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किसानों के खातों में पहुंचेंगे 4352 करोड़ रुपये, पीएम मोदी करेंगे 23वीं किस्त जारी

लखनऊ यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी है। शनिवार यानी आज प्रदेश के सवा दो करोड़ से अधिक किसानों के अकाउंट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के रूप में 4352.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया जाएगा। पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस किस्त को जारी करेंगे। बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। ये पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में भेजी जाती है। अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसानों को 23वीं किस्त का लाभ मिलेगा। इसके तहत उनके खातों में 4352.40 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। इससे पहले मार्च 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने असम से योजना की पिछली किस्त जारी की थी। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से की गई थी। यूपी सरकार के अनुसार 22वीं किस्त तक उकिसानों को योजना के तहत कुल 99032.58 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं, शनिवार को 4352.40 करोड़ रुपये जारी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 103391.24 करोड़ रुपये हो जाएगा। देशभर के 9.44 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ अगर कुल लाभार्थियों की बात करें तो 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के अकाउंट में 18880 करोड़ से अधिक की धनराशइ हस्तांतरण की जाएगी। पीएम मोदी का ये कार्यक्रम करीब दोपहर के 3 बजकर 45 मिनट पर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर में है झांसी में रहेंगे सीएम योगी शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी के रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के बीच मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त वितरण कार्यक्रम से जुड़ेंगे तथा यूपी एग्रीज परियोजना के खरीफ संस्करण का शुभारंभ भी करेंगे। 2238.92 करोड़ से बढ़कर 13727.85 करोड़ हुई वर्षवार आंकड़ों की बात करें तो जानकारी के मुताबिक वर्ष 2018-19 में किसानों को 2238.92 करोड़ रुपये, 2019-20 में 11006.87 करोड़ रुपये, 2020-21 में 14432.14 करोड़ रुपये, 2021-22 में 15775.52 करोड़ रुपये, 2022-23 में 12454.32 करोड़ रुपये, 2023-24 में 13808.48 करोड़ रुपये, 2024-25 में 15594.74 करोड़ रुपये तथा 2025-26 में 13727.85 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अपना चेक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं। यहां Farmers Corner का ऑप्शन मिलेगा। इसमें Beneficiary Status पर क्लिक करें। यहां मांगी गई जानकारी जैसे आधार नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल नंबर डालकर Get Report पर क्लिक कर दें। ऐसे में आपका स्टेट्स चेक हो जाएगा। वहीं, रजिस्ट्रेशन नंबर खो या भूल जाने पर आप अपना नंबर दोबारा पता कर सकते हैं। इसके लिए know your Registration number के ऑप्शन में जाकर मांगी गई जानकारी भरने के बाद आखिर में कैप्चा कोड और ओटीपी डालकर सबमिट कर दें।

