samacharsecretary.com

रेलवे दोहरीकरण कार्य का असर: कई प्रमुख ट्रेनें डायवर्ट, सुवंसा स्टेशन पर बढ़ाया गया इंटरसिटी का ठहराव

लखनऊ गर्मी की छुट्टी में रेल यात्रियों की आफत थोड़ी बढ़ गई है। उत्तर रेलवे के गौरा-सुवंसा-जंघई रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य के चलते रेलवे ने 23 से 30 जून तक अर्चना और नीलांचल एक्सप्रेस समेत नौ प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी का सुवंसा स्टेशन पर अस्थाई ठहराव बढ़ाया गया है। सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने यात्रियों से सफर पर निकलने से पहले हेल्पलाइन नंबर 139 पर स्थिति जांचने की अपील की है। मार्ग परिवर्तन के तहत लखनऊ-वाराणसी (24204), अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल (13006), जम्मूतवी-पटना अर्चना एक्सप्रेस (12356) और नई दिल्ली-वाराणसी विशेष गाड़ी (04210) लखनऊ-सुलतानपुर-जफराबाद-वाराणसी मार्ग से चलेंगी, जिससे रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ जैसे स्टेशनों पर इनका ठहराव नहीं होगा। दूसरी तरफ, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल (13005), पटना-जम्मूतवी अर्चना एक्सप्रेस (12355) और पुरी-आनंद विहार नीलांचल एक्सप्रेस (12875) वाराणसी-जफराबाद-सुलतानपुर-लखनऊ मार्ग से डायवर्ट रहेंगी। बनारस-देहरादून एक्सप्रेस (15119) 23 से 27 जून तक जंघई-फाफामऊ और 28 से 30 जून तक प्रयागराज के रास्ते चलाई जाएगी, जबकि फिरोजपुर-पटना साहिब गाड़ी (04616) 23 जून को उतरेठिया-सुलतानपुर होकर निकलेगी। बनारस इंटरसिटी का ठहराव सुवंसा पर रेलवे के अनुसार 26 से 30 जून तक बादशाहपुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म न होने से 15108 लखनऊ-बनारस इंटरसिटी, 15107 बनारस-लखनऊ इंटरसिटी और 24203 वाराणसी-लखनऊ एक्सप्रेस का ठहराव सुवंसा स्टेशन पर 2 मिनट के लिए दिया जाएगा। जंघई पर ठहराव यथावत रहेगा। 29 मिनट में ट्रेन पलटाने की साजिश का रहस्य छुपा लखनऊ, संवाददाता। दिलकुशा के पास रेलवे पटरी पर लोहे का एंगल रखकर पंजाब मेल ट्रेन को पलटाने की साजिश का रहस्य 29 मिनट में छिपा। पुलिस, एजेंसियां, जीआरपी और आरपीएफ की विशेष टीमें इस दो ट्रेनों के बीच के इस अंतराल में ट्रैक पर हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। इस दौरान ट्रैक पर कौन गया? वह किधर से आया? कितने लोग थे? टीमें तफ्तीश कर रही हैं। एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा के मुताबिक शुक्रवार दोपहर एक ट्रेन ट्रैक से 1:36 बजे निकली। उस समय ट्रैक पर लोहे का एंगल नहीं था। दूसरी पंजाब मेल 2:05 बजे निकली। उस समय ट्रैक पर एंगल रखा था। चालक ने काफी हद तक हादसा रोकने की कोशिश की पर आखिर में इंजन में एंगल फंस गया था। लोहे का एंगल करीब 50 किलो वजन का था। जिसे उठाने में करीब तीन से चार लोग लगे होंगे। एसीपी कैंट ज्ञानेंद्र सिंह निर्देशन में थाने की टीम के अलावा, जीआरपी, रेलवे, खुफिया एजेंसियां घटनास्थल को जाने वाले मार्ग पर लगे सीसी कैमरे खंगाल रही हैं।

5.87 लाख परिवारों को मिला आशियाना, सर्वे में सामने आया मुख्यमंत्री आवास योजना का सकारात्मक प्रभाव

 लखनऊ  शासन के मूल्यांकन प्रभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के मध्य कराए गए सर्वेक्षण में मुख्यमंत्री आवास योजना के सकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं। सर्वे में दावा किया गया है कि पक्का मकान मिलने के बाद सबसे बड़ा बदलाव सुरक्षा के स्तर पर आया है। 84 प्रतिशत लाभार्थियों ने बताया कि अब उन्हें सर्दी, गर्मी और बारिश जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों से बेहतर सुरक्षा मिल रही है। जबकि 77 प्रतिशत परिवारों ने रहन-सहन और जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार की बात कही। प्रदेश सरकार ने फरवरी 2018 में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत की थी। इसके तहत प्राकृतिक आपदा, कालाजार, वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार, बैगा वर्ग, जेई-एईएस प्रभावित, कुष्ठ रोग प्रभावित परिवारों व प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाता है। पात्रों में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाओं व अनुसूचित जनजातियों को भी शामिल किया गया है। योजना में अब तक 5.87 लाख से अधिक आश्रयहीन ग्रामीण परिवारों को आवास आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें 1.30 लाख दिव्यांगजन व 72 हजार से अधिक निराश्रित विधवाएं भी शामिल हैं। मूल्यांकन प्रभाग की रिपोर्ट के अनुसार सर्वेक्षण में शामिल 1464 परिवारों में से 1457 परिवारों ने माना कि पक्का घर मिलने के बाद उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। आवास मिलने से लोगों के आत्मसम्मान में भी वृद्धि हुई है। 71 प्रतिशत लाभार्थियों ने माना कि पक्का घर मिलने से समाज में उनका सम्मान बढ़ा है और उन्हें सामाजिक बराबरी का अनुभव हो रहा है। ॉसर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि 68 प्रतिशत लाभार्थियों को पहले घरों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के खतरा रहता था, जिससे अब उन्हें राहत मिली है। वहीं 27 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि आवास मिलने के बाद बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है। सर्वेक्षण को लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अब केवल मकान निर्माण की योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह गरीब परिवारों के जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का मजबूत आधार बन चुकी है। पक्की छत ने लाखों परिवारों के जीवन में आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा का नया अध्याय जोड़ा है।

प्रदूषण पर सख्ती: NCR में BS-1, BS-2 और BS-3 गाड़ियां चरणबद्ध तरीके से होंगी बंद

नई दिल्ली दिल्ली-NCR के इलाकों में चार नए ग्रीनफील्ड शहर बसाने की तैयारी है, वहीं प्रदूषण कम करने के लिए पुरानी गाड़ियों पर बड़ी कार्रवाई होगी। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की मीटिंग में कई अहम फैसलों पर सहमति बनी है। 'नमो' शहर से बनने वाले ग्रीनफील्ड (ऐसी खाली या अविकसित जमीन, जिस पर पहले निर्माण कार्य न हुआ हो) शहरों को NCR योजना-2041 के तहत विकसित किया जाएगा। 5,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए राज्यों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। दिल्ली (बाहरी) में 'सब सिटी' बनाने की भविष्य योजना है। ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए नमो भारत रेल और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। प्रस्ताव है कि एनसीआर में शामिल हर राज्य के चार प्रमुख शहरों को नमो भारत परियोजना से जोड़ा जाए। इसके लिए भी लगभग 5,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि मौजूदा फॉरेस्ट एरियाज से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। BS-3 तक की गाड़ियां सड़कों से हटेंगी बैठक में पॉल्यूशन कंट्रोल को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। एनसीआर में BS-1, BS-2 और BS-3 मानक वाली गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने की तैयारी है। इन्हें स्क्रैपिंग के लिए भेजा जाएगा। सरकार का तर्क है कि 40% प्रदूषण पुरानी गाड़ियों से है। इसी वजह से एनसीआर में BS-6 मानक वाले गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है।

श्रेयस 3000 रन और ईशान 1000 रन के करीब, दूसरे वनडे में कई रिकॉर्ड दांव पर

लखनऊ भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज लखनऊ में खेला जाएगा। यह मैच दोपहर 1:30 बजे से इकाना इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू होगा। टीम इंडिया पहला मैच जीतकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है और इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी। श्रेयस 3 हजार रन पूरे करने से 11 रन दूर इस मैच में श्रेयस अय्यर अपने 3000 वनडे रन पूरे करने से 11 रन दूर हैं। वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज को 2000 रन पूरे करने के लिए 10 रन और ईशान किशन को 1000 वनडे रन पूरे करने के लिए 33 रनों की जरूरत है। भारत-अफगानिस्तान में 5 वनडे, भारत 4 जीता भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 5 वनडे मैच खेले गए हैं। भारत ने 4 मुकाबले जीते हैं, जबकि 1 मैच टाई रहा है। अफगानिस्तान अभी तक भारत के खिलाफ वनडे में जीत दर्ज नहीं कर सका है। दोनों टीमों के बीच पहला वनडे धर्मशाला में खेला गया था। इसमें भारत को 7 विकेट से जीत मिली थी। गिल ने पहले वनडे में नाबाद 84 रन बनाए जनवरी 2025 के बाद भारत के लिए बल्लेबाजी में रोहित शर्मा और गेंदबाजी में कुलदीप यादव का प्रदर्शन शानदार रहा है। रोहित ने 18 मैचों में 727 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, कुलदीप ने 14 मैचों में 22 विकेट झटके हैं। भारत के लिए डेब्यू मैच में गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने 3-3 विकेट लेकर प्रभावित किया। कप्तान शुभमन गिल (84*) और केएल राहुल (39*) अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे। पिछले मैच में गुरबाज ने शतक लगाया था पिछले साल जनवरी के बाद अफगानिस्तान के लिए इब्राहिम जादरान टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 7 मैचों में 430 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि जादरान पहले वनडे में 1 रन ही बना सके थे। गेंदबाजी में अजमतुल्लाह उमरजई ने 7 मैचों में 14 विकेट चटकाए हैं। उमरजई को पहले मैच में एक भी विकेट नहीं मिला था। वहीं, टीम के ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज (102) ने शतक लगाया था। लखनऊ के मौसम और पिच का हाल धर्मशाला में हुए पहले वनडे मैच में बारिश ने खलल डाला था, जिसके कारण मैच को घटाकर 25-25 ओवर का करना पड़ा था। हालांकि, लखनऊ में बुधवार को बारिश की कोई संभावना नहीं है। आज यहां दोपहर के समय तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जो रात में गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। इकाना स्टेडियम की यह पिच मिक्स्ड-सॉइल (मिश्रित मिट्टी) की होगी, जहां टॉस का कोई खास फायदा नहीं मिलने वाला है। टीम इंडिया में बदलाव की संभावना भारतीय टीम के स्पिन-बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में संकेत दिए कि वे बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करने के मूड में नहीं हैं। हालांकि, गेंदबाजी विभाग में जरूरत पड़ने पर रिस्टस्पिनर कुलदीप यादव को किसी एक तेज गेंदबाज की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव/हर्ष दुबे, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार। अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, जिया-उर-रहमान।

नार्को-टेरर नेटवर्क पर प्रहार, लश्कर के हैंडलर अंकुश कपूर की संपत्ति जब्त; NIA की बड़ी कार्रवाई

अमृतसर. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) ने मंगलवार को अमृतसर स्थित होली सिटी के फेज एक में कोठी नंबर 33 को जब्त कर लिया है। यह घर आतंकी संगठन लश्कर-ए- तैयबा (पंजाब) में एक घर के एक अंकुश नाम के हैंडलर से जुड़ा है। पता चला है कि अंकुश इस समय जेल में बंद है और वह कई देशों में फैले हुए इंटरनेशनल नार्को-टेरर नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा था। आरोप है कि यह संपत्ति आतंकी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की कमाई से अर्जित की गई हैं। एनआइए ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यह संपत्ति गिरफ्तार किेए जा चुके अंकुश कपूर के पिता के नाम पर है। अंकुश के इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, यूएई और पाकिस्तान जैसे देशों में फैले नार्को-टेरर नेटवर्क का भारत में एक अहम हैंडलर था। एनआइए की जांच में पता चला था कि अंकुश के दुबई में रहने वाले एक बड़े हैंडलर से रिश्ते हैं। वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और कई जम्मू कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। एनआइए ने अंकुश को नशीले पदार्थों की तस्करी, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन के षड़यंत्र रचने में काबू किया था। आरोप है कि वह अलग-अलग देशों में मौजूद आरोपितों को आतंकवाद से हुई कमाई (फंड) पहुंचाने का काम भी करता था। जांच में यह भी पता चला कि नशीले पदार्थों की तस्करी से कमाई का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में कर रहा है।

रेत कारोबार को लेकर खूनी संघर्ष, फॉर्च्यूनर में सवार शख्स की जलकर मौत; 4 संदिग्ध पकड़े गए

कोरिया. रेत का विवाद जिले में मरने-मारने में तब्दील हो चुका है. बीती रात जिले के सोनहत तहसील अंतर्गत ग्राम कटगोड़ी में हुई दिल दहला देने वाली घटना में फॉर्च्यूनर गाड़ी को आरोपियों ने पहले टिपर से मारकर क्षतिग्रस्त किया, फिर आग लगा दी. घटना में गाड़ी में सवार भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं तीन अन्य सवार घायल हो गए. आरोपी हिरासत में लिए गए हैं. जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार रात 11 बजे की है. भरत सिंह अपने साथियों के साथ जैसे ही नवगई गांव पहुंचे आरोपियों ने पहले टिपर से फॉर्च्यूनर को कई बार टक्कर मारी, इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. क्षतिग्रस्त वाहन के दरवाजे जाम होने की वजह से शीशा तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे सवारों से आरोपियों ने मारपीट भी की. घटना में जहां फॉर्च्यूनर में सवार भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में जारी है. घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे. पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी शामिल हैं. बाकी तीन फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है. मौके पर पहुंचे बैंकुठपुर विधायक बताया जा रहा है कि मामले में मरने वाले भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह आरोपी मनोज त्रिपाठी के बीच रेत उत्खनन को लेकर विवाद था. लल्ला सिंह आरोपी मनोज त्रिपाठी 3 अन्य लोगों के साथ मंगलवार की दोपहर आपसी झड़प भी हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई थी. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया जवाब कोरिया जिले में घटित घटना को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि घटना की पूरी जांच होगी. घटना में जो तथ्य आयेंगे उसके आधार पर कार्रवाई होगी. साव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश का अपराधीकरण किया. कांग्रेस घटना का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है.

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में विकास का महापर्व, CM साय आज देंगे 700 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गरियाबंद के क्षेत्रवासियों को 700 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देने वाले हैं. मुख्यमंत्री बुधवार को आज सूरजपुर और गरियाबंद जिले के दौरे पर रहेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक वह सुबह 11 बजे रायपुर से सूरजपुर के लिए रवाना होंगे. जहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष, पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे. कार्यक्रम के बाद दोपहर करीब एक बजे गरियाबंद के लिए प्रस्थान करेंगे. विधान सभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह की मौजूदगी में सीएम साय दोपहर करीब 3 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में 700 करोड़ के विकास कार्य का शिलान्यास लोकार्पण करेंगे. 4 बजे नव निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे. वहीं दर्रिपारा ग्राम में आयोजित आदिवासी समाज के कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. वहीं नव निर्मित कचना ध्रुवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण करेंगे.

