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कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

रायपुर कैबिनेट मंत्री  लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल विश्व क्षय दिवस के अवसर पर को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोरबा जिले में 100 दिवसीय विशेष पहचान एवं उपचार अभियान का शुभारंभ आज  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अभियान के तहत  जिले में टीबी के संभावित मरीजों एवं उच्च जोखिम वाले समूहों की पहचान कर उनकी समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में टीबी को जड़ से समाप्त करने का अभियान स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सतत प्रयासों से प्रदेश में गांव से लेकर शहर तक टीबी  की रोकथाम एवं उपचार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं तथा मरीजों के लिए निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों के सहयोग से टीबी उन्मूलन की दिशा में सशक्त अभियान चलाया जा रहा है। “निक्षय निरामय मित्र” जैसी पहल के माध्यम से टीबी मरीजों की पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री  देवांगन ने बताया कि जिले में टीबी मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है और वर्तमान में 101 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर प्रयासों से जल्द ही कोरबा जिले को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाया जा सकेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि टीबी के लक्षणों की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर तुरंत जांच एवं उपचार कराएं। जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों में उपचार की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं।  देवांगन ने टीबी मरीजों के उपचार में परिवार, समाज एवं सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए सभी से सहयोग करने तथा टीबी मुक्त कोरबा बनाए रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस दौरान मंत्री  देवांगन ने कार्यक्रम में  उपस्थित सभी लोगो को टीबी मुक्त भारत बनाने हेतु योगदान देने का शपथ दिलाया। साथ ही जिले के टीबी मुक्त घोषित पंचायतों को प्रमाण पत्र एवं गांधी प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। टीबी उन्मूलन में योगदान देने वाले सार्वजनिक उपक्रम, समाजसेवी संस्थानों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 20 टीबी मरीजों को पोषण सहयोग प्रदान करने हेतु निक्षय किट का वितरण किया गया, जिससे उनके उपचार में सहायता मिल सके। इस अवसर पर निगम आयुक्त  आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ  दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर  देवेंद्र पटेल,  ओंकार यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस एन केसरी, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ बी आर रात्रे, लायन्स क्लब के अध्यक्ष  विक्रम अग्रवाल, एनजीओ प्रमुख, जनप्रतिनिधि सहित टीबी मुक्त पंचायतो के सरपंच, मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा: ईरान जंग से किन देशों की ऊर्जा सप्लाई पर संकट, भारत कितना सुरक्षित?

ईरान ईरान में अमेरिका और इजरायल की ओर से ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं। ईरान के तेल कुएं हों या फिर गैस फील्ड, सभी को अमेरिका और इजरायल ने टारगेट किया है। वहीं ईरान ने भी संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और बहरीन समेत कई ऐसे देशों पर हमले किए हैं, जहां से बड़ी संख्या में तेल और गैस की सप्लाई दुनिया भर में की जाती है। इस जंग ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बाधित किया है, जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल कारोबार होता है। इसके चलते भारत समेत कई देशों में तेल और गैस का संकट पैदा हो गया है। हालांकि अब भी भारत के मुकाबले कई ऐसे देश हैं, जहां इस संकट का असर ज्यादा दिख रहा है। इसकी वजह है कि भारत ने अपनी तेल की जरूरतों को डाइवर्सिफाई किया है। वहीं पाकिस्तान, जापान, थाइलैंड और कोरिया जैसे देशों को ज्यादा परेशानी है। एक रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी देशों से अपनी जरूरत का सबसे ज्यादा तेल आयात पाकिस्तान करता है। इसके बाद दूसरा नंबर जापान, तीसरा थाईलैंड और चौथा साउथ कोरिया का है। इसके बाद 5वां नंबर भारत का आता है। साफ है कि ईरान में चल रही जंग से भारत के मुकाबले कहीं ज्यादा परेशान पाकिस्तान है। इस संकट के चलते एक तरफ सप्लाई पर असर पड़ा है तो वहीं कच्चे तेल के दाम भी 100 डॉलर के ऊपर लगातार बने हुए हैं। भारत के बाद अपनी जरूरत का सबसे ज्यादा तेल आयात करने वाले देशों में मालदीव, ताइवान, चीन, श्रीलंका, मलयेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस हैं। पाकिस्तान ने तो अपने स्कूलों, दफ्तरों आदि को लेकर भी पाबंदियां लगाई हैं और लोगों को घरों में ही रहने के लिए प्रोत्साहित किया है। स्पष्ट है कि यह संकट उसे ज्यादा परेशान कर रहा है। अब भारत की बात करें तो वह अपनी जरूरत का करीब 40 फीसदी तेल मिडल ईस्ट के देशों से आयात करता है। इसके अलावा भारत अपनी जरूरत की 80 फीसदी प्राकृतिक गैस आयात करता है। देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी है और उनका संकट पहले ही परेशानी पैदा कर रहा है। हालांकि तेल के मामले में एक राहत की बात यह है कि भारत अपनी जरूरत का 40 फीसदी तेल ही खाड़ी देशों से खरीदता है। इसे भी घटाया जा सकता है क्योंकि रूस, अमेरिका और नॉर्वे जैसे देशों के तौर पर उसके पास एक विकल्प है। हालांकि गैस का संकट बड़ा है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी तेल खाड़ी देशों से ही लेता है। दुनिया में फिलहाल जेट फ्यूल की भी कमी है और इसके चलते हजारों उड़ानों पर भी सीधे तौर पर असर पड़ा है। रोचक बात यह है कि इस संकट से यूरोप लगभग अछूता ही है। ऐसा इसलिए क्योंकि वह अपनी जरूरत की ज्यादातर गैस रूस से खरीदता है। फिर उसने अमेरिका और नॉर्वे को भी विकल्प के तौर पर चुना है। रूस और यूक्रेन के बीच जंग के बाद यूरोप ने कुछ खरीद रूस से घटाई थी, लेकिन अब भी वह बड़ा खरीददार है।  