वास्तु टिप्स: किचन में फ्रिज रखने की सही दिशा और गलत स्थान से बचें

हमारे घर का किचन न केवल भोजन पकाने की जगह है, बल्कि यह हमारे परिवार की सेहत और खुशहाली का सबसे बड़ा स्रोत भी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में रखी हर छोटी-बड़ी चीज़ अपनी एक विशेष ऊर्जा रखती है, जो घर के सदस्यों के जीवन पर सीधा प्रभाव डालती है. आधुनिक रसोई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फ्रिज है, जिसे हम अपनी सुविधा के अनुसार कहीं भी रख देते हैं.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा में रखा फ्रिज आपके घर की सुख-शांति और तरक्की में बाधा बन सकता है? वास्तु के जानकारों का मानना है कि यदि फ्रिज को गलत स्थान पर रखा जाए, तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है, जिससे पारिवारिक तनाव और आर्थिक असंतुलन जैसी परेशानियां पैदा हो सकती हैं. फ्रिज रखने के लिए सबसे बेस्ट दिशाएं वास्तु शास्त्र के अनुसार, फ्रिज को इन दिशाओं में रखना सबसे शुभ माना जाता है. दक्षिण-पश्चिम (South-West): फ्रिज रखने के लिए यह सबसे बेहतरीन जगह है. यहां रखने से घर में स्थिरता और सकारात्मकता बनी रहती है. पश्चिम (West) या दक्षिण (South): अगर दक्षिण-पश्चिम में जगह कम हो, तो आप फ्रिज को पश्चिम या दक्षिण दिशा में भी रख सकते हैं. उत्तर-पश्चिम (North-West): घर के वातावरण को संतुलित और शांत बनाए रखने के लिए यह दिशा भी एक अच्छा विकल्प है. इन दिशाओं में भूलकर भी न रखें फ्रिज उत्तर-पूर्व (North-East – ईशान कोण): इस दिशा में फ्रिज कभी न रखें. वास्तु में यह कोना अत्यंत पवित्र और भगवान का माना जाता है. यहां भारी सामान या फ्रिज जैसा उपकरण रखने से घर की बरकत रुक जाती है और मानसिक अशांति बढ़ती है. मेन गेट के सामने: घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने फ्रिज रखना अशुभ माना गया है, क्योंकि यह घर में आने वाली सुख-शांति और समृद्धि को रोकता है. फ्रिज को लेकर कुछ जरूरी वास्तु टिप्स सफाई का रखें विशेष ध्यान: फ्रिज के अंदर हमेशा सफाई रखें और बासी या खराब खाना जमा न होने दें.  माना जाता है कि साफ-सुथरा फ्रिज सकारात्मक ऊर्जा और सेहत को बेहतर करता है. गैस चूल्हे से उचित दूरी: फ्रिज को कभी भी गैस चूल्हे (Stove) के बिल्कुल पास या उसके सामने न रखें, क्योंकि अग्नि और पानी के तत्व एक-दूसरे के विरोधी होते हैं, जिससे घर में कलह की स्थिति बन सकती है. हवा का सही संचार: फ्रिज को दीवार से बिल्कुल सटाकर न रखें, दीवार और फ्रिज के बीच थोड़ा गैप रखें ताकि हवा का सही संचार हो सके. यह तकनीक और वास्तु दोनों ही नजरिए से बेहतर है. साफ-सफाई: फ्रिज के ऊपरी हिस्से को साफ रखें और उस पर भारी सामान या कबाड़ जमा न करें.

CM साय आज जशपुर में, जैविक खेती को देंगे बढ़ावा; जनकल्याण शिविर में भी होंगे शामिल

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। CM साय सुबह करीब 11:30 बजे बगिया से कुनकुरी के पण्डरीपानी पहुंचेंगे। यहां वे जैविक खेती कार्यशाला, जनकल्याणकारी शिविर और भूमिपूजन व लोकार्पण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोपहर ढाई बजे वे बेमताटोली जाएंगे, जहां उत्कल ब्राह्मण समाज सेवा समिति के सामाजिक भवन का भूमिपूजन करेंगे। दोपहर बाद CM साय गिनाबहार में निर्माणाधीन MCH, BPHU, चराईडांड में निर्माणाधीन 220 बिस्तर अस्पताल, फिजियोथेरेपी और नर्सिंग कॉलेज, सलियाटोली में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नालंदा परिसर का निरीक्षण करेंगे। सलियाटोली में पौने तीन बजे आयोजित ‘PM किसान उत्सव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, वे करीब 5:30 बजे अंबिकापुर के लिए रवाना हो जाएंगे।

पेंशन-पीएफ का झंझट होगा खत्म, मध्यप्रदेश में कर्मचारियों के लिए नया ऑनलाइन सिस्टम लागू

