samacharsecretary.com

बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित कई योजनाएं स्वीकृत

रायपुर. नकटी गांव में हालिया प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आज जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) राशि परिषद के सदस्यों के बीच कलेक्ट्रेट स्थित रेड क्रॉस सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में करीब 37 करोड़ रुपये के DMF फंड के उपयोग को लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि DMF का प्रत्येक रुपया जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसका उपयोग केवल जनहित तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास में हो। सांसद ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिक्षा के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बैठक में आत्मानंद स्कूलों के संचालन के लिए अतिथि शिक्षकों के वेतन मद में 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। वहीं सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 8.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। अधिकारियों को अधूरी पाइपलाइन परियोजनाएं जल्द पूरी करने तथा गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए वाटर रिचार्ज कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। पर्यावरण संरक्षण को लेकर सांसद ने सख्त रुख अपनाते हुए इस मद की राशि 60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की बंद पड़ी खदानों की फेंसिंग और व्यवस्थितीकरण कर दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की बात कही। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों की दवाइयों के लिए 50 लाख रुपये अलग से मंजूर किए गए। ग्रामीण विकास और अन्य योजनाओं को भी मिली मंजूरी बैठक में 348 गांवों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने में सहायता, लंबित 14 हजार मामलों के त्वरित निराकरण, अस्पतालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, मॉडल महतारी सदन के निर्माण, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार, कौशल विकास तथा पशुपालन विभाग के लिए भी वित्तीय प्रावधान किए गए। बैठक में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, DMF शासी परिषद के नवनियुक्त सदस्य, कलेक्टर गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसहभागिता से 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हासिल करेगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी

उत्सवपूर्ण माहौल में 12 जुलाई को एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाएगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी जनसहभागिता से 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हासिल करेगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी औपचारिकता नहीं प्रतिबद्धता के भाव के साथ सफल होगा वृक्षारोपण महायज्ञ: मुख्यमंत्री योगी 12 जुलाई का वृक्षारोपण महायज्ञ बने जनभागीदारी का नया कीर्तिमान, सभी विभाग पूरी तैयारी के साथ जुटें: मुख्यमंत्री योगी हरित उत्तर प्रदेश की दिशा में तेज कदम, मुख्यमंत्री ने की वृक्षारोपण महाभियान 2026 की तैयारियों की समीक्षा वन एवं वृक्षावरण बढ़ाने में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धि, अब हरित विकास के नए लक्ष्य की ओर बढ़ा प्रदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जल सुरक्षा, जलवायु संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का व्यापक जनआंदोलन है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जनभागीदारी का महायज्ञ बनाते हुए आगामी 12 जुलाई को उत्साह और उत्सवपूर्ण वातावरण में इस वर्ष वृक्षारोपण महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है, इसमें प्रत्येक नागरिक, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी, किसान, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सभी सरकारी विभागों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान की सफलता केवल लक्ष्य प्राप्त करने से नहीं, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण और उसके वृक्ष बनने से तय होगी। यह औपचारिकता नहीं प्रतिबद्धता के भाव के साथ सफल होगा। मुख्यमंत्री सोमवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वृक्षारोपण महाभियान 2026 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने में हरित विकास की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पर्यावरण संरक्षण को जनसहभागिता से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को हरित विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाया जाए तथा प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरी गंभीरता और उत्तरदायित्व के साथ पूरा करे। उन्होंने निर्देश दिए कि 12 जुलाई को प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण अभियान को पूरी तैयारी, समन्वय और जवाबदेही के साथ संपन्न कराया जाए। पौधरोपण स्थलों का पूर्व सत्यापन, गड्ढों की तैयारी, पौधों की उपलब्धता, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रजातियों का चयन, सिंचाई, जियो टैगिंग तथा नियमित अनुश्रवण की समुचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधरोपण के समय प्रत्येक एक घंटे के अंतराल पर प्रगति रिपोर्ट जारी की जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश ने वर्ष 2030 तक हरित आवरण को 15 प्रतिशत तथा वर्ष 2047 तक 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 35 करोड़ पौधों के रोपण की कार्ययोजना बनाई गई है, जिससे लगभग 72 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण की क्षमता विकसित होगी। बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार उत्तर प्रदेश ने हरित क्षेत्र बढ़ाने में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। वर्ष 2017 से 2023 के बीच वन एवं वृक्षावरण में लगभग 3.38 लाख एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश का वन एवं वृक्षावरण वर्ष 2017 के 9.18 प्रतिशत से बढ़कर 9.96 प्रतिशत हो गया है। वन क्षेत्र के बाहर वृक्षावरण का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक है तथा कार्बन स्टॉक में वृद्धि की दर भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर दर्ज की गई है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच प्रदेश में 242 करोड़ पौधों का रोपण किया गया, जबकि वर्ष 2009 से 2016 के बीच यह संख्या 51.48 करोड़ थी। बैठक में बताया गया कि पौधों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में पौधशालाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। वर्तमान में 1,939 विभागीय पौधशालाओं के साथ उद्यान, रेशम तथा निजी पौधशालाओं के माध्यम से 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त 38 नई पौधशालाएं भी स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने 12 जुलाई के महाअभियान के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ग्राम्य विकास, कृषि, उद्यान, पंचायतीराज, राजस्व, नगर विकास सहित सभी संबंधित विभागों से उन्हें आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप विभागीय माइक्रोप्लान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के सभी लाभार्थी किसानों को इस अभियान से जोड़ा जाए। रोपे जाने वाले पौधों में अधिकतम जैव विविधता सुनिश्चित की जाए तथा फलदार, छायादार, औषधीय और इमारती प्रजातियों का संतुलित समावेश हो। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान में रेलवे, रक्षा मंत्रालय, हाईकोर्ट सहित सभी न्यायालयों, जनप्रतिनिधियों, सरकारी कार्मिकों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में अगले तीन दिनों के भीतर सभी स्तरों पर संवाद और समन्वय की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। बैठक में आगामी विशेष पहलों की भी जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत मिशन छाया, समरस वन, समृद्धि वन, सिटी वन, कपि वन, महर्षि चरक औषधि वन, ऊर्जा वन, पौराणिक वन तथा अविरल धारा वन जैसी अभिनव अवधारणाओं पर कार्य किया जा रहा है। हीट वेव के प्रभाव को कम करने के लिए सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर छायादार वृक्ष लगाने हेतु मिशन छाया संचालित किया जाएगा। खेतों की मेड़ों पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए समृद्धि वन, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के लिए समरस वन तथा मानव और वानर संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से नगर क्षेत्रों के बाहर कपि वन विकसित किए जाएंगे। बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी, सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़: CM साय का आज बड़ा एक्शन, दो विभागों की समीक्षा के साथ विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर स्पीकर हाउस पहुचेंगे, जहां वह विधानसभा सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वे मंत्रालय महानदी भवन पहुंचकर झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ बैठक करेंगे. दोपहर में मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जिनमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग और राजस्व एंवआपदा प्रबंधन विभाग की बैठक शामिल है. वहीं नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में बुलाई गई भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे. BJP विधायक दल की होगी बैठक रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी आज विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेगी. बैठक शाम 7 बजे नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में होगी. इसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. पार्टी ने सभी भाजपा विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की है. बैठक में मानसून सत्र की रणनीति, सरकार के एजेंडे और विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव, दो व्यापारिक जहाजों पर मिसाइल हमला; वैश्विक शिपिंग पर मंडराया खतरा

