोर

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवा भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं और देश का हुनर, कौशल एवं संभावनाएं असीम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता को अवसरों में बदलने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन  में  देशभर के 15 लाख युवाओं को लाभान्वित करते हुए 2 हजार 400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को दी जा रही यह प्रोत्साहन राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि उनके परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है। सरकार युवाओं और उद्योग जगत के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम-वीबीआरवाई आज न केवल पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सशक्त बना रही है बल्कि उद्योगों को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं तथा 20 लाख से अधिक नवनियुक्त युवा अपनी नियुक्ति के छह माह पूर्ण कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं के हुनर, कौशल और सामर्थ्य से ही पूरा होगा। आज देश का युवा रोजगार प्राप्त कर अपने सपनों को नई उड़ान दे रहा है। निवेश युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं और वैश्विक स्तर पर भारत के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। 40 देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से     ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच सिक्योर एंप्लॉयमेंट (सुरक्षित रोजगार) और सोशल सिक्योरिटी फॉर एव्री वर्कर (हर श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा) की है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए टेक्नोलॉजी के माध्यम से ईपीएफओ और पेंशन व्यवस्था को सरल बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड्स का उद्देश्य कामगारों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता और अधिकार देना है, जिसमें फिक्स्ड टर्म एंप्लॉइज को सम्मान देना और मिनिमम वेज के दायरे को बढ़ाना शामिल है। नवाचार, प्रतिभा और गुणवत्ता से साकार होगा विकसित भारत 2047 का विजन प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि 21वीं सदी में अवसर उन्हीं देशों के पास होंगे, जिनके पास स्किल टैलेंट, इनोवेशन और क्वालिटी होगी। उन्होंने कहा कि हमारे सामने जो अवसर हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से अपनाना होगा। हमें नए बाजारों तक पहुंचना होगा, नए प्रॉडक्ट्स बनाने होंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी क्योंकि आज दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रही है और भारत इसका नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का नया युग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से आज देश बदल रहा है और एक नए भारत का निर्माण हो रहा है। सरकार एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है तो दूसरी ओर उद्योगों और कारोबार को प्रोत्साहन देकर आर्थिक विकास को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार और कारोबार दोनों के साथ खड़ी है तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश के युवाओं के लिए रिकॉर्ड 17 करोड़ रोजगार सृजित किए गए हैं, वहीं वर्ष 2004 से 2014 तक केवल 2.92 करोड़ रोजगार के अवसरों का ही सृजन हुआ था। साथ ही जहां वर्ष 2014 से पहले देश में केवल 19 प्रतिशत लोगों (लगभग 25 करोड़) को सामाजिक सुरक्षा मिलती थी, आज देश के 64.3 प्रतिशत यानी करीब 94 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेते हुए निजी क्षेत्र में नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार सृजन, कौशल विकास और युवा सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम में सांसद राव राजेंद्र सिंह, विधायक कालीचरण सर्राफ, संबंधित विभागों के अधिकारी, निजी नियोक्ता एवं नवनियुक्त कार्मिक उपस्थित रहे।

एनएमडीसी की CSR पहल: दंतेवाड़ा के 10 गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर से सैकड़ों ग्रामीण लाभान्वित

हैदराबाद देश की अग्रणी खनन कंपनी एनएमडीसी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रमों के माध्यम से आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में कंपनी द्वारा दंतेवाड़ा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में समुदाय स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवा पहुंच कार्यक्रम के तहत निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत 19 मई से ग्राम पंचायत भांसी, बड़े बचेली, धुरली, पाड़ापुर, नेरली, दुगेली, गंजेनार, मसेनार, मोलसनार एवं कमलूर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाया। लाभार्थियों में अधिकांश संख्या अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से संबंधित ग्रामीणों की रही। एनएमडीसी की यह स्वास्थ्य सेवा पहल निरंतर जारी है और आने वाले समय में भी अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचकर ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती रहेगी। सबसे हालिया चिकित्सा शिविर 19 जून को ग्राम पंचायत कमलूर में आयोजित किया गया, जहां 96 ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। बैलाडीला क्षेत्र मुख्यतः आदिवासी आबादी वाला दूरस्थ इलाका है, जहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक नियमित पहुंच एक चुनौती बनी रहती है। ऐसे में एनएमडीसी द्वारा कलेपाल, टिकनपाल, कोडेनार, बेनपाल, कदमपाल, मदाड़ी, हिरोली, गुमियापाल, समलवार, चोलनार, मड़कामिरास एवं पालनार जैसे दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की यह पहल स्थानीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। चिकित्सा शिविरों के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप (बीपी) परीक्षण, रैंडम ब्लड शुगर (आरबीएस) जांच, शरीर के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों का परीक्षण तथा स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया जा रहा है। साथ ही पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार हेतु निकटवर्ती स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों में न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही हैं, बल्कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान भी संभव हो सकी। दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को अपने ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से समय और संसाधनों की बचत हुई तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो रहा है। ग्रामीणों ने एनएमडीसी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, जिन्हें अक्सर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। गांव के निकट ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। एनएमडीसी का मानना है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक और सतत विकास तभी संभव है जब स्थानीय समुदाय स्वस्थ, जागरूक और सशक्त हो। इसी सोच के साथ कंपनी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, जन-जागरूकता को मजबूत करने और ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एनएमडीसी ने हाल ही में जगदलपुर स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के संचालन हेतु भी वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। यह पहल बस्तर क्षेत्र के हजारों लोगों को आधुनिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एनएमडीसी की ये पहलें केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास एवं सहभागिता का मजबूत रिश्ता बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती हैं।

