samacharsecretary.com

झाबुआ, इंदौर और खरगोन में सबसे बड़ी कार्रवाई, शराब के साथ वाहन भी जब्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए जून माह में अब तक 2 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है, बल्कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना भी है। सबसे बड़ी कार्रवाई झाबुआ जिले में की गई, जहां थांदला, राणापुर और झकनावदा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 176 से अधिक पेटी अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों सहित लगभग 47.71 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। वहीं इंदौर और इंदौर ग्रामीण पुलिस ने संयोगितागंज, द्वारकापुरी और बड़गोंदा क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब 37.81 लाख रुपये की अवैध शराब और वाहन जब्त किए। खरगोन जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और अन्य वाहनों सहित लगभग 28.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। सागर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर 26.95 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब और वाहन पकड़े गए। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में दो मामलों में 2,484 लीटर से अधिक अवैध शराब और पिकअप वाहन सहित 22.50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। बड़वानी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, नरसिंहपुर, सिंगरौली, विदिशा, सीधी, उज्जैन, भिंड, जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, मुरैना, आगर मालवा, डिंडोरी, दमोह और भोपाल ग्रामीण सहित कई जिलों में भी बड़ी मात्रा में अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया। कई स्थानों पर पुलिस ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत विशेष कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया। पुलिस मुख्यालय के अनुसार प्रदेशभर में अवैध शराब के कारोबार, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस नशे के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

एएफडी फ्रांस वित्त पोषित परियोजना में हरित विकास और जल संरक्षण पर जोर

 जयपुर राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना की तीसरी उच्चाधिकार समिति की बैठक गुरुवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में  शासन सचिवालय में आयोजित हुई। बैठक में एएफडी, फ्रांस द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना के विभिन्न घटकों की विस्तृत समीक्षा कर वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों में लक्ष्य पूर्ति के साथ परिणाम जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गतिविधि का प्रभाव स्थानीय समुदाय, पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों पर सकारात्मक एवं परिवर्तनकारी रूप में परिलक्षित होना चाहिए। परियोजना कार्यों में दिखे परिवर्तन, सफलता की कहानियां बनें प्रेरणा मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की सफलता के उदाहरण सामने आने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मॉडल विकसित किए जाएं जिनसे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने, भूजल स्तर में सुधार, जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे। उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्य परिवर्तनकारी होने चाहिए। इनका लाभ आमजन प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकें।  हितग्राहकों और स्थानीय जनसमुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े हितग्राहकों एवं स्थानीय समुदायों के विचारों और सुझावों को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों की योजना बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जाए। तकनीकी मानकों के अनुरूप हो कार्यों का क्रियान्वयन मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का निष्पादन निर्धारित तकनीकी मापदंडों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने परियोजना के प्रत्येक घटक की नियमित मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण और उच्च घनत्व हरित क्षेत्र हो विकसित मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधारोपण एवं चारागाह विकास कार्यों में स्थानीय एवं क्षेत्र विशेष के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने उच्च घनत्व वाले हरित क्षेत्र विकसित करने, बड़े आकार के पौधों के रोपण तथा उन्नत एवं बड़ी नर्सरियों के विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। परिवर्तन के सूचकांक का निर्धारण किया जावे मुख्य सचिव महोदय ने निर्देश दिये कि परियोजना में किये जा रहे कार्यों के प्रभाव का आंकलन करने के लिए परिवर्तन के सूचकांकों का निर्धारण कर परियोजना के प्रारम्भ एवं वर्तमान स्थिति की तुलनात्मक समीक्षा करें। जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार के प्रयास हों प्रभावी उन्होंने कहा कि परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण संरचनाओं का विकास इस प्रकार किया जाए कि भूजल स्तर में वृद्धि हो तथा स्थानीय जल संसाधनों का पुनर्भरण सुदृढ़ हो। मृदा एवं जल संरक्षण गतिविधियों के दीर्घकालिक प्रभावों का भी नियमित मूल्यांकन किया जाए। एएफडी ऋण अनुबंध और लंबित वित्तीय मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश मुख्य सचिव ने फ्रांसीसी विकास एजेंसी एएफडी की द्वितीय ट्रांच से संबंधित ऋण अनुबंध प्रक्रिया को आगामी जुलाई  तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अंतर-विभागीय समन्वय से हासिल होंगे बेहतर परिणाम मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के उद्देश्यों की प्रभावी प्राप्ति के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं परिणामोन्मुखी ढंग से पूर्ण किया जाए। इससे विकसित राजस्थान के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन विभाग श्री आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हाफ) श्री अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास सुश्री शिखा मेहरा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री के. सी.ए. अरूण प्रसाद, राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना निदेशक श्री राजेश गुप्ता एवं वित्त, कृषि, आयोजना, महिला बाल विकास, पर्यटन, ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

