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खेती को मिलेगा वैज्ञानिक आधार, हरियाणा में 52 नई प्रयोगशालाएं और किसानों पर 1468 करोड़ का निवेश

चंडीगढ़. हरियाणा में कृषि भूमि में नाइट्रोजन की जांच करने के लिए 52 प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। कुल 12 लाख किसानों की कृषि भूमि से नमूने लिये जाएंगे जिससे वे यूरिया का निर्धारित मात्रा में उपयोग कर जमीन की उर्वरा शक्ति बढा सकें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में एक दर्जन विभागों के 1468 करोड़ रुपये के 32 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें राजस्व, कृषि, कौशल विकास, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य, सिंचाई तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम शामिल हैं। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता मौजूद थे। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। संबंधित जिलों में मंत्री एवं विधायकों के साथ मुख्यमंत्री भी अभियान से जुड़कर किसानों को जागरूक करेंगे। विशेषकर मोरनी क्षेत्र में 4000 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कोर्ट केस के मामलों का सही निपटान सुनिश्चित करने के लिए राजस्व कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम को स्वीकृति दी गई है। बैठक में कौशल्या डैम पंचकूला का पक्का कार्य करने, यमुना वाटर सेवाएं सर्कल रोहतक में भालोठ सब ब्रांच की आरडी 124000 से 156014 तक का पुनर्निर्माण, बरवाला ब्रांच से हिसार एयरपोर्ट पर कच्चे पानी हेतु पंपिंग स्टेशन बनाने तथा राणा डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की गई। पंचकूला बस स्टैंड रोटरी से ट्राफिक लाइट 4-11 चौक तक बरसाती पानी की निकासी हेतु ड्रेन का निर्माण होगा। पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर 29 में 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। सिरसा, अंबाला और रेवाड़ी में शुरू होंगी कई नई परियोजनाएं सिरसा शहर में अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने तथा 4.50 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने तथा केलनिया रोड पर 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम किया जाएगा। सिरसा में पेयजल के लिए तीसरे जल घर में शुद्ध जल टैंक निर्माण के साथ बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करवाया जाएगा। अंबाला शहर के देवीनगर में 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अंबाला सदर टाउन के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर ड्रेनेज बनाई जाएगी। रेवाड़ी शहर में नेताजी रोड पर 24 एमएलडी के प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट को टीटीपी में अपग्रेड कर बिशनपुर में 17 गांवों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाने के लिए नहर आधारित जल घर में रा वाटर पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। होडल टाउन में आगरा कैनाल वाटर टैंक से पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने और सीवर लाइन डलवाने के कार्य को स्वीकृति दी गई है।

सलीमा टेटे और लालरेम्सियामी के गोल से भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार दूसरी जीत

ऑकलैंड  कप्तान सलीमा टेटे और लालरेम्सियामी के गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने मंगलवार को जापान को 2-1 से हराकर एफआईएच नेशंस कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह टूर्नामेंट में भारत की दूसरी जीत थी। उसने अपने पहले मैच में अमेरिका को हराया था। इस टूर्नामेंट की विजेता टीम अगले सत्र में एफआईएच प्रो लीग में खेलेगी। भारत पिछले सत्र में इस टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। भारत के लगातार दूसरी जीत से छह अंक हो गए हैं और उसने अंतिम चार में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। तीसरे क्वार्टर से बदला माहौल भारत ने तीसरे क्वार्टर में स्कोरिंग की शुरुआत की, जब फॉरवर्ड खिलाड़ियों के लगातार दबाव बनाने के बाद सलीमा टेटे ने 33वें मिनट में गोल दागा। हालांकि, भारत की बढ़त ज्यादा देर तक नहीं रही और जापान ने इसके दो मिनट बाद ही ऐ हिरमित्सु के गोल से स्कोर बराबर कर दिया। हालांकि, लालरेम्सियामी ने 49वें मिनट में गोल दागा जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ। जापान ने अंतिम क्षणों में आक्रामक खेल दिखाया लेकिन भारत ने उसके हमलों को नाकाम करते हुए जीत हासिल की। यह मैच मिडफील्डर ज्योति के लिए भी एक यादगार अवसर था, जिन्होंने सीनियर स्तर पर अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। पहले हाफ में करीबी मुकाबला पहले हाफ में काफी करीबी मुकाबला रहा, जिसमें दोनों टीमों ने मौके बनाए लेकिन मध्यांतर से पहले कोई भी गोल करने में असफल रही। तीसरे क्वार्टर में खेल में तब जान आ गई जब भारत ने 33वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करके बढ़त हासिल की। निक्की प्रधान ने नवनीत कौर के शॉट को बड़ी कुशलता से सलीमा की ओर मोड़ दिया, जिन्होंने सहजता से गेंद को गोल में डाल दिया। जापान ने तुरंत ही पलटवार किया और 35वें मिनट में हिरमित्सु ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। लालरेम्सियामी ने अंतिम क्वार्टर में निर्णायक गोल दागा। सुशीला चानू ने सर्कल के किनारे से सटीक पास दिया और लालरेम्सियामी ने बड़ी कुशलता से गेंद को नेट में डालकर भारत को महत्वपूर्ण जीत दिलाई।