भोपाल. सेवानिवृत्त या मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों को किए जाने वाले अंतिम भुगतान की व्यवस्था में प्रदेश सरकार ने परिवर्तन किया है। अब अंतिम भुगतान के प्रकरणों के निराकरण के लिए कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। संचालक पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा को भुगतान सहित अन्य सभी प्रक्रियाओं के लिए अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार भविष्य निधि कटौती का विवरण कर्मचारी प्रतिमाह कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से देख सकेंगे। चार महीने पहले करना होगा आवेदन कोई गड़बड़ी नजर आने पर अभ्यावेदन आहरण एवं संवितरण अधिकारी को देंगे। सेवानिवृत्ति से चार माह पूर्व जब अंशदान की कटौती बंद कर दी जाती है, तक कर्मचारी ब्याज की गणना का सत्यापन करेंगे। चार माह पहले ही अपना अंतिम भुगतान आवेदन प्रस्तुत करेंगे। ऑनलाइन आवेदन जमा होने और वास्तविक भुगतान प्राप्त होने तक अपने वेतन से संबंध बैंक खाते में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन करने की अनुमति नहीं रहेगी। ऑनलाइन आवेदन के समय ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे सुरक्षित रखने का दायित्व कर्मचारी का होगा। सीधे खाते में आएगी राशि कर्मचारी से प्राप्त आवेदन का मिलान विभाग में संधारित निधि की पासबुक एवं सेवा पुस्तिका से होगा और उसकी प्रविष्टि कराई जाएगी। सत्यापित पृष्ठों को स्कैन कर कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली पर अपलोड किया जाएगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी से प्राप्त प्रकरणों का परीक्षण करने के बाद संचालक पेंशन के द्वारा भुगतान संबंधी आदेश जारी किए जाएंगे। भुगतान की राशि सीधे कर्मचारियों के उसे खाते में अंतरित की जाएगी, जहां सेवानिवृत्ति से पूर्व निरंतर छह माह का वेतन जमा किया गया हो। कर्मचारियों की मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित कार्यालय द्वारा नाम, जन्मतिथि, बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। विवरण अपूर्ण होने पर स्वजन से जानकारी प्राप्त कर उसे अद्यतन किया जाएगा। नामांकित व्यक्ति के बैंक खाते में भुगतान होगा। नामांकित व्यक्ति के अल्पायु होने पर वैध संरक्षक के साथ संयुक्त बैंक खाते में राशि जमा कराई जाएगी। एक जुलाई 2026 के बाद विभागीय भविष्य निधि जमाशेष में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल प्रमाणित साक्ष्यों और विभागाध्यक्ष की अनुशंसा के आधार पर संचालक पेंशन के स्तर से किया जा सकेगा। आनलाइन की प्राधिकार पत्र जारी होने की तिथि से छह माह की अवधि के लिए ही वैद्य रहेगा।

100 पन्नों की जांच रिपोर्ट के बाद गिरी गाज, धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार

उत्तराखंड उत्तराखंड की नौकरशाही में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि एक भूमि खरीद मामले ने प्रशासनिक तंत्र की इतनी बड़ी परतें उधेड़ दी हों. एक आईएएस अधिकारी की बर्खास्तगी की संस्तुति, दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई, कुल 12 अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन और मुकदमे की तलवार. करीब 14 करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही भूमि को 54 करोड़ रुपये में खरीदने के आरोपों से यह मामला शुरू हुआ था.  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने जिस सख्ती के साथ कार्रवाई की है, उसने सचिवालय से लेकर जिलों तक एक स्पष्ट संदेश पहुंचाया है कि सरकारी धन से जुड़े मामलों में अब लापरवाही भी भारी पड़ सकती है. सबसे बड़ा सवाल: आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों सरकार ने तत्कालीन नगर आयुक्त और आईएएस अधिकारी वरुण चौधरी के खिलाफ सेवा से बर्खास्त करने की संस्तुति की है. वहीं तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह के खिलाफ मेजर पनिशमेंट देने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह के खिलाफ परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने और उनकी तीन सैलरी इनक्रीमेंट रोकने का आदेश दिया गया है. इसके साथ ही 10 अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कैसे खुली पूरे मामले की परतें अप्रैल 2025 में हरिद्वार नगर निगम द्वारा की गई एक भूमि खरीद अचानक सुर्खियों में आ गई. आरोप लगा कि जिस जमीन की वास्तविक कीमत लगभग 14 करोड़ रुपये के आसपास थी, उसे करीब 54 करोड़ रुपये में खरीद लिया गया. मामला सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक सवाल उठने लगे. आखिर इतनी बड़ी राशि खर्च करने का निर्णय किन आधारों पर लिया गया? क्या जमीन की वास्तविक जरूरत थी? क्या खरीद प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप थी? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन में सचिव रणवीर चौहान को जांच की जिम्मेदारी सौंपी. 100 पन्नों की रिपोर्ट बनी कार्रवाई का आधार रणवीर चौहान ने हरिद्वार पहुंचकर पूरे मामले की गहन जांच की. फाइलों की पड़ताल हुई, अधिकारियों के बयान लिए गए और भूमि खरीद से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया गया. लंबी जांच के बाद करीब 100 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी गई. इसी रिपोर्ट के आधार पर अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का फैसला लिया गया. सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. जांच में क्या मिला रिपोर्ट के मुताबिक भूमि खरीद की प्रक्रिया कृषि भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शुरू हुई थी, लेकिन अंतिम खरीद वाणिज्यिक दरों पर की गई. जांच अधिकारियों को यह बिंदु सबसे अधिक संदिग्ध लगा. इसके अलावा भूमि खरीद के लिए जरूरी लैंड कमेटी का गठन नहीं किया गया. सामान्य परिस्थितियों में इतनी बड़ी खरीद से पहले कई स्तरों पर परीक्षण और अनुमोदन की प्रक्रिया होती है, लेकिन यहां कई महत्वपूर्ण चरण या तो पूरे नहीं किए गए या फिर अत्यधिक जल्दबाजी में निपटा दिए गए. जांच में यह भी सामने आया कि भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़ी धारा-143 की प्रक्रिया असामान्य रूप से तेजी से पूरी की गई. बताया गया कि सामान्य तौर पर समय लेने वाली यह प्रक्रिया महज दो से तीन दिनों के भीतर पूरी हो गई. रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों के अनुसार तत्कालीन एसडीएम स्तर पर फाइल को आगे बढ़ाने के लिए स्टेनो से ही राजस्व संबंधी अभिमत तैयार करवाया गया. यदि यह तथ्य अंतिम रूप से सिद्ध होता है तो इसे प्रशासनिक नियमों की गंभीर अनदेखी माना जाएगा. जमीन पर भी उठे सवाल जांच रिपोर्ट में केवल कीमत और प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि भूमि चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं. बताया गया कि खरीदी गई जमीन कूड़े के ढेर के पास स्थित थी और उसकी तत्काल आवश्यकता भी स्पष्ट नहीं थी. ऐसे में यह सवाल और बड़ा हो गया कि आखिर उसी भूमि को खरीदने की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई. जांच एजेंसियां अब यह भी पड़ताल कर रही हैं कि भूमि चयन के दौरान क्या अन्य विकल्पों पर विचार किया गया था या नहीं. निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक मामला सामने आने के बाद सरकार ने तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह, नगर आयुक्त वरुण चौधरी और एसडीएम अजयवीर सिंह को निलंबित कर दिया था. उस समय भी इस कार्रवाई को अभूतपूर्व माना गया था. लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया. अब मामला केवल निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक आईएएस अधिकारी की सेवा समाप्ति की संस्तुति तक पहुंच गया है. अब केंद्र सरकार की भूमिका अहम चूंकि मामला अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों से जुड़ा है, इसलिए अंतिम निर्णय की प्रक्रिया में केंद्र सरकार की भी भूमिका रहेगी. राज्य सरकार ने दोनों आईएएस अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है. इसके बाद केंद्रीय स्तर पर भी मामले की समीक्षा की जाएगी. कुछ बड़े अधिकारियों का कहना है कि राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार के खिलाफ घोषित 'जीरो टॉलरेंस' नीति का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है. सरकार का दावा है कि चाहे अधिकारी कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि सरकारी धन के उपयोग में अनियमितता या नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो कार्रवाई तय है.

