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नन्हे इनोवेटर की बड़ी उपलब्धि, 7वीं के छात्र ने बनाया ऐसा सॉफ्टवेयर जो टीचर का मोबाइल करेगा लॉक

बक्सर. प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। जब जिज्ञासा, मेहनत और कुछ नया करने का जुनून साथ हो, तो छोटे गांव का एक विद्यार्थी भी बड़े सपनों को हकीकत में बदल सकता है। जिले के बरुणा गांव के महज 13 वर्षीय आकाश मौर्य ने ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। अपने गांव के एक निजी स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र आकाश ने 'कमांड सेंटर और लाइव लिंक' नामक एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो विद्यालयों की पूरी व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित करने का दावा करता है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से शिक्षक की उपस्थिति, विद्यार्थियों की पढ़ाई, फीस, परीक्षा परिणाम, अभिभावकों से संवाद और विद्यालय प्रबंधन जैसे कई कार्य एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित किए जा सकते हैं। इतनी कम उम्र में तकनीक के क्षेत्र में आकाश की यह उपलब्धि न केवल बक्सर, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का विषय बन गई है। डिजिटल स्कूल का सपना, गांव से हुई शुरुआत बरुणा निवासी आकाश मौर्य, श्याम जी सिंध के पुत्र तथा पूर्व मुखिया रामजी सिंध के पौत्र हैं। सातवीं कक्षा में अध्ययनरत आकाश का सपना देश के हर विद्यालय को तकनीक से जोड़ना है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से इस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है। शिक्षक की उपस्थिति से मोबाइल लॉक तक की सुविधा आकाश ने बताया कि विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही शिक्षक की उपस्थिति स्वत: दर्ज हो जाएगी। पढ़ाई के दौरान शिक्षक का मोबाइल लॉक रहेगा, जिससे सोशल मीडिया का उपयोग नहीं हो सकेगा और कक्षा में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। इससे अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा। एक ही एप पर स्कूल की पूरी व्यवस्था इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से अभिभावक बच्चों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, होमवर्क, ऑनलाइन नोट्स, विद्यालय की गतिविधियां और ऑनलाइन प्रवेश आवेदन की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा विद्यालय त्याग प्रमाण-पत्र, चरित्र प्रमाण-पत्र, मार्कशीट और प्रवेश-पत्र भी इसी प्लेटफॉर्म से प्राप्त किए जा सकेंगे। फीस भुगतान और एआई आधारित निगरानी इस ऐप के जरिए अभिभावक बार कोड स्कैन कर घर बैठे फीस जमा कर सकेंगे। भुगतान की आटोमैटिक रसीद भी तुरंत उपलब्ध होगी। एआई तकनीक यह भी बताएगी कि किन अभिभावकों द्वारा फीस जमा करने में लगातार विलंब किया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन आय-व्यय और शिक्षक वेतन भुगतान की निगरानी भी आसानी से कर सकेगा। पांच भाषाओं में काम कर रहा सॉफ्टवेयर आकाश के अनुसार फिलहाल यह सॉफ्टवेयर हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, बांग्ला और मराठी भाषा में उपलब्ध है। अभिभावक ऑनलाइन शिकायत और सुझाव भी दर्ज कर सकते हैं। बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और विद्यालय की हर गतिविधि की जानकारी उन्हें समय-समय पर मिलती रहेगी। छह से अधिक स्कूलों में सफल प्रयोग छात्र आकाश ने बताया कि प्रयोग के तौर पर इस सॉफ्टवेयर को छह से अधिक निजी विद्यालयों में शुरू किया जा चुका है। वहां से सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब इसे बड़े स्तर पर लागू करने की योजना है। उनका लक्ष्य देशभर के विद्यालयों को इस तकनीक से जोड़ना है। टीमवर्क बना सफलता की ताकत इस कार्य में राहुल कुमार, अंकित कुमार और अजीत कुमार भी आकाश के साथ जुड़े हैं। सभी मिलकर सॉफ्टवेयर को लगातार बेहतर बनाने में जुटे हैं। टीम का मानना है कि तकनीक के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। जुड़वा भाई भी बना रहा अलग पहचान: आकाश का जुड़वा भाई अंकू मौर्य भी महज 13 वर्ष की उम्र में यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। एक ही परिवार के दो बच्चों की असाधारण सोच और लक्ष्य आज क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।