संतोष चौबे होंगे कर्मवीर सम्मान–2026 से सम्मानित

भोपाल माधवराव सप्रे संग्रहालय, भोपाल द्वारा अपने 43वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठ कवि–कथाकार, विश्व रंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  संतोष चौबे को प्रतिष्ठित 'कर्मवीर सम्मान–2026' से सम्मानित किया जाएगा।  यह सम्मान समारोह 19 जून (शुक्रवार) को सुबह 10.30 बजे सप्रे संग्रहालय, भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल के मुख्य आतिथ्य और तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष  रघुनंदन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक तथा वैश्विक हिंदी पत्रकारिता के अध्येता डॉ. जवाहर कर्नावट को भी कर्मवीर सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही इतिहास एवं पुरातत्व के अध्येता डॉ. सुभाष अत्रे, संस्कृति मर्मज्ञ  राम तिवारी तथा वरिष्ठ पत्रकार  नुरूल हसन 'नूर' भी सम्मानित होंगे।  इस अवसर पर मध्यप्रदेश अभिलेखागार के पूर्व संचालक  शंभुदयाल गुरू द्वारा प्रदत्त साहित्य से इतिहास प्रभाग का शुभारंभ भी होगा।

भोपाल को अतिक्रमण मुक्त और सुरक्षित बनाने में मंत्री सारंग ने की बड़ी पहल

भोपाल  सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय में भोपाल शहर एवं नरेला विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, आवासीय परियोजनाओं, अतिक्रमण, नागरिक सुरक्षा तथा आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री  सारंग ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा आमजन से जुड़े विषयों का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। भू-माफियाओं और अवैध निर्माणों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे भोपाल में अभियान चलाकर भू-माफियाओं और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की भूमि तथा विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाले सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाया जाए। उन्होंने अवैध प्लॉटिंग और अवैध भवन निर्माण को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। जहां-जहां अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं या अवैध निर्माण हो रहे हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मोती नगर, रेलवे भूमि और अशोका गार्डन से हटेंगे अवैध कब्जे बैठक में मोती नगर क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मंत्री  सारंग ने रेलवे और पीडब्ल्यूडी की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन और सुभाष नगर क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। साथ ही अशोका गार्डन थाना परिसर के पीछे हुए अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री  सारंग ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अतिक्रमण रोकने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई मंत्री  सारंग ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिक्रमण रोकने में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जनहित के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। पीएम आवास योजना और ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं को मिलेगी नई गति प्रधानमंत्री आवास योजना एवं ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री  सारंग ने निशांतपुरा में पुलिस लाइन विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्यवाही आगे बढ़ाने के सुझाव दिए। साथ ही रचना नगर, नयापुरा, गैस राहत कॉलोनी, कस्तूरबा नगर और पलासी क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। मंत्री  सारंग ने रचना नगर की भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर वहां आवासीय परियोजना विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें। चांदबढ़ की कपड़ा मिल भूमि पर विकसित होगी नई आवासीय परियोजना चांदबढ़ स्थित कपड़ा मिल की उपलब्ध भूमि पर भी चर्चा हुई। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को सुझाव दिए कि इस भूमि पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के अंतर्गत नई आवासीय परियोजना विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा सके। बरसात से पहले जर्जर भवनों पर होगी सख्त कार्रवाई आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री  सारंग ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐशबाग के 600 जर्जर मकान होंगे खाली ऐशबाग स्थित जनता क्वार्टरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री  सारंग ने बताया कि यहां लगभग 600 मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मकानों को तत्काल खाली कराया जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, जिससे बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। गौतम नगर के जर्जर पुलिस क्वार्टरों पर भी होगी कार्रवाई मंत्री  सारंग ने गौतम नगर क्षेत्र स्थित जर्जर पुलिस आवासों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन भवनों में निवासरत परिवारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने ऐसे भवनों को असुरक्षित घोषित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पूरे शहर में होगा प्री-मानसून सुरक्षा सर्वे मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि नगर निगम, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से प्री-मानसून सर्वे करें तथा जर्जर भवनों, कमजोर संरचनाओं, जलभराव संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करें। अन्ना नगर में स्थायी बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अन्ना नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समीक्षा करते हुए मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीएचईएल और ऊर्जा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। सुभाष नगर में अस्पताल निर्माण का मार्ग होगा प्रशस्त जोन-12 अंतर्गत सुभाष नगर क्षेत्र में प्रस्तावित अस्पताल परियोजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। गोकुल धाम के रहवासियों की समस्या के समाधान के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना नरेला विधानसभा स्थित गोकुल धाम क्षेत्र की आवासीय समस्या पर चर्चा करते हुए मंत्री  सारंग ने बताया कि यहां बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन संबंधित बिल्डर द्वारा परियोजना अधूरी छोड़ दिए जाने के कारण रहवासियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और रहवासियों को राहत मिल … Read more