नई दिल्ली ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने मंगलवार तड़के होर्मुज के पास दो व्यापारिक जहाजों पर मिसाइलें दागी हैं. यह जानकारी अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है. इस हमले से अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने की बातचीत पर असर पड़ने की आशंका है।  यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान में लोग पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का शोक मना रहे हैं. खामेनेई की मौत ईरान युद्ध की शुरुआत में हुई थी।  रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर पिछले कुछ समय से इस इलाके में जहाजों को धमकी दे रहा था. यह पैरामिलिट्री फोर्स बातचीत की कोशिशों को कमजोर करने में जुटा है. गार्ड कोर ने जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे उस रास्ते से न गुजरें जिसे अमेरिकी सेना ने ओमान के तट के पास सुरक्षित घोषित किया है।  मंगलवार का हमला इसी चेतावनी के बाद हुआ है और इससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है. इस बीच यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी यूकेएमटीओ ने भी एक घटना की जानकारी दी है।  UKMTO ने बताया है कि टैंकर ओमान के लिमाह के पास दक्षिण की ओर जा रहा था, तभी उसके बाईं ओर (पोर्ट साइड) टक्कर हुई, जिससे तुरंत ही आग लग गई। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और ना ही पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचा है। अधिकारी फिलहाल इस घटना की जांच कर रहे हैं। ईरान ने किया हमला: अमेरिका अमेरिका ने हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार माना है। एक्सियोस अनुसार, दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान की IRGC ने सोमवार रात होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर दो मिसाइलें दागीं। एक ऑयल टैंकर और एक कमर्शियल जहाज इसकी चपेट में आया। दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। US एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, 2024 में यहां से हर दिन तकरीबन 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल गुजरा, जो दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा है। यह जलमार्ग हालिया अमेरिका-ईरान संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से यातायात को नियंत्रित करना शुरू किया था। इसके बाद से यहां तनाव चल रहा है। हालांकि अमेरिका-ईरान के समझौते में होर्मुज को खोलने की बात कही गई है लेकिन इस समुद्री गलियारे में चीजें सामान्य होती नहीं दिख रही हैं। यूकेएमटीओ के मुताबिक ओमान के लीमाह से करीब आठ नॉटिकल मील पूर्व में एक घटना हुई है. एक टैंकर जहाज दक्षिण दिशा में जा रहा था तभी उसे किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने बाईं ओर से टक्कर मारी. इस टक्कर से जहाज में आग लग गई. राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।  यूकेएमटीओ ने सभी जहाजों को सावधानी से यात्रा करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की सलाह दी है।  इन दोनों घटनाओं ने होर्मुज में सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है. यह रास्ता दुनिया के लिए बेहद अहम माना जाता है क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल का व्यापार होता है। 

रीवा लौटते समय दर्दनाक सड़क हादसा, पूर्व विधायक के परिवार के 5 सदस्यों की जान गई

 मैहर  मैहर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर  देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। नादन थाना क्षेत्र के ग्राम रीघरा के पास रात करीब एक बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। तेज रफ्तार से चल रही एक्सयूवी कार सामने चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें सवार लोग कार के अंदर ही फंस गए। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग किसी रिश्तेदार के यहां से जन्मदिन मनाकर वापस मैहर लौट रहे थे। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान अंकुर पटेल, मृदुन पटेल, विशेष पटेल, हरिशंकर पटेल तथा एक अन्य परिजन के रूप में हुई है। संजीव कुमार पटेल की हालत चिंताजनक बताई जा रही है सभी मृतक पूर्व विधायक स्वर्गीय लालजी पटेल के परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं। हादसे में संजीव कुमार पटेल गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल भी अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।  

CM योगी आज प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी दौरे पर, कई विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी दौरे पर प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास व जनसभा को करेंगे संबोधित सीएम योगी सुल्तानपुर में पीडब्ल्यूडी कार्यों की समीक्षा बैठक के साथ 819 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात वाराणसी में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद करेंगे बाबा कालभैरव और काशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगे लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 7 जुलाई को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री पहले प्रतापगढ़ पहुंचेंगे, जहां राजकीय इंटर कॉलेज में 384 करोड़ रुपए से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।  प्रतापगढ़ दौरे के बाद मुख्यमंत्री सुल्तानपुर पहुंचेंगे, जहां कलेक्ट्रेट सभागार में वह अयोध्या मंडल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा व नये कार्यों की कार्य योजना के संबंध में बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों में 819 करोड़ रुपए से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। सीएम यहां विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को चेक/प्रशस्ति पत्र प्रदान करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। सुल्तानपुर दौरे के बाद मुख्यमंत्री वाराणसी के सर्किट हाउस पहुंचेंगे, जहां वाराणसी के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद वह पहले कालभैरव मंदिर में और इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन/पूजन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' के बेटे के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीएम सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे।