Ludhiana MC Transfer: इंजीनियरिंग विंग में बड़ा फेरबदल, किरनजीत को मिला 15 वार्डों का प्रभार

लुधियाना. महानगर में प्रबंधकीय और जनहित कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से नगर निगम लुधियाना में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कमिश्नर की मंजूरी के बाद नगर निगम के संयुक्त कमिश्नर (ए) द्वारा इंजीनियरिंग विंग के कई वरिष्ठ अधिकारियों, एस.डी.ओ. (SDO) और जे.ई. (JE) स्तर के कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर तबादले और नए वर्क असाइनमेंट के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश तुरंत प्रभाव से पूरी तरह से लागू मान लिए गए हैं। जारी किए गए आधिकारिक आदेश पत्र (नंबर: 371/JC(A) तिथि 04.07.2026 और डायरी नंबर 263/M.O तिथि 06-7-2026) के अनुसार, इंजीनियरिंग विंग के निम्नलिखित अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं: किरनजीत सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें वार्ड नंबर 9, 10, 30, 74, 75, 76, 77, 78, 79, 80, 81, 82, 83, 84 और 85 का भारी-भरकम प्रभार (चार्ज) सौंपा गया है। अवतार सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-4 की जिम्मेदारी दी गई है। मनविंदर सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ 'हॉट मिक्स प्लांट' का अतिरिक्त प्रभार (चार्ज) भी संभालना होगा। बलविंदर सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-4 में तैनात किया गया है। अंकुश गोगना (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर. – आउटसोर्स): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ वार्ड नंबर 61 का चार्ज भी दिया गया है। अंकुश शर्मा (जे.ई.-बी.एंड.आर.): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ सब-जोन-बी-4 का कार्यभार देखना होगा। भूपिंदर सिंह (जे.ई.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-2 का काम अलॉट किया गया है। अधिकारियों ने यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी अधिकारी बिना किसी देरी के अपने नए अलॉट किए गए क्षेत्रों में काम संभालें, ताकि शहर के विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। नगर निगम के इस अचानक हुए फेरबदल के बाद प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

ट्रंप की एंट्री से गरमाया फुटबॉल विवाद, फीफा के फैसले पर सोशल मीडिया में हंगामा

 नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका के फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन विवादों में घिर गए हैं। इसमें संयुक्त राज्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का नाम भी चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि ट्रंप के फोन कॉल की वजह से बालोगुन पर लगे बैन को फीफा ने हटा दिया। दरअसल, अमेरिका का सामना राउंड ऑफ-32 में बोस्निया हर्जेगोविना से था। मैच में बालोगुन ने एक शानदार गोल किया। हालांकि, इस दौरान उनका पैर बोस्निया के डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच के पैर से लग गया था। इसके बाद मैच रेफरी राफेल क्लॉस ने सामान्य फाउल मानने से इनकार कर दिया। वीएआर में स्लो मोशन में देखने के बाद रेफरी ने बालोगुन को रेड कार्ड दिखा दिया और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। फीफा ने रेड कार्ड को बताया था सही फीफा ने दो दिनों बाद साफ कर दिया कि रेड कार्ड सही है। इसके बाद बालोगुन पर अगले मैच के लिए बैन कर दिया गया। इससे उनका बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले से बाहर होना तय माना जा रहा था। हालांकि, रविवार को अचानक फीफा ने अपना फैसला बदल दिया और बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए हरी झंडी दे दी गई। फीफा ने लेकिन रेड कार्ड को पूरी तरह से खत्म नहीं किया। अगर वे आने वाले मैच में इस तरह का फाउल करेंगे, तो बैन को तुरंत लागू कर दिया जाएगा। फीफा ने अचानक कैसे बदल दिया नियम? फीफा के अचानकर फैसला बदलने की वजह से सोशल मीडिया पर इसकी जमकर आलोचना हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि फीफा ने किस नियम के तहत बैन को हटाया है। दरअसल, फीफा ने आर्टिकल 27 का इस्तेमाल कर बालोगुन के बैन को हटाया है। ये आर्टिकल फीफा को अधिकार देता है कि वो किसी खिलाड़ी के बैन को पूरी तरह से खत्म कर सकता है या फिर आंशिक रूप से खत्म कर दे। बालोगुन के लिए इसी नियम का इस्तेमाल किया गया और अगर वे अगले एक सालों कोई इस तरह का फाउल करते हैं, तो उनके ऊपर दोबारा से ये प्रतिबंध लागू कर दिए जाएंगे। डोनल्ड ट्रंप की कैसे हुई एंट्री? प्रतिबंध हटने के बाद ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की एक रिपोर्ट सामने आई। इसमें दावा किया गया कि बालोगुन पर बैन लगने के बाद बुधवार से लेकर रविवार के बीच ट्रंप ने फीफा के अधिकारियों को तीन बार फोन किया। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बैन हटने के बाद ट्रंप ने फीफा के इस कदम को सही बताया और इसका स्वागत किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी कि फीफा ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दबाव में आकर ऐसा फैसला किया है।  

