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सिर्फ 60 रुपये में पैंक्रियाज कैंसर की जांच करेगा ‘यूरोस्मार्ट’ उपकरण

अंबाला बब्याल के रहने वाले एवं आइआइटी दिल्ली के छात्र शिवम ने शोध कर पैंक्रियाज कैंसर की बीमारी की जांच के लिए उपकरण यूरोस्मार्ट बनाया है। शिवम का दावा है कि इससे यूरिन (पेशाब) के सैंपल से शरीर में पैंक्रियाज कैंसर का पता चल जाएगा। कुछ लोगों पर इसका टेस्ट भी किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिवम ने इस उपकरण के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। इससे सिर्फ 60 रुपये में जांच हो सकेगी। उम्मीद है कि जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगा, जिसके लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। वर्ष 2024 में शिवम कुमार बग्गन, कुशाग्र जैन, खालिद भट्ट और प्रो. नवीन की टीम ने शोध शुरू किया था। यह एक साइंस जर्नल में प्रकाशित भी हो चुका है। ऐसे काम करता उपकरण शिवम ने बताया कि यूरोस्मार्ट उपकरण सेंसर पर काम करता है। इस में पोटेंशियो स्टेट सेंसर लगाया है, जो मोबाइल से जुड़ा होता है। मरीज का यूरिन सैंपल इस उपकरण में लिया जाता है। इस पर एक बटन लगाया गया है, जिसे दबाना होता और यूरिन की एक बूंद सेंसर पर पहुंच जाती है। इसके बाद सारा काम सेंसर करता है। करीब 15 मिनट का समय लगता है और रिपोर्ट मोबाइल पर आ जाती है और स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को पैंक्रियाज कैंसर है या नहीं। यह जांच ब्लड से होती है, जिसमें काफी समय लगता है। जिसे पैंक्रियाज कैंसर होगा, उसका शरीर बायोमार्कर सीए 19.9 रिलीज करता है। यह ब्लड और यूरिन दोनों में पाया जाता है। अभी इसका ट्रायल प्रथम चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही यह उपकरण बाजार में उपलब्ध होगा यह है पैंक्रियाज कैंसर पैंक्रियाज कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो पैंक्रियाज में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने के कारण होता है। यह पाचन एंजाइम और इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होता और देरी से पता चलने के कारण यह और घातक हो जाता है। यही कारण है कि इस तरह का कैंसर काफी घातक हो जाता है, जबकि उपचार काफी महंगा है। आइआइटी दिल्ली के प्रो. एवं शोध टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि सुबह का पहला यूरिन जांच के लिए बेहतर होता है, क्योंकि इसमें इन्फार्मेशन अधिक होती है। इस टेस्ट में यदि रीडिंग 37 यूनिट प्रति एमएल से नीचे आती है तो पैंक्रियाज कैंसर नहीं मान सकते, जबकि इससे अधिक यह जितना अधिक जाएगा उतना कैंसर माना जाता है। अब इस उपकरण को लेकर एम्स में जा रहे हैं, जहां आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उपचार की निगरानी में इस्तेमाल हो सकता: डॉ. यशपाल कैंसर विशेषज्ञ एवं अटल कैंसर केयर सेंटर के निदेशक डा. यशपाल वर्मा का कहना है कि सीए 19-9 एक गैर-विशिष्ट परीक्षण है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इसे एक स्वतंत्र नैदानिक उपकरण के रूप में उपयोग करने के बजाय, उपचार की निगरानी और पुनरावृत्ति का पता लगाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। पित्त की पथरी और अग्नाशयशोथ जैसी सामान्य स्थितियों में भी इसका स्तर अधिक हो सकता है।  

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण और फर्स्ट एड: चक्कर आने पर तुरंत राहत कैसे पाएं

