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CM मोहन यादव ने स्व. कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर पुष्पांजलि की अर्पित विधानसभा के सेंट्रल हॉल में स्व. काटजू के चित्र पर किया माल्यार्पण नीट परीक्षा के निर्विघ्न संचालन के लिए राज्य सरकार केन्द्र के लगातार संपर्क में है भोपाल-इन्दौर सहित नीट के अधिक परीक्षा केन्द्रों वाले शहरों के लिए अतिरिक्त बसों का होगा संचालन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से की चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाशनाथ काटजू की 139वीं जयंती पर विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में उन्हें पुष्पांपजि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि स्व. काटजू का जन्म रतलाम जिले की जावरा तहसील में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1957 से 1962 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्वों का निर्वाहन किया। इसके बाद केंद्रीय स्तर पर रक्षा , कानून सहित कई मंत्रालय का कामकाज भी संभाला। स्व. काटजू विभिन्न राज्यों के राज्यपाल भी रहे। देश की आजादी से पहले भी उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अपनी क्षमता और योग्यता से स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश का नेतृत्व करने के साथ-साथ काटजू, पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के प्रमुख सहयोगी भी रहे। काटजू ने कई स्वशासी संस्थाओं को समृद्ध कर आगे बढ़ाया। प्रदेश के विकास में अपने दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से उन्होंने प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. काटजू के आदर्श, विचार और उनका राष्ट्र सेवा का भाव हमें सदैव जनहित और लोककल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करता रहेगा। नीट परीक्षा के सुचारू और पारदर्शी आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं पर है विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नीट अभ्यर्थियों को पुन: परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीट परीक्षा के निर्विघ्न संचालन के लिए राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। व्यापक तैयारियों के साथ रोल नंबर वेरिफिकेशन भी सुनिश्चित किया जाएगा। नीट परीक्षा के लिए शहरों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों पर रिफ्रेशमेंट सेंटर शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार परीक्षार्थियों और अभिभावकों के आवागमन के लिए इंदौर, भोपाल सहित नीट के अधिक परीक्षा केंद्र वाले शहरों में अतिरिक्त बसों का संचालन कर रही है। परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परीक्षार्थियों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।  

International Yoga Day 2026: गुरु नानक स्टेडियम में जुटेंगे 2000 योग साधक, भव्य आयोजन की तैयारी

अमृतसर पंजाब सरकार की स्वास्थ्य पहल सीएम की योगशाला के अंतर्गत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। इसी कड़ी में अमृतसर में जिला स्तरीय योग समारोह का आयोजन गुरु नानक स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) में किया जाएगा।. इस संबंध में जिला स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा हेतु अतिरिक्त उपायुक्त (शहरी विकास) रुपिंदरपाल सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित कीं तथा सभी आवश्यक प्रबंध समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। एडीसी रुपिंदरपाल सिंह ने बताया कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को समर्पित यह जिला स्तरीय कार्यक्रम 21 जून को सुबह 6 बजे गुरु नानक स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में योग विशेषज्ञों द्वारा सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा तथा योग से जुड़े विभिन्न प्रदर्शन और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील एडीसी ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रभावी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। कार्यक्रम में आम नागरिकों, विद्यार्थियों, योग प्रशिक्षकों, स्वास्थ्य कर्मियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 2000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। जागरूक समाज के निर्माण में योग की अहम भूमिका रुपिंदरपाल सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे 21 जून को प्रातः 5:45 बजे गुरु नानक स्टेडियम पहुंचकर इस आयोजन में भाग लें और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है।  

NEET पुनर्परीक्षा के लिए सख्त इंतजाम, बायोमैट्रिक, CCTV और जैमर से लैस होंगे 283 परीक्षा केंद्र