IND vs AFG: आखिरी वनडे में कई खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर, टीम इंडिया 3-0 की तलाश में

चेन्नई भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार (20 जून) को चेन्नई में है. सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी भारतीय टीम अब क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरेगी. हालांकि इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण सिर्फ नतीजा नहीं, बल्कि कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी होगा, जिनके लिए यह मुकाबला भविष्य तय करने वाला साबित हो सकता है. सबसे ज्यादा निगाहें यशस्वी जायसवाल पर रहेंगी. दिसंबर 2025 के बाद पहली बार वनडे टीम में वापसी करने वाले जायसवाल लखनऊ में खेले गए दूसरे मैच में सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए थे. इससे पहले उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम (वाइजैग) में नाबाद 116 रनों की शानदार पारी खेली थी, लेकिन तब से टीम की तस्वीर काफी बदल चुकी है. ईशान किशन की वापसी ने टॉप ऑर्डर में कंपटीशन और कठ‍िन कर दिया है. किशन ने लखनऊ वनडे में शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली. उनकी मौजूदगी के कारण कप्तान शुभमन गिल को खुद नंबर-3 पर उतरना पड़ा ताकि जायसवाल को ओपनिंग का मौका मिल सके. यदि किशन और श्रेयस अय्यर क्रमशः नंबर-4 और नंबर-5 पर बने रहते हैं तो जायसवाल के लिए टीम में जगह बनाना और मुश्किल हो जाएगा. ऐसे हालात में चेन्नई वनडे उनके लिए बड़ा अवसर है. भारत की इंग्लैंड टूर के लिए वनडे टीम का ऐलान भी जल्द होना है और बीसीसीआई सेलेक्श कमेटी के बॉस अजीत अगरकर की अगुआई वाला पैनल हाल के दिनों में कड़े फैसले लेने के लिए जाना जाता है. ऐसे में एक और नाकामी जायसवाल की मुश्किलें बढ़ा सकती है. केएल राहुल की स्थिति थोड़ी अलग है. लंबे समय बाद श्रेयस अय्यर की वापसी के बाद राहुल को अब अधिकतर नंबर-6 पर बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है. वनडे क्रिकेट में नंबर-5 राहुल की सबसे सफल पोजिशन रही है. इस क्रम पर उन्होंने 38 मैचों में 1517 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और 10 अर्धशतक हैं. उनका एवरेज भी 63.2 का रहा है. हालांकि नंबर-6 पर उनके आंकड़े उतने प्रभावशाली नहीं हैं. राहुल ने इस स्थान पर 15 मैचों में 332 रन बनाए हैं और सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है. लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए उन्हें कम ओवर मिलते हैं, इसलिए अब उनके सामने तेजी से रन बनाने और फिनिशर की भूमिका निभाने की चुनौती है. चेन्नई में वह इसी नई भूमिका में खुद को साबित करने की कोशिश करेंगे. क्या हर्ष‍ित का होगा टीम इंड‍िया में कमबैक? बॉल‍िंग ड‍िपार्टमेंट में हर्षित राणा की वापसी चर्चा का विषय है. बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन पूरा करने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया है. ऐसे में संभावना है कि उन्हें अर्शदीप सिंह की जगह प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, जिन्होंने सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले खेले हैं. हर्षित की मौजूदगी भारत को निचले क्रम में अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प भी देती है, खासकर तब जब नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता इंग्लैंड दौरे से पहले उनकी मैच फिटनेस और तैयारियों का आकलन भी करना चाहेंगे. गुरनूर बरार ने सीरीज के दोनों मैच खेले हैं और टीम मैनेजमेंट विभिन्न परिस्थितियों में उन्हें और परखना चाह सकता है. इसलिए टीम इंड‍िया के बॉल‍िंग कॉम्ब‍िनेशन में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं. दूसरी ओर अफगानिस्तान के लिए यह दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है. टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में टीम इंड‍िया के सामने संघर्ष करती नजर आई है. दोनों वनडे मुकाबलों में भी अफगान टीम न बल्लेबाजी में प्रभाव छोड़ सकी और न ही गेंदबाजी में. हशमतुल्लाह शाहिदी की अगुआई वाली टीम अब आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के साथ दौरे का समापन करना चाहेगी. जीत भले मुश्किल दिख रही हो, लेकिन अफगानिस्तान अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगा. भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे, यशस्वी जायसवाल और हर्षित राणा. अफगानिस्तान टीम: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान ), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अतल, दरवेश रसूली, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह ओमरजई और राशिद खान. भारत vs अफगान‍िस्तान हेड टू हेड (वनडे) कुल मैच: 6 भारत जीता : 5 टाई: 1 मुकाबला दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा. भारत की नजर सीरीज में 3-0 की जीत दर्ज करने पर होगी, जबकि अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा.