लो ब्लड प्रेशर या फिर हाइपोटेंशन एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें आपके शरीर का ब्लड प्रेशर नॉर्मल लेवल यानी कि 120/80 mmHg से काफी कम हो जाता है. जब शरीर में बीपी अचानक कम हो जाता है, तो इसकी वजह से आपको चक्कर आने लगते हैं, आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है, कमजोरी महसूस होने लगती है, या फिर कई बार घबराहट और बेहोशी जैसे लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं. अगर आपके या फिर आपके किसी करीबी के साथ अचानक ऐसा हो जाए, तो घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आप अगर चाहें, तो घर पर ही कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर अपने लो ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल में कर सकते हैं. तो चलिए, इन उपायों के बारे में जानते हैं, ताकि आप जरूरत के समय खुद को और अपने परिवार वालों को सुरक्षित रख सकें. नमक और पानी के घोल का सेवन अगर बीपी अचानक कम हो जाए तो इसे कंट्रोल करने का सबसे पहला और सबसे इंस्टेंट उपाय है नमक का पानी. अगर आपको नहीं पता तो बता दें नमक में सोडियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को इंस्टेंट बढ़ाने का काम करता है. लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए एक ग्लास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर धीरे-धीरे पिएं. इस बात का ख्याल रखें कि नमक का पानी केवल इमरजेंसी कंडीशन में ही लें, और अगर व्यक्ति को पहले से दिल या किडनी की कोई बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना ज्यादा नमक न दें. इलेक्ट्रोल, ग्लूकोज या ओआरएस का करें सेवन आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने पर भी बीपी अचानक गिर जाता है. ऐसा होने पर आपको अपने शरीर को जितनी जल्दी हो सके हाइड्रेट करने की कोशिश करनी चाहिए. शरीर को हाइड्रेशन देने के लिए आप पानी में ग्लूकोज या ओआरएस का घोल मिलाकर पी सकते हैं. अगर ये घर पर मौजूद न हों, तो पानी में नींबू, थोड़ी चीनी और एक चुटकी नमक मिलाकर नींबू पानी बना लें. इससे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और बीपी नॉर्मल होने लगता है. तुरंत कॉफी या चाय पिलाना भी फायदेमंद अगर आपका या फिर आपके घर पर किसी का भी बीपी अचानक ही बहुत कम हो गया है और व्यक्ति को तेज चक्कर आ रहे हैं, तो कैफीन का सेवन एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. जिसका ब्लड प्रेशर लो है उसे एक कप कड़क ब्लैक कॉफी या कड़क चाय पिलाएं. कैफीन दिल की धड़कन को थोड़ा फ़ास्ट कर देता है और ब्लड वेसल्स को सिकोड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर तुरंत बढ़ जाता है. हालांकि, इसे अपनी रोज की आदत न बनाएं, क्योंकि कैफीन का बहुत ही ज्यादा सेवन सेहत के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं है. पैरों को ऊपर उठाकर लिटाएं अगर बीपी लो होने के कारण व्यक्ति को चक्कर आ रहे हैं या वह बेहोश होने की कंडीशन में है, तो बैठने या खड़े रहने के बजाय उसे तुरंत सीधे लिटा देना चाहिए. इसके लिए सबसे पहले व्यक्ति को पीठ के बल सीधा लेटा दें और उनके पैरों के नीचे दो-तीन तकिए लगा दें, ताकि व्यक्ति का पैर सिर के लेवल से ऊपर हो जाएं. ऐसा करने से पैरों की तरफ बहने वाला खून तुरंत दिमाग और दिल की तरफ पहुंचने लगता है, जिससे चक्कर आना बंद हो जाता है और मरीज को राहत मिलती है. कुछ मीठा या किशमिश खाएं शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कम होने से भी बीपी लो हो सकता है. आयुर्वेद में किशमिश को लो बीपी के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है. अचानक बीपी गिरने पर आप मुट्ठी भर किशमिश चबाकर खा सकते हैं, या फिर घर में रखी कोई मिठाई, चॉकलेट या खजूर का सेवन भी कर सकते हैं. यह शरीर को तुरंत ग्लूकोज देता है, जिससे कमजोरी दूर होती है. ये सभी उपाय केवल इमरजेंसी कंडीशन में इंस्टेंट राहत पाने के लिए हैं. अगर इन उपायों को करने के बाद भी बीपी नॉर्मल नहीं होता है, या व्यक्ति को बार-बार लो बीपी की प्रॉब्लम होती है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से कॉन्टैक्ट करें.