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती, भूमि एक्सचेंज नियमों में बड़ा बदलाव

 चंडीगढ़ शहरों और पालिकाओं के साथ लगते क्षेत्रों में जमीन की अदला-बदली के लिए अनिवार्य रूप से सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026 को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। बजट सत्र में विधानसभा में विधेयक के पारित होने के बावजूद अभी तक राज्यपाल की सहमति नहीं मिलने के कारण अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। इस कारण वित्तायुक्त राजस्व और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इस संबंध में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया था। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम के तहत शहरों से लगते अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने और सस्ती जमीन देकर महंगी जमीन लेने का फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिए धारा 7-ए में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार एक एकड़ से कम भूमि को बदलने के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा-7 में यह प्रविधान है कि किसी भी अधिसूचित शहरी क्षेत्र में, जो इस उद्देश्य के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया हो, एक एकड़ से कम क्षेत्रफल की किसी भी रिक्त भूमि का विक्रय, पट्टा या उपहार के रूप में अंतरण करने हेतु पंजीकरण से पूर्व नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसलिए पड़ी अध्यादेश लाने की जरूरत जमीन की रजिस्ट्रियों के दौरान पंजीकरण अधिकारियों ने पाया कि कई जगह छोटे भूखंडों की अदला-बदली करके अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में स्थित कहीं बड़े या अधिक मूल्यवान भूखंड लिए जा रहे थे। हालांकि ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से एक्सचेंज कहलाते हैं, परंतु वास्तव में ये अप्रत्यक्ष विक्रय लेन-देन होते हैं, जिसमें अधिनियम की धारा-7क के विनियामक प्रविधानों को दरकिनार किया जा रहा है। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 1975 के अधिनियम संख्या-8 की धारा-7क में संशोधन कर अदला-बदली विनियमन विलेख को भी उक्त प्रविधान के अंतर्गत लाया गया ताकि अवैध कालोनियों में ऐसे भूखंडों की खरीद-फरोख्त को हतोत्साहित किया जा सके।  

21 जून को परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन, सफर होगा आसान