No Hug, Only Handshake! मोदी-ट्रंप की मुलाकात ने बटोरी सुर्खियां, समझिए भारत का कूटनीतिक मैसेज

नई दिल्ली आखिरकार पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हो ही गई. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में अमेरिका में हुई थी. उस मुलाकात के 16 महीने बाद फ्रांस में G7 सम्मेलन के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संक्षिप्त मुलाकात हुई. इस मुलाकात में हैंडशेक भी हुआ, बातचीत भी हुई लेकिन Hug नहीं हुआ. यानी दोनों नेताओं के बीच पहले की तरह गर्मजोशी वाला हग नहीं दिखा. हैंडशेक और हग (गले लगना) के बीच पिछले 16 महीने के भारत और अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर संबंधों में आई खटास शायद सामने थी।  जी-7 के आउटरीच सत्र में जाने से पहले ग्रुप फोटो के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप के बीच में सिर्फ फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रो खड़े थे लेकिन ग्रुप फोटो के दौरान दोनों नेता दो मिनट से अधिक वक्त तक एक दूसरे के आसपास रहे. हालांकि, न तो दोनों के बीच आई कॉन्टैक्ट हुआ और न ही दोनों एक दूसरे के तरफ बढ़ते हुए दिखे जबकि इस दौरान दोनों नेताओं की बाकी कई नेताओं के साथ बातचीत हुई।  पीएम मोदी के मन में क्या चल रहा था प्रधानमंत्री मोदी का रुख बहुत ही संतुलित दिखा और ट्रंप से मिलने की कोई बहुत उत्सुकता उन्होंने नहीं दिखाई. शायद पीएम के मन में हाल में अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत से लेकर ट्रेड टैरिफ, भारत पाकिस्तान मध्यस्थता के दावे और दूसरे वो तमाम विषय रहे होंगे, जिससे भारत और अमेरिका के संबंध पिछले 20 वर्षों में सबसे कमजोर दौर से गुजरे हैं. पीएम मोदी ने इशारों में ट्रंप को मैसेज दे दिया।  कैसे दोनों की हुई मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी के G7 आउटरीच सत्र की शुरुआत से पहले के ग्रुप फोटो के दौरान दोनों नेताओं के बीच में कोई मुलाकात नहीं हुई. दोनों नेता जब आउटरीच सत्र में पहुंचे तो ट्रंप अपनी जगह ले चुके थे. दूसरी तरफ से अपनी सीट पर मोदी आ रहे थे. क्योंकि ट्रंप और मोदी का सत्र में बैठने का स्थान अगल बगल ही था, इसलिए पीएम मोदी की नजर ट्रंप पर पड़ी और दोनों के बीच हैंडशेक हुआ और संक्षिप्त बातचीत हुई. बातचीत कुछ ऐसी थी कि ट्रंप ने पीएम मोदी की बाजू थपथपाई…लेकिन दोनों की मुलाकात हैंडशेक और संक्षिप्त बातचीत तक ही रही।  मोदी ने पब्लिकली बर्थडे विश भी नहीं किया अभी तीन दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने 14 जून को अपना 80वा जन्मदिन मनाया था. इस दौरान दुनिया के कई देशों के नेताओं ने ट्रंप को शुभकामनाएं भेजी लेकिन पीएम मोदी की तरफ से कोई सार्वजनिक बधाई संदेश सामने नहीं आया. खासकर ऐसी पृष्ठभूमि में जब पीएम मोदी के 75 साल पूरे होने और भारत में निर्वाचित पीएम का रिकॉर्ड बनाने पर ट्रंप ने मोदी को शुभकामनाएं दी थी।  