इंदौर/ भोपाल   नीट पुनर्परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. परीक्षा के लिए इंदौर जिले में सर्वाधिक 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. जहां 23 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे. परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. तमाम सुविधा और संसाधनों की समीक्षा मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही है. कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया, '' इंदौर में नीट परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।  सीएम मोहन के अधिकारियों को सख्त निर्देश मंगलवार को नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर आयोजित वीडियो कन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी शामिल हुए, सीएम मोहन ने नीट परीक्षा के समन्वयक उच्च शिक्षा विभाग को सभी परीक्षा केन्द्रों में लगाई जाने वाली बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी कैमरे और जैमर 19 जून को ही परीक्षा केन्द्रों में लगाने के निर्देश दिए हैं।  शासकीय वाहन से छात्र को परीक्षा केंद्र पहुचाने की सलाह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों के निर्देश देते हुए कहा, " नीट परीक्षा के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन भी होने हैं, इन आयोजनों के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो. यातायात का बेहतर नियोजन करें. सुनिश्चित करें कि सभी परीक्षार्थी तय समय से पहले केन्द्रों में पहुंच जायें. किसी परीक्षार्थी को यदि सेंटर तक पहुंचने में आवागमन के साधन की परेशानी आ रही है तो प्रशासन और पुलिस अधिकारी किसी शासकीय वाहन या खुद अपने वाहन से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें।  नीट के सभी केंद्रों पर अधिकारी की नियुक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा केंद्रों वाले सभी 30 जिलों के कलेक्टर्स और एसपी सहित अन्य अधिकारियों को वीसी से निर्देशित किया कि नीट परीक्षा की तैयारियों के लिए उपयोग में लाई गई एसओपी अब प्रदेश में होने वाली सभी परीक्षाओं में उपयोग की जाएगी. अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क अनुपम राजन ने परीक्षा की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि नीट परीक्षा आयोजन के लिए जिलास्तरीय समन्वय समिति का गठन कर इनकी बैठकें भी कर ली गई है. नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर जिला नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी गई है. करीब 4 परीक्षा केन्द्रों पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है. इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा केन्द्रों में सहायक उपनिरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की गई है।  2 बैंकों में रखे गए नीट के प्रश्नपत्र अपर मुख्य सचिव  राजन ने बताया, "नीट परीक्षा आयोजन के लिए संबंधित जिलों में सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किये गये हैं. परीक्षा के प्रश्नपत्र प्रदेश के 5 एयरपोर्ट के जरिए पहुंच चुके हैं. प्रश्न एनटीए द्वारा तय किए गए 2 अधिसूचित बैंकों में सुरक्षित रखे गए हैं. परीक्षा के दिन वाहनों की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी. इन वाहनों की जानकारी शाम तक एनटीए को दे दी जाएगी।  नीट यूजी (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा 2026 मध्य प्रदेश में 30 जिलों के 283 परीक्षा केन्द्रों में होगी. यह परीक्षा इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, भिंड, बालाघाट, अशोकनगर, छतरपुर, रतलाम, बड़वानी, खरगौन, धार, खंडवा, नर्मदापुरम्, दमोह, दतिया, देवास, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, राजगढ़, सिंगरौली, विदिशा और सतना जिले में होगी। 

जेल में VIP सुविधाओं पर बड़ा एक्शन, गिरिबाला-समर्थ केस के बाद 25+ अधिकारियों का ट्रांसफर

भोपाल  जेल विभाग ने 20 से ज्यादा अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। जिसमें सबसे चर्चित नाम ग्वालियर के जेल अधीक्षक विदित सिरवैया का है। जिन्हें ग्वालियर से हटाकर सर्किल जेल शिवपुरी का प्रभारी अधीक्षक बनाया है। बता दें सिरवैया से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। जिसमें ब्लैकमेलर ने जेल में वसूली और नशेबाजी का वीडियो भेजकर उनसे 5 लाख मांगे। रकम नहीं भेजने पर वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने की धमकी दी। जिस पर जेल अधीक्षक द्वारा ब्लैकमेलिंग की लिखित शिकायत बहोड़ापुर थाने में दर्ज करवाई गई। गिरिबाला, समर्थ सिंह जैसे हाईप्रोफाइल कैदियों का ध्यान रखने वाले अधीक्षक का भी ट्रांसफर वहीं परिवहन के करोड़पति आरक्षक सौरभ शर्मा और ट्विशा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ जैसे हाईप्रोफाइल बंदियों की जेल में देखरेख करने वाले कथित VIP ट्रीटमेंट देने वाले भोपाल जेल अधीक्षक का भी तबादला किया गया है। अधीक्षक राकेश भांगरे को केंद्रीय जेल ग्वालियर का प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है। बता दें हाल ही में भांगरे पर पूर्व जज गिरिबाला और समर्थ को जेल के भीतर वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप लगा था। जेल विभाग में हुए प्रमुख ट्रांसफर की लिस्ट अधिकारी – वर्तमान पदस्थापना – नई पदस्थापना दिनेश नरगावे – जेल मुख्यालय, भोपाल केंद्रीय जेल, इंदौर अलका सोनकर – केंद्रीय जेल, इंदौर जेल मुख्यालय, भोपाल विदित सिरवैया – प्र. अधीक्षक, केंद्रीय जेल ग्वालियर – सर्किल जेल, शिवपुरी राकेश भांगरे – प्र. अधीक्षक, केंद्रीय जेल, भोपाल – केंद्रीय जेल, ग्वालियर रमेशचंद्र आर्य – प्र. अधीक्षक, सर्किल जेल शिवपुरी – केंद्रीय जेल, सागर देवेंद्र कुमार – सारस जिला जेल, उमरिया – जिला जेल, खण्डवा मानेंद्र सिंह परिहार- अधीक्षक, केंद्रीय जेल सागर – केंद्रीय जेल, भोपाल अदिति चतुर्वेदी- जिला जेल, खण्डवा – केंद्रीय जेल, नरसिंहपुर यशवंत मांझी – जिला जेल, नीमच – प्र. अधीक्षक, जिला जेल, मंदसौर दिलीप सिंह – जिला जेल, छतरपुर – जिला जेल, हरदा योगेंद्र परमार – केंद्रीय जेल, रीवा – केंद्रीय जेल, छतरपुर 16 जून रात 12 बजे तक होने थे ट्रांसफर बता दें कि नई तबादला नीति के तहत मध्य प्रदेश में 1 जून से तबादलों से रोक हटाते हुए तबादले शुरू किए गए थे। 1 जून से शुरू हुए इन तबादलों की अंतिम तारीख 15 जून थी। लेकिन कई विभाग में तबादलों पर अनुमोदन के बावजूद तबादला आदेश तय समय पर जारी नहीं हो पाए थे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों की मांग के बाद 24 घंटे की अवधि और बढ़ाते हुए आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक जिन विभागों में अधिकारी कर्मचारी ज्यादा हैं और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, ऐसे अधिकारियों कर्मचारियों के तबादले 16 जून रात 12 बजे तक करने की अनुमति मिली। इसके बाद जेल विभाग समेत सभी विभागों में रात 12 बजे तक ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी की गई है।

रवि किशन और रीवा किशन पहली बार साथ रियलिटी शो में नजर आएंगे

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और सांसद रवि किशन एक बार फिर रियलिटी शो की दुनिया में धमाकेदार वापसी करने जा रहे हैं. लेकिन इस बार उनका सफर पहले से कहीं ज्यादा खास होने वाला है. वजह है उनकी सबसे बड़ी बेटी रीवा किशन, जो पहली बार अपने पिता के साथ किसी रियलिटी शो में नजर आने वाली हैं. प्राइम वीडियो के नए हाई-वोल्टेज रियलिटी शो 'अलायंस इंडिया' में रवि किशन और रीवा किशन की जोड़ी हिस्सा लेने जा रही है. इस खबर के सामने आते ही फैंस की एक्साइटमेंट सातवें आसमान पर पहुंच गई है. सोर्स की मानें तो रवि और रीवा के बीच बेहद मजबूत बॉन्डिंग है और दोनों लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट में साथ काम करना चाहते थे. ऐसे में 'अलायंस इंडिया' उनके लिए एकदम परफेक्ट मौका बनकर सामने आया है. अब रिश्ते की होगी असली परीक्षा! इस शो की खास बात ये है कि यहां सिर्फ टास्क जीतना ही काफी नहीं होगा. रिश्तों, भरोसे और गठजोड़ की भी कड़ी परीक्षा होगी. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रवि किशन एक प्रोटेक्टिव पिता बनकर बेटी का साथ देंगे या फिर गेम जीतने के लिए एक सख्त प्रतियोगी की भूमिका निभाएंगे? जहां रवि किशन को रियलिटी शोज का अच्छा-खासा अनुभव है, वहीं रीवा शो में नई एनर्जी और नजरिया लेकर आएंगी. यही वजह है कि इस पिता-बेटी की जोड़ी को शो के सबसे दिलचस्प कंटेस्टेंट्स में गिना जा रहा है. क्या करती हैं रवि किशन की बेटी? 29 साल की रीवा किशन ने साल 2020 में फिल्म सब कुशल मंगल से बॉलीवुड में कदम रखा था. इस फिल्म में उनके साथ अक्षय खन्ना भी नजर आए थे. हालांकि इसके अलावा वो और किसी फिल्म में दिखाई नहीं दी हैं. रीवा ने नसीरुद्दीन शाह के एक्टिंग प्लेग्रुप और अमेरिका के एक्टिंग कॉर्प्स इंस्टीट्यूट से एक्टिंग की पढ़ाई की है. वो कई बार पिता के साथ फिल्म इवेंट्स पर दिखाई दी हैं. वहीं रवि किशन इन दिनों अपनी हालिया सफलता का आनंद ले रहे हैं और जल्द ही फिल्म धमाल 4 में दिखाई देंगे. क्या है 'अलायंस इंडिया' का खेल? प्राइम वीडियो ने हाल ही में 'अलायंस इंडिया' का ऐलान किया है. शो को एक्टर कुणाल खेमू होस्ट करेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक टीवी स्टार कुशाल टंडन और बॉलीवुड एक्ट्रेस डेजी शाह भी इस शो का हिस्सा बनने वाले हैं. प्राइम वीडियो का पिछला रियलिटी शो द ट्रेटर्स इंडिया भी दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा था. अब मेकर्स को उम्मीद है कि 'अलायंस इंडिया' उससे भी बड़ा धमाका करेगा. ये छह हफ्तों तक चलने वाला शो 26 जून से शुरू होगा और रोजाना दोपहर 12 बजे स्ट्रीम किया जाएगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि रवि किशन और रीवा किशन की जोड़ी इस भरोसे और दिमाग के खेल में कितना लंबा सफर तय कर पाती है.

UP 112, मिशन शक्ति और गैंगस्टर एक्शन से बदली पुलिसिंग, सुरक्षा और विकास को मिला बल

लखनऊ यूपी जैसे बड़े स्टेट में लॉ एंड ऑर्डर का इम्पैक्ट हर घर, मार्केट, सड़क और रोज के कामकाज पर पड़ता है। अगर क्राइम बढ़ता है, तो लोगों का भरोसा कमजोर होता है। बिजनेसमैन देर तक दुकान खोलने में डर महसूस करता है। महिलाएं बाहर निकलने में अनसेफ महसूस करती हैं। किसान और छोटे कारोबारी भी अपनी रोज की मूवमेंट में डर महसूस करते हैं। इसलिए क्राइम पर कंट्रोल केवल पुलिस का मुद्दा नहीं, बल्कि सोसायटी और विकास दोनों से जुड़ा मुद्दा है। साल 2012 से 2017 के बीच UP में क्राइम और सिक्योरिटी को लेकर कई चिंताएं सामने आईं। हत्या, लूट, डकैती, दंगा, महिला सुरक्षा और ऑर्गनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे। UP पुलिस के Crime in UP 2016 डॉक्यूमेंट में भी 2012 से 2016 के बीच रिकॉर्ड हुए क्राइम में बढ़ोतरी दिखाई गई थी। इस दौर ने यह साफ कर दिया कि इतने बड़े प्रदेश को ऐसा पुलिस सिस्टम चाहिए, जो तेज भी हो और लोगों के करीब भी हो। बाद के सालों में इसी जरूरत को ध्यान में रखकर पुलिसिंग को ज्यादा टेक्नोलॉजी बेस्ड, आसान और रिस्पॉन्सिबल बनाने पर काम हुआ। UP 112 से तेज हेल्प, मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा, ऑर्गनाइज्ड क्राइम पर सख्त एक्शन और टेक्नोलॉजी से मॉनिटरिंग जैसे स्टेप्स ने पुलिस सिस्टम को नई दिशा दी। अब गोल केवल इंसिडेंट के बाद एक्शन लेना नहीं रहा। गोल यह भी बना कि हेल्प समय पर पहुंचे, कंप्लेंट आसानी से हो और आम लोगों को भरोसेमंद माहौल मिले। क्राइम की चिंता, आम जीवन पर चोट जब क्राइम बढ़ता है, तो इम्पैक्ट केवल एक परिवार तक नहीं रहता। पूरा एरिया उसका असर महसूस करता है। मार्केट जल्दी बंद होने लगते हैं। रात में मूवमेंट कम हो जाती है। स्कूल, कॉलेज और काम पर जाने वाली महिलाओं और युवाओं के मन में डर बढ़ता है। कई बार डर इतना बढ़ता है कि लोग कंप्लेंट दर्ज कराने से भी बचते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं परेशानी और न बढ़ जाए। इसलिए लॉ एंड ऑर्डर की असली ताकत केवल क्राइम के नंबर कम करने में नहीं है। असली ताकत लोगों के मन में भरोसा पैदा करने में है। जब परिवार सेफ महसूस करता है, तो बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर निकलते हैं। जब बिजनेसमैन सेफ महसूस करता है, तो मार्केट देर तक चलता है। जब किसान सेफ महसूस करता है, तो वह अपनी फसल मंडी तक भरोसे के साथ ले जाता है। नई पुलिसिंग, जनता से मजबूत कनेक्टिंग उत्तर प्रदेश में बाद के सालों में पुलिसिंग को ज्यादा तेज, टेक्नोलॉजी बेस्ड और जनता के करीब बनाने पर जोर दिया गया। क्राइम पर सख्ती, माफिया पर एक्शन, गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रॉपर्टी जब्ती, UP 112 और महिला सुरक्षा जैसे स्टेप्स इसी बदलाव का हिस्सा बने। इस बदलाव का गोल केवल क्रिमिनल्स पर एक्शन लेना नहीं था। गोल यह भी था कि कंप्लेंट जल्दी सुनी जाए, हेल्प समय पर पहुंचे और आम लोगों को लगे कि पुलिस उनके साथ खड़ी है। जब पुलिस सिस्टम लोगों तक आसानी से पहुंचता है, तो भरोसा बढ़ता है। जब भरोसा बढ़ता है, तो लोग कंप्लेंट करने से डरते नहीं। यही बदली पुलिसिंग का बड़ा इम्पैक्ट है। UP 112 से तेज हेल्प, संकट में मिला साथ किसी भी मुश्किल समय में सबसे जरूरी चीज होती है जल्दी हेल्प। सड़क हादसा हो, झगड़ा हो, महिला सुरक्षा से जुड़ी कंप्लेंट हो या कोई और इमरजेंसी हो, तेज पुलिस हेल्प लोगों को बड़ा सपोर्ट देती है। UP 112 इसी जरूरत को पूरा करने वाला सिस्टम है। इसका गोल पुलिस असिस्टेंस को जल्दी से लोगों तक पहुंचाना है। इससे हेल्प केवल बड़े शहरों तक लिमिटेड नहीं रही। गांवों, कस्बों और दूर के इलाकों तक भी इमरजेंसी पुलिस सर्विस पहुंचाने की कोशिश हुई। UP 112 के ऑफिशियल इंट्रोडक्शन डॉक्यूमेंट के अनुसार, इस सिस्टम ने लॉन्च के बाद 4.3 करोड़ से अधिक इंसिडेंट्स पर रिस्पॉन्स दिया। रोज औसतन 90,000 कॉल का जवाब दिया जाता है और करीब 19,500 इंसिडेंट्स पर एक्शन होता है। कॉल पर जवाब, हेल्प का साथ, UP 112 ने आसान की सुरक्षा की राह। यह बताता है कि पुलिस हेल्प अब केवल थाने पर निर्भर नहीं है। कंट्रोल रूम, व्हीकल नेटवर्क और टेक्नोलॉजी की मदद से पुलिसिंग अब प्रदेश स्तर पर जुड़कर काम कर रही है ऑर्गनाइज्ड क्राइम पर वार, भरोसे को आधार ऑर्गनाइज्ड क्राइम किसी भी स्टेट के लिए बड़ी चुनौती होता है। यह केवल एक क्रिमिनल या एक इंसिडेंट तक लिमिटेड नहीं रहता। इसमें जमीन कब्जा, रंगदारी, धमकी, अवैध कमाई और लोकल प्रेशर जैसे कई रूप शामिल होते हैं। ऐसे क्राइम से आम लोगों में डर बढ़ता है। बिजनेसमैन अपने काम को लेकर अनसेफ महसूस करता है। जमीन, बिजनेस और रोजमर्रा के फैसलों पर भी इसका इम्पैक्ट पड़ता है उत्तर प्रदेश में ऐसे क्राइम पर एक्शन के लिए गैंगस्टर एक्ट और प्रॉपर्टी जब्ती जैसे स्टेप्स अपनाए गए। India Code पर उपलब्ध कानून की धारा 14 में ऐसी प्रॉपर्टी जब्त करने का प्रावधान है, जो क्राइम से जुड़ी एक्टिविटीज से कमाई गई मानी जाए। इस तरह के एक्शन का मैसेज साफ है। क्राइम से कमाई गई प्रॉपर्टी सुरक्षित नहीं रहती। इससे क्रिमिनल्स पर फाइनेंशियल प्रेशर बनता है और लोकल लेवल पर डर का माहौल कम करने में मदद मिलती है। क्राइम पर वार, भरोसे को आधार, जनता को मिला सुरक्षित संसार। वीमेन सेफ्टी को सपोर्ट, सोसायटी का भरोसा मजबूत लॉ एंड ऑर्डर की मजबूती तब सबसे ज्यादा दिखती है, जब महिलाएं सेफ महसूस करें। बेटी स्कूल जाए, छात्रा कॉलेज जाए, महिला काम पर जाए या परिवार के साथ मार्केट जाए, हर जगह सुरक्षा का भरोसा जरूरी है। उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन 18 अगस्त 2020 को स्थापित किया गया। यह संगठन महिलाओं और बच्चों से जुड़े क्राइम की रोकथाम और सेफ माहौल बनाने के लिए काम करता है। इसके तहत महिला पावर लाइन 1090, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, मिशन शक्ति, सेफ सिटी प्रोजेक्ट और ITSSO जैसे कई प्रोग्राम शामिल हैं। मिशन शक्ति ने महिला सुरक्षा को केवल हेल्पलाइन तक लिमिटेड नहीं रखा। इसके जरिए गांवों, वार्डों, स्कूलों, कॉलेजों और पब्लिक प्लेसेज तक अवेयरनेस पहुंचाई गई। मिशन शक्ति 5.0 से जुड़े डिटेल्स के अनुसार, महिला बीट सिस्टम, गांव-गांव कनेक्ट और कंप्लेंट्स के जल्दी … Read more

मोरहाबादी मेले में महिलाओं की पहल बनी आकर्षण, मछली से बने उत्पादों ने खींचा ध्यान

रांची मोरहाबादी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कृषि व्यापार मेले में मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान, उद्यमी और आम लोग पहुंचे। मेले में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, सिंचाई, उन्नत बीज, पौधों और कृषि उपकरणों से जुड़े कई स्टॉल लगाए गए हैं, जहां लोग नई तकनीकों और व्यवसायिक संभावनाओं की जानकारी ले रहे हैं। मेले का प्रमुख आकर्षण महेशपुर मत्स्यपालन सहयोग समिति का स्टॉल रहा। समिति से जुड़ी 60 महिलाओं का समूह सामूहिक रूप से मछली पालन का कार्य कर रहा है। समूह की सदस्य सुनीता देवी ने बताया कि महिलाएं केवल मछली पालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उससे मूल्यवर्धित उत्पाद भी तैयार कर रही हैं। मछली से समोसा, बर्गर, कटलेट और अचार बनाकर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मछली के अचार की खासियत यह है कि उसमें मछली की गंध बिल्कुल महसूस नहीं होती और उसका स्वाद सामान्य अचार की तरह ही होता है। इस पहल से महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अवसर मिला है। वर्तमान में 60 महिलाएं इस कार्य से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। मेले में मोती पालन की आधुनिक तकनीक भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विशेषज्ञों ने बताया कि सीप (शीप) के माध्यम से मोती उत्पादन की प्रक्रिया में लगभग दो वर्षों का समय लगता है। इसके पालन में स्वच्छ जल, पर्याप्त ऑक्सीजन और शैवाल (ऐलगी) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रदर्शनी में मोती उत्पादन की पूरी प्रक्रिया को मॉडल और प्रदर्शन के माध्यम से समझाया गया, जिससे किसानों और युवाओं ने काफी रुचि दिखाई। इसके अलावा मेले में उन्नत किस्म के मिर्च, बैंगन तथा अन्य सब्जियों के पौधों की भी बिक्री की जा रही है। किसान नई किस्मों के बीज और पौधों की जानकारी लेकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपाय जान रहे हैं।  

टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ मिशन की प्रगति पर मंथन, मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को दिए अहम निर्देश