 पटना देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' में शामिल होने वाले बिहार के लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए पूर्व मध्य रेल की तरफ से बड़ी राहत की खबर है। परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने और एग्जाम खत्म होने के बाद वापस घर लौटने में छात्रों को कोई परेशानी न हो, इसे लेकर दानापुर रेल मंडल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। रेल प्रशासन ने आगामी 21 जून को बिहार के प्रमुख शहरों और रूटों को जोड़ने के लिए छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन करने का फैसला लिया है। इससे पटना जंक्शन, दरभंगा, गया और बक्सर जैसे व्यस्त रूटों पर परीक्षार्थियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा। पटना से दरभंगा और गया के लिए सुबह ही खुलेंगी ट्रेनें परीक्षा के दिन सुबह के समय छात्रों को सेंटर पर रिपोर्ट करने में कोई देरी न हो, इसके लिए रेलवे चार ट्रेनों को तड़के ही रवाना करेगा। इसके तहत पहली स्पेशल ट्रेन पटना जंक्शन से सुबह 4:30 बजे खुलकर सुबह 9:30 बजे दरभंगा पहुंचेगी। वहीं, बक्सर से सुबह 6:30 बजे खुलकर एक अन्य स्पेशल ट्रेन सुबह 9:15 बजे पटना पहुंचेगी। झाझा और जमुई इलाके के छात्रों के लिए सुबह 3:40 बजे झाझा से ट्रेन खुलकर सुबह 9:00 बजे दानापुर पहुंचेगी। इसके अलावा गया रूट के परीक्षार्थियों के लिए पटना जंक्शन से सुबह 6:00 बजे एक परीक्षा स्पेशल ट्रेन खुलेगी, जो सुबह 9:00 बजे गया जंक्शन पहुंच जाएगी। पटना और दानापुर से मिलेंगी गाड़ियां नीट परीक्षा खत्म होने के बाद स्टेशनों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने शाम के वक्त भी दो विशेष ट्रेनों की वापसी का पुख्ता इंतजाम किया है। परीक्षा देकर लौटने वाले छात्रों के लिए पटना जंक्शन से शाम 6:20 बजे बक्सर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन प्रस्थान करेगी, जो रात 9:05 बजे बक्सर पहुंचेगी। इसी तरह, दानापुर स्टेशन से शाम 6:15 बजे एक विशेष ट्रेन झाझा के लिए रवाना होगी, जो रात 11:00 बजे झाझा पहुंचेगी। बिहार के इन सभी प्रमुख स्टेशनों पर रेल पुलिस और आरपीएफ को भी मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि छात्रों को सफर में कोई दिक्कत न आए।

भाजपा नेता सहित तीन लोगों को जलाकर मारने के मामले में 4 आरोपियों ने किया सरेंडर

बैकुंठपुर. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर स्थानीय नेता सहित तीन लोगों को 16 जून की काली रात को कार के भीतर पेट्रोल डालकर जिंदा फूंक देने वाले जघन्य व रूह कंपा देने वाले नरसंहार मामले में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक स्थित नौगई गांव में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले में चार आरोपितों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं, घटना के बाद कोरिया पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं एक आरोपित अब भी फरार बताया जा रहा है. पुलिस का दावा है कि, जल्द से जल्द फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि, नौगई हत्याकांड मामले में कुल 9 आरोपियों को चिन्हित किया गया था. जिसमें से चार आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। शनिवार को मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं एक आरोपित फरार है, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा। तीन लोगों को जलाकर की हत्या गौरतलब है कि 16 जून की रात भाजपा नेता समेत तीन लोगों को कार में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भाजपा से जुड़े नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपित की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में अब भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

महाराष्ट्र राजनीति: उद्धव गुट में बगावत, 6 सांसद मीटिंग से गायब, नोटिस जारी

महाराष्ट्र महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में बगावत के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया। कोल्हापुर में आयोजित एक धन्यवाद रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अब कोई 'गुट' नहीं बचा है; बल्कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी ही असली और इकलौती शिवसेना है। अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव खेमे के कई सांसदों के बागी होने की खबरें हैं और पार्टी पूरी तरह टूटने की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। 'पहले कहना पड़ता था शिंदे गुट…' कोल्हापुर की रैली में शाह ने कहा, "पहले हमें एकनाथ शिंदे के नाम पर 'शिवसेना शिंदे गुट' कहना पड़ता था। लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है। अब केवल एक ही शिवसेना है इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने कोल्हापुर के प्रसिद्ध माता अंबाबाई मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ओर से कराए जा रहे माता अंबाबाई मंदिर परिसर और कॉरिडोर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य की आधारशिला रखी। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'विकास भी, विरासत भी' का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है और राज्य के सभी ज्योतिर्लिंगों तथा शक्तिपीठों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। 'ऑपरेशन टाइगर' से उद्धव खेमे में खलबली शाह का यह बयान महज एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह उद्धव खेमे में मचे मौजूदा घमासान से जुड़ा है। दरअसल, 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच उद्धव गुट के कई सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की खबरें हैं। सांसदों के गायब होने और खुलेआम बगावती तेवर दिखाने के कारण पार्टी भारी संकट से गुजर रही है। मीटिंग से 6 सांसद गायब, दल-बदल कानून के तहत चेतावनी उद्धव गुट की यह कलह गुरुवार को नई दिल्ली में तब खुलकर सामने आ गई, जब पार्टी नेतृत्व की ओर से बुलाई गई अनिवार्य संसदीय दल की बैठक से ज्यादातर सांसद नदारद रहे। लोकसभा में शिवसेना (UBT) के कुल 9 सांसद हैं, लेकिन पार्टी व्हिप द्वारा बुलाई गई बैठक में केवल 3 सांसद- अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। बाकी के 6 सांसद- नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक से पूरी तरह नदारद रहे। इस खुली बगावत के बाद शिवसेना (UBT) ने सख्त एक्शन लिया है। लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप अनिल देसाई ने गायब रहे सभी सांसदों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है। 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम पार्टी की तरफ से बागी सांसदों को लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय के भीतर उनका जवाब नहीं आता है, तो पार्टी यह मान लेगी कि उन्होंने स्वेच्छा से अपनी सदस्यता छोड़ दी है। इसके बाद इन सांसदों के खिलाफ भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची यानी 'दल-बदल विरोधी कानून' के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर फोकस, अमेरिका-ईरान MoU के भविष्य पर टिकी नजरें

