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ह्यूमन रंगोली अन्तर्गत महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता मुखी की विशाल प्रतिकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान अन्तर्गत निर्मित रंगोली की सराहना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूर्ण होने पर श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाना अद्भुत और प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत नारी शक्ति की यह अनूठी पहल वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को श्योपुर जिले के कूनों में चीता पुर्नस्‍थापना प्रोजेक्‍ट की शुरूआत की थी। कूनों में चीतों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। मप्र अब चीता स्‍टेट भी बन गया है। प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान अन्तर्गत शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेगदा स्थित क्रीडा परिसर में ह्युमन रंगोली के माध्यम से भारत में जन्मी मादा चीता ‘‘मुखी’’ की भव्य एवं आकर्षक विशाल प्रतिकृति बनाई गई। क्रियेटिव श्योपुर अंतर्गत बनाई गई इस ह्युमन रंगोली में महिला बाल विकास विभाग एवं एनआरएलएम से जुडी एक हजार से अधिक महिलाओं तथा कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं द्वारा चीते के मुख रंग आधारित परिधान पहनकर यह विशाल ह्यूमन रंगोली बनाई गई है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को महिला शक्ति, एकजुटता और वन्य जीव संरक्षण के संदेश से विशेष रूप से जोडा है। 'मुखी' के बारे में मादा चीता ‘‘मुखी’’ का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। मुखी के नाम यह इतिहास दर्ज है कि 70 साल बाद भारत की धरती पर जन्म लेने वाली वह पहली चीता है, इसलिए चीता मुखी भारत में जन्मे पहली चीता पीढ़ी की खास पहचान है। नवंबर 2025 में मादा चीता 'मुखी' ने पांच शावकों को जन्म दिया। यह भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। मादा चीता मुखी तीन साल की आयु पूर्ण कर चुकी है।  

ह्यूमन रंगोली अन्तर्गत महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता मुखी की विशाल प्रतिकृति

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूर्ण होने पर श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाना अद्भुत और प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत नारी शक्ति की यह अनूठी पहल वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को श्योपुर जिले के कूनों में चीता पुर्नस्‍थापना प्रोजेक्‍ट की शुरूआत की थी। कूनों में चीतों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। मप्र अब चीता स्‍टेट भी बन गया है। प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान अन्तर्गत शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेगदा स्थित क्रीडा परिसर में ह्युमन रंगोली के माध्यम से भारत में जन्मी मादा चीता ‘‘मुखी’’ की भव्य एवं आकर्षक विशाल प्रतिकृति बनाई गई। क्रियेटिव श्योपुर अंतर्गत बनाई गई इस ह्युमन रंगोली में महिला बाल विकास विभाग एवं एनआरएलएम से जुडी एक हजार से अधिक महिलाओं तथा कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं द्वारा चीते के मुख रंग आधारित परिधान पहनकर यह विशाल ह्यूमन रंगोली बनाई गई है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को महिला शक्ति, एकजुटता और वन्य जीव संरक्षण के संदेश से विशेष रूप से जोडा है। 'मुखी' के बारे में मादा चीता ‘‘मुखी’’ का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। मुखी के नाम यह इतिहास दर्ज है कि 70 साल बाद भारत की धरती पर जन्म लेने वाली वह पहली चीता है, इसलिए चीता मुखी भारत में जन्मे पहली चीता पीढ़ी की खास पहचान है। नवंबर 2025 में मादा चीता 'मुखी' ने पांच शावकों को जन्म दिया। यह भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। मादा चीता मुखी तीन साल की आयु पूर्ण कर चुकी है।  

मान सरकार की नशा विरोधी मुहिम तेज, 520 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित

 चंडीगढ़  भगवंत मान सरकार ने नशा विरोधी कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अपना सख्त मुहिम और तेज कर दिया है। जिसके तहत फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के ड्रग विंग ने 1 अप्रैल, 2025 से 30 सितंबर, 2026 के बीच 16,788 इंस्पेक्शन किए। इस दौरान, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स रूल्स, 1945 का उल्लंघन करने के लिए 214 लाइसेंस्ड और अनलाइसेंस्ड फर्मों से 20.64 करोड़ रुपये की दवाएं ज़ब्त की गईं, जबकि 520 केमिस्ट के लाइसेंस सस्पेंड किए गए और 22 केमिस्ट के लाइसेंस कैंसल किए गए। पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के निर्देशों के तहत कानून का पालन मजबूत करने और दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए नियमित तौर पर निरीक्षण किए जा रहे हैं। रिव्यू किए जा रहे समय के दौरान, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 54 कोर्ट केस दर्ज किए गए, जबकि 35 मामलों में दोषियों को सजा दी गई और जुर्माना लगाया गया। अभी, राज्य भर की अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में कुल 650 केस पेंडिंग हैं। शेड्यूल एच1 में शामिल हुई प्रीगैब्लिन दवा नशे की दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत सरकार ने 13 मई 2026 के नोटिफिकेशन नंबर जी.एस.ए. 377(ई) के जरिए ‘प्रीगैब्लिन’ को ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल एच1 में शामिल किया है। यह नियम 12 नवंबर, 2026 से लागू होगा। इससे पहले, प्रीगैब्लिन को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 या ड्रग्स रूल्स, 1945 के किसी भी शेड्यूल में शामिल नहीं किया गया था। पंजाब सरकार ने इसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए रेगुलेटरी दखल की मांग करते हुए कई बार भारत सरकार के सामने अलग-अलग लेटर के जरिए यह मुद्दा उठाया था। ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर जताई चिंता पंजाब सरकार ने ई-फार्मेसी के ज़रिए ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को कंट्रोल करने वाले नियमों की कमी के बारे में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सामने चिंता जताई है। राज्य सरकार के मुताबिक, नशे के तौर पर इस्तेमाल की जा सकने वाली दवाएं आसानी से ऑनलाइन मिल जाती हैं, जिससे नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने की कोशिशों को नुकसान पहुंच रहा है। पंजाब सरकार ने राज्य में बिक्री के लिए आठ तरह के ड्रग फॉर्मूलेशन के स्टॉक पर बैन लगा दिया है। हालांकि, ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के लिए कोई सही रेगुलेटरी फ्रेमवर्क न होने से अभी भी कानून को असरदार तरीके से लागू करने में रुकावट आ रही है। दवाओं की कीमतों के अंतर पर सवाल भगवंत मान सरकार ने दवाओं की आसमान छूती कीमतों और अलग-अलग कंपनियों की बनाई दवाओं, जिनमें उन दवाइयों की कीमतों में अंतर का मुद्दा भी उठाया है, जिनमें एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट या सॉल्ट एक जैसे होते हैं। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया दखल और निर्देशों से पहले, केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। पंजाब सरकार ने जनता के हित में आगे काम करने और पब्लिक हेल्थ से जुड़े मुद्दों को हल करने और पूरे राज्य में ड्रग कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

फैजुल्लागंज में बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर जोर, नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

योगी सरकार फैजुल्लागंज में लगातार चला रही बाढ़ राहत कार्य, प्रभारी मंत्री ने किया निरीक्षण प्रभावित घरों तक राहत पहुंचाने में जुटा प्रशासन, पेयजल और खाद्य सामग्री की व्यवस्था तेज महापौर के निर्देश, प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएंगे सभी उपलब्ध टैंकर और मोबाइल टॉयलेट जलनिकासी के बाद भी 10 से 12 दिन चलेगा सफाई और सैनिटाइजेशन अभियान फैजुल्लागंज में बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर जोर, नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश लखनऊ,  योगी सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर निगम के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और जरूरी सुविधाएं समय से पहुंचाई जाएं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों की सहायता करना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे। उन्होंने जलनिकासी में तेजी लाने और प्रभावित बस्तियों में रहने वाले लोगों की दैनिक जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। 6500 घर और करीब 50 हजार लोग प्रभावित निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज क्षेत्र में करीब 6500 घर, लगभग आठ किलोमीटर का क्षेत्र और करीब 50 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम और प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। अस्थायी आश्रय स्थलों, पेयजल आपूर्ति, खाद्य सामग्री वितरण, सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजने और लोगों को फिलहाल समर्सिबल पंप का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह देने के निर्देश दिए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा कम किया जा सके। उन्होंने जलभराव से प्रभावित घरों के सेप्टिक टैंकों की स्थिति का आकलन कर जरूरत के अनुसार सक्शन मशीनों से सफाई कराने, नालियों की सफाई, कीटनाशक छिड़काव, फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान चलाने के निर्देश दिए। आवश्यकता के अनुसार ड्रोन से छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित बस्तियों में लोगों के आवागमन के लिए चलने योग्य रास्ते तैयार किए जाएं। भविष्य में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए इंटरलॉकिंग सड़कों सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाई जाए। सभी टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित क्षेत्रों में लगाने के निर्देश महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि नगर निगम के सभी उपलब्ध जल टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित इलाकों में लगाए जाएं। ताकि प्रभावित परिवारों को पेयजल और स्वच्छता संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जलनिकासी के साथ घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा सैनिटाइजेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।  जलनिकासी के बाद भी जारी रहेगा सफाई अभियान प्रभारी मंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकलने में करीब एक सप्ताह लगने का अनुमान है। इसके बाद भी अगले 10 से 12 दिनों तक सफाई, कीटनाशक छिड़काव और सैनिटाइजेशन अभियान चलाना जरूरी होगा, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके और जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने राहत कार्यों में सहयोग कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के प्रयासों की सराहना की। नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि फैजुल्लागंज क्षेत्र में भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर भी काम किया जाना चाहिए। नदी के किनारे बंधा बनाने सहित आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों की संभावनाओं का आकलन किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। पेयजल, खाद्य सामग्री, सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा और आवागमन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री ने भी लिया संज्ञान प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। जबकि रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का हाल जाना और राहत कार्यों का जायजा लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी रहेंगे। शासन- प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता मिले और क्षेत्र में जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके।

उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिलाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम समाधान कार्यक्रम में विभिन्न शिकायतकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें। शिकायतों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समाधान कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना, आवास योजना के बिलों में गड़बड़ी, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना तथा नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी डीपीओ  ओ.पी. पांडे को संबंधित प्रकरण में कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  अमर दाहिया को नल-जल योजना से संबंधित प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए कहा। ऊर्जा विभाग के उप महाप्रबंधक  रघुवीर सिंह को शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होने पर लघु शास्ति अधिरोपित करने के निर्देश दिए। नगर निगम आयुक्त  सत्येन्द्र धाकरे को नगरीय निकायों से संबंधित प्रकरणों का अभिलेख तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा आमजन से जुड़े मूलभूत विषयों और शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान कर दिया जाए, तो शिकायतों की संख्या में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के कार्यों की निगरानी की जाती है और प्रस्तुत प्रतिवेदनों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता के हित में कार्य करना तथा उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो और प्रत्येक शिकायत का निराकरण संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए। जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मुरैना कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कृषि एवं पशुपालन, सहकारिता, पर्यटन, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा जनसमस्याओं के निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह समिति जिले के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। जनप्रतिनिधि जिले की आवश्यकताओं, समस्याओं, संभावनाओं और विकास से संबंधित अपने सुझाव समिति के माध्यम से प्रस्तुत करें, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले को विकास का एक आदर्श मॉडल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विकास कार्यों की समीक्षा करें, स्थानीय समस्याओं एवं कठिनाइयों को समझें तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और जनहित में नवाचार करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ आमजन तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को दें प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना जिले में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित उद्योगों से उनकी मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी पहले ही प्राप्त कर ली जाए और उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि इकाइयों में उत्पादन प्रारंभ होने के साथ ही प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लास विनिर्माण इकाई का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्रकार की बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करती हैं। ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली से औद्योगिक उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि अपशिष्ट का उपयोग कर नए उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे नवाचार करने वाले उद्यमियों का उत्साहवर्धन करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना में फूड पार्क विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा किसानों के उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध संभावनाओं के अनुरूप किया जाना चाहिए, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके। दुग्ध उत्पादन, पशुपालन एवं सहकारिता को मिले प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और कृषि को प्रोत्साहित करते हुए किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। इसके लिए सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा छोटे दुग्ध उत्पादकों को संगठित रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गांवों में दुग्ध उत्पादकों को सहकारी समितियों के माध्यम से जोड़ने से दूध का संग्रहण एवं विपणन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे छोटे पशुपालकों को बाजार उपलब्ध होगा और उनकी आय बढ़ाने के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृंदावन ग्राम की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि देशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वृंदावन ग्राम के माध्यम से गौपालन, दुग्ध उत्पादन और सहकारी गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर गांवों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत गोशाला में 500 गायों के रखरखाव की परिकल्पना है। गायों के पालन-पोषण के लिए प्रति गाय प्रतिदिन 40 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने गोशालाओं के संचालन एवं प्रबंधन की व्यवस्था की समीक्षा करने तथा प्रत्येक जिले में इनकी स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। साथ ही पशुओं की नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और बेहतर नस्लों के संवर्धन के माध्यम … Read more

CJP आंदोलन पर बृजभूषण सिंह का आरोप, बोले- एलॉन मस्क के इशारे पर चल रहा प्रदर्शन

नई दिल्ली एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एलन मस्क के बयानों पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध अपनी जगह है, पर कोई विदेशी कारोबारी भारत को आदेश नहीं दे सकता. स्टारलिंक को भारत में मंजूरी मिलने में देरी से शुरू हुए इस विवाद में राहुल गांधी ने उद्योगपतियों से सरकार के रिश्तों पर हमला बोला, जबकि ओवैसी ने बीजेपी से राष्ट्रवाद पर सवाल पूछा।  स्पेसएक्स के मालिक और टेस्ला के सीईओ मस्क ने आरोप लगाया कि कुछ ओलिगार्क अपना दबदबा बचाने के लिए स्टारलिंक की एंट्री रोक रहे हैं. उन्होंने पूछा कि क्या रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी भारत के असली बॉस हैं, और उन्हें प्रधानमंत्री मुकेश अंबानी तक कह डाला।  सरकार ने भेदभाव के आरोप को खारिज किया. सरकार के मुताबिक स्टारलिंक, रिलायंस जियो की सैटेलाइट कंपनी और भारती समर्थित यूटेलसैट वनवेब, तीनों लाइसेंसधारी कंपनियों की सुरक्षा जांच चल रही है और वे लगभग एक ही चरण में हैं. सुरक्षा जांच और स्पेक्ट्रम मंजूरी के बिना कोई सेवा शुरू नहीं कर सकता।   मस्क के इशारे पर चल रहा CJP का आंदोलन बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन को लेकर एलॉन मस्क पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा आंदोलन मस्क के इशारे पर चलाया जा रहा है और इसके पीछे भारत के खिलाफ बड़ी साजिश है।  बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, "यह पूरा आंदोलन उनके (एलॉन मस्क) इशारे पर चलाया जा रहा है. यह हमारे देश के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है. हमारे देश की तुलना बांग्लादेश और पाकिस्तान से की जा रही है, और पहली बार यहां सुप्रीम कोर्ट को डराने के इरादे से एक मार्च आयोजित किया गया है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. ये विदेशी लोग, जो हमारे देश में व्यापार तो करना चाहते हैं, लेकिन सिर्फ अपनी शर्तों पर, वही इस आंदोलन को हवा दे रहे हैं।  मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ एआईएमआईएम के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद हैदराबाद में ओवैसी ने कहा कि वे हमेशा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ थे और रहेंगे, लेकिन मस्क प्रधानमंत्री के बारे में ऐसा कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने पूछा कि बीजेपी और मोदी सरकार गोरी चमड़ी से इतना क्यों डरती है।  उन्होंने कहा कि देश के संसाधन कैसे इस्तेमाल होंगे, यह देश तय करेगा. अमेरिका पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए बोले कि वह भारत से रूसी तेल कम खरीदने को कहता है, जबकि खुद रूसी ऊर्जा उत्पाद खरीदता है. सस्ते डेटा चार्ज का हवाला देकर उन्होंने उस सोच पर भी सवाल उठाया कि मौजूदा व्यवस्था नागरिकों का नुकसान करती है. उन्होंने मोदी से कहा कि मस्क को साफ बता दें कि भारत अपने फैसले खुद लेगा, और किसी गोरे का पेट भरने के लिए नागरिकों का पेट नहीं काटा जाएगा।  राहुल गांधी का रुख अलग रहा. मस्क के अंबानी वाले सवाल पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने एक्स पर लिखा, "वेलकम टू इंडिया, एलन. दूसरे वाले से मिलने तक रुकिए." उन्होंने नाम नहीं लिया, पर इशारा गौतम अडानी की ओर माना गया, जिन पर कांग्रेस सरकार से नजदीकी का फायदा उठाने का आरोप लगाती रही है. राहुल ने इंस्टाग्राम पर मोदी और अडानी की जेट वाली तस्वीर भी साझा की. मस्क ने जवाब दिया, "शुक्रिया राहुल, यह वाकई चिंताजनक है।  ओवैसी का कहना था कि मोदी का विरोध करने का मतलब मस्क का समर्थन नहीं है. राष्ट्रवाद पर टिकी राजनीति करने वाली बीजेपी के लिए यह सवाल टालना आसान नहीं होगा।  स्टारलिंक को लेकर एलॉन मस्क और भारत में विवाद एलॉन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को भारत में व्यावसायिक मंजूरी मिलने में देरी को लेकर विवाद रहा है. मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ बड़े कारोबारी हितों के कारण उनकी सेवा को भारत में आगे बढ़ने से रोका जा रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारत के टेलीकॉम बाजार में कंपटीशन और स्टारलिंक को मंजूरी मिलने में हो रही देरी पर सवाल उठाए थे।  मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को भी निशाने पर लिया था. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा था कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं. मस्क ने यह भी कहा था कि स्टारलिंक को भारत में काम करने की अनुमति मिलने से दूरदराज के इलाकों में लोगों को तेज इंटरनेट मिल सकता है और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में मदद मिल सकती है।  भारत सरकार और रिलायंस का क्या कहना है? मस्क के आरोपों पर भारत सरकार ने पक्षपात के दावों को खारिज किया था. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और दूरसंचार मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि स्टारलिंक को राष्ट्रीय सुरक्षा और स्पेक्ट्रम से जुड़ी जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के क्षेत्र में स्टारलिंक के अलावा जियो और भारती समर्थित वनवेब भी मौजूद हैं।  रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी कहा था कि उसे प्रतिस्पर्धा से डर नहीं है और वह स्टारलिंक का स्वागत करती है. हालांकि, कंपनी ने जोर दिया था कि विदेशी कंपनियों को भारत के कानूनों का पालन करना होगा. कंपनी के मुताबिक, उसकी अपनी सैटेलाइट सेवा भी नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया से गुजर रही है।   

नगरीय विकास के साथ जल संरक्षण एवं उपचारित जल के पुनः उपयोग पर होगा वृहद मंथन

भोपाल  मध्यप्रदेश में सुनियोजित नगरीय विकास की नवीन संभावनाओं, निवेश प्रोत्साहन तथा आधुनिक शहरी अधोसंरचना को गति देने के उद्देश्य से आगामी 28 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय 'अर्बन कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जाएगा। कॉनक्लेव में प्रदेश के भावी शहरों की प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं, डिजिटल गवर्नेंस, ग्रीन सिटी अवधारणा तथा पर्यावरण-अनुकूल सतत् विकास जैसे विषयों पर विषय-विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में जल राशि के सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक प्रबंधन तथा प्रयुक्त जल के पुनः चक्रण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉन्क्लेव में उपचारित प्रयुक्त जल पुनर्चक्रण विजन पर भी चर्चा होगी ।इसका मुख्य ध्येय उपचारित जल का सुरक्षित एवं व्यापक उपयोग सुनिश्चित कर प्राकृतिक व ताजे जल स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता को कम करना तथा जल संरक्षण को नगरीय विकास की मुख्यधारा का अनिवार्य अंग बनाना है। इसके अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्यों, कृषि एवं उद्यानों की सिंचाई सहित विभिन्न गैर-पेयजल आवश्यकताओं में उपचारित जल के उपयोग को प्राथमिकता देने और प्रोत्साहित करने के सुदृढ़ प्रावधान जैसे विषयों पर भी मंथन होगा। अर्बन कॉन्क्लेव-2026 में सहभागिता हेतु इच्छुक प्रतिभागी, निवेशक, विषय-विशेषज्ञ, उद्यमी एवं युवा आधिकारिक पोर्टल https://ugconclave.mp.gov.in/ पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन (Registration) करा सकते हैं।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक संपन्न

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की एक उच्चस्तरीय महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में जल जीवन मिशन के तहत तैयार बुनियादी ढांचे के निर्माण के बाद अब इसके सुचारू संचालन, संधारण (रखरखाव) और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की सतत आपूर्ति और जल संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य में स्थित सभी आदिवासी बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। बैठक में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्य सचिव ने राज्य में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और पेयजल की शुद्धता की निरंतर एवं कड़ाई से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत कार्ययोजना और रणनीति पर गहन चर्चा की गई। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर संसाधनों और रूपरेखा की समीक्षा की गई। भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों के संरक्षण व सुरक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। राज्य में संचालित सोलर व रेट्रोफिटिंग तथा बल्क वॉटर योजनाओं की वर्तमान प्रगति एवं वित्तीय भुगतानों की विस्तृत समीक्षा की गई। जल जीवन मिशन की गतिविधियों को तकनीकी एवं प्रबंधकीय रूप से सुदृढ़ करने हेतु जिला तकनीकी इकाई तथा परियोजना प्रबंधन इकाई की नियुक्ति को लेकर अहम निर्णय लिए गए।     विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था हेतु प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। विशेष क्षेत्रों एवं बसाहटों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की गई। ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई।  12 ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त निविदाओं की दरों की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।    जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव हेतु (ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस पॉलिसी) के नवीन ड्राफ्ट पर विस्तार से चर्चा हुई।  बैठक में जल-जीवन मिशन के तहत कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा जनभागीदारी को मजबूत करने पर बल दिया गया। योजनाओं के दीर्घकालिक और सफल संचालन के लिए ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए अधिकारियों को दिए गए है।  बैठक में वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर  रिमिजियुस एक्का सहित महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्कूल शिक्षा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

पंचकूला में स्मृति ईरानी का दो दिवसीय दौरा, सीएम नायब सैनी समेत बड़े नेताओं से होगा संवाद