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल डेका का बड़ा संदेश, कहा- रोबोटिक्स और AI बनें मानव सेवा का माध्यम

रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में रोबोटिक्स लैबोरेट्री का लोकार्पण किया। इस लैबोरेट्री की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेछानुदान मद से राशि प्रदान की गई है । इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता, रोबोटिक्स जैसे तकनीक हमारे जीवन को आसान बनाते है। लेकिन आधुनिक तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग मानव जीवन के कल्याण और समाज के विकास के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान केवल  उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों से नहीं होती, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों से होती है जो ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दें।  प्रणवानंद अकादमी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण को भी समान महत्व देती है यह प्रसन्नता का विषय है। राज्यपाल ने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकें विश्व को नई दिशा दे रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात करना चाहिए। कोई भी नया आविष्कार या नवाचार मानवता के हित में होना चाहिए। मानव पर खुद का नियंत्रण होना चाहिए न कि कोई तकनीक उसे नियंत्रित करे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में संतोष का विशेष महत्व है। हमें जो प्राप्त है, उसमें प्रसन्न रहना सीखना चाहिए तथा कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन गिरने के बाद फिर से उठना और आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है। उन्होंने कहा कि समाज ने हमें क्या दिया, यह सोचने के बजाय हमें यह विचार करना चाहिए कि हम समाज को क्या दे सकते हैं। समाज के प्रति सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और पड़ोसियों के प्रति आत्मीयता की भावना हमारे जीवन में आनंद लाता है। कार्यक्रम में अकादमी के अध्यक्ष स्वामी शिवरूपानंद ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्राचार्य नीति यदुवंशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

प्रदेश के किसानों और मछुआरा समुदाय को मिलेगा प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के किसानों और मछुआरा समुदाय को मिलेगा प्रोत्साहन कुवैत की मत्स्य कंपनी ने किया 7,430 करोड़ रूपए का एग्रीमेंट प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रूपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित35 हजार रोजगार होंगे सृजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत हुआ एग्रीमेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित या बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में तालाबों और जलाशयों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। प्रदेश के मछुआरा समुदाय के लोग मछली पालन जरिए ही अपनी आजीविका चलाते हैं। इन सबकी बेहतरी के लिए मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय विस्तार दिया जा रहा है। आज कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच हुआ एग्रीमेंट प्रदेश में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी- ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच, प्रदेश में 7 हजार 430 करोड़ रुपए के निवेश और बाय बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। यह एग्रीमेंट मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एग्रीमेंट पर हुए हस्ताक्षर के बाद यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा कुवैत फिश ट्रेड यूनियन के निदेशक मंडल के अध्यक्ष फारेस बौकम्माज़ उपस्थित थे। मध्यप्रदेश में है मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन विकास के लिए पर्याप्त जलसंरचनाओं के भंडार हैं। इससे देश की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि और खाद्यान्न के विकास को लेकर मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। कुवैत हमारा मित्र देश है, प्रदेश में विदेशी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण के साथ तेजी से कार्य कर रही है, अब इसके सुखद परिणाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। भविष्य में मध्यप्रदेश मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा। एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स का भी होगा उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट के दौरान जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत राज्य में आधुनिक निर्यातोन्मुखी एवं मूल्य संवर्धन मत्स्य उद्योग के विकास के लिए निजी एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने का प्रावधान है। अनुबंध के अंतर्गत 7 हजार 430 करोड़ रूपए के अनुमानित निवेश से इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में केज कल्चर सहित बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। केज कल्चर के जरिये लगभग 4 लाख टन का अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन अपेक्षित है। इसके साथ ही एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स आदि का भी उत्पादन होगा। प्रदेश में हो रही इस नई पहल से 15 हजार प्रत्यक्ष और 20 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रुपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य है। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के मछुआरे विशेष रूप से लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाएगा यह अनुबंध यह अनुबंध मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाने की दिशा में एक प्रयास है। ज़बैदी अल-कुवैत फिशरीज़ कंपनी का 10 से अधिक देशों में प्रीमियम क्वालिटी फूड, डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद, मसाले आदि में व्यापारिक नेटवर्क है। कामदार्स केयर, इंदौर एक क्लस्टर-बेस्ट व्यापारिक संगठन है। यह समूह किसान उत्पाद संगठनों के गठन और उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करता है। इसे स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत भी मान्यता प्राप्त है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास स्वतंत्र कुमार सिंह तथा विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञगण और कुवैत के पब्लिक अथॉरिटी फॉर एग्रीकल्चर अफेयर्स एंड फिश रिसोर्सेज के उप महानिदेशक नासिर अल-अमीर, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के सलाहकार अशरफ हुसैन, संचालक कामदार्स केयर संजय पाटीदार भी उपस्थित थे।  