माइंस विभाग की समीक्षा बैठक: राजस्व बढ़ाने और खनन प्रक्रिया को समयबद्ध करने पर जोर

जयपुर अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने खान एवं भूविज्ञान विभाग के फील्ड अधिकारियों को डेलिनियेशन से लेकर आॅक्शन तक के लिए मिनरल ब्लाॅक तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मिनरल ब्लाॅकों की समय पर नीलामी से वैध खनन को बढ़ावा, अवैध खनन पर प्रभावी रोक, माइनिंग सेक्टर में निवेश और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। एसीएस माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा गुरुवार को खनिज भवन में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की हाईब्रिड मोड पर बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मिनरल ब्लाॅकों के तैयार करने से नीलामी तक की प्रक्रिया का क्रियान्वयन टाइमलाइन बनाकर किया जाए ताकि क्रियान्वयन व प्रभावी मोनेटरिंग संभव हो सके। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा माइनिंग सेक्टर में राजस्थान को अग्रणी प्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ जीरो टाॅलरेंस की नीति पर कार्य करने के निर्देश है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए विभाग द्वारा वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए मिनरल ब्लाॅकों के ऑक्शन पर जोर दिया जा रहा है। श्रीमती अरोरा ने कहा कि विभाग को राजस्व संग्रहण का बड़ा लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभी से कार्ययोजना बनाने के साथ ही पुराने बकाया और अवैध खनन गतिविधियों पर कार्यवाही की बकाया राशि की वसूली पर भी फोकस करना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय होने से राजस्व में बढ़ोतरी और अवैध खनन गतिविधियों पर कारगर रोक लग सकेगी। एसीएस माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा ने निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाओं से उपलब्ध एम-सेंड के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया ताकि बजरी के विकल्प के रुप में एम-सेंड को प्रोत्साहित किया जा सकें। उन्होंने बजट घोषणाओं की क्रियान्विति प्रगति, राजस्व संग्रहण सहित महत्वपूर्ण बिन्दुओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