घर में तुलसी के साथ ये पौधे बदल सकते हैं आपकी किस्मत, खुल सकते हैं धन और तरक्की के नए रास्ते

सनातन धर्म के साथ ही वास्तु शास्त्र में भी तुलसी के पौधे को साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, जिस घर के आंगन में तुलसी का वास होता है, वहां से बीमारियां और परेशानियां कोसों दूर रहती हैं. हमारे इसी वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे के अलावा भी कुछ पौधों का जिक्र मिलता है, जिन्हें अगर आप तुलसी के पौधे के साथ अपने घर पर लगाते हैं, तो इनका असर कई गुना तक ज्यादा बढ़ जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इन पौधों को तुलसी के पौधे के साथ घर पर लगाने से पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं चमत्कारी पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप तुलसी के पौधे के पास रखने लगते हैं, तो आपके लिए धन और दौलत के बंद पड़े सभी दरवाजे एक बार फिर से खुलने लग जाते हैं. तो चलिए, इन पौधों के बारे में विस्तार से जानते हैं. तुलसी के साथ रखें शमी का पौधा आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन शमी के पौधे का सीधा संबंध न्याय के देवता शनिदेव से माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी के साथ शमी का पौधा लगाना बेहद ही शुभ और मंगलकारी होता है. जहां तुलसी की पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं वहीं, शमी से शनिदेव की टेढ़ी नजर का असर खत्म होता है. इस जोड़े को घर में रखने से तरक्की में आ रही सभी रुकावटें दूर होती हैं और नौकरी-बिजनेस में पैसों का फ्लो तेजी से बढ़ता है. पैसों की दिक्कतों को खत्म करेगा मनी प्लांट पैसों से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए मनी प्लांट को सबसे असरदार माना गया है. वास्तु शास्त्र कहता है कि अगर घर के अग्निकोण यानी कि दक्षिण-पूर्व दिशा में मनी प्लांट हो और पास में ही तुलसी के पौधे की जगह हो, तो घर में बरकत कभी कम नहीं होती. मनी प्लांट जहां पैसों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करता है वहीं, तुलसी घर में शांति बनाए रखती है, जिससे बेवजह के खर्चों और कर्ज से मुक्ति मिलती है. घर पर लगाएं केले का छोटा सा पेड़ धार्मिक मान्यताओं की अगर मानें तो केले के पेड़ में साक्षात भगवान विष्णु का वास होता है. आप सभी को इस बात का अंदाजा तो जरूर होगा कि तुलसी जी को विष्णु जी की प्रिय कहा जाता है. यह एक बड़ी वजह है कि इन दोनों पौधों को आसपास रखना साक्षात लक्ष्मी-नारायण को घर बुलाने जैसा है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि केले के पौधे को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं. इसके अलावा गुरुवार के दिन इसमें जल चढ़ाने से कुंडली का गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे इंसान को जीवन में कभी भी पैसों की किल्लत नहीं देखनी पड़ती. तुलसी के पास रखें क्रासुला का पौधा वास्तु शास्त्र के अलावा फेंगशुई में भी क्रासुला के पौधे को धन को खींचने वाला पौधा कहा गया है. इसकी छोटी और मोटी पत्तियां देखने में बहुत सुंदर लगती हैं. मान्यताओं के अनुसार यह पौधा पॉजिटिव एनर्जी को बहुत तेजी से अपनी तरफ अट्रैक्ट है. इसे तुलसी के पास या फिर घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दाईं तरफ रखने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और जीवन में पैसों के आने के नए दरवाजे खुलने लगते हैं.