CM योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज से संदेश, कहा- श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत, सनातन हमारी पहचान

 लखनऊ एक तरफ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक जारी है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं।  उन्होंने कहा कि राम का मतलब राष्ट्र है. वह भारत की आत्मा के स्रोत हैं. सीएम योगी ने कहा कि आज जो भव्य अयोध्या और श्रीराम मंदिर देश देख रहा है, वह अशोक सिंघल के संकल्प और सपने का परिणाम है. 1980 और 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान पूरे देश में एक ही नारा गूंजता था- रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।  सीएम योगी ने कहा कि उस समय एक और नारा युवाओं में जोश भरता था कि मंदिर के काम न आए, ये जवानी बेकार है. उन्होंने कहा कि उस दौर के युवाओं ने अशोक सिंघल के नेतृत्व में पूरे देश में राम मंदिर आंदोलन का शंखनाद किया. राम मंदिर आंदोलन ने राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौका एकता रेस को झंडी दिखाई  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे प्रयागराज पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व जनपद के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी हैं। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर संगम के पास परेड मैदान में उतरा। परेड मैदान से मुख्यमंत्री का काफिला यमुना बैंक रोड स्थित नवनिर्मित प्रेरणा पार्क पहुंचे। वहां जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तथा विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाई। वह जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से वह प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ व कौशांबी में कराए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री शाम लगभग छह बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे।  

EC ने जारी किया कार्यक्रम, WB की 3 राज्यसभा सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव; इस्तीफों के बाद खाली हुई थीं सीटें