तूफान के बीच बड़ा हादसा टला, इंडिगो फ्लाइट पर बिजली गिरने के बाद बदला गया विमान

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से शुक्रवार को अगरतला जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट एयरपोर्ट पर खड़ी थी. इसी दौरान जबरदस्त तूफान के दौरान बिजली गिरी और फ्लाइट उसकी चपेट में आ गई. सुरक्षा नियमों के तहत यात्रियों को विमान से उतारा गया और नियमों के मुताबिक जरूरी जांच की गई. इसके बाद दूसरे विमान का इंतजाम किया गया. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एहतियातन ग्राउंड पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा के लिए ले जाया गया. सूत्रों के मुताबिक, किसी के घायल होने की खबर नहीं है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर तूफान के दौरान अगरतला जा रहे इंडिगो के एक विमान पर बिजली गिरी. क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना तूफान और बारिश के बीच हुई, जिसके लिए एयरपोर्ट ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (AOCC) ने मौसम संबंधी अलर्ट जारी किए थे. उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ. इंडिगो की फ्लाइट 6E6068 (VT-IPW) एरोब्रिज 56L पर खड़ी थी, तभी सुबह करीब 9:30 बजे उस पर बिजली गिरी. बिजली गिरने से विमान के पावर सिस्टम पर असर पड़ा, जिससे अचानक पावर ऑफ हो गया. अधिकारी ने बताया कि जब बिजली गिरी, तो A320 विमान में 141 यात्री और छह क्रू मेंबर सवार थे. एहतियात के तौर पर एयरलाइन ने यात्रियों को विमान से उतार दिया और बाद में उन्हें A321 विमान (VT-ICD) से रवाना किया गया. यह फ्लाइट असल में सुबह 9.20 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन यात्रियों के साथ दोपहर 12.50 बजे रवाना हुई. इंडिगो के मुताबिक, दो ग्राउंड स्टाफ मामूली रूप से प्रभावित हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अधिकारी ने बताया कि मेडिकल चेकअप के तुरंत बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. कोलकाता और आसपास के जिलों में शुक्रवार सुबह से ही आंधी-तूफान और बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलजमाव हो गया है और ट्रैफिक में रुकावट आने की खबरें आईं.