4000 डॉलर में चली थी गोली! AP Dhillon केस के आरोपी को कनाडा से निकालने का आदेश

लुधियाना  लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने किंगरा को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने का आदेश जारी किया है। बोर्ड ने अपने फैसले में कहा है कि किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है, जो हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और धमकी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत किंगरा वर्ष 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुए हमले में किंगरा की भूमिका सामने आई थी। आईआरबी ने साफ कर दिया है कि अभिजीत किंगरा जैसे गैंगस्टर को कनाडा में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे तुरंत डिपोर्ट किया जाए। अभिजीत किंगरा पिछले एक साल से कनाडा की जेल में बंद है। उस पर एपी ढिल्लों के अलावा अन्य लोगों से भी रंगदारी वसूलने के आरोप हैं। आईआरबी ने यह फैसला 15 जून को सुनाया है। किंगरा ने बोर्ड के सामने एक अहम खुलासा करते हुए कहा कि एपी ढिल्लों के घर फायरिंग करने के लिए उसके एक सहयोगी ने उसे 4000 डॉलर देने की पेशकश की थी। इसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया। एपी ढिल्लों के घर फायरिंग से लेकर डिपोर्टेशन के ऑर्डर तक की पूरी कहानी..     स्टूडेंट वीजा पर गया, गैंगस्टर बन गया: अभिजीत किंगरा भारत से विदेश पढ़ने के लिए गया। वहां जाकर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आ गया। पहले उससे छोटे मोटे अपराध करवाए गए और उसके बदले उसे डाॅलर दिए गए। फिर वह नियमित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर बन गया। अभिजीत के खिलाफ कनाडा में भारतीय मूल के लोगों से रंगदारी मांगने और फायरिंग करने के कई मामले हैं। इन्हीं मामलों में उसे छह साल की सजा हो चुकी है।     पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग की: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर अभिजीत किंगरा ने 2 सितंबर 2024 को ब्रिटिश कोलंबिया (B.C.) के वैंकूवर आइलैंड पर स्थित पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर को निशाना बनाया गया था। रात के अंधेरे में दो हमलावर वहां पहुंचे। उनमें से एक अभिजीत किंगरा था। किंगरा ने सिंगर के घर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक के बाद एक कुल 14 गोलियां चलाईं। वहीं, उसके साथी ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।     4000 डॉलर का लालच: डिपोर्टेशन की सुनवाई के दौरान अभिजीत किंगरा ने खुद कोर्ट के सामने यह बात मानी कि उसे इस हमले के लिए पैसे दिए गए थे। उसने बताया कि विन्निपेग में उसकी कंपनी में काम करने वाले एक साथी ने उसे ब्रिटिश कोलंबिया जाने और एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने के लिए सिर्फ 4,000 कनाडाई डॉलर (लगभग ढाई लाख रुपए) का ऑफर दिया था।     सोशल मीडिया पर वीडियो: किंगरा ने बताया कि उसने न केवल गोलियां चलाईं, बल्कि इस वारदात का एक वीडियो भी अपने फोन से रिकॉर्ड किया। हमले के कुछ ही घंटों बाद, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस वीडियो को अपलोड कर दिया, जिसमें किंगरा को साफ तौर पर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता था। यह वीडियो बिश्नोई गैंग की तरफ से एक धमकी भरा संदेश था, जो बाद में पुलिस के लिए किंगरा के खिलाफ सबसे पक्का सबूत बन गया।     विन्निपेग में नौकरी और गैंग से संपर्क: अपनी पढ़ाई और रहने का खर्च निकालने के लिए किंगरा विन्निपेग शहर में एक मूविंग कंपनी में काम करने लगा। यहीं पर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुछ लोगों के संपर्क में आया।     शॉर्टकट से पैसे कमाने की चाह: किंगरा ने रिफ्यूजी बोर्ड के सामने गवाही देते हुए कहा कि वह एक सीधा-साधा लड़का है। उसने दावा किया कि उसे यह बिल्कुल नहीं पता था कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है। भारत में रह रहे अपने माता-पिता को पैसे भेजने की मजबूरी और 'आसान तरीके से अमीर बनने' के लालच ने उसे इस जुर्म की दुनिया में धकेल दिया।     कनाडा में कई घटनाओं को दिया अंजाम: एपी ढिल्लों के घर पर की गई गोलीबारी अकेली घटना नहीं थी। कनाडाई पुलिस और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) की जांच में किंगरा के खिलाफ कई और गंभीर मामले सामने आए हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, किंगरा और उसके साथियों ने सिर्फ एक सिंगर को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड ( इलाके में भी एक घर पर हमला किया था। वहां भी 14 राउंड गोलियां चलाई गईं और गाड़ियों को आग लगाई गई। इसके अलावा, ब्रिटिश कोलंबिया के ही सरे इलाके में भी इन दोनों पर इसी तरह के डराने-धमकाने वाले हमले करने का आरोप है। इसके साथ ही, दूसरी जगहों पर की गई फायरिंग और आगजनी के मामलों में उस पर केस चल रहा है।     फरार साथी और पुलिस की तलाश: इस पूरी साजिश में किंगरा का एक मुख्य जोड़ीदार विक्रम शर्मा भी शामिल था। विक्रम शर्मा ने ही गाड़ियों में आग लगाने का काम किया था। हालांकि, पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले ही विक्रम शर्मा कनाडा से भागकर भारत लौट आया। कनाडाई पुलिस (RCMP) ने उसके खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं और वह इस समय कनाडा पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी है।     किंगरा का ड्रामा और भारत में जान का खतरा: इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड के मेंबर अजीम लालजी के सामने जब किंगरा की सुनवाई हुई, तो उसने बचने के लिए कई पैंतरे आजमाए। बिना वकील के कोर्ट में पेश हुए किंगरा ने खुद को एक बेवकूफ और नासमझ लड़का बताया, जिसे चालाकी से फंसाया गया था। किंगरा ने कोर्ट के सामने भावुक होते हुए कहा कि मैं अपने माता-पिता का इकलौता बेटा हूं। मुझे भारत मत भेजिए। अगर मुझे वापस भारत डिपोर्ट किया गया, तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोग जेल के … Read more