कोलकाता पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन खाली सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है. ये सीटें सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं।  इन तीनों सीटों पर 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान होगा. ये उपचुनाव राज्यसभा की तीन आकस्मिक सीटों को भरने के लिए कराए जाएंगे।  कब हुआ था इस्तीफा? तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सुखेंदु शेखर रॉय ने सबसे पहले 8 जून को राज्यसभा की सदस्यता और टीएमसी, दोनों से इस्तीफा दिया था. अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी में कथित भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठाए. उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जबकि विवादों में रहे लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है।  इसके दो दिन बाद, 10 जून को सुष्मिता देव ने भी टीएमसी छोड़ने का ऐलान कर दिया. इस्तीफा देने के तुरंत बाद उन्होंने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गईं कि वह बीजेपी का दामन थाम सकती हैं और पार्टी उन्हें असम से राज्यसभा भेज सकती है।  भाजपा की झोली में जा सकती है तीनों सीट तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसदों ने कुछ दिनों पहले ही अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. चुनाव आयोग ने बताया है कि 24 जुलाई को इन तीनों सीटों के लिए चुनाव होंगे और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे. इस बात की पूरी उम्मीद है कि जिन तीन सांसदों ने इस्तीफा दिया उन्हीं को अब भारतीय जनता पार्टी अपना उम्मीदवार बना सकती है और अपने विधायकों की संख्या के आधार पर उसके तीनों उम्मीदवार आसानी से जीत भी सकते हैं।  तीनों पूर्व सांसदों को उम्मीदवार बनाने की चर्चा इस्तीफा देने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक के नाम शामिल हैं. अभी तक ये तीनों नेता बीजेपी में शामिल तो नहीं हुए हैं, लेकिन इस्तीफा देने के तुरंत बाद से ही ये नेता बीजेपी नेताओं से मिलते नजर आए हैं. ये लोग खुलकर बीजेपी की तारीफ भी करने लगे हैं. इनमें से सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बड़ाईक वाली सीटों का कार्यकाल मार्च 2029 और सुष्मिता देव वाली सीट का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है. इन तीनों ने जून के महीने में अपनी सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ ही टीएमसी का साथ भी छोड़ दिया था।  अकेले दम पर 117 के आंकड़े तक पहुंचेगी बीजेपी  सुष्मिता और प्रकाश दोनों ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. संभावना है कि दोनों को ही बीजेपी अपना कैंडिडेट बनाए. तीन जीतों के बाद बीजेपी की राज्यसभा में संख्या बढ़कर 117 हो जाएगी।  मॉनसून सत्र में कई महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है सरकार. पश्चिम बंगाल में तीनों सीटों पर जीत के बाद राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत के नजदीक पहुंच जाएगी एनडीए. वहीं, बीजेपी के इतिहास में राज्यसभा में यह सर्वाधिक संख्या होगी. बीजेपी अपने बूते ही राज्य सभा में सामान्य बहुमत के नजदीक पहुंच जाएगी. गौरतलब है कि पिछले चालीस साल में किसी भी दल को राज्यसभा में अपने बूते बहुमत नहीं मिला है. पूर्व पीएम राजीव गांधी के कार्यकाल में कांग्रेस को इससे पहले थी राज्य सभा में सबसे अधिक सीटें थीं।  चुनाव आयोग 7 जुलाई को राज्यसभा उपचुनाव का नोटिफिकेशन जारी करेगा. नामांकन करने की अंतिम तारीख 14 जुलाई होगी. नामांकन पत्रों की जांच 15 जुलाई को होगी. 17 जुलाई तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा. 24 जुलाई को वोटिंग होगी. सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी. 25 जुलाई को ही शाम 5 बजे काउंटिंग होगी. 27 जुलाई तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। 

डॉ. मुखर्जी के एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान के संकल्प को साकार करने का है प्रयास

राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में है अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी के एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान के संकल्प को साकार करने का है प्रयास डॉ. मुखर्जी की जयंती पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की हो रही है शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पूरे सम्मान के साथ मनाई जा रही है। डॉ. मुखर्जी के 'एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने विश्व में बनाई विशेष पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए विश्व में विशेष पहचान बनाई है। डॉ. मुखर्जी ने देश और समाज के सर्वांगीण विकास की कल्पना की। राज्य सरकार ने डॉ. मुखर्जी की जयंती के अवसर पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी गरीब, जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस दिशा में रोजगार के अवसर सृजित होने से हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो पा रहा है। हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशानुसार बना दिल्ली में बना भारत मंडपम हमारे लिए एक आदर्श उदाहरण है। डॉ. मुखर्जी की जयंती पर आज भोपाल के सतगढ़ी में मध्यप्रदेश के सबसे बडे कन्वेंशन सेंटर और सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखी जा रही है। राज्य सरकार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर तैयार कर रही है, जिसकी क्षमता 5 हजार सीट्स की रहेगी। सतगढ़ी में बनने वाले नए विशाल कन्वेंशन सेंटर में 10 हजार से अधिक व्यक्तियों की व्यवस्था है। भोपाल सबसे समृद्ध और सशक्त राजधानी बनने जा रहा है। हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है। अब मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे, रक्षा क्षेत्र के उपकरण, मिसाइल और हथियार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। अब रक्षा क्षेत्र के कई उपकरण, मिसाइल और हथियार मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे। चंबल की धरती सालों से मां भारती की सेवा करने वाले वीर सैनिकों की भूमि रही है। अब यहां आधुनिक हथियार भी तैयार किए जाएंगे। यह मिसाइल एक हजार किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने की क्षमता वाली होंगी। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, रवीन्द्र यति, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राजस्थान में सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर सरकार का बड़ा फोकस

