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दिल्ली कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्रुप-C भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू

नई दिल्ली दिल्ली में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है. दिल्ली सरकार ने ग्रुप 'C' के खाली सरकारी पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद अब पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी पाना काफी आसान हो जाएगा।  किन-किन पदों पर मिलेगा फायदा? इस नई आरक्षण नीति के तहत पूर्व-अग्निवीरों को कई महत्वपूर्ण विभागों में सीधी भर्ती का मौका मिलेगा. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:     दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल     फायरमैन     जेल वार्डन     फॉरेस्ट गार्ड (वन रक्षक)     वाइल्डलाइफ गार्ड उपराज्यपाल ने की समीक्षा इस योजना को जल्द से जल्द और सही तरीके से जमीन पर उतारने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक अहम बैठक की. उन्होंने मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर इस आरक्षण नीति को लागू करने की पूरी योजना की समीक्षा की है. अच्छी बात यह है कि इस कोटे के तहत भर्ती देश के सभी योग्य पूर्व-अग्निवीरों के लिए खुली होगी।  आरक्षण का उद्देश्य उपराज्यपाल ने कहा कि सभी योग्य पूर्व-अग्निवीरों के लिए भर्ती खुली रहेगी। इससे उन्हें समान अवसर मिल सकेंगे। यह देश के लिए उनकी सेवा को मान्यता देने का एक तरीका है। यह कदम उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए उठाया गया है। किन-किन पदों पर मिलेगा लाभ? इसके तहत दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, जेल और वन एवं वन्यजीव विभागों में ग्रुप 'C' के सीधी भर्ती वाले पदों पर पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत रिजर्वेशन दिया जाएगा। इसमें दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल, फायर सर्विस में फायरमैन, जेल विभाग में जेल वार्डन और वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड व वाइल्डलाइफ गार्ड के पद शामिल होंगे। सरकार के इस कदम से पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी पाना आसान हो जाएगा।    क्रियान्वयन की समय-सीमा सभी संबंधित विभागों के लिए भर्ती नियमों में बदलाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इन जरूरी बदलावों को पूरा करने की समय-सीमा 30 जून तय की गई है। विभागों को इन भर्ती किए गए लोगों की विशेष क्षमताओं का उपयोग करने का अधिकार होगा। यह उपयोग उनकी ऑपरेशनल आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा। एलजी का पोस्ट दिल्ली के एलजी तरणजीत सिंह संधू के एक्स पोस्ट में लिखा गया, "दिल्ली में चीफ सेक्रेटरी, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दूसरे सीनियर अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान, अलग-अलग सरकारी डिपार्टमेंट और एजेंसियों में एक्स-अग्निवीरों को रिजर्वेशन का फायदा देने की स्ट्रेटेजी का रिव्यू किया। यह जरूरी पहल भारत सरकार के गाइडिंग विजन के हिसाब से लागू की जा रही है। इन नौजवानों और औरतों के डिसिप्लिन, स्किल्स और ट्रेनिंग का अच्छे से इस्तेमाल करने के लिए, पुलिस कांस्टेबल, फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड सहित खाली ग्रुप ‘सी’ पोस्ट पर सीधी भर्ती में 20% रिजर्वेशन लागू करने का निर्देश दिया गया।" नियमों में बदलाव के लिए 30 जून की डेडलाइन एलजी के एक्स हैंडल से किए गए पोस्ट में बताया गया कि सभी विभागों को अपनी ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से इन भर्तियों की खास काबिलियत को डिप्लॉय करने और इस्तेमाल करने का अधिकार भी दिया गया है। बराबर मौके पक्का करने और देश के लिए उनकी सेवा को पहचान देने के लिए, इस नियम के तहत सभी एलिजिबल एक्स-अग्निवीरों के लिए भर्ती खुली होगी। सभी संबंधित डिपार्टमेंट के लिए ज़रूरी प्रोसेस और भर्ती नियमों में बदलाव पूरे करने के लिए 30 जून की डेडलाइन तय की गई है। आगे बढ़ेगा विकसित दिल्ली का विजन दिल्ली के एलजी की तरफ से किए गए पोस्ट में कहा गया, "इन डेडिकेटेड और बहुत ट्रेंड लोगों को हमारे सिविक फ्रेमवर्क में आसानी से शामिल करके, हम इंस्टीट्यूशनल रेजिलिएंस को मजबूत करेंगे, पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाएंगे, और एक प्रोग्रेसिव और सुरक्षित विकसित दिल्ली के हमारे कलेक्टिव विजन को आगे बढ़ाएंगे।" इन पदों पर मिलेगी नौकरी पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण के तहत फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड, और ग्रुप सी के अन्य सरकारी पदों में नौकरी मिलेगी। इसका उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों के अनुशासित जीवन, स्किल्स और ट्रेनिंग का पूरा फायदा उठाना है। विभागों को छूट दी गई है कि वे इन युवाओं को उनकी विशेष क्षमताओं के अनुसार तैनात करें। दिल्ली सरकार की भर्तियों में पूरे देश के अग्निवीर आवेदन कर सकेंगे।  