वास्तु शास्त्र चेतावनी: दिन की शुरुआत में ये आदतें बिगाड़ सकती हैं आपका पूरा दिन, जानें किन चीजों से बचना जरूरी है

सुबह का जो समय होता है एक तरह से वही हमारे पूरे दिन की दिशा को तय करता है. अगर आपके दिन की शुरुआत पॉजिटिव और एनर्जेटिक होगी, तो आपका पूरा दिन खुशहाली और सफलताओं के साथ बीतेगा. हमारे वास्तु शास्त्र में सुबह के समय को लेकर कुछ खास नियम बताये गए हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि हम अनजाने में सुबह सोकर उठते ही अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं, जिनकी वजह से पूरे घर में निगेटिव एनर्जी का वास होने लग जाता है. अगर घर में निगेटिव एनर्जी बढ़ जाए तो इसकी वजह से बने हुए काम बिगड़ने लगते हैं, मेंटल स्ट्रेस बढ़ता है और साथ ही हमें पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी होने लगती हैं. आपके साथ ऐसा न हो इसलिए आज हम आपको 5 ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको भूलकर भी सुबह सोकर उठने के बाद नहीं करना चाहिए. तो चलिए इन गलतियों के बारे में जान लेते हैं ताकि आप खुद को जीवन में आने वाली मुसीबतों से बचाकर रख सकें. सोकर उठते ही आईना न देखें बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वे सुबह आंखें खुलते ही सबसे पहले अपना चेहरा आईने में देखते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना बहुत अशुभ साबित हो सकता है। रात भर की नींद के बाद हमारे शरीर में और आसपास कुछ निगेटिव एनर्जी इकट्ठा हो जाती है, जो सुबह चेहरे पर दिखती है. जब हम उठते ही आईना देखते हैं, तो वह निगेटिव एनर्जी वापस हमारे अंदर चली जाती है. इससे पूरे दिन हमारे स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहता है और काम में मन नहीं लगता. इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखना चाहिए या भगवान का नाम लेना चाहिए. गंदे और जूठे बर्तन देखने से बचें अक्सर लोग रात के बर्तनों को सिंक में ऐसे ही छोड़ देते हैं और सुबह उठते ही सबसे पहले उन पर नजर पड़ती है. वास्तु के अनुसार सुबह-सुबह गंदे बर्तनों को देखना या किचन में बिखरी हुई चीजों को देखना दरिद्रता को बुलावा देता है. इससे घर में माता लक्ष्मी का वास नहीं होता और राहु-केतु का निगेटिव इफेक्ट भी जीवन में बढ़ता है. कोशिश करें कि रात को ही रसोई साफ करके सोएं. अगर ऐसा पॉसिबल नहीं है, तो सुबह उठते ही सबसे पहले बर्तनों की तरफ न जाएं. सुबह उठकर सबसे पहले एक गिलास साफ पानी पिएं और पॉजिटिव चीजों के बारे में सोचें. अपनी या दूसरों की परछाईं देखने से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह के समय सूरज की रोशनी में या कमरे की लाइट में अपनी या परिवार के किसी सदस्य की परछाईं देखने से बचना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार आप आप सुबह उठते ही अपनी या फिर किसी और की परछाईं देखते हैं, तो आपके जीवन में स्ट्रेस, डर और दुर्भाग्य बढ़ने लग जाता है. इसके अलावा अगर आप सुबह उठते ही सबसे पहले किसी की परछाईं देखते हैं, तो इससे आपसी रिश्तों में कड़वाहट और मतभेद पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है. सुबह उठकर हमेशा सीधे सामने की तरफ देखना चाहिए, न कि दीवारों या फर्श पर बन रही परछाईं पर. आक्रामक जानवरों या तस्वीरों को न देखें कुछ लोगों के कमरों में हिंसक जानवरों, डूबते हुए सूरज, या उदास कर देने वाली तस्वीरें लगी हुई होती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह उठते ही ऐसी तस्वीरों पर नजर पड़ना बहुत ही नुकसानदेह माना जाता है. इसके अलावा, अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो उठते ही सबसे पहले उनके हिंसक रूप या आपस में लड़ते हुए देखना भी सही नहीं माना जाता है. वास्तु के अनुसार इससे आपके भीतर गुस्से और निगेटिविटी का संचार होता है. सुबह की शुरुआत हमेशा किसी देवी-देवता की तस्वीर, हंसते हुए चेहरे या शांत नेचर के सुंदर सीन्स को देखकर करनी चाहिए. सुबह उठते ही विवाद या अपशब्दों से बचें सुबह का जो समय होता है वह ईश्वर की आराधना और मन को शांत रखने का समय होता है. सुबह उठते ही किसी से बहस करना, चिल्लाना या अपशब्दों का इस्तेमाल करना पूरे घर के माहौल को बिगाड़ देता है. वास्तु शास्त्र की अगर मानें तो जो लोग अपने दिन की शुरुआत विवाद से करते हैं, उनके घर से तरक्की चली जाती है और पैसों का नुकसान भी होने लगता है. सुबह के समय हमेशा मीठी बोली का इस्तेमाल करें. इसके अलावा परिवार के सभी मेंबर्स को मुस्कुराकर गुड मॉर्निंग भी कहें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बना हुआ रहता है. दिन की अच्छी शुरुआत के लिए क्या करें? वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप नुकसानों से बचना और अपने दिन को बेहतर बनाना चाहते हैं तो सुबह उठकर सबसे पहले अपने दोनों हाथों की हथेलियों को मिलाकर देखें और भगवान का शुक्रिया अदा करें. इसके बाद धरती को छूकर उसे प्रणाम करें. यह छोटी सी आदत आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आएगी.