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए अंतरिम समझौते का भविष्य अब स्विट्जरलैंड में होने वाली अहम बैठक पर निर्भर करता दिख रहा है. अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची स्विट्जरलैंड पहुंच रहे हैं, जहां दोनों पक्ष स्थायी समझौते को लेकर तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू कर सकते हैं. यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष विराम लागू हुआ है. इस सीजफायर ने उन कोशिशों को नई उम्मीद दी है, जिनका मकसद ईरान युद्ध को खत्म कर क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करना है. इस सप्ताह अमेरिका और ईरान ने 14 सूत्रीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर सहमति बनाई थी. इसके तहत 60 दिनों के भीतर परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विवादित मुद्दों का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी. अमेरिका-ईरान के बीच कई मुद्दों अनसुलझे कई अहम सवालों के जवाब अब भी स्पष्ट नहीं है. सबसे बड़ा मुद्दा ईरान के परमाणु कार्यक्रम का है. दोनों देशों के बीच इस बात पर अंतिम सहमति नहीं बनी है कि संवर्धित यूरेनियम का क्या होगा और भविष्य में परमाणु गतिविधियों की निगरानी किस तरह की जाएगी. वार्ता से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपना स्विट्जरलैंड दौरा रद्द कर दिया है. व्हाइट हाउस ने इसके पीछे लेबनान में बढ़ते तनाव को वजह बताया था. लेकिन अब संघर्ष विराम लागू होने के बाद वार्ता दोबारा पटरी पर आती दिख रही है. स्टीव विटकॉफ ईरानी विदेशी मंत्री के साथ बैठक करेंगे. लेबनान का मुद्दा भी इस समझौते के लिए बेहद अहम है. अंतरिम समझौते में सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई समाप्त करने की बात कही गई है, जिसमें लेबनान भी शामिल है. लेकिन इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह इस समझौते का हिस्सा नहीं है और दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखेगा. ईरान का कहना है कि समझौते के किसी भी उल्लंघन की जिम्मेदारी अमेरिका की होगी. वहीं अमेरिका और कतर के मध्यस्थों ने लेबनान संघर्ष विराम कराने में अहम भूमिका निभाई है. MoU में ईरान को क्या-क्या मिल रहा है? आर्थिक मोर्चे पर भी यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ईरान को प्रतिबंधों में राहत, फ्रीज अरबों डॉलर के फंड तक पहुंच और तेल निर्यात की इजाजत मिल सकती है. इसके अलावा ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड की भी चर्चा है. इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में हालात सुधरने लगे हैं. युद्ध के दौरान ईरान द्वारा लगाई गई रुकावटों की वजह से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ था. अब तेल आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और ईरान ने अंतरिम वार्ताओं दौरान प्रस्तावित शुल्क भी माफ करने का संकेत दिया है. ईरान डील को लेकर ट्रंप का विरोध! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार इस समझौते का बचाव कर रहे हैं. आलोचकों का आरोप है कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका ने ईरान को जरूरत से ज्यादा रियायतें दी हैं. हालांकि ट्रंप का दावा है कि ईरान कमजोर स्थिति में है और अमेरिका ने कोई बड़ी रियायत नहीं दी. ऐसे में स्विट्जरलैंड की बैठक सिर्फ एक औपचारिक वार्ता नहीं, बल्कि यह तय करेगी कि 60 दिन का यह अंतरिम समझौता स्थायी शांति में बदल पाएगा या फिर अमेरिका और ईरान एक बार फिर टकराव की राह पर लौट जाएंगे.