प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में जनता की भूमिका सबसे अहम, सब मिलकर बनाएं टीबी मुक्त भारत…. स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर एमसीबी जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शुभारंभ विश्व क्षय दिवस के अवसर पर पूरे देश के साथ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भी “टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा नोएडा से वर्चुअल माध्यम से की गई, वहीं छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से होना अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण बन गया। एमसीबी जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले – जनभागीदारी से ही होगा टीबी का अंत कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि 24 मार्च का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “टीबी मुक्त भारत” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चले अभियान में 4113 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की 118 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को उत्कृष्ट कार्य के लिए गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अब गांव-गांव पहुंचेगी हाईटेक जांच –   AI  से 10 मिनट में मिलेगी रिपोर्ट अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि स्वास्थ्य सेवाएं अब गांव-गांव तक पहुंचेंगी। आयुष्मान स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच की जाएगी, जिसमें रक्त जांच के साथ हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से मौके पर ही छाती का एक्स-रे किया जाएगा। आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) तकनीक की मदद से मात्र 5 से 10 मिनट में रिपोर्ट उपलब्ध होगी, जिससे शुरुआती स्तर पर ही टीबी की पहचान संभव हो सकेगी। जिले में 203 मरीज उपचार, निक्षय योजना से मिल रही पोषण सहायता वर्तमान में जिले में 203 टीबी मरीज उपचाररत हैं, जिनमें 7 एमडीआर और 4 टीबी संक्रमण के मरीज शामिल हैं। सभी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 1000 रुपये प्रतिमाह (6 माह तक) तथा राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त 200 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। वहीं वर्ष 2025-26 में 205 निक्षय मित्रों द्वारा 283 मरीजों को गोद लेकर पोषण आहार उपलब्ध कराया गया है। साथ ही जिले में 3 ट्रू-नेट मशीन, 5 सामान्य एक्स-रे मशीन और 1 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच कार्य संचालित किया जा रहा है। जागरूकता रथ रवाना, 100 दिनों में घर-घर पहुंचेगा अभियान अभियान को चार चरणों में संचालित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में घर-घर सर्वे कर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी। इसके बाद हाई रिस्क क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, शहरी और जनजातीय क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिलेभर में अभियान का प्रचार-प्रसार करेगा। कार्यक्रम में चंपा देवी पावले, महापौर रामनरेश राय, सभापति संतोष सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, एमआईसी सदस्य नीलम सलूजा, मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनकर, राम लखन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में संकल्प लिया कि “हम सब ने ठाना है, छत्तीसगढ़ से टीबी को भगाना है। टीबी हारेगा, देश जीतेगा।”