कनाडा इमिग्रेशन बोर्ड का बड़ा फैसला, सिंगर AP Dhillon के घर पर फायरिंग का आरोपी अभिजीत आएगा भारत

चंडीगढ़. लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने किंगरा को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने का आदेश जारी किया है। बोर्ड ने अपने फैसले में कहा है कि किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है, जो हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और धमकी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत किंगरा वर्ष 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुए हमले में किंगरा की भूमिका सामने आई थी। किंगरा ने एपी ढिल्लों के घर के बाहर फायरिंग की थी आरोप है कि किंगरा ने एपी ढिल्लों के घर के बाहर करीब 14 राउंड फायरिंग की थी, जबकि उसके एक साथी ने बाहर खड़ी गाड़ियों को आग लगा दी थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। किंगरा और उसका एक अन्य सहयोगी सरे (ब्रिटिश कोलंबिया) में हुई एक अन्य समान घटना में भी आरोपित हैं। सुनवाई के दौरान किंगरा ने दावा किया कि उसे इस वारदात में शामिल होने के लिए 4,000 कनाडाई डॉलर देने का लालच दिया गया था। उसने कहा कि वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करना चाहता था और उसे यह जानकारी नहीं थी कि वह बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है। हालांकि कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (सीबीएसए) ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि संगठित गैंग अपने नेटवर्क को स्तरों में संचालित करते हैं, जहां निचले स्तर के सदस्य केवल अपने तत्काल संपर्कों को जानते हैं। आईआरबी सदस्य अजीम लालजी ने अपने फैसले में कहा कि ब्रिटिश कोलंबिया की अदालत पहले ही किंगरा को बिश्नोई गैंग का सदस्य मान चुकी है। बोर्ड ने यह भी माना कि गैंग कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारियों, गायकों और अन्य लोगों को निशाना बनाकर धमकी, रंगदारी और हिंसा की घटनाओं में शामिल रहा है। गोलीबारी के मामले में छह साल की सजा काट रहा है किंगरा फिलहाल किंगरा गोलीबारी के मामले में छह साल की सजा काट रहा है और एक अन्य मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है। उसकी अगली अदालत पेशी 18 जून को निर्धारित है। हालांकि वह डिपोर्टेशन आदेश के खिलाफ अपील की तैयारी कर रहा है। उसने दावा किया है कि भारत लौटने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है, लेकिन बोर्ड ने कहा कि इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। सीबीएसए के अनुसार, कनाडा में संगठित अपराध, रंगदारी और गैंग हिंसा से जुड़े 400 से अधिक मामलों की जांच चल रही है, जबकि 55 संदिग्धों को पहले ही देश से बाहर किया जा चुका है। एजेंसी का कहना है कि बिश्नोई गैंग की गतिविधियां ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा, मैनिटोबा और ओंटारियो में सबसे अधिक सक्रिय रही हैं। वहीं इस मामले में आरोपित विक्रम शर्मा कनाडा छोड़कर भारत भाग चुका है और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने उसे वांछित घोषित कर रखा है। आरोप है कि अभिजीत किंगरा ने सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड स्थित एपी ढिल्लों के घर के बाहर 14 राउंड फायरिंग की थी। मामले का जिक्र आईआरबी के डिपोर्टेशन आदेश और सीबीएसए की सुनवाई में हुआ। पंजाबी कलाकारों और कारोबारियों को धमकियां कनाडाई एजेंसियों ने सुनवाई में कहा कि बिश्नोई गैंग ने कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारियों, गायकों और अन्य लोगों को धमकी भरे कॉल, संदेश और इंटरनेट मीडिया के जरिए रंगदारी के लिए निशाना बनाया। हाल में दिल्ली में गायक गुरु रंधावा के जिम पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी कथित तौर पर बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए ली थी। हालांकि यह मामला पंजाब में नहीं, लेकिन एक पंजाबी गायक से जुड़ा होने के कारण चर्चित रहा। आईआरबी के फैसले में उल्लेख है कि बिश्नोई गैंग की गतिविधियां विशेष रूप से पंजाबी मूल के लोगों से जुड़े रंगदारी और धमकी के मामलों में सामने आई हैं।