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: जयपुर में ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम के साथ भव्य आयोजन

जयपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस(21 जून) के अवसर पर रविवार को जयपुर में विभिन्न स्थानों पर भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यः सामूहिक योग्याभ्यास कार्यक्रम प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक एस.एम.एस. स्टेडियम में आयोजित होगा। साथ ही अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल तथा आमेर फोर्ट जैसे शहर के प्रमुख सांस्कृतिक धरोहर एवं पर्यटन स्थलों पर भी इस दौरान सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम प्रभारी एवं आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. बत्तीलाल बैरवा ने बताया कि इस 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है। इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्गों के नागरिकों को योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एस.एम.एस. स्टेडियम, अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल एवं आमेर फोर्ट पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राएं, विभिन्न संस्थाओं के योग साधक, एनसीसी, सीआरपीएफ, पुलिस, होमगार्ड, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्मिक के साथ बड़ी संख्या में आमजन भाग लेंगे। मीडिया प्रभारी एवं सहायक निदेशक डॉ. लक्ष्मण सैनी ने बताया कि योग आज विश्वभर में समग्र स्वास्थ्य एवं मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन चुका है। योग न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि भावनात्मक संतुलन स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आमजन से योग दिवस कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मध्यप्रदेश के 6 जिलों को बड़ी सौगात, UIMR योजना से खुलेंगे रोजगार के 5 लाख अवसर

इंदौर. मध्य प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए मालवा अंचल से विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047' के संकल्प को गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सबसे बड़े क्षेत्रीय विकास मॉडल यूनिफाइड इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) की रूपरेखा साझा की है। सरकार ने इस महा-परियोजना के दायरे को बढ़ाते हुए अब 16 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक कर दिया है, जिससे मालवा के 6 जिलों की करीब सवा करोड़ आबादी सीधे लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी योजना केवल महानगरों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य इंदौर की आर्थिक तरक्की का लाभ आसपास के छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना है। इस रणनीति के तहत इंदौर को मुख्य ग्रोथ इंजन बनाकर उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों का संतुलित व आधुनिक विकास सुनिश्चित किया जाएगा। इस वृहद क्षेत्र में कुल 38 तहसीलें और 2,781 गांव शामिल किए गए हैं। 5 लाख युवाओं को रोजगार और 14 नए इंडस्ट्रियल पार्क योजना का सबसे मजबूत पक्ष रोजगार और औद्योगिक क्लस्टर्स का निर्माण है। क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार 13,500 हेक्टेयर से अधिक का विशाल लैंड बैंक तैयार कर रही है, जहां 14 नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से मालवा अंचल में लगभग 5 लाख युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने का अनुमान है। शहरों को विशिष्ट औद्योगिक पहचान दी जाएगी: पीथमपुर: इसे इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में ढाला जाएगा। उज्जैन: यहां की विक्रम उद्योगपुरी को औद्योगिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। रतलाम: इस जिले को बड़े लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट (निर्यात) हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। '60 मिनट एक्सेस' और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से जुड़ाव क्षेत्रीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए '60 मिनट एक्सेस' मॉडल की परिकल्पना की गई है। इसके तहत पूरे 16 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में ऐसी उन्नत सड़क और परिवहन प्रणाली तैयार होगी, जिससे कोई भी नागरिक एक घंटे के भीतर मुख्य आर्थिक केंद्रों तक पहुंच सकेगा। इसके लिए इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे और मेट्रो के विस्तार जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही, इस पूरे रीजन को सीधे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान होगी। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मार्गों का निर्माण उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए विभिन्न मार्गों का निर्माण भी किया जा रहा है। शहर की आंतरिक सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य भी जारी है। सिंहस्थ के लिए 5 रेलवे ओवरब्रिज और 17 नदी पुलों का निर्माण किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान रियल टाइम निगरानी, भीड़ प्रबंधन, यातायात… — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 19, 2026 देश का अनूठा 'लैंड पूलिंग' मॉडल और ब्लू-ग्रीन पॉलिसी भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकार ने एक अभिनव और किसान-हितैषी दृष्टिकोण अपनाया है। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए देश का पहला अनूठा लैंड पूलिंग मॉडल लागू किया जा रहा है। इसके तहत 17 गांवों के किसानों से जमीन तो ली जाएगी, लेकिन विकास कार्यों के बाद उनकी 60 प्रतिशत भूमि पूरी तरह विकसित अवस्था में वापस सौंप दी जाएगी। इससे किसान सिर्फ अपनी जमीन खोने वाले पक्षकार नहीं, बल्कि विकास के सीधे हिस्सेदार बनेंगे। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट को 'ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट' नीति पर आधारित किया गया है। नर्मदा नदी सहित सभी प्राकृतिक जल स्रोतों और जंगलों के आसपास बिना अनुमति के निर्माण पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। उद्योगों के लिए 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' नीति अनिवार्य होगी और नए क्लस्टर्स को पूरी तरह कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अध्यात्म और डेटा-आधारित वैज्ञानिक नियोजन मालवा की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार ने वर्ष 2047 तक पर्यटन क्षेत्र का राज्य की जीडीपी में 10 प्रतिशत योगदान तय करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर को मिलाकर एक भव्य आध्यात्मिक और हेरिटेज टूरिज्म सर्किट का निर्माण किया जाएगा, जिसमें नर्मदा रिवरफ्रंट और रूरल टूरिज्म के जरिए स्थानीय लोगों को आय के साधन मिलेंगे। अव्यवस्थित शहरीकरण और अनियोजित बसाहट की चुनौतियों से निपटने के लिए ‘मध्य प्रदेश महानगरीय क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025’ के तहत एक हाई-टेक मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी बनाई जाएगी। यह विंग भविष्य की जनसंख्या, ट्रैफिक और बुनियादी जरूरतों का वैज्ञानिक व डेटा-आधारित विश्लेषण कर एडवांस प्लानिंग करेगी, जिससे आने वाले दशकों में भी यह रीजन देश के सबसे सुव्यवस्थित और आधुनिक क्षेत्रों में शुमार रह सके।