फीफा वर्ल्ड कप 2026: अमेरिका की लगातार दूसरी जीत, मोरक्को ने भी दर्ज की अहम जीत

 नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप-2026 के संयुक्त मेजबान अमेरिका ने ग्रुप-डी के मैच में ऑस्ट्रेलिया को मात देकर नॉकआउट दौर में जगह बना ली है। वहीं, मोरक्को ने ग्रुप-सी के मैच में स्कॉटलैंड को पटखनी देते हुए अगले दौर में जाने की संभावनाओं को मजबूत कर लिया है। अमेरिका नॉकआउट दौर में पहुंचाने वाली दूसरी टीम बन गई है। उससे पहले, एक और संयुक्त मेजबान मैक्सिको ने अगले दौर में जगह बनाई थी। वह ऐसा करने वाली पहली टीम थी। 96 साल बाद हुआ ऐसा अमेरिका की ये इस वर्ल्ड कप में लगातार दूसरी जीत है और इसी के साथ उसने 96 साल का सूखा खत्म किया है। इस वर्ल्ड कप से पहले अमेरिका ने साल 1929 में लगातार दो मैच जीते थे। इस डबल को दोहराने में अमेरिका को 96 साल लग गए। उसने अपने पहले मैच में पैराग्वे को 4-1 से मात दी थी। सीटल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अमेरिका के लिए पहला गोल ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी कैमरन बर्गेस ने किया। उन्होंने गेंद को क्लियर करने के प्रयास में आत्मघाती गोल कर डाला जिससे अमेरिका 11वें मिनट में ही 1-0 से आगे हो गई। पहले हाफ के खत्म होने से दो मिनट पहले यानी 43वें मिनट में एलेक्स फ्रीमैन ने अमेरिका के लिए दूसरा गोल कर दिया। दूसरे हाफ में कोई गोल हो नहीं सका और अमेरिका ने ये मैच जीतते हुए शान से नॉकआउट दौर में जगह बनाई। मोरक्को ने भी जीता मैच वहीं मोरक्को ने भी स्कॉटलैंड के खिलाफ शुरुआती बढ़त ले ली थी जिसे कायम रखते हुए जीत हासिल की। मोरक्को के लिए इस्माइल साल्बारी ने डेढ़ मिनट में गोल करते हुए अपनी टीम को बढ़त दिलाई और फिर इसे कायम रखते हुए स्कॉटलैंड को पटखनी दी। ब्राहिम डिएज ने स्कॉटलैंड को डिफेंस को भेदते हुए इस्लमाइल तक शानदार पास दिया। इसके बाद इस्माइल ने एक झन्नटेदार किक से गेंद को नेट में डाल अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसी स्कोरलाइन से मोरक्को ने जीत हासिल की और अगले दौर में जाने की उम्मीदों को पुख्ता किया।  

नेमार के बिना भी चमका ब्राजील, हैती को हराकर विश्व कप में खोला जीत का खाता

 नई दिल्ली  मोरक्को के खिलाफ अपने पहले मैच में 1-1 से ड्रॉ खेलने पर मजबूर होने वाली ब्राजील ने शनिवार को फीफा वर्ल्ड कप-2026 में अपनी पहली जीत हासिल कर ली है। ग्रुप-सी के मैच में ब्राजील ने हैती को 3-0 से मात देकर अपना खाता खोला। पहले मैच में ड्रॉ खेलने के बाद ब्राजील को इस मैच में जीत की सख्त जरूरत थी और उसने इसी तरह का खेल दिखाते हुए तीन अंक लिए जिससे अब उसके कुल चार अंक हो गए हैं और वह मोरक्को की बराबरी पर है जिसने स्कॉटलैंड को मात दी है। शुरू से दिखाया दबदबा हैती की ये लगातार दूसरी हार है और वह अगले दौर की रेस से लगभग बाहर हो गई है। अपने स्टार खिलाड़ी नेमार के बिना उतरी ब्राजील ने शुरू से ही इस मैच में अपना दबदबा दिखाया। 23वें मिनट में उसने अपना पहला गोल किया। उसके लिए ये गोल माथेयास कुनहो ने किया। माथेयास यहीं नहीं रुके। उन्होंने 36वें मिनट में एक और गोल कर दिया और अपनी टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ का अंत ब्राजील के पक्ष में 2-0 से होता दिख रहा था, लेकिन इस हाफ के अतिरिक्त समय में विनिसियस जूनियर ने लुकास पाक्वेटा के पास पर शानदार गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। दूसरे हाफ में नहीं हो सका गोल हैती के लिए वापसी काफी मुश्किल थी, लेकिन उसके पास पूरा दूसरा हाफ था। हालांकि, ब्राजील की दीवार को भेदना उसके लिए आसान नहीं रहा। इस हाफ में उसके लिए उपलब्धि यही रही कि उसने और कोई गोल नहीं होने दिया। ब्राजील ने काफी कोशिश की, लेकिन दूसरे हाफ में वह हैती के डिफेंस को चकमा नहीं दे सकी। हालांकि, उसके पास जीत के लिए पर्याप्त स्कोर था जो उसके काम आया और ब्राजील ने इस टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत हासिल की।  