बेल्जियम का दमदार प्रदर्शन, अमेरिका को 4-1 से हराकर FIFA वर्ल्ड कप से किया बाहर

सिएटल फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम ने शानदार खेल दिखाते हुए मेजबान अमेरिका को 4-1 से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही बेल्जियम की टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। सिएटल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में बेल्जियम की टीम शुरू से अंत तक हावी रही और उन्होंने अमेरिका को मैच में वापस आने का कोई मौका ही नहीं दिया। अब क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम की टक्कर स्पेन से होगी। पहले हाफ में डी केटेलारे ने बेल्जियम के लिए दागे दो गोल मैच शुरू होते ही बेल्जियम ने अटैक करना शुरू कर दिया और 9वें मिनट में ही चार्ल्स डी केटेलारे ने गोल करके अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद 31वें मिनट में अमेरिका के मलिक टिलमैन ने एक गोल करके स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला दिया। लेकिन अमेरिका की यह खुशी सिर्फ दो मिनट ही टिक पाई, क्योंकि 33वें मिनट में डी केटेलारे ने अपना दूसरा गोल कर बेल्जियम को फिर से बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में भी बेल्जियम ने दागे दो गोल मैच के दूसरे हाफ में भी बेल्जियम का जलवा जारी रहा। 57वें मिनट में हांस वनाकेन ने टीम के लिए तीसरा गोल किया। इस गोल के बाद अमेरिका के लिए इस मैच में वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। इसके बाद मैच के आखिरी समय (इंजरी टाइम 90+3 मिनट) में रोमेलु लुकाकू ने चौथा गोल करके बेल्जियम को 4-1 से एक शानदार जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही बेल्जियम ने मेजबान यूएसए को इस वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। इस मैच के लिए फोलारिन बालोगुन से हटाया गया था बैन इस मैच में अमेरिकी टीम के लिए अच्छी बात यह थी कि उनके प्रमुख खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन की टीम में वापसी हो गई थी। रेड कार्ड मिलने की वजह से उन पर एक मैच का बैन (प्रतिबंध) लगा था, लेकिन फीफा ने एक विवादित फैसले में उनका यह बैन हटा दिया। इसके बाद भी अमेरिकी टीम अपने ही देश में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। बेल्जियम की टीम ने खासकर अमेरिका के डिफेंडर्स की गलतियों का पूरा फायदा उठाया। अब क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम का सामना स्पेन से होगा, जिसने अपने पिछले मैच (राउंड ऑफ-16) में पुर्तगाल को 1-0 से हराया था। पुर्तगाल की टीम इस वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 से बाहर हो गई। ट्रम्प के फोन के बाद अमेरिकी खिलाड़ी का रेड-कार्ड रद्द फीफा वर्ल्ड कप में अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड रद्द होने पर विवाद हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को फोन करने के बाद रेड कार्ड रद्द किया गया। इसके बाद बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेलने की परमीशन मिल गई। हालांकि, बालोगुन के खेलने के बाद भी अमेरिकी टीम बेल्जियम के खिलाफ 1-4 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर गई। फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला मामला है, जब किसी राष्ट्राध्यक्ष ने रेड कार्ड रद्द करने की पैरवी की हो और फीफा ने इसे मान भी लिया हो। फीफा के इस फैसले का बेल्जियम फुटबॉल संघ और यूरोपियन फुटबॉल यूनियन ने विरोध किया है। 2018 वर्ल्ड कप के दौरान भी कुछ देशों के नेताओं ने रेफरी के फैसलों पर सार्वजनिक टिप्पणी की थी, लेकिन उन मामलों में फीफा ने अपने निर्णयों में कोई बदलाव नहीं किया था। 2002 वर्ल्ड कप में साउथ कोरिया के पक्ष में कुछ विवादित फैसलों पर राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा हुई थी, लेकिन तब भी किसी सजा या निर्णय को बदला नहीं गया था। बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था 25 साल के बालोगुन को पिछले नॉकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था। नियमों के अनुसार उन्हें एक मैच का बैन झेलना चाहिए था। इसके बावजूद फीफा ने उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेलने की मंजूरी दे दी। बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने फीफा के इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की, जो खारिज हो गई। बालोगुन ने टूर्नामेंट में तीन गोल किए। ट्रम्प ने दखल देने की बात मानी प्री क्वार्टर फाइनल से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बालोगुन रेड कार्ड मामले में दखल देने की बात स्वीकार की। उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा, 'मैंने ही फीफा से कहा था कि वे अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए एक मैच के बैन का रीव्यू करे। ट्रम्प ने कहा- ‘मैंने फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो से बात की। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह फाउल था।’ इसके बाद फीफा ने बालोगुन को बेल्जियम से मैच खेलने की अनुमति दे दी। इस पर ट्रम्प ने कहा- फीफा ने सही निर्णय लिया। अगर प्रतिबंध लागू किया जाता तो टूर्नामेंट पर बड़ा धब्बा लग जाता। फीफा बोला- नियमों के आधार पर फैसला लिया फीफा प्रेसिडेंट इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर कहा कि अनुशासन समिति ने पूरी स्वतंत्रता के साथ निर्णय लिया। हर मामले का मूल्यांकन संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाता है। हालांकि, इस फैसले ने विश्व कप के दौरान फीफा की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फीफा हमेशा यह दावा करता रहा है कि उसके फैसले राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र होते हैं। ऐसे में विश्व कप के दौरान किसी देश के राष्ट्रपति की सार्वजनिक दखलअंदाजी और उसके बाद खिलाड़ी को मिली राहत ने खेल प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 1962 में गरिंचा का रेड कार्ड रद्द हुआ था यह वर्ल्ड कप के इतिहास में रेड कार्ड रद्द होने का दूसरा मामला है। पहला मामला 1962 में सामने आया था। तब ब्राजील के गरिंचा को सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था। हालांकि, गरिंचा ने फाइनल में हिस्सा लिया और चेकोस्लोवाकिया पर जीत हासिल की। उस समय रेड कार्ड के बाद खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगता था, बल्कि अधिकारी सबूतों के आधार पर सजा तय करते थे। 1962 में फीफा की अनुशासनात्मक समिति का निर्णय राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से घिरा हुआ था।