IPL की सबसे बड़ी डील: पंत- कुलदीप का ब्लॉकबस्टर ट्रेड, बदली टीमों की तस्वीर

नई दिल्ली आईपीएल 2027 से पहले ऋषभ पंत और कुलदीप यादव की टीमें बदल चुकी है। दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जाएंटस के बीच सबसे बड़ा ट्रेड हो चुका है। लंबे समय से इसकी खबरें क्रिकेट के गलियारों में टहल रही थी। आज यानि 23 जून को आईपीएल की ओर से इस पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई है। पंत दिल्ली में 15 करोड़ में वापसी करेंगे तो वहीं कुलदीप को एलएसजी ने 13.5 करोड़ की कीमत पर साइन किया है। ऋषभ पंत और कुलदीप यादव की अदला-बदली 2 साल लखनऊ सुपर जाएंट्स का हिस्सा रहने के बाद ऋषभ पंत की एक बार फिर अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में वापसी हो चुकी है। डीसी के साथ उन्होंने 2016 में अपने करियर की शुरुआत की थी। तो वहीं साल 2022 से दिल्ली के लिए खेल रहे कुलदीप यादव लखनऊ के लिए खेलेंगे। आईपीएल 2027 से पहले यह लीग की सबसे बड़ी ट्रेड डील मानी जा सकती है। क्योंकि दोनों ही खिलाड़ी आईपीएल के साथ ही भारतीय क्रिकेट के भी स्टार खिलाड़ियों में से एक हैं।

फर्जी सेना कोटे से मिली पुलिस नौकरी! हरियाणा के जींद में दो भाइयों के खिलाफ मामला

जींद. जुलाना थाना पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर पुलिस में नौकरी पाने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दोनों भाइयों ने पुलिस में भर्ती होते समय अपने पिता के आर्मी कोटे का लाभ उठाया था। नियमों के अनुसार केवल एक ही आश्रित इसका लाभ उठा सकता है। जुलाना थाना पुलिस ने गतौली गांव निवासी दो हवलदार भाइयों दलेल व भूपेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में सोनीपत निवासी 70 वर्षीय हेल्थ सुपरवाइजर से सेवानिवृत्त कमला दहिया ने बताया कि गतौली गांव निवासी गतौली निवासी हरिओम सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 2008 में उनके बड़े बेटे दलेल अपने पिता के कोटे का लाभ उठाते हुए पुलिस में भर्ती हो गए। दलेल इस समय जींद में कार्यरत हैं। 2014 में हरिओम का दूसरा बेटा भूपेंद्र भी अपने पिता के कोटे का लाभ उठाते हुए पुलिस में भर्ती हो गया। नियमों के अनुसार सेवानिवृत्त आर्मी कर्मचारी का केवल एक ही पुत्र इस कोटे का लाभ उठा सकता है। भूपेंद्र इस समय हांसी जिले में तैनात है। दोनों अब मुख्य सिपाही के पद पर पदोन्नत हो गए हैं। कमला दहिया ने कहा कि उनके एक रिश्तेदार ने भी आर्मी कोटे का लाभ लेते हुए पुलिस भर्ती के लिए आवेदन किया था। उसके रिश्तेदार को यह लाभ नहीं मिला। अब उसे पता चला कि गतौली गांव निवासी दो भाइयों ने इसी प्रकार ईएसएम कोटे का लाभ उठाया है और वह दोनों इस समय पुलिस में कार्यरत हैं। कमला दहिया ने कहा कि जब दो भाइयों को लाभ मिल रहा है तो उसके रिश्तेदार को क्यों नहीं मिल सकता। जब पुलिस के पास यह शिकायत पहुंची तो उन्होंने इस मामले की जांच की और पाया कि एक कोटे का केवल एक ही आश्रित लाभ उठा सकता है। दोनों ने लाभ उठाकर धोखाधड़ी की है। इसलिए अब पुलिस ने भूपेंद्र व दलेल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जुलाना थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने कहा कि सोमवार को ही भूपेंद्र व दलेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अभी मामले की जांच की जाएगी।