उन्नाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत 12 वर्षों में देश में और 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया,  वह कांग्रेस व सपा सरकारें नहीं कर सकीं, क्योंकि भ्रष्ट व क्षमता विहीन ये लोग गरीब के बारे में नहीं, केवल अपने परिवार के बारे में सोचते थे। कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार से बाहर कभी नहीं सोचा और सपा के लिए केवल सैफई ही परिवार था। जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को घर और 140 करोड़ लोगों को ही परिवार माना है। मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर और 25 करोड़ लोग परिवार के सदस्य हैं। उनकी समृद्धि के लिए कार्य करना ही हमारा मिशन है। मुख्यमंत्री गुरुवार को 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम पंचायत डीह, भवानी खेड़ा चौराहा, हिंदु खेड़ा उन्नाव में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। सीएम ने स्थानीय लोगों को जानकारी दी कि वीर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृति में निर्मित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता भी दोगुनी कर दी गई है। खर-दूषण जैसे थे सपा के सत्तापोषित माफिया सीएम ने कहा कि सपा सरकार के समय गरीब या अन्य राजनीतिक दल आवाज उठाते थे तो इनके गुंडे व माफिया उनकी आवाज दबाने के साथ ही व्यापारियों का अपहरण कर प्रदेश में अराजकता का तांडव करते थे। रामायण काल में खर-दूषण, मारीच व सुबाहु का आतंक ऐसा ही रहा होगा, जैसे सपा सरकार के समय सत्तापोषित माफिया का था। कांग्रेस व सपा के नेताओं को कभी गरीब के लिए आंसू बहाते नहीं देखा होगा। इनके आंसू माफिया के मरने पर बहते हैं। ये गरीबों के प्रति संवेदनहीन बन जाते हैं। सर्वाधिक समय तक शासन करने के बावजूद ये दोनों दल देश-प्रदेश को दुर्गति के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार हैं।  अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा है उन्नाव  सीएम ने उन्नाव को अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा बताया। सीएम ने स्थानीय आध्यात्मिक स्थलों, साहित्यकारों, क्रांतिकारियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधानसभा के पूर्व अध्य़क्ष हृदय नारायण दीक्षित के कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता पर संकट के समय गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए राजा रामबख्श सिंह, वीर गुलाब सिंह लोधी ने अपने बलिदान से ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें उखाड़ दीं।  उन्नाव को कभी पिछड़ने नहीं देंगे  सीएम बोले,  स्वामी साक्षी महाराज जी कहते थे कि लखनऊ व कानपुर के बीच उन्नाव खुद को उपेक्षित महसूस करता है। तब मैंने कहा था कि विकास की हर योजना उन्नाव में भी आएगी। आज उन्नाव की कनेक्टिविटी हर तरफ से फोरलेन की हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए उन्नाववासी लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली, प्रयागराज जा सकते हैं। कानपुर के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है। उन्नाव व कानपुर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए गंगा नदी में अतिरिक्त ब्रिज की मांग भी पूरी की गई। हम उन्नाव को पिछड़ने नहीं देंगे। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण हो चुका है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ लैंड और लगभग 200 एकड़ लैंड इंडस्ट्री कलस्टर के लिए उन्नाव जनपद के लिए तैयार है। उद्योग लगने से स्थानीय नौजवानों को यहीं रोजगार प्राप्त होगा। दुनिया के लिए प्रेरणा बना भारत का प्रबंधन  सीएम ने कहा कि जब दुनिया ऊर्जा, आर्थिक मंदी और पश्चिम एशिया के संकट के दौर से गुजर रही है, तब भी पीएम मोदी के नेतृत्व में जनता को राहत मिली और संकट से उबारा गया। भारत का प्रबंधन दुनिया के लिए प्रेरणा बना। अमेरिका महंगाई से त्रस्त है, लेकिन भारत ने उक्त संकटों का बखूबी सामना किया। भारत में सुरक्षा, आस्था का सम्मान व अर्थव्यवस्था को मजबूती से बढ़ाया जा रहा है। आतंकवादियों, उग्रवादियों व नक्सलवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देकर भारत की ताकत का अहसास कराया जा रहा है।  गरीब, किसान, महिला व युवा को केंद्र में रखकर योजनाएं सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री की नजर में चार जातियां (गरीब, किसान, महिला, युवा) ही हैं। योजनाएं इन्हें केंद्र में रखकर ही बन रही हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए अब गरीब हाथ नहीं फैलाते, बल्कि अधिकारी घर जाकर बताते हैं कि आपका चयन हुआ है। पहले घूस देकर भी योजना का लाभ नहीं मिलता था, आज बिना सिफारिश रसोई गैस, राशन, पेंशन, आयुष्मान आदि सुविधाएं मिल रही हैं।  विपक्षियों के दोहरे चरित्र को देख आती है हंसी  सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र को देखकर हंसी आती है। प्रदेश को पहचान का संकट देने वाले, माफियाराज, दंगा-कर्फ्यू ग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं। इनमें तनिक भी लज्जा हो तो अपने कार्यकाल को देख लें। जिन दलों ने युवाओं के रोजगार/नौकरियों, स्वाभिमान से खिलवाड़ किया,  यूपी का युवा इन भ्रष्टाचारियों को स्वीकार नहीं करेगा। युवा 2014 से इनसे अपमान का बदला ले रहा है। स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वाले बर्दाश्त नहीं  सीएम ने कहा कि पहले किसान को फसल का दाम और बिजली नहीं मिलती थी। ट्यूबवेल चोरी होते थे, आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता था। गन्ने का दाम, समय पर बीज-उर्वरक, कुछ नहीं मिलता था, इसलिए किसान भी इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगा। मां जगतजननी की प्रतीक नारी शक्ति खर-दूषण व चंड-मुंड से निपटना जानती है। सपा के नाम पर ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की चर्चा होती है। नया भारत व नया उत्तर प्रदेश सम्मान, स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शता नहीं है। यूपी पर बरसता है प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद सीएम ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम, बांके बिहारी, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा का आशीर्वाद बरसता है, यहां पैसे की कमी नहीं है। अब कोई उपद्रव नहीं करता है। हर त्योहार अब गरीबों के लिए भी खुशहाली लाते हैं। गरीब इन त्योहारों पर अच्छे कपड़े पहनकर परिवार के साथ उत्साहित होते हैं।  उन्नाव भी बना एससीआर का अंग  सीएम ने कहा कि उन्नाव भी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) का अंग बना है। अमर नायक वीर गुलाब सिंह लोधी देश को आजाद कराने के लिए कभी उन्नाव … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल को दी बधाई एवं शुभकामनाएँ