विदिशा के डायल 112 हीरोज: सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  विदिशा जिले के थाना सिरोंज क्षेत्र में ट्रैक्टर और कार की टक्कर में घायल हुए लोगों को डायल-112 जवानों की त्वरित कार्रवाई से समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की तत्परता से घायलों को शीघ्र चिकित्सीय सहायता मिल सकी। दिनांक 24 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना सिरोंज क्षेत्र अंतर्गत दीनदयाल पार्क के पास ट्रैक्टर और कार की टक्कर हो गई है, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं। सूचना प्राप्त होते ही सिरोंज थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर आरक्षक  रामनरेश एवं पायलट  प्रेमनारायण ने पाया कि दुर्घटना में 05 व्यक्ति घायल हो गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सिविल अस्पताल सिरोंज पहुँचाकर भर्ती कराया। डायल-112 जवानों की त्वरित कार्रवाई के कारण घायलों को समय पर चिकित्सीय सहायता मिल सकी। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात स्थिति में आमजन की सहायता और जीवन रक्षा के लिए सदैव सजग और प्रतिबद्ध है।  

आतंकियों के लिए बनेगी ‘काला पानी’ जैसी जेल! सम्राट चौधरी ने लोकेशन का किया खुलासा

पटना बिहार सरकार 'काला पानी' जैसी नई हाई सिक्योरिटी जेल बनाने जा रही है। इसमें आतंकियों और दुर्दांत अपराधियों को कैद रखा जाएगा। इस जेल की जगह फाइनल कर दी गई है। राज्य के डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि इसका निर्माण कैमूर जिले में स्थित अधौरा पहाड़ पर किया जाएगा। इस जेल में बंद खूंखार अपराधी बाकी दुनिया से पूरी तरह अलग कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को समृद्धि यात्रा के तहत कैमूर जिले के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। यहां आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट ने कहा कि कैमूर को जंगल और पहाड़ वाला इलाका माना जाता है। पिछले साल जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर आए थे, तब उन्होंने उस पहाड़ पर डिग्री कॉलेज खोलने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि अब नीतीश सरकार ने तय किया है कि कैमूर के अधौरा पहाड़ पर हाई सिक्योरिटी जेल बनाई जाएगी। सबसे खूंखार आतंकवादी होंगे, उन्हें यहां बंद किया जाएगा। पहाड़ी पर इस तरह की जेल बनाने की घोषणा सम्राट ने ही पिछले दिनों बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में की थी। हालांकि, उस समय यह नहीं बताया गया था कि यह जेल कहां बनाई जाएगी। अब इसकी जगह फाइनल कर दी गई है। कैसी होगी हाई सिक्योरिटी जेल सम्राट चौधरी ने पिछले महीने सदन में कहा था कि नई हाई सिक्योरिटी जेल में खूंखार अपराधियों को रखा जाएगा। इसे ऐसी पहाड़ी पर बनाया जाएगा, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं आएगा और इंटरनेट की कोई सुविधा नहीं होगी। इस जेल तक आने-जाने का बस एक ही रास्ता होगा, उस पर भी कड़ा पहरा होगा। गृह मंत्री ने बताया था कि इस जेल में बाहर से किसी भी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति नहीं होगी। इसमें कैद अपराधी बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे हुए रहेंगे। यहां से ना तो कोई शख्स बाहर जा पाएगा और ना ही अंदर आ पाएगा। जेल के अंदर से आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टर और माफिया को भी यहां रखा जाएगा। काला पानी जैसी होगी नई जेल? अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में स्थित सेलुलर जेल को काला पानी जेल कहा जाता है। अंग्रेजों द्वारा भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को इसमें कैद रखा जाता था और उन्हें बहुत कठोर यातनाएं दी जाती थीं। यहां कैद लोग बाकी दुनिया से पूरी तरह अलग हो जाते थे। उन्हें काल कोठरियों में बंद रखा जाता था। कोल्हू से तेल निकालने जैसे कठिन काम कराए जाते थे। इसी वजह से इसे काला पानी की सजा कहा जाता था।  

पंजाब में बड़ा विभागीय फेरबदल: चीमा को ट्रांसपोर्ट, भुल्लर से जेल विभाग लेकर डॉ. रवजोत को दिया

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों के पोर्टफोलियो में फेरबदल किया है। पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के इस्तीफे और गिरफ्तारी के बाद उनके दोनों विभाग दूसरे मंत्रियों को दिए गए हैं। पंजाब वेयरहाउस के जिला मैनेजर रहे गगनदीप सिंह रंधावा के खुदकुशी मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के विभागों का बंटवारा किया गया है। पंजाब सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों के पोर्टफोलियो में फेरबदल किया है। पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के इस्तीफे और गिरफ्तारी के बाद उनके दोनों विभाग दूसरे मंत्रियों को दिए गए हैं। वित्त मंत्री हरपाल चीमा को ट्रांसपोर्ट विभाग दिया गया है। वहीं जेल विभाग की जिम्मेदारी डॉ. रवजोत को दी गई है। उक्त दोनों विभाग पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के पास थे।   कोर्ट में भुल्लर की पेशी आज इस मामले में पूर्व मंत्री लाल सिंह भुल्लर को पुलिस ने सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया है। भुल्लर को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। आज उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। भुल्लर की पोस्ट पर क्या बोली रंधावा की बेटी वहीं भुल्लर की खुद को निर्दोष बताने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर रंधावा की बेटी ने मीडिया के सामने बयान दिया है। रंधावा की बेटी ने कहा कि भुल्लर की ओर से खुद को निर्दोष बताए जाने के दावे बेबुनियाद हैं। उनके मुताबिक, उनके पिता को लगातार फोन कॉल के जरिए दबाव डाला जाता था। उन्होंने कहा कि इन कॉल्स की संख्या काफी है और इसकी जांच साइबर सेल से कराई जानी चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित सरकारी कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि वीडियो में उनके पिता यह कहते दिखाई देते हैं कि उन पर दबाव बनाया जा रहा था। परिवार की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस और अन्य एजेंसियों की कार्रवाई की ओर से बनती कार्रवाई की जा रहीं है। यह है मामला गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात को जहरीला पदार्थ निगल लिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने मरने से पहले बनाए वीडियो में पंजाब के मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लिया था। वीडियो सामने आने के बाद सीएम ने तुरंत मंत्री का इस्तीफा ले लिया था। इसके बाद विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और परिवार का दबाव बढ़ा तो भुल्लर, उसके पिता और उसके पीए के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मोबाइल यूजर्स से बड़ा झटका: 12 नहीं 13 रिचार्ज का खेल, संसद में गूंजा 28 दिन प्लान विवाद

नई दिल्ली भारत में मोबाइल रीचार्ज प्लान्स को लेकर एक बड़े सच पर चर्चा तेज हो गई है। जिन प्लान्स को कंपनियां ‘मंथली प्लान’ कहकर बेचती हैं, वे असल में पूरे 30 दिन नहीं बल्कि सिर्फ 28 दिन तक ही चलते हैं। इस मुद्दे को हाल ही में संसद में राघव चड्ढा ने उठाया, जहां उन्होंने बताया कि यह सिस्टम सीधे-सीधे सब्सक्राइबर्स की जेब पर एक्सट्रा बोझ डालता है। सांसद ने तर्क दिया कि 28 दिन का प्लान हर महीने 2-3 दिन कम पड़ जाता है। इस वजह से साल के 365 दिन पूरे करने के लिए यूजर्स को 12 की जगह 13 बार रीचार्ज करना पड़ता है। यानी बिना ध्यान दिए ही लोग हर साल एक एक्सट्रा रीचार्ज के पैसे चुका रहे हैं। यह मॉडल टेलिकॉम कंपनियों के लिए फायदे का सौदा है, लेकिन आम यूजर्स के लिए महंगा साबित होता है। टेलिकॉम मंत्री ने दिया जवाब मुद्दे पर जवाब देते हुए टेलिकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार इस स्थिति को जानती है और टेलिकॉम कंपनियों को 30 दिन वाले प्लान्स को ज्यादा प्रमोट करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस दिशा में पहले ही नियम बनाए जा चुके हैं। दरअसल, Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने 2022 में एक बड़ा नियम लागू किया था। इस नियम के तहत हर टेलिकॉम कंपनी को अपने प्रीपेड प्लान्स में कम से कम एक 30 दिन की वैलिडिटी वाला प्लान देना अनिवार्य किया गया। इसका मकसद यूजर्स को 28 दिन वाले प्लान्स के अलावा एक सही ‘मंथली’ विकल्प देना था, जिससे उन्हें बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत ना पड़े। ऑफर किए जा रहे हैं बेहद कम प्लान हालांकि, हकीकत कुछ और ही है। Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea जैसी बड़ी कंपनियां 30 दिन वाले प्लान्स तो देती हैं, लेकिन उनकी संख्या काफी कम है। जियो के पास 2-3, एयरटेल के पास 2-4 और Vi के पास 2-3 प्लान ऐसे हैं, जो 30 दिनों की वैलिडिटी के साथ आते हैं। ज्यादातर प्लान्स आज भी 28 दिन की वैलिडिटी के साथ आते हैं। वहीं, Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) इस मामले में थोड़ा अलग नजर आता है, जहां करीब आधा दर्जन प्लान्स कैलेंडर मंथ के हिसाब से भी चलते हैं। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कंपनियों को ‘मंथली प्लान’ शब्द का इस्तेमाल करने की परमिशन होनी चाहिए, जब वे पूरे महीने की सेवा ही नहीं दे रही हैं। सब्सक्राइबर्स के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे रीचार्ज करते वक्त सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि वैलिडिटी पर भी ध्यान दें। अगर सरकार इस पर सख्ती दिखाती है, तो संभव है कि 30 दिन वाले प्लान्स की संख्या बढ़े और यूजर्स को राहत मिले।  