किसानों को नैनो उर्वरकों की जानकारी, नुक्कड़ नाटक के जरिए चलाया गया जागरूकता अभियान

बलौदा बाजार. किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष किसान जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग, लाभ तथा वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही इन उर्वरकों को लेकर किसानों के बीच फैली भ्रांतियों, अफवाहों और आशंकाओं को दूर करने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की 50 सहकारी समितियों को चिन्हित कर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में आकर्षक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के फायदे और उपयोग की जानकारी सरल भाषा में समझाई जा रही है। नुक्कड़ नाटक के बाद विशेषज्ञ दे रहे तकनीकी जानकारी अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी और ग्राम कृषि विशेषज्ञ किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों की जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा मौके पर किया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल वॉल पेंटिंग, पोस्टर और पाम्पलेट के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को व्यक्तिगत रूप से पाम्पलेट वितरित कर नैनो उर्वरकों के उपयोग की विधि, लाभ और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। किसानों ने बताया लाभकारी पहल ग्राम ओडान के किसान भोज राम वर्मा ने बताया कि उन्हें पहले नैनो यूरिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें सही और उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि उनके मन में मौजूद कई सवालों का जवाब विशेषज्ञों ने दिया, जिससे उनकी शंकाएं दूर हुईं। भोज राम वर्मा ने कहा कि अब तक वे केवल पारंपरिक यूरिया का उपयोग करते थे, लेकिन इस बार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग करेंगे। वहीं ग्राम वटगन के किसान सुभाष वर्मा ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। इससे किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिनसे वे अक्सर अनजान रहते हैं। उन्होंने इस पहल के लिए कलेक्टर कुलदीप शर्मा का आभार भी व्यक्त किया। वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की पहल जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को लेकर फैले भ्रम और आशंकाओं को दूर कर उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रशासन का मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि कर सकते हैं। “जागरूक होगा किसान – उन्नत होगी खेती” के संकल्प के साथ यह अभियान जिले में लगातार संचालित किया जा रहा है। इन 50 सहकारी समितियों में चल रहा अभियान जिले की चयनित 50 सहकारी समितियों में यह विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इनमें लवन, तिल्दा, अहिल्दा, सरखोर, बम्हनपुरी, रिसदा, खम्हरिया, सेमराडीह, रसेड़ा, डमरू, कसडोल, छरछेद, कटगी, सेल, अमोदी, हंसुवा, टुंड्रा, सोनाखान, गिरौद, चिखली, कुम्हारी, खपराडीह, सुहेला, सकलोर, भटभेरा, रावन, बिटकुली, जांगड़ा, दावनबोड़, हथबंद, अर्जुनी, गोढ़ी (टी), मिरगी, खोखली, तरेंगा-भाटापारा, केसला, खैरा, मोपका, लेवई, निपनिया, गिर्रा, कोदवा, जर्वे, ओडान, वटगन, कोसमंदी, अमेरा, कोनारी, लच्छनपुर और रोहांसी शामिल हैं।