चार्ल्स डी केटेलेरे के दो गोल, बेल्जियम ने अमेरिका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 की सहमेजबान टीम संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) का सफर निराशाजनक अंदाज में खत्म हो गया. 7 जुलाई (मंगलवार) को सिएटल के सिएटल स्टेडियम में आयोजित राउंड ऑफ 16 मुकाबले में बेल्जियम ने अमेरिकी टीम पर 4-1 से बड़ी जीत दर्ज की.   इस हार के साथ ही घरेलू दर्शकों के सामने वर्ल्ड कप में लंबा सफर तय करने का यूएसए का सपना टूट गया. बेल्जियम की जीत के सबसे बड़े हीरो चार्ल्स डी केटेलेरे रहे. उन्होंने अमेरिका की कमजोर डिफेंस का पूरा फायदा उठाते हुए दो गोल किए और एक अन्य गोल में असिस्ट किया. चार्ल्स डी केटेलेरे ने 9वें और 33वें मिनट में गोल किया. हालांकि इसी बीच मलिक टिलमैन (31वें मिनट) ने जरूर यूएसए के लिए एक गोल दागा. फिर 57वें मिनट में हंस वनाकेन ने गोल दागकर स्कोर बेल्जियम के पक्ष में 3-1 कर दिया. दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में रोमेलु लुकाकू ने गोल कर बेल्जियम की जीत पर मोहर लगा दी. इस शानदार जीत के साथ बेल्जियम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जहां शनिवार को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में उसका सामना स्पेन से होगा. अमेरिका के कोच का फूटा गुस्सा अपनी टीम के खराब प्रदर्शन और लगातार हो रही गलतियों से अमेरिका के कोच मौरिसियो पोचेतीनो बेहद निराश दिखाई दिए. अमेरिकी टीम के गोल खाने के बाद पोचेतीनो ने गुस्से में बेंच के सामने रखे एक रैक पर लात मार दी, जिससे पानी की चार बोतलें हवा में उड़ गईं. उनका यह रिएक्शन साफ बता रहा था कि वह अपनी टीम के प्रदर्शन से कितने नाराज थे. इस मैच के लिए अमेरिकी टीम को स्टार फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन की वापसी से बड़ी राहत मिली थी. बालोगुन पर रेड कार्ड के कारण एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन फीफा ने विवादास्पद फैसले में उनका निलंबन हटा दिया था. इसके बावजूद अमेरिकी टीम घरेलू मैदान पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. खासतौर पर उसके डिफेंडर्स की गलतियों का बेल्जियम ने जमकर फायदा उठाया. पहले हाफ में यूएसए की रक्षापंक्ति की गलतियों के कारण बेल्जियम ने दो गोल दागे. इसके बाद दूसरे हाफ की शुरुआत में गोलकीपर मैट फ्रीज की बड़ी चूक ने अमेरिकी टीम की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया. मुकाबले में एक समय अमेरिका ने वापसी की उम्मीद जगाई थी. मलिक टिलमैन ने पहले हाफ के बीच में शानदार फ्री-किक पर गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया था. यह मौजूदा वर्ल्ड कप में फ्री-किक से उनका दूसरा गोल था. हालांकि अमेरिकी खिलाड़ियों और दर्शकों की खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी. खेल दोबारा शुरू होने के महज 61 सेकंड बाद बेल्जियम ने एक और गोल दागकर फिर से बढ़त हासिल कर ली. यह गोल अमेरिकी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ और इसके बाद यूएसए मुकाबले में वापसी नहीं कर सका.