ईरान संकट गहराया: भारत में बढ़ी हलचल, केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय मीटिंग

नई दिल्ली मध्य एशिया में जारी तनाव का असर भारत पर भी देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले ही कहा है कि हमें भी तैयार रहने की जरूरत है। वहीं अब सूत्रों का कहना है कि सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। जानकारी के मुताबिक बुधवार को शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक होगी। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बैठक करके क्षेत्रीय सुरक्षा की समीक्षा की थी। उन्होंने सीडीएस जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और जनरल उपेंद्र द्विवेदी व ऐडमिरल डिनेश के त्रिपाठी के अलावा डीआरडीओ चेयरमैन के साथ बैठक करके तैयारियों की जानकारी ली। ईरान और इजरायल-ईरान के बीच जारी युद्ध अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझने लगी है। बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने अचानक ईरान पर हमला करके उसेक सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या कर दी थी। इसी के बाद से तनाव बढ़ता ही चला गया और ईरान ने खाड़ी देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। राज्यसभा में भी बयान दे सकते हैं पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में इस संकट को लेकर बयान दिया था। वहीं जानकारी के मुताबिक आज वह राज्यसभा में भी अपनी बात रख सकते हैं। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा था कि मध्य एशिया में जारी इस तनाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत जिस तरह से कोरोना संकट के दौरान तैयार था, वैसे ही तैयार रहने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा था कि पश्चिमी एशिया में जो कुछ भी हो रहा है वह बहुत ही दुखद और चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ ही आम आदमी के जीवन पर भी पड़ रहा है। ऐसे में सारा विश्व यही चाहता है कि युद्ध जल्द रुके। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में तेल और गैस की आपूर्ति ज्यादातर उन्हीं देशों से होती है जो कि युद्ध के चपेट में हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर लोकसभा में वक्तव्य देते हुए यह भी कहा था कि इस संकट का सामना देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही करना होगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि इस समस्या का समाधान कूटनीति और बातचीत से ही संभव है तथा भारत तनाव को कम करने व संघर्ष समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।  

सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल को फटकार: हर चीज में ED मत घसीटिए, CM केस में जज सख्त