पीएम मोदी स्टार्मर से मिले गले, ट्रंप से सिर्फ हैंडशेक जी-7 शिखर सम्मेलन में पहुंचते ही मैक्रों ने पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम किया. इसके बाद वो मीटिंग हॉल में पहुंचे, दुनिया भर के बड़े-बड़े नेताओं से खचाखच भरे हॉल में पीएम मोदी और ट्रंप की सीट अगल-बगल थी. जिस पर बैठने से पहले औपचारिक तौर पर पीएम मोदी और ट्रंप ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया, दोनों के बीच थोड़ी-बहुत बातचीत हुई. हालांकि, ये बातचीत काफी फॉर्मल दिखाई दी. दोनों पहले की तरह एक-दूसरे से गले नहीं मिले।  इसके बाद जब जी7 फैमिली फोटो के लिए सभी नेता लॉन में गए तो ऐसा मालूम हुआ कि पीएम मोदी ने ट्रंप से दूरी बना ली है. फ्रंट लाइन में एक तरफ ट्रंप और दूसरी तरफ पीएम मोदी नजर आए और दोनों के बीच में मैक्रों खड़े हुए. इस फोटो सेशन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पीएम मोदी से गले मिले, कई और नेता हाथ मिलाते, बात करते दिखे लेकिन ट्रंप से दूरी बनी रही।  मोदी के नो हग का मैसेज हालांकि, पिछले 16 महीने में दोनों नेताओं की फोन पर कई बार बात हुई है लेकिन भारत और पीएम मोदी ने ट्रंप और अमेरिका से अपनी कूटनीति को संतुलित रखा है. ट्रंप और मोदी की मंगलवार की द्विपक्षीय बातचीत से पहले मोदी ने कूटनीति को हैंडेशक तक ही ही सीमित रखकर शायद ये बताने की कोशिश की हो कि हैंडशेक से Hug तक पहुंचने में अब ट्रंप और अमेरिका को भारत की बहुत सारी भावनाओं का ध्यान रखना होगा. तब तक हेंडेशेक से ही काम चलेगा।  पीएम मोदी ने उन्‍हीं की भाषा में समझाया कैसे न‍िभाते हैं र‍िश्ते कहते हैं क‍ि क‍िसी को कोई बात समझ न आए, तो उसे उसकी भाषा में समझाना चाह‍िए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल्‍कुल वही क‍िया. ज‍िस रोनाल्‍ड रीगन को डोनाल्‍ड ट्रंप अपना आइकॉन मानते हैं, ज‍िनका नारा Make America Great Again चुराकर वे सत्‍ता में आए हैं, उन्‍हीं की भाषा में पीएम मोदी ने समझाया क‍ि जो दुन‍ियाभर में जो आप कर रहे हैं, वो ठीक नहीं है. भारत का उदाहरण देकर बताया क‍ि दूसरे देशों के साथ र‍िश्ते कैसे न‍िभाते हैं।  मौका G7 सम‍िट का था. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ही ‘भरोसे में कमी’ से की. उन्‍होंने कहा- आज दुन‍िया इंटरकनेक्‍टेड है. एक दूसरे पर ड‍िपेंडेंट है. ऐसे में पार्टनरश‍िप का महत्‍व बढ़ जाता है. लेकिन ऐसी पार्टनरश‍िप तभी सफल होती है, जब उनके केंद्र में व‍िश्वास हो. यह भरोसा हो क‍ि सप्‍लाई चेन का इस्‍तेमाल हथ‍ियार के रूप में नहीं होगा. इसके बाद पीएम मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन का उदाहरण द‍िया. उन्‍होंने कहा, रोनाल्‍ड रीगन कहते थे क‍ि Trust but Verify. यह आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है. भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप ट्रस्‍टेड रूल बेस्‍ड ऑर्डर का न‍िर्माण करें. यह उस ट्रंप को सीधा जवाब था, जो क‍िसी रूल बेस्‍ड ऑर्डर को नहीं मानते. सप्‍लाई चेन को हथ‍ियार बना रहे हैं. कभी टैर‍िफ लगा द‍िया तो कभी धमकी दी, तेल लोगो को ये कर देंगे, वो कर देंगे।  भारत का उदाहरण देकर समझाया पीएम मोदी ने भारत का उदाहरण देकर दोस्‍ती के मायने समझाए. मोदी ने कहा, भारत ने हमेशा विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है. हमारे सभी प्रयास सर्वजन हिताय, सर्वजन … Read more