राजस्थान सरकार का बड़ा कदम, समान नागरिक संहिता का प्रारूप होगा तैयार

जयपुर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से समान नागरिक संहिता (यूनिफार्म सिविल कोड) की ओर अग्रसर है। इसमें सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून होंगे। राज्य सरकार ने विधेयक का प्रारूप तैयार करने हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। पटेल ने बताया कि संवैधानिक भावना को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में 14 अप्रैल, 2026 को राज्य में इस विषय पर सार्थक कार्यवाही करने का निर्णय लिया था। इसके अंतर्गत आदिवासी समुदाय के रीति-रिवाज को सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें संवैधानिक सुरक्षा मिलेगी। इससे प्रदेश को नई दशा और दिशा मिलेगी।   उन्होंने बताया कि संविधान के भाग 4 में वर्णित राज्य की नीति के निर्देशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 44 के प्रावधानों के मद्देनजर राज्य सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। अनुच्छेद 44 में उल्लेख है कि राज्य, भारत के समस्त राज्य क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता (Uniform Civil Code-UCC) प्राप्त कराने का प्रयास करेगा। बेढम ने बताया कि ‘राजस्थान समान नागरिक संहिता, 2026’ (The Rajasthan Uniform Civil Code, 2026) के विधेयक का प्रारूप तैयार करने हेतु उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति के अन्य सदस्य सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह, राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा, राजकीय विधि महाविद्यालय, श्रीगंगानगर के सेवानिवृत्त प्राचार्य रामस्वरूप अग्रवाल और डॉ. शुचि चौहान बनाये गये हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए समिति संभाग स्तर पर जन-संवाद को प्राथमिकता देगी। वेबसाइट के माध्यम से राज्य के आम नागरिक अपने बहुमूल्य सुझाव सीधे समिति तक पहुंचा सकेंगे। समान नागरिक संहिता में विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, बहुविवाह पर पूर्ण रोक समान नागरिक संहिता का प्रमुख ध्येय देश या राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करना है, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के हों। वर्तमान में शादी, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों का पालन होता है। यूसीसी लागू होने से ये विसंगतियां समाप्त होंगी। इसका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग पर्सनल लॉ में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त कर उन्हें लैंगिक समानता और पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाना है। इसके तहत विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, बहुविवाह पर पूर्ण रोक, लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन तथा पैतृक संपत्ति में बेटा-बेटी दोनों को समान अधिकार जैसे प्रमुख बदलाव शामिल हैं। राज्य सरकार समिति के माध्यम से राज्य की आवश्यकताओं और सामाजिक ताने-बाने के अनुरूप एक आदर्श और प्रगतिशील कानून का प्रारूप तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।  

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के ऑफ-एयर होने की अफवाहें, मेकर्स ने दी सफाई

17 साल बाद जब ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ की वापसी हुई, तो फैंस बेहद एक्साइटेड नजर आए. अब शो को लेकर एक नई चर्चा तेज हो गई है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह शो जल्द ऑफ एयर हो सकता है. हालांकि अब तक मेकर्स या चैनल की ओर से शो बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. यह पहली बार नहीं है जब ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के बंद होने की खबरें सामने आई हैं. इससे पहले मार्च में भी ऐसी अफवाहें तेजी से वायरल हुई थी. तब मेकर्स और चैनल ने साफ तौर पर इन खबरों को गलत बताया था. स्टार प्लस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि शो बंद हो रहा है और उसकी जगह ‘क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’ ले रहा है. हम साफ करना चाहते हैं कि ये खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं. फिलहाल शो को बंद करने की कोई योजना नहीं है.”  तुलसी और मिहिर की कहानी से जुड़ाव आज भी कायम ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय ने एक बार फिर तुलसी और मिहिर विरानी के अपने आइकॉनिक किरदारों में वापसी की. इतने सालों बाद भी दर्शकों का इन किरदारों से जुड़ाव कम नहीं हुआ है. शो में इस बार पुराने चेहरों के साथ नई पीढ़ी को भी जोड़ा गया है. रोहित सुचांती, तनिषा मेहता, शगुन शर्मा और अमन गांधी जैसे कलाकार नई कहानी को आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं.

संजीव कपूर का खुलासा: मास्टरशेफ इंडिया में अक्षय कुमार से ज्यादा फीस की थी शर्त

 सेलेब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने हाल ही में ‘मास्टरशेफ इंडिया’ को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसे फैंस जानते नहीं होंगे. संजीव ने बताया कि जब उन्हें पहली बार ‘मास्टरशेफ इंडिया’ ऑफर हुआ था, तब उन्होंने शो करने से इनकार कर दिया था. वजह थी उनकी एक खास शर्त, जिसे मेकर्स मानने के लिए तैयार नहीं थे. Sanjeev Kapoor Reveals His Condition: ‘मेरी एक ही शर्त थी’ Culinary Culture से बातचीत में संजीव कपूर ने कहा, “जब वे पहली बार मेरे पास आए थे, तब उन्होंने मेरी शर्त नहीं मानी. मेरी शर्त सिर्फ इतनी थी कि मुझे अक्षय कुमार से एक रुपया ज्यादा फीस मिलनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “यह शो का पहला सीजन था और मुझे लगता था कि इस काम को मुझसे बेहतर कोई नहीं कर सकता. जब उन्होंने मुझसे बात की, तो मैंने कहा कि मेरी एक शर्त है. उन्होंने उसे नहीं माना और मैं समझौता नहीं करना चाहता था. मैं अपने फैसले से खुश था.” संजीव ने यह भी बताया कि शो छोड़ने के बाद भी मेकर्स लगातार उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे. गेस्ट बनकर भी नहीं पहुंचे शो में शेफ ने बताया कि मेकर्स ने उन्हें कई बार एक एपिसोड के लिए गेस्ट बनकर आने का ऑफर भी दिया, लेकिन उन्होंने हर बार मना कर दिया. संजीव कपूर ने कहा, “वे लोग बार-बार कहते थे कि सर, एक एपिसोड के लिए आ जाइए. लेकिन मैंने साफ कह दिया था कि मैं ऐसा नहीं करूंगा.”  तीसरे सीजन में बदली पूरी कहानी संजीव कपूर ने बताया, “तीसरे सीजन में उन्होंने मुझसे कहा कि शो सही तरीके से नहीं चल रहा है और उन्हें मेरी जरूरत है. मैंने कहा कि मुझे नहीं लगता मैं कर पाऊंगा. तब उन्होंने कहा कि हम बिल्कुल वैसा ही करेंगे जैसा आप कहेंगे.” इसके बाद संजीव ने अपनी शर्तों पर शो साइन किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या आखिरकार उन्हें अक्षय कुमार से ज्यादा फीस मिली थी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “बिल्कुल मिली थी. वह शर्त कभी बदलने वाली नहीं थी. अगर मैं अपने फील्ड में यह नहीं कर सकता, तो फिर क्या मतलब है?”

लेट हो रहा मानसून, लेकिन बारिश बनी राहत! पंजाब में पारा लुढ़का, अगले चार दिन यलो अलर्ट

अमृतसर  पंजाब में भले ही मानसून आने में देरी हो रही है, लेकिन कईं जगहों पर हुई हल्की बारिश से भीषण गरमी से कुछ राहत मिली है। सोमवार को पंजाब के तापमान में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब पारा सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है। सबसे अधिक 38.6 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।  मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत पंजाब में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने मंगलवार व बुधवार के लिए पंजाब के 14 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।  इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। इसके बाद 25 जून से पश्चिमी विक्षोभ मजबूत होगा और दो दिन पंजाब के सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश पड़ेगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 1.5 डिग्री की कमी दर्ज की गई। यह सामान्य. से 1.7 डिग्री नीचे हो गया है। सबसे कम 23.2 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। जून के आखिरी हफ्ते में दस्तक दे सकता है मानसून  मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक मानसून पूर्वी भारत में तेजी से आगे बढ़ चुका है और अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। अगर स्थितियां अनुकूल बनी रहीं और इसी तरह से मानसून आगे बढ़ता रहा, तो जून के आखिरी हफ्ते में 29 या फिर 30 जून को यह पंजाब में प्रवेश कर सकता है। डायरेक्टर ने कहा कि पंजाब में 25 जून तक होने वाली बारिश पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पड़ेगी। यह प्रि मानसून की बारिश नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब में 20 से 25 जून के बीच मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई गई थी।  अमृतसर का अधिकतम पारा 34.9 डिग्री (सामान्य से 3.2 डिग्री नीचे) लुधियाना का 34.2 डिग्री, पटियाला का 36.3 डिग्री, पठानकोट का 36.6 डिग्री, फाजिल्का का 36.0 डिग्री, होशियारपुर का 34.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 31.8 डिग्री और रूपनगर का 36.8 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.0 डिग्री, लुधियाना का 23.8 डिग्री, पटियाला का 26.7 डिग्री, बठिंडा का 25.5 डिग्री, फाजिल्का का 25.8 डिग्री, होशियारपुर का 24.7 डिग्री और रूपनगर का 25.8 दर्ज किया गया।

महज 48 घंटे में खुला क्लिनिक फायरिंग केस, जालंधर पुलिस ने आरोपी को दबोचा

जालंधर. पुलिस कमिश्नरेट जालंधर ने वेरका मिल्क प्लांट के निकट स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक पर फायरिंग करने के मामले को सुलझाते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान गुरपाल सिंह निवासी अशोक विहार कालोनी, वेरका मिल्क प्लांट के निकट के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दर्ज मामले में कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर राकेश कुमार की अगुवाई में पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपित को गिरफ्तार किया। 22 को डॉ. संदीप शर्मा निवासी वीनस वैली, जालंधर के बयान पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 जून की रात उनकी पत्नी डा. विश्वजीत कौर ने सलेमपुर रोड स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक को बंद किया था। 22 जून की सुबह जब भतीजे मोहित बावा ने क्लिनिक का शटर खोला तो अंदर का शीशा टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि शीशे पर गोली लगने का निशान था और गोली आर-पार हुई प्रतीत हो रही थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने आरोपित गुरपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित से पूछताछ जारी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग के पीछे क्या कारण था और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

संजीवनी एम्बुलेंस बनी प्रसूति कक्ष, चलते वाहन में हुआ शिशु का जन्म

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही. छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 108 संजीवनी एम्बुलेंस एक बार फिर जीवनदायिनी साबित हुई. ग्राम करजा निवासी गर्भवती महिला गोमती को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सिम्स अस्पताल बिलासपुर रेफर कर दिया. हालांकि रास्ते में ही प्रसव पीड़ा तेज हो गई, जिसके बाद एम्बुलेंस स्टाफ की तत्परता से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया. महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं. जानकारी के अनुसार, कोरजा (गौरेला) निवासी गोमती (28 वर्ष), पति संदीप को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल GPM में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने चेकउप के बाद पाया कि ‘ प्रसव में रुकावट’ थी और प्रोग्रेस नहीं हो पा रही थी. इसके साथ जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स (CIMS) बिलासपुर रेफर कर दिया. ​परिजन आनन-फानन में महिला को डायल 108 एम्बुलेंस से बिलासपुर ले जा रहे थे. सफर के दौरान जैसे ही एम्बुलेंस कोनी (बिलासपुर) के पास पहुंची, महिला की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई और स्थिति काफी नाजुक हो गई. ​गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात ईएमटी (EMT) चंद्रिका प्रसाद ने तुरंत गाड़ी रुकवाई. उन्होंने बिना समय गंवाए सहायक पायलट शिवशंकर पुरी और साथ में मौजूद मितानिन के सहयोग से एम्बुलेंस के भीतर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया.​ ​स्टाफ की कुशलता से महिला का प्रसव पूरी तरह सफल रहा और एम्बुलेंस में ही किलकारी गूंज उठी. गोमती ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया. सफल प्रसव के बाद संजीवनी 108 की टीम ने बिना देरी किए जच्चा और बच्चा दोनों को सिम्स अस्पताल बिलासपुर में दाखिल कराया. जहां डॉक्टरों की देखरेख में दोनों की स्थिति पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ बताई जा रही है. विपरीत परिस्थितियों में सूझबूझ दिखाकर सुरक्षित प्रसव कराने के लिए परिजनों ने संजीवनी 108 के स्टाफ और मितानिन का आभार व्यक्त किया है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस जीवन रक्षक टीम की जमकर सराहना कर रहे हैं. व्यवस्था पर सवाल पिछले 25 दिनों से स्थाई एनेस्थीसिया डॉक्टर का जिला अस्पताल में न होना कहीं न कहीं आम लोगों के स्वास्थ्य से साथ खिलवाड़ है. ​वर्तमान में मनेंद्रगढ़ से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एनेस्थीसिया डॉक्टर बुलाए जाते हैं. स्थाई डॉक्टर न होने के कारण आपातकालीन स्थितियों में डॉक्टरों को न चाहते हुए भी गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को बिलासपुर रेफर करना पड़ रहा है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में बनी रहती है.