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच चल रहे विवाद में महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या किसी सरकारी अधिकारी के मौलिक अधिकार नहीं होते हैं या केवल अधिकारी होने के कारण वे अपने मौलिक अधिकार खो देते हैं? जस्टिस पी.के. मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि ED के कुछ अधिकारियों ने इस मामले में व्यक्तिगत रूप से भी याचिका दायर की है। ऐसे में यह तर्क देना कि प्रवर्तन निदेशालय अनुच्छेद 32 के तहत याचिका नहीं दायर कर सकती। यह याचिका पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एक राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के खिलाफ की गई तलाशी अभियानों में कथित हस्तक्षेप के आरोप में दायर की गई थी। कोर्ट ने साफ कहा, “क्या ED के अधिकारी अधिकारी हो जाने की वजह से इस देश के नागरिक नहीं रह जाते? उनके मौलिक अधिकारों का क्या?” पीठ ने कहा कि ED के कुछ अधिकारियों ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में अदालत में याचिका दायर की है। पीठ ने यह भी चेताया कि केवल “ED, ED, ED” कहकर मामले को नहीं देखा जा सकता, बल्कि उन अधिकारियों के अधिकारों पर ध्यान देना जरूरी है जो कथित रूप से प्रभावित हुए हैं। सिर्फ 'ED, ED, ED' की रट न लगाएं बार एंड बेंच के मुताबिक, जस्टिस मिश्रा ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा, "कृपया ED के उन अधिकारियों के मौलिक अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करें, जिनके संबंध में अपराध किया गया है। अन्यथा, आप मुख्य मुद्दे से भटक जाएंगे। आप उस दूसरी याचिका को नहीं भूल सकते, जिसे उन व्यक्तिगत अधिकारियों ने दायर किया है, जो इस अपराध के पीड़ित हैं। मैं आपको बता रहा हूं, आप मुश्किल में पड़ जाएंगे। सिर्फ 'ED, ED, ED' की रट न लगाएं।" राज्य सरकार का पक्ष पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि जांच करना कोई मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि एक वैधानिक (statutory) अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में बाधा आती है, तो उसका समाधान कानून के तहत है, न कि अनुच्छेद 32 के जरिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम किसी कानून की व्याख्या किसी विशेष परिस्थिति के संदर्भ में करके, आपराधिक कानून की मूल विशेषताओं के विपरीत जाकर 'मुसीबतों का पिटारा' (Pandora’s box) नहीं खोल सकते।" सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट रुख कोर्ट ने चुनावी समय का हवाला देकर सुनवाई टालने की मांग भी खारिज कर दी। जस्टिस मिश्रा ने कहा, “हम न चुनाव का हिस्सा बनना चाहते हैं, न किसी अपराध का।” यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि कोर्ट इस मामले को गंभीरता से देख रहा है और इसे टालने के पक्ष में नहीं है। पूरा मामला क्या है? यह विवाद जनवरी में तब शुरू हुआ, जब ED ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ठिकानों पर छापेमारी की। आरोप है कि उस दौरान सीएम ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं थी और उन्होंने कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वहां से हटा लिए थे। ED का दावा है कि इससे उनकी जांच प्रभावित हुई। यह जांच कथित कोयला तस्करी मामले से जुड़ी है, जिसमें कारोबारी अनूप माजी पर आरोप हैं। कानूनी पेच: अनुच्छेद 32 बनाम वैधानिक अधिकार इस केस का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोई सरकारी एजेंसी या उसके अधिकारी मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का हवाला देकर सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं? या उन्हें केवल सामान्य कानूनी प्रक्रिया (जैसे FIR, पुलिस कार्रवाई) का सहारा लेना चाहिए? यह मामला सिर्फ एक जांच एजेंसी और राज्य सरकार के टकराव तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र बनाम राज्य की शक्तियों, जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता और अधिकारियों के मौलिक अधिकार जैसे बड़े मुद्दों को भी छू रहा है। ऐसे में ED बनाम ममता बनर्जी का मामला अब एक महत्वपूर्ण संवैधानिक बहस में बदल चुका है। सुप्रीम कोर्ट का यह सवाल “क्या अधिकारी नागरिक नहीं हैं?” आने वाले समय में कानून की व्याख्या और जांच एजेंसियों की भूमिका दोनों को नई दिशा दे सकता है।

45 लाख रूपये की लागत के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंगलवार को 45 लाख रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि जनता की सेवा और क्षेत्र का समग्र विकास ही हमारा मूल मंत्र है। यही कारण है कि क्षेत्र में विकास के कार्य अनवरत जारी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास कार्यों और जन-कल्याण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री गौर ने 23 लाख रुपये की लागत से विवेकानंद कॉलोनी के पार्क में बाउंड्री वॉल एवं पाथवे का निर्माण और रजत नगर में सड़क के डामरीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। वहीं राजीव नगर 'ए' सेक्टर में 22 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण, शेड निर्माण और पेवर ब्लॉक लगाने के कार्यों का भी भूमि-पूजन किया गया। भूमि-पूजन के इस भव्य कार्यक्रम में पार्षद ममता विश्वकर्मा, छाया ठाकुर, श्री संतोष ग्वाला, श्री मनोज विश्वकर्मा, श्री बृजेश व्यास, श्री प्रदीप लोधी, श्री दलजीत सिंह, श्री संजय जी, श्री प्रतीक पाराशर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।