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने प्रदेश के 4 प्रमुख पार्कों का नाम उनके नाम पर करने और उनके आदर्शों को समर्पित स्मारक स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों पर चलने की अपील की. चार शहरों में चार पार्कों के नाम बदले सीएम ने कहा कि जयपुर स्थित वुडलैंड पार्क, जोधपुर के विवेक विहार स्थित सेंट्रल पार्क, कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित पार्क तथा उदयपुर की सेक्टर-12 योजना स्थित पार्क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा. साथ ही, इन सभी स्थानों पर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को प्रदर्शित करने वाले स्मारक भी स्थापित किए जाएंगे.       महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी हम सभी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। श्यामा प्रसाद के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा क‍ि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ एकता, अखंडता और जनसेवा के लिए समर्पित रहा. उनके विचार, त्याग और राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. ऐसे में यह पहल भावी पीढ़ियों को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से प्रेरणा देने का एक विनम्र प्रयास है. सीएम ने प्रदेश के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वे उनके आदर्शों और संकल्पों को आत्मसात करते हुए विकसित भारत और विकसित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं. इन 4 पार्कों के नाम श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी     जयपुर का 'वुडलैंड पार्क'       जोधपुर के विवेक विहार कॉलोनी में स्थित लोकप्रिय 'सेंट्रल पार्क'       कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित प्रमुख पार्क     उदयपुर की सेक्टर-12 योजना के तहत बने बड़े पार्क को इस सूची में शामिल किया गया है.

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम ने सड़क और पार्क नामकरण का ऐलान किया

पटना आने वाले दिनों में बिहार में अगर किसी सड़क का नाम श्याम प्रसाद मुखर्जी मार्ग हो तो आपको चौंकने की जरुरत बिल्कुल नहीं है। दरअसल बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बिहार में सड़कों के नामकरण का ऐलान किया है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अपने आधिकारिक ऐक्स हैंडल पर एक बेहद ही खास ऐलान भी किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अखण्ड भारत के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले युगपुरुष, भारत सरकार के पूर्व मंत्री डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के नाम पर जिला मुख्यालयों में महत्वपूर्ण पार्क/सड़क का निर्माण एवं नामकरण किया जाएगा। इससे पहले एक अन्य ट्वीट में सीएम ने लिखा, 'राष्ट्रीय एकता के धरातल पर ही सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है। – डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी। एक मजबूत और एकजुट भारत निर्माण के दृढ़ निश्चयी, मानवता के उपासक, जनसंघ के संस्थापक, हमारे प्रेरणा पुंज परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें कोटिश नमन!' PM मोदी ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोमवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने डॉ मुखर्जी को भारत के प्रमुख राष्ट्र-निर्माताओं में से एक बताया एवं कहा कि शिक्षा, उद्योग, मानवीय सेवा और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान देश को विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मैं भारत के सबसे असाधारण राष्ट्र-निर्माताओं में से एक को नमन करता हूं, जिनका जीवन विद्वता, साहस एवं राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरित रहा। उन्होंने खुद को भारत की एकता, सम्मान और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।' डॉ मुखर्जी की बहुआयामी विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शिक्षा, शासन एवं औद्योगिक विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘डॉ. मुखर्जी का कई क्षेत्रों में योगदान रहा। वह एक बेहतरीन विचारक एवं शिक्षाविद् थे जिन्होंने नवाचार और भविष्य की आवश्यकता के हिसाब से सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का समर्थन किया। उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने औद्योगिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि पारंपरिक क्षेत्र और लोगों की आजीविका फलती-फूलती रहे। बंगाल के अकाल के दौरान उनके मानवीय प्रयासों से मुसीबत में घिरे लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना झलकती थी। सबसे बढ़कर, भारत की एकता एवं अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बनी हुई है।’