दो रेड कार्ड पड़े भारी, नौ खिलाड़ियों वाली कतर पर कनाडा की बड़ी जीत

 नई दिल्ली  फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप मैच में दो-दो लाल कार्ड खाने वाली कतर को मेजबान कनाडा ने 6-0 से रौंद दिया। मेजबानों के लिए स्ट्राइकर जोनाथन डेविड ने हैटट्रिक जमाई जबकि काएल लैरिन और नेथन सलिबा ने एक-एक गोल किया। मैच का छठा गोल मोहम्मद मनाइ ने 75वें मिनट में अपने ही गोल पोस्ट में मार दिया। मैच की शुरुआत लैरिन के खूबसूरत गोल से हुई। मैच के 16वें मिनट में बॉक्स के बाएं तरफ से आई गेंद पर जमाए करारे शॉट को कतर के गोलकीपर ने रोक लिया लेकिन वह गेंद पर काबू नहीं पा सके और वह छिटककर लैरिन के पैरों में आ गिरी जिन्होंने एकदम करीब से इसे गोल में पहुंचा दिया। कतर की मुश्किलें बढ़ीं मैच के 29वें मिनट में डेविड ने अपना पहला गोल दागा जब उन्होंने दूर से जमाए एक शॉट को कतर के डिफेंडर से लगकर छिटकने के बाद दमदार शॉट के जरिए गोल में पहुंचाया। दो-तीन मिनट के बाद ही कतर की मुसीबतें बढ़ गईं जब मैच के 33वें मिनट में होमाम अहमद को रेफरी ने रेड कार्ड दिखा दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय (45+3) में अपना दूसरा और मैच का तीसरा गोल किया। इस गोल में भी डेविड को भाग्य का साथ मिला। बॉक्स के बाएं तरफ से उछली गेंद पर लगे करारे हेडर को कतर के गोलकीपर ने रोक लिया, लेकिन गेंद फिर से डेविड के पास जा गिरी जिन्होंने एकदम नजदीक से कोई गलती नहीं की। पहला हाफ खत्म हुआ तो कनाडा 3-0 से आगे थी। दूसरे हाफ में कनाडा का जलवा दूसरे हाफ की शुरुआत कतर के असिम मदिबो के भयंकर फाउल से हुई। उन्होंने कनाडा के इस्माइल कोने को पीछे से टैकल करके गिरा दिया। रेफरी ने मदिबो को तुरंत रेड कार्ड दिखाकर बाहर भेज दिया। कोने की चोट बहुत गंभीर थी उन्हें भी स्ट्रेचर पर लादकर मैदान से बाहर ले जाया गया। मैच के 53वें मिनट में हुई इस घटना के कुछ देर बाद, 64वें मिनट में सलिबा ने बेहतरीन फ्री किक के जरिए कनाडा की बढ़त 4-0 की कर दी। सिर्फ नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रही कतर की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थीं। मनाइ ने 75वें मिनट में कनाडा का एक शॉट गोल से दूर भेजने की जगह पूरी ताकत से गोल के अंदर मार दिया। डेविड ने दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय (90+2) में अपनी हैटट्रिक पूरी करते हुए कनाडा को 6-0 से जीत दिला दी।