दांबुला में इंडिया A की दमदार बल्लेबाजी, अफगानिस्तान A के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा किया

 नई दिल्ली श्रीलंका में जारी ट्राई नेशन A सीरीज 2026 में अफगानिस्तान ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है.शुरुआती झटकों के बावजूद भारत ए ने शानदार वापसी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में मजबूत स्कोर खड़ा किया और अफगानिस्तान ए के सामने 320 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा. इंडिया ए ने 50 ओवरों में 319/9 रन बनाए. इंडिया-ए के लिए प्रियांश आर्य और वैभव सूर्यवंशी ने पारी का आगाज किया है. वैभव 38 रन बनाकर आउट हुए. प्रियांश आर्य (58) के बाद  ऋतुराज गायकवाड़ (30) का विकेट गिरा. कुमार कुशाग्र (58) ने भी फिफ्टी लगाई. सूर्यांश शेडगे (7) भी लौटे. तिलक वर्मा ने 59 रन बनाए. विप्रज निगम  (30) का विकेट गिरा. अनुकूल रॉय (4) रन आउट हुए. अंंशुल कंबोज (0) भी रन आउट हुए. निशांत सिंधु 21 रन बनाकर नाबाद लौटे. यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. अफगानिस्तान ए के गेंदबाज फरीदून दाऊदजई ने भारत ए की सलामी जोड़ी को तोड़ दिया. उन्होंने शॉर्ट गेंद पर वैभव सूर्यवंशी को फंसाया. सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में चली गई, जिसे खालिद तानीवाल ने पॉइंट पर शानदार कैच लपक लिया. वैभव सूर्यवंशी- 38 रन (28 गेंद, 4 चौके, 2 छक्के), स्ट्राइक रेट 135.71 भारत ए को सातवां झटका, विप्रज निगम की तेज पारी का अंत पारी के अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर रहे विप्रज निगम का विकेट फरमानुल्लाह सफी ने हासिल किया. धीमी गति की गेंद पर निगम ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं आई. शॉट में दूरी नहीं थी और गेंद हवा में ऊंची चली गई. खालिद तानीवाल ने लॉन्ग-ऑन से दौड़ते हुए मिड-ऑन के पास शानदार कैच पकड़ लिया. विप्रज निगम- 30 रन (20 गेंद, 4 चौके), स्ट्राइक रेट 150.00 निगम ने अंत में आक्रामक बल्लेबाजी कर भारत ए के रनगति को बढ़ाया, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। उनका विकेट भारत ए के लिए अंतिम ओवरों में एक अहम झटका साबित हुआ। भारत ए को बड़ा झटका, तिलक वर्मा अर्धशतक के बाद आउट अफगानिस्तान ए के गेंदबाज अब्दुल्लाह अहमदजई ने भारत ए को बड़ा झटका देते हुए कप्तान तिलक वर्मा को पवेलियन भेज दिया. ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी लेंथ गेंद पर तिलक ने बल्ला चलाया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर मोहम्मद इशाक के दस्तानों में समा गई. तिलक ने एक छोर संभालते हुए जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम के लिए अहम अर्धशतक जमाया, लेकिन अंतिम ओवरों में तेजी लाने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. तिलक वर्मा- 59 रन (75 गेंद, 5 चौके), स्ट्राइक रेट 78.66 यह अहमदजई का मैच में दूसरा विकेट रहा और उन्होंने भारत ए के मध्यक्रम को बड़ा झटका दिया. भारत ए को पांचवां झटका, सूर्यांश शेडगे सस्ते में आउट अफगानिस्तान ए के स्पिनर जहीर खान ने भारत ए को पांचवां झटका दिया। सूर्यांश शेडगे बड़े शॉट की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. उन्होंने जहीर की गेंद पर जोरदार स्लॉग स्वीप खेला, लेकिन गेंद डीप मिडविकेट बाउंड्री पार नहीं कर सकी. वहां मौजूद फैसल शिनोजादा ने आसान कैच लपक लिया. सूर्यांश शेडगे – 7 रन (9 गेंद), स्ट्राइक रेट 77.77 भारत ए को चौथा झटका, कुमार कुशाग्र की अर्धशतकीय पारी समाप्त अफगानिस्तान ए के तेज गेंदबाज फरीदून दाऊदजई ने भारत ए को बड़ा झटका देते हुए कुमार कुशाग्र को बोल्ड कर दिया. कुशाग्र पिच से बाहर निकलकर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लेंथ गेंद को पूरी तरह मिस कर बैठे. गेंद सीधे जाकर मिडिल स्टंप से टकराई और उनकी पारी का अंत हो गया. कुशाग्र ने मुश्किल समय में जिम्मेदारी निभाते हुए अर्धशतक जमाया और टीम की पारी को संभाला. तिलक वर्मा के साथ 104 रनों की पार्टनरशिप की. कुमार कुशाग्र – 58 रन (67 गेंद, 5 चौके), स्ट्राइक रेट 86.56 भारत ए को तीसरा झटका, ऋतुराज गायकवाड़ आउट अफगानिस्तान ए ने भारत ए को तीसरा झटका दिया. अब्दुल्लाह अहमदजई ने ऋतुराज गायकवाड़ को 30 रन के स्कोर पर आउट किया. फुल टॉस जैसी गेंद लेग साइड की ओर थी, जिस पर गायकवाड़ ने फ्लिक खेलने की कोशिश की। विकेटकीपर मोहम्मद इशाक ने कैच की अपील की और अंपायर ने आउट दे दिया. गायकवाड़ इस फैसले से खुश नजर नहीं आए, लेकिन उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा. ऋतुराज गायकवाड़ – 30 रन (31 गेंद, 4 चौके), स्ट्राइक रेट 96.77 भारत ए को दूसरा झटका, प्रियांश आर्य आउट अफगानिस्तान ए के गेंदबाज फरमानुल्लाह सफी ने भारत ए को दूसरा झटका दिया. उन्होंने प्रियांश आर्य को 58 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा. आर्य ने ऑफ स्टंप के बाहर की लेंथ गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बैकवर्ड पॉइंट की तरफ गई, जहां शम्स उर रहमान ने कैच लपक लिया. कैच को लेकर मैदानी अंपायर ने टीवी अंपायर की मदद ली, जिसमें साफ हुआ कि फील्डर की उंगलियां गेंद के नीचे थीं. प्रियांश आर्य-  58 रन (42 गेंद, 9 चौके, 1 छक्का), स्ट्राइक रेट 138.09 वैभव सूर्यवंशी का ऐसा रहा प्रदर्शन अब तक वैभव सूर्यवंशी का हालिया प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इंडिया ए के लिए खेलते हुए उन्होंने इस सीरीज में अब तक चार पारियों में 117 रन बनाए हैं. 9 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ उन्होंने 14 रन बनाए, जबकि 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ 44 रनों की पारी खेली. 15 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ वह 21 रन बना सके. वहीं आज अफगानिस्तान ए के खिलाफ उन्होंने 28 गेंदों में 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे, लेकिन फरीदून दाऊदजई की गेंद पर आउट हो गए.    

एक दिन में 5000 ट्रांसफर, प्रदेश में मचा प्रशासनिक भूचाल; सरकार का बड़ा एक्शन

भोपाल  मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद तबादला नीति के तहत अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तबादलों की समय-सीमा 16 जून की रात 12 बजे तक बढ़ाए जाने के बाद शासन-प्रशासन में मानो तबादलों की सुनामी आ गई। कुछ ही घंटों के भीतर प्रदेशभर में करीब 5 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को नई पदस्थापना दे दी गई, जिससे सरकारी तंत्र में व्यापक बदलाव की तस्वीर सामने आई है। दरअसल, तबादलों की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित थी, लेकिन कई विभागों में मंत्रियों की स्वीकृति मिलने के बावजूद तकनीकी कारणों और ई-ऑफिस पर बढ़ते दबाव के चलते आदेश जारी नहीं हो पाए थे। यह मामला मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उठा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एक दिन की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला किया। सामान्य प्रशासन विभाग ने भी तत्काल आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही विभिन्न विभागों में अधिकारियों की गतिविधियां तेज हो गईं। दोपहर से लेकर आधी रात तक तबादला आदेशों की झड़ी लग गई। सबसे ज्यादा फेरबदल स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य, वन और राजस्व विभाग में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले भेजा गया। इससे पहले सोमवार देर रात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की बड़ी सूची जारी की गई थी। इसमें 56 अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों (ADM) सहित कुल 155 अधिकारियों के तबादले किए गए। इनमें वे अधिकारी भी शामिल रहे जिन्हें पदोन्नति तो मिल चुकी थी, लेकिन लंबे समय से वरिष्ठ पदों पर पदस्थापना का इंतजार था। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। तबादलों की यह प्रक्रिया 1 जून से शुरू हुई थी, लेकिन अधिकांश विभागों में तैयारी और तकनीकी व्यवस्था समय पर पूरी नहीं हो सकी। कई कर्मचारियों और अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया और अनुमोदन के लिए अंतिम दिनों तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद अंतिम 24 घंटों में जिस तेजी से आदेश जारी हुए, उसने पूरे प्रशासनिक ढांचे को हिला दिया। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे मोहन सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए फेरबदल का असर जिलों के प्रशासनिक कामकाज और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर किस रूप में दिखाई देता है।