मुख्य सचिव ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और सुरक्षित मातृत्व अभियान के कार्यों की समीक्षा की रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में टीवी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ को टीवी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।                  मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में कार्य करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है कि राज्य में टीबी के मरीजों की जांच के लिए व्यापक स्तर पर जांच शिविर लगाये जायें। जिसमें जांच के दौरान मिलने वाले टीबी के मरीजों का त्वरित ईलाज किया जाए। इसके लिए प्रत्येक गांव और शहरों में विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने टीबी मरीजों के जांच के लिए सभी जरूरी उपकरणों एक्स-रे मशीन एवं रेडियोग्राफरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा है।                 विकासशील ने मरीजों की शीघ्र पहचान कर ईलाज शुरू किया जाना चाहिए एवं मरीजों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत पोषण आहार एवं पौष्टिक सामग्री हेतु निर्धारित राशि तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए। टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जो गांव और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त होती है। इसके बारे में गांव में होने वाली ग्राम सभा में लोगों को बताया जाना चाहिए। इसी तरह से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर जांच की जाए। महिलाओं के बीपी, वजन, हिमोग्लोबिन इत्यादि की जांच की जाए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को एफआरयू में रेफर किए जाए।                  मुख्य सचिव ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए। सभी आंगनबाड़ी, स्कूलों में हर बच्चें की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। रोग युक्त पाए जाने बच्चों को बड़े अस्पतालों में ईलाज के लिए भेजा जाए। अस्पतालों में ईलाज करा रहे बच्चों की टैªकिंग की जाकर उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार दिया जाए। सभी शिशुओं को जरूरी टीके लगाए जाये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

हाईकोर्ट ने कहा विशेषज्ञों की राय पर अदालत नहीं ले सकती प्रतिस्थापन, भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा फैसला

चंडीगढ़  हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) प्रारंभिक परीक्षा-2026 की उत्तर कुंजी और परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अदालतें शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में विशेषज्ञों की राय का स्थान नहीं ले सकतीं। जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा कि जब तक उत्तर कुंजी में त्रुटि प्रत्यक्ष, स्पष्ट और संदेह से परे साबित न हो, तब तक न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर यदि संदेह या अस्पष्टता हो तो उसका लाभ परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को दिया जाना चाहिए, न कि अभ्यर्थी को। हाईकोर्ट एचसीएस (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। याचिकाकर्ताओं ने 26 अप्रैल को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने क्या पाया? उनका कहना था कि सामान्य अध्ययन और सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) के कई प्रश्नों के उत्तर गलत हैं तथा प्रमाणिक स्रोतों के विपरीत हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि परीक्षा के बाद हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने 28 अप्रैल को अस्थायी उत्तर कुंजी वेबसाइट पर अपलोड कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त आपत्तियों को विषय विशेषज्ञों के पास भेजा गया, जिनकी राय के आधार पर कुछ उत्तरों में संशोधन किया गया और 2 मई को संशोधित उत्तर कुंजी जारी की गई। इसके बाद 4 मई को परिणाम घोषित किया गया।हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश देकर यह भी जानकारी मांगी थी कि कुल कितनी आपत्तियां प्राप्त हुईं और उन्हें निपटाने में कितना समय लगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ समिति के सदस्यों की टिप्पणियां भी तलब की गई थीं। आयोग ने जवाब में बताया कि अदालत के निर्देश के बाद विवादित प्रश्नों पर विशेषज्ञों से दोबारा राय ली गई, लेकिन उन्होंने अंतिम उत्तर कुंजी में किसी अतिरिक्त बदलाव की आवश्यकता नहीं बताई।याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि अंतिम उत्तर कुंजी तैयार करने से पहले उन्हें अन्य अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देने का अवसर नहीं दिया गया। हालांकि अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि ऐसा कोई नियम, विनियमन या विज्ञापन की शर्त नहीं है जो आयोग को ऐसी प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य करती हो। जस्टिस बंसल ने अपने फैसले में विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाले अभ्यर्थी पर यह साबित करने का दायित्व होता है कि त्रुटि इतनी स्पष्ट है कि उसके लिए किसी अनुमान या विस्तृत तर्क की आवश्यकता न पड़े। अदालत ने कहा कि रिकार्ड से यह साबित नहीं होता कि विशेषज्ञों द्वारा स्वीकार किए गए उत्तर प्रत्यक्ष रूप से गलत हैं। इसलिए विशेषज्ञों की राय को प्रतिस्थापित करने का कोई आधार नहीं बनता। फैसले में अदालत ने यह भी कहा कि यदि हर आपत्ति पर पुन आपत्ति और फिर पुनर्विचार की अनुमति दी जाए तो भर्ती प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं हो सकेगी। चूंकि यह केवल प्रारंभिक परीक्षा थी और मुख्य परीक्षा इसी माह के अंत में प्रस्तावित है, इसलिए कुछ असफल अभ्यर्थियों की मांग पर पूरी चयन प्रक्रिया रोकना सार्वजनिक हित और सफल उम्मीदवारों दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। इसी आधार पर सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।  

लखनऊ वनडे: भारत 402 पर ऑलआउट, अफगानिस्तान का पीछा शुरू

 लखनऊ भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बुधवार (17 जून) को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में है. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले खेलते हुए 402 रनों पर ऑलआउट हो गई. अब अफगान‍िस्तान की टीम रनचेज कर रही है.मुकाबले में टॉस अफगान‍िस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने जीता और गेंदबाजी करने का फैसला किया. मुकाबले के अपडेट और स्कोरकार्ड के लिए इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें. भारतीय पारी की हाइलाइट्स लखनऊ में हुए इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल और कुलदीप यादव की टीम में वापसी हुई, वहीं प्रिंस यादव डेब्यू का डेब्यू हुआ. मुकाबले में भारत की शुरुआत खराब रही, यशस्वी जायसवाल मोहम्मद सलीम साफी की गेंद पर नांगेयालिया खारोटी को 4 रनों पर कैच थमा बैठे. हालांकि इसके बाद रोहित शर्मा और तीसरे नंबर पर खेलने उतरे शुभमन ग‍िल ने संभलकर खेलना शुरू किया. रोहित 48 रन पर राश‍िद खान की फ‍िरकी में फंसकर बोल्ड हो गए. रोहित के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 96/2 हो गया . इसके बाद शुभमन ग‍िल ने 38 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. दूसरी ओर ईशान किशन ने भी 52 गेंदों पर अपना अर्धशतक कंपलीट किया. वहीं शुभमन ग‍िल जमे रहे और उन्होंने अपना शतक 77 गेंदों में पूरा किया. ग‍िल का वनडे में यह नौवां शतक रहा. शुभमन के बाद ईशान ने भी 71 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया. ईशान का यह वनडे कर‍ियर का दूसरा शतक रहा. ईशान किशन 79 गेंदों में 125 रन जड़कर नांगेयालिया खारोटी की गेंद पर कैच आउट हुए, उनकी पारी में 14 चौके और 7 छक्के शाम‍िल रहे. अफगानिस्तान के स्पिनर नांगेयालिया खारोटी ने कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदलने की कोशिश की. 42.3 ओवर में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी कर रहे शुभमन गिल को 154 रन पर आउट किया. गिल रिवर्स स्वीप खेलने के प्रयास में डीप कवर पर कैच दे बैठे. अगली ही गेंद पर केएल राहुल बिना खाता खोले लॉन्ग ऑन पर कैच आउट हो गए. इसके बाद 44.3 ओवर में खारोटी ने श्रेयस अय्यर का भी विकेट झटक लिया, जो 26 रन बनाकर बड़े शॉट की कोशिश में लॉन्ग ऑन पर कैच दे बैठे. खारोटी ने लगातार अंतराल पर तीन बड़े विकेट लेकर भारत को झटके दिए. खारोटी ने कुल 4 व‍िकेट झटके गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह 3-3 रन बनाकर आउट हुए. वॉश‍िंंगटन सुंदर 19 रन बनाकर राश‍िद खान की गेंद पर आउट हुए. भारतीय टीम 49.5 ओवर्स में 402 रन बनाकर आउट हो गई. आउट होने वाले आख‍िरी बल्लेबाज प्र‍िंस यादव रहे. अफगानिस्तान के ख‍िलाफ सबसे बड़ा ODI टोटल 417/6 ऑस्ट्रेलिया, पर्थ, 2015 402 इंडिया, लखनऊ, 2026 397/6 इंग्लैंड, मैनचेस्टर, 2019 381/3 श्रीलंका, पल्लेकेले, 2024 लखनऊ वनडे में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव लखनऊ वनडे में अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटी, एएम गजनफर, मोहम्मद सलीम साफी और बिलाल सामी भारत और अफगान‍िस्तान का हेड टू हेड भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक केवल 5 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले हुए हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने चार मैचों में जीत हासिल की. वहीं एक मुकाबला टाई पर छूटा. यानी भारतीय टीम का पलड़ा अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी तरह भारी रहा है.