चंडीगढ़  हरियाणा भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियां तेज होने जा रही हैं। पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और सह प्रभारी डॉ. भोला सिंह 22 और 23 अक्टूबर को दो दिवसीय प्रवास पर हरियाणा पहुंच रहे हैं। पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय में लगातार होने वाली बैठकों के जरिये दोनों नेता सरकार और संगठन के बीच तालमेल, संगठनात्मक तैयारियों तथा आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता, केंद्रीय मंत्रियों, राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। हरियाणा और छत्तीसगढ़ की प्रभारी नियुक्त होने के बाद पहला दौरा हरियाणा और छत्तीसगढ़ की प्रभारी नियुक्त होने के बाद स्मृति ईरानी का यह पहला औपचारिक संगठनात्मक दौरा होगा। इससे पहले वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ गुरुग्राम में प्रधानमंत्री के सेवा सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई थीं, लेकिन उस दौरान प्रदेश भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक संवाद नहीं हुआ था। अब पंचकूला में होने वाली बैठकों को प्रदेश संगठन की गतिविधियों और सरकार के साथ समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 22 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे स्मृति ईरानी और डॉ. भोला सिंह पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे। सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, संगठन महामंत्री पवन राणा और प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक होगी। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें निर्धारित हैं। पहले दिन का कार्यक्रम यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। वर्ष 2009, 2014 और 2019 में विधायक रह चुके पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ भी दोनों नेता संवाद करेंगे। इसके अलावा तीन बार प्रदेश पदाधिकारी रह चुके नेताओं की बैठक और बोर्ड-निगमों के चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैनों के साथ चर्चा होगी। इन बैठकों के माध्यम से प्रदेश में संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जा सकता  दूसरे दिन कोर ग्रुप से लेकर नायब सरकार तक मंथन, जनप्रतिनिधियों की बैठक भी अहम 23 अक्टूबर को भाजपा कोर ग्रुप की बैठक से दिन की शुरुआत होगी। इसकी व्यवस्था पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल संभालेंगी। इसके बाद स्मृति ईरानी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल, कृष्णपाल गुर्जर और राव इंद्रजीत सिंह तथा हरियाणा सरकार के मंत्रियों के साथ संवाद करेंगी। इस बैठक की जिम्मेदारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को सौंपी गई है। इसके बाद करीब एक घंटे की जनप्रतिनिधि बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक शामिल होंगे। इसकी व्यवस्था खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम संभालेंगे। दोपहर के भोजन के बाद विचार परिवार की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संगठन महामंत्री पवन राणा को दी गई है। दो दिनों के इस विस्तृत कार्यक्रम में संगठन और सरकार के प्रमुख चेहरों की भागीदारी तय की गई है। बैठकों का क्रम संकेत देता है कि भाजपा नेतृत्व प्रदेश संगठन की स्थिति से लेकर सरकार के कामकाज और राजनीतिक प्राथमिकताओं तक विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करना चाहता है। ऐसे में स्मृति ईरानी का यह दौरा हरियाणा भाजपा के संगठनात्मक संवाद और भावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।

विगत 10 दिनों में विभिन्न जिलों में वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा चोरी गए वाहनों की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 10 दिनों में विभिन्न जिलों में पुलिस ने सक्रिय वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए 127 चोरी की गई मोटरसाइकिलें एवं 01 ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त की हैं। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना एवं संदिग्धों की सतत निगरानी के आधार पर की गई इन कार्रवाइयों में वाहन चोरी की अनेक वारदातों का खुलासा कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। खंडवा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा, 68 मोटरसाइकिलें जब्त खंडवा पुलिस ने मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर 61 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। तकनीकी साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मिले सुरागों के आधार पर की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी चोरी के वाहनों को जंगल एवं सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे तथा बाद में उन्हें मोटरसाइकिल, स्क्रैप अथवा पार्ट्स के रूप में बेच देते थे। एक अन्य कार्यवाही में थाना मांधाता पुलिस ने एक वाहन चोर को गिरफ्तार कर 7 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख 10 हजार रुपये है। इस प्रकार खंडवा जिले में दोनों कार्रवाइयों में कुल 68 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। गुना- तीन आरोपी गिरफ्तार, 20 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त जिले के राघौगढ़ थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये है। शिवपुरी- 10 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त शिवपुरी के कोतवाली थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। इन वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये है।  रतलाम- 6 मोटरसाइकिलें जब्त जिले के ताल थाना पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल का उपयोग कर अवैध जहरीली शराब की तस्करी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चोर गिरोह से 6 मोटरसाइकिलें जब्त की है। अन्य जिलों में भी वाहन चोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई वाहन चोरी के विरुद्ध कार्यवाही कर उज्जैन में 5 मोटरसाइकिलें एवं 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, छतरपुर में 5 मोटरसाइकिले, भोपाल में 4 मोटरसाइकिले, सिवनी में 4 मोटरसाइकिले, ग्वालियर में 2 मोटरसाइकिले तथा अशोकनगर, दतिया एवं खरगोन में 1-1 मोटरसाइकिल जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज एवं मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में की गई इन कार्रवाइयों से वाहन चोरी में संलिप्त आरोपियों की पहचान करने, गिरोहों की गतिविधियों का पता लगाने तथा चोरी गए वाहनों की बरामदगी में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा इनमें संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी है।