रोनाल्डो के आखिरी विश्व कप की उम्मीदों के साथ पुर्तगाल उतरेगा मैदान में

नई दिल्ली फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को ग्रुप-के के मुकाबले में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) के विरुद्ध करेगा। ये मुकाबला बुधवार रात 10:30 बजे ह्यूस्टन में खेला जाएगा। 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह विश्व कप संभवतः आखिरी मौका हो सकता है, जहां वह अपने शानदार करियर में विश्व कप ट्रॉफी जोड़ने का सपना पूरा करना चाहेंगे। दूसरी ओर 52 वर्षों बाद विश्व कप में लौटी डीआर कांगो की टीम इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पुर्तगाल की रणनीति कोच रॉबर्टो मार्टिनेज की टीम आमतौर पर 4-3-3 या 4-2-3-1 फार्मेशन में खेलती है। टीम का पूरा खेल मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण और विंग्स से आक्रमण तैयार करने पर आधारित रहता है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो अग्रिम पंक्ति में मुख्य स्ट्राइकर की भूमिका निभाएंगे जबकि राफेल लियाओ और बर्नार्डो सिल्वा जैसे खिलाड़ी दोनों किनारों से गति और रचनात्मकता प्रदान करेंगे। मिडफील्ड में ब्रूनो फर्नांडिस और वितिन्हा खेल की गति नियंत्रित करने के साथ-साथ आक्रमण को धार देंगे। डिफेंस में रुबेन डियास टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं। यदि डियास पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो पुर्तगाल की रक्षापंक्ति थोड़ी कमजोर पड़ सकती है। कांगो की रणनीति कोच सेबास्टियन डेसाब्रे की टीम तकनीकी रूप से पुर्तगाल से कमजोर मानी जा रही है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताकत सामूहिक खेल और तेज काउंटर अटैक हैं। कांगो संभवतः 4-5-1 या 4-3-3 फॉर्मेशन के साथ मैदान में उतर सकती है, जिसमें प्राथमिक लक्ष्य पुर्तगाल को मिडफील्ड में जगह न देना होगा। टीम के खिलाड़ी यूरोप की विभिन्न लीगों में खेलते हैं और शारीरिक रूप से काफी मजबूत हैं। कांगो की कोशिश होगी कि वह रोनाल्डो और ब्रूनो फर्नांडिस को गेंद पर कम समय दे तथा तेज ट्रांजिशन के जरिए पुर्तगाल की रक्षा पर दबाव बनाए। सेट पीस भी उनके लिए बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं।  

11 जुलाई 2026 को बन रहा त्रिपुष्कर योग, कई राशियों के लिए खुलेगा भाग्य का द्वार

11 जुलाई 2026 की सुबह ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से बेहद खास और शुभ होने जा रही है. इस दिन सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली योग का निर्माण होने जा रहा है, जिसे त्रिपुष्कर योग कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को एक 'मल्टीप्लायर' (गुना करने वाला) योग माना जाता है. मान्यता है कि इस योग के दौरान आप जो भी शुभ कार्य, निवेश या खरीदारी करते हैं, उसका फल आपको तीन गुना होकर वापस मिलता है. ऐसे में यह योग कई राशियों की किस्मत के बंद ताले खोलने आ रहा है, तो वहीं कुछ राशियों को इस दौरान बेहद संभलकर रहने की जरूरत होगी. आइए जानते हैं कि इस शक्तिशाली त्रिपुष्कर योग का आपकी राशि पर क्या गहरा प्रभाव पड़ने वाला है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए यह योग धन लाभ के नए रास्ते खोलेगा. यदि आप इस समय कहीं निवेश (Investment) करते हैं, तो भविष्य में उससे तीन गुना लाभ मिलने के योग हैं. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है. इस दिन सोने के गहने, भूमि या वाहन खरीदना आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के नौकरीपेशा और बिजनेसमैन लोगों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है जिससे मुनाफा उम्मीद से तीन गुना ज्यादा हो सकता है. नए स्टार्टअप की शुरुआत के लिए दिन बेस्ट है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लग सकती है. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और धार्मिक कार्यों की ओर झुकाव बढ़ेगा. कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो इस समय का सदुपयोग करें. इन राशियों को रहना होगा सावधान! वृषभ राशि (Taurus) इस दिन पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचें. किसी को भी उधार न दें, अन्यथा वह पैसा तीन गुना होकर डूब सकता है. किसी भी तरह के कानूनी विवाद या झगड़े से दूर रहें, नहीं तो बात बहुत आगे बढ़ सकती है. वृश्चिक राशि (Scorpio) सेहत और यात्रा के मामले में आपको सावधान रहना होगा. वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें. इस दिन चोट लगने की आशंका रहेगी और अगर कोई बीमारी इस समय शुरू हुई तो वह लंबा खींच सकती है. त्रिपुष्कर योग में क्या करें और क्या न करें? क्या करें: बैंक में एफडी कराएं, कीमती धातुएं खरीदें, नए व्यापार का अनुबंध (Agreement) करें या कोई धार्मिक अनुष्ठान शुरू करें. इस समय किया गया दान भी तीन गुना पुण्य देता है. क्या न करें: इस दिन किसी से कर्ज या उधार न लें और न ही किसी को दें. कोई पुराना सामान या कबाड़ न बेचें और घर में क्लेश बिल्कुल न होने दें.