बस्तर में नक्सलियों का काल बने सुंदरराज पी को मिली नई जिम्मेदारी, NIA में बने IG

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लंबे समय तक नक्सल विरोधी अभियानों को लीड करने वाले सीनियर आईपीएस अफसर सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया है. गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र जारी कर उनके प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) की जानकारी दी।  गृह मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सुंदरराज पी की नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद NIA में की गई है. मंत्रालय ने राज्य सरकार से उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने को कहा है, ताकि वे केंद्र में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें।  बस्तर में लंबे समय तक की है सर्विस 46 वर्षीय सुंदरराज पी को बस्तर क्षेत्र में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले आईपीएस अधिकारियों में गिना जाता है. उन्होंने नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर संभाग में करीब 12 वर्षों तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं. इनमें से लगभग सात वर्ष उन्होंने लगातार बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) या पुलिस प्रमुख के रूप में बिताए. बस्तर रेंज में दक्षिण छत्तीसगढ़ के सात जिले शामिल हैं, जो लंबे समय तक देश में नक्सल हिंसा के सबसे बड़े केंद्र माने जाते रहे हैं।  कई नक्सल विरोधी अभियानों की निगरानी की अपने कार्यकाल के दौरान सुंदरराज पी ने सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए कई बड़े नक्सल विरोधी अभियानों की निगरानी की. उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के बीच तालमेल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बस्तर में नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने और कई शीर्ष माओवादी नेताओं के खिलाफ सफल अभियानों में उनका योगदान अहम रहा।  पिछले कुछ वर्षों में जब भी सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता मिली या किसी अभियान में नुकसान हुआ, तब मीडिया से संवाद करने के लिए सुंदरराज पी ही प्रमुख चेहरा रहे. बस्तर में सुरक्षा स्थिति, अभियान और रणनीति से जुड़ी जानकारी अक्सर उन्हीं के माध्यम से साझा की जाती थी।  तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले हैं सुंदरराज पी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश से नक्सलवाद समाप्त करने के लिए 31 मार्च तक का लक्ष्य तय किया था. अधिकारियों का मानना है कि इस दिशा में बस्तर क्षेत्र में मिली सफलताओं में सुंदरराज पी के नेतृत्व और रणनीतिक भूमिका का बड़ा योगदान रहा है. इसी कारण उनकी सेवाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है।  पीटीआई से बातचीत में एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि गृह मंत्रालय ने सुंदरराज पी को NIA में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के लिए विशेष सिफारिश की है. अधिकारी के अनुसार, यह फैसला बस्तर में माओवादियों के खिलाफ अभियानों में उनके नेतृत्व, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य के प्रति सम्मान स्वरूप लिया गया है।  तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले सुंदरराज पी ने कृषि विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया. अब NIA में IG के रूप में उनकी नियुक्ति को नक्सल विरोधी अभियानों में उनके अनुभव और विशेषज्ञता की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के रूप में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि माओवादी नेटवर्क और आतंकी गतिविधियों से निपटने के उनके व्यापक अनुभव का लाभ अब देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी NIA को भी मिलेगा। 

पंजाब में गर्मी से मिलेगी राहत! 19 जून से बारिश और तेज हवाओं के आसार, मानसून की एंट्री में देरी संभव

चंडीगढ़  पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा 18 जून से सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है।  मौसम विभाग ने 19 जून से अगले चार दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार इस प्री-मानसून गतिविधि के चलते तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्री-मानसून बारिश है और मानसून के आगमन को लेकर अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। मानसून की रफ्तार धीमी, पंजाब में देरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद इसकी प्रगति बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी धीमी हो गई है। ऐसे में पंजाब में मानसून जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंच सकता है। पहले इसके 20 से 25 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही थी। 16 जिलों में अलर्ट, मंगलवार को गिरा पारा मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया। रूपनगर 37.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। बुधवार के लिए अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली, बठिंडा, मानसा समेत 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है।