7 करोड़ PF खाताधारकों को राहत, जल्द ATM-UPI के जरिए होगा PF निकासी का विकल्प

 नई दिल्ली PF Withdrawal Via UPI-ATM:  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) से जुड़ा बड़ा अपडेट आया है. पीएफ खाते (PF Account) में जमा पैसा अब एटीएम और UPI के जरिए निकालने का रास्ता साफ हो गया है, जून खत्म होने से पहले ही ईपीएफओ सदस्यों को ये सुविधा दी जा सकती है. श्रम मंत्रालय की ओर से गुरुवार को ये गुड न्यूज आई है. इसमें कहा गया है कि EPFO ATM card और UPI से पीएफ का पैसा निकालने की योजना इसी महीने से लागू करेगा।  EPFO पर लेबर मिनिस्ट्री से ये अपडेट  लेबर मिनिस्ट्री की ओर से आए बड़े अपडेट पर नजर डालें, तो कहा गया है कि एटीएम और यूपीआई से पीएफ का पैसा निकालने (ATM-UPI PF Withdrawal) की सुविधा आखिरी चरण में है और ये योजना चालू जून महीने के खत्म होने से पहले यानी इसी महीने से लागू होगी।  इसमें आगे कहा गया है कि 2.01 सर्वर शुरू होते ही नई योजना शुरू हो जाएगी. इसके बाद यूपीआई के जरिए सीधे पीएफ अकाउंट से पैसे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जा सकेंगे और फिर इस पैसे को एटीएम कार्ड के जरिए निकाला जा सकता है. श्रम मंत्रालय की ओर से अगले कुछ दिनों में इसे शुरू करते की तैयारी पूरी है।  मंत्री ने पहले ही दिए थे संकेत  EPFO की ओर से आए इस बड़े अपडेट से पहले केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने बीते मई महीने में इसके संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि अगले महीने यानी जून से आप अपना PF अमाउंट UPI का इस्तेमाल कर ATM से निकाल पाएंगे. केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि EPFO को पूरी तरह से डिजिटलाइज किया जा रहा है, जिससे PF निकालना और भी आसान हो जाएगा, सरकार का लक्ष्य है कि पीएफ खाताधारकों को अपना ही पैसा निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और न ही लंबे-चौड़े फॉर्म भरने पड़ें।  कितनी होगी UPI लिमिट? इस संबंध में बीते कुछ दिनों में आईं रिपोर्ट्स को देखें, तो ATM या UPI के जरिए विड्रॉल की सीमा कस्‍टमर्स के कुल पीएफ बैलेंस के 50% तक सीमित हो सकती है. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को आधार, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल और IFSC कोड से जुड़ा एक एक्टिव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) चाहिए होगा।  PF खाते को UPI से जोड़ने के लिए UAN (Universal Account Number) का एक्टिव होना सबसे जरूरी शर्त होगी. इसके साथ ही सदस्य का आधार, बैंक अकाउंट और PAN को UAN से लिंक होना अनिवार्य रहेगा. मोबाइल नंबर भी आधार और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए, क्योंकि पूरी प्रक्रिया OTP आधारित वेरिफिकेशन पर होगी।  ये अनुमान भी लगाया जा रहा है कि EPFO पोर्टल या UMANG ऐप में लॉग-इन करने पर वहां एक नया ऑप्शन दिखाई देगा, उदाहरण के लिए 'Link PF with UPI' या फिर 'PF Withdrawal via UPI'. इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद सदस्य को अपनी UPI ID दर्ज करनी होगी. इसके बाद संबंधित UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM पर एक नोटिफिकेशन आएगा, जहां से PF अकाउंट को जोड़ने की अनुमति देनी होगी।  कब निकलेगा PF का पूरा पैसा? बता दें कि 55 साल की उम्र में रिटायर्ड होने पर पूरी पीएफ का अमाउंट निकाल सकते हैं. विकलांगता, छंटनी, सेल्‍फ रिटायरमेंट, विदेश में स्थायी ट्रांसफर, रिटायरमेंट फंड सेफ्टी जैसे मामलों में पूरा पीएफ निकाल सकते हैं। 

मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में किया माल्यार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का अद्वितीय साहस, अमर शौर्य और अदम्य राष्ट्रप्रेम संपूर्ण देश के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा। उनका बलिदान मातृभूमि के सम्मान और स्वतंत्रता के लिये सदैव हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अल्पायु में मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में ऐतिहासिक किला मैदान स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा और चित्र पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के गौरवशाली इतिहास को सहेजने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इंदौर का यह ऐतिहासिक किला मैदान क्षेत्र भी हमारी ऐतिहासिक धरोहरों और महान वीरों की स्मृतियों का साक्षी है। इस अवसर पर नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।  

सीएम ने अनेक लाभार्थियों को दिया स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी, नियुक्ति पत्र

उन्नाव मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को विकास योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी, नियुक्ति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम योगी के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ…  👉 पार्वती- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख  👉 सोनू- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख 👉 नेहा गुप्ता- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का स्वीकृति पत्र  👉 रमाकांति- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का स्वीकृति पत्र 👉 जगन्नाथ- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र  👉 मनोज सविता- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र 👉 रेनू गौड़- स्मार्टफोन- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार योजना  👉 कर्मावती- स्मार्टफोन- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार योजना  👉 शशिप्रभा- नियुक्ति पत्र, आंगनबाड़ी सहायिका   👉 मोनी- नियुक्ति पत्र, आंगनबाड़ी सहायिका  👉 कालीचरण- पंचायत कल्याण कोष के तहत स्वीकृति पत्र  👉 अमन कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख का चेक  👉 अभिषेक कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 2.50 लाख का चेक 👉 रेखा- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी  👉 मैकी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी  👉 मनोज सविता- रानी- उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका ग्रामीण मिशन के तहत 4.95 करोड़ का चेक  👉 राजू निर्मल- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रमाण पत्र  👉 परशुराम – प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रमाण पत्र 👉 अंकिता- दिव्यांगजन पेंशन का स्वीकृति पत्र  👉 लीला- आयुष्मान कार्ड  👉 भारती- आयुष्मान कार्ड

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं जाएंगी IIT गांधीनगर, शिक्षा में यूपी की नई छलांग

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। यूपी की बेटियां अब केवल स्कूली चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के सर्वोच्च तकनीकी संस्थानों तक कदम बढ़ा रही हैं। इसी शानदार बदलाव की बानगी है— आईआईटी गांधीनगर (गुजरात) के प्रतिष्ठित 'क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27' के लिए उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन। यह उपलब्धि न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि बेटियों को मुख्यधारा के अवसरों से जोड़ने के सरकारी प्रयासों की बड़ी सफलता है। कौन और कब जा रहा है IIT? विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 13 से 15 जुलाई 2026 तक आईआईटी गांधीनगर में एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1 (प्रयागराज) और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी नगर पालिका (गाजियाबाद) की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इस राष्ट्रीय मंच पर प्रत्येक चयनित विद्यालय से दो होनहार छात्राएं और एक शिक्षिका उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। कड़ी मेहनत और शानदार आंकड़ों से तय हुआ चयन इन विद्यालयों का चयन यूं ही नहीं हुआ है; यह साल भर की उनकी लगन का नतीजा है। आईआईटी गांधीनगर के 'सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग' (CCL) के अनुसार, पूरे वर्ष चले क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में इन स्कूलों का प्रदर्शन बेजोड़ रहा। प्रयागराज के विद्यालय ने 50 में से 46 सत्रों में हिस्सा लेकर 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई और 39 वर्कशीट जमा कीं। वहीं, गाजियाबाद के विद्यालय ने 50 में से 49 सत्रों में 98 प्रतिशत की शानदार उपस्थिति के साथ 42 वर्कशीट जमा कर यह विशेष स्थान हासिल किया है। नवाचार और विज्ञान की नई दुनिया से होंगी रूबरू आईआईटी गांधीनगर के इस प्रवास के दौरान इन छात्राओं को विज्ञान, गणित और नवाचार (Innovation) की दुनिया को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा। रचनात्मक अधिगम (Creative Learning) और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों के जरिए उनके भीतर का वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निखरेगा। ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली इन बेटियों के लिए आईआईटी का शैक्षणिक माहौल और रिसर्च कल्चर भविष्य की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। कस्तूरबा विद्यालय बन रहे सशक्तिकरण के केंद्र यह बड़ी उपलब्धि योगी सरकार के उस विजन पर मुहर लगाती है, जिसमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 'बालिका सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्र' के रूप में विकसित किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षण, विज्ञान-गणित के विशेष कार्यक्रमों और राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव का ही यह असर है कि आज यूपी की बेटियां आत्मविश्वास से भरी हैं और भविष्य की वैज्ञानिक व शोधकर्ता बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।  

कार्यस्थल पर जाकर बायपास, अंडरपास और पुल का काम भी देखा, अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यस्थलों पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को प्रगतिरत सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरगुजा के कलेक्टर  अजीत वसंत और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़कों के रखरखाव एवं गड्ढा मरम्मत के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए बारिश शुरू होने के पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने समय पर पुल-पुलियों की भी मरम्मत करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात में आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को सड़कों और पुलों का नियमित निरीक्षण कर उनकी स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा। विभागीय सचिव ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मैदानी अधिकारियों ने कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित व प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।     बंसल ने अंबिकापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास के निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अंडरपास, पुल एवं अन्य संरचनात्मक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को परेशानी से बचाने सड़कों व पुलों के काम को हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि लोगों को शीघ्र बेहतर यातायात की सुविधा मिले।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को मेडिकल कॉलेज के भवन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से तेज गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होना चाहिए।

श्रम विभाग में अधिकारियों को तनावमुक्त और कार्यकुशल बनाने के लिए ऑनलाइन सत्र आयोजित

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे अधिकारी निरंतर भारी दबाव में जनसेवा का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी भलाई और मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री  पटेल श्रम विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित 'उच्च-तनाव वाली लोक सेवा भूमिकाओं में बर्नआउट की रोकथाम' विषय पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  पटेल ने कहा कि कार्यस्थल पर तनाव से जुड़े फीडबैक तंत्र को लागू कर विभागीय टीमों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इस सत्र में राज्य से 79 वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिनभर की भागदौड़, लगातार बजते फोन और फाइलों के दबाव से जूझने वाले अधिकारियों की मानसिक सेहत को सुदृढ़ बनाने और कार्यस्थल पर उनके दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से यह सत्र आयोजित किया गया था। आर्डेन विश्वविद्यालय, लंदन की व्याख्याता और स्वास्थ्य मनोविज्ञान विशेषज्ञ  मुक्ति सिंह ठाकुर ने सत्र का मुख्य संचालन किया। उन्होंने एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि अत्यधिक तनाव के साथ-साथ यह मानना कि 'तनाव सेहत बिगाड़ रहा है', मृत्यु के जोखिम को 43 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। वहीं, जो लोग तनाव को हानिकारक नहीं मानते, उनमें ऐसा कोई खतरा नहीं देखा गया।  ठाकुर ने तनाव प्रबंधन का एक बेहद सरल और प्रभावी उपाय साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उद्वेलित होने से पहले महज 30 सेकंड का ठहराव लें और आस-पास की किसी आम चीज़, जैसे छत का पंखा, खिड़की या अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। यह संक्षिप्त ठहराव मस्तिष्क को 'सुरक्षित' होने का गहरा संकेत देता है, जिससे तंत्रिका तंत्र का झूठा अलार्म बंद हो जाता है। लंबी सांस छोड़ने और धीमी सांस लेने की यह प्राणायाम तकनीक दिल को शांत कर रक्तचाप को तुरंत नियंत्रित करती है। विशेषज्ञ  ठाकुर ने कहा कि रोज़-रोज़ की अनियंत्रित तनावपूर्ण प्रतिक्रियाएं शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ा देती हैं। यही स्थिति आगे चलकर उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और टाइप-2 मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर बीमारियों की छिपी वजह बनती है। उन्होंने आईसीएमआर-इण्डियाब अध्ययन (2023) का संदर्भ देते हुए बताया कि देश में करीब 10.1 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं। अत्यधिक तनाव से निर्णय लेने की क्षमता और याददाश्त कमजोर हो जाती है, जो अधिकारियों को गंभीर बर्नआउट की ओर धकेल देती है।  

गोंडा में वोटर लिस्ट शिकायतों पर कार्रवाई, दोहरे और मृतक मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू

लखनऊ उत्तर पंचायत चुनाव वोटर लिस्ट-2026 के अंतिम प्रकाशन के बाद गोंडा जिले में बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने संज्ञान लिया है। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा है कि हर शिकायत का गंभीरता से निस्तारण कर त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025-26 के तहत 10 जून को पंचायत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया था। इसके बाद दोहरे नाम, मृतक मतदाताओं के नाम, विवाह के बाद दूसरी जगह रहने वाली महिलाओं के नाम और अन्य ग्राम पंचायतों के मतदाताओं के नाम सूची में शामिल होने की शिकायतें बड़ी संख्या में मिली हैं। डीएम ने निर्देश दिया है कि नए नाम जोड़ने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र के साथ दावा प्रपत्र-2 और विधानसभा मतदाता सूची की एस-10, ए-10, आर-0 की प्रति अनिवार्य रूप से ली जाए। जिन पात्र व्यक्तियों के नाम विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें पंचायत मतदाता सूची में शामिल किया जाए। वहीं, दोहरे, मृतक, विवाहित और अन्य ग्राम पंचायतों के नाम हटाने के लिए प्रपत्र-4 पर आवेदन लिया जाएगा। सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नाम हटाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए। किसी भी प्रकार की उदासीनता या शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 2.03 करोड़ के नाम सूची से काटे गए आपको बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 10 जून को बहुप्रतिक्षित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इसमें कुल 12.58 करोड़ मतदाता हैं। पुनरीक्षण में 29 लाख के नाम बढ़े हैं और 2.03 करोड़ के नाम सूची से काटे गए हैं। जौनपुर में सबसे ज्यादा 36.97 लाख और गौतमबुद्धनगर में सबसे कम 2.09 लाख मतदाता हैं। पहली बार सभी मतदाताओं के स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) जारी किए गए हैं। चुनाव में फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) की मदद से फर्जी वोटिंग रोकी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी की। वर्ष 2021 की मतदाता सूची में 12.29 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे। वर्ष 2025-26 की मतदाता सूची में 12.58 करोड़ मतदाता हैं। नई मतदाता सूची में कुल 2.32 करोड़ मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। मृतक व स्थानांतरित इत्यादि 2.03 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। ऐसे में 29.01 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची में बढ़े हैं। जौनपुर में सबसे अधिक 36.97 लाख वोटर जौनपुर में सबसे अधिक 36.97 लाख, दूसरे नंबर पर आजमगढ़ में 35.76 लाख व तीसरे नंबर पर प्रयागराज में 34.95 लाख मतदाता हैं। सबसे कम गौतमबुद्धनगर में 2.09 लाख मतदाता हैं। सबसे कम मतदाता वाले जिलों में दूसरे नंबर पर महोबा में 5.88 लाख व तीसरे नंबर पर चित्रकूट में 7 लाख मतदाता हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की थी, इसमें कुल 12.69 करोड़ मतदाता शामिल थे। इसके बाद मतदाताओं को दावे व आपत्तियों का समय दिया गया और अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सभी जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा किया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को किया सम्मानित

कानपुर , 18 जून : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व मिनीकिट भी प्रदान किया।  👉 छोटेलाल- पैगूपुर 👉 राजेश कुमार त्रिपाठी- शिवराजपुर  👉 आशीष कुमार- कल्याणपुर  👉 सुनील सिंह कटियार-बिल्हौर 👉 फूल सिंह यादव- झींझक  👉  दिनेश कुमार- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपये का चेक 👉 उमा सिंह- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपये का चेक 👉 विपिन्न शुक्ला- श्री अन्न की मिनीकिट  👉 आशीष कुमार- श्री अन्न की मिनीकिट

सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिले नियमित गरम भोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सह संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को योजना के तहत अनिवार्य रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण प्रदान किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि स्कूलों में योजना के संचालन की लगातार जमीनी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और भोजन पकाने के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी ईंधन) की आपूर्ति सुनिश्चित हो। शहरी और आस-पास के क्षेत्रों में सेंट्रल किचन व्यवस्था पर जोर           बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन पकाने की व्यवस्था पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों और उनके आस-पास स्थित स्कूलों में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन तैयार कर सप्लाई किया जाना चाहिए, ताकि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का स्तर उत्कृष्ट रहे। महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा, परोसी जाएंगी ताजी सब्जियां           योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण से जोड़ते हुए मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जी और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इससे स्कूलों में बच्चों को ताजी व हरी सब्जियां मिलेंगी और साथ ही इन महिला समूहों की आमदनी में भी इजाफा होगा। छत्तीसगढ़ में योजना की वर्तमान स्थिति           बैठक में अधिकारियों ने योजना से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। राज्य के 56 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में यह योजना संचालित है। इन स्कूलों के माध्यम से 29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण दिया जा रहा है। भोजन तैयार करने के कार्य में 86 हजार से ज्यादा रसोइया जुड़े हुए हैं। बैठक में उच्चाधिकारियों की रही मौजूदगी          इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की विशेष सचिव व संचालक नागरिक आपूर्ति निगम सुश्री इफ्फत आरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।