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार योग को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, संतुलन और सकारात्मकता का भी संचार करता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जन-जागरूकता एवं योग आधारित स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने प्राचीन वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर की बावड़ी का किया अवलोकन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ और जल संरचनाएँ हमारी समृद्ध वास्तुकला और उत्कृष्ट जल प्रबंधन की प्रतीक हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को संजोकर रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर के प्राचीन  वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन बावड़ी का अवलोकन कर यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार, बावड़ी के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बिना नुकसान पहुँचाए, वैज्ञानिक पद्धति से इसकी सफाई और जीर्णोद्धार कार्य तत्काल प्रारंभ के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम जन की सुरक्षा के लिए बावड़ी के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली अथवा रैलिंग अनिवार्य रूप से लगाई जाए। बावड़ी के प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए तकनीकी उपाय किए जाएं, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। मंदिर और बावड़ी के आस-पास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया जाए, जिससे यहाँ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समस्त विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य एक निश्चित समय-सीमा तय कर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।  

डिग्री में नाम का अनुवाद कर दिया! ‘गुलाब’ बने ‘Rose’, विश्वविद्यालय की लापरवाही उजागर

रांची. रांची विश्वविद्यालय एक और कारनामा सामने आया है। बैचलर ऑफ एजुकेशन की डिग्री में विवि ने हिंदी में गुलाब एक्का लिखा है और फिर नीचे अंग्रेजी में रोज एक्का लिखा हुआ है। यह सब काम परीक्षा विभाग का अंक पत्र से लेकर डिग्री देने का जिम्मा संभालने वाली निजी एजेंसी एनसीसीएफ (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) का कमाल है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। अभी फरवरी महीने में ही सिल्ली एवं वीमेंस कॉलेज के 130 से अधिक छात्र-छात्राओं का एडमिट कार्ड में भी नाम गलत प्रिंट कर दिया था। सिल्ली के 81 छात्र-छात्राओं के गलत नाम सिल्ली के कुल 81 छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड में उनका नाम गलत प्रकाशित किया, वहीं रांची वीमेंस कालेज यूजी सत्र 22–26 के गणित एवं टीआरएल विषय के 40 से अधिक छात्राओं का नाम भी एडमिट कार्ड में गलत प्रिंट किया था। एजेंसी जब से आई है, वह लगातार ऐसी गड़बड़ियां करती आ रही हैं। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं को फेल करना या किसी विषय में शून्य अंक अंकित कर देना इस एजेंसी के लिए बड़ी बात नहीं। इसके बाद फिर छात्र परेशान होते हैं। एनसीसीफ को ब्लैकलिस्टेड करने की गुहार इस निजी परीक्षा एजेंसी की कार्यशैली को लेकर बार-बार लोक भवन से गुहार लगाई गई और मांग की गई कि इसे ब्लैकलिस्टेड किया जाए। रांची विवि भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। अबुआ अधिकार मंच यूथ व स्टूडेंट वेलफेयर इंचार्ज अभिषेक शुक्ला ने कहा कि एनसीसीएफ की लापरवाह कार्यप्रणाली का सीधा एवं प्रतिकूल प्रभाव विश्वविद्यालय में पठन-पाठन करने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। छात्र-छात्राएं त्रुटि ठीक कराने के लिए विश्वविद्यालय कार्यालय का लगाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई एवं मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ता है। रांची विवि ने 2022 में सौंपा काम रांची विवि ने इस एजेंसी को, जिसका मुख्य काम आलू-प्याज बेचना है, उसे परीक्षा विभाग का काम 2022 में सौंप दिया गया। इसके पहले परीक्षा विभाग रांची विश्वविद्यालय के अधीन था तब उसका सालाना आय चार करोड़ व खर्च करीब दो करोड़ के अंदर ही था। एजेंसी आने के साथ ही परीक्षा शुल्क में वृद्धि की गई और रांची विवि एनसीसीएफ को इसी काम के लिए सालाना लगभग 15 करोड़ रुपये का भुगतान करता है। सबसे बड़ी बात यह है कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रों का डाटा सुरक्षित रखना विवि का काम है, लेकिन अब ये डाटा निजी एजेंसी के हाथों में हैं। विवि ने किसी लाभ के कारण इस एजेंसी को काम सौंपा है, पता नहीं। परीक्षा विभाग में जो कर्मचारी थे, उन्हें इधर-उधर विभागों में रख दिया। बेकार पड़ा है एग्जामिनेशन डेटा प्रोसेसिंग सेल रांची विवि का मोरहाबादी स्थित एग्जामिनेशन डेटा प्रोसेसिंग सेल बेकार पड़ा है। यहां रिजल्ट प्रकाशन से लेकर मार्कशीट, प्रोविजनल, माइग्रेशन, डिग्री का प्रिंटिंग होता था। सेल जब तक कार्यरत रहा, समय से रिजल्ट का प्रकाशन होता था। छात्रों को परेशानी नहीं होती थी। एक दर्जन लोग यहां काम करते थे। और इन सब कामों में वार्षिक खर्च करीब एक करोड़ से नीचे ही होता था। लेकिन तत्कालीन कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने एनसीसीएफ को दिसंबर 2022 काम सौंप दिया। एजेंसी सीनेट हाल से ही अपना पूरा काम ऑपरेट करता है।

देश के प्रतिष्ठित आईआईटी गांधीनगर में आयोजित ओरिएंटेशन सेशन में शामिल होंगी कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिकाओं को केवल विद्यालयी शिक्षा तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिक नवाचारों और आधुनिक अधिगम के अवसरों से भी जोड़ रही है। इसी क्रम में आईआईटी गांधीनगर, गुजरात द्वारा संचालित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन सेशन में उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन किया गया है। यह उपलब्धि न केवल इन विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि योगी सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को नए अवसरों और राष्ट्रीय मंचों से जोड़ने के प्रयासों की भी पुष्टि करती है।  विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 13 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में चयनित प्रत्येक विद्यालय से दो छात्राएं और एक शिक्षिका भाग लेंगी। छात्राओं को देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में सीखने और समझने का अवसर प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बालिका सशक्तीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। डिजिटल शिक्षण, नवाचार आधारित गतिविधियों, विज्ञान एवं गणित कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव जैसी पहलों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की बेटियां देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच रही हैं। प्रयागराज और गाजियाबाद की छात्राओं का आईआईटी गांधीनगर में चयन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की बालिकाएं अब अवसरों की मुख्यधारा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा नवप्रवर्तक बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।  पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों का चयन आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल) द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार चयन उन विद्यालयों का किया गया है जिन्होंने पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज ने कार्यक्रम के 50 में से 46 सत्रों में भागीदारी करते हुए 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 39 वर्कशीट जमा कराईं। वहीं केजीबीवी लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद ने 50 में से 49 सत्रों में भाग लेकर 98 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 42 वर्कशीट जमा कराईं। उत्कृष्ट सहभागिता और बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दोनों विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के इस विशेष कार्यक्रम के लिए चुना गया है।  विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित छात्राएं कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा। वे आईआईटी गांधीनगर के शैक्षणिक वातावरण, शोध संस्कृति और नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल को निकट से समझ सकेंगी। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा, जिज्ञासा को नई दिशा मिलेगी और उच्च शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ेगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं के लिए यह अनुभव नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा।