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Delhi Government issues ‘Flood Control Order 2026’; major preparations ahead of the monsoon

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगामी मानसून के मद्देनजर बुधवार को ‘बाढ़ नियंत्रण आदेश 2026’ जारी करते हुए राजधानी के उन क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्त करने का निर्देश दिया जहां बरसात में जलभराव हो जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जारी किया बयान सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी निर्देश दिया कि इन नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित अधिकारी सीधे जवाबदेह होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी बयान के मुताबिक सीएम गुप्ता ने ये निर्देश सचिवालय में शीर्ष समिति की उच्च स्तरीय बैठक में दिए जिसमें आगामी मॉनसून और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। सीएम गुप्ता ने सभी विभागों को दिया निर्देश उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाए। बयान के मुताबिक, विभिन्न एजेंसियों के नालों के जंक्शन बिंदुओं पर जल निकासी में कोई बाधा न आए, इसके लिए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण समितियां गठित की हैं। सीएम ने जारी किया ‘बाढ़ नियंत्रण आदेश-2026’ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘बाढ़ नियंत्रण आदेश-2026’ जारी किया। सीएम गुप्ता ने बताया कि यह आदेश सभी विभागों के लिए दिशानिर्देश पुस्तिका के रूप में काम करेगा और इसमें जल निकासी प्रणाली, नदी के तटबंध, पंपिंग स्टेशन, नियामक तंत्र, परिचालन योजना, सभी मशीनरी की जानकारी और नियंत्रण कक्षों के संपर्क नंबर शामिल हैं। मानसून से पहले सीएम ने आदेश उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी टीमों को अलर्ट पर रखें और मानसून के दौरान हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। उन्होंने आदेश दिए “राहत और बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों की जांच हो। बाढ़ की स्थिति में संबंधित विभाग लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थानों पर भेजने के पुख्ता इंतजाम करें। बैठक में अधिकारियों ने दी जानकारी साथ ही पीडब्ल्यूडी व अन्य विभाग सुनिश्चित करें कि बरसात के दौरान दिल्ली में जलजमाव न हो इसके लिए सभी स्थायी पंप हाउस की जांच हो और जलजमाव वाले इलाकों में मोबाइल पंप भी तैनात किए जाएं। सीएमओ के मुताबिक, बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि 15 जून से केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24×7 आधार पर सक्रिय कर दिया गया है। दिल्ली के मंत्रियों की अध्यक्षता में गठन की कमेटियां साथ ही, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद और मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में उच्च स्तरीय सेक्टर कमेटियों का गठन किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर कमेटी में तीन चार जिलाधिकारी (डीएम) शामिल होंगे। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन और समन्वय के लिए पूरी तरह उत्तरदायी होंगे। पिछले साल की तुलना में दिल्ली में बढ़ी पंपों की संख्या बयान के अनुसार, बैठक के दौरान सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बाढ़ जैसे हालात से निपटने व नियंत्रण के लिए व्यापक संरचनात्मक, तकनीकी व अन्य सुधारों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। सीएमओ ने बताया कि विभाग ने 22 प्रमुख नालों सहित कुल 77 नालों से 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक गाद निकाली है और शेष कार्य युद्धस्तर पर जारी है। साथ ही पिछले वर्ष की तुलना में विभाग ने पंपों की संख्या बढ़ाकर 243 से अधिक कर दी है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने की व्यवस्थाएं बयान के मुताबिक, आपात स्थितियों से निपटने के लिए नावों की संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई है और 31 मोटरबोट इंजन व 12 बोट कैरिज ट्रॉलियां भी उपलब्ध कराई हैं। बैठक में बताया गया कि नगर निगम के सभी 12 जोनों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और स्थायी एवं पोर्टेबल पंपों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। संभावित जलभराव वाली जगहों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।  

सचिवालय में 149 नए पदों को मंजूरी, युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

जयपुर  राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और युवाओं के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। बजट 2026-27 की घोषणा के तहत, मुख्यमंत्री ने राज्य कर्मचारियों को पदोन्नति (प्रमोशन) के लिए जरूरी अनुभव सीमा में 2 वर्ष की विशेष छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के बयान के मुताबिक, इस फैसले के तहत प्रमोशन के लिए जरूरी अनुभव या सेवा अवधि में दो साल की छूट देने के लिए अलग-अलग सेवा नियमों में बदलाव किए जाएंगे। हालांकि, जिन कर्मचारियों ने 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) की प्रक्रिया के दौरान पहले ही ऐसी छूट का लाभ उठा लिया है, वे इस फायदे के लिए पात्र नहीं होंगे। सचिवालय में 149 नए पदों को मंजूरी इसके साथ ही मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए सरकारी सचिवालय में 149 नए पद बनाने को भी मंजूरी दी है। इनमें सरकार के असिस्टेंट सेक्रेटरी के 15 पद, असिस्टेंट सेक्शन ऑफ़िसर के 67 पद और क्लर्क ग्रेड-I के 67 पद शामिल हैं। सरकार के अनुसार, इस कदम से न केवल मौजूदा कर्मचारियों के प्रमोशन के मौके बेहतर होंगे, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर भी पैदा होंगे। सेवा से जुड़े मामलों में 29 मामलों में छूट कर्मचारियों के हित में लिए गए एक और फ़ैसले में, मुख्यमंत्री ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति और सेवा से जुड़े मामलों में 29 मामलों में छूट दी। इनमें से 16 मामलों में सरकारी कर्मचारियों की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन जमा करने में हुई देरी के कारण छूट दी गई। नौ मामलों में, आवेदन में देरी पर विचार करने के बाद उम्र सीमा में छूट को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने तबादले से जुड़े चार मामलों में भी छूट को मंजूरी दी, ताकि कर्मचारी अपनी आश्रित पत्नियों की सुविधा के लिए अपने घरों के पास पोस्टिंग पा सकें। इस बीच, राज्य सरकार ने चार हाउसकीपर्स – सत्यदेव सिंह कृष्णावत, गिरिराज प्रसाद मीणा, योगेंद्र सिंह सिसोदिया और तरुण जोशी को हटाने का आदेश दिया है।

लेनिन क्रूज पर प्रपोजल से लेकर सात फेरे तक की लग्जरी सुविधाएं

 पटना  डेस्टिनेशन वेडिंग का सपना देखने वाले लोगों के लिए अब पटना में भी खास विकल्प उपलब्ध हो गया है। राजधानी के गांधी घाट स्थित लेनिन क्रूज पर गंगा की लहरों के बीच शाही अंदाज में शादी और उससे जुड़ी सभी रस्मों का आयोजन किया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक सजावट से लैस यह कॉन्सेप्ट लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अब शादी के लिए मुंबई, गोवा या दूसरे पर्यटन स्थलों का रुख करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रपोजल से लेकर सात फेरे तक की सुविधा लेनिन क्रूज पर प्रपोजल, रिंग सेरेमनी, हल्दी, मेहंदी, संगीत और विवाह मंडप तक की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री से लेकर मेहमानों के स्वागत तक हर आयोजन को खास अंदाज में तैयार किया जाता है। गंगा के बीच तैरते क्रूज पर शादी का अनुभव लोगों को एक अलग ही यादगार एहसास देता है। दो मंजिला लग्जरी क्रूज में आधुनिक सुविधाएं लेनिन क्रूज के प्रबंधन के अनुसार यहां पूरी तरह वातानुकूलित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, ओपन डेक और अटैच बाथरूम वाले कमरे उपलब्ध हैं। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से संचालित इस क्रूज को विशेष रूप से लग्जरी आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां मेहमानों को आराम और मनोरंजन की सभी आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं। प्राइवेट प्रपोजल पैकेज की भी सुविधा शादी से पहले यादगार प्रपोजल के लिए ‘प्राइवेट प्रपोज एट लेनिन क्रूज’ पैकेज तैयार किया गया है। इस पैकेज के तहत पूरे क्रूज को निजी तौर पर बुक किया जा सकता है। इसमें अनलिमिटेड फूड, फ्लावर बुके, चॉकलेट्स, केक, म्यूजिक, टेबल डेकोरेशन और कोल्ड फायर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। करीब डेढ़ घंटे तक गंगा में क्रूज भ्रमण कराया जाता है। इस पैकेज की शुरुआती कीमत 25,999 रुपये रखी गई है। हल्दी और संगीत समारोह को भी बनाया जा रहा खास क्रूज पर हल्दी और संगीत समारोह के लिए भी अलग-अलग थीम आधारित पैकेज उपलब्ध हैं। परिवार और दोस्तों के साथ गंगा की लहरों के बीच इन रस्मों का आयोजन किया जा सकता है। सजावट, खानपान, म्यूजिक और अन्य व्यवस्थाएं मेहमानों की संख्या और बजट के अनुसार कस्टमाइज की जाती हैं। रॉयल वेडिंग के लिए मिलेंगी विशेष सुविधाएं रॉयल वेडिंग पैकेज के तहत गंगा के खूबसूरत नजारों और सनसेट व्यू के बीच शादी की सभी रस्में संपन्न कराई जाती हैं। इसमें लग्जरी डेकोरेशन, लाइव म्यूजिक, प्रोफेशनल फोटोग्राफी, स्वादिष्ट व्यंजन और विशेष मनोरंजन कार्यक्रम शामिल किए जाते हैं। आयोजकों का दावा है कि यह अनुभव शादी को जीवनभर यादगार बना देता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से होगी बुकिंग लेनिन क्रूज पर किसी भी कार्यक्रम की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की जा सकती है। इच्छुक लोग मोबाइल नंबर 9330014000 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और गांधी घाट स्थित जेटी पर जाकर भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। यहां पैकेज, सुविधाओं और खर्च से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

बेटे की मौत के बाद भटकता रहा परिवार, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिलाया हक

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत मुआवजा पाने से वंचित एक महिला को राहत प्रदान की है। अदालत के हस्तक्षेप के बाद हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास ने आश्वासन दिया कि यदि मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज त्रुटि को ठीक कर लिया गया है तो मुआवजा आवेदन के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। जस्टिस जगमोहन बंसल ने भावना द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका के अनुसार भावना के 26 वर्षीय बेटे की 9 मई 2024 को मृत्यु हो गई थी। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम थी, जिससे परिवार दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने का पात्र था। बेटे की मृत्यु के बाद याचिकाकर्ता ने 23 मई 2024 को आनलाइन आवेदन कर मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास ने 16 दिसंबर 2024 को दावा खारिज कर दिया। दावा अस्वीकार करने का कारण यह बताया गया कि मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार पहचान पत्र में मृतक के पिता के नाम को लेकर विसंगति थी। इस तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदन मंजूर नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने बाद में संबंधित विभाग से त्रुटि दूर करवाई और 4 मार्च 2025 को संशोधित मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया। लेकिन समस्या यह रही कि ऑनलाइन पोर्टल पर दोबारा आवेदन करने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था। इसके बाद उन्होंने कई प्रतिनिधित्व देकर मामले में राहत की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि याचिकाकर्ता ने वास्तव में मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज विवरण को परिवार पहचान पत्र के अनुरूप संशोधित करवा लिया है तो हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास का मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोर्टल दोबारा खुलवाने पर विचार करेगा, ताकि वह अपना दावा पुन प्रस्तुत कर सके। याचिकाकर्ता की ओर से भी इस व्यवस्था पर सहमति जताई गई। दोनों पक्षों की सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास, पंचकूला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करे। इसके बाद संबंधित प्राधिकारी उसके दावे पर आगे की कार्रवाई करेगा। यह फैसला उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिनके वैध दावे केवल दस्तावेजी त्रुटियों या तकनीकी कारणों से लंबित या अस्वीकृत हो जाते हैं।

रॉबर्ट डाउनी जूनियर बनेंगे डॉक्टर डूम, MCU में विलेन के रूप में वापसी

  रॉबर्ट डाउनी जूनियर, जो पहले MCU फिल्मों में टोनी स्टार्क यानी आयरन मैन का किरदार निभा चुके हैं, इस बार इस फिल्म में विलेन डॉक्टर डूम के रोल में नजर आएंगे। यह फिल्म दिसंबर में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये भी पढ़ें फिल्म को लेकर जताया भरोसा हॉलीवुड स्टार रॉबर्ट डाउनी जूनियर ने कहा है कि आने वाली मार्वल फिल्म ‘अवेंजर्स डूम्सडे’ फैंस की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ के बाद दर्शकों को निराश नहीं करेगी। एक इंटरव्यू में, जो उन्होंने फिल्म के को-डायरेक्टर जो रूसो के साथ दिया, रॉबर्ट ने कहा कि फिल्म को बहुत सोच-समझकर बनाया गया है ताकि एवेंजर्स: इन्फिनिटी वार और ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ जैसी बड़ी फिल्मों के बाद भी यह दर्शकों को पसंद आए। उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ मेरी परफॉर्मेंस की बात नहीं है, बल्कि फिल्म की कहानी और बाकी किरदारों को जिस तरह से बनाया गया है, वह दर्शकों को पसंद आएगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘अवेंजर्स डूम्सडे’ में कुछ ऐसा है जो इस सवाल का जवाब देता है कि इतनी बड़ी फिल्मों के बाद भी नई फिल्म निराशाजनक कैसे न लगे। हमने इस पर बहुत मेहनत की है।’  

MP हाईकोर्ट की नई गाइडलाइन, पार्किंग समस्या के समाधान के लिए अधिवक्ताओं को कार पूलिंग अपनाने की सलाह

 जबलपुर कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने गुरुवार को हाई कोर्ट के सामने प्रस्तावित 117 करोड़ रुपये के अधिवक्ता चैंबर और मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट को लेकर दायर याचिका का महत्वपूर्ण दिशा निर्देश सहित पटाक्षेप कर दिया। कोर्ट ने केवल अधिवक्ता चैंबर निर्माण प्रक्रिया लंबित होने पर असंतोष जताया। इसके साथ ही हाई कर्ट परिसर के आसपास बढ़ते यातायात और पार्किंग संकट पर महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी कर दी। दिलचस्प यह है कि अदालत की टिप्पणियों और निर्देशों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय-समय पर दिए गए कार पूलिंग और यातायात अनुशासन के संदेशों की प्रतिध्वनि भी सुनाई दी। युगलपीठ ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष धन्य कुमार जैन की याचिका का निराकरण करते हुए स्पष्ट किया कि अब जबकि टेंडर प्रक्रिया जारी हो चुकी है, याचिका को लंबित रखने का औचित्य नहीं रह जाता। हालांकि कोर्ट ने यह रास्ता खुला रखा कि यदि भविष्य में राज्य सरकार परियोजना को लेकर अनावश्यक विलंब करती है तो याचिकाकर्ता पुनः न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। कोर्ट ने परियोजना को लेकर संतोष जताया मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि हाई कोर्ट के गेट नंबर-चार के सामने आधुनिक अधिवक्ता चैंबर और बहुस्तरीय पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। इसका टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इसके बाद कोर्ट ने परियोजना को लेकर संतोष व्यक्त किया। आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष पार्किंग व्यवस्था को लेकर रहा। कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे हाई कोर्ट परिसर के निकट अनावश्यक वाहन खड़े करने के बजाय पिक एंड ड्राप व्यवस्था को बढ़ावा दें। अधिवक्ताओं से भी वाहन साझा (कार पूलिंग) करने की व्यवस्था अपनाने की अपेक्षा जताई गई। वहीं यातायात पुलिस को क्षेत्र की सतत निगरानी कर पार्किंग अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। केवल नई पार्किंग बनाना ही समाधान नहीं दरअसल, चार मई 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी, न्यायमूर्ति एससी शर्मा, न्यायमूर्ति सूर्यकांत व तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत की उपस्थिति में परियोजना का भूमिपूजन हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से बार एसोसिएशन ने चिंता जताई थी। न्यायालय के आदेश ने यह संदेश भी दिया है कि केवल नई पार्किंग बनाना ही समाधान नहीं है। यातायात अनुशासन, कार पूलिंग और पिक एंड ड्राप संस्कृति अपनाए बिना न्यायालय परिसर की भीड़भाड़ कम नहीं होगी। यही कारण है कि एक साधारण दिखने वाली याचिका का पटाक्षेप, न्यायालय परिसर की भावी यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण नजीर बनकर उभरा है।

भाजपा कार्यकर्ता बनेंगे जनता की आवाज, समस्याओं का होगा निराकरण : जग्गा

राजपुरा भारतीय जनता पार्टी ने इलाका प्रभारी जगदीश जग्गा की अगुवाई में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए गांव-गांव जग्गा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता प्रतिदिन गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे तथा उनकी समस्याओं को सुन कर संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए प्रयास करेंगे।  इस संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा इलाका प्रभारी जगदीश जग्गा बताया कि वे पिछले बीस वर्षों से निस्वार्थ भाव से क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए नगर काउंसिल चुनावों में जनता की ओर से उन्हें अच्छा समर्थन मिला, जिसके बाद अब बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी उनसे संपर्क करना शुरू किया।  ग्रामीणों ने उन्हें गांवों में बढ़ रही समस्याओं, कानून व्यवस्था की स्थिति, नशे के बढ़ते प्रकोप तथा अन्य जनहित के मुद्दों की ओर ध्यान देने की मांग की। जग्गा ने बताया कि लोगों की मांग और समस्याओं को देखते हुए भाजपा ने गांव-गांव जग्गा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रतिदिन शाम 5 बजे से लेकर रात 8-9 बजे तक क्षेत्र के एक या दो गांवों का दौरा किया जाएगा। इस दौरान गांवों के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। इस अवसर पर रूपिंदर रूपी, प्रदीप नंदा, जसवीर जस्सी सहित अन्य मौजूद थे।

स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का ट्रेलर रिलीज, टॉम हॉलैंड फिर पीटर पार्कर के रूप में नजर आए

  'स्पाइडर-मैन' के फैंस का इंतजार कुछ हद तक खत्म हो गया है। 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' का ट्रेलर आज रिलीज हो गया है। फिल्म का नया ट्रेलर जारी किया गया है, जिसमें मार्क रफालो को ब्रूस बैनर (जिन्हें हल्क के नाम से भी जाना जाता है) के रोल में वापसी करते हुए दिखाया गया है। दो मिनट 39 सेकंड के इस ट्रेलर में टॉम हॉलैंड के पीटर पार्कर के लिए एक नई चुनौती का संकेत मिलता है, जो किसी रहस्यमयी बदलाव से जूझते हुए दिख रहे हैं ट्रेलर में क्या है? इस नए ट्रेलर में पीटर कहते हैं, ‘मेरे साथ क्या हो रहा है? मैं अपना आपा खो रहा हूं। मेरा खुद पर कोई कंट्रोल नहीं है और मुझे अभी इस चीज को ठीक करना होगा।’ यहीं से शुरू होती है फिल्म की असली कहानी। जवाब पाने के लिए पीटर मार्क रफालो के निभाए किरदार ब्रूस बैनर के पास जाते हैं। ट्रेलर के एक अहम हिस्से में बैनर बताते हैं कि उन्होंने बदलते डीएनए को रोकने का एक तरीका खोज लिया है और पीटर को एक डिवाइस दिखाते हैं जो उन्हें अपनी हालत को कंट्रोल करने में मदद करता है। वह मजाक में पीटर को चेतावनी देते हैं कि अगर वह कभी उन्हें उस डिवाइस के बिना देखें, तो उन्हें भाग जाना चाहिए।   31 जुलाई को रिलीज होगी फिल्म ट्रेलर में बाद में बैनर को स्पाइडर-मैन के सामने हल्क में बदलते हुए दिखाया गया है। यह इस फ्रैंचाइजी में हॉलैंड के पीटर पार्कर के साथ रफालो की पहली एंट्री है। डेस्टिन डैनियल क्रेटन के निर्देशन और क्रिस मैककेना व एरिक सोम्मर्स की लिखी 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' 31 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टॉम हॉलैंड पीटर पार्कर के रोल में वापसी कर रहे हैं, जबकि जेंडया एमजे के रोल में लौट रही हैं। कास्ट में जॉन बर्नथल, सैडी सिंक और लिजा कोलोन-जायस भी अहम भूमिकाओं में हैं।  

गर्मी से मिलेगी राहत! पंजाब में अगले 4 दिनों तक बारिश-आंधी की चेतावनी

चंडीगढ़. पंजाब में भीषण गर्मी के बीच मौसम को लेकर नई अपडेट सामने आई है। गुरुवार को भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) चंडीगढ़ के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले 4 दिनों तक बारिश, तेज़ हवाओं और गरज-चमक की संभावना है, जिस कारण विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 जून को पूरे पंजाब में किसी भी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि, 19 जून से जिला फिरोजपुर, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, संगरूर, बरनाला, लुधियाना, मोगा, पटियाला और एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में बारिश के साथ तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। कहा जा रहा है कि अगले 48 घंटों के दौरान इन इलाकों में मौसम अचानक खराब हो सकता है।   20 और 21 जून को भी जारी रहेगा खराब मौसम 20 और 21 जून के दौरान भी पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर समेत उत्तर और सीमावर्ती जिलों में मौसम खराब रहने के आसार हैं। इन क्षेत्रों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं विभाग  ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। तेज़ हवाओं और आंधी के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचने तथा आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए स्वदेशी तकनीक पर MoU, आयात पर निर्भरता घटेगी

 जमशेदपुर  आज के डिजिटल और इलेक्ट्रिक युग में मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी समस्या भी पैदा हो रही है वो है कबाड़ हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों के कचरे (ई-वेस्ट) का अंबार. इस बड़ी चुनौती को एक शानदार अवसर में बदलने के लिए झारखंड के जमशेदपुर स्थित सरकारी लैब सीएसआइआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML) ने एक बेहद ऐतिहासिक कदम उठाया है. एनएमएल ने बेंगलुरु की प्रसिद्ध कंपनी मेसर्स सिरक्योर प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक विशेष समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत अब कबाड़ हो चुकी बैटरियों को फेंकने के बजाय उनसे ‘काला सोना’ यानी बेहद कीमती धातुएं निकाली जाएंगी. यह स्वदेशी तकनीक आने वाले समय में बैटरी कचरे को एक मूल्यवान संसाधन में बदलने के लिए पूरी दुनिया में ‘गेमचेंजर’ साबित होने वाली है. पूरी तरह स्वदेशी तकनीक इस आधुनिक और उन्नत धातुकर्म प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से भारत में विकसित स्वदेशी तकनीक है. इस तकनीक की मदद से बेकार और कबाड़ हो चुकी बैटरियों को बहुत ही सुरक्षित, साफ-सुथरे और वैज्ञानिक तरीके से रिसायकल किया जाएगा. इस प्रक्रिया के जरिए कबाड़ बैटरियों के अंदर से लिथियम, कोबाल्ट, मैंगनीज, निकेल, तांबा, एल्युमिनियम और ग्रेफाइट जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और महंगे पदार्थों को वापस निकाल लिया जाएगा. अब तक इन कबाड़ बैटरियों को नष्ट करने का कोई इतना सुरक्षित और सटीक उपाय देश में नहीं था, लेकिन अब इस तकनीक से कचरे से भी करोड़ों का कीमती सामान निकाला जा सकेगा. विदेशी आयात पर लगेगी रोक वर्तमान समय की बात करें तो भारत अपनी जरूरत के लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसी महत्वपूर्ण सामग्रियों के लिए बहुत बड़े पैमाने पर विदेशी आयात (दूसरे देशों से खरीदने) पर निर्भर है. चूंकि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल और पावर बैंक का चलन दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है, इसलिए कच्चे माल की मांग भी बढ़ती जा रही है. एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी और मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार झा की सीधी देखरेख में विकसित की गई यह तकनीक इन खराब बैटरियों को कच्चे माल के एक बेहतरीन विकल्प (सेकेंडरी सोर्स) के रूप में खड़ा कर देगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारत को अब इन कीमती धातुओं के लिए प्राकृतिक खनन पर और दूसरे देशों से आयात करने पर अपनी निर्भरता को बहुत हद तक कम करने में मदद मिलेगी, जिससे देश का पैसा बचेगा. पर्यावरण को सुरक्षा और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा समझौते के दौरान सिरक्योर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्रीकुमार वाचस्पति भी मौजूद थे. उन्होंने इस तकनीक की तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय में उद्योग जगत को इस तरह की तकनीक की बहुत ज्यादा जरूरत थी. पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस करार से न केवल खतरनाक बैटरी कचरे का सुरक्षित और सही प्रबंधन हो सकेगा, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना देश में ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ (कचरे से कंचन बनाने की व्यवस्था) को रफ्तार मिलेगी. इससे प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी एक मजबूत आधार मिलेगा. इस खास एमओयू (MoU) के मौके पर एनएमएल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार और सीओए जय शंकर शरण सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.