CM योगी ने प्रयागराज मंडल के 3194 विकास कार्यों को दी मंजूरी, परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

सीएम योगी ने प्रयागराज मंडल में प्रस्तावित 3194 कार्यों को दी स्वीकृति, चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की सावन में शिव भक्तों की सुविधा के लिए आए प्रस्ताव, कांवड़ पथ विकसित करने के निर्देश 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का सीएम ने दिया निर्देश मंडल से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा करने और सभी जनप्रतिनिधियों से उनके महत्वपूर्ण सुझाव एवं फीडबैक लेने के सीएम ने दिए निर्देश प्रयागराज  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा की। सीएम ने विकास कार्यों की परियोजनाओं को स्वीकृति देने के बाद 15 अगस्त तक सभी परियोजनाओं में निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सावन में कांवड़ यात्रियों के साथ-साथ सामान्य नागरिकों की सुविधा के लिए अलग कांवड़ पथ बनाने के निर्देश दिये। मंडल के 3194 विकास कार्य की परियोजनाओं को सीएम ने दी स्वीकृति संगम नगरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2026-27 के लिए मंडल के 3194 विकास कार्य की परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें प्रयागराज जनपद के 1168 प्रतापगढ़ के लिए 1,092 , फतेहपुर के लिए 521 कार्यों और कौशाम्बी में लगभग 313 विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में लोक निर्माण विभाग के प्रयागराज मंडल के कार्यों की समीक्षा बैठक में इसका अनुमोदन किया गया। बैठक में सबसे पहले प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने गत वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा क्षेत्रवार प्रस्तावित विकास कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मंडल की कुल 28 विधानसभा क्षेत्रों-प्रयागराज के 12, प्रतापगढ़ के 7, फतेहपुर के 6 तथा कौशाम्बी के 3 विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा की तथा सभी जनप्रतिनिधियों से उनके सुझाव एवं फीडबैक लिया।   समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की तरफ से वर्ष 2026-27 के लिए प्रयागराज जनपद में लगभग ₹9,668.27 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 1,168 कार्यों, प्रतापगढ़ में लगभग ₹2,053.36 करोड़ की लागत के 1,092 कार्यों, फतेहपुर में लगभग ₹3,378.37 करोड़ की लागत के 521 कार्यों तथा कौशाम्बी में लगभग ₹915.13 करोड़ की लागत के 313 विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई। सावन में कांवड़ पथ विकसित करने के निर्देश सावन का महीना निकट है इसे देखते हुए शिव भक्तों की सुविधा के लिए समीक्षा के दौरान कांवड़ यात्रा के समय शास्त्री पुल पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से पुल के समानांतर कांवड़ पथ विकसित करने का प्रस्ताव बैठक में दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए, जिससे कांवड़ यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित होने के साथ-साथ सामान्य यातायात एवं व्यापारिक गतिविधियां भी निर्बाध रूप से संचालित रह सकें। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों की परियोजनाओं को लेकर न हो विलंब इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा क्षेत्रवार प्राप्त विकास प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें। स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन किया जाए। जो निर्माण कार्य सबसे ज्यादा जरूरी हो उसका प्रस्ताव सबसे पहले दें। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन या नया सुझाव देना हो तो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि समय पर मंजूरी दी जा सके। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाएं तय समय सीमा में पूरी हों।  सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। साथ ही उन्होंने परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा ताकि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का आखिरी वर्ल्ड कप खत्म, स्पेन ने पुर्तगाल को बाहर का रास्ता दिखाया

नई दिल्ली पुर्तगाल के स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का फीफा वर्ल्ड कप जीतने का सपना अधूरा रह गया. स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले में पुर्तगाल को 0-1 से दिल तोड़ने वाली हार मिली. इसके साथ ही 41 साल के रोनाल्डो का वर्ल्ड कप सफर हमेशा के लिए खत्म हो गया. मैच के बाद निराश रोनाल्डो ने पुष्टि की कि यह उनके करियर का आखिरी वर्ल्ड कप था, लेकिन उन्होंने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है. 7 जुलाई (मंगलवार) को आर्लिंग्टन के डलास स्टेडियम में आयोजित यह मुकाबला बहुत देर तक बराबरी पर था, लेकिन दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो ने गोल दागकर पुर्तगाल और रोनाल्डो का सपना तोड़ दिया. हार के बाद रोनाल्डो का दर्द साफ दिखाई दिया. उन्होंने स्वीकार किया कि आखिरी वर्ल्ड कप से इस तरह विदाई लेना उनके लिए बेहद दुखद है. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, 'इस तरह वर्ल्ड कप से बाहर होने का दुख है. मैंने अपना सबकुछ दिया. मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की और मैं साफ अंतरात्मा के साथ यहां से जा रहा हूं. हां, यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप था, लेकिन अब मेरे पास सोचने और अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका होगा. मैं जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करूंगा.' भावनाओं में नहीं बहना चाहता: रोनाल्डो स्पेन के खिलाफ हार के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए भी अपना आखिरी मुकाबला खेल लिया है. रोनाल्डो ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने साफ किया कि वह हार की निराशा और भावनाओं में बहकर अपने भविष्य पर कोई फैसला नहीं करेंगे. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, 'मैं भावनाओं में बहकर कोई फैसला नहीं करता.' उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि भले ही उनका वर्ल्ड कप करियर खत्म हो गया हो, लेकिन वह पुर्तगाल के लिए कुछ समय और खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं. रोनाल्डो का मानना था कि पुर्तगाल ने स्पेन के खिलाफ कड़ा मुकाबला खेला और मैच किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता था. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बताया, 'स्पेन थोड़ा भाग्यशाली रहा. यह ऐसा मुकाबला था, जो किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता था.' रोनाल्डो ने अपने करियर में रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए छठी बार फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया. उन्होंने इस टूर्नामेंट में तीन गोल भी दागे, लेकिन वह अपनी टीम को खिताब तक नहीं पहुंचा सके. दो दशक के अपने शानदार वर्ल्ड कप करियर में क्रिस्टियानो रोनाल्डो कभी फाइनल तक नहीं पहुंच पाए. हार की निराशा के बावजूद रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए अपने योगदान पर गर्व जताया. उन्होंने याद दिलाया कि उनकी मौजूदगी में पुर्तगाल ने फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी सफलताएं हासिल कीं. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, 'मैंने पुर्तगाल के लिए तीन खिताब जीते हैं. क्रिस्टियानो रोनाल्डो से पहले पुर्तगाल ने एक भी खिताब नहीं जीता था. राष्ट्रीय टीम का सबसे बड़ा खिताब हमने 2016 में यूरोपियन चैम्पियनशिप के रूप में जीता था. सच कहूं तो मेरे लिए वह वर्ल्ड कप जितना ही महत्वपूर्ण है.' क्रिस्टियानो रोनाल्डो की कप्तानी में पुर्तगाल ने यूरो 2016 का खिताब जीतकर इतिहास रचा था. इसके बाद टीम ने 2019 और 2025 में यूईएफए नेशन्स लीग की ट्रॉफी भी अपने नाम की. रोनाल्डो ने क्लब और इंटरनेशनल फुटबॉल में लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल की. पांच बार बैलन डी'ओर जीता, पुर्तगाल को तीन बड़े खिताब दिलाए और अनगिनत रिकॉर्ड अपने नाम किए. लेकिन वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उनके हाथों में नहीं आ सकी.